Home Blog Page 379

मुस्लिम समुदाय और गौ रक्षक आपस में भिड़े

0
Photo - Asianet News

सदर बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत औरंगाबाद के मेवाती मोहल्ला में बुधवार को गोकशी की सूचना पर गौ रक्षक दल के कार्यकर्ता एक घर पर पहुंचे। यहां उनकी एक विशेष समुदाय के युवकों से नोकझोक हो गई। इस दौरान कुछ युवकों ने छतों से पथराव भी किया और जमकर फायरिंग की।

मथुरा: सदर बाजार थाना क्षेत्र में बुधवार को गौ रक्षक दल के कार्यकर्ता और एक विशेष समुदाय के बीच नोकझोक हो गई। इस दौरान कुछ युवकों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना का जायजा लेते हुए मामले को शांत कराया और घटना की जांच की।

Photo – Asianet News

दरअसल, सदर बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत औरंगाबाद के मेवाती मोहल्ला में बुधवार को गोकशी की सूचना पर गौ रक्षक दल के कार्यकर्ता एक घर पर पहुंचे। यहां उनकी एक विशेष समुदाय के युवकों से नोकझोक हो गई। इस दौरान कुछ युवकों ने छतों से पथराव भी किया और जमकर फायरिंग की। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराते हुए घटना की जांच शुरू कर दी।

जंगली पिक्चर्स ने किया अपनी नई फिल्म ‘डोसा किंग’ का एलान

0
जगंली पिक्चर्स ने डायरेक्टर टी जे ज्ञानवेल (फेम-‘जय भीम’) के साथ अपनी नई और अगली  फिल्म ‘डोसा किंग’ का एलान किया है। एपिक ड्रामा थ्रिलर ‘डोसा किंग’ जीवजोती संतकुमार की लाइफ और उनके दुखों से प्रेरित हैं जिन पर एक अपराध का आरोप लगाया गया था जिसने देश को झकझोर कर रख दिया था, जिसके परिणामस्वरूप अठारह साल तक चले मुकदमे (पी. राजागोपाल बनाम स्टेट ऑफ तमिलनाडु) के बाद उन्हें दोषी ठहराया गया था। इसके राइट्स जंगली पिक्चर्स ने हासिल कर लिए है।
‘डोसा किंग’ एक शक्तिशाली प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जीवाजोती की लड़ाई को दर्शाएगी, जो दुनिया में सबसे बड़े साउथ इंडियन रेस्तरां सीरीज में से एक के मालिक है। एक इंडियन रेस्तरां के मालिक, जिन्हें एक पारिवारिक व्यक्ति के रूप में जाना जाता है और जिनकी उदारता के लिए न सिर्फ उनके कर्मचारियों द्वारा, बल्कि भोजन करने वालों के द्वारा भी उनकी पूजा की जाती थी और कैसे अनिच्छुक जीवज्योति की उनकी तलाश- उस समय उनकी आधी से भी कम उम्र के कारण हुई और उन पर आरोप लगाया गया और आखिरकार जीवाजोती संतकुमार के पति की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया जिसका फैसला सुप्रीम कोर्ट ने लगभग दो दशक के बाद सुनाया था।
इस फिल्म के निर्देशन के लिए जंगली पिक्चर्स ने डायरेक्टर टीजे ज्ञानवेल का नाम फाइनल किया हैं। बता दें ‘डोसा किंग’ के साथ टीजे ज्ञानवेल हिन्दी सिनेमा में बतौर निर्देशक अपनी शुरूआत करने जा रहे हैं। इससे पहले उन्होंने नेशनल अवॉर्ड विनर सूर्या के साथ अपने नेक्स्ट प्रोजेक्ट की घोषणा की थीं।
टीजे ज्ञानवेल को भाषा और संस्कृति से परे रिलेवेंट किरदारों को बनाने के लिए और व्यापक रूप से संबंधित स्टोरीटेलिंग के लिए जाना जाता हैं। टीजे ज्ञानवेल की लास्ट रिलीज तमिल फिल्म ‘जय भीम’ को दर्शकों और समीक्षकों द्वारा खूब सरहा गया था। इस फिल्म को टीजे द्वारा लिखा और निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही ‘पायनाम’ और ‘कूटहिल ओरुथन’ जैसी फिल्मों के लिए भी उन्हें जाना जाता है। जंगली पिक्चर्स ने पूर्व में ‘तलवार’ और ‘राजी’ जैसी दमदार फिल्में दर्शकों के सामने पेश की  है और अब जंगली पिक्चर्स ‘डॉक्टर जी’, ‘वो लड़की है कहां?’, ‘डोसा किंग’, ‘उलज’ और ‘क्लिक शंकर’ जैसी दिलचस्प फिल्मों के साथ 2022 में रॉक करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

