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गुजरात प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति और सभ्यता का प्रमुख केंद्र रहा है – राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज शाम (3 अक्टूबर, 2022) गांधीनगर में उनके सम्मान में गुजरात सरकार द्वारा आयोजित एक नागरिक स्वागत समारोह में भाग लिया।
इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने अपने सम्मान में सम्मान समारोह आयोजित करने के लिए गुजरात सरकार और लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रपति के रूप में यह उनकी पहली गुजरात यात्रा थी और वह लोगों के अपार उत्साह और स्नेह से अभिभूत थीं।
राष्ट्रपति ने कहा कि गुजरात प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति और सभ्यता का प्रमुख केंद्र रहा है। धोलावीरा जैसे स्थल, जूनागढ़ में सम्राट अशोक के शिलालेख, मोढेरा में सूर्य-मंदिर और सूरत और मांडवी जैसे व्यापार केंद्र गुजरात की समृद्ध संस्कृति के प्राचीन उदाहरण हैं। गुजरात में पलिताना और गिरनार में जैन मंदिर, वडनगर में बौद्ध विहार, उदवाडा में पारसी अग्नि मंदिर हैं। वर्तमान शहरों में, अहमदाबाद को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर शहर घोषित किया गया है।
पिछले 600 वर्षों में निर्मित इमारतों और अन्य भौतिक आयामों का आकलन करने के अलावा, यूनेस्को ने अहमदाबाद के लोगों की आपसी सद्भाव और साझा संस्कृति की परंपरा को भी महत्व दिया। उन्होंने कहा कि यूनेस्को ने भी अहिंसा में आस्था जैसे मानवीय मूल्यों को अहमदाबाद की अमूर्त विरासत के रूप में मान्यता दी है। उन्होंने कहा कि गुजरात भारत की सांस्कृतिक एकता का दर्पण था और है और भविष्य में भी रहेगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि गुजरात के लोग अपनी कड़ी मेहनत, समर्पण और समाज सेवा के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में ‘गुजरात मॉडल’ को स्वरुप दिया, जिसने गुजरात की प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया। आज वे भारत के समग्र विकास को नए आयाम प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी गुजरात की प्रगतिशील और समावेशी संस्कृति के आदर्श प्रतिनिधि हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व के परिष्कृत हीरे का लगभग दो तिहाई गुजरात में उत्पादित होता है। यह राज्य भारत के हीरे के निर्यात का 95 प्रतिशत हिस्सा है। उन्होंने कहा कि गुजरात भारत के कुल निर्यात में लगभग 21 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर है। स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के मामले में भी यह देश के अग्रणी राज्यों में से एक है।
राष्ट्रपति ने कहा कि देश के अग्रणी विनिर्माण केंद्र के रूप में गुजरात रोजगार के विशाल अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि गुजरात की सहकारी समितियों के माध्यम से ‘श्वेत क्रांति’ दुग्ध उत्पादन में भारत की शीर्ष रैंकिंग के पीछे है। गुजरात देश के 76 प्रतिशत नमक का उत्पादन करता है। हल्के-फुल्के अंदाज में राष्ट्रपति ने कहा, ‘गुजरात में पैदा होने वाला नमक सभी भारतीयों द्वारा खाया जाता है’ (यह कहा जा सकता है कि सभी देशवासी गुजरात का नमक खाते हैं)।
राष्ट्रपति ने कहा कि गुजरात ने औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी उच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि गुजरात देश में रूफ टॉप सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा उत्पादक है। गुजरात पवन ऊर्जा उत्पादन में भी अग्रणी राज्यों में से एक है।
राष्ट्रपति ने कहा कि गुजरात देश में सबसे अधिक निवेशक-अनुकूल राज्यों में से एक है। इस राज्य ने आधुनिक बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के विकास में प्रभावशाली प्रगति की है। उन्होंने गुजरात के राज्यपाल के मार्गदर्शन और उनके नेतृत्व के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री की सराहना की और विश्वास व्यक्त किया कि गुजरात की विकास यात्रा और भी तेज गति से आगे बढ़ती रहेगी।

