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राधाकृष्ण के सेट पर गाय माता के साथ होती है अलौकिक आनंद की अनुभूति: राकेश कुकरेती

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राधाकृष्ण के सेट पर गाय माता के साथ होती है अलौकिक आनंद की अनुभूति : राकेश कुकरेती

राधाकृष्ण के सेट पर शूटिंग करते हुए बिल्कुल ऐसा लगता है कि जैसे हम सचमुच भगवान कृष्ण के नंदगांव और राधा के गांव बरसाना गांव में ही हों और हमें गाय माता व बछड़ों के बीच एक अलौकिक आनंद की अनुभूित होती है। शूटिंग से फुरसत मिलते ही हम गायों और बछड़ों को पुचकारने भी चले जाते हैं और उनके बीच ऐसा लगता है कि हम लोग वास्तव में नगरों, महानगरों में रहकर गांंव के पवित्र एवं आनंदमयी जीवन से कोसों दूर हो जाते हैं। यह कहना है स्टार भारत में चल रहे राधाकृष्ण सीरियल में राधा के पिताश्री बृषभानु की भूमिका निभा रहे राकेश कुकरेती का। राकेश कुकरेती टेलीवुड-बालीवुड के फेमस एक्टर होने के साथ ही विज्ञापन जगत के टॉप ब्रांड मॉडल भी हैं। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने में राकेश कुकरेती को काफी संघर्ष करना पड़ा। मायानगरी में उनका कोई गॉड फादर नहीं होने पर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। वे लगातार मेहनत करते रहे और आखिरकार अपनी प्रतिभा के दम पर वे फिल्मों, टीवी और विज्ञापन की दुनियां में छा गये। राकेश कुकरेती ने टीवी धारावािहकों में राधाकृष्ण के अलावा लॉकडाउन की लव स्टोरी, एक बूंद इश्क, शुभारंभ, दिया और बाती हम, पुर्नविवाह, होंगे ना हम जुदा, एक्टिंग-एक्टिंग, सिलसिला प्यार का, सावधान इंडिया, सीआईडी, फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस, सिंघम रिटर्न्स, विज्ञापन आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, टाक टू वाक, हरे दर्शन अगरबत्ती, कोलगेट, डयूरिक्स, हार्लक्स जैसे अनगिनत विज्ञापन भी किये हैं।
राकेश कुकरेती का जन्म पांच मार्च को पौड़ी गढ़वाल जिले के पहाड़ों की गोद में बसे बनवाड़ गांव में हुआ था। उनका बचपन गांव में ही बीता लेकिन पिता तपेश्वर प्रसाद कुकरेती जी सेना में होने की वजह से उन्हें गांव छोड़कर पिता के साथ पूना, मुंबई, इटारसी, सिलीगुडी, भोपाल जैसे कई शहरों में रहना पड़ा। लेकिन वे कभी भी अपने गांव काे नहीं भूल पाये। गांव का मनोरम वातावरण, खेत, गाय माता और हल लगाते बैल उन्हेें हमेशा आकर्षित करते रहे। यही वजह है कि उमरगांव में सीरियल राधाकृष्ण के सेट पर वे जब भी गाय बैल को देखते हैं तो अपने गांंव की याद में डूब जाते हैं। राकेश कुकरेती अपनी पत्नी इनाली कुकरेती, पुत्री रिद्दिमा और पुत्र रौनक कुकरेती के साथ मुंबई में रहते हैं। बाकी उनकी माता सरला कुकरेती, पिता तपेश्वर प्रसाद कुकरेती और दो भाई मुकेश और शैलेश देहरादून में सपरिवार आवासरत हैं।

(लेखक – सुनील बडोला )

आप को बंपर फायदा तो भाजपा को भी नुकसान नहीं, सिर्फ कांग्रेस की हार

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दिल्ली । नगर निगम चुनाव 2022 के रुझानों और अब तक आए नतीजों के आधार पर एमसीडी की सत्ता आम आदमी पार्टी की झोली में है। वहीं, 15 साल बाद नगर निगम से भाजपा की विदाई भी तय  है।

दिल्ली नगर निगम चुनाव 2022 के नतीजों की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। रुझानों और अब तक आए नतीजों के आधार पर एमसीडी की सत्ता आम आदमी पार्टी की झोली में है तो एमसीडी से 15 साल बाद भाजपा की विदाई भी तय  है। इन आंकड़ों ने एग्जिट पोल में किए गए दावों पर भी मुहर लगा दी है। ऐसे में वोट शेयर की बात करें तो आम आदमी पार्टी को बंपर फायदा पहुंचा है, जबकि भाजपा को भी कतई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि कांग्रेस को चौतरफा मार का सामना जरूर करना पड़ा। इस रिपोर्ट में जानते हैं कि किस पार्टी का वोट शेयर कितना रहा और 2017 के चुनावों के मुकाबले उन्हें कितना फायदा-नुकसान उठाना पड़ा।