सर्व गौ सेवक नहीं सौंप पाए ज्ञापन तो आक्रोशित होकर किया चक्का जाम

0

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)। मनकी चौक में अज्ञात वाहन द्वारा कई गौवंशों के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में रविवार की दोपहर सर्व गौसेवक दल पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपने गए। हालांकि बिना ज्ञापन सौंपे उन्होंने चक्का जाम कर दिया।

गौरतलब है कि बीते गुरुवार को हाइवे में मनकी चौक के समीप सड़क दुर्घटना में 7 गौवंशों की मौत हो गई थी। ज्ञापन के माध्यम से सर्व गौ सेवक जल्द से जल्द राजनांदगांव के हाइवे के सभी चौक-चौराहों में स्थाई रूप से बेरिकेडिंग की व्यवस्था की मांग करने पहुंचे थे। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे गौसेवकों से पहले नगर पुलिस अधीक्षक ज्ञापन लेने पहुंचे थे।

हालांकि एन वक्त पर जिला पुलिस अधीक्षक के आ जाने से उन्होंने ज्ञापन उन्हें ही सौपना चाहा। लेकिन जिला पुलिस अधीक्षक ने सभी गौ सेवकों से मिलने से इनकार कर दिया। केवल पांच व्यक्तियों को भीतर बुलाने की बात कही। लगातार कहने के बाद भी जब वे बाहर नहीं आये, तब सर्व गौ सेवकों ने सड़क पर आवाजाही रोक दी। इसकी वजह से बहुत देर तक यातायात बाधित रही।

सर्व गौ सेवक दल के लोग लगातार मांग करते रहे कि उनका ज्ञापन लिया जाए। इस तरह से व्यवस्था की जाए कि गाड़ियों की रफ्तार कम हो, ताकि आम जनता एवं जानवरों को दुर्घटना का शिकार नहीं होना पड़े। इस दौरान सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतक गायों को श्रद्धांजलि भी दी।

‘गऊ ग्राम महोत्सव’ the Festival of Cow का आयोजन मुम्बई में

0
 Mumbai – गौ वंश पर आधारित मुंबई से प्रकाशित समाचार पत्र ‘गऊ भारत भारती’ के तत्वाधान में गोरेगाँव (मुम्बई) के चाफेकर चौक के पास सममित्र ग्राउंड में सात दिवसीय ‘गऊ ग्राम महोत्सव- the Festival of Cow’ का आयोजन किया जाएगा जिसमे भारत वर्ष के सभी गौपालक , गौशाला संचालक , गौवंश से जुड़े प्रॉडक्ट निर्मातागण भाग लेंगे।
‘गऊ ग्राम महोत्सव’ के आयोजन के सम्बंध में आज 25 जुलाई को राज भवन में माननीय राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी जी से मुलाकात कर ‘गऊ ग्राम महोत्सव’ के प्रमुख आयोजक संजय अमान  ने कार्यक्रम की जानकारी दी और उन्हें मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया। इस अवसर पर इस कार्यक्रम के प्रमुख सलाहकार तथा संचालक संजय बलोदी ‘प्रखर’ ने  विशेष तौर पर माननीय महामहिम राज्यपाल महोदय को कार्यक्रम के संदर्भ में जानकारी प्रदान की  और बताया कि भारत वर्ष में गौ वंश पर आधारित अर्थव्यवस्था को खड़ा करने का यह एक सामूहिक प्रयास है जो कार्यक्रम के माध्यम से लोगों में जनजागृति लाएगा।
इस अवसर पर आयोजन समिति के अन्य सदस्य रामकुमार पाल (संरक्षक गऊ भारत भारती ) ज्ञानमूर्ति शर्मा ( भाजपा नगरसेवक ), डॉ विनोद कोठारी (कोकणप्रांत विहिप बजरंगदल प्रमुख, महामंत्री भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश ) कपिल कियावत , प्रीति रीठा , जयेश नाईक , प्रदीप पांडेय मौजूद रहे।
आयोजन समिति के प्रमुख संजय अमान का कहना है कि पुरातन भारत वर्ष की अर्थव्यवस्था एक समय में गऊ वंश पर ही आधारित थी , परन्तु समय और काल के अनुसार हम उसे भूलते गए । इस सात दिवसीय ‘गऊ ग्राम महोत्सव’ के माध्यम से हम भारतीय गऊ वंश के वैज्ञानिक महत्व के साथ – साथ गौवंश मानव और पृथ्वी के लिए कितनी उपयोगी है इन तमाम विषयों की जानकारी जन जागृति लाने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
 सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु  ” गऊ ग्राम महोत्सव ” the Festival of Cow एक  माध्यम बनेगा , हमारा उद्देश्य यही है कि भारत के घर – घर में गऊ आधारित प्रॉडक्ट पहुंचे इससे हमारा समाज अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को समझेगा जब गऊ माता का वैभव बढ़ेगा तो यक़ीनन हमारी सनातन संस्कृति और उसकी पद्धति का भी विकास होगा।
ज्ञात हो कि इस कार्यक्रम के सन्दर्भ केंद्रीय पशुपालन मंत्री परषोतम रुपाला जी से भी भेट संजय अमान ने कर ली है और उनका भी आशीर्वाद इस कार्यक्रम के लिए लिया और उन्हें आमंत्रित किया है।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