लंपी वायरस ग्रसित गायों का जीव बचाने के लिए डॉ. जिगर खैनी व किशन खैनी ने आठ माह पहले बनाई थी होम्योपैथी दवा

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सूरत. देश के पश्चिमी राज्यों में लंपी वायरस से पीडि़त हजारों-लाखों गायों का जीव बचाने के जतन में हर जगह सूरत का जिक्र है। सूरत में आठ माह पहले सौराष्ट्र में भावनगर जिले के एक छोटे से गांव सुखपर में चार गायों को लंपी वायरस से बचाने के लिए शुरू किया गया अभियान आज छह राज्यों तक पहुंच चुका है। इस अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले डॉ. जिगर खैनी व किशन खैनी से राजस्थान पत्रिका ने खास बातचीत की है।

खबर के अनुसार , पत्रिका संवाददाता से बातचीत में अभियान की शुरुआत के बारे में खैनी ने बताया कि आठ माह पहले सौराष्ट्र में भावनगर जिले में सुखपर गांव के भारती आराध्यधाम मामापीर गौशाला में गायों के शरीर पर फोड़े होने की जानकारी मिली। वहां जाकर देखने के बाद होम्योपैथी डॉ. जिगर खैनी से बातचीत की और उन्होंने तत्काल एक होम्योपैथी सिद्धांत से दवा का निर्माण किया और लंपी वायरस ग्रसित गायों को दी। दवा लेने के कुछ समय बाद लंपी वायरस की बीमारी गायों में नहीं दिखी। दवा बनाने की प्रक्रिया जारी रखने के लिए इस दौरान भारती आराध्यधाम मामापीर के सद्गुरु अवधेशानंद भारती प्रेरणा देकर मानों संदेश दिया कि जल्द ही गौ सेवा के लिए बड़ी संख्या में दवा की जरूरत पड़ेगी। उसके कुछ महीने बाद ही राजस्थान में गायों में लंपी वायरस की शिकायत मिलने लगी और फिर गौ सेवा के सिलसिले ने तेजी पकड़ी जो अब भी यूं ही बरकरार है।

सहयोग में दर्जनों संस्थाएं सक्रिय 00

गुजरात के सौराष्ट्र में लंपी वायरस के आठ माह पहले कुछ मामले मिलने के बाद सर्वाधिक प्रकोप राजस्थान में देखने को मिला और सूरत में बसे प्रवासी राजस्थानियों की कई गौप्रेमी संस्थाएं सक्रिय हो गई। इन संस्थाओं के सेंटर परवत पाटिया क्षेत्र में अधिक सक्रिय रहे। इसके अलावा कुंभारिया, सारोली, गोडादरा में भी संस्थाओं ने दवाएं बनाई और उन्हें राजस्थान के विभिन्न जिलों, गांव-कस्बों तक पहुंचाने में भी जरूरी भूमिका निभाई।

-राजस्थान में भी खोल दिए सेंटर 00

खैनी ने बातचीत में बताया कि गायों में तेजी से बढ़ती बीमारी की रोकथाम के लिए गौ सेवकों ने राजस्थान के विभिन्न जिलों में भी सेंटर खोले। इससे जरुरतमंद गौ पालकों को दवा सरलता से मिलने लगी। लंपी वायरस से पीडि़त गायों के लिए होम्योपैथी दवा के साथ घाव भरने, कीड़े खत्म करने के मल्हम व ड्रॉप भी तैयार की गई है। इसके अलावा यह बीमारी दूसरी गायों में नहीं फैले, इसके लिए प्रिकॉशन ड्रॉप भी बनाई गई है।

-पत्रों के लग गए ढेर 00

सबसे पहले शहर के मोटा वराछा में दवा निर्माण का सेंटर शुरू करने वाले किशन खैनी ने कहा कि दवा सही लोगों तक पहुंचे, इसके लिए दवा लेने वालों से उनकी ग्राम पंचायत के सरपंच, पटवारी, ग्रामसचिव के मांग पत्र लिए गए। इसके अलावा यहां पर कॉल सेंटर भी शुरू किया गया ताकि लोगों को लंपी वायरस ग्रसित गायों को दवा देने के तरीके, दवा की उपलब्धता समेत अन्य जानकारी दी जा सकें। कुछ दिन पहले यहां सौ से ज्यादा कार्यकर्ता दवा बनाते थे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने शुरू किया ‘धन्यवाद मोदीजी’ अभियान

