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ध्वनि प्रदूषण से हृदय रोग – आप को भी आ सकता है हार्ट अटैक

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इन मौतों को देखते हुए ईयर मफ्स के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने की बात हो रही है

मुंबई: अप्रैल २०२२ में उज्जैन में एक शादी में डीजे की थाप पर नाचते हुए एक 18 वर्षीय लड़के की मौत हो गई थी , पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके दिल में खून का थक्का जमने का पता चला तो डॉक्टरों ने कहा कि डीजे की तेज आवाज से दिल का दौरा पड़ा था ।
कोलकाता के मशहूर सिंगर केके को एक कॉन्सर्ट में परफॉर्म करने के दौरान अचानक सीने में दर्द उठा और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया , लेकिन उनका दुर्भाग्यपूर्ण बस उनकी मौत हो गई।ज्ञात हो कि पिछले 10 वर्षों में, पूरे भारत में तेज आवाज के कारण दिल का दौरा पड़ने से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि हुई है। इन मौतों को देखते हुए ईयर मफ्स के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने की बात हो रही है।

कार्डियोलॉजिस्ट ने कहा कि एयरपोर्ट पर काम करने वाले स्टाफ, लाइव शो में काम करने वाली तकनीक के साथ-साथ कलाकार, औद्योगिक एस्टेट में काम करने वाले स्टाफ, ट्रैफिक पुलिस को अपने दिल का खास ख्याल रखने की जरूरत है। इस बारे में और जानकारी देते हुए डॉ. विनय बोरवाल, हृदय रोग विशेषज्ञ, प्लेटिनम अस्पताल, मुलुंड. विनय बोरवाल ने कहा, “अमेरिका में”डॉक्टरों की एक टीम ने 499 नागरिकों पर जोर से हृदय रोग और स्ट्रोक के लिए अध्ययन किया है, और उनमें से 40 हृदय रोग से पीड़ित हैं क्योंकि उनका निवास स्थान शोर भरे क्षेत्र में था, इसलिए पश्चिमी देशों में हवाई अड्डे, कारखाने और तेज शोर। कारखाने आवासीय से बहुत दूर हैं क्षेत्र और वहां इस्तेमाल होने वाले 90 प्रतिशत पटाखों का उपयोग केवल रोशनी के उद्देश्य से होता है लेकिन भारत में स्थिति अलग है और हमारे पास 90 प्रतिशत पटाखे हैं।वे शोर कर रहे हैं। चिकित्सा क्षेत्र में शरीर पर शोर के प्रभाव और इसके परिणामस्वरूप हृदय गति में वृद्धि के बारे में बताया गया है। यह पाया गया है कि 50 से 60 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। 90 डेसिबल से ऊपर का शोर न केवल कानों के लिए बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।

तेज आवाज से उनींदापन हो सकता है, नींद की कमी से उच्च रक्तचाप हो सकता है और फेफड़ों में हवा के बुलबुले बन सकते हैं, जिससे दिल का दौरा पड़ सकता है। ” जोर से और कोरोनाविश्लेषण के दौरान, बोरीवली में एपेक्स ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के एक वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ। हेमंत खेमानी कहते हैं, ”कोरोना और हृदय रोग का आपस में गहरा संबंध है. कोरोना की दूसरी लहर में कुल संक्रमित मरीजों में से 50 प्रतिशत को दिल का दौरा पड़ा पाया गया. सीधे हृदय की मांसपेशियों में प्रवेश करता है, जिससे हृदय की मांसपेशियों को नुकसान होता है.यदि यह व्यक्ति लगातार तेज आवाज के संपर्क में रहता है, तो हृदय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा होता है क्योंकि कमजोर हृदय ठीक से पंप नहीं कर पाता है। फेफड़े, हाथ, पैर और मस्तिष्क में अचानक गांठ बन जाती है और व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ता है। कोरोना नागरिकों को तुरंत तेज आवाज में जाने से बचना चाहिए, या यदि यह संभव नहीं है, तो शोर के डेसिबल को कम करने के लिए उनके कान में एक छोटी सी कपास की गेंद डालें।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया ट्वीट नारी सशक्तिकरण की दी जानकारी

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मुम्बई – 30 मई को ही नरेन्द्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 8 साल 30 मई 2022 को पूरे हो चुके है। 15 जून 2022 तक पूरे प्रदेश में 8 साल ‘सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण’ के कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लिया और उस अभियान की शुरुआत कर दी है।

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर नारी सशक्तिकरण की जानकारी देते हुए उन्होंने अपनी सरकार द्वारा किये गए इस दिशा में प्रयासों को ट्वीट के माध्यम से बताया उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि – ” बीते 8 वर्षों में नारी शक्ति के सशक्तिकरण में सरकार ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। महिलाओं के नेतृत्व में विकास को शुरू से ही प्राथमिकता दी गई है। इसी का परिणाम है कि हमारी करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का जीवन आसान हुआ है और वे देश के उत्थान में बढ़-चढ़कर योगदान दे रही हैं। ”

महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता

आज के समय में भारत देश में महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता इसलिए जरूरी है, क्योंकि संसार के विभिन्न समाज में स्त्रियों की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक, पारिवारिक, स्वास्थ्य सम्बन्धी, व्यवसाय, आदि गतिविधियों में पर्याप्त योगदान से एक लंबे समय तक वंचित व शोषित रखा गया। स्त्रियों को केवल घर का कार्य करने तक ही सीमित कर दिया गया। समाज पुरुष प्रधानता की ओर बढ़ता गया। महिलाएं ज्ञान विज्ञान व कला आदि के प्रत्येक क्षेत्र में पिछड़ती चली गई। बाल विवाह प्रारम्भ हो गया। बालिकाओं को स्कूल व कॉलेज जाने से रोका गया। नारियों को उन सभी प्रकार शिक्षा प्रणाली से वंचित किया गया जिससे वे पुरुषों के बराबर स्थान प्राप्त कर सकती थी।

मोदी सरकार ने किया है महिला सशक्तिकरण को ले कर अच्छा काम

पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात की और कहा कि महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप बेहतरीन काम कर रही हैं. वह तंजावुर डॉल समेत खिलौने और आर्टिफिशियल ज्वेलरी बना रही हैं. इससे महिलाओं का सशक्तीकरण हो रहा है. पीएम ने लोगों से अपील की कि सेल्फ हेल्प ग्रुप को बढ़ावा दें. इससे आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी। इसी तरह से प्रधानमंत्री मोदी महिला सशक्तिकरण बोलते रहते है। सरकार ने बहुत सी योजनाए बनाई है जिसमे से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना , कन्या समृद्धि योजना , प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना , सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना , फ्री सिलाई मशीन योजना
प्रधानमंत्री समर्थ योजना , महिला शक्ति केंद्र योजना , इत्यादि है , जिस से आज महिलाओ को लाभ मिल रहा है।

नारी शक्ति पुरस्कार

नारी शक्ति पुरस्कार स्कीम की शुरुआत 1999 में की गई, यह पुरस्कार उन पीड़ित महिलाओं के लिए है जो समाज के लिए अच्छा काम करती हैं। ये पुरस्कार राष्ट्रीय स्तर का है। इस पुरस्कार की स्थापना करने के पीछे केंद्र सरकार का भारत की महिलाओं के लिए सशक्तिकरण और उनके प्रति सेवा कार्य को मान्यता प्रदान करना है। यह पुरस्कार ख़ास करके उन महिलाओं को दिया जाता है जो विशेष रूप से कमज़ोर और पीड़ितों के हालातों को जीत कर कुछ हासिल करती है या कहे ऐसी महिलाएँ जो इन हालातों से बाहर आकर कुछ अलग करने का सोचती है। इन महिलाओं को मनी प्राइस और सर्टिफिकेट दिया जाता है। इन योजनाओं से यह तो साबित हो जाता है कि सरकार महिलाओं के विकास को लेकर हर तरीक़े का प्रयास काफ़ी लंबे वक़्त से कर रही है। आज समाज में महिलाओं की भूमिकाओं को अलग-अलग तरीक़े से देखा जा सकता है। आज शायद ही ऐसा कोई सैक्टर होगा जिसमें महिलाओं की उपस्थिति दर्ज ना हुई हो। आज इन सभी योजनाओं से महिलाओं के लिए आगे भी सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे है।

इंडिया गेट पर नेताजी को तराशने का टास्क 15 – अगस्त की समय सीमा से पहले पूरा होने की उम्मीद है।

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    गौरतलब है कि इस साल 21 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ग्रेनाइट की प्रतिमा स्थापित किए जाने की जानकारी दी थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, “ऐसे समय जब पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि ग्रेनाइट से बनी उनकी भव्य प्रतिमा इंडिया गेट पर स्थापित की जाएगी। यह उनके प्रति भारत के ऋणी होने का प्रतीक होगा।” इसके बाद नेताजी की बेटी अनीता बोस ने प्रधानमंत्री आभार जताते हुए कहा था कि आजादी के सात दशक बाद नेताजी के आदर्शों और मूल्यों को पहचान मिल रही है। इससे देश में एक अच्छा संदेश जाएगा।

दिल्ली – कार्यालय प्रतिनिधि – मैसूरु के मूर्तिकार अरुण योगीराज, सुभाष चंद्र बोस जी की 30 फुट ऊंची प्रतिमा को तैयार करेंगे जिसे इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति स्थल के पीछे भव्य छतरी के नीचे स्थापित किया जाएगा। योगीराज ने केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की 12 फुट ऊंची प्रतिमा भी तैयार की थी। मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि योगीराज एनजीएमए टीम के साथ मिलकर काम करेंगे और विशेष रूप से प्रतिमा के चेहरे की विशेषताओं पर काम करेंगे, क्योंकि वह चित्र मूर्तियाँ बनाने में माहिर हैं।