अमीषा पटेल, चंकी पांडेय, डॉ साहिल कादरी, रिमी सेन और अदिती गोवित्रिकर ने लॉन्च किया बिटिका ब्लॉक चैन टेक्नोलॉजी

0

मुंबई। बिटिका ब्लॉक चैन टेक्नोलॉजी अब दुनिया मे अपना परचम लहराने के लिए बिल्कुल तैयार है और लोग पूरे जी जान से बिटिका ब्लॉक चैन का हिस्सा बनते चले जा रहे हैं। क्या आम और क्या सितारे हर कोई डॉ साहिल कादरी के इस बिटिका ब्लॉक चैन टेक्नोलॉजी का फैन हो गया है और इससे जुड़ना चाह रहा है।
बिटिका ब्लॉक चैन के लांच के मौके पर मुंबई के सहारा स्टार होटल में हज़ारों लोगों ने इसमें हिस्सा लिया और कई अचीवर्स को डॉ साहिल कादरी ने सम्मानित भी किया और साथ ही अमीषा पटेल, चंकी पांडेय रिमी सेन और अदिति गोवित्रिकर ने अपने हाथों से अचीवर्स को कार की चाबी भी दी।
इस मौके पर समीर मुल्ला जो कि ब्लॉक चैन काउंसिलर और मोटिवेशनल स्पीकर हैं उन्होंने लोगों को इस टेक्नोलॉजी के बारे में गहराई से बताया।
डॉ साहिल कादरी के बारे में बस यही कहा जा सकता है कि मंज़िलें उन्ही को मिलती है जिनके सपनो में जान हो और पैरों से कुछ नही होता इरादों में उड़ान हो।

गाय का गोबर होता है कमाल – गाय के गोबर का धार्मिक महत्व

0

हिंदू धर्म में गाय को देवी देवता के तुल्य माना जाता है। धार्मिक शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि गाय के अलग-अलग अंग में अलग-अलग देवी देवता निवास करते हैं। मगर सबसे ज्यादा हिंदू धर्म को मानने वाले गाय के गोबर का इस्तेमाल करते हैं।

ऐसी मान्यता है कि गाय का गोबर बहुत ज्यादा शुभ होता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है। इतना ही नहीं, गाय के गोबर का महत्‍व क्‍या होता है, इस पर हमने ज्योतिषाचार्य एवं पंडित विनोद सोनी जी से बात की तो उन्होंने बताया, ‘गाय के गोबर में धन लक्ष्मी का वास होता है। यदि आप गोबर का इस्तेमाल किसी भी कार्य में करते हैं, तो आपको उसके शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।’

गाय के गोबर का धार्मिक महत्व

  • हिंदू धर्म में गाय के गोबर को पवित्र माना गया है। आयुर्वेद में चिकित्सा के लिए भी गाय के गोबर का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं धार्मिक लिहाज से देखा जाए तो गाय के गोबर में सकारात्मक ऊर्जा ( नकारात्मक ऊर्जा हटाने के आसान उपाय) होती है। इसलिए इसका प्रयोग पूजा पाठ के दौरान भी किया जाता है।
  • दिवाली के दूसरे दिन पड़ने वाली परेवा पर गोवर्धन पूजा होती है। इस पूजा में गोबर से ही गोवर्धन बनाए जाते हैं और उनकी पूजा की जाती है।
  • इतना ही नहीं, जिस स्थान को गोबर से लीप दिया जाता है, वह शुद्ध हो जाता है  और वहां कोई भी शुभ काम किया जा सकता है।

घर को गोबर से लीपने का महत्व

  • प्राचीन समय में गोबर से घर लीपने को बहुत ही शुभ माना जाता था। आज भी इसे शुभ माना जाता है। दरअसल, गाय के गोबर में देवी लक्ष्‍मी का वास होता है। इस लिए महिलाएं घर के मुख्य द्वार पर गोबर से आर्ट बनाती हैं या फिर पूरी दीवार को ही गोबर से लीप देती हैं।
  • कई घरों में आज भी दीवार पर गोबर से चौक बना कर उसकी पूजा की जाती है। वहीं गांव-देहातों में गोबर से दीवार, छत और जमीन भी लीपी जाती है।
  • शहरों में कई लोग अपने मुख्य द्वार के दोनों ओर थोड़ा सा गोबर लगा कर उस पर कलावा चिपका देते हैं, यह भी एक शुभ चिन्ह माना गया है।

