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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बेलतरा और सुकलकारी क्षेत्र में लगातार हो रही गायों की मौतों पर संज्ञान लिया

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बेलतरा और सुकलकारी क्षेत्र में लगातार हो रही गायों की मौतों के मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायालय ने इसे जनहित याचिका (PIL) के रूप में दर्ज करते हुए राज्य प्रशासन और पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने आदेश में कहा कि समाचारों में वर्णित स्थिति “प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण” है और इसे तत्काल राज्य प्रशासन के संज्ञान में लाना आवश्यक है। न्यायालय ने यह भी कहा कि जब राज्य सरकार गौ संरक्षण की योजनाएं चला रही है, ऐसी परिस्थितियों में गायों की लगातार मौत मानवीय संवेदनाओं पर प्रहार है। अदालत ने पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि वे व्यक्तिगत रूप से हलफनामा दाखिल करें, जिसमें गायों की मौत के कारणों, घटनाओं के स्थलों और उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्यौरा हो।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल संक्षिप्त रिपोर्ट या मीडिया रिपोर्ट पर ही मामला नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों को स्पष्ट और संपूर्ण विवरण प्रस्तुत करना होगा। अदालत ने आगामी सुनवाई की तारीख 27 अक्टूबर 2025 तय की है। इस दौरान न्यायालय राज्य प्रशासन और संबंधित विभाग से संपूर्ण जानकारी मांगकर यह सुनिश्चित करेगा कि गायों की मौत के पीछे के कारणों की जांच हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ। यह मामला केवल पशु संरक्षण का नहीं बल्कि सार्वजनिक हित और प्रशासनिक जवाबदेही का भी है। कोर्ट का स्वतः संज्ञान लेना यह संकेत देता है कि राज्य में गौ संरक्षण और पशुपालन संबंधित मामलों में प्रभावी निगरानी की आवश्यकता है। हाईकोर्ट की इस कार्रवाई से राज्य प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है कि वह गायों की मौत के कारणों की तत्काल और पारदर्शी जांच कराए। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ, तो सख्त निर्देश और सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।

गोवंश संरक्षण में गोचर और गौरी का महत्व

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डॉ लीना

हेबीटाट इकोलॉजीकल ट्रस्ट

हम शहरों में बड़ी संख्या में गोवंश को कत्लखानों की ओर जाते देखते हैं, लेकिन यह दुखद सत्य गांवों में भी फैला हुआ है। गांवों से भी बड़ी संख्या में गोवंश या तो कत्लखानों में जा रहा है, या फिर लावारिस भटक रहा है। ऐसा क्यों हो रहा है, यह समझना अत्यंत आवश्यक है।

गौरी नहीं तो गाय नहीं”

हमारे समाज में प्रकृति, खेती, घर-परिवार, बच्चे और पशुओं को ममत्व से संभालने का कार्य सदियों से महिलाओं द्वारा किया जाता रहा है। दुर्भाग्य से, पुरुषों ने इन कार्यों को अक्सर कम आंका और उन्हें हल्का माना। गांवों में महिलाएं गौपालन का अभिन्न अंग रही हैं। गायों का दैनिक खान-पान, रखरखाव, और अन्य सभी कार्य महिलाओं द्वारा अत्यंत स्नेह और समर्पण से किए जाते थे। हम गाय को केवल पशु नहीं, बल्कि अपने जैसी जीव और परिवार का अभिन्न अंग मानते आए थे।

परंतु, जब समाज ने महिलाओं के इन कार्यों और सेवाओं को कम आंकना शुरू किया और उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया, तो बदलते समय के साथ महिलाओं और लड़कियों को इसकी अनुभूति होने लगी। इस उपेक्षा के कारण उन्होंने धीरे-धीरे कृषि और गौपालन के कार्यों से दूरी बनाना शुरू कर दिया। यह दूरी गौवंश के प्रति उनके ममत्व में कमी नहीं, बल्कि समाज द्वारा उनके श्रम और समर्पण की अनदेखी का परिणाम था।