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महाराष्ट्र राज्य से पंद्रह लाख से अधिक लाभार्थी प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखेंगे

मुम्बई। प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता की भलाई के लिए कई योजनाएं बनाई है जैसे उज्वला योजना, आवास योजना, आयुष्मान भारत, स्किल इंडिया, स्वच्छ भारत, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाव योजना आदि।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आम लोगों के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ जो लाभार्थी प्राप्त कर रहे हैं वे सभी अपनी लिखावट में लिखे 15 लाख पत्र प्रधानमंत्री को भेजेंगे। यह अभियान ‘धन्यवाद मोदी जी’ के नाम से शुरू हुआ है। रविवार से भारतीय जनता पार्टी ने ‘धन्यवाद मोदीजी’ अभियान प्रदेश भर में शुरू कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने इस अभियान में मुंबई के गोरेगांव निर्वाचन क्षेत्र में सभी लाभार्थियों से संपर्क किया।
चंद्रशेखर बावनकुले ने गोरेगांव पश्चिम में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में संवाददाताओं को अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर पार्टी के सेवा पखवाड़े अभियान के प्रमुख क्षेत्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश ठाकुर, क्षेत्रीय महासचिव विक्रांत पाटिल, स्थानीय विधायक एवं पूर्व राज्य मंत्री विद्या ठाकुर और ‘धन्यवाद मोदीजी’ अभियान की संयोजक क्षेत्रीय सचिव श्वेता शालिनी के साथ सह – संयोजक हर्षल विभांडिक मौजूद थे।

चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के आम लोगों के लिए प्रत्यक्ष लाभ की कई योजनाएं शुरू की हैं और उन्हें सफलतापूर्वक लागू किया है। इस अभियान के पहले चरण में भाजपा कार्यकर्ता 15 लाख लाभार्थियों से संपर्क कर उनके द्वारा हस्तलिखित पत्र एकत्रित कर सारे पत्रों को 15 नवंबर को नई दिल्ली भेजेंगे। दूसरे चरण में जिन्हें योजना का लाभ नहीं मिला उनको योजना का लाभ दिलाया जाएगा जिसके लिए सभी कार्यकर्ता काम करेंगे। इस अभियान द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के लिए आभार व्यक्त किया गया है जिससे नवीन योजनाओं का निर्माण हो और उसे सफलतापूर्वक जनता के हितार्थ लागू किया जा सके। पहले योजनाएं बनती थी किन्तु योजनाएं जनता तक सही दिशा में नहीं पहुंच पाती थी। केवल लाभ का छोटा सा अंश ही जनता को मिल पाता था अब सरकार की योजना सीधे जनता को मिल रही है। महाराष्ट्र में बीजेपी द्वारा ‘धन्यवाद मोदी जी’ अभियान प्रधानमंत्री को आभार व्यक्त करने की एक शुरुआत है।

कृषि विभाग में फैले भ्रष्टाचार को लेकर – बिहार सरकार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया

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मिली जानकारी के अनुसार कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश की है। उन्‍होंने उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को अपना इस्तीफा भेजा है। उन्‍होंने राजद के प्रदेश अध्‍यक्ष को भी अपने इस्‍तीफे की जानकारी दे दी है।

सुधाकर सिंह ने कहा कि वे सरकार के लिए समस्‍या नहीं बनना चाहते थे। हालांक‍ि उनके इस्‍तीफे पर कोई फैसला होना अभी बाकी है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि सुधाकर सिंह ने किसानों के हित में दिया इस्तीफा। हम बात को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे।
किसानों की समस्या और कृषि विभाग में फैले भ्रष्टाचार को लेकर कई बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का सुधाकर सिंह ने ध्यान आकृष्ट किया था। कैबिनेट की बैठक में भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सुधाकर की नोकझोंक हुई थी। इससे पहले विधानसभा क्षेत्र रामगढ़ और कैमूर जिले में आयोजित जन सभा कई बार विभाग के भ्रष्टाचार को लेकर कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने चिंता जताई थी। अफसरों को भी चेताया था। कृषि सचिव एन सरवन को भी हटाने की मांग की थी।