गोबर के कंडे से हवन के लाभ

  • घर में धन की कमी हो या फिर आर्थिक संकट से परिवार जूझ रहा हो। गोबर के कंडे जलाने मात्र से आपको समस्या का समाधान नजर आने लग जाएगा।
  • गोबर के कंडे से हवन करने से देवी लक्ष्‍मी प्रसन्‍न होती हैं। इतना ही नहीं, ऐसा करने से आपको श्री हरी विष्णु भगवान का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
  • गोबर के कंडे से हवन करने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मकता नष्ट होती है।

गाय के गोबर का वास्तु

  • वास्तु के हिसाब से शुक्रवार के दिन गाय के गोबर को घर लाने से आर्थिक समस्याएं हल होती हैं।
  • यदि घर में कोई बीमार है, तो रोज सुबह पूजा करने के बाद गाय के गोबर के कंडों से अग्यारी करें। इससे रोगी की सेहत को लाभ पहुंचता है।
  • वास्‍तु के हिसाब से घर के मुख्य द्वार की दीवार या फिर फर्श को गोबर से लीपने पर देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

अमित शाह ने माणसा में नगरपालिका द्वारा नवनिर्मित सरदार पटेल सांस्कृतिक भवन का उद्घाटन किया

0

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गुजरात में माणसा नगरपालिका द्वारा नवनिर्मित सरदार पटेल सांस्कृतिक भवन का उद्घाटन व अन्य विकास कार्यों का शिलान्यास किया। श्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री पोषण अभियान के अंतर्गत अक्षय पात्र द्वारा नवनिर्मित मध्याह्न भोजन रसोईघर का उद्घाटन और महात्मा गाँधी पुस्तकालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भी किया। साथ ही उन्होने माणसा के सिविल अस्पताल और चंद्रासर तालाब का दौरा किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

अपने सम्बोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि आज बहुत ही पवित्र दिन है और बाल गंगाधर तिलक का जन्मदिन है। लोकमान्य तिलक के जन्मदिन के दिन ही माणसा में सरदार पटेल सांस्कृतिक भवन का निर्माण गुजरात सरकार द्वारा किया गया है। जिस लाइब्रेरी में मैंने भारत का इतिहास, पंचतंत्र, कौटिल्य का अर्थशास्त्र, विदुर नीति, पढ़ने का मौका मुझे मिला, वह लाइब्रेरी टूटी-फूटी हालत में होने के कारण इसकी पुस्तकें गुजरात सरकार को लौटाने की स्थिति आ गई। लेकिन आज उसी लाइब्रेरी का तीन मंजिला भवन किताबों के साथ पुनर्जीवित हुआ है, इस बात की मुझे बहुत खुशी है। इस पुस्तकालय को विश्व के लगभग तीस पुस्तकालयों के साथ सीधा इलेक्ट्रॉनिकली जोड़ा गया है। माणसा के किसी भी विद्यार्थी को किसी भी लाइब्रेरी की कोई किताब पढ़नी हो, तो इस वर्ष 31 अगस्त से ये सभी लाइब्रेरी ऑनलाइन होने वाली हैं और ये सारी पुस्तकें अगर जोड़ लें, तो माणसा पुस्तकालय लाखों पुस्तकों वाला हो जाएगा। मेरी माणसा के युवाओं से अपील है कि किसी भी देश का भविष्य इंडस्ट्री, सेना, टैक्स आदि से तय नहीं होता है, बल्कि उस देश की लाइब्रेरी में कितने युवा जा रहे हैं, उससे तय होता है। यहां विद्यार्थियों के लिए 40 कम्प्यूटर्स की जगह रखी गई है। जिस समय गुजरात सरकार यहां की किताबें वापस की गईं थीं, तब मैं 23 साल का था और मेरी आंख में आंसू आ गए थे। तब गुजरात सरकार से ये विनती की थी कि हमारे यहां इन पुस्तकों को रखने की व्यवस्था नहीं है। गुजरात सरकार ने बहुत मेहनत करके, ताकि किताबें सड़ ना जाएं, इन्हें कैमिकल प्रोसेस करके संभालकर रखी हैं और अब यह सारी किताबों की जगह हमारी लाइब्रेरी में हो गई है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि माणसा में 12 क्षेत्र हैं और यहां वर्तमान में चल रहे सिविल अस्पताल के अलावा बड़ा अस्पताल भी जल्द शुरू किया जाएगा। माणसा में पानी की सप्लाई की योजना मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल जी के नेतृत्व में बनाने का काम चल रहा है और यह भी कुछ समय में पूरी हो जाएगी। इस योजना से लगभग 10 लाख लीटर पानी की दैनिक जरूरत को पूरा किया जाएगा। इसके अलावा माणसा-बावला 4-लेन रोड के लिए मुख्यमंत्री जी ने 40 करोड़ रुपए दिए हैं और विकास योजनाओं के लिए भी 50 करोड़ रुपए का आवंटन आज हुआ है। क्षेत्र के 13 तालाबों को आंतरिक रूप से जोड़ने का कार्यक्रम भी गुजरात सरकार ने बनाया है, जो कि बहुत ही महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। आज हम सब जहां बैठे हैं उस तालाब को नर्मदा के पानी से भरने के लिए 2007 में पाइपलाइन डाली गई थी। गांववालों ने ही 3.5 करोड़ रुपए इकट्ठे करके यहां नर्मदा के पानी के लिए पाइपलाइन डाली है। इसी तालाब से मालन और चंद्रासर मैं पानी जाए, इस तरह की व्यवस्था पुराने समय से की गई है और अब अगर चंद्रासर के साथ बाकी के दस तालाबों को जोड़ दिया जाएं, तो सभी 13 तालाब में 12 महीने नर्मदा का पानी रह सकता है। इसके अलावा लगभग 5,000 टन सॉलि़ड वेस्ट के निकास के लिए भी नगर पालिका ने व्यवस्था की है।

