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नैनीताल प्रवास पर मुख्यमंत्री धामी पहुंचे बीडी पाण्डेय अस्पताल

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18 जून 2024. मंगलवार, देहरादून देहरादून /नैनीताल,19 जून, नैनीताल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉर्निंग वॉक के दौरान आम लोगों से मुलाकात की। अपने चित-परिचित अंदाज में उन्होंने चाय की दुकान पर रुककर स्वयं चाय बनाने में सहयोग किया। इसी बीच मैदान में खेल रहे खिलाड़ियों के पास जाकर उन्होंने उनकी समस्याएं पूछीं और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बीपी पाण्डेय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, मरीजों से मुलाकात की। उनकी कुशलक्षेम पूछी और अस्पताल प्रबंधन को स्वास्थ्य सेवाओं में निरन्तर सुधार के निर्देश दिए।

मार्निंग वॉक के दौरान आम लोगों से मिलना, उनकी समस्याओं को पूछना और सरकार के कामकाज का फीडबैक लेना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दिनचर्या का हिस्सा रहा है। वह देहरादून में हों या फिर अन्य स्थलों पर, सदैव सुबह की सैर करते हैं और आम लोगों से मुखातिब होते हैं।

इसी क्रम में मंगलवार की सुबह धामी नैनीताल में मार्निंग वॉक पर निकले। चाय की दुकान पर खड़े लोगों से उन्होंने बातचीत की। उनसे पूछा कि उत्तराखण्ड में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में और क्या कदम उठाए जा सकते हैं। बातचीत के दौरान ही धामी ने चाय के लिए खुद अदरक कूटा। मुख्यमंत्री की सादगी और सहजता स्थानीय लोगों में कौतुहल का विषय बन गया ।

तत्पश्चात मुख्यमंत्री की दृष्टि समीप ही स्थित खेल के मैदान में पड़ी, जहां कुछ युवा खेल रहे थे। धामी खिलाड़ियों के बीच पहुंचे, उन्होंने खेल और सुविधाओं से सम्बंधित दिक्कतें खिलाड़ियों से पूछीं। मौके पर ही अधिकारियों से बात की और खिलाड़ियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा। बाद में मुख्यमंत्री बी.डी. पाण्डेय अस्पताल पहुचें। उन्होंने वार्ड में जाकर मरीजों से मुलाकात कर अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

डॉक्टर और प्रतिष्ठित लोगों की उपस्थिति में कॉर्डिस क्रिटीकेयर हॉस्पिटल (मीरा रोड) द्वारा कार्यक्रम में मारी के लुक में दिखे डॉ रघुवीर सिंह देवरा

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मीरा भाईंदर। लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में कॉर्डिस क्रिटीकेयर हॉस्पिटल जो एमटीएनएल रोड, शांति नगर मीरा रोड में स्थित है, की ओर से भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। कॉर्डिस क्रिटीकेयर हॉस्पिटल के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मीरा भाईंदर में पहली बार किसी हॉस्पिटल की ओर से ऐसा भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें मीरा भाईंदर के सभी डॉक्टर, रहिवासी, नेता और जाने माने प्रतिष्ठत लोग शामिल हुए। इस कार्यक्रम में बॉलीवुड नाईट थीम, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत, गीत और गजल गायकी प्रस्तुत की गई। डॉक्टरों को उनके कार्य के लिए इस अवसर पर सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही हॉस्पिटल स्टाफ को भी सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई। कॉर्डिस क्रिटीकेयर हॉस्पिटल में उपलब्ध सुविधाओं, नर्सिंग और चिकित्सा उपकरणों की जानकारी दी गई तथा हॉस्पिटल की कार्य योजनाओं को भी विस्तार से बताया गया। डॉक्टर रघुवीर सिंह देवरा जो कॉर्डिस क्रिटीकेयर हॉस्पिटल में मेडिकल डायरेक्टर हैं, उन्होंने सभी उपस्थित डॉक्टरों का आभार व्यक्त किया कि वे सभी अपनी व्यस्तता के बीच समय निकालकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में उनकी सहायता की और उत्साहवर्धन किया। उन्होंने मीरा भाईंदर के सभी रहवासियों और अतिथियों का भी आभार व्यक्त किया। डॉक्टर रघुवीर ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बॉलीवुड थीम में ‘मारी’ का पात्र निभाया जो साउथ सुपरस्टार धनुष की सुपरहिट फिल्म थी। डॉक्टर रघुवीर को साउथ इंडियन लुक में सोने के हार से सजे लुक में देखकर सबने पसंद किया। इस आयोजन के माध्यम से मेडिकल जगत में डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ को प्रोत्साहित करने का अनूठा कार्य किया गया साथ ही जनता को भी मनोरंजन के साथ अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने हेतु प्रोत्साहित किया गया।

