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लगनशील ऊर्जावान अभिनेत्री हैं अनु कश्यप

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मुकेश खन्ना के सुपरहिट धारावाहिक ‘शक्तिमान’ में तिमिरा की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री अनु कश्यप दो दक्षिण भारतीय फिल्मों में नज़र आएंगी, साथ ही आगामी म्यूजिक एलबम के गीत ‘फासले कम’ से पुनः अभिनय में नई पारी की शुरुआत कर रही हैं। यह एलबम जल्द ही दर्शकों और श्रोताओं तक पहुंच जाएगा। इसके अलावा वह कुछ वेब सिरीज़ और कई एलबम में अपना जलवा दिखाएंगी।

अनु कश्यप अभिनय जगत का कोई नया चेहरा नहीं बल्कि जाना माना चेहरा है जिसका जुनून ही है बेहतर अभिनय करना।
लगभग सत्रह फिल्मों, कई धारावाहिकों और म्यूजिक वीडियो में वह अभिनय कर चुकी हैं। इनकी प्रसिद्ध धारावाहिक हैं ‘शक्तिमान, द्रौपदी और ये कैसी उलझन’। ‘नाच नाच यार मनवा नी’ और ‘ओ मेरे राजा’ एलबम में अनु काम कर चुकी है। ओ मेरे राजा गीत देवानंद की फ़िल्म जानी मेरा नाम का ही रिमेक गीत है।


अनु कश्यप ने कई दिग्गज अभिनेताओं के साथ काम किया है जिनमें धर्मेंद्र, मिथुन चक्रवर्ती, शक्ति कपूर, जानी लीवर, मुश्ताक खान, अनिल धवन का नाम प्रमुख है। इन्होंने फ़िल्म ‘यीशु पालन हार’ नाम की फ़िल्म का निर्माण भी किया है।
अमिताभ बच्चन और माधुरी की तरह वह जीवन के अंतिम पड़ाव तक कार्य करते रहना चाहती हैं। हालांकि अनु कुछ वक्त के लिए विदेश चली गयी थी मगर अभिनय के प्रति प्रेम ने वापस इन्हें मायानगरी की ओर खींच लिया।


इनकी अभिनय में दूसरी पारी धमाकेदार होगी। इनके पर्दे पर अभिनय का जौहर दिखाने का इंतेज़ार दर्शकों को भी रहेगा। अनु को वीमेन ओरिएंटेड फिल्में करने की इच्छा है। हिन्दू देवियों की भूमिका करने की इनकी गहन आकांक्षा है। भविष्य में माँ कामाक्षी की भूमिका करना इनके जीवन का उद्देश्य है। हिन्दू देवियों की भूमिका करना इन्हें इसलिए पसंद है क्यूँकि वह शक्ति का प्रतीक होती हैं। ऐसी ही शक्तिशाली महिला का किरदार वह निभाना चाहती हैं। जैसे फ़िल्म ‘मर्दानी’ में रानी मुखर्जी, ‘मॉम’ में श्रीदेवी और हाल ही रिलीज फ़िल्म केजीएफ 2 में रवीना टंडन का किरदार।
अभिनय इनका जुनून है व इनकी ऊर्जा का स्रोत है। अभिनय के समय इनका जोश और ऊर्जा देखकर फ़िल्म स्टार धर्मेंद्र ने इनकी सराहना की थी। मिथुन दा भी इनके अभिनय के प्रति प्रेम, लगन और इनकी ऊर्जा को देख इनकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए थे।
फ़िल्म के साथ ही सामाजिक कार्यों में इनका योगदान रहता है। अनु एनजीओ से जुड़ी हैं और ह्यूमन राइट्स की आल महिला रिसर्च की अध्यक्ष है। महिला और बच्चों से जुड़े सभी कार्यों को देखती और उनका निराकरण और सहायता करती है। साथ ही एचआईवी पीड़ितों की सहायतार्थ कार्य करती हैं।
अनु कश्यप ने अभिनय को अपने जीवन का अंग माना है और आज भी शूटिंग के समय इनकी ऊर्जा देखने योग्य रहती है। अभिनय की कला इनमें पैदायशी ही है। फिर भी इन्होंने अभिनय में निखार लाने के लिए अभिनय की बारीकियों को सीखा है। गणेश नागपाल से एक्टिंग का कोर्स किया। फ़िल्म से कुछ वक्त का ब्रेक लेने के बाद भी इनकी अभिनय से दूरी नहीं रही टिकटोक वीडियो के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन करती रही।

– गायत्री साहू

बचपन से फिल्मों के प्रति दीवानगी है : इंद्राणी तालुकदार

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अगर मौका मिले तो शर्मिला टैगोर की फिल्म ‘मौसम’ के रीमेक में शर्मिला टैगोर का किरदार निभाऊंगी, इंद्राणी तालुकदार का यही सपना है। बेहद सुंदर, समझदार और उच्चशिक्षित अभिनेत्री हैं इंद्राणी। वह तन्मय सेन गुप्ता की एक गुजराती फिल्म में अश्मित पटेल के साथ मुख्य भूमिका निभा रही हैं।