 

Indian Air Force को आज मिलेगी नई ताकत , शामिल किए जाएंगे स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर

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नई दिल्ली/जोधपुर, एएनआइ। भारतीय वायुसेना (Indian Air Force, IAF) को सोमवार को एक नई ताकत मिलेगी। भारतीय वायुसेना में युद्ध कौशल को बढ़ावा देने के लिए देश में विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (Light Combat Helicopter, LCH) के पहले जत्थे को आज शामिल किया जाएगा। राजस्थान के जोधपुर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) की मौजूदगी में स्वदेशी हेलिकॉप्टरों को भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया कि इन हेलीकॉप्टरों को शामिल करने से भारतीय वायुसेना की युद्ध क्षमता को काफी बढ़ावा मिलेगा।

I would be in Jodhpur, Rajasthan tomorrow, 3rd October, to attend the Induction ceremony of the first indigenously developed Light Comat Helicopters (LCH). The induction of these helicopters will be a big boost to the IAF’s combat prowess. Looking forward to it. pic.twitter.com/L3nTfkJx5A

राजनाथ सिंह और वायसेना प्रमुख रहेंगे मौजूद
फोर्स में शामिल होने वाला यह नया हेलिकॉप्टर हवाई युद्ध में सक्षम है और संघर्ष के दौरान धीमी गति से चलने वाले विमानों, ड्रोन और बख्तरबंद टैंकरों से निपटने में एयर फोर्स की मदद करेगा। आज के इस समारोह का नेतृत्व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी भी उपस्थित रहेंगे।

10 भारतीय वायुसेना और 5 थल सेना के लिए
इस साल मार्च में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCS) की बैठक में स्वदेश विकसित 15 एलसीएच को 3,887 करोड़ रुपये में खरीदने की मंजूरी दी गई थी। इन 15 हेलीकॉप्टरों में से 10 भारतीय वायुसेना के लिए और पांच थल सेना के लिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह हथियारों और ईंधन के साथ 5,000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकते हैं।
लद्दाख और रेगीस्तानी क्षेत्र में किया जाएगा तैनात
इन हेलीकॉप्टरों को सार्वजनिक उपक्रम हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया है और इसे ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात करने के लिए प्राथमिक रूप से डिजाइन किया गया है। सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लद्दाख और रेगिस्तानी क्षेत्र में हेलिकॉप्टरों को बड़े पैमाने पर तैनात किया जाएगा। भारतीय वायुसेना ने पिछले तीन-चार सालों में चिनूक, अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और अब एलसीएच को शामिल करने के साथ कई हेलीकॉप्टरों को अपने बेड़े में शामिल किया है।

गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना अब चिनूक हेलिकॉप्टरों में महिला पायलटों को भी तैनात कर रहा है, जो उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर नियमित आपूर्ति मिशन ले जा रहे हैं। वहीं, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर लिमिटेड सीरीज प्रोडक्शन (LSP) एक स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित अत्याधुनिक आधुनिक लड़ाकू हेलीकॉप्टर है।

केंद्रीय गृहंत्री शाह आज से जम्मू कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर

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File Photo

जम्मू, :आगामी विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भाजपा की सियासत को धार देने के लिए आज सोमवार से जम्मू कश्मीर दौरे पर आ रहे हैं। वह भारत-पाक नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे राजौरी और बारामुला जिलों में दो जनसभाएं करेंगे। इससे पूर्व वह माता वैष्णो देवी के दर्शन भी करने जाएंगे।

कई विकास कार्यों की नींव रखने और उद्घाटन करने के अलावा शाह अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों से भी मिलेंगे। प्रदेशभर में सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए हैं। वहीं अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करने के साथ विशेष नाके लगाए हैं। रविवार जम्मू में पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक कर सुरक्षा इंतजाम का जायजा लिया।