गोशालाओं की सीमाएं और वास्तविक संरक्षण

देश में हजारों गोशालाएं और पांजरापोलें चल रही हैं, जो गोवंश को बचाने का सराहनीय कार्य कर रही हैं। लेकिन इन संस्थाओं की अपनी सीमाएं हैं; वे केवल अपने आंगन में खड़े गोवंश को ही संभाल सकती हैं। देश में लाखों की संख्या में जो गोवंश सड़कों पर लावारिस भटक रहा है, उसे ये संस्थाएं नहीं बचा सकतीं।

गाय भी नारी के समान है। उसकी देखभाल उसी प्रकार से उसकी गौरी (यानी उसके जैसी नारी) ही कर सकती है, जो गाय की गरिमा और नारीत्व को समझती है। पुरुष कभी भी उस संवेदनशीलता और ममत्व से गाय की देखभाल नहीं कर सकते, जैसा एक नारी करती है। गाय को बचाने के कार्य में जब तक गौरी सम्मिलित नहीं होगी, तब तक हम गाय का वास्तविक संरक्षण नहीं कर सकते। गोशालाओं में बंद गाय केवल एक व्यापारिक पहलू है, जबकि गाय का वास्तविक संरक्षण उसके गोचर (खुले मैदानों) में विचरण में ही है।

कुल मिलाकर, गाय को वास्तविक संरक्षण के लिए गोचर और गौरी दोनों की आवश्यकता है। गोचर गाय को प्राकृतिक वातावरण और पोषण प्रदान करता है, जबकि गौरी उसे ममत्व और स्नेहपूर्ण देखभाल देती है। इन दोनों के बिना गौसंरक्षण अधूरा है।

भारत में गोवंश का दुर्भाग्य – कत्लखाना

भारत में कत्लखानों में जाने वाले गोवंश का सटीक दैनिक और वार्षिक आंकड़ा प्राप्त करना जटिल है, क्योंकि इसमें वैध और अवैध दोनों तरह की कटाई शामिल होती है। हालांकि, विभिन्न रिपोर्टों और अनुमानों के अनुसार:

  • दैनिक आंकड़ा: यह अनुमान लगाना कठिन है, लेकिन माना जाता है कि प्रति दिन हजारों की संख्या में गोवंश का वध किया जाता है, जिसमें अवैध कटाई का बड़ा हिस्सा शामिल है।
  • वार्षिक आंकड़ा: विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भारत में सालाना लाखों गोवंश का वध किया जाता है। इनमें से एक बड़ा हिस्सा बूढ़े, बीमार, या अनुपयोगी माने जाने वाले पशुओं का होता है, और एक महत्वपूर्ण संख्या अवैध बूचड़खानों में कटाई की जाती है। सरकारी आंकड़ों में केवल वैध कटाई शामिल होती है, जबकि अवैध कटाई का आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है। कुछ अनुमानों के अनुसार, यह संख्या सालाना 20 से 30 लाख तक या उससे भी अधिक हो सकती है, जिसमें भैंस और अन्य पशु भी शामिल हैं।

यह आंकड़ा देश में गोवंश संरक्षण की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है। गोचरों की कमी और महिलाओं की गौपालन से दूरी, ये दोनों ही कारक इस समस्या को गंभीर बना रहे हैं।

 

महाराष्ट्र: गौमाता को राज्य माता का दर्जा, फिर भी सीएम ने गोवर्धन पूजा पर गौपूजन नहीं किया

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मुंबई, 23 अक्टूबर 2025: महाराष्ट्र सरकार द्वारा गौमाता को आधिकारिक रूप से ‘राज्य माता’ का दर्जा प्रदान करने के बावजूद, गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फणडवीस ने न तो गौपूजन किया और न ही इसका कोई फोटो या वीडियो जारी किया।

इसकी आलोचना करते हुए महाराष्ट्र के गौसेवकों ने कहा कि यह महाराष्ट्र गौ सेवा आयोग की नैतिक जिम्मेदारी थी कि वह सीएम को इस पवित्र अवसर पर गौपूजन के लिए प्रेरित करता, ताकि राज्य के लाखों गौपालकों को मजबूत संदेश मिलता।

“गौमाता अब महाराष्ट्र प्रदेश की राज्य माता हैं। गोवर्धन पूजा जैसे अवसर पर सीएम का गौपूजन न करना गौपालकों के बीच निराशा पैदा कर रहा है।