श्री अमित शाह ने कहा कि माणसा का विकास और शिक्षा आजादी से पहले के समय से ही अग्रणी है। पूरे जिले में पहला साइंस कॉलेज तिलवाई के माणसा में बना, इसके अलावा आर्ट्स और कॉमर्स कॉलेज तो यहां उससे भी पहले से थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में माणसा के विकास के लिए गुजरात सरकार शिक्षा और विकास दोनों दृष्टिकोण से हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने को-ऑपरेटिव सेक्टर में कई नए क्षेत्र यहां खोल दिए हैं। हमें यहां इस प्रकार की व्यवस्था करनी है कि सभी 13 प्रकार की सहकारी नीतियां माणसा में शुरू हो सकें और माणसा को-ऑपरेटिव की दृष्टि से एक मॉडल बने। कांजी हाउस, गोबर गैस, गोबर बैंक, सामुदायिक सिंचाई मंडली, पानी बचाने की व्यवस्था जैसी अनेक चीजें एक साथ जुड़ जाएं और मानसा के सर्वांगीण विकास के लिए स्थानीय युवा आगे आएं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यहां आने से पहले मैं 25 हजार बालकों के लिए स्वच्छ भोजन, पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन बनाने की अक्षयपात्र द्वारा की गई व्यवस्था देखकर आया हूं। मेरा आप सभी से आग्रह है कि गांव के प्रत्येक निवासी को यह व्यवस्था एक बार देखनी चाहिए। भोजन बनने की पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी मनुष्य को हाथ लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है, इस प्रकार की व्यवस्था की गई है।

माणसा तहसील के 25 हजार बच्चों के लिए नाश्ता, भोजन और सुकड़ी जैसे पौष्टिक आहार बनाने और इन्हें ताज़ा सभी बालकों तक पहुंचाने की व्यवस्था अक्षयपात्र से हुई है।

श्री शाह ने कहा कि हमें 2024 से पहले माणसा में हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करानी है और ये हम सब मिलकर करेंगे जिसमें गुजरात सरकार हमारे साथ है।

 

 