युवा बिजनेसमैन डॉ निकेश जैन माधानी ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए डॉ रघुवीर सिंह देवरा को बधाई दी।

– संतोष साहू

दुनिया हमारे हाथों में होगी जब हम परिश्रम पर विश्वास करके आगे बढ़ेंगे : पल्लवी देबनाथ

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अभिनेत्री पल्लवी कलकत्ता की रहने वाली है और काफी समय से मायानगरी मुम्बई में फिल्म, टीवी शो और वेब सीरीज में अभिनय कर रही है। पल्लवी को बचपन से ही अभिनय में रुचि थी और स्कूल के दिनों से ही रैम्प वॉक और मॉडलिंग करती आ रही है। पल्लवी ने अपने कैरियर की शुरुआत मॉडल के रूप में की है और कई ब्यूटी पेजेंट शो का हिस्सा बनी। वह मिस इंडिया 2010 और मिस ग्लैडरैग्स 2007 में फाइनलिस्ट रही। लैक्मे इंडिया में मॉडल रही। ब्लेंडर्स प्राइड और सिग्नेचर फैशन शो का हिस्सा भी रही। बेस्ट वॉक ऑफ शो, बेस्ट बॉडी, बेस्ट मॉडल आदि कई अवॉर्ड से वह सम्मानित हो चुकी हैं। फिलहाल वह मॉडलिंग से विराम लेकर अपने अभिनय कैरियर पर अधिक ध्यान दे रही है। कई वेबसीरिज में वह अपना बेहतर अभिनय दिखा चुकी हैं। अपूर्वा लखिया की वेबसीरिज क्रेक डाउन 2, इशारा टीवी पर ‘पड़ोसन’ और ‘राक्षस दहन’, वी मोशन पर ‘रंगीला बाप’, ‘ट्यूशन टीचर’, रील आईटी एप्प पर ‘बेस्टफ्रेंड’, अल्ट बालाजी पर ‘रंगीन’, नमकीन टीवी पर ‘पिपली’ और ‘बेताब परिन्दे’, अतरंगी पर ‘कब्रिस्तान’ और ‘एम फॉर मैसेज’, तड़का प्राइम पर ‘चित्रलेखा” एम एक्स प्लेयर पर ‘दासी’, मुकेश अग्रवाल की ‘नीड’ और अल्ट्रा चैनल पर पचास से अधिक क्राइम शो के साथ कई वेबसीरीज में उन्होंने काम किया है।

उनके आगामी कई वेबसीरिज रिलीज होने वाली है जिनमें अमेज़ॉन प्राइम पर वेबसीरिज ‘रेवोल्यूशन -पढ़ाई की लड़ाई’ में मिमोह चक्रवर्ती और हितेन तेजवानी के साथ काम कर रही है और दूसरे में अमन वर्मा के साथ दिखेंगी। ‘मेकअप मैन’ वेबसीरिज भी उनकी जल्द रिलीज होने वाली है। पंजाब में वेबसीरिज ‘ए लव लीज’ की शूटिंग इन्होंने पूरी की है जिसमें इनके साथी कलाकार गुलशन पाण्डे है। इसके साथ ही अभी कई प्रोजेक्ट्स उनके पास हैं जिनका अभी काम चल रहा है।


