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एग्रोकेमिकल्स कान्क्लेव को केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया संबोधित

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New Delhi – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि खेती में फर्टिलाइजर और कीटनाशकों के प्रयोग को कम करने के लिए निजी क्षेत्र को भी सरकार के साथ जुड़ना चाहिए। श्री तोमर ने यह बात भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) द्वारा आयोजित 11वें एग्रोकेमिकल्स कान्क्लेव को सोलन (हिमाचल प्रदेश) से वर्चुअल संबोधित करते हुए कही।  

श्री तोमर ने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान है और देश की अर्थव्यवस्था में कृषि का बहुत बड़ा योगदान है। “कृषि क्षेत्र में किसानों के लिए मुनाफा बहुत जरूरी है। उत्पादन में वृद्धि भी बहुत आवश्यक है। देश में दलहन और तिलहन की दृष्टि से अच्छा काम चल रहा है। यह भी जरूरी है कृषि के क्षेत्र में मुनाफा बढ़े तथा फसलोपरांत किसानों को होने वाला नुकसान न्यूनतम हो जिसके लिए कदम उठाने की जरूरत हैं। इस संबंध में केंद्र सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है। साथ ही सरकार चाहती है  कि किसान तकनीक का उपयोग कर महंगी फसलों पर जा सके। फसलों के उत्पादन में एकरूपता आ सके एवं उनके उत्पादन में गुणवत्ता आ सकें इस पर भी काम हो रहा है,” उन्होंने कहा।

श्री तोमर ने कहा कि आज उद्यानिकी को भी और बढ़ाना चाहिए ताकि हर दृष्टि से हम आत्मनिर्भर बन सके। “खाद्यान की दृष्टि से हमारा देश बहुत अच्छी स्थिति में हैं। वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए हमें  कृषि की दृष्टि से विकसित अन्य देशों की ओर भी देखना होगा व उनके साथ आगे बढ़कर चलना है।  दस हजार नए एफपीओ भी बनाए जा रहे हैं जिससे किसानी को काफी फायदा हो रहा है और आगे भी होगा। फसल विविधीकरण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए,” उन्होंने कहा।

श्री तोमर ने कहा कृषि विज्ञान केंद्र किसानों के लिए सहायक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने फिक्की जैसे संगठनों से कृषि विकास के लिए मिलकर काम करने की अपेक्षा की। कार्यक्रम में केंद्रीय रसायन और उर्वरक तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री भगवंत खुबा भी उपस्थित थे।

अनुराग सिंह ठाकुर केवड़िया में शुरू हो रहे दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में खेल विभाग के मंत्रियों व प्रभारी सचिवों के साथ बातचीत करेंगे

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केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर कल से केवड़िया में शुरू होने वाले दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवा कार्यक्रम एवं खेल विभाग के मंत्रियों व प्रभारी सचिवों के साथ बातचीत करेंगे। श्री अनुराग ठाकुर कल सुबह उद्घाटन समारोह में मुख्य भाषण देंगे।


सम्मेलन से पहले, श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी न केवल भारत का बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है। यह विविधता में एकता का प्रतीक है और केवड़िया के सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के मंत्री एक साथ आएंगे तथा चर्चा करेंगे कि वे खेल के लिए सही कदम कैसे उठा सकते हैं, ताकि खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकें और देश का गौरव बढ़ा सकें। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं और खिलाड़ियों को मार्गदर्शन व पर्याप्त सहयोग दे रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ा है।” 

सम्मेलन के दौरान खेलो इंडिया योजना के विभिन्न पहलुओं, जैसे खेल के मैदानों की भू -टैगिंग, राज्यों में प्रशिक्षण केंद्र/अकादमी, खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभा पहचान और विकास, महिलाओं के लिए खेल को बढ़ावा देना, दिव्यांगजन, जनजाति और ग्रामीण क्षेत्र, स्वदेशी खेल और डोपिंग रोधी शिक्षा तथा जागरूकता का महत्व, खेल सहायता पेशेवरों के लिए इकोसिस्टम का निर्माण आदि पर चर्चा की जाएगी। हाल के वर्षों में देश में खेलों के विकास का विस्तृत विवरण भी प्रस्तुत किया जाएगा। दूसरे दिन युवा कार्यक्रम विभाग के आउटरीच कार्यक्रमों तथा योजनाओं के विवरण के साथ भविष्य में इसके रोडमैप पर भी चर्चा की जाएगी।