वह 1 जून को दिल्ली आएँगे और बोस की प्रतिमा पर काम 15 अगस्त की समय सीमा से पहले पूरा होने की उम्मीद है। योगीराज ने अपने ट्विटर हैंडल पर भी कई तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वह बहुत ही बारीकी से मूर्तियों को आकार देते हुए नजर आ रहे हैं। केदारनाथ में स्थापित आदि शंकराचार्य की प्रतिमा के निर्माण के अलावा, योगीराज ने मैसूरु में महाराजा जयचामराजेंद्र वडेयार की 14.5 फुट की सफेद संगमरमर की प्रतिमा, महाराजा श्री कृष्णराज वाडियार-IV और स्वामी रामकृष्ण परमहंस की सफेद संगमरमर की प्रतिमा भी बनाई है।

यदि मैं गौ तस्कर हूं तो मुझें गिरफ्तार करो लेकिन मेरे साथ न्याय करो मामला पंहुचा मेनका गाँधी तक

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    बरेली: मेनका गांधी के पशु पक्षी अस्पताल में गाय के इलाज कराने को लेकर एक गौसेवक और केयर टेकर के बीच हुए विवाद में एक नया मोड़ आ गया जब सत्यम नमक व्यक्ति ने ने धीरज पाठक नमक व्यक्ति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया । मंगलवार को गौसेवक सत्यम ने अपनी टीशर्ट पर कागज पर यह लिखा स्लोगन कि ( यदि मैं गौ तस्कर हूं तो मुझें गिरफ्तार करो लेकिन मेरे साथ न्याय करो ) लगाकर डीएम के पास पंहुचा । सत्यम ने डीएम को गौसेवक से अभद्रता व अव्यावहारिक तरीके से धमकाने के संबंध में शिकायती पत्र दिया है। जिसमें उसने केयर टेकर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है ।

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समाचार के अनुसार फरीदपुर के बक्सरिया मोहल्ले में रहने वाला सत्यम गौड़ एक गौसेवक है। 26 मई को एक्सीडेंट में टिसुआ गांव के पास घायल हुई एक गाय को लेकर मेनका गांधी के पशु पक्षी अस्पताल पहुंचा था। जहां केयर टेकर धीरज पाठक और सत्यम में किसी बात को लेकर विवाद हाे गया था। जिसके बाद दोनों के बीच हाथापाई भी हुई थी। सत्यम ने माेबाइल तोड़ने व जेब में रखे 2200 रूपए छीनने का आरोप लगाया था। जिसके बाद उसने मामले की जानकारी लिखित रूप से अधिकारियों को दी थी।
सत्यम ने मेनका गांधी पर अभद्रता करने व अव्यावहारिक तरीके से धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। सत्यम ने उन पर गाै तस्कर कहने का आरोप लगाया है। इस मामले में सत्यम ने डीएम से स्वयं संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही करवाने की कृपा करने की बात कही है। इसके साथ ही धीरज पाठक के खिलाफ उचित कार्यवाही करवाने का अनुरोध भी किया है। जब यह पूरा मामला मेनका गांधी तक अपने व्यक्ति के माध्यम से पंहुचा तो खुद मेनका गाँधी ने पुलिस को इस घटना की पूरी जानकारी दी और उचित संज्ञान लेने को कहा।

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विश्व दुग्ध दिवस यानी वर्ल्ड मिल्क डे के मौके पर संकल्प ले देशी गौ माता की ही दूध पिएंगे – ज़हर भी समा लेती हैं गाय

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World Milk Day 2022

World Milk Day दुनिया भर में 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस यानी वर्ल्ड मिल्क डे (World Milk Day) मनाया जाता है. स्वास्थ्य (Health) के लिए दूध कितना महत्व रखता है और ये हमारी डाइट का कितना जरूरी हिस्सा है. इस बात को समझाने और दूध को डाइट में शामिल करने के लिए जागरुक (Aware) करने के उद्देश्य से इस दिन को मनाया जाता है. इसके साथ ही दूध को वैश्विक भोजन के रूप में मान्यता देना भी इसका उद्देश्य है. इस दिन को मनाये जाने के लिए हर वर्ष एक विशेष थीम तय की जाती है. आइये और जानते हैं इसके बारे में.

इस दिन को मनाने की वजह दुनिया भर में दूध को वैश्विक भोजन के रूप में मान्यता देना है. लोगों को लगता है कि दूध केवल बच्चों की सेहत के लिए ही ज़रूरी होता है और बड़ों को इसकी ज़रूरत नहीं होती है लेकिन ऐसा नहीं है. दूध हर व्यक्ति के स्वास्थ के लिए ज़रूरी होता है. इस बात को लोगों तक पहुंचाने के लिए विश्व भर में ये दिन मनाया जाता है. लोगों को ये समझाने की कोशिश भी की जाती है कि दूध को डाइट में शामिल करना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि इसको पीने से सेहत को कई सारे फायदे मिलते हैं. इसके साथ ही इस दिन को मनाने का उद्देश्य डेयरी या दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में स्थिरता, आजीविक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना भी है।
आईये जानते है देशी गाय के दूध पिने के क्या क्या फायदे होते है।

कभी नहीं होगा कैंसर :

