Home Blog Page 340

PM मोदी ने की राजभवन, गांधीनगर में मोरबी में स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक

0


गुजरात | पीएम मोदी ने आज पहले राजभवन, गांधीनगर में मोरबी में स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
उन्हें घटनास्थल पर चल रहे बचाव कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। पीएम ने एक बार फिर यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता मिले।

#WATCH | Gujarat: PM Modi chaired a high-level meeting to review the situation in Morbi, at Raj Bhavan in Gandhinagar earlier today.

मुठभेड़ के बाद दो तस्कर गिरफ्तार, एक सिपाही घायल

0

बदायूं। प्रतिबंधित पशुओं को काटे जाने की सूचना पर तड़के पहुंची पुलिस की तस्करों से मुठभेड़ हो गयी। तस्करों द्वारा की गयी फायरिंग में सिपाही घायल हो गया, वहीं जवाबी फायरिंग में पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है। घायल हालत में दोनों तस्करों व सिपाही को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रविवार तड़के तीन बजे थानाध्यक्ष कादरचौक को मुखबिर ने सूचना दी कि थाना कादरचौक क्षेत्र के कादरबाड़ी जंगल में तस्कर प्रतिबंधित पशुओं का वध कर रहे हैं । इस सूचना पर थानाध्यक्ष कादरचौक वेदपाल सिंह पुलिस टीम के साथ तस्करों को घेरने का प्रयास किया। तस्करों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी।

फायरिंग में आरक्षी आसाराम घायल हो गये। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में अनिक पुत्र सफी रियासत व फजल हुसैन मोहम्मद हुसैन निवासी कादरबाड़ी थाना कादरचौक पैर में गोली लगने से घायल हो गये। पुलिस ने दोनों घायलों को मौके से गिरफ्तार किया, इस के अन्य दो साथी अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकले। दो अभियुक्त मौके से अंधेरे व उबड़ खाबड़ जमीन होने के कारण भागने में सफल हो गये।

अभियुक्तों के कब्जे से दो तमंचे, पांच कारतूस, अधकटा शव गोवंश, काटने व तौलने के उपकरण, दो बाइक मौके से बरामद की।

 

ये भी पढ़े – मोरबी पुल हादसे को लेकर 9 लोग गिरफ्तार, IG बोले- आरोपियों को सख्त सजा दिलाएंगे

Gujarat Morbi Bridge Collapse – भाजपा सांसद के परिवार के 12 लोगों की मौत

0
BJP’s Rajkot MP Mohan Kundaria

मोरबी में केबल ब्रिज हादसे में अब तक 143 लोगों की मौत हो चुकी है. झूलते पुल पर चलने वालों में एक परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। मोरबी में हुए इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे ने अपने माता-पिता को खो दिया और बीजेपी के राजकोट सांसद मोहन कुंदरिया ने अपने 12 रिश्तेदारों को खो दिया. हादसे में कुंदरिया के देवर यानी मेरे देवर की चार बेटियां, तीन दामाद और पांच बेटे मारे गए.

गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे में अब तक करीब 140 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से 132 मौतों की पुष्टि की गई है। मृतकों में राजकोट से भाजपा सांसद मोहन भाई कुंदरिया के परिवारीजन भी शामिल हैं। उनके परिवार के 12 सदस्यों ने दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवा दी।

भाजपा सांसद ने कहा है कि हादसे में मेरी बहन के परिवार के 12 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा, हमने मेरी बहन के जेठ की चार बेटियों, तीन दामादों और पांच बच्चों को खो दिया है। उन्होंने कहा, यह हादसा काफी दुखद है जो भी इस हादसे का दोषी होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।

मेरे सामने मिल चुकीं 100 से ज्यादा लाशें
भाजपा सांसद ने कहा, हादसे के बाद से मैं यहीं पर हूं। मेरे सामने करीब 100 से ज्यादा लाशें निकाली जा चुकी हैं। अभी भी नदी से लाशों के बाहर आने का सिलसिला जारी है। उधर, हादसे के बाद से नदी पर लगातार बचाव कार्य चल रहा है।