 

फिल्म ‘टीटू अंबानी’ के प्रमोशन के लिए अभिनेत्री दीपिका सिंह बनी आज के समय की श्रवण कुमार 

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मुंबई। फिल्म ‘टीटू अम्बानी’ के प्रमोशन के लिए मुंबई में एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें दीपिका सिंह में अपने ऑन स्क्रीन माता पिता को श्रवण कुमार की तरह कांवर में कंधे पर उठाया। इस फिल्म में दीपिका एक ज़िम्मेदार इकलौती बेटी का किरदार निभा रही हैं।
वहीं मुख्य किरदार टीटू मतलब तुषार पांडेय भी लेडीज़ पर्स में अपनी पत्नी के पैसों को गिनते दिखाई दिये। फिल्म में उनका डायलॉग है कि जब पति के पैसे पर पत्नी का हक़ है तो पत्नी के पैसे पर भी पति का अधिकार होना चाहिए। प्रमोशन के अवसर पर फ़िल्म के मुख्य कलाकार तुषार पांडेय, दीपिका सिंह, रघुबीर यादव, सपना सैंड, वीरेंद्र सक्सेना, समता सागर, गीतकार मयूर पूरी, निर्माता दिनेश कुमार, लेखक निर्देशक रोहित राज गोयल उपस्थित थे।
टीटू अंबानी फिल्म के ट्रेलर में देखा जा सकता है कि इकलौती बेटी मौसमी अपने माता पिता के प्रति बहुत ज़िम्मेदार है। वह सवाल करती है कि शादी के बाद क्या लड़की अपने माँ बाप की देखभाल नहीं कर सकती ? टीटू बड़ा आदमी बनना चाहता है।
टीटू का भी एक सवाल है कि क्या पत्नी की कमाई में पति का कोई अधिकार नहीं है ? टीटू और मौसमी के नोंकझोंक के बीच रघुबीर यादव के कॉमेडी संवाद ‘बेटा चौथे सीढ़ी पर पांव धरोगे तो हमेशा गिरोगे’ से साथ बहुत ही दिलचस्प अंदाज में ट्रेलर फिल्म के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने के साथ ख़त्म होता है।
फिल्म के बारे में दीपिका सिंह बताती हैं कि हम आधुनिक समाज में आज भी लड़की और लड़के दोनों के समानता की बात करते हैं। लेकिन व्यवहारिक रूप में ऐसा नहीं है।
फिल्म के निर्माता महेंद्र विजयदान देथा और दिनेश कुमार का कहना है कि ‘टीटू अंबानी’ सफलता के लिए आज के युवाओं का शॉर्टकट की तरफ आकर्षित होना जैसे विषय पर बात करती है और समाज में लड़कियों के कर्तव्य और अधिकार को लेकर अभी भी हमारे बीच दोहरे मापदंड की बात करती है। यह फिल्म एक सही नजरिए को बहुत ही मनोरंजक तरीके से कहती है।
 फिल्म में टीटू का किरदार निभाने वाले ‘आश्रम’ वेब सीरीज और फिल्म ‘छिछोरे’ फेम अभिनेता तुषार पांडे बताते हैं कि बहुत महत्वाकांक्षी टीटू को लगता है कि वह नौकरी करने के लिए नहीं बना है। उसे बड़ा आदमी बनना है जिसके लिए उसके पास नया बिजनेस आयडिया है।
सबल प्रॉडक्शन्स के बैनर तले निर्मित फ़िल्म ‘टीटू अंबानी’ के निर्देशक रोहित राज गोयल, निर्माता महेंद्र विजयदान देथा और दिनेश कुमार हैं। फिल्म की शूटिंग उदयपुर के विभिन्न लोकेशन पर की गयी है। फिल्म 8 जुलाई 2022 को सिनेमागृह में रिलीज हो रही है।
– संतोष साहू

वडार समाज के अध्यक्ष पद पर बाबण्णा कुशाळकर

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मुंबई। वडार समाज की संस्था “मी वडार महाराष्ट्राचा” की हुई एक बैठक मे संस्थापक अध्यक्ष, पूर्व राज्यमंत्री व नवी मुंबई मनपा के विरोधी पक्ष नेता विजय चौगुले के मार्गदर्शन में कई संस्थाओं से जुड़े समाजसेवक बाबण्णा कुशाळकर को सर्वसम्मति से मुंबई अध्यक्ष पद के लिए चयन किया गया, साथ ही समाज की पूरी कमेटी घोषित की गई।
वडार समाज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष बाबण्णा कुशाळकर ने बताया कि उपाध्यक्ष चंद्रकांत मंजाळ, सचिव रमेश धोत्रे, कार्याध्यक्ष राजू जाधव, संपर्क प्रमुख अजय शेलार को बनाया गया। इस दौरान महाराष्ट्र संपर्क प्रमुख सुधीर पवार व राजू सांडू भी उपस्थित थे।