देसी गाय की पीठ पर मोटा सा हम्प होता है ! जिसमे सूर्यकेतु नाड़ी होती हैं, जो सूर्य की किरणों के संपर्क में आते ही अपने दूध में स्वर्ण का प्रभाव छोड़ती हैं। जिस कारण गाय के दूध में स्वर्ण तत्व समा जाते हैं। देसी गाय का दूध पीने से कभी भी कैंसर का रोग नहीं होगा।
गाय का दूध गुणों का भण्डार हैं, इस दूध से अनेक बीमारिया सही होती हैं, जिन कारणों से ही भारत के लोगो में गाय के प्रति अपार स्नेह श्रद्धा और मातृत्व भाव होता हैं। आज हम जानेंगे के दूध के ऐसे अनजाने गुण जो हमने कभी सुने ही नहीं थे और जिन वजहों से ये अमृत तुल्य हैं।

जीवन भर गाय का दूध पीने वाले व्यक्ति कैंसर जैसे भयानक रोगो से बचे रहते हैं।* इसका दूध निरंतर सेवन करने से हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति इतनी बढ़ जाती हैं के कोई रोग नज़दीक नहीं फटकता। चाहे वो सर्दी खांसी हो, हृदय रोग हो, पेट के रोग, पुरुषो के रोग हो या स्त्रियों के रोग हो।

गाय के दूध में सोना

भारतीय नस्ल की गाय की रीढ़ की हड्डी में सूर्यकेतु नाड़ी होती हैं। सूर्य की किरणे जब गाय के शरीर को छूती हैं, तब सूर्यकेतु नाड़ी सूर्य की किरणों से सोना बनाती हैं। इसी कारण गाय के दूध और मक्खन में पीलापन होता हैं, गाय के दूध में विषनाशक तत्व होते हैं। गाय का दूध पीने से शुद्ध सोना शरीर में जाता हैं। दूध में मौजूद प्रोटीन “केसीन” की वजह से इसका रंग सफ़ेद होता हैं। दूध में सबसे पौष्टिक तत्व हैं कैल्शियम और विटामिन डी। कैल्शियम हमारी हड्डियों और दाँतो को मज़बूत बनाता हैं और विटामिन डी कैल्शियम को सोखने में मदद करता हैं।

दूध कैसा पीना चाहिए

दूध को अधिक देर तक गर्म नहीं करना चाहिए। पतले लोगो को मलाईदार दूध और मोटे लोगो को मक्खन निकला हुआ दूध पीना चाहिए। गाय का आधा किलो दूध अपने विशेष गुणों के कारण 250 ग्राम मांस और तीन अन्डो से अधिक मूल्यवान हैं। दूध पूर्ण भोजन हैं। इसमें सभी प्रकार के जीवनोपयोगी पदार्थ होते हैं।
दूध पीने का समय :
अक्सर लोग दूध रात में पीते हैं, मगर दूध पीने का सब से बढ़िया समय सुबह हैं। दूध का सही पाचन सूर्य की गर्मी से ही होता हैं। कोशिश करे रात की बजाये दूध सुबह ही पिए। और रात को भी पीना हो तो सोने से कम से कम तीन घंटे पहले पिए।

धारोष्ण दूध के फायदे:

धारोष्ण दूध मतलब ताज़ा निकला हुआ, छानकर, बिना गर्म किया हुआ मिश्री या शहद, भिगोई हुयी किशमिश का पानी मिलाकर 40 दिन में वीर्य शुद्ध होता हैं। नेत्रज्योति, स्मरण शक्ति बढ़ती हैं। खुजली, स्नायु दौर्बल्य, बच्चो का सूखा रोग, क्षय रोग(टी बी) हिस्टीरिया, हृदय की धड़कन आदि में उपयोगी हैं। यह छोटे छोटे बालको के लिए बहुत फायदेमंद हैं।

ज़्यादा उबालने से होते हैं पोषक तत्व नष्ट

दूध हमेशा ताज़ा धारोष्ण ही पीना चाहिए, यदि ये संभव ना हो तो दूध गर्म कर के पिए, दूध को ज़्यादा नहीं उबालना चाहिए,* *अधिक उबालने से दूध में ज़रूरी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। दूध को उलट पुलट कर के झाग बना कर पीना चाहिए, ये झाग बहुत लाभदायक होता हैं।

चीनी मिलाने के नुकसान

दूध में चीनी नहीं मिलनी चाहिए। चीनी मिलाने से दूध में मौजूद कैल्शियम नष्ट हो जाता हैं। दूध में प्राकृतिक मिठास होती हैं, थोड़े दिन बिना चीनी का दूध पिएंगे तो आपको दूध की प्राकृतिक मिठास आने लगेगी। अगर मीठा मिलाना हो तो आप फ्लो का रस, मुनक्का को भिगो कर इसका पानी, ग्लूकोस, गन्ने का रस मिला सकते हैं। बुरा खांड या मिश्री मिला हुआ दूध वीर्यवर्धक और त्रिदोष नाशक होता हैं।

जिनको दूध पचता ना हो

जिन लोगो को दूध पचता नहीं वो लोग दूध में एक पीपल या शहद डाल कर पिए, इस से वायु नहीं बनेगी। दूध शीघ्र पचेगा, दूध अगर बादी करता हो तो अदरक के टुकड़े या सौंठ का चूर्ण और किशमिश मिलकर सेवन करे।

