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राज्यपाल कोश्यारी कोरोना संक्रमित, अस्पताल में भर्ती

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महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि  राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। राजभवन के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को जांच करने के बाद राज्यपाल कोरोना संक्रमित पाए गए जिसके बाद उन्हें दक्षिण मुंबई के रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

महाराष्ट्र में सियासी संकट
सत्तारूढ़ शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने बुधवार को दावा किया कि उनके साथ  40 बागी विधायक असम के गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। गुवाहाटी एयरपोर्ट के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने कहा, यहां 40 विधायक मेरे साथ मौजूद हैं। अतिरिक्त 10 विधायक जल्द ही मेरे साथ जुड़ेंगे। मैं किसी की आलोचना नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि हम दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना को जारी रखने के इच्छुक हैं।

महाराष्ट्र में सियासी संकट
सत्तारूढ़ शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने बुधवार को दावा किया कि उनके साथ  40 बागी विधायक असम के गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। गुवाहाटी एयरपोर्ट के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने कहा, यहां 40 विधायक मेरे साथ मौजूद हैं। अतिरिक्त 10 विधायक जल्द ही मेरे साथ जुड़ेंगे। मैं किसी की आलोचना नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि हम दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना को जारी रखने के इच्छुक हैं।

भगवान श्री कृष्ण के द्वारा गौ माता से स्नेह एवं उनका प्रेम

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बचपन मे भगवान श्रीकृष्ण नंगे पैर ही ब्रज में रहा करते थे। जब माता यशोदा उनसे पूछा करती थी की लाला तू अपने पैरों में कुछ धारण क्यों नही करता। तब भगवान कृष्ण बड़े सुंदरता से गौ माता के प्रति प्रेम दर्शाते हुए कहते थे कि,जब ब्रज की गायों ने कुछ धारण नहीं किया तो मैं कैसे धारण कर सकता हूं। एवं वह पूरे ब्रज में नंगे पैर ही घूमा करते थे।

वैसे तो वह भगवान है एवं उनके चरणों को हमारी धरती माता कैसे कष्ट दे सकती हैं। उनके चरणों को भी कुछ नहीं हो सकता परंतु वह यह लीला गौमाता के प्रति अपना स्नेह भाव एवं प्रेम बहुत दर्शाने के लिए करते थे। भगवान कृष्ण 84 लाख योनियों में से इतने सारे प्राणीयों को छोड़कर सिर्फ गौमाता के लिए ही इतना प्रेम और समर्पण इसलिए दिखा रहे थे क्योंकि गौमाता बडी महान है।

सनातन धर्म के शास्त्रों मे गौ माता के दूध को अमृत का दर्जा दिया गया है। गौ माता का दूध अमृत से कम नही है।

1.गौ माता के दूध से हमे शारिरिक बल प्राप्त होता है।

2.गौ माता का दूध पीने से हमारी मानसिक स्थिती में सुधार आता है।

3.गौ माता का दूध पीने से हमारी बुद्धिमत्ता बढती जाती है।

4.गौ माता का दूध सात्त्विक होता है,ऐसे सात्त्विक दूध को पीने से हमारा स्वभाव भी सात्त्विक बनता जाता है।

5.सात्त्विकता की वजह से हमारे अंदर दैवी गुण उत्पन्न होते है। जिससे हम एक सद्गुणी व्यक्ति बन सकते है।

देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचने वाली पहली आदिवासी होंगी द्रौपदी मुर्मू

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एनडीए की तरफ से द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित कर दिया गया है. बीजपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके नाम पर मुहर लगा दी है. अगर द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति बन जाती हैं तो वे देश की पहली आदिवासी होंगी जो देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचेंगी. उनका राष्ट्रपति बनना आजाद भारत के इतिहास में अपने आप में एक बड़ा पड़ाव साबित हो सकता है.