डॉ गुलाब चंद पटेल के जीवन की प्रेरक कहानी

0
गांधीनगर गुजरात की कमिश्नरऑफ़ स्कूल ऑफिस पुराने सचिवालय  डॉ जीवराज मेहता भवन से  डॉ गुलाब चंद पटेल जी का तबादला 2007 में महात्मा गाँधी की जन्म भूमि पोरबंदर जिल्ला डायट ऑफिस में हुआ, तब इनके लिए पहली बार परिवार को छोड़कार दूर जगह पर नौकरी करने के लिए जाने का प्रथम अवसर था, इनके मन में डर था कि केसा होगा पोरबंदर? क्यो कि इन्हें पहले कभी पोरबंदर जाने के लिए मौका मिला नहीं था, पोरबंदर की विशेषता के लिए उन्हें  जानकारी तो थी लेकिन उसे देखने का अवसर इन्हें कभी प्राप्त नहीं हुआ था, इनके मन में एक डर घुस गया था .
इन्हें चिंता होने लगी थी, उनका परिवार में सभी ने बताया कि आप राजीनामा याने की नौकारी छोड़ दो, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले लो, लेकिन इन्होने सोचा कि अभी काफी समय बाकी है गांधीनगर शिक्षा ऑफिस में पद खाली होनेसे अपना तबादला गांधीनगर हो ही जाएगा, लेकिन इनकी पत्नी ने कहा कि मे एक बार देखलू की जगह केसी है? खाना कहा होगा, रहने के लिए क्या व्यवस्था है?
वे पोरबंदर पहुचे, वहा रामबा बी एड कॉलेज में गेट के पास दो कमरे में ऑफिस था, वहा एक सीनियर क्लार्क बैठा था, इन्होने जेसे ऑफिस में प्रवेश कर ने के लिए सीढ़ी पर पेर रखा उसने उसी समय पूछ लिया कि आप की सरनेम क्या है? हमने पटेल बताया तो आगे कुछ बोला नहीं, वहा रामबा कॉलेज के प्राचार्य डॉ आई ए भरड़ा जी चार्ज समाल रहे थे उनसे मिले और अपना रिपोर्ट दे दिया, उन्होने कहा कि आप अब घर वापस जाइये और अपनी व्यवस्था कर के दो दिन बाद आइए, I उन्होंने कॉलेज में स्टूडेंट्स की साथ कॉलेज किचन में जाकर खाना खाया और सर्किट हाउस में रेस्ट रूम में चले गए और रात को लक्जरी बस में सफर कर के अहमदाबाद में पहुचे और निगम की बस में गांधीनगर पहुचे. उनकी पत्नी ने कहा कि जगह अच्छी है, रहनेकी और खानेकी सुविधा उपलब्ध है इस लिए आप पोरबंदर ऑफिस में अपनी ड्यूटी पर रह सकते हैं. डॉ भरड़ा का स्वभाव सरल था, वो विद्वान थे और वे प्रामाणिक थे.
उनके साथ काम करने से इन्हें बहुत अच्छा लगा, उन्होने कविता लिखने के गुण के लिए डॉ पटेल जी को प्रोत्साहित किया, इसलिए काव्य संग्रह हिंदी गुजराती में पब्लिश हो सका, इन्होने पोरबंदर के लिए भी कविता लिखी थी, हरि कृपा काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ. उसका विमोचन पोरबंदर के कलेक्टर श्री एम बी परमार के कर कमलोसे किया गया, 5 सितंबर 2008 को रामबा कॉलेज के विधार्थी गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का ऑन लाइन गोष्ठी कार्यक्रम डायट ऑफिस में देख रहे थे, यह विधार्थी ओ ने अलग अलग तौर पर संकल्प लिया कि जेसे हम पांच अनपढ़ को पढ़ाएंगे, पांच पेड़ लगाएंगे, आदि, उस समय सरकारी नौकरी में जो कर्मचारी थे उन्हे भी स्वर्णिम गुजरात के उत्सव के लिए संकल्प लेकर अपना योगदान अपने देश और राज्य के लिए देना था लेकिन किसी ने संकल्प नहीं लिया तो इन्होने संकल्प लिया कि हम व्‍यसन मुक्ति कार्य करेंगे, आदरणीय राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के वाइब्रेशन इनमे आए और उन्होंने विधार्थीओ के लिए व्‍यसन मुक्ति कार्यक्रम करने की शुरुआत की, तो प्राचार्य डॉ भरड़ा सर ने इन्हें पूछा कि तुम केसे व्यसन मुक्ति कार्य क्रम करेंगे, तुम्हें व्‍यसन मुक्ति का व भी नहीं आता है, लेकिन प्रभु क्रूपा से उन्होंने व्‍यसन मुक्ति के लिए कविता लिखी, स्लोगन बनाए, प्रेजेंटेशन भी तैयार किया गया .
