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नंदनवन में “आचार्य तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार 2023” से सम्मानित हुईं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा

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नंदनवन में “आचार्य तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार 2023” से सम्मानित हुईं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा

तेरापंथ धर्म संघ के एकादशम आचार्य श्री महाश्रमण के सन्निधि में आयोजित महिला मंडल के राष्ट्रीय अधिवेशन में किया गया पुरस्कृत

मुंबई। तेरापंथ धर्म संघ के एकादशम अधिशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी के सान्निध्य में हर वर्ष प्रदान किया जाने वाला “आचार्य तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार” इस वर्ष राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती रेखा शर्मा को प्रदान किया गया। नंदनवन में 7 अक्टूबर 2023 से शरू हुए अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के राष्ट्रीय अधिवेशन के प्रथम दिन उन्हें उनकी सेवाओं के मद्देनज़र पुरस्कृत किया गया। श्रीमती रेखा शर्मा से पहले “आचार्य तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार” से डॉ. पूर्णिमा आडवाणी, सुश्री किरण बेदी, श्रीमती सावित्री जिंदल, श्रीमती नीलिमा खेतान, श्रीमती अनुराधा कोइराला, श्रीमती मृदुला सिन्हा एवं श्रीमती सुमित्रा महाजन जैसी हस्तियाँ पुरस्कृत हो चुकी हैं। पुरस्कार प्राप्ति के पश्चात श्रीमती रेखा शर्मा ने आचार्य महाश्रमण जी, साध्वी प्रमुखा, साध्वीवर्या एवं अन्य साधु-सध्वियो के दर्शन कर कृतज्ञता ज्ञापित किये।
पुरस्कार कार्यक्रम का संचालन करते हुए महिला मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्षा नीलम सेठिया ने पुरस्कार एवं चयन के बारे में बताते हुए अणुव्रत अधिशास्ता आचार्य तुलसी के जीवन एवं पुरस्कार से संवंधित जानकारी दी।


श्रीमती सूरज जी बराड़िया ने श्रीमती रेखा शर्मा का परिचय दिया, श्रीमती सुमन जी नाहटा ने प्रशस्ति पत्र का वाचन किय तत्पश्चात अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल टीम ने शॉल, मोमेंटो भेंट किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्षा नीलम सेठिया के अलावा महामंत्री मधु देरासरिया, निवर्तमान महामंत्री तरुणा बोहरा, प्रधान ट्रस्टी पुष्पा जी बैंगानी, “आचार्य तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार” की पूर्व निदेशक शायर जी बेंगानी सहित अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की पूरी टीम की उपस्थिति रही।
उल्लेखनीय है कि श्रीमती रेखा शर्मा गत 6 वर्षों से राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा के रूप मे कार्य कर रही हैं। इन्हें त्रिवर्षीय कार्यकाल के लिए लगातार दो बार मनोनीत किया गया। श्रीमती शर्मा की सेवा भावना व कुशल नेतृत्व महिला समाज के जागरण हेतु सक्रिय योगदान का श्रेष्ठतम उदाहरण है। इनके नारी सशक्तिकरण के प्रति सजगता व कर्मठता से उत्प्रेरित होकर अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल अपने सर्वोच्च सम्मान “आचार्य तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार 2023” से उन्हें सम्मानित किया।

केंद्र ने आयोजित किया विश्व पशु दिवस 2023 -8 पशु प्रेमियों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला पशु-पक्षी हमारे समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और पारिस्थितिक तंत्र को संतुलित करते हैं: श्री परषोत्तम रूपाला

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चेन्नई(तमिलनाडु): डॉ. आर. बी. चौधरी

केंद्रीय पशुपालन मंत्री परसोत्तम रुपाला ने बुधवार 4 अक्टूबर 2023 को दिल्ली स्थित डॉ आंबेडकर नेशनल सेंटर नई दिल्ली में विश्व पशु दिवस 2023 के आयोजन अवसर पर देश के 8 विशिष्ट पशु प्रेमियों को पुरस्कृत करते हुए कहा , “हमें जानवरों के साथ परंपरा को जोड़ने और पारंपरिक प्रथाओं को सामने लाने के लिए काम करना होगा जिससे पता चलता है कि हमारी परंपरा और संस्कृति जानवरों के प्रति किस प्रकार सम्मान दिखाती है।”