Morbi Bridge Collapses News – यहां हुई चूक -दीपावली में हड़बड़ी में जय सुख भाई पटेल ने अपनी पौती के हाथों इस ब्रिज का उद्घाटन कर दिया

0
जय सुख भाई पटेल ने अपनी पौती के हाथों इस ब्रिज का उद्घाटन करते हुए

ओरेवा ग्रुप के जय सुख भाई पटेल ने अपनी निजी कैपेसिटी से अपना पैसा लगाकर जिंदल ग्रुप से इस ब्रिज को बनवाया इसका नाम ओरेवा झुलतो पुल रखा उन्होंने आठ करोड़ रुपए जिंदल ग्रुप को दिए जिंदल ग्रुप ने इस ब्रिज की 25 साल की गारंटी दिया था हालांकि ब्रिज पर एक साथ 100 लोगों को चढ़ने की परमिशन थी लेकिन अभी इस ब्रिज का फिटनेस सर्टिफिकेट और सरकार के तीन एजेंसियों के द्वारा जांच होना बाकी था लेकिन दीपावली में हड़बड़ी में जय सुख भाई पटेल ने अपनी पौती के हाथों इस ब्रिज का उद्घाटन कर दिया हादसे के वक्त ब्रिज पर 500-700 लोग थे .

जय सुख भाई पटेल ने अपनी पौती के हाथों इस ब्रिज का उद्घाटन करते हुए

Gujarat Morbi Bridge Collapse: गुजरात के मोरबी में रविवार को फंक्शनल पुल के गिरने से करीब 141 लोगों की मौत हो गई. 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. अब भी कई लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है. बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त ब्रिज पर 500-700 लोग थे. अब सवाल ये उठता है कि इस पुल में ऐसा क्या था कि इतनी बड़ी संख्या में लोग एक साथ जमा हुए. जबकि इस पुल की क्षमता 100 लोगों की थी. हम आपको बता रहे हैं इस पुल से जुड़ी तमाम जानकारी.

इस वजह से था आकर्षण का केंद्र

मच्छु नदी पर बने इस पुल का इतिहास करीब 140 साल पुराना था. इस पुल की बात करें तो यह गुजरात के प्रमुख टूरिस्ट प्लेस में से एक बन गया था. यहां रोज बड़ी संख्या में लोग घूमने आते थे. क्योंकि ये पुल हवा में झूलता रहता था और यह बिल्कुल ऋषिकेश के राम और लक्ष्मण झूले जैसा पुल था इसलिए बड़ी संख्या में लोग यहां आते थे. संडे को इस पुल पर एक साथ 500-700 लोग जमा हुए और पुल इतना बोझ नहीं झेल सका. पुल टूटकर नदी में गिर गया, जिससे लोग बहने लगे.

1880 में बनवाया गया था पुल

मोरबी में मच्छु नदी पर इस पुल का निर्माण वर्ष 1880 में पूरा हुआ था और इसका उद्घाटन मुंबई के गवर्नर रिचर्ड टेम्पल ने किया था. उस वक्त इसे बनाने में करीब 3.5 लाख रुपये खर्च हुए थे. इस पुल के निर्माण का सारा सामान ब्रिटेन से आया था. निर्माण से लेकर हादसे से पहले तक इस पुल की कई बार मरम्मत कराई गई थी. इस पुल की लंबाई 765 फीट थी. आसान शब्दों में कहें तो यह पुल 1.25 मीटर चौड़ा और 230 मीटर लंबा था. यह पुल भारत की आजादी के संघर्ष का गवाह भी रहा है. यह भारत के सबसे पुराने पुलों में से एक था, इसलिए यह टूरिस्ट प्लेस बन चुका था. इस पुल पर जाने के लिए 15 रुपये की फीस लगती थी.