दो किताब भी व्‍यसन मुक्ति के लिए लिखी गई और उसे पबलीसर ने पब्लिश भी किया गया, वो हे स्वर्णिम संकल्प और चलो व्‍यसन मुक्त स्कूल कॉलेज का निर्माण करे, इन्होने इस लिए यह काम चुना था कि वहा सौराष्ट्र के इलाके में छोटे छोटे बच्चे भी तंबाकू वाला मसाला खाने के लिये आदि थे, उनकी कॉलेज के रसोया जोशी जी ने कहा कि आप कहा कार्य क्रम करके आए? तो इन्होने बताया कि केंदीय विद्यालय में, तो उन्होंने बताया कि क्या सबूत है, इन्होने बोला कि आप उनसे पूछ लीजिए कि हमने कार्य क्रम किया है कि नहीं, तब जोशी जी ने कहा कि आप जिस स्कूल या कॉलेज में व्‍यसन मुक्ति कार्य क्रम करते हैं वहा से लिखित में लेटर लें लेना चाहिए, क्योंकि नहीं तो कोई मानने वाले नहीं हैं कि आपने कार्यक्रम किए हैं, हमने उनकी बात को लेकर लेटर लेना शुरू कर दिया, आज इनके पास 350 से अधिक सर्टिफिकेट हे कि हमने स्कूल में और कॉलेज में व्‍यसन मुक्ति के कार्य क्रम किए हैं, 7000 से अधिक संकल्प पत्र भी लिए गए हैं .
 2009 को जब गरीब कल्याण मेले के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी जी पोरबंदर आए थे तब उनके स्वागत के लिए  सेंट मेरी स्कूल के बच्चों के साथ बैंड बाजे के साथ वे खड़े थे तब चौपाटी पर इन्हें फोन पर गांधीनगर से मुख्य मंत्री के कार्यालय से पी ए कैलाश नाथ के पांच फोन आये, इनका फोन शांत मोड़ पर था लेकिन वायब्रांट होने से पता चला कि किसी का फोन आ रहा है, इन्होने थोड़े दूर जाकर बात की तो बताया कि आपको मुख्य मंत्री नरेंद्र मोदी जी बुला रहे हैं, तुम्हें उनसे सर्किट हाउस में जाकर मिलना होगा, तो वे घबरा गए .
इनके ऊपरी अधिकारी भी चॉक गए, क्यू बुलाया होगा, ऑफिस का कोई प्रश्न होगा या क्या होगा, नरेंद्र मोदी जी जब रेत शिल्प का उद्घाटन करके सर्किट हाउस में पहुचे तो वे उन्हे मिलने के लिए पहुचे, मोदी जी ने इन्हें सम्मानित किया, और बीड़ी बाई की जान गीत गाने के लिए कहा, उन्होंने गीत सुनाया और वो बहुत खुश हो गए, उनकी साथ जो केंद्रीय मंत्री श्री पुरुषोत्तम रूपाला जी हे उनसे भेट कराइ गई, इन्हें सम्मान सर्टिफिकेट भी दिया गया, इन्हें बतया कि आप आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ है. उनसे इन्हें अधिक प्रोत्साहन मिला, बाद में सभी ऑफिस कर्मचारियों, साथियो के साथ खाना खाने गए, सभी खुश हो गए, उन्हें तो बहुत ही खुशी हुई.
  19 जनवरी 2010 को डॉ पटेल का जन्म दिन था, उस दिन इन्होने तैयार कराए गए व्‍यसन मुक्ति के कैलंडर का विमोचन जिला शिक्षा अधिकारी ऑफिस पोरबंदर मे भानु प्रकाश स्वामी के कर कमलोसे किया गया,, गुरु पूर्णिमा के दिन पूजनीय कथाकार श्री रमेश भाई ओज़ा ने इन्हें शॉल और पुष्प माला अर्पित कर के संदीपनी आश्रम पोरबंदर मे सम्मानित किया गया .
उसके बाद नेशनल ग्रुप एसोसिएशन नागपुर द्वारा “मौलाना अबुल कलाम आजाद अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, दिनांक 7 दिसम्बर 2010 में गांधीनगर कल्चर फोरम के कार्यक्रम में चौधरी कॉलेज में पूजनीय कथाकार मोरारी बापू के कर कमलोसे इनकी दो किताबे जो व्यसन मुक्ति के लिए लिखी गई है उसका विमोचन किया गया, माननीय गवर्नर ऑफ गुजरात डॉ कमला बेनीवाल के हाथो से धरती रत्न अवॉर्ड 5000 रुपये की धन राशि के साथ सम्मान समारोह अहमदाबाद में आशिर्वाद एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया, शिक्षा मंत्री श्री रमनलाल वोरा ने भी इन्हें सम्मानित करके प्रमाण पत्र प्रदान किया है .
व्‍यसन मुक्ति अभियान से इन्हें बहुत खुशी मिल रही है, उस कार्य को 14 सालो से चला रहे हैं,
हमारे राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जब कहा कि एसा कौन सरकारी अधिकारी है, जो एसा उम्दा कार्यक्रम कर रहे हैं, उस दिन को याद करते हुए आज भी इन्हें खुशी होती है, 2009 को मुख्यमंत्री जी से प्रेरक शब्द प्रेरक प्रसंग आज भी उनके लिए  एक यादगार दिन के रूप में इन्हें प्रोत्साहित कर रहा है! डॉ गुलाब चंद पटेल
व्यसन मुक्ति की एक मिशाल  है.