महिला प्रधान फिल्में या ऐसा कोई भी पात्र जिसमें अपनी अभिनय कला को प्रदर्शित करने का मौका मिले यह मौका इंद्राणी कभी नहीं चुकेगी।
असम के गोवाहाटी की रहने वाली इंद्राणी ने वकालत में डिग्री हासिल की है तथा दिल्ली और मुम्बई में उच्च शिक्षा प्राप्त की। बचपन से फिल्मों के प्रति दीवानगी थी, अभिनय का जुनून आगे बढ़ा और अपने दोस्तों के साथ उन्हेंने अभिनय क्षेत्र में आने के लिए स्क्रीन टेस्ट दिया जिसमें वह सलेक्ट हो गयी। अपनी शिक्षा पूर्ण कर अभिनय जगत में पैर रखा फिर पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। जन्मजात सौंदर्य की मल्लिका तो वह थी ही साथ में अपनी अभिनय को निखार कामयाबी की ओर बढ़ रही हैं।
इंद्राणी एक शिक्षित परिवार से हैं उनके परिवार में फिल्मी दुनिया से कोई नहीं था। अभिनय के प्रति प्रेम के कारण उनका झुकाव फिल्मों की ओर हुआ और अपनी मेहनत से उन्हें यह मौका भी मिला।


छोटे पैमाने की फिल्मों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए, वह विभिन्न भाषाओं की क्षेत्रीय फिल्मों में काम करती हैं। अब तक उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, असमिया, मगही और भोजपुरी फिल्मों में अभिनय किया है। वह विभिन्न फिल्मों में आइटम गाने करने के लिए क्षेत्रीय फिल्मों में भी एक लोकप्रिय पसंद है। उन्होंने मजनूगिरी, इज्जत, देवेन मिसिर और एन एसिड अटैक केस जैसी कई फिल्मों में अभिनय किया है।
भोजपुरी फिल्म ‘देवेन मिसिर’ में उनके काम के लिए भी जाना जाता है जो 2018 में रिलीज़ हुई। इंद्राणी के सबसे लोकप्रिय प्रदर्शनों में से एक फिल्म ‘लतीफ’ थी जिसमें उन्होंने नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ अभिनय किया था। यह फिल्म वर्ष 2015 में रिलीज़ हुई थी, और समीक्षकों द्वारा सराही गई एक फिल्म थी। ‘फ्रेंड्स फॉरएवर’ और ‘हॉरर लव स्टोरी’ ये दो फिल्में हैं जिनमें इंद्राणी को भूमिकाएं मिली हैं। साथ ही वह फिल्म ‘अपरिचित शक्ति’ में राजपाल यादव के साथ काम की हैं जो कि एक साइकोलॉजिकल ड्रामा है।


वह फिल्म ‘खंडाला नाइट्स’ में भी अभिनय कर चुकी हैं। साथ ही कई रिजिनल फ़िल्में इंद्राणी कर रही हैं जिनमें दक्षिण भारतीय फिल्म भी शामिल है।
इनकी फ़िल्म ‘एन एसिड अटैक केस’ बारह फ़िल्म फेस्टिवल अवार्ड से सम्मानित हो चुकी है। फिल्मों के अलावा यह आइटम गीत और एलबम में भी काम करती है। इनका नया एलबम ‘चोली में जहर है’ जल्द रिलीज़ होने वाली है।
इंद्राणी कई अवॉर्ड से सम्मानित हो चुकी है। दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और हाल ही में सिनेमा आजतक अवार्ड समारोह में उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार मिल चुका है।
इंद्राणी के पसंदीदा अभिनेता अमिताभ बच्चन और सलमान खान हैं जिनके साथ काम करने को लेकर उत्सुक हैं।
इंद्राणी को ‘ब्लैक’ फ़िल्म में रानी मुखर्जी जैसी भूमिका करना पसंद है। रेखा, माधुरी दीक्षित, आलिया और प्रियंका की अदाकारी उन्हें अच्छी लगती है।


अभिनय के अलावा इंद्राणी धार्मिक प्रवृत्ति की है। यह योगा, ध्यान, नृत्य के साथ साथ लोक सेवा करना अपना धर्म समझती हैं। इनका कहना है कि लोगों की सहायता करने की कोई उम्र नहीं होती यह कार्य हमेशा करते रहना चाहिए। जहाँ लगे वहाँ दूसरों की सहायता के लिए कदम बढ़ाओ। इंद्राणी स्वयं महिला और बच्चों की सहायता के लिए आगे रहती हैं। महिला और बच्चों के शोषण और उत्पीड़न के मामले में उनकी हितार्थ कार्य करती है। कोविड में असहाय लोगों की सहायता, जरूरमंदों की सहायता आदि कार्य करती है। उनमें जागरूकता लाने हेतु भी कैम्पेनिंग करती है।
इंद्राणी शिक्षा के महत्व को समझती हैं। उनका कहना है कि आप अपना करियर भले जिस क्षेत्र में बनाये लेकिन अपनी शिक्षा पहले पूर्ण करें। किसी भी कार्य को करने में संयम और धैर्य जरूरी है। कोई वस्तु तुरंत नहीं मिलती उस तक पहुंचने के लिए मार्ग बनाना पड़ता है अर्थात मेहनत और अभ्यास जरूरी है।

– गायत्री साहू

केले के पेड़ में लकड़ी नहीं तो क्या, बुरहानपुर के मेहुल ने इनके तनों से धागे निकालने की फैक्ट्री लगाई; 30 लाख सालाना कमाई