दूसरी ओर, भाजपा शासित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने गोवर्धन पूजा पर गौपूजन कर गौपालकों को सम्मान दिया। राजस्थान: सीएम भजन लाल शर्मा ने जयपुर में गौशाला पहुंचकर गौमाता का पूजन किया और राज्य की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मध्य प्रदेश: सीएम मोहन यादव ने भोपाल की एक गौशाला में गौपूजन कर गौपालकों से मुलाकात की। छत्तीसगढ़: सीएम विष्णु देव साय ने रायपुर में गौपूजन कर गौमाता का आशीर्वाद लिया। इन मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो साझा कर गौसेवा को बढ़ावा दिया।

सीएम देवेंद्र फणडवीस दीपावली भोज में व्यस्त

खबरों के अनुसार, 22 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मुंबई के वर्षा बंगले पर पत्रकारों के साथ दीपावली भोज में व्यस्त थे।

गौपालकों में नाराजगी

महाराष्ट्र के गौपालक संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की है। एक प्रमुख गौसेवी ने कहा, “राज्य माता का दर्जा देकर सरकार ने वादा किया था, लेकिन अमल नहीं हो रहा। अन्य राज्यों के सीएम ने जो किया, वही महाराष्ट्र में भी अपेक्षित था।”

 

भिलाई में अज्ञात लोगों ने गऊ माता पर कटर से किया हमला , शरीर पर 70 से ज्यादा वार

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दुर्ग : भिलाई स्थित संतोषी पारा क्षेत्र में गुरुवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है.अज्ञात लोगों ने एक गाय पर कटर से हमला किया है. आरोपियों ने गाय के शरीर पर 70 से ज्यादा बार वार किया है.जिससे वो गंभीर रुप से घायल हो चुकी है.घटना की जानकारी मिलने के बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश है.इस मामले में हिंदू संगठनों ने छावनी थाना पहुंचकर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है.

आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव करते हुए पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. कार्यकर्ताओं ने सीएसपी हेम प्रकाश नायक को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की. इस घटना के बारे में गौसेविका भारती ने कहा कि गौ माता पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं, हिंदू मंदिरों और धार्मिक भावनाओं को निशाना बनाया जा रहा है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गौमूत्र चिकित्सा की गई प्रशंसा

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-कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सभी गौशालाओ को आत्मनिर्भर बनाने का किया आग्रह

इंदौर,  रेशम केन्द्र गौशाला में गोवर्धन पूजा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि में की गईं।इस अवसर पर स्वामी अच्युतानंद जी महाराज एवं गौसेवा और गौसंवर्धन के प्रति समर्पित दम्पत्ति वीरेन्द्र कुमार एवं रेखा जैन भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि गौसेवा भारत की संस्कृति और जीवनशैली का अभिन्न अंग है। उन्होंने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि वीरेन्द्र कुमार एवं रेखा जैन पिछले २५ वर्षों से गौमूत्र चिकित्सा पद्धति के माध्यम से विभिन्न गंभीर बीमारियों से पीड़ित १५ लाख से अधिक मरीजों का उपचार कर समाज में अद्वितीय सेवा कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम में श्री अच्युतानंद महाराज ने बताया कि रेशम केन्द्र गौशाला में जनसहयोग से अब तक लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए के विकास कार्य कराए जा चुके हैं, जिससे गौशाला प्रदेश की आदर्श गौशालाओं में शुमार हो गई है।

सामान्य प्रशासन एवं कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में वीरेन्द्र कुमार जैन से आग्रह किया कि उनके २५ वर्षों के अनुभव का उपयोग प्रदेश की प्रत्येक गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने में किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि गौशालाओं में गौमूत्र और गोबर आधारित मानव औषधि, फसल रक्षक और जैविक फर्टिलाइज़र का निर्माण प्रारंभ किया जाए, जिससे गौशालाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनें और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिले।

कैबिनेट मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने वीरेंद्र जैन द्वारा लंबे समय से की जा रही गौसेवा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समर्पित व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
महापौर श्री पुष्पमित्र भार्गव ने रेखा एवं वीरेन्द्र जैन के प्रयासों से ५० लाख रुपए की लागत से निर्मित आईसीयू वार्ड की प्रशंसा करते हुए इसे शहर के लिए गौरवपूर्ण पहल बताया।