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री, मत्स्यपालन, पशुपालन व डेयरी मंत्री, डॉ़ संजीव बालियान भी कार्यक्रम में उपस्थित थे । साथ ही, कार्यक्रम में भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के समय एवं पालन मंत्रालय संयुक्त सचिव, डॉ ओ पी चौधरी सहित मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी विभाग में आयुक्त्त, डॉ अभिजीत मित्रा शामिल थे। इस अवसर पर भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड द्वारा दिए जाने वाला राष्ट्रीय पुरस्कार “प्राणी मित्र पुरस्कार” वितरित करने का भी कार्यक्रम रखा गया था जिसके तहत देश के उन उल्लेखनीय कार्य करने वाले 8 विभिन्न क्षेत्र के ऐसे पशु प्रेमियों को पुरस्कृत किया गया जो लावारिस पशुओं के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री परशोत्तम रूपाला ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी संस्कृति में पशुओं से जुड़ी कई परंपरायें हैं जिन्हें सूचीबद्व और लिपिबद्व कर भारतीय जन्तु कल्याण बोर्ड को प्रकाशित करना चाहिए ताकि दुनिया को इन परंपराओं का पता चले। उन्होंने कहा कि अब सारे लोग वही मानेंगे जो हम कहेंगे। हम जो कहेंगे उसी पर सोचने के लिए अब सारे लोग मजबूर होंगे। अब वन हेल्थ का सिद्धांत समिति दुनिया को समझ में आ रहा है कि पशुओं के स्वास्थ्य के बारे में सोचेंगे तो मनुष्य का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। इसलिए अबसिर्फ अपने स्वास्थ्य के बारे में नहीं सोचना है सभी प्राणियों के स्वास्थ्य के बारे में सोचना पड़ेगा और इसी से ही सारे पर्यावरण का ख्याल रखेंगे मानव और मानवता बच सकेगी। पशु समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और वह हमारे पारिस्थितिक तंत्र को बनाए रखते हैं।

रूपाला ने परंपराओं को पशु पक्षियों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि हमारे देश में पशुओं से जुड़ी कई परंपरायें हैं। ये हमारे राष्ट्र व संस्कृति की देन हैं। हमें विश्व को यह बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें जानवरों के साथ परंपरा को जोड़ने और पारंपरिक प्रथाओं को सामने लाने के लिए काम करना होगा जिससे पता चले कि हमारी परंपरा और संस्कृति जानवरों के प्रति किस प्रकार सम्मान दिखाती है। मेरी राय है कि विश्व पशु दिवस के इस कार्यक्रम के साथ हम अपने देश की ऐसी अच्छी परंपराओं को भी जोड़ें और यह सोचें कि उनको कैसे उजागर किया जा सकता है। और , इनके साथ हम क्या कर सकते हैं , इसको आगे बढ़ाने के लिए हम क्या कर सकते हैं। इन सारी बातों पर हमें काम करना चाहिए। रूपाला ने कहा कि कि जिनको आज अवार्ड मिला है, मुझे लगता है कि उनके काम को और बेहत्तर तरीके से बताने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में दया से बढ़कर कोई धर्म नहीं है।

अवसर पर केंद्रीय पशुपालन राज्य मंत्री , डॉ़ संजीव बालियान ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ संस्थायें पशुओं के लिए बहुत अच्छा काम कर रही हैं, लेकिन साढ़े नौ साल से मैं देख रहा हूं कि धरातल पर कुछ ज़्यादा काम नहीं हो रहा है। शायद गांव तक हम इन कामों को नहीं ले जा पा रहे हैं। अवारा पशुओं की समस्या पर उन्होंने कहा कि ऐसे संतुलन की आवश्कता है, जिससे यह सुधार हो। उन्होंने कहा कि पूरे समाज की यह जिम्म्दारी है और जनता के सहयरोग के बिना सरकार कुछ नहीं कर सकती है। डॉ़ संजीव बालियान ने कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्र मुजफ्फरनगर में एक महीने में गौ सेंचुरी बनकर तैयार हो जायेगी। जनता के सहयोग से ही मैं इसे चलाऊंगा। उन्होंने कहा कि भारत में गौशाला में दान देने की परंपरा रही है ,जब तक शहरी भारत को पशुओं से नहीं जोड़ेंगे तब तक शायद इसे पूरा नहीं कर पायेंगे।

लावारिस पशु-पक्षियों के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले निम्नलिखित पशु प्रेमियों को भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के द्वारा दिए जाने वाले “प्राणी मित्र पुरस्कारों” से सम्मानित किया गया है : 1) प्राणि मित्र पुरस्कार – व्यक्तिगत: श्री जी. रामकृष्णन, तिरुचि, तमिलनाडु; 2) प्राणि मित्र पुरस्कार – इनोवेटिव आइडिया (व्यक्तिगत): डॉ. स्मिता एन. सोलंकी, महाराष्ट्र; 3) प्राणि मित्र पुरस्कार – शौर्य/बहादुरी (व्यक्तिगत): श्री प्रदीप कुमार पात्रा, लखनऊ, उत्तर प्रदेश; 4) प्राणि मित्र पुरस्कार – लाइफ टाइम एनिमल सर्विस (व्यक्तिगत); डॉ. बथुला संजीव रायडू, कुरनूल, आंध्र प्रदेश; 5) प्राणि मित्र पुरस्कार – पशु कल्याण संगठन: श्री नासिक पंचवटी पंजरापोल, नासिक, महाराष्ट्र; 6) जीव दया पुरस्कार – व्यक्तिगत; श्री पीराराम दयाल, जालौर, राजस्थान; 7) जीव दया पुरस्कार – पशु कल्याण संगठन; श्री दादू पर्यावरण संस्थान, टोंक, राजस्थान और 8) जीव दया पुरस्कार – बच्चे (व्यक्तिगत – 18 वर्ष से कम आयु): श्री हितेश चंद्रजीत यादव, मुंबई, महाराष्ट्र।