आम आदमी पार्टी को बंपर फायदा

एमसीडी चुनाव 2022 के अब तक के रुझानों और नतीजों पर गौर करें तो आप सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। दिल्ली की जनता ने विधानसभा के बाद नगर निगम के लिए भी आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर भरोसा जताया है। वोट शेयर की बात करें तो इस चुनाव में आम आदमी पार्टी की झोली में 42.4 फीसदी लोगों ने मतदान किया, जो 2017 के नतीजों के मुकाबले कहीं ज्यादा है। दरअसल, 2017 में दिल्ली नगर निगम तीन हिस्सों में बंटा हुआ था। उस वक्त आम आदमी पार्टी को एनडीएमसी में 27.88 फीसदी, एसडीएमसी में 26.44 फीसदी और ईडीएमसी में 23.4 फीसदी वोट शेयर मिला था। अगर इनका औसत देखा जाए तो आम आदमी पार्टी को करीब 25 फीसदी वोट शेयर हासिल हुआ था।

भाजपा को वोट शेयर बढ़ा, लेकिन घट गईं सीटें

रुझानों और नतीजों पर गौर करें तो एमसीडी की सत्ता से 15 साल बाद भाजपा की विदाई है। हालांकि, वोट शेयर के मामले में भाजपा को कोई नुकसान होता नजर नहीं आ रहा है। 2022 के चुनाव में भाजपा को 39.02 फीसदी वोट शेयर मिलता दिख रहा है, जबकि 2017 के चुनावों में भगवा पार्टी को एनडीएमसी में 35.63 फीसदी, एसडीएमसी में 34.87 फीसदी और ईडीएमसी में 38.61 फीसदी वोट शेयर हासिल हुआ था। अगर औसत पर गौर किया जाए तो भाजपा को 35.5 फीसदी वोट शेयर मिला था।

कांग्रेस बेहाल, वोट शेयर धड़ाम

एमसीडी चुनाव 2022 में अगर किसी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है तो वह कांग्रेस पार्टी है। पार्टी के न सिर्फ वोट शेयर में भारी गिरावट आई है, बल्कि उसकी सीटों की संख्या भी काफी कम हो गई है। 2022 के चुनाव में कांग्रेस का वोट शेयर महज 11.74 फीसदी रह गया। वहीं, 2017 के चुनावों पर गौर करें तो एनडीएमसी में कांग्रेस को 20.73 फीसदी, एसडीएमसी में 20.29 फीसदी और ईडीएमसी में 22.84 फीसदी वोट शेयर मिला था। इसका औसत देखा जाए तो यह करीब 21 फीसदी होता है।

संसद सत्र को प्रोडक्टिव बनाएं, जी20 की मेजबानी विश्व को भारत की ताकत दिखाने का बड़ा मौका – प्रधानमंत्री मोदी

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नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले इसे प्रोडक्टिव बनाने की सभी सांसदों से अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि इस सत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को नए कार्यकाल की बधाई भी दी।

नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने जी20 मेजबानी और युवा सांसदों को लेकर मीडिया से बातचीत की। यहां उन्होंने कहा कि ये काफी महत्वपूर्ण सत्र है। भारत वैश्विक मंच पर अपनी भागीदारी बढ़ता जा रहा है। जी20 की मेजबानी भारत को मिलना बहुत बड़ा अवसर है। ये भारत के सामर्थ्य को पूरे विश्व के सामने पेश करने का बड़ा मौका है। उन्होंने कहा कि विपक्ष से मेरी बात हुई है। सदन में देश को विकास की ऊंचाई पर ले जाने के लिए नए अवसर को ध्यान में रखकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुझे भरोसा है कि विपक्ष भी इसमें साथ देगा। सभी पार्टी लीडर और फ्लोर लीडर से आग्रह है कि जो युवा सांसद है, उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए चर्चाओं में ज्यादा अवसर दें।

पीएम मोदी ने बताया कि सत्र से पहले पक्ष और विपक्ष के कई सांसदों से उनकी अनौपचारिक बात हुई है। सभी सांसदों ने कहा कि सत्र में हल्ला और स्थगित होने के कारण देश के साथ ही युवा सांसदों का बड़ा नुकसान होता है। युवा सांसदों को इसकी पीड़ा है। इसलिए सदन का चलना बहुत जरुरी है। विपक्ष के सांसदों का कहना है कि डिबेट में हमें बोलने का मौका नहीं मिलता है। ऐसे में सभी पार्टी के नेताओं को इनकी वेदना को समझना चाहिए। सभी सांसदों से आग्रह है कि इस सत्र को प्रोडक्टिव बनाने का प्रयास करें।