पल्लवी देबनाथ ने बताया कि जब वह बचपन में पहली बार रैम्प वॉक करने गई तो उनके सहपाठियों ने उनका मजाक उड़ाया जो बात पल्लवी के मन में घर कर गयी और तभी से पल्लवी ने ठान लिया कि वह अपनी कड़ी मेहनत, लगन और अटूट आत्मविश्वास से साथ एक सफल मॉडल और अभिनेत्री बनकर दिखाएगी और उन्होंने इस पर सफलता प्राप्त की। अपने कौशल में सुधार के लिए वह मॉडलिंग स्कूल गई, डांस और अभिनय सीखा और आज भी अपने अभिनय में निखार लाने के लिए अभ्यास और वर्कशॉप करती हैं।पल्लवी ने अभिनय और मॉडलिंग के साथ अपनी शिक्षा भी पूर्ण की है। उनके पास एमबीए की डिग्री है। रीडिंग डांसिंग और सिंगिग इन्हें बेहद पसंद है। अभिनेता रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण इनके पसंदीदा कलाकार है। पल्लवी को सस्पेन्स और थ्रिल से भरा किरदार निभाना अच्छा लगता है, वैसे उन्होंने कई भूमिकाएं निभाई हैं। उनका कहना है कि किसी चीज से हार मत मानो और खुद पर विश्वास रखो। जीवन में उतार चढ़ाव तो आते रहते हैं लेकिन हमें हार मानकर नहीं बैठना चाहिए बल्कि अपने कौशल और मेहनत पर विश्वास करके आगे बढ़ना चाहिए। एक दिन सफलता आपके कदम चूमेगी और दुनिया आपके हाथों में होगी।

गोवंश तस्करी मामले में फरार तीन आरोपी गिरफ्तार

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Mandsaur: गोवंश तस्करी के मामले में फरार तीन आरोपियों को वायडी नगर पुलिस ने अवैध जहरीली शराब के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे वाली ब्रेजा कार से 210 लीटर जहरीली शराब बरामद की है।

शुक्रवार को जावरा में गोवंश से भरा ट्रक पलट गया था। इसमें भी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। भीड़ ने ट्रक को आग के हवाले कर दिया था। वायडी नगर टीआई संदीप मंगोलिया ने बताया की जिले में इनामी फरार वारंटियो की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है, इसी के अंतर्गत मुल्तानपुरा चौकी प्रभारी एसआई अभिषेक बोरासी की टीम ने मुखबिर की सुचना पर करवाई करते हुए गोवंश तस्करी के मामले में फरार चल रहे मुश्ताक पिता अजीम दाणा (42) निवासी मुल्तानपुरा, उस्मान पिता मोहम्मद हनीफ खां मेवाती (50) निवासी दाउदखेड़ी और साबिर उर्फ गेणा पिता लतीफ मुल्ला (40) निवासी मुल्तानपुरा को एक मारुती ब्रेजा कार से 31,500 रुपए के कीमत की 210 लीटर जहरीली शराब के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ गोवंश तस्करी के कई मामले दर्ज है।

गोवंश तस्करी के कई मामले दर्ज
जानकारी के अनुसार आरोपी साबिर उर्फ गेणा पिता लतीफ मुल्ला लम्बे समय से गौ तस्करी में लिप्त है। विभिन्न थानों में इसके खिलाफ गौ तस्करी के 15 से अधिक मामले दर्ज है। शुक्रवार को रतलाम जिले के जावरा में हुए बवाल के बीच एक्सप्रेस वे पर ट्रक पलट गया था। इसमें 14 गोवंश की मौत हुई थी। भीड़ ने ट्रक को आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में भी आरोपी साबिर शामिल था। बताया जा रहा है कि साबिर गेणा ने ही उस ट्रक में गोवंश भरवाए थे।

गौ मूत्र से होता है बड़ी सी बड़ी बीमारियों का इलाज

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सनातन धर्म में गाय को मां का दर्जा दिया गया है और गाय के शरीर का हर स्थान पूजनीय है. भारत में 37 नस्ल की गाय पाई जाती है लेकिन उसमे से एक गाय ऐसी खास है जो अपने अनोखे कारण से सबसे जुदा है. आपने शायद ही ऐसा सुना हो की गाय के शरीर में स्वर्ण धातु बनती है जो बाजार में बिकने वाले सोने के समान है. इस गाय को अमृत गाय के नाम से जाना जाता है. इसकी नस्ल का नाम गिरी है और ये गाय अब भारत में लुप्त होती जा रही है.