इस अवसर पर सांसद श्री शंकर लालवानी, सांसद श्रीमती कविता पाटीदार, विधायक मधु वर्मा, विधायक रमेश मैंदोला, गोलू शुक्ला, ज़िलाध्यक्ष सुमीत मिश्रा, सरवनसिंह चावड़ा,दीपक टीनू जैन, सभी एमआईसी सदस्य, पार्षदगण, एवं सैकड़ों की संख्या में गौभक्त उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव एडीएम रिंकेशकुमार वैश्य एवं कई प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन भावनात्मक वातावरण में हुआ, जहाँ उपस्थित जनों ने गौमाता के प्रति श्रद्धा और भारतीय संस्कृति की रक्षा का संकल्प दोहराया।आभार निरंजन चौहान ने व्यक्त किया।

लाडली बहनों को 2–2 गाय देना चाहिए -उमा भारती

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मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों के समर्थन में बड़ी बात कही है। साथ ही उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। दरअसल, उमा भारती ने कहा कि किसानों को मासिक आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। इसके साथ ही इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उमा भारती ने गौ संपदा को लेकर भी बात कही। उनका कहना है कि गौशालाओं की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। गायों की रक्षा करने वालों को सीधे किसान बनाया जाना चाहिए।

दरअसल, उमा भारती की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस भोपाल में आयोजित की गई थी, जिसमें उन्होंने ये बड़ी बातें कही। उमा भारती ने कहा कि सिर्फ गौशालाओं में गाय रखकर उनकी रक्षा नहीं की जा सकती है। किसान ही गायों की असल में रखवाली कर सकते हैं। साथ ही उन्हें जमीन के साथ-साथ ₹10,000 महीने की सहायता भी मिलनी चाहिए।

वहीं इस दौरान उमा भारती ने कहा कि ‘गौ और गंगा अभियान को अब साथ चलाया जाना चाहिए। हमें प्राकृतिक खेती पर इस समय जोर देना होगा, जिससे गंगा में खेतों के केमिकल न जाएं और गंगा सुरक्षित रहे।’ उमा भारती ने लाडली बहना योजना पर भी बड़ा बयान दिया है। उनके मुताबिक महिलाओं को दो गाय दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे लेकर उनकी मंत्री लखन पटेल से बात हुई है। इससे लाडली बहनों की आमदनी बढ़ेगी। दरअसल उमा भारती के मुताबिक सभी सरकारी योजना के लाभार्थियों को गाय दी जाना चाहिए।

अब तक राज्य में बनी गौशालाओं में गायों की रक्षा नहीं हो रही : उमा भारती

गायों को लेकर उमा भारती ने कहा कि ‘अब तक राज्य में बनी गौशालाओं में गायों की रक्षा नहीं हो रही है। ऐसे में गौशालाओं को पुलिस जैसी संरचना नहीं बनना चाहिए, बल्कि प्राथमिक जिम्मेदारी किसानों को दी जानी चाहिए।’ साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि बीमार गायों को गौशालाओं में सुरक्षित रखा जाए, जबकि स्वस्थ गायों की देखभाल किसानों द्वारा की जाए।

2029 के लोकसभा चुनाव में लड़ने का भी ऐलान

दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि किसानों को जमीनी अधिकार मिले और उन्हें मासिक ₹10,000 की आर्थिक मदद भी मिले ताकि गाय पालन एक रोजगार का स्रोत बन सके। उमा भारती ने इस दौरान 2029 के लोकसभा चुनाव में लड़ने का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वह झांसी से चुनाव लड़ेंगी। झांसी उनके दिल में बसता है। उन्होंने कहा कि मैं राजनीतिक हाशिए पर नहीं हूं, मैं अपना काम कर रही हूं। पूर्व मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि गोपाष्टमी पर गो संवर्धन अभियान और अयोध्या नगर में गो संवर्धन सभा आयोजित की जाएगी, जिससे गायों को सुरक्षित रखने की दिशा में कदम उठाया जा सके।