केंद्रीय पशुपालन मंत्री परसोत्तम रुपाला ने आज तमिलनाडु के पशु प्रेमी जी. रामकृष्णनन को राष्ट्रीय पुरस्कार “प्राणी मित्र” से सम्मानित किया

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केंद्रीय पशुपालन मंत्री परसोत्तम रुपाला ने आज तमिलनाडु के पशु प्रेमी जी. रामकृष्णनन को राष्ट्रीय पुरस्कार “प्राणी मित्र” से सम्मानित किया

चेन्नई (तमिलनाडु) : डॉ आर. बी चौधरी
पशुपालन और डेयरी विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार ने विश्व पशु दिवस 2023 मनाया, विभिन्न क्षेत्रों के दो अलग-अलग 8 व्यक्तियों को प्राण मित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है । इनमें से एक पुरस्कार – विशेष क्षेत्र में व्यक्तिगत तौर पर काम करने वाले तमिलनाडु से त्रिची शहर के जी. रामकृष्णननं को राष्ट्रीय पुरस्कार “प्राणी मित्र पुरस्कार” से सम्मानित गया । प्राणी मित्र पुरस्कार,केंद्रीय अधिनियम जीव जंतु क्रूरता निवारण 1960 के तहत केंद्र सरकार के अधीन 1962 में स्थापित भारतीय जीव जंतुकल्याण बोर्ड द्वारा प्रदान किया जाता है।

पिछले तकरीबन एक दशक से रामकृष्णनन त्रिची शहर के बेसहारा और छुट्टा पशुओं की देखभाल और प्राण रक्षा करने कार्य कर रहे हैं। इस कार्य को करने के लिए वह किसी किसी सरकारी फंड के मोहताज नहीं है। बल्कि, वह अपनी कमाई से कार्य को करते हैं। उनकी सारी व्यवस्था चाहे वह चिकित्सा की हो अथवा भोजन व्यवस्था या रख-रखाव, वह सभी व्यवस्था अपने व्यक्तिगत संसाधनों से कर रहे हैं। यह पुरस्कार दिल्ली स्थित डॉ आंबेडकर नेशनल सेंटर में आयोजित किया गया जहां पर केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय के मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला एवं राज्य मंत्री , डॉ. संजीव बालियान के साथ-साथ पशुपालन आयुक्त डॉ. अभिजीत मित्रा और भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष, डॉ. ओपी चौधरी भी उपस्थित थे। देशभर के आए 300 पशु प्रेमियों के बीच सरकार को प्रदान किया गया।

रामकृष्ण ने कहा,” पिछले 15 सालों से मैं जीव दया और पशु कल्याण का काम कर रहा हूं। वैसे तो मैं बिल्डर बिल्डर हूं और बिल्डिंग प्रमोशन मेरा मुख्य व्यवसाय है , लेकिन अपने निजी संसाधनों के द्वारा विभिन्न तमिलनाडु सरकार के संबंधित विभागों के माध्यम से अब तक 3,200 छुट्टा पशुओं की प्राण रक्षा कर चुका हूं। सभी के डॉक्यूमेंटल रिकॉर्ड है और सभी लोग जानते हैं। मेरे कार्यों को देखकर वर्ष 2016 में मुझे भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड में मानद जीव जंतु कल्याण अधिकारी बनाया था तभी से इस कार्य को विशेष रूप से संचालित कर रहा हूं।” उन्होंने आगे बताया कि मेरे कार्य छुपे हुए नहीं है बल्कि रोजमर्रा के कार्यों के बारे में पशुपालन विभाग के अधिकारी, पुलिस , वन विभाग , परिवहन, अग्निशमन आदि से लेकर वन्य जीव जंतु चिकित्सा संस्थान- सत्य मंगलम,पीएसपीसीए, वेटरनरी कॉलेज, स्थानीय गौशालाएं इत्यादि को पूरा पता है क्योंकि हमें उनकी जरूरत पड़ती है और वह हमें सहयोग भी देते हैं।” उन्होंने आगे यह भी कहा , ” मेरे शेल्टर पर वर्तमान में 230 पशु पक्षी इस समय देखभाल के लिए मौजूद है । कोई ऐसा राज्य सरकार का विभाग नहीं है, जहां पर जाकर लावारिस पशुओं की सेवा की गुहार न लगाईं हो।”