किन रोगो में दूध नहीं पीना चाहिए

*खांसी, दमा, दस्त, पेचिश, पेट दर्द और अपच आदि रोगो में दूध नहीं पीना चाहिए। इन रोगो में ताज़ा छाछ (मट्ठा) पीना चाहिए। घी भी इन रोगो में नहीं लेना चाहिए।

आयुर्वेद में अगर दूध कहा जाए तो इसको भारतीय गाय का दूध ही समझना चाहिए।* अगर कोई दूसरे जीव का दूध हो तो वो विशेष रूप से बताया जाता हैं जैसे भैंस का दूध, बकरी का दूध इत्यादि।

दूध में अनेको खनिज और पौषक तत्व

वैज्ञानिकों के अनुसार गाय के दूध में 8 प्रकार के प्रोटीन, 6 प्रकार के विटामिन, 21 प्रकार के एमिनो एसिड, 11 प्रकार के चर्बीयुक्त एसिड, 25 प्रकार के खनिज तत्त्व, 16 प्रकार के नाइट्रोजन यौगिक, 4 प्रकार के फास्फोरस यौगिक, 2 प्रकार की शर्करा, इसके अलावा मुख्य खनिज सोना, ताँबा, लोहा, कैल्शियम, आयोडीन, फ्लोरिन, सिलिकॉन आदि भी पाये जाते हैं। इन सब तत्त्वों के विद्यमान होने से गाय का दूध एक उत्कृष्ट प्रकार का रसायन (टॉनिक) है, जो शरीर में पहुँचकर रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और वीर्य को समुचित मात्रा में बढ़ाता है। यह पित्तशामक, बुद्धिवर्धक और सात्त्विकता को बढ़ाने वाला है। *गाय के दूध से 1 ग्राम भी कोलोस्ट्रोल नहीं बढ़ता।
ज़हर भी समा लेती हैं गाय
यदि गाय कोई विषैला पदार्थ खा जाती है तो उसका प्रभाव उसके दूध में नहीं आता। गाय के शरीर में सामान्य विषों को पचाने की अदभुत क्षमता है। ये ज़हर देसी गाय के गले के नीचे लटकने वाले मांस में ही रह जाता हैं। एक शोध किया गया जिस में हर रोज़ देसी गाय को और अमेरिकन गाय को भोजन में थोड़ा थोड़ा ज़हर दिया गया ,और जब उनका दूध निकाला गया तो देशी गाय के दूध में कोई भी ज़हरीला तत्व नहीं मिला और अमेरिकन गाय में वही ज़हर पाया गया जो उसको खिलाया गया।
अनेक बीमारियो में हैं इसके फायदे :
• गाय का दूध, जीर्णज्वर, मानसि क रोगों, मूर्च्छा, भ्रम, संग्रहणी, पांडुरोग, दाह, तृषा, हृदयरोग, शूल, गुल्म, रक्तपित्त, योनिरोग आदि में श्रेष्ठ है।
• *गाय को शतावरी खिलाकर उस गाय के दूध पर मरीज को रखने से क्षय रोग (T.B.) मिटता है।*
• कारनेल विश्वविद्यालय के पशुविज्ञान के विशेषज्ञ प्रोफेसर रोनाल्ड गोरायटे कहते हैं कि गाय के दूध से प्राप्त होने वाले MDGI प्रोटीन के कारण शरीर की कोशिकाएँ कैंसरयुक्त होने से बचती हैं।
• *गाय के दूध से कोलेस्टरोल नहीं बढ़ता बल्कि हृदय एवं रक्त की धमनियों के संकोचन का निवारण होता है। इस दूध में दूध की अपेक्षा आधा पानी डालकर, पानी जल जाये तब तक उबालकर पीने से कच्चे दूध की अपेक्षा पचने में अधिक हल्का होता है।*
• *गाय के दूध में उसी गाय का घी मिलाकर पीने से और गाय के घी से बने हुए हलुए को, सहन हो सके उतने गर्म-गर्म कोड़े जीभ पर फटकारने से कैंसर मिटने की बात जानने में आयी है।*
• गाय के दूध में दैवी तत्त्वों का निवास है।
गाय के दूध में अधिक से अधिक तेज तत्व एवं कम से कम पृथ्वी तत्व होने के कारण व्यक्ति प्रतिभा सम्पन्न होता है और उसकी ग्रहण शक्ति (Grasping Power) खिलती है। ओज-तेज बढ़ता है। इस दूध में विद्यमान ‘सेरीब्रोसाडस’ तत्व दिमाग एवं बुद्धि के विकास में सहायक है।
• रेडियोधर्मी विकिरणों के प्रभाव को भी कर देती हैं नष्ट। केवल गाय के दूध में ही Strontian तत्व है जो कि अणुविकिरणों का प्रतिरोधक है। Russian वैज्ञानिक (प्रसिद्ध वैज्ञानिक शिरोविच) गाय के घी-दूध को एटम बम के अणु कणों के विष का शमन करने वाला मानते हैं और उसमें रासायनिक तत्व नहीं के बराबर होने के कारण उसके अधिक मात्रा में पीने से भी कोई ‘साइड इफेक्ट’ या नुकसान नहीं होता।
• तुरंत शक्ति देना वाला हैं इसका दूध।
प्रतिदिन गाय के दूध के सेवन से तमाम प्रकार के रोग एवं वृद्धावस्था नष्ट होती है। उससे शरीर में तत्काल वीर्य उत्पन्न होता है।
• एलोपैथी दवाओं, रासायनिक खादों, प्रदूषण आदि के कारण हवा, पानी एवं आहार के द्वारा शरीर में जो विष एकत्रित होता है उसको नष्ट करने की शक्ति गाय के दूध में है।