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केले के बेकार तनों के ढेर को आपने जरूर देखा होगा। अगर आपसे कहा जाए कि ये तने बेकार नहीं है, इनसे लाखों का कारोबार खड़ा किया जा सकता है तो आपको थोड़ा अजीब लगेगा। शायद यकीन नहीं होगा। हमें भी कुछ ऐसा ही लगा। इसलिए इसकी पड़ताल करने पहुंच गए बुरहानपुर। वही बुरहानपुर जो मध्य प्रदेश के ‘बनाना शहर’ के रूप में फेमस है।

भोपाल से करीब 340 किलोमीटर दूर स्थित बुरहानपुर शहर से 5-7 किलोमीटर भीतर गांवों की ओर बढ़ने पर दोनों तरफ सिर्फ केले के खेत ही नजर आते हैं। जिले की करीब 22 हजार हेक्टेयर जमीन पर केले की खेती होती है।
सुबह 10 बजे का वक्त है। कैलाश कुशवाहा और दिलीप कुशवाहा हाथ में धारदार बक्खी (हसुआ जैसा काटने वाला औजार) लिए केले के तने काट रहे हैं। ये वो तने हैं जिससे केला काटा जा चुका है। इन तने को काटकर कैलाश-दिलीप खेत के बीचो-बीच बने एक मेढ़ पर इकट्ठा करते हैं और फिर मेहुल श्रॉफ अपने लोगों को भेजकर इन तनों को अपनी यूनिट में मंगवा लेते हैं।

पहले पैसे देकर हटवाने पड़ते थे खेतों से केले के बेकार तने

दरअसल, बुरहानपुर के मेहुल श्रॉफ केले के तने से फाइबर बनाते हैं, इसे Banana Fiber कहते है। इस इलाके के किसान जब अपना फसल काट लेते हैं तो मेहुल को इंफॉर्म करते हैं। मेहुल इन खेतों से ट्रैक्टर पर केले के तने को लादकर अपने यूनिट तक ले आते हैं।

भाऊलाल कुशवाहा साल 2000 से केले की खेती कर रहे हैं। वो कहते हैं, पहले केला काटने के बाद मजदूरों से केले के तनों को हटवाना पड़ता था। इसे या तो किसी गड्ढे में डंप करवाता था या सड़ने के लिए फेंक देता था। 3 रुपए प्रति केले के तने की कटाई के हिसाब से मजदूरी देनी होती थी। लेकिन, अब मुझे ऐसा नहीं करना पड़ता है।

साल 2018 से मेहुल श्रॉफ Banana Fiber बना रहे हैं। वो अपने आइडिया को लेकर बताते हैं, परिवार का ज्वेलरी बिजनेस है। पुणे से मार्केटिंग में MBA करने के दौरान ही मन बना लिया था कि मुझे फैमिली बिजनेस नहीं करना है। रिसर्च में काफी दिलचस्पी थी। 2016 में पढ़ाई कंप्लीट होने के बाद कुछ साल रिसर्च की कि मैं क्या कर सकता हूं?

मेहुल ने तिरुचिरापल्ली में Banana Fibre बनाने की ट्रेनिंग ली

मेहुल ने कई एंटरप्रेन्योर से मुलाकात की। वो कहते हैं, जब मैं अलग-अलग इंडस्ट्री को लेकर रिसर्च कर रहा था तो देखा कि बनाना फ्रूट पर तो काम हुआ है, लेकिन इसके तने को लेकर हमने अभी उतना एक्सप्लोर नहीं किया है। पढ़े-लिखे लोग एग्री सेक्टर में आना भी नहीं चाहते हैं।

मेरे शहर में केले की खेती सबसे ज्यादा होती है। एक बार गुजरात की नवसारी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की टीम शहर आई थी, उन्होंने Banana Fiber को लेकर और अधिक जानकारी दी।

मेहुल इस आइडिया के पीछे का एक और किस्सा भी बताते हैं। कहते हैं, शहर के तत्कालीन डीएम से मैंने मुलाकात की थी। उनसे कहा कि कुछ अपना अलग स्टार्टअप शुरू करना चाहता हूं। उन्होंने सुझाव दिया- अपने जिले में मैं क्या-क्या कर सकता हूं? इस पर स्टडी करूं…। यहां से मैंने Banana Fiber बनाने का प्लान तैयार किया।

मेहुल कहते हैं, मार्केट मॉडल और इसके पीछे की पूरी कहानी समझने के लिए तिरुचिरापल्ली के नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर बनाना से ट्रेनिंग ली, जो पहले से Banana Fruit और स्टेम यानी केले के तने पर काम कर रहे थे। साउथ इंडिया में इस पर ज्यादा काम हो रहा है। जो लोग पहले से Banana Fiber यूनिट चला रहे थे, उनसे भी पूरे काम को समझा।

आइडिया को एक्जीक्यूट करना मेहुल के लिए मुश्किल था क्योंकि यह मार्केट किसानों पर टिका हुआ है। मेहुल शुरुआत की एक बात बताते हैं। कहते हैं, जब यूनिट सेटअप किया और किसानों को इसके बारे में बताया तो उनका कहना था कि उन्हें भी इसके बदले कुछ पेमेंट मिलना चाहिए। अभी भी ये दिक्कतें आती है।