बाबण्णा कुशाळकर को अध्यक्ष बनाये जाने पर समाज के लोखंडे, धोत्रे, पवार, जाधव, बनपट्टे, माने, इटकर, मंजुले, इलकल, मलंग, देवकुले, संजय जाधव, परशुराम देवकुले, कृष्णा माने और शटराज वारकर समेत कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और राजनैतिक पार्टियों के लोगों ने पुष्पगुछ देकर अभिनंदन किया।

देश के इस एयरपोर्ट पर ‘संस्कृत’ में सुनाई जाएगी अनाउंसमेंट,

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सोशल मीडिया पर अक्सर कई वीडियो वायरल होते रहते है, कुछ वीडियो ऐसे होते जिसे देख आपको यकीन नहीं होता है। अब सोशल मीडिया पर एक एयरपोर्ट का वीडियो वायरल हो रहा है। इस एयरपोर्ट पर काफी अलग तरीके से अनाउंसमेंट होते है, जिसे सुन हर कोई अचंबित हो रहा है।

अक्सर एयरपोर्ट पर आपने हिंदी या इंग्लिश में अनाउंसमेंट सुनी होगी। लेकिन, एक एयरपोर्ट ऐसा है जहां प्राचीन संस्कृत भाषा में अनाउंसमेंट की जाती है। हम बात कर रहे हैं वाराणसी एयरपोर्ट की। यहां हिन्दी-अंग्रेजी के साथ संस्कृत में भी अनाउंसमेंट होती है। साथ ही कोविड संबंधी सावधानियों और प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी की भी संस्कृत में दी जाती है।

वाराणसी विमानतल पर अंग्रेजी और हिंदी के बाद संस्कृत में भी कोविड मानदंडों की घोषणा की जा रही है| हमारे सम्मानित यात्रियों को विमानतल पर आते ही महसूस हो जाएगा कि, वे काशी- संस्कृत भाषा के पीठ स्थान में प्रवेश कर चुके हैं।’

काशी की पहचान एक धार्मिक और आध्यात्मिक नगर के तौर पर होती है। काशी को संस्कृत भाषा का पीठ स्थान कहा जाता है। पूजा-पाठ के दौरान जिन श्लोकों और मंत्रों का लोग उच्चारण करते हैं वे भी अधिकांश संस्कृत में ही होते हैं। वहीं, अब वाराणसी एयरपोर्ट का अनाउंसमेंट करने का अनोखा तरीका लोगों को काफी पसंद आ रहा है।

वाराणसी एयरपोर्ट मुख्य शहर से 26 किलोमीटर दूर बाबतपुर में स्थित है। अक्टूबर 2005 में इसका नाम बदलकर लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट कर दिया गया था। इसे उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा भी कहा जाता है।

भारत में गौहत्या एक बड़ी समस्या

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आधुनिक काल मे हम देख रहे है की दिन-प्रतिदिन गौ माता की संख्या कम होती जा रही है। भारत जैसे पवित्र देश की इस भूमी पर गौ हत्या हो रही है। हम सबको मिलकर गौ हत्या रोकने के लिये कडे से कडे कदम उठाने चाहिए। रही है आईए जानते है गौमाता के लुप्त होने के कारण और गौ हत्या रोकने के उपाय।

गौमाता के लुप्त होने के कारण (DISAPPEARANCE OF COW IN HINDI) –

1.गौ माता के देह का व्यापार

2.अधर्मीयों द्वारा बिना वजह होने वाली गौ हत्या

3.लोगोंका गोपालन छोडकर भैंस को पालना

4.सनातन धर्म के लोंगों द्वारा गौ माता की और अनदेखी करना

5.सनातन धर्म के लोगों द्वारा आधुनिकता की वजह से संस्कृति और संस्कारों को भूल जाना

गौमाता को बचाने के उपाय:

 (MEASURES TO SAVE COW IN HINDI) –

१.गोपालन केंद्र खोलना और उसमे गौ माता की देखभाल करना।

2.भैंस के दूध की जगह गौमाता के अमृतरूपी दूध का उपयोग करना।

3.गौहत्या पूर्ण रूप से बंद करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के उपर शक्ति प्रदर्शन करके उनपर हमारी एकता से दबाव डालना।

4.चुनाव में ऐसे लोगों को वोट देना जो सनातन संस्कृति पर विश्वास रखते हो और सनातन धर्म का पालन करते हो।

5.सभी लोगों को गौ माता के महत्व के बारे मे बताना।

6.विशेष रूप से सनातन धर्म को मानने वाले लोगों को अपनी संस्कृति के महत्व के बारे में बताना।

7.गौहत्या करने वाले अधर्मीयों के लिए केंद्र और राज्य सरकार के पास कडी से कडी सजा की मांग करना।

 

8.SOCIAL MEDIA के माध्यम से गौमाता के महत्व और उनके हित संबंधी जानकारी को फैलाना।

गुवाहाटी में होटल के बाहर टीएमसी ने दिया धरना, राउत बोले- हमारे 20 विधायक लौटेंगे

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शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे के तेवर अभी भी नरम नहीं हुए हैं। 37 से अधिक पार्टी विधायकों के समर्थन मिलने का दावा कर वे दलबदल विरोधी कानून को भी चुनौती देने के लिए तैयार हैं। इन सब के बीच  बुधवार देर रात जहां शिवसेना के चार और बागी विधायक गुवाहाटी पहुंचे तो वहीं आज सुबह भी तीन और विधायक गुवाहाटी पहुंच गए। इससे पहले बुधवार शाम को ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लोगों को संबोधित किया और देर रात सरकारी आवास छोड़कर मातोश्री पहुंच गए।

सीएम उद्धव आज कोई बैठक नहीं करेंगे: राउत

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज कोई बैठक नहीं करेंगे। जो भी विधायक आधिकारिक आवास पर आ रहे हैं वे अपने काम से आ रहे हैं।

पवार के घर बैठक शुरू

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता पार्टी प्रमुख शरद पवार के आवास पर एक बैठक के लिए पहुंचे।

गुवाहाटी में होटल के बाहर टीएमसी का धरना

गुवाहाटी में रैडिसन ब्लू होटल जहां कि बागी विधायक ठहरे हुए हैं वहां टीएमसी ने धरना देना शुरू कर दिया है।
बागी विधायकों की तस्वीरें आईं सामने
शिवसेना के दो विधायक सदा सर्वंकर और मंगेश कुडलकर जिनके कल रात मुंबई छोड़ने की सूचना मिली थी, उन्हें भी एकनाथ शिंदे के साथ गुवाहाटी, असम में देखा गया।

#WATCH | Members and workers of Assam unit of TMC protest outside Radisson Blu Hotel in Guwahati where rebel Maharashtra MLAs, including Shiv Sena’s Eknath Shinde, are staying.

एकनाथ शिंदे के साथ महाराष्ट्र के कुल 42 विधायक मौजूद: सूत्र

सूत्रों के अनुसार असम के गुवाहाटी में रैडिसन ब्लू होटल में एकनाथ शिंदे के साथ महाराष्ट्र के कुल 42 विधायक मौजूद हैं। इसमें शिवसेना के 34 विधायक और 8 निर्दलीय विधायक शामिल हैं।  वहीं होटल में मौजूद सभी बागी विधायक पूर्व गृह राज्य मंत्री और शिवसेना नेता दीपक केसरकर से  भी  मिले।

गुवाहाटी में बैठे 20 विधायक मुंबई लौटेंगे: संजय राउत

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि आज भी हमारी पार्टी मजबूत है। किस हालात और किस दबाव में उन लोगों ने हमारा साथ छोड़ा उसका खुलासा जल्द होगा… हमारे संपर्क में लगभग 20 विधायक हैं और जब वे मुंबई आएंगे तब इसका खुलासा होगा। जो ED के दबाव में पार्टी छोड़ता है वह बालासाहेब का भक्त नहीं हो सकता।

 

बैंकों की लूट पर लगाम लगाये सरकार व आरबीआई

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आजकल ज्यादातर बैंक जनता को विभिन्न तरीकों से लूट रही है और जनता को पता ही नहीं चलता है। ज्यादातर बैंकों के फाइन का अलग से एसएमएस नहीं आता है, आखिर क्यों?यदि 3 बार से ज्यादा दूसरी बैंकों के एटीएम से निकालते है तो जो चार्ज लगता है, उसका अलग से मैसेज नहीं आता है। यदि आपके बैंक में 1000 है और चौथी बार निकाल रहे है तो जब तक उसके ऊपर फाइन के रुपये नहीं होंगे तब तक पैसे नहीं निकलते है। आखिर क्यों?