भारत के गुजरात राज्य में पाई जाने वाली गिरी नस्ल की गाय के बारे में कुछ ही लोगों को पता है. ये गाय अपने अजीब लाभ के लिए जानी जाती है. दरअसल ये गाय अब भारत में 30 प्रतिशत ही बची है.  इतनी लाभकारी गाय के लुप्त होने से एक बड़ा नुकसान भी है. ये गाय सूर्य की रौशनी से अपने शरीर में स्वर्ण धातु पैदा करती है. इसके गौ मूत्र में प्रति एक लीटर में 3 मिलीग्राम स्वर्ण धातु की मात्रा पाई जाती है.

गौ मूत्र से होता है बड़ी सी बड़ी बीमारियों का इलाज
गाय सूर्य की किरणों से कैरोटिन नामक एक खास प्रोटीन जनरेट करती है जो इसके दूध को शक्तिशाली बनाती है. गिरी नस्ल की इस गाय के दूध  में पैदा होने वाले कैरोटिन से लगभग दो दर्जन बीमारियों पर कंट्रोल किया जा सकता है.  इसके गौ मूत्र में मिलने वाले स्वर्ण धातु से आयुर्वेद की दवाइयां बनाई जाती है जो कैंसर, गठिया ,दमा हड्डियों की मजबूती, जैस तमाम जटिल बीमारियों में फायदा करती है. इसके गोबर से तैयार होने वाली खाद फसलों को पड़कर पैदावार में सहायक होती है. साथ ही इसके गोबर से लकड़ी और गमले भी तैयार किए जाते है. इसका दूध तमाम बीमारियों के लिए  रामबाण है. इसके गौ मूत्र में पाया जाने वाली स्वर्ण धातु का प्रयोग आयुर्वेद में दवा बनाने के काम आता है.

वहीं गोपाल गौशाला समिति के प्रबंधक फूल सिंह गोपाल ने बताया कि गाय के दूध में स्वर्ण धातु की रिसर्च की गई है, गुजरात के जूनागढ़ की एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में इसकी खोज एक प्रोफेसर एक गोलकिया ने की थी. उन्होंने लगभग 400 गिरी नस्ल की गायों के गौमूत्र पर कई साला रिसर्च किया था और उन्होंने ही ही बताया था की इस गाय के मूत्र में स्वर्ण धातु की मात्रा उपलब्ध है. रिसर्च के मुताबिक गिरी नस्ल की गाय के दूध और गौमूत्र में कैरोटिन और स्वर्ण धातु की पुष्टि की जा चुकी है. बावजूद इसके इन गायों के कम होने से एक बड़ा नुकसान हो सकता है इन गायों की कीमत आज के समय में इनके लाभ को देखते हुए लगभग 8 लाख बताई जाती है. वहीं इस नस्ल के नंदी की कीमत लगभग दस लाख है. उत्तर प्रदेश में ये गाय बहुत कम लोगों के पास है और इसकी नस्ल भारत के गुजरात में उपलब्ध है

डॉ निकेश जैन माधानी ने अपनी मातृभूमि भटाना गांव में श्री शान्तिनाथ दादा की 108 दिये से आरती करके मनाया अपना जन्मदिन

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बॉलीवुड से अभिनेता मुकेश ऋषि, शाहबाज खान और बिंदू दारासिंह सहित कई बड़ी हस्तियों ने दी उन्हें जन्मदिन की बधाई