आज सोमवार शाम साढ़े पांच बजे विशेष विमान से जम्मू पहुंच रहे शाह मंगलवार सुबह महानवमी के दिन कटड़ा में श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन करेंगे। वहीं से हेलीकाप्टर में राजौरी के लिए रवाना हो जाएंगे। इसके बाद जम्मू में कन्वेंशन सेंटर में कई विकास कार्यों की नींव रखने और उद्घाटन करेंगे। पांच अक्टूबर को दशहरे पर कश्मीर के बारामुला में जनसभा को संबोधित करेंगे। जम्मू पहुंचने के बाद रात को राजभवन में गृहमंत्री प्रतिनिधिमंडलों से भेंट भी करेंगे।

उपराज्यपाल प्रशासन ने गृहमंत्री के सुरक्षित दौरे को लेकर प्रबंध किए हैं। जम्मू, कटड़ा, राजौरी व बारामुला जिलों में तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए प्रदेश प्रशासन ने आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी में जम्मू कश्मीर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को जिम्मेदारियां दी हैं। श्रीनगर में शाह उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

नागरिक प्रशासन, पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और जम्मू-कश्मीर और केंद्र की खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। गृहमंत्री अपने दौरे के दौरान भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और पार्टी मामलों पर चर्चा करेंगे।

 गृहमंत्री शाह पांच अक्टूबर को शाम को नई दिल्ली लौट जाएंगे। राजौरी और बारामुला में जनसभाएं भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर में 2022 में विधानसभा चुनाव की कोई संभावना नहीं है, लेकिन अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में संभावित विधानसभा की तैयारियों में भाजपा अभी से जुट गई है। शाह राजौरी दौरे के दौरान पहाड़ी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की घोषणा कर सकते हैं। इससे भाजपा पहाड़ी भाषी समुदाय के वोट बैंक में सेंध लगा सकती है। जम्मू और कश्मीर में दोनों पहाडिय़ों की काफी आबादी है। दूसरी ओर भाजपा ने गुज्जर समुदाय के नेता गुलाम अली खटाना को राज्यसभा के लिए नामित कर संसद में गुज्जर और बक्करवाल समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया। यह भाजपा के मिशन 50 प्लस के लिए अहम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने संसद में लाल बहादुर शास्त्री जी को श्रद्धांजलि दी

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संसद भवन में पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया:

“पीएम@narendramodi ने आज संसद भवन में लाल बहादुर शास्त्री जी को पुष्पांजलि अर्पित की।”

 

युवा लेखकों को मार्गदर्शन देने के लिए प्रधानमंत्री की योजना – युवा 2.0 – शुरू की गई

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New Delhi –  (GBB )  शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने देश में पढ़ने, लिखने एवं पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर भारत एवं भारतीय लेखन को प्रस्तुत करने के उद्देश्य से युवा एवं नवोदित लेखकों (30 वर्ष से कम आयु) को प्रशिक्षित करने हेतु आजयुवा 2.0- युवा लेखकों को परामर्श देने वाली प्रधानमंत्री की योजना– की शुरुआत की। युवा एवं नवोदित लेखकों की 22 विभिन्न भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में बड़े पैमाने पर भागीदारी के साथ युवा के पहले संस्करण के उल्लेखनीय प्रभाव को देखते हुए, युवा 2.0की अब शुरुआत की जा रही है।

युवा 2.0 (युवा, उभरते और बहुमुखी प्रतिभा वाले लेखक) का शुभारंभ युवाओं को भारत के लोकतंत्र को समझने और उसकी सराहना करने हेतु प्रोत्साहित करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप है। युवा 2.0, India@75 परियोजना (आजादी का अमृत महोत्सव) का एक हिस्सा है, जो ‘लोकतंत्र (संस्थाएं, घटनाएं, लोग, संवैधानिक मूल्य – अतीत, वर्तमान, भविष्य)’ विषय पर लेखकों की युवा पीढ़ी के दृष्टिकोण को एक अभिनव और रचनात्मक तरीके सेसामने लाता है।इस प्रकार, यह योजना लेखकों की एक ऐसी धारा विकसित करने में मदद करेगी जो भारतीय विरासत, संस्कृति और ज्ञान प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विषयों पर लिख सकें।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने युवाओं के सशक्तिकरण और सीखने का एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने पर जोर दिया है जो युवा पाठकों / शिक्षार्थियों को भविष्य की दुनिया में नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार करे। भारत युवाओंकी आबादी के मामले में सबसे आगे है।यहां युवाओं की आबादीदेश की कुल जनसंख्या का 66 प्रतिशत है।यह आबादी क्षमता निर्माण और इस प्रकार राष्ट्र निर्माण के काम में शामिल किए जाने की प्रतीक्षा में है। युवा रचनात्मक लेखकों की एक नई पीढ़ी को मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से, उच्चतम स्तर पर पहल करने की तत्काल जरूरत हैऔर इस संदर्भ में, युवा 2.0 रचनात्मक दुनिया के भविष्य के नेताओं का आधार तैयार करने की दिशा में एक लंबा सफर तय करेगा।

कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में शिक्षा मंत्रालय के तहत नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत इस योजना के चरणबद्ध कार्यान्वयन को मेंटरशिप के सुपरिभाषित चरणों के तहत सुनिश्चित करेगा। इस योजना के तहत तैयार की गई पुस्तकों को नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत द्वारा प्रकाशित किया जाएगाऔर संस्कृति एवं साहित्य के आदान-प्रदान को सुनिश्चित करते हुए इनका अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा, जिससे ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’को बढ़ावा मिलेगा। चयनित युवा लेखक दुनिया के कुछ बेहतरीन लेखकों के साथ बातचीत करेंगे, साहित्यिक उत्सवों आदि में भाग लेंगे।

यह योजना लेखकों की एक ऐसी धारा विकसित करने में मदद करेगी जो अतीत, वर्तमान और भविष्य को शामिल करते हुए भारत के लोकतंत्र के विभिन्न पहलुओं पर लिख सकें। इसके अलावा, यह इच्छुक युवाओं को खुद को अभिव्यक्त करने और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों का एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने हेतु एक रास्ता भी प्रदान करेगा। इस योजना की परिकल्पना इस अवधारणाके तहत की गई है कि 21वीं सदी के भारत को भारतीय साहित्य के राजदूत बनाने के लिए युवा लेखकों की एक पीढ़ी तैयार करने की जरूरत है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि हमारा देश पुस्तक प्रकाशन के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर है और हमारे पास स्वदेशी साहित्य का खजाना है, भारत को इसे वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करना चाहिए।

युवा 2.0 (युवा, उभरते और बहुमुखी प्रतिभा वाले लेखक)का कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • योजना की घोषणा की तिथि 2 अक्टूबर 2022।

  • 2 अक्टूबर 2022से लेकर 30नवंबर 2022 के दौरानhttps://www.mygov.in/के माध्यम से आयोजित की जाने वाली अखिल भारतीय प्रतियोगिता के माध्यम से कुल 75 लेखकों का चयन किया जाएगा।

  • प्राप्त प्रस्तावों का मूल्यांकन 1दिसंबर 2022से लेकर31जनवरी 2023 के दौरान किया जाएगा।

  • विजेताओं की घोषणा 28फरवरी 2023को की जाएगी।

  • युवा लेखकों को 1 मार्च 2023 से लेकर 31 अगस्त 2023 के दौरान प्रख्यात लेखकों / सलाहकारों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा।

  • मेंटरशिप के तहत, प्रकाशित पुस्तकों का पहला सेट 2 अक्टूबर 2023 को लॉन्च किया जाएगा।

गऊ माता का क्षमा रूप – महारानी अहिल्याबाई होल्कर के समय की सत्य घटना

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यह एक बहुत पुरानी सत्य घटना है। बात तब की है, जब इंदौर, मध्यप्रदेश में महारानी अहिल्याबाई होल्कर का राज हुआ करता था। एक दिन तेजी से महारानी के पुत्र मालोजीराव का रथ निकला तो उसके रास्ते में हाल ही में जन्मा गाय का एक बछड़ा सामने आ गया। गाय अपने बछड़े को बचाने दौड़ी तब तक मालो रावजी का रथ उस बछड़े को कुचलता हुआ आगे बढ़ गया। किसी ने उस बछड़े की परवाह नहीं की। गाय अपने बछड़े की यूं अचानक मौत से स्तब्ध व आहत होकर बछड़े के पास ही सड़क पर बैठ गई। उसकी आंखों से आंसू गिरने लगे।