हमने उन्हें समझाया कि फ्री ऑफ कॉस्ट वो उनके खेतों का कचड़ा साफ कर रहे हैं। यदि वो पेमेंट करेंगे तो फाइबर का कॉस्ट और ज्यादा हो जाएगा। प्लास्टिक को रिप्लेस करने के लिए फाइबर से बने प्रोडक्ट की कीमत कम होनी चाहिए, ताकि सभी लोग खरीद पाएं। केले के तने को लेकर मेहुल एक और दिलचस्प बात बताते हैं। कहते हैं, केला का तना जितना कच्चा होगा, फाइबर की क्वालिटी उतनी अच्छी होती है। वो मुलायम अधिक होता है। जब आंधी-तूफान में केले की फसल को नुकसान होता है तो उन्हें इसका फायदा मिलता है।

जिन इलाकों में केले की खेती होती है, वहां यूनिट लगाना फायदेमंद

मेहुल के Banana Fiber यूनिट के एक कोने में लगे मशीन पर नर्सिंग काम कर रहे हैं। वो इस मशीन में केले के तने के हिस्से को डालते हैं और फिर वह हिस्सा रेशा यानी फाइबर बनकर बाहर निकल आता है। दरअसल, यह रास्पाडोर एक्सट्रैक्टर मशीन है। इसकी कीमत 1 लाख रुपए के करीब है।

मेहुल के मुताबिक इसकी यूनिट वहीं पर लगाई जा सकती है जिन इलाकों में केले की उपज ज्यादा होती हो। वो कहते हैं, यदि किसी इलाके में यूनिट है और केले की उपज नहीं है तो यह स्टार्टअप मुश्किल है।

नर्सिंग जो भींगे रेशे मशीन से तैयार कर रहे हैं, उसे वैशाली उठाकर बंधे लोहे के तार पर सुखाती हैं। कुछ घंटे बाद वो इसे उलट-पलट करती हैं और शाम तक इसे उतारकर, बांधकर यूनिट के भीतर ले आती हैं। वो कहती हैं, धूप यदि कड़क हो तो 6 घंटे में रेशा सुख जाता है।

खेत से केले के तने लाने और फिर अपने यूनिट में इससे फाइबर बनाने के प्रोसेस को लेकर मेहुल बताते हैं- जब किसान केले के फल की कटाई कर लेते हैं तो हम केले के तने को ट्रांसपोर्ट कर यूनिट में ले आते हैं। उसके ऊपरी हिस्से को साफ करने के बाद तने को छिला जाता है यानी अलग-अलग कर दिया जाता है।

मेहुल हर महीने 3 से 5 टन तैयार करते हैं Banana Fibre

इसे कुछ घंटो के लिए धूप में रखा जाता है। फिर मशीन से रेशे और लिक्विड को अलग-अलग कर दिया जाता है। जब लिक्विड अलग हो जाता है तो यह भीगे हुए धागे की तरह होता है। इसे सुखाने के बाद सफाई की जाती है। फिर फ्रेश फाइबर तैयार हो जाता है। इंडस्ट्री को सप्लाई करने के लिए बड़े लंबे आकार में गठरी की तरह बांधा जाता है।

एक केले के तने से 100 ग्राम फाइबर तैयार होता है यानी 10 केले के तने से एक किलो फाइबर बनता है। Banana Fiber यूनिट को सेट करने के लिए शुरुआत में करीब 3 लाख रुपए की जरूरत होती है।

मेहुल हर महीने 3 से 5 टन यानी 30 क्विंटल से 50 क्विंटल तक फाइबर तैयार कर रहे हैं और सालाना 30 लाख का टर्नओवर कर रहे हैं। वो इन फाइबर्स को उन घरेलू महिलाओं को भी सप्लाई करते हैं जो हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट बनाती हैं। इससे घरों की सजावट के लिए प्लांटेड डिब्बा, रस्सी, बैग, पूजा घर के लिए झाड़ू, योग करने वाली चटाई, पूजा करने वाली चटाई, वॉल घड़ी आदी प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं।फाइबर के टाइप को लेकर मेहुल बताते हैं, जो मोटे फाइबर होते हैं वो पेपर इंडस्ट्री को जाता है। फ्रेश और पतले फाइबर को हम सैनिटरी नैपकिन, टेक्सटाइल इंडस्ट्री, मैट इंडस्ट्री को सप्लाई करते हैं।

गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों में करते हैं Banana Fibre की सप्लाई

कपड़ों में 10 से 15% ही Banana Fiber का इस्तेमाल होता है। क्योंकि, कॉटन के मुकाबले यह थोड़ा भारी होता है। अभी गुजरात, महाराष्ट्र और साउथ में फाइबर की सप्लाई कर रहे हैं। Banana Fiber का मार्केट कॉस्ट 100 से 120 रुपए प्रति किलो है। ऐसे में जो घरेलू प्रोडक्ट्स बनते हैं उनका कॉस्ट 500 से 2,000 रुपए तक का आता है। 6 महिला और 4 पुरुष समेत कुल 10 लोगों को मेहुल डायरेक्ट जॉब दे रहे हैं, जबकि 50 से 70 महिलाएं हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट बनाकर हर महीने 4,000 रुपए तक की कमाई कर रही हैं। इनके प्रोडक्ट्स की मार्केट सप्लाई मेहुल ही करते हैं। मेहुल अब बनाना स्टेम से फर्टिलाइजर बनाने को लेकर काम कर रहे हैं। उनके साथ कोर टीम में 4 लोग काम कर रहे हैं, जो पूरे बिजनेस की ब्रांडिंग से लेकर मार्केटिंग तक का काम संभालते हैं।