खुद जेपी नड्डा को भी इस बात का अहसास है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एनडीए की तरफ से इस बार सिर्फ एक महिला उम्मीदवार देने पर फोकस नहीं रहा, बल्कि आदिवासी समुदाय से किसी को आगे करने पर सहमति बनी. वे कहते हैं कि इस बार पूर्वी भारत से किसी को मौके देने पर सभी के बीच में सहमति बनी थी. हमने इस बात पर भी विचार किया कि अभी तक देश को आदिवासी महिला राष्ट्रपति नहीं मिली हैं. ऐसे में बैठक के बाद द्रौपदी मुर्मू के नाम पर मुहर लगाई गई.

द्रौपदी मुर्मू के नाम का ऐलान कर एक तरफ पार्टी ने आदिवासियों को साधने का काम किया है तो वहीं दूसरी तरफ महिला सशक्तिकरण को लेकर भी बड़ी लकीर खींच दी है. इससे पहले भी बीजेपी ने कई मौकों पर ऐसे एक्सपेरिमेंट किए हैं. फिर चाहे निर्मला सीतारमण को देश की पहली पूर्णकालिक रक्षा मंत्री बनाया गया हो या फिर दलित नेता राम नाम कोविंद को राष्ट्रपति बनाने की पहल करना रहा हो. ऐसे में एक बार फिर बीजेपी इसी दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है. एक तरफ पूरे पूर्वी भारत को साधने की तैयारी है तो वहीं दूसरी तरफ आगामी चुनावों को देखते हुए आदिवासी कार्ड भी खेला गया है.

द्रौपदी मुर्मू का हर पद पर बिना विवादों वाला कार्यकाल रहा है. द्रौपदी मुर्मू को देश की पहली आदिवासी महिला राज्यपाल होने का गौरव पहले ही प्राप्त है. झारखंड में राज्यपाल के तौर पर कुल 6 साल एक माह 18 दिन का उनका कार्यकाल निर्विवाद तो रहा ही, राज्य के प्रथम नागरिक और विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति के रूप में उनकी पारी यादगार रही है. कार्यकाल पूरा होने के बाद वह 12 जुलाई 2021 को झारखंड से राजभवन से ओडिशा के रायरंगपुर स्थित अपने गांव के लिए रवाना हुई थीं और इन दिनों वहीं प्रवास कर रही हैं.

18 मई 2015 को झारखंड की राज्यपाल के रूप में शपथ लेने के पहले द्रौपदी मुर्मू ओडिशा में दो बार विधायक और एक बार राज्यमंत्री के रूप में काम कर चुकी थीं. झारखंड के जनजातीय मामलों, शिक्षा, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर वह हमेशा सजग रहीं. कई मौकों पर उन्होंने राज्य सरकारों के निर्णयों में संवैधानिक गरिमा और शालीनता के साथ हस्तक्षेप किया. उन्होंने 2016 में राज्य में उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर खुद लोक अदालत लगायी थी, जिसमें विवि शिक्षकों और कर्मचारियों के लगभग पांच हजार मामलों का निबटारा हुआ था.

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर इरा त्रिवेदी के योग लव सोशलस्वैग अकादमी

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· योग लव सोशलस्वैग अकादमी शुरू करने के लिए इरा त्रिवेदी ने सोशल स्वैग के साथ साझेदारी की।
· लाइव इंटरएक्टिव सत्र पुरे दिन उपलब्ध होगा
· सिर्फ 2 रूपये मिलेगा योगा का प्रशिक्षण