6 महीने की मरम्मत के बाद 25 अक्टूबर को खोला गया था

यह पुल पिछले 6 महीने से मरम्मत की वजह से लोगों के लिए बंद था. 25 अक्टूबर से इसे फिर से लोगों के लिए खोला गया था. इन 6 महीनों में पुल की मरम्मत पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. इस पुल की मेंटिनेंस की जिम्मेदारी वर्तमान में ओधवजी पटेल के स्वामित्व वाले ओरेवा ग्रुप के पास है. इस ग्रुप ने मार्च 2022 से मार्च 2037 यानी 15 साल के लिए मोरबी नगर पालिका के साथ एक समझौता किया था, इस समझौते के आधार पर ही इस पुल के रखरखाव, सफाई, सुरक्षा और टोल वसूलने जैसी सारी जिम्मेदारी ओरेवा ग्रुप के पास है.

यहां हुई चूक 

जिंदल ग्रुप ने  इस ब्रिज की 25 साल की गारंटी दिया था हालांकि ब्रिज पर एक साथ 100 लोगों को चढ़ने की परमिशन थी लेकिन अभी इस ब्रिज का फिटनेस सर्टिफिकेट और सरकार के तीन एजेंसियों के द्वारा जांच होना बाकी था लेकिन दीपावली में हड़बड़ी में जय सुख भाई पटेल ने अपनी पौती के हाथों इस ब्रिज का उद्घाटन कर दिया. बताया गया है कि हादसे के वक्त ब्रिज पर 500-700 लोग थे.

मेरा मन करुणा से भरा हुआ है, मोरबी ब्रिज हादसे पर दुख व्यक्त किया पीएम मोदी ने

0

नई दिल्ली / केवड़िया, । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को गुजरात के केवड़िया में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने मोरबी ब्रिज हादसे पर दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने भावुक होते हुए कहा कि मेरा मन करुणा से भरा हुआ है।

मेरा मन मोरबी के पीड़ितों के साथ : पीएम मोदी

गुजरात के केवड़िया में पीएम मोदी ने कहा कि मैं एकता नगर में हूं लेकिन मेरा मन मोरबी के पीड़ितों के साथ है। मैंने अपने जीवन में शायद ही कभी इस तरह के दर्द का अनुभव किया होगा। एक तरफ दर्द से भरा दिल है तो दूसरी तरफ है कर्तव्य का रास्ता है।

केंद्र भी राज्य सरकार को कर रही हरसंभव मदद

साथ ही कहा कि हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करता हूं। दुख की इस घड़ी में सरकार हर तरह से शोक संतप्त परिवारों के साथ है। गुजरात सरकार कल से राहत और बचाव कार्य कर रही है। केंद्र भी राज्य सरकार को हरसंभव मदद कर रही है।

इलाज के लिए अस्पताल में बरती जा रही है पूरी सतर्कता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अस्पताल में भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है, जहां घायलों का इलाज चल रहा है। लोगों को कम से कम परेशानी हो, यह सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी जा रही है।

राज्य सरकार ने जांच के लिए गठित की कमेटी

पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल बीती रात मोरबी पहुंचे। वह कल के बाद से खोज और बचाव कार्यों की कमान संभाल रहे हैं। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है। मैं देश के लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि बचाव और राहत कार्यों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

सीएम ने घायलों से की मुलाकात

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सोमवार सुबह ही मोरबी में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने सर्च अभियान, राहत-बचाव अभियान, घायलों के इलाज सहित सभी मामलों की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने मोरबी ब्रिज ढहने की घटना में व्यवस्था को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

करोड़ों लोगों ने मौलिक जरूरतों के लिए किया लंबा इंतजार

राष्ट्रीय एकता दिवस पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश के करोड़ों लोगों ने दशकों तक अपनी मौलिक जरूरतों के लिए भी लंबा इंतजार किया है। बुनियादी सुविधाओं की खाई जितनी कम होगी उतनी एकता भी मजबूत होगी। इसलिए आज देश में सैचुरेशन के सिद्धांत पर काम हो रहा है। साथ ही कहा कि हर योजना का लाभ हर लाभार्थी तक पहुंचे। इसलिए आज हाउसिंग फॉर आल, डिजिटल ​कनेक्टिविटी फॉर आल, क्लीन कुकिंग फॉर आल, इलेक्ट्रिसिटी फॉर आल के सिद्धांत पर काम हो रहा है।