उद्घाटन के बाद जब नए टनल में कचरे पर पड़ी नरेंद्र मोदी की निगाह,

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दिल्ली में प्रगति मैदान टनल के निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वहां सामने कचरा मिला। उन्होंने उसे फौरन खुद उठाया और लेकर आगे चल दिए। पीएम ने बाद में उसे डस्टबिन में फेंका।

दरअसल, पीएम ने रविवार (19 जून, 2022) को आईटीपीओ सुरंग के तहत प्रगति मैदान में एकीकृत ट्रांजिट कॉरिडोर परियोजना (Pragati Maidan Integrated Transit Corridor) की मुख्य सुरंग और पांच अंडरपास का उद्घाटन किया। पीएम इसके बाद टनल में खुद मुआयना करने पहुंचे, जहां सड़क किनारे उनकी नजर गुटखेनुमा छोटे से टुकड़े पर जा पड़ी। उन्होंने उसे देखते ही फौरन उठाया और आगे लेकर चल दिए। बाद में वहां उन्हें एक खाली बोतल भी मिली, जिसे उन्होंने बाद में कूड़ेदान में जाकर फेंका।

टनल का उद्घाटन करते हुए कहा कि आज दिल्ली को केंद्र सरकार की तरफ से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का बहुत सुंदर उपहार मिला है। इतने कम समय में एकीकृत ट्रांजिट कॉरिडोर को तैयार करना आसान नहीं था। जिन सड़कों के इर्द-गिर्द ये कॉरिडोर बना है वो दिल्ली की सबसे व्यस्ततम सड़कों में से एक है। लेकिन, यह नया भारत है। समस्याओं का समाधान भी करता है, नए संकल्प भी लेता है और उन संकल्पों को सिद्ध करने के लिए प्रयास भी करता है।

देश की राजधानी में विश्व स्तरीय कार्यक्रमों के लिए स्टेट ऑफ आर्ट सुविधाएं हों, एक्जीबिशन हॉल हों, इसके लिए भारत सरकार निरंतर काम कर रही है। दिल्ली-एनसीआर की समस्याओं के समाधान के लिए बीते 8 सालों में हमने अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। बीते 8 सालों में दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो सेवा का दायरा 193 किलोमीटर से करीब 400 किलोमीटर तक पहुंच चुका है। इस दौरान उन्होंने दिल्ली के लोगों से अपनी 10 फीसदी यात्राएं मेट्रो से करने की अपील भी की।

प्रगति मैदान टनल बनने के बाद आईटीओ, मथुरा रोड, भौरो मार्ग से रोजाना गुजरने वाली करीब 1.50 लाख लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। इस सुरंग को बनाने में 900 करोड़ रुपए से अधिक की लागत आई है, इसे आधुनिक बनाने के साथ ही सौन्दर्यीकरण के लिए बड़ी वॉल पेंटिंग बनाई गई है।

SSAN MUSIC ला रहा है ” इश्क़ की राह पे ” रेखा राव ,अनारा गुप्ता और कुमार गौतम का बेजोड़ म्यूजिक वीडियो

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रोमांटिक गीतों का दौर हमेशा रहा है , जब भी आप की आत्मा को छू लेने वाले गीत आते है तो आते ही सुनने वालो के दिलो पर राज़ करने लगते है। बहुचर्चित सिने अभिनेत्री और कुमार गौतम के अभिनय से सराबोर एक रोमांटिक म्यूजिक एल्बम ” इश्क़ की राह पे ” जिसे सुप्रसिद्ध फिल्म प्लेबैक सिंगर रेखा राव ने अपनी मधुर आवाज़ से सजाया है जल्द ही रिलीज़ होने जा रहा है।

संगीत के क्षेत्र में बड़ी तेजी के साथ अपनी पहचान बनने में सफलता की सीढ़ियों को चढ़ते हुए म्यूजिक कंपनी SSAN MUSIC सान म्यूजिक इस मधुर कर्ण प्रिय म्यूजिक वीडियो को रिलीज़ करने जा रही है।

सिंगर रेखा राव व्यवहार में नम्रता , व्यक्तित्व में आकर्षण और कंठ में कोयल जैसी खनक रखती है। राजस्थानी गीतों की सुपर सिंगर ,मखमली आवाज से हिन्दी और भोजपुरी सहित कई भाषाओं को समृद्ध करने वाली गायिका रेखा राव अब तक हजारों गीतों को अपना स्वर दे चुकी हैं। अब तक उनके १५०० से ज्यादा गीत रिलीज हो चुके हैं।

रेखा राव की आवाज इतनी मार्मिक है की उसे सुनकर पामेला चौपडा रों पडी थी., रेखा राव के पिता जान माने सिंगर और संगीतकार थे, रेखा राव ने भी उनसे ही गायिकी की तालीम ली. उनके पिता तेजकरण राव सुर सिंगर संसद से सुरमणि पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं . रेखा राव बचपन से ही आशाजी, लता जी, मदन मोहन जी और रविन्द्र जैन की फैन हैं।