मुम्बई। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त योग शिक्षक इरा त्रिवेदी ने योग लव सोशलस्वैग अकादमी के शुभारंभ की घोषणा की। 22 जून, 2022 से वर्चुअल स्टूडियो के माध्यम से प्रतिदिन हिंदी और अंग्रेजी में योग प्रदान किया जा रहा है।
पिछले 25 सालों से इरा त्रिवेदी योगाभ्यास कर रहें हैं, 11 साल की उम्र में उन्होंने योग का अभ्यास करना शुरू किया था। कई सालों से वह एक योग शिक्षक के रूप में घर-घर में प्रसिद्ध हैं। वह एक अच्छी लेखिका हैं। उन्होंने योगाभ्यास पर कई तरह की किताबे लिखी हैं। वह दुनिया भर की मशहूर हस्तियों को योगासन करना सिखाती हैं। हाल ही में उन्हें योग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए केरल के राज्यपाल से गंगा पुरस्कार देकर सन्मानिक किया गया है।
सोशल स्वैग पर योग लव एकेडमी का शुभारंभ करते हुए, योगिनी इरा त्रिवेदी ने कहा कि मैंने हमेशा माना है कि किसी व्यक्ति को योग का अभ्यास करने की इच्छा हो तो उसमें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। इस योगाभ्यास का सत्र 60 मिनट तक किया गया है। यह अभ्यास का प्रवेश मुल्य कोई भी व्यक्ती को भरना आसान हो ऐसा ही रखा गया है। इससे कोई भी व्यक्ती योगा अभ्यास का लाभ उठा सकता हैं। यह उन सभी के लिए उपयुक्त है जो योग का उपयोग अपने दिमाग को केंद्रित करने के लिए करना चाहते हैं। शारीरिक वजन औऱ स्वास्थ्य रहने के लिए योगाभ्यास करना काफी फायदेमंद साबित हैं।
योग लव सोशलस्वैग अकादमी, सेलिब्रिटी और प्रभावशाली लोगों के नेतृत्व वाले प्लेटफॉर्म – सोशलस्वैग पर उपलब्ध कराया जाने वाला पहला लाइव सत्र है। इस प्लेटफॉर्म को अप्रैल 2022 में मास्टरक्लास के साथ लॉन्च किया गया। इसमें बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार, मिस यूनिवर्स और एक्ट्रेस लारा दत्ता, सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट नम्रता सोनी, इंटरनेशनल शेफ विक्की रत्नानी सहित भारत के कुछ सबसे बड़े सितारों का समावेश हैं।
योग लव सोशलस्वैग अकादमी 21 जून 2022 को अपना पहिला लाईव्ह क्लासेस शुरू किया। महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के उद्दिष्ट से यह अकादमी शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स शुरू किया है।

अजीत डोभाल ने बताई अग्निपथ योजना की जरूरत क्यों,

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हमारे आसपास माहौल बदल रहा है, हमें भी सुरक्षा के लिए बदलाव करना होगा

अग्निपथ योजना को लेकर पिछले 4 दिनों से देश हिंसा की आग में झुलस रहा है। जगह जगह सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अग्निपथ योजना भर्ती योजना और इंटरनल सिक्योरिटी के मुद्दे पर बात की।

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब युद्ध के तरीके बड़े बदलाव से गुजर रहे हैं। हम आमने सामने की लड़ाई की जगह अदृश्य दुश्मनों से युद्ध की तरफ जा रहे हैं। भारत के आसपास माहौल बदल रहा है। तकनीक तेजी से बदल रही है। हम कल जो कर रहे थे वो आज भी करते रहें तो हम सुरक्षित रहेंगे यह संभव नहीं है। अगर कल की तैयारी करनी है तो हमें बदलाव करना होगा।

अग्निपथ एक स्टैंड स्टैंडअलोन योजना नहीं,

उन्होंने आगे कहा- अगर हमें कल की तैयारी करनी है तो हमें बदलना होगा। हमें इसे एक खास नजरिए से देखने की जरूरत है। अग्निपथ अपने आप में एक स्टैंडअलोन योजना नहीं है। 2014 में PM मोदी सत्ता में आए थे, तो भारत को सुरक्षित और मजबूत बनाना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है।

अकेले अग्निवीर पूरी आर्मी कभी नहीं होंगे, अग्निवीर सिर्फ पहले 4 साल में भर्ती किए गए जवान होंगे। बाकी सेना का बड़ा हिस्सा अनुभवी लोगों का होगा। जो अग्निवीर नियमित होंगे (4 साल बाद) उन्हें मजबूत ट्रेनिंग दी जाएगी। रेजिमेंट के सिद्धांत के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। जो रेजिमेंट हैं वे रहेंगी।