मुंबई। युवा बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी ने राजस्थान में अपनी मातृभूमि भटाना गांव में श्री शान्तिनाथ दादा की 108 दीपक से आरती करके अपना जन्मदिन मनाया जहां परिवार के अलावा स्वजन और समर्थक तथा शुभचिंतक उन्हें बधाई देने पहुंचे।
युवा बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी ने बताया कि जन्मदिन को सफल बनाने के लिए अपनी मातृभूमि भटाना में श्री शान्तिनाथ दादा की 108 दीपक की आरती का लाभ मिलने से बड़ी प्रसन्नता हुई जो मेरे लिए जन्मदिन का सबसे बड़ा गिफ्ट था जहां भगवान श्री शान्तिनाथ दादा, मुनि श्री इंद्ररक्षित विजय जी महाराज, परिवार एवं स्वजनों का आशिर्वाद प्राप्त हुआ।
डॉ निकेश जैन भी अपने आप में किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं हैं और वह व्यवसाय जगत के साथ बॉलीवुड में गोल्डमैन के रूप से प्रसिद्ध हैं।
उन्हें कई दिग्गज हस्तियों ने वीडियो मैसेज के माध्यम से जन्मदिन की बधाई प्रेषित किया जिनमें फिल्म अभिनेता मुकेश ऋषि, बिंदू दारा सिंह, शाहबाज खान, नीरज भारद्वाज, एक्शन डायरेक्टर टीनू वर्मा, एक्टर एजाज खान, रामकुमार पाल, डॉ प्रकाश टाटा, पंडित सत्यम, शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे, मनोज सोलंकी, मॉडल एक्ट्रेस सीमा मीना और ब्राइट आउटडोर के मुखिया योगेश लखानी का नाम प्रमुख है।
आपको बता दें कि डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी बहुत कम उम्र से ही बिजनेस में सक्रिय हैं। एक युवा उद्यमी के रूप में उन्हें अनगिनत अवार्ड प्राप्त हो चुके हैं साथ ही उन्हें कई पुरस्कार समारोह में चीफ गेस्ट के रूप में सेलिब्रिटियों के साथ आमंत्रित किया जाता है। उनकी कंपनी पुष्पा गृह उद्योग और माधानी फायनांस एंड इंटरटेनमेंट प्रमुख कार्यक्रमों में पार्टनर की भूमिका निभाती है।

– संतोष साहू

NUH में गौ तस्करों और गौ रक्षा दल में मुठभेड़: गोली लगने से एक घायल,

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नूंह (एके बघेल) : नूंह के फिरोजपुर झिरका के पास बीती रात दिल्ली मुंबई बड़ौदा एक्सप्रेसवे पर गौ तस्करों और गौ रक्षा दल के सदस्यों के बीच मुठभेड़ होने का मामला सामने आया है। इस मामले की जैसे ही पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस भी मौके पर पहुंची।

डीएसपी सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि बीती रात रेवाड़ी जिले के गौ रक्षा दल के सदस्यों को सूचना मिली कि राजस्थान से मेवात में गौ तस्कर एक पिकअप गाड़ी में तीन गायों को लेकर आ रहे हैं। तभी गौरक्षा दल के सदस्यों ने उसे गाड़ी का पीछा किया और उन्होंने पुलिस को भी सूचना दी। फिरोजपुर झिरका के महू चोपड़ा के पास जैसे ही गौ रक्षा दल के सदस्यों से अपने आप को बचाने के लिए गौ तस्करों ने अपनी पिकअप गाड़ी का यूटर्न लिया तो गाड़ी वहीं पलट गई। जिससे मौके पर एक गाय की मौत हो गई और दो गाय जिंदा बच गई। गाड़ी पलटने के बाद गौ रक्षा दल के सदस्य सोनू ने एक गौ तस्कर को पकड़ लिया जिसने अपने आप को घिरा देख सोनू के पेट में गोली मार दी।

सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गौ रक्षा दल के सदस्य सोनू के पेट में गोली लगने से उसे पलवल ले जाया गया ,जहां से उसे फरीदाबाद और फरीदाबाद से गुड़गांव के मेदांता अस्पताल के लिए रेफर कर दिया और मेदांता में अब उसका इलाज चल रहा है। डीएसपी ने बताया कि पुलिस ने एक गौ तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जिसका नाम काला पुत्र बलदेव निवासी जयपुर राजस्थान का रहने वाला है और सभी गौ तस्कर राजस्थान के रहने वाले हैं। गौ तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