पीएम मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना

विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अतीत की तरह ही भारत के उत्थान से परेशान होने वाली ताकतें आज भी मौजूद हैं। जातियों के नाम हमें लड़ाने के लिए तरह तरह के नरेटिव गढ़े जाते हैं। इतिहास को भी ऐसे पेश किया जाता हैं कि जिससे देश जुड़े नहीं और दूर हो जाएं।

Gujarat Bridge Collapse – अब तक 132 लोगों की मौत, बचाव अभियान जारी, एसआईटी करेगी हादसे की जांच

0

शाहजहांपुर की गौशाला में गधों की हो रही है सेवा, गौवंश का चारा खा रहे है गधे ,गौवंश की है हालत खराब 

 

Gujarat Morbi Bridge Collapse Live News in Hindi: गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल मोरबी में घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस हादसे में अब तक 132 लोगों की मौत हो चुकी है। गुजरात के मोरबी में हुए हादसे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गुजरात में कल हुए हादसे में कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी। सबसे पहले मैं मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर उन्हें यह दुख सहने की शक्ति दे।

मोरबी में हुए हादसे के मद्देनजर पीएम मोदी ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया है। दरअसल, पीएम मोदी गुजरात और राजस्थान के तीन दिन के दौरे पर हैं। हादसे के चलते सोमवार को अहमदाबाद में होने वाला उनका रोड शो रद्द कर दिया गया है। बीजेपी गुजरात मीडिया सेल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में होने वाला पेज कमेटी स्नेह मिलन कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया है। मीडिया संयोजक डॉ. याग्नेश दवे के मुताबिक, मोरबी त्रासदी के मद्देनजर सोमवार को कोई कार्यक्रम नहीं होगा। हालांकि, 2,900 करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट को समर्पित करने का कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया है।

अब तक 132 लोगों की मौत

गुजरात के गृहमंत्री हर्ष सांघवी ने बताया कि नेवी, एनडीआरएफ, एयरफोर्स और आर्मी के जवान बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। करीब 200 लोगों की टीम पूरी रात काम करती रही। इस मामले में आपराधिक केस दर्ज कर लिया गया है। साथ ही, आईजीपी रेंज के नेतृत्व में जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अब तक 132 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर दी है।

दिन निकलते ही बचाव कार्य शुरू

गुजरात के गृहमंत्री हर्ष सिंघवी मौके पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि थलसेना, वायुसेना, नौसेना और एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में लगी हुई हैं। वहीं, मौके पर 108 डॉक्टरों की टीम भी तैनात है।

राहत-बचाव कार्य में सेना भी जुटी

भारतीय सेना के मेजर गौरव ने कहा कि बचाव कार्य अभी भी जारी है। रात करीब तीन बजे भारतीय सेना यहां पहुंच गई थी। हम शवों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। एनडीआरएफ की टीमें भी बचाव अभियान चला रही हैं।

पीएम मोदी का कार्यक्रम रद्द

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात और राजस्थान के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। पीएम मोदी ने मोरबी पुल हादसे के मद्देनजर सोमवार को अहमदाबाद में होने वाले अपने रोड शो को रद्द करने का फैसला किया है। रविवार की देर शाम गुजरात भाजपा मीडिया सेल ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में होने वाला पेज कमेटी स्नेह मिलन कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया है।

अब तक 100 से ज्यादा मौतें

गुजरात सूचना विभाग ने कहा कि सुबह तक 100 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। करीब 177 लोगों को बचा लिया गया है। 19 लोगों का इलाज चल रहा है। सेना, नौसेना, वायु सेना, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड तलाशी व बचाव अभियान चला रही है।