मोदी ने सभापति धनखड़ को दी बधाई

पीएम मोदी ने कहा कि आज पहली बार उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्यकाल प्रारंभ करेंगे। ये उनका पहला दिन और पहला सत्र होगा। वह आज देश के गौरव को बढ़ाएंगे, सांसदों को प्रेरित करेंगे। पीएम मोदी ने इसके लिए उन्हें बधाई दी।

क्‍या अल्‍पसंख्‍यक समाज से लिया उधार न लौटा पाने पर हाथ, पांव और प्राइवेट पार्ट काटना जायज : भाजपा

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बीजेपी का सवाल, क्‍या अल्‍पसंख्‍यक समाज से लिया उधार न लौटा पाने पर हाथ, पांव और प्राइवेट पार्ट काटना जायज?

पटना : बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्‍यक्ष संजय जायसवाल ने भागलपुर एसपी के बयान पर सवाल उठाया है। उन्‍होंने पूछा कि अल्‍पसंख्‍यक समाज से कर्ज लेने और उसे न लौटाने पर क्‍या हाथ पांव काट देना चाहिए? उन्‍होंने कहा सरकार से मेरा अनुरोध है कि इस केस को फास्टट्रैक में ले जाकर शीघ्र से शीघ्र अपराधियों को फांसी की सजा दिलवाई जाए। पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाया जाए। वहीं उन्‍होंने कहा कि बिहार सरकार और पुलिस की संवेदना शून्य हो चुकी है।

पटना : भागलपुर में नीलम यादव की हत्या को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने भागलपुर एसपी पर लगाया बड़ा आरोप लगाया है। उन्‍होंने कहा कि एसपी का बयान बहुत है। बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष संजय जायसवाल ने एसपी से अपने दिए गए बयान पर माफी मांगने को कहा है। जायसवाल ने कहा कि बिहार सरकार इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लेजार कर पीड़ित परिवार को दिलाए इंसाफ दिलाए और दोषियों को फांंसी की सजा दिलवाए।

क्‍या अल्‍पसंख्‍यक समुदाय उधार देगा तो हाथ पांव काट लेगा?
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा है कि एसपी भागलपुर नीलम यादव की हत्या करने वाले का बचाव कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि जिस तरह से भागलपुर के एसपी कह रहे है वो बहुत ही दुखद है। भागलपुर एसपी कहना क्या चाहते हैं अगर कोई अल्पसंख्यक समाज से उधार लेगा तो उसके हाथ पैर काट दिए जाएंगे उसके प्राइवेट पार्ट को काट दिया जाएगा?

उधार नहीं लौटाने की वजह से हत्‍या की गई वाले बयान पर माफी मांगे
संजय जायसवाल ने कहा कि एसपी साहब इस मामले को किस ओर ले जाना चाहते हैं। यह अपने आप में सवाल है। उन्‍होंने कहा कि यदि कोई अल्‍पसंख्‍य समाज के लोगों से उधार लेगा और नहीं दे पाएगा तो क्‍या उसका हाथ पांव और पाइवेट पार्ट काटना जायज है? बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष ने कहा कि यह बहुत ही दुखद घटना है। जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया है वह इंसान नहीं हो सकता है। मगर पुलिस अधीक्षक ने जो बयान दिया गया है की उधार नहीं लौटाया जा रहा था इसलिए इस तरह की हत्या की गई है। यह बहुत ही दुखद बात है कि पुलिस अधीक्षक की ओर से यह बयान दिया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक को अपने बयान पर माफी मांगना चाहिए। उन्‍होंने कहा सरकार से मेरा अनुरोध है कि इस केस को फास्टट्रैक में ले जाकर शीघ्र से शीघ्र अपराधियों को फांसी की सजा दिलवाई जाए। पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाया जाए।

आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों पर किसानों की हत्या का केस

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तिकुनिया हिंसा: आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों पर आरोप तय, चलेगा किसानों की हत्या का केस

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के विरोध में किसानों के प्रदर्शन के दौरान अक्टूबर, 2021 को हुई इस हिंसा में आठ लोगों की मौत हुई थी। पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, घटना में चार किसानों की एक एसयूवी से कुचल कर मौत हो गई थी, जिसमें आशीष मिश्रा बैठे हुए थे।