रामकृष्णनन ने बताया , “मुझे तमिलनाडु के प्रसिद्ध खेल जल्लीकट्टू के कमेटी में भी रखा गया है । तमिलनाडु के और भी कमेटी में मैं शामिल हूं। मैंने इस मानवीय सेवा के लिए अपनी जिंदगी समर्पित कर दी है जिसका डॉक्यूमेंट प्रूफ तथा वीडियो उपलब्ध है। इतना ही नहीं बल्कि पशु प्रबंधन तथा सेवा से संबंधित सभी विभागों को मेरे कार्यों के बारे में पूरी जानकारी है।” पत्र सूचना कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि आज 4 अक्टूबर को भारत ही नहीं समूचे विश्व में “वर्ल्ड एनिमल डे( विश्व पशु दिवस)” के रूप में विभिन्न प्रकार के आयोजन किए जाते हैं ताकि पशुओं का कल्याण करने के लिए लोगों को जागृत किया जा सके। इसलिए केंद्र सरकार ने आज के ही दिन प्राणी मित्र पुरस्कार से देश के विभिन्न पशु प्रेमियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया । आज के पुरस्कार में कुल आठ श्रेणी रखी गई है जिसमें देश के 8 ऐसे पशु प्रेमियों को सम्मानित किया गया जो देशभर में उसे दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। इस सूची में तमिलनाडु के पशु पशु प्रेमी जी रामकृष्णनन भी शामिल है।

परिवहन विभाग के चयनित 10 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र

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देहरादून, 7अक्टूबर, शुक्रवार सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिवहन विभाग के अंतर्गत कनिष्ठ सहायक पद पर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित किए गए 10 अभ्यर्थियों को नियुक्त पत्र प्रदान किये,!
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समस्त नियुक्ति पत्र धारकों को शुभकामनाएं दी !उन्होंने कहा कि आपके परिश्रम से आपको सेवा कार्य करने का जो अवसर प्राप्त हुआ है इसका पालन अपने कार्यक्षेत्र में पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा से करें !साथ इस नए जीवन की शुरुआत नियमित दिनचर्या व अनुशासन से करें! जिससे आपके सामर्थ्य का पूर्ण उपयोग किया जा सके!
इस अवसर पर परिवहन सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी ने कहा कि परिवहन विभाग उत्तराखंड के अंतर्गत दो वर्षों में एक संभागीय निरीक्षक और 59 परिवहन आरक्षियों को सीधे भारती के माध्यम से नियुक्ति प्रदान की गई है.! वर्तमान में 39 पद कनिष्ठ सहायक के व 17 पद सहायक लेखाकार के चयन प्रक्रिया में हैं ..! इसके अतिरिक्त परिवहन विभाग के अंतर्गत सीधी भर्ती के विभिन्न पदों के लिए 147 पदों का अधियाचन आयोग के लिए प्रेषित किया गया है !
इस कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी एवं परिवहन विभाग के कई अधिकारी भी उपस्थित थे।

हिंदू व सनातन के खिलाफ होने वाले किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे- पुष्कर सिंह धामी , मुख्यमंत्री उत्तराखंड