पांच दिन पहले ही खोला गया था पुल

अधिकारियों ने कहा कि हाल ही में मरम्मत के बाद जनता के लिए पांच दिन पहले ही फिर से खोले गए इस पुल पर रविवार की छु्टी होने के कारण काफी भीड़ थी। अफसरों के मुताबिक, रविवार को पुल शाम करीब साढ़े छह बजे टूट गया।

एनडीआरएफ की तीन टीमें व सेना के तीनों अंग बचाव में जुटे

पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया के अनुसार 60 के करीब लापता और 30 घायल हैं। 17 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक संख्या बढ़ भी सकती है। एनडीआरएफ की तीन टीमें व सेना के तीनों अंग बचाव में जुटे हैं।

 

हादसे की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन

प्रदेश सरकार ने हादसे की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है। अधिकारियों ने बताया, पानी के अंदर कीचड़ में धंसे शवों को निकालने के लिए पम्पाें से पानी हटाया जा रहा है। तलाशी और बचाव अभियान जारी

पुलिस, स्थानीय प्रशासन, एसडीआरएफ, भारतीय तटरक्षक बल और दमकल विभाग लगातार तलाशी और बचाव अभियान चला रहे हैं।

अब तक 132 लोगों की मौत, रातभर काम , एसआईटी करेगी हादसे की जांच

गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी में एक केबल पुल के टूटने से हुए हादसे में अब तक 132 लोगों की मौत हो गई है। जिस वक्त पुल टूटा उस वक्त करीब 500 लोग पुल पर ही थे। एनडीआरफ और एसडीआरएफ के अलावा वायुसेना और नौसेना भी बचाव कार्य में लगी हुई है। नदी से अब भी शवों को निकालने का काम जारी है। हादसे की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। जानिए अब तक का अपडेट- 

सीएम पटेल पहुंचे घटनास्थल 
गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल मोरबी में घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस हादसे में अब तक 132 लोगों की मौत हो चुकी है। सीएम भूपेंद्र पटेल मोरबी सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां केबल ब्रिज गिरने से घायल हुए मरीजों को भर्ती कराया गया है। 

गुजरात के गृह मंत्री बोले, करेंगे जरूरी कार्रवाई 
गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि सीएम भूपेंद्र पटेल स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। सरकारी एजेंसियां राहत कार्य कर रही हैं। एनडीआरएफ, नेवी और एयरफोर्स यहां मौजूद रहेंगे। जांच बहुत गंभीरता से की जाएगी और हम सभी आवश्यक कार्रवाई करेंगे। संघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने बचाव अभियान चलाने के लिए व्यापक समर्थन दिया है। एसडीआरएफ और पुलिस पहले से ही मौके पर मौजूद है। पुल की प्रबंधन टीम पर आईपीसी की धारा 304, 308 और 114 के तहत मामला दर्ज किया गया है। संघवी ने घटनास्थल का भी दौरा किया।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने कहा कि घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है और उनमें से कई को इलाज के बाद उनके घर भी भेज दिया गया है। खोज एवं बचाव अभियान जारी है। नदी से शव निकालने का काम जारी है।

शाहजहांपुर की गौशाला में गधों की हो रही है सेवा, गौवंश का चारा खा रहे है गधे ,गौवंश की है हालत खराब

0

 

उत्तर प्रदेश में जहां गौ वंश को लेकर बड़े युद्ध स्तर पर कार्य हो रहे है वही कुछ गौशाला के संचालक अपनी उदासीनता का परिचय देते हुए , गौवंश के नाम पर चंदा जमा कर के खुद खा रहे है , इसके अतिरिक्त गौशाला से गौवंश गायब हो रही है। खबर के अनुसार शाहजहांपुर की एक गौशाला में गधों की सेवा हो रही है और गौ का चारा उन्हें खिलाया जा रहा है। खबर आते ही गौभक्तों में चिंता और रोष है सभी ने प्रशासन से मांग की है कि इस के जिम्मेदार लोगो पर चरण कार्यवाही की जाए।