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया इलाके में हुई हिंसा के मामले में मुख्य आरोपी और केन्द्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ के बेटे आशीष मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों पर किसानों की हत्या का केस चलेगा। मामले में 16 दिसंबर से मामले का ट्रायल शुरू होगा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के विरोध में किसानों के प्रदर्शन के दौरान अक्टूबर, 2021 को हुई इस हिंसा में आठ लोगों की मौत हुई थी। पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, घटना में चार किसानों की एक एसयूवी से कुचल कर मौत हो गई थी, जिसमें आशीष मिश्रा बैठे हुए थे।

दुर्घटना के बाद गुस्से से भरे किसानों ने वाहन चालक और भाजपा के दो कार्यकर्ताओं की कथित रूप से पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों और विपक्षी दलों के प्रदर्शनों के बाद हुई हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हुई थी। हिंसा में मारे गए प्रदर्शनकारी केंद्र के उन तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्हें बाद में सरकार ने वापस ले लिया था।

यूपी चुनाव के बाद आशीष मिश्रा जमानत पर बाहर आ गया था ।  जमानत पर आशीष मिश्रा की रिहाई का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और सर्वोच्च न्यायालय ने जमानत रद्द करते हुए ये केस इलाहाबाद हाईकोर्ट में नए सिरे से विचार के लिए भेज दिया था।  इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत याचिका रद्द कर दी थी।

तकनीशियनों के साथ साथ कलाकारों को मिलेगा सस्ते में घर

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भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के आवासीय योजना की शेलु में दिखी पहली झलक, प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत बन रहे हैं दस हजार अस्सी घर

मुम्बई। भारतीय सिनेमा की पहली फ़िल्म राजा हरिश्चन्द्र के जरिये आउटडोर शूटिंग की शुरुआत जिस महाराष्ट्र के वांगनी शहर से हुई अब उसी शहर वांगनी के शेलू में दादा साहेब फाल्के आवासीय योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) और  पाध्ये ग्रुप के अंकुर पाध्ये की मदद से यहां सिनेमा कामगारों के लिए प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत  दस हजार अस्सी घर बन रहे हैं जिसमे पहले फेज में 522 घर बनाये जा रहे है। यह टावर 16 मंजिला होगा जिसमे लिफ्ट, मल्टी पर्पज हॉल और अन्य कई सारी सुविधाएं होंगी। इस आवासीय योजना की खास बात यह होगी कि इसमें मुख्य द्वार दादा साहेब फाल्के की पत्नी सरस्वती बाई फाल्के के नाम पर होगा। रेरा रजिस्टर्ड इन घरों की पहली झलक देखने सिनेमा से जुड़े हजारों सिनेमा कामगार मुम्बई से शेलु पंहुंचे। इस अवसर पर उपस्थित स्थानीय विधायक महेंद्र जी थोर्वे ने कहा कि सिनेमा से जुड़े लोगों ने हमारे यहां रुचि दिखाई है। आज भी कर्जत के एनडी स्टूडियो में बड़ी संख्या में शूटिंग होती है। सरकार सहित मेरा अब ये दायित्व है कि यहां बिजली पानी की उचित व्यस्वस्था करूं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का शेलु में झुकाव बढ़े। इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने कहा कि पर्दे के पीछे के कलाकारों का इस आवासीय योजना में सपना पूरा हो रहा है। इस अवसर पर  भवन निर्माता अंकुर पाध्ये ने कहा कि सिनेमा कामगारों को उनके लिए घर देना मेरे पिताजी का सपना था जिसमें एफडब्लूआइसीई, अमरजीत सिंह, पूर्व श्रम आयुक्त सावंत का प्रयास भी बहुत ज़रूरी था। इसमे एफडब्लूआइसीके प्रेसिडेंट बीएन तिवारी का उल्लेखनीय योगदान है। अंकुर पाध्ये ने कहा कि उनके पिताजी ने इसके पहले बीड़ी कामगारों के लिए सोलापुर में सिर्फ 60 हजार रुपये में घर उपलब्ध कराया था।
इस अक्सर पर अभिनेता गजेंद्र चौहान, दादासाहेब फाल्के के पोते चन्द्रकांत पुसालकर, संगीतकार अमर हल्दीपुरकर, एफडब्लूआइसीई के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे, राजा खान,
शेलू ग्रामपंचायत के सरपंच शिवाजी खादिक, दामाद ग्रामपंचायत के सरपंच जलील अनीस मॉझे, एफडब्लूआइसीई के मुख्य सलाहकार आशीष शेलार, जानी मानी महिला साउंड रिकॉर्डिस्ट चंपा तिवारी, श्रीमतीघोसालकर, वसंत, खालिद, सौरभ मंगलेकर, शोएब डोंगरे आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस आवासीय योजना में सिर्फ साढ़े बारह लाख रुपये में सिनेमा जे जुड़े लोगों को प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत घर दिए जा रहे हैं  वह भी लोन कराकर।
इस आवासीय योजना का प्रथम फेज डेढ़ साल में पूरा होगा। 320.65 स्क्वायर फिट कार्पेट एरिया वाले ये घर भूकंपरोधी होंगे।