थोड़ी देर बाद अहिल्याबाई वहाँ से गुजरीं। उन्होंने गाय को और उसके पास पड़े मृत बछड़े को देखकर घटनाक्रम के बारे में पता किया। सारा घटनाक्रम जानने के बाद अहिल्याबाई ने दरबार में मालो रावजी की पत्नी मैनाबाई से पूछा- “यदि कोई व्यक्ति किसी माँ के सामने ही उसके बेटे की हत्या कर दे, तो उसे क्या दंड मिलना चाहिए?” मैनाबाई ने जवाब दिया- ” उसे प्राण दंड मिलना चाहिए।” महारानी अहिल्याबाई ने मालोराव को हाथ-पैर बाँध कर मार्ग पर डालने के लिए कहा और फिर आदेश दिया कि मालोराव को रथ से कुचलकर मृत्युदंड दिया जाए, ठीक उसी तरह जिस तरह उनके रथ ने गाय के उस बछड़े को कुचला था‌। पर यह कार्य कोई भी सारथी करने को तैयार न था।

महारानी अहिल्याबाई न्यायप्रिय थीं। अत: वे स्वयं माँ होते हुए भी इस कार्य को करने के लिए बतौर सारथी रथ पर सवार हो गईं। वे रथ को लेकर आगे बढ़ी ही थीं कि तभी एक अप्रत्याशित घटना घटी। जिस गाय का बछड़ा कुचलकर मरा था, ठीक वही गाय उनके रथ के सामने आकर खड़ी हो गई ! उसे जितनी बार हटाया जाता, उतनी बार पुन: अहिल्याबाई के रथ के सामने आकर खड़ी हो जाती और फिर रास्ते पर आड़ी लेट जाती।

यह दृश्य देखकर महारानी के मंत्रीगणों ने अहिल्याबाई से मालोजी को क्षमा करने की प्रार्थना की, जिसका आधार उस गाय का व्यवहार बना। गाय का यह मानवतावादी व्यवहार देखकर महारानी हतप्रभ थीं। स्वयं पीड़ित होते हुए भी वह गाय मालोजी को क्षमा करके उनके जीवन की रक्षा करने की जिद पकड़े हुई थी‌। गाय ने यह साबित कर दिया था कि ‘अक्रोध से क्रोध पर, प्रेम से घृणा पर और क्षमा से प्रतिशोध की भावना पर विजय पाई जा सकती है’। आखिरकार गाय का यह क्षमारूप देख, सर्वसम्मति से महारानी ने मालोजीराव को माफ कर दिया। इन्दौर में जिस जगह यह घटना घटी थी, वह स्थान आज भी गाय के आड़ा लेटने के कारण ‘आड़ा बाजार’ के नाम से जाना जाता है। भारतीय ऋषियों ने आखिर यूँ ही गाय को माँ नहीं कहा है।

प्रस्तुति: संतोष प्यासी

गौ हत्या के आरोपियों और तस्करों पर चला बाराबंकी पुलिस का डंडा, करोड़ों की संपत्ति कुर्क

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Barabanki Police Action: यूपी की बाराबंकी (Barabanki) पुलिस ने मादक पदार्थों और गोवंशीय पशुओं की हत्या और तस्करी करने वाले तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी करोड़ों की अचल सम्पति को कुर्क किया. बाराबंकी पुलिस ने तस्कर अफसार उर्फ अफसरु का लखनऊ स्थित करोड़ों का मकान और प्लाट को कुर्क किया. पुलिस के अनुसार बाराबंकी पुलिस और प्रशासन द्वारा मादक पदार्थ की तस्करी कर अवैध रूप से धन अर्जन करने वाले गैंग सदस्य/हिस्ट्रीशीटर की अचल सम्पत्ति जिसकी कुल कीमत लगभग 01 करोड़ 05 लाख रुपये बताई जा रही थी.