Shahjahanpur News: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की गोशाला में गोवंश बेहाल है लेकिन गोवंश का दाना यहां गधों को खिलाया जा रहा है. यह बात सुनने में कुछ अटपटी सी लग सकती है लेकिन यही हकीकत है. शाहजहांपुर की गोशाला से गधों की सेवा करने का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि गधे गोवंश के लिए लाया गया दाना खा रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद गौ रक्षक दल के अध्यक्ष ने जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.वायरल वीडियो कटरा गोशाला का बताया जा रहा है. यहां गोवंश के लिए लाए गए दाना गधों को खिलाया जा रहा है. यहां पर कर्मचारी गोवंश की सेवा करने की बजाय गधों की सेवा करने में जुटे हुए हैं .

Also Red

बॉलीवुड क्‍वीन क्या BJP के टिकट पर हिमाचल में चुनाव लड़ेंगी ? 

गौ रक्षा दल के अध्यक्ष मामले में शिकायत दर्ज कराई है.वहीं जिम्मेदार अफसरों का कहना है कि पुलिस ने घुमंतू लोगों के पास से गोवंश और कुछ गधे बरामद किए थे. इनमें से आधा दर्जन गधों को नगर पंचायत को सुपुर्दगी में दिया गया था. जिन्हें गोशाला में रखा गया था.उन्हीं गधों के लिए अलग से दाने और खाने का इंतजाम भी किया गया था. अधिकारियों का कहना है कि गोशाला में रह रही गोवंश को कोई दिक्कत नहीं है लेकिन सुपुर्दगी में दिए गए गधों के लिए भी चारा और खाने की व्यवस्था की जा रही है .

बता दें कि शाहजहांपुर की गोशाला में गायों के साथ गधों को भी देखा जा सकता है. वायरल हो रहे वीडियो को देखकर लगता है कि गोशाला में कई गधे बांधे गए हैं. इन गधों को भी चारा दिया जा रहा है.

गुजरात – विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक में राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी

बॉलीवुड क्‍वीन क्या BJP के टिकट पर हिमाचल में चुनाव लड़ेंगी ?

0

कगंना रनौत बोलीं- हिमाचल की सेवा

कगंना रनौत ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि, 2014 के बाद देश में नई चेतना का संचार हुआ है. मोदी जी के आने से बदलाव आया है और मेरे पिता, मोदी, योगी को पसन्द करते हैं. पीएम मोदी हर वर्ग की बात करते हैं. साथ ही कहा कि, मेरा परिवार राजनीति से जुड़ा है. एक्ट्रेस ने ये भी कहा कि, वो जनहित में अपना योगदान देने को तैयार है. वो बोली कि हिमाचल की सेवा करना सौभाग्य होगा.

गुजरात – तीसरी घटना , वंदे भारत ट्रेन के आगे पशु आने से इंजन का अगला हिस्सा फिर क्षतिग्रस्त

0

ट्रैक पर अचानक आ गयी गाय

बताया जा रहा है वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन उस समय हादसे की शिकार हुई, जब अतुल रेलवे स्टेशन के पास अचानक गाय आ गयी. इस हादसे में वंदे भारत ट्रेन का अगला हिस्सा टूट गया. भारतीय रेलवे ने हादसे के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ट्रेन को कोई नुकसान नहीं हुआ है, सिवाय फ्रंट कोच यानी ड्राइवर कोच के नोज कोन कवर पर नुकसान के. ट्रेन सुचारू रूप से चल रही है.

———————————————————————————————–

अहमदाबाद, 29 अक्टूबर। वलसाड के समीप अतुल स्टेशन के पास शनिवार सुबह वंदे भारत ट्रेन के सामने गाय आने से हादसे की खबर है। जिसमें ट्रेन के आगे के हिस्से को क्षति पहुंची है। ट्रेन की मरम्मत कर आगे के लिए रवाना कर दिया गया। वंदे भारत ट्रेन सुबह अहमदबाद से मुंबई की ओर जा रही थी। घटना की जानकारी मिलने पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