महाभारत में गौमाता का माहात्म्य

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महाभारत में गौमाता का माहात्म्य ( गवोपनिषद्), तथा गौमाता के दैनिक जाप, प्रार्थना तथा प्रणाम के मन्त्र

महाभारत में गौमाता का माहात्म्यतथा गौमाता के दैनिक  जापप्रार्थना  तथा प्रणाम के मन्त्र –

भगवान् श्री राम के गुरुदेव महर्षि वसिष्ठ जी इक्ष्वाकुवंशी महाराजा सौदास से गवोपनिषद् (गौओं की महिमा के गूढ रहस्य को प्रकट करने वाली विद्या) का निरूपण करते हुए महाभारत में कहते हैं –

हे राजन्! मनुष्य को चाहिये कि सदा सबेरे और सायंकाल आचमन करके इस प्रकार जप करे – “घी और दूध देने वाली, घी की उत्पत्ति का स्थान, घी को प्रकट करने वाली, घी की नदी तथा घी की भंवर रूप गौएं मेरे घर में सदा निवास करें। गौ का घी मेरे हृदय में सदा स्थित रहे। घी मेरी नाभि में प्रतिष्ठित हो। घी मेरे सम्पूर्ण अंगों में व्याप्त रहे और घी मेरे मन में स्थित हो। गौएं मेरे आगे रहें। गौएं मेरे पीछे भी रहें। गौएं मेरे चारों ओर रहें और मैं गौओं के बीच में निवास करूं”। इस प्रकार प्रतिदिन जप करने वाला मनुष्य दिन भर में जो पाप करता है, उससे छुटकारा पा जाता है।

गौ सबसे अधिक पवित्र, जगत् का आधार और देवताओं की माता है। उसकी महिमा अप्रमेय है। उसका सादर स्पर्श करे और उसे दाहिने रख कर ही चले। प्रतिदिन यह प्रार्थना करनी चाहिये कि सुन्दर एवं अनेक प्रकार के रूप-रंग वाली विश्वरूपिणी गोमाताएं सदा मेरे निकट आयें। संसार में गौ से बढ़ कर दूसरा कोई उत्कृष्ट प्राणी नहीं है। त्वचा, रोम, सींग, पूंछ के बाल, दूध और मेदा आदि के साथ मिल कर गौ दूध दही घी आदि के द्वारा सभी यज्ञों व पूजाओं का निर्वाह करती है, अतः उससे श्रेष्ठ दूसरी कौन-सी वस्तु है।

अन्त में वे गौमाता को परमात्मा का स्वरूप मान कर प्रणाम करते हैं – जिसने समस्त चराचर जगत् को व्याप्त कर रखा है, उस भूत और भविष्य की जननी गौ माता को मैं मस्तक झुका कर प्रणाम करता हूं॥

महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय ८० श्लोक ,,,,१०,१३,१४,१५

१. उपर्युक्त “गवोपनिषद्” में से दैनिक जप के संस्कृत मन्त्र (महर्षि वसिष्ठ द्वारा उपदिष्ट) –

घृतक्षीरप्रदा गावो घृतयोन्यो घृतोद्भवाः।
घृतनद्यो घृतावर्तास्ता मे सन्तु सदा गृहे॥
घृतं मे हृदये नित्यं घृतं नाभ्यां  प्रतिष्ठितम्।
घृतं सर्वेषु गात्रेषु घृतं मे मनसि स्थितम्॥
गावो ममाग्रतो नित्यं गावः पृष्ठत एव च।
गावो मे सर्वतश्चैव गवां मध्ये वसाम्यहम्॥

++अनुवाद = घी और दूध देने वाली, घी की उत्पत्ति का स्थान, घी को प्रकट करने वाली, घी की नदी तथा घी की भंवर रूप गौएं मेरे घर में सदा निवास करें। गौ का घी मेरे हृदय में सदा स्थित रहे। घी मेरी नाभि में प्रतिष्ठित हो। घी मेरे सम्पूर्ण अंगों में व्याप्त रहे और घी मेरे मन में स्थित हो। गौएं मेरे आगे रहें। गौएं मेरे पीछे भी रहें। गौएं मेरे चारों ओर रहें और मैं गौओं के बीच में निवास करूं