World Milk Day: खास रिपोर्ट – गऊ माता ने बनाया लखपति

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आज विश्व मिल्क डे है और बहुत अच्छी खबर रांची से आ रही है। समाचार के अनुसार रांची के बुढमू प्रखंड बेरवारी गांव निवासी 40 वर्षीय रामेश्वर महतो की जिंदगी गौ पालन से बदल गई। कभी राजमिस्त्री का काम करने वाला रामेश्वर को जीतोड़ मेहनत के बाद भी न तो परिवार चलाने लायक आमदनी होती थी और न ही समाज में इज्जत मिलता था। भविष्य की चिंता से परेशान रामेश्वर 2004 में रामकृष्ण मिशन के दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र के संपर्क में आये। कृषि विज्ञानियों ने गो पालन का सलाह दिया। दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र में छह माह का गौ पालन की ट्रेनिंग ली। फिर बैंगलोर जाकर श्रीश्री रविशंकर के आश्रम जाकर गोबर से केचुआ खाद और गौ मूत्र से जैविक कीटनाशक बनाने की ट्रेनिंग ली।

2005 में कर्ज लेकर साहिवाल नस्ल की एक गाय खरीदी। राजधानी में श्यामा प्रसाद विश्वविद्यालय के समीप एक व्यक्ति की खाली पड़े जमीन में शेड डालकर गो पालन शुरू किया। घर-घर जाकर दूध बेचते। एक से दो और फिर गायों की संख्या बढ़ने लगी तो जगह कम पड़ गया।

फिर रामेश्वर महतो महतो गायों को लेकर अपने गांव चला गया। वहां बड़े स्तर पर गो पालन करने लगा। आज उनके खटाल में साहिवाल, फ्रिसियन, गिर नस्ल की 16 गाये हैं, जबकि छह बछिया हैं। प्रतिदिन 150 लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिसे करीब 35 रुपये लीटर की दर पर मेधा डेयरी को बेचते हैं। इस तरह प्रतिमाह 1 लाख 57 हजार 500 रुपये कमाते हैं।

इसके अलावा गाय के गाेबर से केंचुआ खाद और गौ मूत्र से कीटनाशक बनाते हैं। केंचुआ खाद और गो मूत्र को बेचने के बजाय खुद के खेती में उपयोग करते हैं। रामेश्वर के अनुसार गो पालन ने आर्थिक परेशानी दूर कर दी। अब जीवन आराम से कट रहा है। बच्चे को अच्छी शिक्षा दिला रहें।

गाय पालन के साथ गोबर गैस वर्मी कंपोस्ट का कर रहे उत्पादन

रांची जिले के नगड़ी प्रखंड के हरही निवासी विशेश्वर शाही गाय पालन के साथ साथ गोबर गैस उत्पादन, वर्मी कंपोस्ट और गौशाला को धोने के उपरांत अवशेष पदार्थ और बेकार पानी का उपयोग खेती में किया जा रहा है। विशेश्वर के पास कुल 30 गायें हैं। इनमें से दो शाहीवाल, फ्रीजीयन और उन्नत नस्ल के गाय शामिल हैं। गिर नस्ल का नंदी है। धीरे धीरे गिर नस्ल को बढ़ाने का इरादा है। प्रतिदिन 200 लीटर दूध का उत्पादन होता है। जिसे वे मेधा को आपूर्ति करते हैँ। एकमुश्त 200 लीटर दूध 35 लीटर प्रति लीटर की दर से घर आकर ले जाया जाता है। 2011 में उन्होंने गव्य विकास से पांच गाय लिया था। इसी पांच गाय से धीरे धीरे अब उनके पास 30 गायें हैं। गाय पालन और उससे होने वाले लाभ को देखकर गांव के अन्य लोगों ने भी एक -दो गाय पालना शुरु कर दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गर्भ गृह की आधारशिला रखी

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रामलला के मंदिर निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। रामलला के मंदिर के गर्भगृह का शिलान्यास शुरू हो गया है। गोरक्ष पीठ के महंत और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्वामी परमानंद सहित राम मंदिर आंदोलन से जुड़े 100 से ज्यादा संतों सहित 300 लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के राम मंदिर में गर्भगृह का ‘पूजन’ किया। मुख्यमंत्री योगी ने गर्भगृह का पहला पत्थर रख दिया है। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर के आर्किटेक्ट के अलावा कारीगरों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री योगी व राम मंदिर आंदोलन में सहयोग देने वाले संत महंत भी हैं मौजूद।