पिछले 8 साल में बहुत से स्ट्रक्चरल सुधार हुए,

सेना में हो रहे अन्य बदलावों पर अजील डोभाल ने कहा कि पिछले 8 सालों में बहुत सारे स्ट्रक्चरल सुधार हुए हैं। 25 साल से CDS का मुद्दा पड़ा हुआ था। राजनीतिक इच्छाशक्ति न होने के कारण इसको अमल में नहीं लाया जा सका था। आज हमारे डिफेंस एजेंसी की अपनी स्पेस की स्वतंत्र एजेंसी है। आज भारत में बनी AK-203 के साथ नई असॉल्ट राइफल को सेना में शामिल किया जा रहा है। यह दुनिया की सबसे अच्छी असॉल्ट राइफल है। मिलिट्री इक्विपमेंट में बहुत डेवलपमेंट किए जा रहे हैं।

योग तो सर्वजन कल्याण और ‘भारत भाग्य विधाता’ का प्रमाण है,

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भारत के ऐतिहासिक विरासत की समृद्धता को लेकर कोई आपसे प्रश्न करे तो उसे योग का उदाहरण दीजिएगा। दशमलव और शून्य की खोज के बारे में तो हमें बचपन से पढ़ाया जाता आ रहा है, पर क्या हमने अपने पाठ्यक्रमों में योग की महत्ता को वह दर्जा दिया? 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, पर क्या यह सिर्फ एक इवेंट भर है जिसमें योग करते हुए फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर चिपका दिया जाए? बस कहानी खत्म? नहीं- योग को सीमित दायरों में बांधना संभव नहीं है।योग तो हमारे पूर्वजों द्वारा हमें दिया गया अतुलनीय उपहार है, हमारी वैश्विक पहचान, हमारा गर्व है।

वैदिक युग की शुरुआत के साथ ही योग मानवता का हिस्सा बना। ऋषि-मुनियों ने इसके प्रभाव को समझते हुए लोगों को योग करने के लिए प्रेरित किया। उस काल में न तो मेडिकल साइंस था, न ही दवाइयां, एक योग ही था जो सुरक्षाकवच बनकर लोगों के संपूर्ण स्वास्थ्य की रक्षा करता था।

देश पर बाहरी आक्रांताओं ने राज किया, उन्होंने उन सभी चीजों को लक्षित किया जो हमारी पहचान थीं, योग भी निशाने पर आया। लिहाजा आजादी के बाद हमने मेडिकल साइंस को बढ़ाने के लिए तो लाख प्रयास किए पर योग जैसी पुरातन और ‘ब्रह्मास्त्रीय विज्ञान’ की तरफ 2014 के पहले कितना ध्यान दिया गया ये किसी से छिपा नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

इस मामले में नरेंद्र मोदी सरकार 110 प्रतिशत तारीफ की काबिल है। इसमें न सिर्फ योग को नई दशा और दिशा मिली, साथ ही योग वैश्विक चर्चा का विषय बना। इसी क्रम में हम इस बार 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की आठवीं सालगिरह है।

8 साल पीछे चलें तो योग दिवस को लेकर भी देश में हर योजनाओं की तरह खूब विरोध हुआ, कारण वही राजनीतिक वोट बैंक। कहा गया योग वैदिक काल, मंत्रोच्चार, ध्यान, साधना जैसी क्रियाओं का समायोजन है, ऐसे में यह एक धर्म विशेष का विषय है। कुछ बुद्धिजीवियों ने कहा- योग को जीवनशैली में शामिल करा कर सरकार देश के अल्पसंख्यकों के अस्तित्व को खत्म करने का प्रयास कर रही है। खैर, समय के साथ जैसे-जैसे इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महत्व दिया जाने लगा.