–२. गौमाता की दैनिक प्रार्थना का मन्त्र  (महर्षि वसिष्ठ द्वारा उपदिष्ट) –

सुरूपा बहुरूपाश्च विश्वरूपाश्च मातरः।
गावो मामुपतिष्ठन्तामिति नित्यं  प्रकीर्तयेत्॥

++अनुवाद = प्रतिदिन यह प्रार्थना करनी  चाहिये कि सुन्दर एवं अनेक प्रकार के रूप-रंग वाली विश्वरूपिणी गोमाताएं सदा मेरे निकट आयें

—३. गोमाता को परमात्मा का साक्षात् विग्रह  जान कर उनको प्रणाम करने का मन्त्र (महर्षि वसिष्ठ द्वारा उपदिष्ट) –

यया सर्वमिदं व्याप्तं जगत् स्थावरजङ्गमम्।
तां धेनुं शिरसा वन्दे भूतभव्यस्य मातरम्॥

++अनुवाद = जिसने समस्त चराचर जगत् को व्याप्त कर रखा है, उस भूत और भविष्य की जननी गौ माता को मैं मस्तक झुका कर प्रणाम करता हूं॥

क्रिपा जरुर पढें और गौ माता की सेवा करें ऐवं अपने बच्चों या छोटों से करवायें…

ॐ जय गौ राम ॐ

वसिष् का सौदास को गोदान की विधि एवं महिमा बताना

भीष्मजी कहते हैं- राजन। एक समय की बात है, वक्ताओं में श्रेष्ठ इक्ष्वाकुवंशी राजा सौदान ने सम्पूर्ण लोकों में विचरने वाले, वैदिक ज्ञान के भण्डार, सिद्व सनातन ऋषि श्रेष्ठ वषिष्ठजी से, जो उन्हीं के पुरोहित थे, प्रणाम करके इस प्रकार पूछना आरंभ किया। सौदास बोले- भगवन। निष्पाप महर्षे। तीनों लोकों में ऐसी पवित्र वस्तु कौन कही जाती है जिसका नाम लेने मात्र से मनुष्य को सदा उत्तम पुण्य की प्राप्ति हो सके? भीष्मजी कहते हैं- राजन। अपने चरणों में पड़े हुए राजा सौदास से गवोपनिषद् (गौओं की महिमा के गूढ रहस्य को प्रकट करने वाली विद्या) के विद्वान पवित्र महर्षि वषिष्ठ ने गौओं को नमस्कार करके इस प्रकार कहना आरंभ किया- ‘राजन। गौओं के शरीर से अनेक प्रकार की मनोरम सुगंध निकलती हरती है तथा बहुतेरी गौऐं गुग्गल के समान गंध वाली होती हैं। गौऐं समस्त प्राणियों की प्रतिष्ठा (आधार) हैं और गौऐं ही उनके लिये महान मंगल की निधि हैं। गौऐं ही भूत और भविष्य हैं। गौऐं ही सदा रहने वाली पुष्टि का कारण तथा लक्ष्मी की जड़ हैं। गौओं को जो कुछ दिया जाता है, उसका पुण्य कभी नष्ट नहीं होता। ‘गौऐं ही सर्वोत्तम अन्न की प्राप्ति में कारण हैं। वे ही देवताओं को उत्तम हविष्य प्रदान करती हैं। स्वाहाकार (देवयज्ञ) और वश ट्कार (इन्द्रयाग)- ये दोनो कर्म सदा गौओं पर अबलम्बित हैं। ‘गौऐं ही यज्ञ का फल देने वाली हैं। उन्हीं में यज्ञों की प्रतिष्ठा है। गौऐं ही भूत और भविष्य हैं। उन्हीं में यज्ञ प्रतिष्ठित हैं, अर्थात यज्ञ गौओं पर ही निर्भर हैं । ‘महातेजस्वी पुरूष प्रवर। प्रातःकाल और सायंकाल सदा होम के समय ऋषियों का गौऐं ही हवनीय पदार्थ (घृत आदि) देती हैं। ‘प्रभो। जो लोग (नव प्रसूति का दूध देने वाली) गौ का दान करते हैं वे जो कोई भी दुर्गम संकट आने वाले हैं, उन सबसे अपने किये हुए दुष्कर्मों से तथा समस्त पाप समूह से भी तर जाते हैं। ‘जिसके पास दा गौऐं हों, वह एक गौ का दान करे। जो सौ गाय रखता हो, वह दस गौओं का दान करे और जिसके पास एक हजार गौऐं मौजूद हों वह सौ गौऐं दान में दे तो इन सबको बरावर ही फल मिलता है । ‘जो सौ गौओं का स्वामी होकर भी अग्निहोत्र नहीं करता, जो हजार गौऐं रखकर भी यज्ञ नहीं करता तथा जो धनी होकर भी कृपणता नहीं छोड़ता- ये तीनों मनुष्य अर्ध्‍य (सम्मान) पाने के अधिकारी नहीं हैं । ‘जो उत्तम लक्षणों से युक्त कपिला गौ को वस्त्र ओढ़ाकर बछड़े सहित उसका दान करते हैं और उसके साथ दूध दोहने के लिये कांस्य का एक पात्र भी देते हैं वे इहलोक और परलोक दोनों पर विजय पाते हैं । ‘शत्रुओं को संताप देने वाले नरेश। जो लोग जवान, सभी इन्द्रियों से सम्पन्न, सौ गायों यूथपति, बड़ी-बड़ी सींगों वाले गवेन्द्र वृषभ (सांड़) को सुसज्जित करके सौ गायों सहित उसे श्रोत्रिय ब्राह्माण को दान करते हैं, वे जब-जब इस संसार में जन्म लेते हैं तब-तब महान ऐश्‍वर्य के भागी होते हैं। ‘गौओं का नाम- कीर्तन किये बिना न सोयें, उनका स्मरण करके ही उठें और सबेरे-शाम उन्हें नमस्कार करें। इससे मनुष्य को बल एवं पुष्टि प्राप्त होती है ।