इसे धारा 14(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत पुलिस ने कुर्क कर दी है. वही गोवंशीय पशुओं की हत्या/तस्करी करने वाले गिरोह के सदस्य/अभियुक्त की अचल सम्पत्ति जिसकी कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है उसे  धारा 14(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया. दरअसल थाना कोठी पर दर्ज मुकदमे के अंतर्गत धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट के गैंग सदस्य/अभियुक्त फुरकान उर्फ फुरखान पुत्र स्व0 असगर निवासी सरैया (सराय सालिम) मजरे जरगावां थाना असन्द्रा द्वारा संगठित गिरोह बनाकर गोवंशीय पशुओं का वध/तस्करी जैसे आपराधिक कृत्य करता रहा है. बता दें कि गैंगेस्टरों पर कार्रवाई में बाराबंकी पूरे उत्तर प्रदेश में अव्वल रहा है.

यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई कार्रवाई

बाराबंकी जिले की थाना जैदपुर पर पंजीकृत मुकदमे में हुई धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट के अभियुक्त अफसार उर्फ अफसरू पुत्र इम्तियाज अली उर्फ टुन्ने उर्फ हाशिम जो बाराबंकी के थाना टिकरा उस्मा का रहने वाला बताया जा रहा है. उसके द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के अवैध कारोबार से किये गये धनोपार्जन से स्वयं और परिजनों के नाम पर अवैध रूप से सम्पत्ति अर्जित की गई थी. जिसे जिला प्रशासन और बाराबंकी पुलिस द्वारा उक्त अचल सम्पत्ति को अन्तर्गत धारा 14(1) उ0प्र0 गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत कुर्क किया गया.

पुलिस के अनुसार अचल सम्पत्ति जिसकी कुल कीमत लगभग एक करोड़ पांच लाख रुपये है. लखनऊ के ग्राम कमता वार्ड इस्माईलगंज स्थित आवासीय भूखण्ड से कुर्क हुई सम्पति जिसकी कुल कीमत लगभग 35 लाख रुपये बताई जा रही है. वहीं लखनऊ के ही उसी ग्राम कमता वार्ड इस्माईलगंज स्थित मकान जहां कुर्क की गई संपत्ति जिसकी कुल कीमत लगभग 70 लाख रुपये बताई जा रही. आरोपी के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.

गैंगस्टर फुरकान की संपत्ति हुई कुर्क

बाराबंकी पुलिस/प्रशासन द्वारा गोवंशीय पशुओं की हत्या/तस्करी करने वाले गिरोह के सदस्य/अभियुक्त की अचल सम्पत्ति जिसकी कीमत लगभग 24 लाख रुपये बताई जा रही है उसे धारा 14(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया. दरअसल थाना कोठी पर दर्ज मुकदमे के अंतर्गत धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट के गैंग सदस्य/अभियुक्त फुरकान उर्फ फुरखान पुत्र स्व0 असगर निवासी सरैया (सराय सालिम) मजरे जरगावां थाना असन्द्रा द्वारा संगठित गिरोह बनाकर गोवंशीय पशुओं की हत्या/तस्करी जैसे आपराधिक कृत्य कारित कर अवैध तरीके से धनोपार्जन कर अवैध अचल सम्पत्ति अर्जित की गई थी.

एसएसपी बाराबंकी ने दी ये जानकारी

एएसपी बाराबंकी अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि बाराबंकी में लगातार अवैध कारोबारियों और गौ तस्करी में संलिप्त अपराधियों खिलाफ चिन्हीकरण गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में थाना जैदपुर द्वारा अफसार नामक एक अवैध कारोबारी जो गैंगस्टर एक्ट का अभियुक्त रहा है, उसके खिलाफ जो उसकी एक करोड़ से अधिक की संपत्ति लखनऊ में थी उसको कुर्क किया गया. ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई के क्रम में डेढ़ सौ करोड़ की संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त किया गया.

अकेले थाना जैदपुर के द्वारा लगभग 35 करोड़ रुपए की संपत्ति की जब्तीकरण की कार्रवाई की गई. इसी क्रम में थाना हैदरगढ़ के द्वारा फुरकान नामक एक अपराधी जो गौ तस्करी में संलिप्त रहता है, उसके खिलाफ भी संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई के तहत लगभग 24 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त किया. उन्होंन कहा कि ऐसे जो भी अपराधी हैं उनके खिलाफ जनपद बाराबंकी पुलिस के द्वारा लगातार कार्रवाई जारी रहेगी.