” इश्क़ की राह पे ” उनका यह म्यूजिक वीडियो बहुत ही अच्छा बना है जिसमे खुद रेखा राव , अनारा गुप्ता और कुमार गौतम ने अभिनय किया है।
मिस जम्मू रह चुकी अनारा गुप्ता ने बॉलीवुड में बहुत सी फिल्मो में लीड रोल निभाया है , हमेशा से चर्चा में रहने वाली अनारा गुप्ता भी इस म्यूजिक वीडियो को ले कर उत्साहित है , उन्होंने कुमार गौतम के साथ बहुत अच्छा अभिनय किया है दोनों की जोड़ी कमाल की लगती है।

कुमार गौतम एक अच्छे सधे हुए अभिनेता है वे इनदिनों फिल्मो में बहुत बिज़ी है और कई बड़े प्रोजेक्ट कर रहे है। इससे पहले भी उनके कई म्यूजिक वीडियो आ चुके है। म्यूजिक एल्बम ” इश्क़ की राह पे ” में कुमार ने जिस का परिचय दिया है।

” इश्क़ की राह पे ” SSAN MUSIC से रिलीज हो रहा है इस के प्रोमो को अच्छा दर्शको का प्रतिसाद मिल रहा है। इस म्यूजिक वीडियो में गीत और संगीत कौशल किशोर का है , म्यूजिक अरेंजर अरबिंदा नेओग है , कैमरामैन उत्तम धकले और निर्देशन सचिन प्रभाकर कारंडे ने किया है। ऑडियो मिक्स एंड मास्टरिंग डीप गोश्वामी ने किया है कस्टूम डिज़ाइनर लबले हीना बाफना ने किया है।

SSAN MUSIC कंपनी के संजय अमान ने बताया कि ” इश्क़ की राह पे ‘ म्यूजिक वीडियो बहुत अच्छा बना है , आप सभी के सहयोग से हम यहाँ तक पहुंचे है। ज्ञात हो कि अभी हाल ही में SSAN MUSIC कंपनी ने म्यूजिक वीडियो ” तेरी आशिकी में ” का एक मिलियन व्यूज होने पर बड़ा सेलिब्रेशन किया था साथ ही अभी हाल ही में म्यूजिक वीडियो ” तेरा ज़िक्र ” को भी लॉन्च किया। SSAN MUSIC कंपनी ने वर्ष २०२२ में ५०० से भी अधिक गीतों को रीलिज और प्रोडक्शन करने का लक्ष्य रखा है।

मोदी जी शिव के परम भक्त हैं – पूर्वानुमान है कि वे 2024 में भी जरूर प्रधानमंत्री बनेंगे -ज्योतिष व अंक शास्त्री नीलू कुमार

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 परफेक्ट वूमन पत्रिका के द्वारा परफेक्ट एचिवर अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने के बाद मुंबई मायानगरी में नीलू कुमार का नाम बतौर ज्योतिष व अंक शास्त्री तेजी से उभर कर सामने आया है। नीलू यूं तो बिहार की रहने वाली है मगर कई वर्षो से मुंबई में रह रही है और ज्योतिष व अंक शास्त्र के क्षेत्र में एक्टिव रहते हुए कुछ वर्षों से लोगों की कुंडली देखकर कुंडली के आधार पर उनका मार्गदर्शन कर रही हैं इनके पूर्वानुमान एकदम सटीक पाए जा रहे हैं और यही वजह है कि यह एक परफेक्ट ज्योतिष और अंक शास्त्री के रूप में अपने प्रतिभा के बदौलत चर्चित हो गई हैं।

ज्योतिष व अंक शास्त्री नीलू कुमार
कोरोना काल में नीलू ने लोगों की कुंडली देखकर मुफ्त में उनका मार्गदर्शन किया। नीलू सामने वाले का भूतकाल वर्तमान तो बताती है साथ ही उनका भविष्य उज्जवल हो उसके लिए कुछ सरल उपाय भी बताती है। यही कारण है कि कुछ ही समय में नीलू से मार्गदर्शन लेने वालों की लंबी लिस्ट बन गई है। जिनमें मध्यम वर्ग के लोगों के साथ बिल्डर, व्यवसायी, पत्रकार, फिल्म टीवी कलाकार भी शामिल है।
सीधी सरल हंसमुख नीलू ज्योतिष शास्त्र व अंक शास्त्र के विषय में पत्र-पत्रिकाओं में लिखती भी है इनका मानना है कि जिस तरह ज्योतिष शास्त्र हमारे जीवन से जुड़ा है वही अंकशास्त्र भी मायने रखता है मैंने बहुत सारे लोगों को नाम की स्पेलिंग बदलने की राय दी और उन सबको सकारात्मक परिणाम मिले। नीलू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राजनेताओं व अभिनेताओं की कुंडली का भी अध्ययन किया है, नीलू बताती है कि सुपरस्टार बिग बी अमिताभ बच्चन को भी एक समय ग्रहों ने घेर लिया था तब उन्हें भी ग्रहों की चाल को समझना पड़ा था। यहां तक कि सलमान खान जैसे स्टार भी हमेशा अपना लकी ब्रेसलेट हमेशा पहने रखते हैं सलमान ने जो पहना है वह  फ़िरोज़ा है जो उनके भाग्य को बढ़ाता है।
जहां तक मोदी जी की बात करें तो मोदी जी शिव के परम भक्त हैं वे उनकी सच्ची मन से पूजा करते हैं, उनकी जन्म कुंडली में शिव योग दर्शित है, शिव की कृपा से ही वे प्रधानमंत्री बने और अभी तक कायम है और मेरा पूर्वानुमान है कि वे 2024 में भी जरूर प्रधानमंत्री बनेंगे।
SSAN MUSIC Release New Song Must Watch
https://www.youtube.com/watch?v=2YaI8GRWKcM