महापरिनिर्वाण दिवस पर दी जाने वाली सुविधाओं का उद्घाटन किया बेस्ट के महाप्रबंधक ने

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महापरिनिर्वाण दिवस पर दी जाने वाली सुविधाओं का उद्घाटन किया बेस्ट के महाप्रबंधक ने
मुंबई। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के ६६वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर ०५ दिसंबर २०२२ को शिवाजी पार्क, चैत्यभूमी में बेस्ट की ओर से मुंबई और बाहर से आने वाले अनुयायियों को प्रदान की जाने वाली विभिन्न प्रकार की सेवाओं-सुविधाओं का निरीक्षण, वितरण का उद्घाटन बेस्ट के महाप्रबंधक और प्रशासक लोकेश चंद्रा ने किया। इस अवसर पर बेस्ट के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। इस अवसर पर महाप्रबंधक ने कहा कि बेस्ट ने समाज के कमजोर वर्गों और देश के कोने-कोने से अनुयायियों को सस्ती और अच्छी सेवा प्रदान करने का निर्णय लिया। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए 400 अतिरिक्त लाइटें और 50 अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा स्मारक को रोशन किया गया है और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर की भी व्यवस्था की गई है।
बेस्ट के महाप्रबंधक लोकेश चंद्रा ने कहा कि हानि की परवाह किए बिना आधुनिक प्रणाली के माध्यम से सामाजिक प्रतिबद्धता के रूप में बेस्ट द्वारा दुनिया की सबसे सस्ती और सर्वोत्तम परिवहन सेवा की पेशकश की जाती है। दैनिक बस पास के साथ श्रद्धालु दर्शनीय स्थलों की यात्रा कर सकते हैं। इसके साथ ही बेस्ट ने प्राथमिक उपचार और जलपान की भी व्यवस्था की है।

खराब फील्डिंग के चलते हारा भारत : दिनेश कार्तिक

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बांग्लादेश के खिलाफ भारत की हार के बाद दिनेश कार्तिक ने भारत की खराब फील्डिंग पर निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि पता नहीं क्यों सुंदर ने कैच पकड़ने की कोशिश भी नहीं की।

भारतीय क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश के दौरे पर निराशाजनक शुरुआत की। पहले वनडे में भारत को एक विकेट के करीबी अंतर से हार का सामना करना पड़ा। 186 रन का छोटा स्कोर बनाने के बावजूद भारतीय टीम जीत की कगार पर पहुंच गई थी, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अहम मौके पर दो कैच टपकाए और बांग्लादेश की टीम ने आखिरी विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी कर अपनी टीम को जीत दिला दी।

187 रन का पीछा करते हुए बांग्लादेश ने 136 रन पर नौ विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में भारत की जीत तय नजर आ रही थी, लेकिन विकेटकीपर केएल राहुल ने मेहदी हसन मिराज का महत्वपूर्ण कैच छोड़ दिया। वहीं वाशिंगटन सुंदर ने कैच पकड़ने की कोशिश ही नहीं की, जबकि गेंद उनके काफी करीब थी। भारतीय टीम की फील्डिंग का स्तर देख दिनेश कार्तिक हैरान रह गए।