जानकारी के अनुसार वलसाड के अतुल स्टेशन के समीप रेल पटरी पर गाय आ जाने से ट्रेन के इंजन का अगला भाग क्षतिग्रस्त हो गया। इस मामले में पशु मालिक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।

इससे पूर्व ट्रेन दो बार पशुओं के पटरी पर आने से दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी है। गत 6 अक्टूबर को गांधीनगर से रवाना होने के बाद अहमदाबाद के निकट मणिनगर और वटवा के समीप गाय आने पर ट्रेन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था, तो रेलवे पुलिस ने पशु मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके अगले दिन 7 अक्टूबर को आणंद स्टेशन के समीप ट्रेन के साथ गाय की टक्कर हुई थी।

तीनों दुर्घटनाओं में जनहानि नहीं हुई थी। इस मामले में भी पशु मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 30 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर गांधीनगर से रवाना कराया था। वे इस ट्रेन में बैठकर गांधीनगर से कालूपुर स्टेशन गए थे।

गुजरात – विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक में राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी

0

कॉमन सिविल कोड के प्रारूप तय करने को बनेगी कमेटी

-कांग्रेस ने कहा, असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश

अहमदाबाद, 29 अक्टूबर। गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की भाजपा नीत सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक में राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही कॉमन सिविल कोड का प्रारूप तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट/हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया है।

इस संबंध में केन्द्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी। केन्द्रीय मंत्री रुपाला ने कहा कि देश में एक कानून हो तो कई तरह से फायदा होगा। सभी नागरिकों को एक समान अधिकार मिलेगा। सर्वानुमति से निर्णय लिया जाए तो यह लोकतंत्र की ताकत होगा। पूर्व में अलग-अलग कानून थे। कैबिनेट में लिए गए निर्णय के संबंध में रुपाला ने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट के बाद यूनिफार्म सिविल कोड लागू किया गया जाएगा। कमेटी गठित करने का अधिकार मुख्यमंत्री को दिया गया है। कमेटी की अध्यक्षता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज करेंगे, वहीं कमेटी में तीन से चार सदस्य होंगे।

गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि जनता की मांग को लेकर सरकार ने आज यूनिफार्म सिविल कोड के मामले में निर्णय किया है।

कांग्रेस ने की आलोचना

भाजपा सरकार के इस निर्णय पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हिम्मत सिंह पटेल ने कहा कि भाजपा ऐन चुनाव के पहले जनता से जुड़ी समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसा कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी राज्य में सबसे बड़ी समस्या महंगाई और बेरोजगारी है। भाजपा इन मुद्दों पर चर्चा करने से बचना चाहती है, इस वजह से वह यूनिफार्म सिविल कोर्ड के मुद्दों को उछाल रही है।

जानकारी के अनुसार हाल में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में कहा था कि यूनिफार्म सिविल कोड कानून के लिए राज्य अपने स्तर पर प्रयास करे। इसके बाद मार्च 2022 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने राज्य में यूनिफार्म सिविल कोड लागू करने की घोषणा की थी।

क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड

कॉमन सिविल कोर्ड एक धर्मनिरपेक्ष कानून है जिसमें सभी धर्म को मानने वालों के लिए समान कानून लागू होगा। अभी अलग-अलग धर्म से संबंधित अलग-अलग कानून हैं। मुस्लिम, ईसाई, पारसी समुदाय के लिए अलग कानून है। वहीं हिन्दू, सिख, जैन और बौद्ध धर्म के लिए अलग कानून है।

भाजपा इस मुद्दे को अपने केन्द्रीय घोषणा पत्र में शामिल कर चुकी है। अब तक राममंदिर, अनुच्छेद 370 हटाने के अपने वायदे पूरा करने वाली भाजपा का तीसरा महत्वपूर्ण मुद्दा यूनिफार्म सिविल कोड को राज्यों में लागू करवाना है। फिलहाल वह भाजपा शासित राज्यों में इसे अमलीजामा पहनाने में जुट गई है। इस मुद्दे से गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा कितना फायदा उठाएगी यह जानना भी महत्वपूर्ण होगा।