2023 तक गर्भ गृह बनकर हो जाएगा तैयार 
1 जून यानी आज दुनियाभर में करोड़ों राम भक्तों के लिए बड़ा दिन होगा क्योंकि जमीनी स्तर का काम पूरा हो चुका है. अब रामलला का गर्भ गृह बनने जा रहा है. राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के सचिव चंपत राय का दावा है कि दिसंबर 2023 तक रामलला विराजमान का गर्भ गृह बनकर तैयार हो जाएगा. यानी भक्त जनवरी 2024 से रामलला के दर्शन कर सकेंगे. इसके लिए देश की बड़ी-बड़ी कंपनियां लगातार काम कर रही हैं.
अयोध्या के विकास को लेकर चलाई जा रही करोड़ों की परियोजनाएं 
अयोध्या के विकास को लेकर योगी सरकार 25 हजार करोड़ की परियोजनाएं चला रही है. जिसमें सरयू नदी पर रिवर फ्रंट से लेकर इंटरनेशनल श्रीराम एयरपोर्ट, अयोध्या धाम बस स्टैंड, अयोध्या का हाईटेक रेलवे स्टेशन, रामकथा संग्रहालय, रिंग रोड आदि शामिल हैं. इसके अलावा 68 एकड़ के इलाके में भगवान राम के जन्म से लेकर राजतिलक तक की तस्वीरें मूर्ति के तौर पर लगाई जाएंगी. जिससे वहां आने वाले भक्त मूर्तियों को देख कर भगवान राम के जीवन के बारे में जान सकें. इसके साथ ही पूरी दुनिया में भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन से जुड़ी जो भी वस्तुएं हैं, उसे रामकथा संग्रहालय में रखा जा रहा है. जिन्हें आने वाले समय में राम भक्त देख सकेंगे.

Singer KK Death: सिंगर केके का निधन

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कोलकाता के नज़रूल मंच में गुरुदास कॉलेज के उत्सव के लिए एक संगीत कार्यक्रम में प्रदर्शन करते समय के के का अचानक गिर जाने उनके लिए जान लेवा साबित हुआ। उनको बेहतर इलाज के लिए 31 मई, मंगलवार को रात करीब साढ़े दस बजे जब उन्हें कलकत्ता मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमआरआई) लाया गया तो उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों की टीम ने मौत की वजह हार्ट अटैक बताया है। 53 वर्षीय केके के निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल पैदा हो गया है। पूरे बॉलीवुड को रुला गया केके का जाना।
विवेक अग्निहोत्री ने जताया दुख
निर्देशक ने लिखा, ‘केके के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। उन्होंने मेरी पहली फिल्म का पहला गाना गाया था। तब से एक महान मित्र। इतनी जल्दी क्यों, केके, क्यों? लेकिन आप अपने पीछे प्लेलिस्ट का खजाना छोड़ गए हैं। बहुत मुश्किल रात। शांति। केके जैसे कलाकार कभी नहीं मरते

90 के दशक से अब तक के भारत के सबसे चर्चित गायकों में से एक, कृष्णकुमार कुन्नाथ उर्फ के के पालन-पोषण नई दिल्ली में हुआ था। केके ने बॉलीवुड में कदम रखने से पहले 3500 जिंगल गाए थे। उन्होंने 1999 के क्रिकेट विश्व कप के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के समर्थन के लिए ‘भारत के जोश’ गीत में अपना स्वर दिया था। केके ने 1991 में अपने बचपन के प्यार ज्योति से शादी की। उनके बेटे नकुल कृष्ण कुन्नाथ ने उनके साथ उनके एल्बम ‘हमसफर’ में गाया था। केके की एक बेटी भी है जिसका नाम तमारा कुन्नाथ है, जो पियानो बजाना पसंद करती हैं। गायक किशोर कुमार और संगीत निर्देशक आर डी बर्मन को अपना आदर्श मानने वाले सिंगर केके हिंदी, तमिल, तेलगु, कन्नड़, मलयालम, मराठी, बंगाली और गुजराती भाषाओं की फिल्मों के चर्चित गायक थे। 23 अगस्त 1968 को दिल्ली में जन्मे केके माइकल जैक्सन, बिली जोएल, ब्रायन एडम्स, लेड जेपेलिन जैसे अंतरराष्ट्रीय गायक और बैंड से काफी प्रभावित थे। सबसे खास बात यह है कि केके ने कभी भी संगीत का कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया था। 1994 में मुम्बई पहुँच कर उन्होंने संगीत के क्षेत्र में एक ब्रेक पाने के लिए लुइस बैंक्स, रंजीत बरोट, लेस्ली लुईस को अपना म्यूजिक डेमो टेप दिया उसके बाद ही यूटीवी से उन्हें ब्रेक मिला था। उनका पहला एल्बम ‘पल ‘अप्रैल 1999 में रिलीज़ हुआ था। एल्बम में उनके प्रदर्शन को सर्वश्रेष्ठ पुरुष गायक के लिए स्क्रीन इंडिया से स्टार स्क्रीन अवार्ड मिला था।
गायक का आखिरी गाना