एक स्पोर्ट्स वेबसाइट से बातचीत में दिनेश कार्तिक ने कहा कि यह उनकी समझ से पर है कि सुंदर ने कैच पकड़ने की कोशिश क्यों नहीं की।

कार्तिक ने कहा “जाहिर है केएल राहुल से कैच छूट गया और सुंदर कैच के लिए नहीं गए, पता नहीं क्यों वह अंदर नहीं आए। मुझे नहीं पता कि यह रोशनी के कारण था या कोई और वजह थी, लेकिन अगर उन्होंने गेंद को देखा था तो उन्हें कैच के लिए जाना चाहिए था। वह केवल एक प्रश्न का उत्तर दे सकते हैं। फील्डिंग की कोशिश 50-50 थी। यह सबसे अच्छा दिन नहीं था, लेकिन सबसे बुरा दिन भी नहीं था। मुझे लगता है कि अंत में, दबाव के चलते हमने कुछ चौके भी छोड़े।”

बांग्लादेश के मेंहदी हसन मिराज को अंतिम ओवरों में दो जीवनदान मिलने पर रोहित शर्मा गुस्सा हो गए थे। अंत में मेंहदी हसन ने ही बांग्लादेश को जीत दिलाई। केएल राहुल ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि भारत ने अंत में कैच पकड़ने के दो मौके गंवाए। उन्होंने कहा “यह क्रिकेट है। आपको अप्रत्याशित की उम्मीद करनी होगी। जब तक क्रिकेट खेला जाता है, इस तरह की चीजें होती रहती हैं। वे अंत तक बहुत अच्छी तरह से लड़े और कुछ कैच छूटे और मेहदी की पारी हमारी हार की वजह बनी।”

बुधवार को दूसरे वनडे में बांग्लादेश से भिड़ने से पहले भारतीय टीम चीजों को ठीक करना चाह रही है। वनडे सीरीज में बने रहने के लिए भारत को दूसरा मैच हर हाल में जीतना होगा।

जल्दी ही आ सकती है किसानों के लिए दूसरी किस्त

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जल्दी ही आ सकती है किसानों के पी एम किसान योजना की दूसरी किस्त

शहरों से लेकर दूर-दराज गांवों में रहने वाले गरीब वर्ग और जरूरतमंद लोगों के लिए सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं। स्वास्थ्य, पेंशन, राशन, आवास, रोजगार, शिक्षा जैसी कई तरह की लाभकारी और कल्याणकारी योजनाएं राज्य और केंद्र सरकार दोनों की तरफ से चलाई जाती है। किसानों के लिए भी केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को चलाती है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को हर चार महीने में 2-2 हजार रुपये की किस्त दी जाती है यानी सालाना कुल 6 हजार रुपये। अब तक 12 किस्त जारी हो चुकी हैं, और सभी को 13वीं किस्त का इंतजार है। लेकिन अगर आप इस किस्त का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपके लिए दो काम करवाने जरूरी है अगर आपने ये अब तक नहीं करवाएं हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये दो काम नहीं करवाएं, तो आपके किस्त के पैसे अटक सकते हैं।

पीएम किसान योजना के अंतर्गत अब तक किसानों के बैंक खाते में 12 किस्त पहुंच चुकी है, और अब सभी को 13वीं किस्त का इंतजार है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दिसंबर यानी इसी महीने के आखिर में किस्त आ सकती है।

आप अगर चाहते हैं कि आपको मिलने वाली 13वीं किस्त न अटके, तो इसके लिए आपको तुरंत ई-केवाईसी करवानी होगी। सरकार की तरफ से प्रत्येक लाभार्थी को ये करवानी अनिवार्य है।

पीएम किसान पोर्टल के मुताबिक, आप अधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाकर ओटीपी बेस्ड ई-केवाईसी करवा सकते हैं। इसके अलावा आप अपने नजदीकी सीएससी सेंटर से भी ई-केवाईसी करवा सकते हैं।

पीएम किसान योजना से जुड़े प्रत्येक लाभार्थी को भू-सत्यापन करवाना भी अनिवार्य है। अगर आपने ये अब तक नहीं करवाया है, तो तुरंत करवा लें वरना किस्त अटक सकती है। सरकार ने ये फर्जीवाड़े को और गलत तरीके से लाभ लेने वाले लोगों पर लगाम लगाने के लिए किया है।