हमारे समृद्ध इतिहास का प्रमाण है योग

माना जाता है कि योगाभ्यास की शुरुआत सभ्यता के साथ ही हुई थी। योग विद्या में, शिव को पहले योगी या आदि गुरु के रूप में देखा जाता है। पुराणों में जिक्र मिलता है कि कई हजार साल पहले, हिमालय में कांतिसरोवर झील के तट पर आदियोगी ने अपने गहन ज्ञान की शिक्षा सप्तर्षियों को दी जिन्होंने इस शक्तिशाली योग विज्ञान को एशिया, मध्य पूर्व, उत्तरी और दक्षिण अमेरिका सहित दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाया।

सिंधु सरस्वती घाटी सभ्यता के मुहरों और जीवाश्म अवशेषों में भी योग के प्रमाण मिलते हैं। इसके अलावा वैदिक और उपनिषद विरासत, बौद्ध और जैन परंपराओं, महाभारत और रामायण महाकाव्य, शैव, वैष्णव आदि परंपराओं में भी योग और साधना का जिक्र मिलता है।

यद्यपि पूर्व-वैदिक काल से ही योग का अभ्यास किया जाता रहा था, पर महान ऋषि महर्षि पतंजलि ने अपने योग सूत्रों के माध्यम से इसे व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महर्षि पतंजलि के बाद, कई ऋषियों और योग गुरुओं ने इसे प्रलेखित प्रथाओं और साहित्य के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया।

ऋषि-मुनियों के बाद आधुनिक युग में योग के प्रचार-प्रसार की चर्चा प्रधानमंत्री मोदी के बिना अधूरी मानी जाएगी। 2014 में सत्ता में आने के बाद से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने राजनीतिक दृष्टि से क्या-क्या उपलब्धि हासिल कीं, इससे इतर इस सरकार की सबसे बड़ी कामयाबी योग को वैश्विक मंच पर न सिर्फ लाना, बल्कि पश्चिमी देशों को भी योग के प्रति आकर्षित कर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत कराना है।

बॉलीवुड प्रेस फोटोग्राफर रमाकांत मुंडे को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे दिग्गज

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मुम्बई। फोटोग्राफर रमाकांत मुंडे का जन्मदिन बॉलीवुड हस्तियों, मीडिया के साथ मुंबई में मनाया गया। उसी अवसर पर फिल्म इंडस्ट्री के कई नामी मेहमान मौजूद थे। बॉलीवुड के वरिष्ठ फोटोग्राफर रमाकांत मुंडे ने अपने जन्मदिन के लिए एक पार्टी का आयोजन किया था। संगीतकार दिलीप सेन, अभिनेत्री आरती नागपाल, हर्ष कुमार मुंडे, हैरी वर्मा, प्रवीण चंद्र, इरम फरीदी (निर्माता), रोशन मनसुखानी, मीर अली, सुमित चावला, दिनेश परेश, टिंकू, दिलीप यादव सहित फिल्म उद्योग की हस्तियां मौजूद थी।


साथ अभिनेता अरुण बक्शी और चारुल मलिक ने उन्हें वीडियो कॉल के माध्यम से जन्मदिन की बधाई दी।
रमाकांत मुंडे पिछले कई वर्षों से प्रेस फोटोग्राफर के रूप में शानदार काम कर रहे हैं। अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, जितेंद्र, अकबर खान, सनी देओल, मनीषा कोइराला, संजय दत्त, तब्बू, आमिर खान, शाहरुख खान, सलमान खान, अक्षय कुमार, अजय देवगन, सुष्मिता सेन, बिपाशा बसु, महिमा चौधरी, मुकेश खन्ना, राज बब्बर, राहुल देव, ऐसे कई अलग-अलग कलाकारों की यादगार तस्वीरें उनके कैमरे में कैद हैं। माइकल जैक्सन जब भारत आए तो भी उनकी दुर्लभ तस्वीरों को कैमरे में कैद करने का मौका रमाकांत ने नहीं छोड़ा। उन्होंने कई नए कलाकारों का मार्गदर्शन भी किया है।
रमाकांत मुंडे ने जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे सभी अतिथियों का स्वागत किया और आभार जताया।

केंद्रीय पशुपालन मंत्री श्री पुरुषोत्तम रूपाला कल गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर में आयोजित आईडीवाई-2022 कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे

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File Photo

योग दिवस समारोह का आयोजन , आजादी का अमृत महोत्सव

नई दिल्ली – “आजादी का अमृत महोत्सव” वर्ष में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस- 2022 मनाया जा रहा है। आयुष मंत्रालय पूरे भारत में 75 प्रतिष्ठित स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन कर रहा है। प्रधानमंत्री कर्नाटक के मैसूर से इस कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।