यूरोप में भारत के आमों को बढ़ावा दे रहे पीयूष गोयल, किया मैंगो फेस्टिवल का आयोजन

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भारत के स्वादिष्ट व रसीले आमों को यूरोपीय देशों के बाजारों में भी बड़े पैमाने पर पहुंचाने के प्रयास तेज हो गए हैं। इस बाजार में भारतीय आमों को बढ़ावा देने के इरादे से बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में ‘मैंगो फेस्टिवल’ का आयोजन किया गया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को इसका शुभारंभ किया। अभी बेल्जियम में आम लैटिन अमेरिकी देशों से पहुंचते हैं।

इस मौके पर गोयल ने यूरोपीय संघ व भारत के बीच मुक्त व्यापार वार्ता (एफटीए) का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी शुरुआत ‘मैंगो मैनिया’ के साथ ही हुई थी। हालांकि, एफटीए को 2013 में रोक दिया गया था, हमने अब फिर से ये पहल की है। यह वार्ता औपचारिक रूप से फिर से शुरू की जाएगी।

भारत से आम का बड़े पैमाने पर निर्यात होता है, लेकिन यह खासकर मध्य पूर्व व अरब देशों में ही जाता है। बेल्जियम, लक्जबर्ग व यूरोपीय संघ EU के भारतीय राजदूत संतोष झा का कहना है कि यहां के बाजार में भारतीय आमों के लिए अपार संभावना है।

झा ने कहा कि बेल्जियम में पहले मैंगो फेस्टिवल के आयोजन का उद्देश्य लोगों को इसका स्वाद चखना है। बेल्जियम को यूरोप की राजधानी माना जाता है। यहां ईयू के सभी संगठनों के दफ्तर हैं। इसके शुभारंभ के मौके पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का मौजूद रहना सुखद संयोग है। मुझे इस बात की खास खुशी है कि मैंगो फेस्टिवल में प्रदर्शित किए गए अधिकांश आम मेरे गृह राज्य बिहार के हैं। मैंने भी कई सालों बाद इनका लुत्फ लिया है।

भारतीय दूतावास में कृषि व मरीन उत्पादों की सलाहकार डॉ. स्मिता सिरोही ने बताया कि यूरोप में ब्रिटेन व जर्मनी में भारतीय बाजार हैं। बेल्जियम में मैंगो फेस्टिवल आयोजित करने का विचार यूरोपीय बाजारों में भारतीय आमों को प्रदर्शित करना है। बेल्जियम में ज्यादातर आम लैटिन अमेरिकी देशों से आ रहे हैं।

सात किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए;

ब्रुसेल्स में आयोजित आम प्रदर्शनी में भारतीय आमों की सात किस्मों को प्रदर्शित किया गया है। आंध्र प्रदेश के बंगनपल्ली, उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद दशहरी, ओडिशा के आम्रपाली, के अलावा लक्ष्मण भोग, हिमसागर, जर्दालु आम, लंगड़ा आम और 12 जीआई-टैग उत्पाद पेश किए गए हैं।

धोए पैर और लिया आशीर्वाद, मां हीराबेन के 100वें जन्मदिन पर यूं नजर आए पीएम नरेंद्र मोदी

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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन 18 जून 2022 को सौ साल की हो गईं। हर साल की तरह इस साल भी मां के जन्मदिन पर पीएम उनसे मिलने गांधीनगर पहुंचे। मां के जन्मदिन पर उनसे मुलाकात की कुछ तस्वीरें प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया में पोस्ट की हैं।

मां हीराबेन के 100वें जन्मदिन पर मिलने पहुंचे पीएम मोदी ने शॉल गिफ्ट किया और उनके पैर पखारे। पीएम मोदी ने मां हीराबेन से मुलाकात की तस्वीरें अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से साझा भी कीं, जिसपर यूजर्स की तरफ से ढेरों प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। पीएम मोदी ने कहा, “मां, ये सिर्फ एक शब्द नहीं है, जीवन की वो भावना है, जिसमें स्नेह, धैर्य, विश्वास, कितना कुछ समाया है। मेरी मां, हीराबा आज 18 जून को अपने सौवें वर्ष में प्रवेश कर रही हैं, उनका जन्म शताब्दी वर्ष प्रारंभ हो रहा है। मैं अपनी खुशी और सौभाग्य साझा कर रहा हूं।”

शनिवार सुबह अपनी मां का आशीर्वाद लेने के बाद पीएम मोदी पावागढ़ के महाकाली मंदिर पर ध्वज लहराएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी वडोदरा में 21 हजार करोड़ की खेड़ा, आणंद, वडोदरा पंचमहल और छोटा उदयपुर जिले में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