वहीं पुलिस से पहले गौ रक्षा दल के सदस्यों के पास पहुंच रही सूचना से मेवात के लोगों में सवाल उठ रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर रेवाड़ी जिले के गौ रक्षा दल के सदस्यों को नूंह पुलिस से पहले कैसे सूचना मिल जाती है और राजस्थान से नूंह जिले में गौ तस्कर कैसे पुलिस के नाकें और चौकियों को पास कर मेवात में घुस जाते हैं। यह सबसे बड़ा सवाल मेवात के लोगों में देखने को मिल रहा है।

आपको बता दें कि काफी समय से मेवात में गौ तस्करी और गौ हत्या लगभग बंद हो गई है, लेकिन राजस्थान के हिंदू समाज के इन गौ तस्करों से एक बार फिर मेवात में गौ हत्या का मामला उछला है। इससे पहले भी हिंदू समाज के लोगों द्वारा गौ तस्करी का मामला फिरोजपुर झिरका के थाने में सामने आया था, लेकिन आज फिर राजस्थान के रहने वाले लोगों द्वारा गौ तस्करी करना और हिंदू समाज के लोगों ही द्वारा गौ रक्षा करने हुई मुठभेड़ के मामले ने फिर मेवात के लोगों को सतर्क रहने के लिए अलर्ट किया है। एक दिन बाद मेवात ही नहीं बल्कि पूरे देश में बकरा ईद का त्यौहार मनाया जाएगा और इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा जानवरों की कुर्बानी की जानी है।

गौ तस्करी के चलते दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प दो लोग घायल

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एएनआई, मेडक। Telangana Violent clash  तेलंगाना के मेडक में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प की खबर सामने आई है। हिंसा की वजह एक विशेष समुदाय के लोगों द्वारा  द्वारा की जा रही गौ तस्करी को माना जा रहा है। पुलिस ने बताया कि गायों के कथित अवैध परिवहन को लेकर दो समुदायों के बीच झड़प के बाद, तेलंगाना के मेढक जिले में रामदास चौराहे के पास धारा 144 लगा दी गई है।

मेडक के पुलिस अधीक्षक बी बाला स्वामी ने कहा कि पुलिस ने क्षेत्र में धारा 144 लगा दी है और स्थिति अब नियंत्रण में है। आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144, एक क्षेत्र में चार या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाती है। आमतौर पर किसी भी विरोध प्रदर्शन या दंगे से बचने के लिए ये धारा लागू की जाती है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हिंसा करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और दोनों पक्षों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

दो लोग घायल, अस्पताल पर भी हमला

पुलिस के अनुसार, यह झड़प तब हुई जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के नेताओं ने गायों को ले जाने से रोका और शिकायत दर्ज कराने के बजाय विरोध प्रदर्शन किया।

पुलिस ने कहा कि झड़प में दो लोग घायल हो गए। इसके बाद दोनों पक्षों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया। जिस अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा था, उस पर भी हमला किया गया।