फाइन तो बाद में लगना चाहिए,जब पैसे निकलेंगे, लेकिन चौथी बार निकालते वक्त ही फाइन का पैसा क्यों होना चाहिए? आज भी ज्यादातर एटीएम में केवल 500 के ही नोट होते है, जबकि 100 के नोट जरूरी है, यदि रात में किसी को रिक्शा इत्यादि को छुट्टा देना है तो बड़ी दिक्कत लोगो को होती है।

और एटीएम कार्ड तो एक ही बार कई वर्षों के लिए देते है लेकिन हर साल कार्ड का पैसा लेते है, आखिर क्यों? बैंकें आजकल मिनिमम बैलेंस के नाम पर हर महीने मनमाना पैसा वसूल रही है, जबकि जितना फाइन लेती है, उसका नाममात्र भी ब्याज नहीं देती है। जबकि उनकी बैंक तो जनता के पैसे से ही चल रही है।

 मिनिमम बैलेंस के फाइन को आरबीआई को तय कर देना चाहिए, जिससे वे जनता को ज्यादा लूट ना सके।एसएमएस, मिनिमम बैलेंस, कॉर्ड का चार्ज कभी भी काट लेती है, जिससे कभी भी लोगो के चेक बाउंस हो जाते है। इसका एक फिक्स्ड डेट होना चाहिए कि यह कब कटेगा और कौन सी तारीख को कटेगा।

कई बार बैंकों की मिलीभगत की वजह से बैंक के स्टालमेंट के ठीक दिन ही यह फाइन काटा जाता है, जिससे दोनों बैंकों को फाइन मिलता है।आजकल इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग के नाम पर जनता को सबसे ज्यादा लुटा जा रहा है। आज जब किसी लोन या स्टालमेंट का चेक इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग के जरिए बैंक में आता है तो दो दिन में तीन बार चेक बाउंस करा लिया जाता है और दोनों तरफ की बैंक या फाइनेंस कंपनी तीन तीन बार चेक बाउंस का चार्ज लगा लेती है। जितने का चेक नहीं होता है, उससे ज्यादा फाइन हो जाता है।

 यदि बैंक में किसी कारण पैसा नहीं है तो तीन बार दो दिन में बाउंस कराने का क्या फायदा है? यह कमाने का तरीका बैंकों ने बना रक्खा है।यह बंद होना चाहिए।  एक बार बाउंस होने के बाद बिना पार्टी से पूछे दूबारा क्लेरेंस के लिए चेक नहीं भेजना चाहिए।

आजकल कई बैंक, फाइनेंस कंपनी ऑनलाइन एप्प्स के जरिए लोंगो को ठग रही है।ज्यादातर 10 हज़ार,25 हज़ार या 50 हज़ार देकर 24%से 50 %व्याज साल का वसूल रही है और ऊपर से प्रोसेसिंग फीस अलग से और ज्यादातर जनता इनके जाल में फंसती जा रही है। जो कि आगे चलकर बहुत बड़ा जी का जंजाल सरकार व लोगों के लिए बन सकता है। इसे  सरकार व आरबीआई को रोकना चाहिए या व्याज दर तय करना चाहिए। आज जनता महँगाई व बेरोजगारी से परेशान है और कर्ज ले रही है।लेकिन यह बहुत बड़ा खतरा देश की जनता के लिए बन सकता है। और लोगो के आत्महत्या का कारण बन सकता है। समय रहते सरकार व आरबीआई को जाग जाना चाहिए।

विद्वान और समाजसेवी थे डॉ. भीमराव आंबेडकर,

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डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर की अद्वितीय प्रतिभा अनुकरणीय है। वे एक मनीषी, योद्धा, नायक, विद्वान, दार्शनिक, वैज्ञानिक, समाजसेवी एवं धैर्यवान व्यक्तित्व के धनी थे। वे अनन्य कोटि के नेता थे, जिन्होंने अपना समस्त जीवन समग्र भारत की कल्याण कामना में उत्सर्ग कर दिया। खासकर भारत के 80 फीसदी दलित सामाजिक व आर्थिक तौर से अभिशप्त थे, उन्हें अभिशाप से मुक्ति दिलाना ही डॉ. आंबेडकर का जीवन संकल्प था।