कांग्रेस पर साधा निशाना

वहीं इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने गौ संवर्धन को लेकर कांग्रेस पर निशान साधा। दरअसल उन्होंने कहा कि 1966 से गौ संवर्धन अभियान चल रहा है।और इस मुद्दे पर कांग्रेस के बोलने की औकात नहीं है। सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जन्म से मरण तक योजनांए सरकार चला रही है इसलिए योजनाएं फेल है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कृष्ण भगवान को गोपाल नाम बोलने और माखन चोर को लेकर भो पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि राजनेताओं को इससे बचना चाहिए। इस तरह की बात संतों को ही करनी चाहिए।

मरदह में गौ आश्रय स्थल पर गोवर्धन पूजा

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मरदह क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बुधवार को गोवर्धन पूजनोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मरदह के गौ आश्रय स्थल बरेंदा गांव में इंद्रावती इंडियन ऑयल पंप से सेवठा के संरक्षक प्रदीप प्रभाकर ने गौ माता का पूजन किया।

गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन की जाती है, जिसमें गोधन यानी गायों की पूजा का विशेष महत्व है। गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है, जो सुख-समृद्धि के साथ-साथ अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन भी प्रदान करती हैं। इसी श्रद्धा के प्रतीक के रूप में कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को गोवर्धन की पूजा की जाती है।

मान्यता है कि हजारों साल पहले इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी तर्जनी उंगली पर उठा लिया था। उन्होंने इंद्र के घमंड को चूर-चूर किया था, और तभी से यह परंपरा चली आ रही है।

इस पूजनोत्सव के दौरान, गोवर्धन पर्वत के रूप में भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि इंटू सिंह इंदल मुन्ना सहित दर्जनों ग्रामवासी मौजूद रहे।

कुंडहित प्रखंड में धूमधाम से की गयी गौ माता की पूजा

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प्रतिनिधि, कुंडहित. प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बुधवार को गोवर्धन पूजनोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया. हर वर्ष दीपावली के अगले दिन यह पर्व मनाया जाता है. गोवर्धन पूजा में गाय की पूजा का विशेष महत्व होता है. गौ माता को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है, जिस प्रकार देवी लक्ष्मी सुख-संपन्नता प्रदान करती हैं, उसी प्रकार गौ माता अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी अमूल्य धन देती हैं. इस कारण गौ को संपूर्ण मानव जाति के लिए पूजनीय और आदरणीय माना गया है. पौराणिक मान्यता के अनुसार आज ही के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी तर्जनी अंगुली पर उठाकर इंद्र के अहंकार को चूर किया था, तभी से इस पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाने की परंपरा चली आ रही है. इस अवसर पर ग्रामीणों ने अपने गायों को स्नान कराकर फूल-माला से सजाया-संवारा और उनकी विधिवत पूजा की. महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजधज कर पूजा में सम्मिलित हुईं और गौ आरती उतारीं.

हैदराबाद में गौ रक्षक को मारी गई गोली

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हैदराबाद के घाटकेसर में गौ रक्षक सोनू पर गोवंश तस्करों ने हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी मां ने सरकार से अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। बीजेपी नेताओं ने घटना की निंदा की और एआईएमआईएम पर आरोप लगाए। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इसे माफिया गतिविधि बताया और पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नई दिल्ली। हैदराबाद के घाटकेसर इलाके में बुधवार को एक चौंकाने वाली घटना में गौ रक्षक सोनू पर कथित तौर पर गोवंश तस्करों ने गोली चला दी। पांच-छह साल से गायों की रक्षा के लिए समर्पित सोनू इस समय अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। उनकी मां ने सरकार से अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है।

पुलिस के मुताबिक, सोनू को गोवंश परिवहन की सूचना देने वाले एक समूह ने लालच देकर बुलाया था। मौके पर पहुंचते ही एक व्यक्ति ने उन पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर कुछ को हिरासत में लिया है और जांच जारी है।

बीजेपी हुई नाराज

सोनू की मां वाल्मीकि समुदाय से हैं। उन्होंने कहा, “मेरा बेटा जिंदगी के लिए लड़ रहा है। मैं गौ रक्षा के लिए दस और बेटों की कुर्बानी देने को तैयार हूं। सरकार अपराधियों को गिरफ्तार करे।”

उन्होंने बताया कि सोनू ने उन्हें फोन कर गोली लगने की जानकारी दी थी। बीजेपी नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। बीजेपी नेता माधवी लता ने आरोप लगाया कि हमलावर का संबंध AIMIM से है।