वहीं, केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री पुरुषोत्तम रूपाला कल यानी 21 जून को गुजरात के मेहसाणा स्थित प्रतिष्ठित मोढेरा सूर्य मंदिर से आईडीवाई- 2022 कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। इस कार्यक्रम में 4,500 से अधिक डेयरी किसान, छात्र और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। आईडीवाई- 2022 की विषयवस्तु “मानवता के लिए योग” है। पूरे विश्व में मनाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव (एकेएएम) समारोहों के साथ इसे पूरी तरह जोड़कर भव्य तरीके से समारोह आयोजित किए जाएंगे। आईडीवाई का मुख्य उद्देश्य लोगों के लिए योग के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जन जागरूकता उत्पन्न करना है। पिछले कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस स्वास्थ्य के लिए एक जन आंदोलन बन गया है।

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी), गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (जीसीएमएमएफ) और मेहसाणा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड की सहभागिता में भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन व डेयरी विभाग गुजरात के मेहसाणा स्थित प्रतिष्ठित स्थल मोढेरा सूर्य मंदिर में आईडीवाई- 2022 मना रहा है।

आईडीवाई-2022 के लिए नोडल मंत्रालय यानी आयुष मंत्रालय की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

भारत, अमेरिका, इस्राइल और यूएई ने बनाया ताकतवर समूह,

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भारत, अमेरिका, इस्राइल और यूएई ने मिलकर नया ताकतवर समूह बनाया है। इसे I2U2 नाम दिया गया है। इसमें आई-2 का मतलब इंडिया और इस्राइल है, जबकि यू-2 का मतलब यूएस और यूएई है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अगले महीने 12 से 16 जुलाई तक पश्चिम एशिया के दौरे पर होंगे। उस दौरान I2U2 समूह की पहली वर्चुअली बैठक होगी।

I2U2 में क्या होगा?

अमेरिकी अधिकारी ने बताया, ‘हमारे कुछ साझीदार मध्य-पूर्व से परे भी हैं। इस साझीदारी को हम आगे बढ़ाएंगे। राष्ट्रपति बाइडन  I2U2 देशों के प्रमुखों के साथ वर्चुअल सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान खाद्य सुरक्षा संकट और सहयोग के अन्य क्षेत्रों पर बात करेंगे। इस दौरान राष्ट्रपति बाइडेन इस्राइल के पीएम नेफ्ताली बैनेट, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जाएद बातचीत करेंगे।’

बाइडन 13 जुलाई को इस्राइल से अपने दौरे की शुरुआत करेंगे और फिलस्तीनी अधिकारियों से बातचीत के लिए वेस्ट बैंक भी जाएंगे। इसके बाद राष्ट्रपति बाइडन सऊदी किंग सलमान के न्योते पर जेद्दा पहुंचेंगे और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के सम्मेलन में शामिल होंगे। इस सम्मेलन में मिस्र, इराक और जॉर्डन सहित नौ देशों के शीर्ष नेता शिरकत करने वाले हैं।

I2U2 में भारत की क्या भूमिका होगा?

इसको लेकर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘भारत बेहद बड़ा बाजार है। वह हाईटेक और सबसे ज्यादा मांग वाले उत्पादों का भी बड़ा उत्पादक है। ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं, जहां ये देश मिलकर काम कर सकते हैं। फिर वह तकनीक, कारोबार, पर्यावरण, कोविड-19 और सुरक्षा ही क्यों न हो।’

नेड ने आगे कहा कि इस समूह का उद्देश्य उन गठबंधनों और साझेदारों को फिर एक साथ लाना है, जिनका अस्तित्व पहले नहीं था या फिर था भी तो उसका भरपूर इस्तेमाल नहीं किया गया।

चीन क्यों घबरा रहा?