 डॉ. भीमराव आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू में सूबेदार रामजी शकपाल एवं भीमाबाई की चौदहवीं संतान के रूप में हुआ था। उनके व्यक्तित्व में स्मरण शक्ति की प्रखरता, बुद्धिमत्ता, ईमानदारी, सच्चाई, नियमितता, दृढ़ता, प्रचंड संग्रामी स्वभाव का मणिकांचन मेल था।

 संयोगवश भीमराव सातारा गांव के एक ब्राह्मण शिक्षक को बेहद पसंद आए। वे अत्याचार और लांछन की तेज धूप में टुकड़ा भर बादल की तरह भीम के लिए मां के आंचल की छांव बन गए।

बाबा साहब ने कहा- वर्गहीन समाज गढ़ने से पहले समाज को जातिविहीन करना होगा। समाजवाद के बिना दलित-मेहनती इंसानों की आर्थिक मुक्ति संभव नहीं।
डॉ. आंबेडकर की रणभेरी गूंज उठी, ‘समाज को श्रेणीविहीन और वर्णविहीन करना होगा क्योंकि श्रेणी ने इंसान को दरिद्र और वर्ण ने इंसान को दलित बना दिया। जिनके पास कुछ भी नहीं है, वे लोग दरिद्र माने गए और जो लोग कुछ भी नहीं है वे दलित समझे जाते थे।’

बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ ने भीमराव आंबेडकर को मेधावी छात्र के नाते छात्रवृत्ति देकर 1913 में विदेश में उच्च शिक्षा के लिए भेज दिया।

अमेरिका में कोलंबिया विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, मानव विज्ञान, दर्शन और अर्थ नीति का गहन अध्ययन बाबा साहेब ने किया। वहां पर भारतीय समाज का अभिशाप और जन्मसूत्र से प्राप्त अस्पृश्यता की कालिख नहीं थी। इसलिए उन्होंने अमेरिका में एक नई दुनिया के दर्शन किए।

 डॉ. आंबेडकर ने अमेरिका में एक सेमिनार में ‘भारतीय जाति विभाजन’ पर अपना मशहूर शोध-पत्र पढ़ा, जिसमें उनके व्यक्तित्व की सर्वत्र प्रशंसा हुई।

 डॉ. आंबेडकर के अलावा भारतीय संविधान की रचना हेतु कोई अन्य विशेषज्ञ भारत में नहीं था। अतः सर्वसम्मति से डॉ. आंबेडकर को संविधान सभा की प्रारूपण समिति का अध्यक्ष चुना गया। 26 नवंबर 1949 को डॉ. आंबेडकर द्वारा रचित (315 अनुच्छेद का) संविधान पारित किया गया।

आंबेडकर मधुमेह से पीड़ित थे। 6 दिसंबर 1956 को उनकी मृत्यु दिल्ली में नींद के दौरान उनके घर में हो गई। 1990 में उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

डॉ. आंबेडकर का लक्ष्य था- ‘सामाजिक असमानता दूर करके दलितों के मानवाधिकार की प्रतिष्ठा करना।’ डॉ. आंबेडकर ने गहन-गंभीर आवाज में सावधान किया था, ’26 जनवरी 1950 को हम परस्पर विरोधी जीवन में प्रवेश कर रहे हैं। हमारे राजनीतिक क्षेत्र में समानता रहेगी किंतु सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में असमानता रहेगी। जल्द से जल्द हमें इस परस्पर विरोधता को दूर करना होगी।

एकनाथ शिंदे का ट्वीट -बालासाहेब ने हमें हिंदुत्व सिखाया

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महाराष्ट्र में सियासी भूचाल आने के बाद अब उद्धव ठाकरे की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि MLC चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद मंत्री और शिवसेना के सीनियर नेता एकनाथ शिंदे सूरत चले गए हैं। जिसके बाद महाराष्ट्र से गायब होने के बाद एकनाथ शिंदे का पहला ट्वीट सामने आया.

शिंदे ने ट्वीट में कहा कि हम सत्ता के लिए कभी धोखा नहीं देंगे और बाल ठाकरे से मिली सीख को कभी नहीं त्यागेंगे। शिंदे ने कहा कि हम सच्चे शिव सैनिक हैं।