पीएम मोदी हेरिटेज फॉरेस्ट में यात्रा करेंगे और इसके बाद वे वडोदरा में 12 बजे गुजरात गौरव अभियान में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी द्वारा शुरू की जाने वाली परियोजनाओं में रेलवे की 16,000 करोड़ रु की परियोजनाएं भी शामिल हैं। इस दौरे पर पीएम मोदी प्रधानमंत्री आवास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे या 1,41,000 परिवारों के लिए आवास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं में कुपोषण से निपटने के लिए मुख्यमंत्री मातृ शक्ति योजना भी शुरू करेंगे।

आदिवासी बहुल तहसीलों में ‘पोषण सुधा योजना’ शुरू करेंगे। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को अधिक पोषण उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने प्रायोगिक स्तर पर दाहोद, वलसाड, महीसागर, छोटा उदयपुर और नर्मदा सहित 5 आदिवासी बहुल जिलों की 10 तहसीलों में ‘पोषण सुधा योजना’ लागू की थी, जिसका विस्तार किया जाएगा और सभी 14 आदिवासी बहुल जिलों की 106 तहसीलों को इसके अंतर्गत शामिल किया जाएगा।

DIGITAL INDIA IN EUROPEAN CONTINENT,NPCI to launch UPI RuPay Cards in France;

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The National Payments Corporation of India International on Thursday signed a memorandum of understanding (MoU) with Lycra Network of France. According to this MoU, Indians can soon be able to pay with their UPI or RuPay card in France. This will be beneficial for Indian students or travelers.

The Union Minister of Electronics and Information Technology, Ashwini Vaishnaw announced this MoU between France and India. He said during the announcement that in France where there is a terminal or machine of Lyrca Network, Indians can pay with UPI and RuPay card.

The Union Minister said that due to this facility, travelers and Indian students studying in France will get a lot of help. It will be easy for them to make payments from place to place. He also informed that India does 5.5 billion UPI transactions every month.
The Minister of Electronics and Information Technology informed that UPI is already an internationally accepted mode of payment. Indian UPI is used in UAE, Singapore and Bhutan. He also said, after France, the next focus of NPCI International is Nepal.

According to the recent data, in May 2022, UPI recorded about 6 billion transactions worth $134.3 billion (Rs 10.4 lakh cr). The payments platform also saw a 6.6% month-on-month rise in transaction volume from April 2022.Within the first five months of 2022, the platform has crossed almost 80% of the transaction volume of 2021. Earlier in April, NPCI International entered the
UAE following partnering with Mashreq Bank’s payment subsidiary – NeoPay.

The Reserve Bank of India has recently given its nod to also link credit cards with the UPI. The apex bank, however, said that the facility, at present, will only be available on RuPay cards.So far only debit cards were linked with the payment mechanism.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का ऐलान:गलत पार्किंग की फोटो भेजने वाले को मिलेगा 500 रुपए का इनाम

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान गलत पार्किंग के खिलाफ बड़ी बात कही। उन्होंने कहा- मैं एक कानून लाने वाला हूं कि रोड पर अगर कोई गलत तरीके से वाहन खड़ा करेगा, तो उस पर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं ऐसी गाड़ियों की फोटो खींचकर भेजने वाले को 500 रुपए इनाम में दिए जाएंगे।

गडकरी ने कहा- गलत पार्किंग एक बहुत बड़ा खतरा है। ऐसा शहरी भारत में कारों की संख्या बढ़ने की वजह से हो रहा है। किसी परिवार के हर सदस्य के पास कार होने के बावजूद वे पार्किंग की जगह नहीं बनाते हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली में चौड़ी सड़कों को पार्किंग की जगह माना जा रहा है।

गलत तरीके से पार्किंग पर नाराजगी जताई
गडकरी ने बताया कि नागपुर में उनके घर में 12 कारों के लिए पार्किंग की जगह है और वह सड़क पर बिल्कुल भी पार्क नहीं करते हैं। आज 4 सदस्यों के परिवार के पास 4 कारें होती हैं। ऐसा लगता है कि दिल्ली के लोग भाग्यशाली हैं। हमने उनका वाहन खड़ा करने के लिए सड़क बनाई है।इलेक्ट्रिक वाहनों वाले पब्लिक ट्रांसपोर्ट भारत के लिए जरूरी हैं। अमेरिका में सफाई कर्मचारियों के पास भी कारें हैं। जल्द ही देश में भी ऐसी स्थिति होगी। हर कोई कार खरीद रहा है।

इस साल कारों की ब्रिकी दोगुनी हुई

कारों की बिक्री के लिहाज से देखें तो कोरोना के बाद देश में कारों की बिक्री में भारी गिरावट के बाद तेजी देखी गई है। मई 2022 में पिछले साल के मुकाबले कारों की ब्रिकी दोगुनी हुई है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के मुताबिक, यात्री वाहन की थोक बिक्री मई 2022 में बढ़कर 2.5 लाख यूनिट हो गई, जबकि पिछले साल मई में यह 1 लाख यूनिट से कम थी।इनमें दोपहिया और तिपहिया वाहनों को छोड़कर कार और अन्य वाहन शामिल हैं। इस साल मई में यात्री वाहनों, दोपहिया और तिपहिया वाहनों की कुल बिक्री बढ़कर 15 लाख से अधिक हो गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 5 लाख से कम थी।