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मायापुर (हरिद्वार ), 7 अक्टूबर 2023 ,शुक्रवार सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में बजरंग दल द्वारा आयोजित शौर्य जागरण यात्रा के समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मिलित हुए ..!
“शौर्य जागरण” यात्रा से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि -आप सभी लोग बधाई के पात्र हैं और मैं आपको नमन करता हूं कि आपने देवभूमि में सामान्य जनमानस के मन मस्तिष्क को जागृत करने का कार्य किया है !..जिस संकल्प के आगे ही “शौर्य जागरण” लगा हुआ हो उसका उद्देश्य स्वतः ही स्पष्ट हो जाता है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की संकल्पना पूर्ण होने के तत्वाधान में निकाली जाने वाली यह यात्रा अभूतपूर्व है..!
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन काल में लोग स्वयं को हिंदू कहलाने में हिचकिचाते थे ,परंतु आज इस प्रकार की शौर्य या कावड़ यात्राओं को देखकर हमें गर्व होता है और हम गर्व से कह सकते हैं कि हम हिंदू हैं.. सनातनी हैं।
शीघ्र ही राम मंदिर निर्माण का स्वप्न भी पूरा होने वाला है। यह सर्वविदित है कि करोड़ों लोगों ने आंदोलन में भाग लेकर बाबर के पाप को धोने का कार्य किया ,,! सन् 2014 से पूर्व तुष्टिकरण का माहौल था। किसी राजनीतिक दल, व्यक्तियों या परिवार के हितों को ध्यान में रखकर फैसले दिए जाते थे किंतु आज प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा की गारंटी सरकार ले रही है।
आजादी के पश्चात सबसे अधिक राज करने वाले दल ने अपने कार्यकाल में हिंदू धर्म को नीचा दिखाने का कार्य किया है,,वर्तमान में भी देश में विपक्ष द्वारा अजीब माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है ! दक्षिण में स्टालिन व प्रियांक खड़गे जैसे लोगों ने सनातन व हिंदू धर्म की तुलना डेंगू व मलेरिया से की है .!किंतु आश्चर्य है कि कोई भी व्यक्ति ,नेता या राहुल गांधी जैसे लोग इस वक्तब्य के विरोध में एक बयान भी नहीं देते ..!यह प्रश्न सिर्फ मेरा नहीं पूरे भारतवासियों का है।
अतः तुष्टिकरण करने वाले लोगों से सतर्क रहें ..!हमें संकल्प लेना होगा, हमें शपथ लेनी होगी कि ऐसी ताकतों को हमें रोकना होगा जो देश की एक एकता व अखंडता के लिए खतरा उत्पन्न करते हैं ..!
आदरणीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार सनातन को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर कार्य करती रही है ..!कश्मीर में जहां दो विधान दो संविधान चलते थे ….!वह समाप्त किया गया है .!भव्य काशी कोरीडोर हो या उत्तराखंड में केदारनाथ ,बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब या फिर चार धाम यात्राओं के विकास की बात हो यह सभी महत्वपूर्ण कार्य सरकार द्वारा किए जा रहे हैं।
गत 9 वर्षों से देश से आतंकवाद ,दहशतगर्दी व अलगाववाद को समाप्त किया गया ..!पूर्व में प्रत्येक त्यौहार में भय का वातावरण व्याप्त रहता था वह समाप्त कर देश आगे बढ़ रहा है..! नए भारत में दुश्मन की गोली का जवाब हमारे सैनिक बिना किसी आदेश की प्रतीक्षा किए हुए गोलों से देते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था अत्यधिक तीव्रता से आगे बढ़ रही है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले भविष्य में यह विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगी..!
उत्तराखंड सरकार ने कई ऐसे मुद्दे जिन्हें पूर्व की सरकारों ने हाशिये पर रखा था हमने इसका निस्तारण किया है..! उत्तराखंड पूज्य भूमि व देवभूमि है इसके स्वरूप को कायम रखने के लिए अवैध मजारों को हटाकर अतिक्रमण को दूर करने का प्रयास किया है..! लगभग 3500 एकड़ सरकारी जमीन मुक्त कराई है..! धर्मांतरण व लव जिहाद के खिलाफ कठोर कानून लाये गए हैं.! धर्मांतरण उत्तराखंड पर “घुन ” की तरह लगा हुआ था इसके लिए हमने सख्त क़ानून बनाते हुए 10 वर्षीय सजा का प्रावधान रखा है ..!उत्तराखंड की जनता का धन्यवाद जिन्होंने पुनः भाजपा की सरकार बनायी ..! शीघ्र ही समान नागरिक संहिता कानून धरातल पर लाया जाएगा..! बहुत सारे कानून जो मुश्किल थे उन पर मंथन व निर्णय लेकर ,देवभूमि तथा हिंदू सनातन के खिलाफ होने वाले किसी भी साजिश को हम कामयाब नहीं होने देंगे ..!मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन उद्देश्यों के साथ यह यात्रा चल रही है वह अवश्य पूर्ण होगी।
शौर्य जागरण यात्रा’’ के समापन कार्यक्रम को श्रीमहन्त रविन्द्र पुरी जी महाराज , देवशरण आनन्द ने भी सम्बोधित किया।
केन्द्रीय महामंत्री विनायक ने यात्रा की विस्तृत रूपरेखा व उद्देश्य से अवगत कराया ..14 अक्टूबर को शौर्य जागरण यात्रा का समापन किया जाएगा ..!
इस अवसर पर विधायक श्री आदेश चौहान, पूर्व विधायक श्री संजय गुप्ता, जिलाधिकारी श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, उपस्थित थे।