आखिर क्यों ढ़हा भाजपा का मजबूत किला*    

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(शिव शरण त्रिपाठी-विनायक फीचर्स)
यदि भाजपा 2024 के आम चुनाव में अपने बलबूते बहुमत न हासिल न कर सकी तो इसका मुख्य कारण उत्तर प्रदेश में भाजपा का किला ढहना माना जा रहा है। जिस उत्तर प्रदेश में भाजपा ने  2014 के आम चुनाव में  71 सीटे जीती हो और 2019 के आम चुनाव में 62 उसी उत्तर प्रदेश में यदि योगी जी के सुशासन में भाजपा की सीटे आधी यानी 33 रह जाये तो यह भाजपा के लिए घोर चिंता का विषय तो है ही। किसी को विश्वास नहीं हो पा रहा है कि भाजपा 71 से 33 सीटों पर कैसे आ सकती है। 
मार्च 2017 में सत्ता की बागडोर संभालने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने जिस तरह प्रदेश को माफियाओं, बाहुबलियों और शातिर अपराधियों से मुक्त कराकर प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया उसकी नजीर मिलनी मुश्किल है। जिस मुख्यमंत्री योगी के बुल्डोजर की धमक देश ही नहीं दुनिया में महसूस की गई हो यदि वही मुख्यमंत्री 2024 के आम चुनाव में भाजपा का किला ढहने से ‘अपराध बोध’  से ग्रस्त होने को मजबूर हो तो इसे विडम्बना ही कही जायेगी।
नि:संदेह भाजपा को 2024 के आम चुनाव में अपना किला ढहने के कारणों की तह में जाना ही होगा। आखिर वो कौन से कारक और कारण है जिनकी वजह से उत्तर प्रदेश में भाजपा की नैया डूब गई और केन्द्र में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार न बन सकी।
चुनाव परिणामों के बाद अब तो सभी राजनीतिक विश्लेषकों का एक समान मत है कि उत्तर प्रदेश में जातिवाद और विपक्षी दलों का मतदाताओं को दिया गया प्रलोभन सिर चढ़कर बोला। जातिवाद की आंधी से प्रभावित और मुफ्त की चाशनी में नहाये मतदाताओं को न तो भव्य राम मंदिर का स्मरण रहा, न राष्ट्रवाद का और न ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस सुशासन का भी जिसके चलते सूबे में माफियाओं, बाहुबलियों, शातिर अपराधियों  द्वारा की जाने वाली वसूली रंगदारी, अपहरण जैसी घटनायें अतीत की बात हो गई हों। और महिलायें देर रात तक घर के बाहर आने जाने में अपने को सुरक्षित महसूस करने लगी हो।
कांग्रेस द्वारा महिलाओं को प्रतिवर्ष खटाखट 1 लाख रुपये दिये जाने के लॉलीपॉप  ने किस हद तक महिलाओं को अपने पक्ष में वोट देने को बाध्य किया उसका प्रमाण इसी से मिल जाता है कि आज हजारों महिलायें लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय में एक लाख रुपये दिये जाने की गुहार लगा रही हैं और चीख-चीखकर कह रही है कि उन्होने एक लाख रुपये के लालच में ही कांग्रेस को वोट दिया है।
मजेदार बात यह है कि कोई भी कांग्रेस का नेता, पदाधिकारी उन्हें यह समझाने को तैयार नहीं है कि कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है इसलिये अभी एक लाख देना संभव नहीं है। अतएव वे कांग्रेस की सरकार बनने की प्रतीक्षा करें।
अब सवाल यह उठता है कि क्या उत्तर प्रदेश में भाजपा की हार के उपरोक्त कारण ही हैं या और भी कारण हैं जिनसे भाजपा की रीढ़ ही टूट गई। सर्वाधिक चिंता अयोध्या में हार को लेकर जताई जा रही है। वहां के मतदाताओं पर तमाम तरह के आरोप प्रत्यारोप भी मढ़े जा रहे हैं। नि:संदेह अयोध्या में हार को लेकर विदेशों तक में रह रहे हिन्दुओं मे क्षोभ है। अधिकांश हिन्दुओं का यह कहना है कि माना भाजपा प्रत्याशी लल्लू सिंह के प्रति मतदाताओं में गहरी नाराजगी थी। माना कि अयोध्या को भव्य बनाने में उसकी जद में आये अनेक दुकानों व मकानों को तोड़ा गया। किन्तु क्या इतनी नाराजगी से अयोध्या में भाजपा सरकार/संगठनों द्वारा किये गये अप्रतिम योगदान को बिसारा जा सकता है।
यदि भाजपा की हार अयोध्या धाम तक ही सीमित होती तो भी प्रत्याशी से नाराजगी और दुकान/मकान तोड़े जाने का कारण माना जा सकता है किन्तु अयोध्या मण्डल की सभी पांच सीटों पर हार के क्या मायने है? अयोध्या के अलावा भाजपा जिन सीटों पर हारी है उनमें अमेठी से मजबूत प्रत्याशी स्मृति ईरानी, सुल्तानपुर से दिग्गज नेत्री मेनका गांधी प्रमुख है।
यही नहीं तीर्थस्थल चित्रकूट और सीतापुर में भाजपा की हुई हार  केवल नाराजगी का परिणाम नहीं मानी जा सकती है। ऐसे ही कई अन्य सीटों की हार भी सवालों के घेरे में है।
फिलहाल भाजपा की हार के जो प्रमुख कारण सामने रहे हैं वे हैं विपक्षी दलों द्वारा जातिवाद की राजनीति तथा मुफ्त की रेवड़ी बांटने की घोषणा करना। बेशक प्रत्याशियों से मतदाताओं की नाराजगी भी हार के कारणों में एक रही है। पार्टी के भितर घात ने कोढ़ में खाज का काम किया है।
ऐसा भी नहीं है कि भाजपा ने जातिवाद का सहारा न लिया हो पर भाजपा के रणनीतिकार अखिलेश यादव के पीडीए समीकरण की न तो काट ढूढ़ सके और न ही मतदाताओं की नाराजगी और भितरघात को ही गंभीरता से ले सके। जिन योगी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने हर मायने में इतिहास रचा हो यदि उसी उत्तर प्रदेश में भाजपा घुटनों पर आ गई तो योगी जी का क्षुब्ध व अपमानित महसूस करना स्वाभाविक ही है। लेकिन यह भी सत्य है कि प्रदेश की अधिसंख्य जनता योगी जी की दीवानी है और सबकुछ ठीक रहा तो 2027 में होने वाले प्रदेश के विधान सभा के चुनाव में जनता उन्हे नायक सिद्ध करके ही रहेगी।
फिलहाल जरूरत है हार के कारणों की विस्तृत व सघन जांच की। जांच में जो भी दोषी पाया जाये उसे पार्टी से निष्कासन की सजा ही दी जाये। यदि ऐसा न हुआ तो फिर आगे भी ऐसे ही हालातों का सामना करने के लिये कम से कम भाजपा को तैयार रहना ही चाहिये।(विनायक फीचर्स)