गौ तस्करी में सैगल को नहीं मिली जमानत

0

आसनसोल : गौ तस्करी मामले में आसनसोल जेल में बंद सैगल हुसैन को शुक्रवार को आसनसोल की सीबीआइ अदालत में पेश किया गया। सैगल बीरभूम के टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल का अंगरक्षक था। सुनवाई में सीबीआइ के वकील राकेश कुमार अनुपस्थित रहे। इस वजह से सीबीआइ की ओर से पक्ष नहीं रखा गया। इस मामले में केस डायरी भी अदालत को नहीं सौंपा गया।

सैगल हुसैन के वकील अनिर्बान गुहा ठाकुरता ने सुनवाई के दौरान कहा कि सैगल हुसैन 40 दिन से अधिक समय से जेल में है। वह मामले में निर्दोष है। इसलिए उसे जमानत दे दी जाए। हालांकि सीबीआइ जज राजेश चक्रवर्ती ने इसे नामंजूर कर दिया। इस मामले में अब अगली सुनवाई पांच अगस्त को होगी। इसलिए सैगल को अभी जेल में ही रहना होगा।

सीबीआइ ने इसके पहले आठ जुलाई को सुनवाई के दौरान अदालत को बताया था कि गौ तस्करी के माध्यम से सैगल हुसैन ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बनाई है। अवैध कमाई से उसने जमीन, फ्लैट, पेट्रोल पंप और कई वाहन खरीदे हैं। सीबीआइ ने अनुब्रत मंडल की संपत्ति के दस्तावेज भी अदालत को सौंपे थे। आरोप है कि अनुब्रत मंडल ने अपने अंगरक्षक सैगल हुसैन के साथ मिलकर मवेशी तस्करी में एनामुल हक के साथ मिल कर खूब पैसा कमाया। इन पैसों से इन्होंने आकूत संपत्ति बनाई है। यह भी दावा किया गया है कि बीरभूम और मुर्शिदाबाद में अनुब्रत मंडल के काफी पत्थर खदान हैं। अंगरक्षक सैगल हुसैन के पास तीन एकड़ जमीन के सात लीज डीड मिले हैं। यह तीन एकड़ जमीन मुर्शिदाबाद में है।

सैगल का मोबाइल फोन फारेंसिक जांच के लिए हैदराबाद भेजा

सीबीआइ को गौ तस्करी मामले में सैगल हुसैन के खिलाफ कई सबूत मिले हैं। पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने कोर्ट से सैगल हुसैन के जब्त मोबाइल की फारेंसिक जांच के लिए अनुमति देने का आग्रह किया था। अदालत ने इसपर अपनी सहमति जता दी थी। इसके बाद मोबाइल को जांच के लिए हैदराबाद भेजा गया है। सीबीआइ का कहना है कि सैगल हुसैन के मोबाइल से कई खुलासे होंगे। शुक्रवार को सीबीआइ के वकील राकेश कुमार के अनुपस्थित रहने के कारण सैगल हुसैन के मोबाइल की जांच के बारे में कुछ पता नहीं चल सका। अगली सुनवाई तक जांच रिपोर्ट आने की संभावना है।

VHP के केंद्रीय महामंत्री ने कहा- झारखंड में बढ़ती गौ तस्करी देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा

0

रांची, जासं। VHP Statement on Cow Smuggling in Jharkhand झारखंड में महिला पुलिस अधिकारी की गौ तस्करों द्वारा नृशंस हत्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए विश्व हिंदू परिषद ने गौ तस्करों को पूरी तरह कुचलने की मांग की है। विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने गुरुवार को प्रेस वक्तव्य के माध्यम से कहा है कि एक जाबांज महिला पुलिस अधिकारी के राजधानी रांची में गौ तस्करों द्वारा नृशंस हत्या ने ना सिर्फ झारखंड की कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगाया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि इस्लामिक जिहादियों व गौ-तस्करों के हौसले कितने बुलंद हैं। झारखंड में बढ़ती गौ तस्करी देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है।

पुलिस अधिकारी संध्या के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने झारखंड सरकार से उनके परिवार को उचित आर्थिक सहायता शीघ्र दिए जाने के साथ राज्य में गौ तस्करों की कारगुजारियों को कठोरता से कुचलने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बहन संध्या को श्रद्धांजलि देने एवं गौ तस्करों पर लगाम लगाने के लिए विहिप के कार्यकर्ता 22 जुलाई शुक्रवार को पूरे झारखंड में प्रदर्शन करेंगे।

गौ तस्करों के लिए स्वर्ग बन चुका है झारखंड

परांडे ने कहा कि झारखंड गोतस्करों का स्वर्ग बन चुका है। झारखंड से होकर बड़े पैमाने पर गौवंश को कटाई के लिए बंगाल ले जाया जा रहा है। ऐसे सभी मार्गों को गौ तस्करों के लिए अबिलंब सील किए जाने की आवश्यकता है।

गौतस्करी का पैसा जिहाद आतंकवाद में लगाया जा रहा

परांडे ने कहा, अनेक बार ये तथ्य उजागर हुए हैं कि गोतस्करी का पैसा जकात, जिहाद व आतंकवाद में लगाया जा रहा है। इस अवैध तस्करी से ना सिर्फ हिंदू आस्था पर चोट पहुंचाई जा रही है अपितु, गौ-तस्करी से देश की आंतरिक सुरक्षा को भी गंभीर खतरा है। विश्व हिंदू परिषद की मांग है कि राज्य में गौ हत्याओं, गौ तस्करी व जिहादी गतिविधियों के विरुद्ध सरकार कठोर कार्रवाई करें।