अभय सिन्हा पांच साल के लिए चुने गए इम्पा अध्यक्ष

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मुंबई। फिल्म निर्माताओं की संस्था इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन की असाधारण आम बैठक और उसी दिन आयोजित वार्षिक आम बैठक के बाद 30 सितंबर को इंपा में आयोजित इसकी कार्यकारी समिति की पहली बैठक में जाने माने फिल्म निर्माता अभय सिन्हा को पांच साल के लिए अध्यक्ष चुना गया। इस बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर सुषमा शिरोमणि जबकि टीनू वर्मा और अतुल पटेल उपाध्यक्ष चुने गए तथा बाबूभाई थीबा कोषाध्यक्ष चुने गए। कुकू कोहली और महेंद्र धारीवाल को क्रमश: महासचिव और संयुक्त सचिव चुना गया। निशांत उज्जवल एफएमसी से महासचिव चुने गए जबकि राजकुमार पांडे एफएमसी से कोषाध्यक्ष चुने गए। हरसुखभाई धादुक को सीएचएएमपी से कोषाध्यक्ष चुना गया। कार्यकारी समिति के लिए चुने गए अन्य लोग थे अशोक पंडित, रत्नाकर कुमार, भरत एन. पटेल, घनश्याम जी. तलाविया, जगदीशचंद्र बी. बारिया, मनीष जैन, राकेश नाथ ‘रिक्कू’, प्रदीप सिंह, रोशन सिंह, विनोद गुप्ता, यूसुफ शेख और संजीव सिंह बॉबी। इससे पहले इंपा के अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता था। अभय सिन्हा ने अपना दो साल का कार्यकाल सफलता पूर्वक पूरा किया है। वार्षिक आम बैठक में इंपा के पूर्व अध्यक्ष टी.पी.अग्रवाल का गुलदस्ता देकर इंपा के वर्तमान अध्यक्ष अभय सिंन्हा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुषमा शिरोमणि द्वारा स्वागत किया गया।


इस अवसर पर अध्यक्ष अभय सिन्हा ने घोषणा की कि इंपा सभी निर्माताओं के लाभ के लिए हर संभव प्रयास करना जारी रखेगी। यदि हमारा कोई सदस्य आर्थिक दिक्कत से गुजर रहा हैै तो उसके बच्चों को चिकित्सा और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। हम विभिन्न सरकारों की मदद से अपने सदस्यों को अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। यह जानकारी इंपा के सचिव अनिल नागरथ द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।

मुंबई के नंदनवन में “आचार्य तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार 2023” से सम्मानित होंगी राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा

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मुम्बई। घोडबंदर रोड ठाणे स्थित नंदनवन परिसर में तेरापंथ महिला मंडल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जानकारी दी कि 7 अक्टूबर को राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती रेखा शर्मा को “आचार्य श्री तुलसी कर्तृव्य पुरस्कार 2023” से सम्मानित किया जा रहा है।
तेरापंथ धर्म संघ के एकादशम अधिशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण के सान्निध्य में हर वर्ष प्रदान किया जाने वाला “आचार्य तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार” इस वर्ष श्रीमती रेखा शर्मा को प्रदान किया जा रहा है जिससे अखिल भारतीय महिला मंडल गर्वित है। रेखा शर्मा को कोविड काल के दौरान उनके द्वारा किये गये उल्लेखनीय कार्यों एवं सेवाओं के लिए सम्मानित किया जा रहा है।
यह जानकारी नंदनवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में तेरापंथ महिला मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती नीलम सेठिया, महामंत्री मधु देरासरिया सहित तमाम पदाधिकारियों ने दी।
अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल द्वारा सन 2003 में आचार्य तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार की शुरुआत की गयी थी। यह पुरस्कार अध्यात्म, कला, विज्ञान, संस्कृति सुरक्षा, नारी जागरण एवं प्रशासनिक क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले महिला संगठन या महिला को प्रदान किया जाता है, जो कि इस बार राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती रेखा शर्मा को प्रदान किया जायेगा।
आचार्यश्री महाश्रमण जी एवं साध्वी प्रमुखा विश्रुतविभा के सानिध्य में यह पुरस्कार मुंबई नंदनवन में 7 अक्टूबर 2023 को राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती नीलम सेठिया की अध्यक्षता में अखिल भारतीय महिला मंडल के 48वें राष्ट्रीय अधिवेशन “क्षितिज – असीम संभावनाओं के” में प्रदान किया जा रहा है। संस्था की महामंत्री श्रीमती मधु देरासरिया एवं पुरस्कार निर्देशिका डॉ. सूरज बराड़िया सहित प्रयोजक देवराज मूलचंद नाहर चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से मूलचंद नाहर के महिला पूरे देश से महिला मंडल की तमाम पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

स्विस एज्युकेशन ग्रुप से करारनामे पर पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी प्रशिक्षण से राज्य में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर.. पुष्कर सिंह धामी