MP News: मंडला में गौ तस्करों के ठिकानों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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मध्य प्रदेश के मंडला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. भैंसवाही इलाके में पुलिस और प्रशासन ने 11 आरोपियों के अवैध निर्माण, घर और कत्ल खानों पर एक साथ बुल्डोजर चलाकर उन्हें जमींदोज कर दिया है. एसपी रजत सकलेचा को सूचना मिली थी कि नैनपुर थाना क्षेत्र के गांव भैंसवाही में गौंवंश की हत्या कर उनके मांस की तस्करी की जा रही है, जिसके बाद ये एक्शन लिया गया है.

 

मध्य प्रदेश के मंडला पुलिस ने गौ तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिले के नैनपुर थाना अंतर्गत भैंसवाही गांव में पुलिस और प्रशासन ने 11 आरोपियों के अवैध निर्माण घरों पर एक साथ बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज कर कर दिया है। कार्रवाई के लिए भैंसवाही गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया।

दरअसल, शुक्रवार को देर रात पुलिस ने जिले के नैनपुर थाना अंतर्गत भैंसवाही गांव में दबिश दी। यहां पर घरों की तलाशी के दौरान मृत गोवंश के अवशेष फ्रिज व अन्य जगहों से पुलिस ने जब्त किए। गौवंश वध पर 11 आरोपियों के खिलाफ 11 एफआईआर दर्ज कर लगभग 150 जीवित गौवंश को मुक्त कराया है। इन गोतस्करों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि पर अवैध रूप से निर्मित 11 घरों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई कर रही है।

बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश

यहां पुलिस टीम ने गौ तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया. पुलिस टीम को यहां 11 घरों में अवैध कत्ल खाने मिले. दबिश में पुलिस को आरोपियों के घरों से 150 से ज्यादा गोवंश के अवशेष मिले हैं. पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है. बाकी सभी रात का फायदा उठाकर फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

150 से ज्यादा गौवंश मुक्त

इसके साथ ही पुलिस ने घरों के आसपास खेतों और तबेलों में लगभग 150 की संख्या में जीवित गौवंश को मुक्त कराकर प्रशासन के सहयोग से सुरक्षित गौशाला पहुंचाया. इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 11 एफआईआर दर्ज की हैं. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद भैसवाही गांव के 11 कत्ल खानों को गिरा दिया गया है. ये पूरा एक्शन तीन जेसीबी की मदद से किया गया. फिलहाल इन घरों को जमींदोज कर दिया गया है.