उन्होंने कहा, “सोनू को गोली मारने वाला व्यक्ति AIMIM से जुड़ा है। अगर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी में हिम्मत है, तो वे सोनू को न्याय दिलाएं। गौ रक्षक संविधान की रक्षा कर रहे हैं।”

माफिया गतिविधियों पर रोक की मांग

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस घटना को माफिया गतिविधियों का हिस्सा बताया और पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हैदराबाद में गोवंश तस्करी करने वाले माफिया ने गौ रक्षकों को बुलाकर गोली मारी। मैंने डीजीपी से बात की है, लेकिन पुलिस अपना काम नहीं कर रही। सरकार को माफिया गतिविधियों और अवैध गोवंश परिवहन पर रोक लगानी चाहिए।”

राज्य बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने दावा किया कि यह हमला AIMIM के गुंडों ने बीजेपी और आरएसएस कार्यकर्ताओं को डराने के लिए किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार के संरक्षण के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। पुलिस को पहले सूचना दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।”

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले

बीजेपी सांसद ईटाला राजेंद्र ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उन्होंने बताया, “पहले भी गौ रक्षकों पर हमले हुए हैं। इब्राहिम नाम के एक गुंडे ने सोनू पर गोली चलाई। वह गंभीर हालत में है। सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

पुलिस ने जांच तेज कर दी है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। इस घटना ने हैदराबाद में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

 

Mumbai: चिरा बाज़ार में गिरी आवासीय इमारत

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मुंबई के चिरा बाज़ार इलाके में बुधवार सुबह एक रिहायशी इमारत का एक हिस्सा ढहने से दो बुज़ुर्ग घायल हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. यह घटना सुबह लगभग 6:23 बजे जेएसएस रोड स्थित म्हाडा के स्वामित्व वाली आत्माराम बिल्डिंग में हुई. बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अनुसार, कमरा संख्या 11 में पहली मंजिल के रसोईघर का एक हिस्सा ढह गया और भूतल पर गिर गया.

बीएमसी की मुंबई फायर ब्रिगेड (एमएफबी), स्थानीय पुलिस, म्हाडा के अधिकारी, 108 एम्बुलेंस सेवा और वार्ड के कर्मचारियों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया. इमारत ढहने से दो निवासी घायल हो गए. 75 वर्षीय ठक्करजी गाला को मामूली चोटें आईं, लेकिन उन्होंने अस्पताल में इलाज कराने से इनकार कर दिया. `सी` वार्ड नियंत्रण कक्ष के अनुसार, 71 वर्षीय गुणवंती गाला को भाटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

घटना की सूचना दोपहर 12:49 बजे बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को दी गई. मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए रात 1:00 बजे लेवल-I आपातकालीन कॉल की घोषणा की. BMC की MFB, स्थानीय पुलिस और संबंधित वार्ड कर्मचारियों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया. अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.

अधिकारी इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा और अन्य एहतियाती उपायों का आकलन कर रहे हैं. इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को मुंबई के पश्चिमी उपनगर मलाड पश्चिम में एक आवासीय इमारत में आग लग गई, जिसमें एक निवासी और एक दमकलकर्मी घायल हो गए, जो आग बुझाने के अभियान में शामिल थे.

एक नगर निगम अधिकारी ने बताया कि अग्निशमन विभाग को सुबह 5.06 बजे लिंक रोड स्थित इनॉर्बिट मॉल के पास सात मंजिला भूमि क्लासिक में आग लगने की सूचना मिली. उन्होंने बताया कि आग इमारत की छठी और सातवीं मंजिल पर स्थित कई बंद फ्लैटों तक फैल गई थी. अधिकारी ने बताया कि कई दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और लगभग दो घंटे बाद आग पर काबू पा लिया गया. 24 वर्षीय शुभम अगोटरिया के बाएँ हाथ में चोट लगी है. अधिकारी ने बताया कि उन्हें इलाके के लाइफलाइन अस्पताल में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई. अग्निशमन अभियान के दौरान मामूली चोट लगने के बाद एक वरिष्ठ स्टेशन अधिकारी को जोगेश्वरी (पूर्व) स्थित बालासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया. अधिकारी ने बताया कि आग लगने का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है.