जब अक्टूबर 2021 में पहली बार भारत, इस्राइल, यूएस और यूएई के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी, तब समुद्री सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उस वक्त इस बैठक का बड़ा मुद्दा इस्राइल और यूएई के बीच संबंधों को सामान्य बनाना भी था। भारत में यूएई के राजदूत ने उस वक्त इस नए गुट को ‘पश्चिमी एशिया का क्वॉड’ बताया था।

विदेश मामलों के जानकार डॉ. आदित्य पटेल कहते हैं, ‘इस समूह के अंतर्गत समुद्री सुरक्षा के मसलों पर भी बातचीत होगी। साथ ही, भारत, इस्राइल, यूएई और अमेरिका काफी करीब आएंगे। इससे चीन घबराया हुआ है।’

 

महाभारत की धरती पर श्रीकृष्ण भगवान के विराट स्वरूप के होंगे दर्शन,

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कुरुक्षेत्र, गीता स्थली ज्योतिसर में श्रीकृष्ण भगवान के विराट स्वरूप के जल्द ही दर्शन होंगे। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने 30 जून को विराट स्वरूप के लोकार्पण का निर्णय लिया है और इसकी तैयारी तेज कर दी हैं। इसके साथ गीता ज्ञान संस्थानम् में गीता पर सेमिनार किया गया जाएगा। विराट स्वरूप के लोकार्पण में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं संघ के सर संघचालक मोहन भागवत होंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी इस दौरान मौजूद रहेंगे। विराट स्वरूप करीब 42 महीने में बनकर तैयार हुआ है।

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने ज्योतिसर स्थित गीता की जन्मस्थली पर श्रीकृष्ण भगवान का विराट स्वरूप लगाने का फैसला लिया था। वर्ष 2018 के अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में श्रीकृष्ण भगवान के विराट स्वरूप का भूमि पूजन भी मोहन भागवत ने किया था। विराट स्वरूप पर लाइट एंड साउंड शो लगाया जाएगा। यहां शाम के समय श्रीकृष्ण भगवान के विराट स्वरूप के दर्शन किए जा
सकेंगे। ज्योतिसर तीर्थ पर एक लाइट एंड साउंड शो पहले
से है। अब इनकी संख्या दो हो जाएगी।

विराट स्वरूप से कुरुक्षेत्र को मिलेगा नया आकर्षण

भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप को उत्तर प्रदेश के नोएडा में राम सुतार क्रिएशन में बनवाया गया है। राम सुतार ने इसको 80 कारीगरों की मदद से तैयार किया है। 13 अगस्त 2021 को नोएडा से दो ट्रकों में ज्योतिसर तीर्थ पर लाया गया था। इसके बाद इसको फाउंडेशन पर स्थापित किया गया। श्रीकृष्ण भगवान के विराट स्वरूप के साथ अर्जुन और रथ को भी स्थापित किया गया है। विराट स्वरूप में योगेश्वर कृष्ण के अलावा श्री गणेश, ब्रह्मा, शिव, भगवान विष्णु का नरङ्क्षसह रूप हनुमान जी, भगवान परशुराम, एग्रीव और अग्नि देव और पांवों से लेकर मूर्ति से लिपटे सिर के ऊपर छांव करते शेषनाग के दर्शन हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में देश विदेश से कुरुक्षेत्र पहुंचने वाले लोगों के अलावा तीर्थ यात्रियों के लिए कुरुक्षेत्र में यह नया आकर्षण होगा।

गीता-महाभारत थीम पार्क,

मान्यता है कि श्रीकृष्ण भगवान ने ज्योतिसर गांव की धरती पर अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने ज्योतिसर तीर्थ पर गीता और महाभारत पर आधारित थीम पार्क बनाने का फैसला लिया। यह विराट स्वरूप सहित करीब 250 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। पर्यटन विभाग पहले पीडब्ल्यूडी से निर्माण कार्य करा रहा था। भवन निर्माण का कार्य 80 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। अब पर्यटन विभाग ने इसे वापस अपने हाथों में ले लिया है। यहां अलग-अलग बिल्डिंग में गीता, महाभारत और श्रीकृष्ण को दर्शाया जाएगा। थ्री-डी कैमरों और अन्य आधुनिक उपकरणों का प्रयोग किया जाएगा।