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देहरादून 4 अक्टूबर, गुरुवार, समग्र शिक्षा उत्तराखंड एवं स्विस एज्युकेशन समूह स्विट्जरलैंड के मध्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में महत्वपूर्ण करारनामा हुआ। राज्य सरकार की ओर से राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा बंशीधर तिवारी जबकि स्विस एजुकेशन ग्रुप की ओर से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हीराज आर्टीनियर ने हस्ताक्षर किए।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड में 9 वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करने के अवसर उत्पन्न करना है. !
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस करारनामें से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा के अंतर्गत पर्यटन व हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा जो निकट भविष्य में मिल का पत्थर साबित होगा. ! प्रशिक्षण पश्चात रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी! राज्य सरकार पर्यटन या साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने स्तर पर कार्य कर रही है.!राज्य धार्मिक व आध्यात्मिक मूल्यों की वृद्धि के साथ-साथ ईको टूरिज्म व वैलनेस को बढ़ावा देने के लिए भी राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है.! हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन के क्षेत्र में राज्य सरकार को अनेकों प्रस्ताव भी प्राप्त हो रहे हैं.!
मुख्यमंत्री ने इस विशेष समझौते(करारनामें ) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अभय दास महाराज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस विषय पर लगभग चार माह पूर्व अभयदास महाराज से उनकी वार्ता हुई थी.! मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सर्विदित है कि उत्तराखंड में चार धाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु व पर्यटक, तीर्थाटन हेतु इन धार्मिक स्थलों में आते हैं !इस हेतु मानसखंड मंदिर माला मिशन पर तीव्रता व गंभीरता से कार्य किया जा रहा है जिसमें प्रथम चरण में 16 मंदिरों को चिन्हित किया गया है !
अपने संबोधन में अभय दास महाराज ने प्रस्तुत करारनामा (एमओयू ) की आवश्यकता व उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आध्यात्मिक केंद्र है भविष्य में उत्तराखंड विदेश में भी आध्यात्मिक केंद्र खोलने की दिशा में कार्य करेगा, जिससे निश्चित ही रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी किंतु इसके लिए पर्यटन व तीर्थाटन को बढ़ावा देने हेतु हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र का शक्तिशाली होना आवश्यक है..!
सचिव विद्यालय शिक्षा श्री रवि नाथ रमन ने कहा कि इस करार से भविष्य में स्विस एजुकेशन ग्रुप फैकल्टी द्वारा न सिर्फ भारत में बल्कि स्विट्जरलैंड में भी इन स्कूली छात्र-छात्राओं को एक-एक माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा..!
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, स्विस एज्युकेशन ग्रुप के सूर्य प्रताप सिंह भाटी, अपर परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती भी उपस्थित थे।

बलिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई, DM के आदेश पर गौ-तस्कर की सम्पत्ति जब्त

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Ballia News : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में लागू अपराध मुक्त नीति के आलोक में अपराध व अपराधियों के विरुद्ध जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार व पुलिस अधीक्षक एस. आनन्द द्वारा चलाये जा रहे अभियान गो तस्करी में संलिप्त अभियुक्त की 03 लाख 35 हजार की सम्पत्ति को जब्त किया गया है।
फेफना पुलिस टीम ने एक पिकअप पर 8 गोवंशीय पशु के साथ अभियुक्त अफजल खान पुत्र एखलाख (निवासी बहेरी, थाना कोतवाली, बलिया) को पकड़ा था। वहीं अन्य भागने में सफल हो गये थे। फेफना पुलिस ने धारा 3/5ए/8 गोवध निवारण अधिनियम बनाम अफजल खान पुत्र एकलाख (निवासी बहेरी, थाना कोतवाली, बलिया), सोहेल पुत्र मुनीम (निवासी जाम, थाना रसड़ा, बलिया), सद्दाम पुत्र हाफिज कुरैशी (निवासी उमरगंज, थाना कोतवाली, बलिया), चुन्नू खान उर्फ फिरोज खान पुत्र नईम खान (निवासी परमन्दापुर, थाना कोतवाली, बलिया) पंजीकृत किया था। विवेचना के क्रम में 29 अक्टूबर 2022 को अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 2/3 (1) उत्तर प्रदेश गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत फेफना पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया।
विवेचना प्रभारी निरीक्षक चितगड़ागांव रामसजन नागर द्वारा की जा रही थी। वाहन स्वामी अभियुक्त चुन्नू खान उर्फ फिरोज खान पुत्र नईम खान द्वारा अपने वाहन से गोवंश तस्करी में पैसा कमाने की बात स्वीकार किया गया। इसके आधार पर जिलाधिकारी बलिया द्वारा उत्तर प्रदेश गिरोह बन्द व समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम 1986 की धारा 14 (1) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अभियुक्त की अवैध तरीके से अर्जित सम्पत्ति कुर्क करने का आदेश दिया गया, जिस क्रम में बुधवार को प्रभारी निरीक्षक चितबड़ागांव रामसजन नागर धारा 3/5ए/8 गोवध निवारण अधिनियम से संबंधित एक पिकअप यूपी 60टी 4944 व धारा 2/3(1) उत्तर प्रदेश गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम से संबंधित एक सुपर स्पेलेण्डर बाइक यूपी 60एएल 6760 को नियमानुसार कार्यवाही पूर्ण कर जब्त किया गया। जब्त पिकअप व बाइक की कुल अनुमानित कीमत लगभग 03 लाख 35 हजार है।

छत्तीसगढ़ – किसानों ने यूपी की तर्ज पर गौ-पालक योजना का प्रस्ताव रखा,इन प्रस्तावों पर मुहर

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छत्तीसगढ़ , खेती में मजदूरों की कमी बड़ी समस्या बनती जा रही है. इससे निपटने मनरेगा के मजदूरों को पंचायत से जोड़कर रोजगार सेंटर बनाया जाए. यहां से डिमांड पर किसानों को खेती के काम के लिए मजदूर उपलब्ध कराया जाए. इस तरह मनरेगा को कृषि से जोड़ा जाना चाहिए. इससे किसानों की मजदूरों और सरकार की काम की समस्या खत्म हो जाएगी.

सिंचाई सुविधा: नदी और नालों में शुरूआत से लेकर आखिर तक तटीय गांवों में लिफ्ट सिस्टम तैयार कर बारिश का पानी सुरक्षित स्थलों में संरक्षित करने की व्यवस्था हो.

तैयार हो. इससे सिंचाई का रकबा बढ़ेगा वहीं ग्राउंड वाटर की समस्या भी खत्म हो जाएगी. अतिरिक्त फसल बीमा: पीएम फसल बीमा योजना में पैदावार की लिमिट 12 क्विंटल प्रति एकड़ है, जबकि सरकार 20 क्विंटल खरीदती है. इस तरह सरकार भी 20 क्विंटल उत्पादन मानती है. ऐसे में पीएम बीमा से छूटे उत्पाद के लिए प्रदेश स्तर पर अलग से बीमा योजना लागू किया जाना चाहिए.

अनाज बैंक: हर सहकारी समिति में अनाज बैंक की स्थापना कर यहां चना, गेहूं, अरहर जैसे उत्पादों को भंडारित कर रखने की सुविधा मुहैया कराया जाए. जमा अनाज पर गोल्ड लोन की तरह 70 फीसदी तक किसानों को लोन दिया जाना चाहिए. इससे किसान दाम ज्यादा होने पर उपज बेंच सकेंगे और नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा.

राज्य किसान आयोग: प्रदेश में किसान आयोग का गठन अब तक नहीं हुआ है. इससे चलते किसानों की आवाज सीधे सरकार तक पहुंचाने की कोई भी व्यवस्था नहीं है. किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए उचित मंच तैयार करने राज्य में राज्य किसान आयोग का गठन किया जाना चाहिए.

घुमंतु मवेशी: सड़कों पर आवारा मवेशियों से छुटकारा के लिए यूपी की तर्ज पर गो-पालक योजना लागू किया जाए. जिसके माध्यम से पशुपालकों को चारा व दूसरे खर्चों के लिए प्रति पशु 250 रुपए शासन की ओर से दिया जाए. उसके बाद पशु छोड़ने पर दंड की कार्राई हो.

कृषि उद्योग: ग्रामीण इंडस्ट्रीयल पार्कों में कृषि उत्पादों से तैयार प्रोडक्ट के लिए भी उद्योग स्थापित किए जाने चाहिए. इससे सीधे उत्पाद की बिक्री की तुलना में तैयार उपयोगी प्रोडक्ट से किसानों को ज्यादा लाभ मिलेगा. इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा.

अमानक खाद-बीज: अमानक खाद-बीज खेतों में खप जाता है, इसके बाद जांच की रिपोर्ट पहुंचती है. इससे बचने के लिए टेस्ट सर्टिफाइड खाद बीज की ही बिक्री का नियम बनाया जाना चाहिए. अमानक खाद बीज पर नुकसान की भरपाई का भी प्रावधान हो.

गौठान और बिजली: इसके अलावा महापंचायत में गौठान और बिजली सहित अन्य समस्याओं को लेकर भी प्रस्ताव पारित किए गए. किसानों ने गौठान योजना को पूरी तरह फ्लाप करार दिया वहीं कृषि उपयोग की बिजली में कटौती को भी अनुचित बताया.

राज्य में किसान आयोग के गठन और घुमंतु मवेशियों की समस्या से निपटने यूपी की तर्ज पर गौ-पालक योजना की मांग किसानों ने उठाई है. नगपुरा में किसान महापंचायत में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया. ये प्रस्ताव राजनीतिक दलों को भेजे जाएंगे. किसानों ने उनके प्रस्ताव पर अमल के लिए तैयार राजनीतिक दलों को सहयोग का फैसला भी किया गया. छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के बैनरतले यह महापंचायत आयोजित किया गया.महापंचात में आधा दर्जन से ज्यादा किसान संगठनों के प्रदेशभर के करीब 1500 किसान प्रतिनिधि शामिल हुए. महापंचायत में करीब दर्जनभर अन्य प्रस्ताव भी पारित किए गए.