केके को एआर रहमान के हिट गीत ‘कल्लूरी साले’ और ‘हैलो डॉ’ के साथ पार्श्व गायक के रूप में पेश किया गया था । कादिर के ‘कधल देशम’ से और फिर उसके बाद एवीएम प्रोडक्शंस की संगीतमय फिल्म ‘मिनसारा कानावु ‘(1997) से ‘स्ट्रॉबेरी कन्ने’ । उन्हें बॉलीवुड में ब्रेक ‘तड़प तड़प’ हम दिल दे चुके सनम (1999) से मिला था। इस गाने के पूर्व केके ने गुलजार की फिल्म ‘माचिस’ का गीत ‘छोड़ आए हम…’ के संक्षिप्त हिस्से में अपना स्वर दिया था। टेलीविजन की बात करें तो केके ने 2008 में हम टीवी पर प्रसारित होने वाले पाकिस्तानी टीवी शो ‘द घोस्ट ‘के लिए ‘तन्हा चला’ नामक एक गीत भी गाया । इस गीत को फारुख आबिद और शोएब फारुख ने संगीतबद्ध किया था, और मोमिना दुरैद ने गीत लिखे थे। इसके साथ ही केके ने ‘जस्ट मोहब्बत’ , ‘शाका लाका बूम बूम’ , ‘कुछ झुकी सी…’, ‘हिप हिप हुर्रे’ , और ‘काव्यांजलि’, जैसे कई टेलीविजन सीरियल गाने भी गाए हैं । उन्होंने श्रेया घोषाल के साथ स्टार परिवार पुरस्कार 2010 के लिए थीम गीत भी गाया है। केके टेलीविजन पर भी नजर आए।

केके के परिजन पहुंचे कोलकाता
खबरों के मुताबिक, गायक केके के परिजन कोलकाता पहुंच चुके हैं। अब से थोड़ी ही देर में एसएसकेएम अस्पताल में केके का पोस्टमार्टम शुरू होगा। इसके बाद ही उनके निधन को लेकर स्थिति साफ होगी।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जताया दुःख

उन्हें टैलेंट हंट शो फेम गुरुकुल के लिए जूरी सदस्य के रूप में आमंत्रित किया गया था । 29 अगस्त 2015 को, केके टेलीविजन गायन रियलिटी शो इंडियन आइडल जूनियर सीजन 2 में भारत के उभरते गायकों को खुश करने के लिए दिखाई दिए, जहां उन्होंने ‘खुदा जाने’, ‘मेरा पहला पहला प्यार’, ‘मेक सम नॉइज़ फॉर द देसी बॉयज़’ का प्रदर्शन किया। , ‘अजब सी’, ‘सच कहता है दीवाना’ और जूनियर प्रतिभाओं के साथ कई और गाने और विशाल ददलानी के साथ ‘तू आशिकी है’, सलीम मर्चेंट के साथ ‘आशाएं’ और सोनाक्षी सिन्हा के साथ ‘तड़प तड़प’। 10 साल बाद, वह एक सिंगिंग रियलिटी शो में जज और गेस्ट जूरी सदस्य के रूप में भी दिखाई देने के साथ साथ 13 सितंबर 2015 को, केके सोनी मिक्स पर ‘बातों बातों में’ में भी नज़र आए थे। अपने फिल्मी करियर के शुरुआती दौर से ही केके अपने जीवन काल मे स्टेज शो के प्रति काफी गंभीर थे। भारत के अलावा विदेशों में भी उनका म्यूजिकल लाइव शो काफी लोकप्रिय था। आज भले ही सिंगर केके हमारे बीच नहीं हैं लेकिन अपने मधुर हृदयस्पर्शी गीतों के जरिये युगों युगों तक संगीतप्रेमियों के दिलों में कायम रहेंगे।

उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू ने दी श्रद्धांजलि
उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू ने कहा कि प्रसिद्ध गायक श्री कृष्णकुमार कुन्नाथ के आकस्मिक निधन से व्यथित हूं। अपनी भावपूर्ण आवाज और मधुर गायन के लिए जाने जाने वाले श्री केके का निधन संगीत की दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। शांति!

नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के कारण गऊ माता की हो रही है मौत

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रामपुर – मिलक , सोमवार की रात नगर के पटिया मार्ग पर स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र में तीन गायों की अज्ञात कारणों से मौत की खबर से शहर में सनसनी फ़ैल गई , गऊ माता के मौत से दुःखी स्थानीय गौ रक्षा समिति और बजरंग दल के कार्यकर्ता केंद्र पर पहुंच गए और हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए।स्थानीय प्रशासन को जब इस की सुचना मिली तो मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को शांत कराया और आश्वाशन दिया कि इस घटना की जाँच करवाएंगे।

समाचार के अनुसार , आरोप था कि नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के कारण केंद्र पर अव्यवस्था है, जिसके चलते गायों की मौत हो रही है। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस से भी कार्यकर्ताओं की नोकझोंक हुई। सूचना पर एडीएम प्रशासन लालता प्रसाद शाक्य, एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी अशोक कुमार, नगर पालिका ईओ छोटे कन्हैया सिंह मौके पर पहुंच गए और हंगामा कर रहे गो रक्षा समिति और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर शांत कराया। पशु चिकित्सा अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि तीन गायों की मौत हुई है। मौत का कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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CM YOGI – नैचुरल फार्मिंग बगैर गोमाता के संभव नहीं है – सीएम योगी

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लखनऊ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार हमले किए। इस दौरान सीएम योगी ने अखिलेश के गोबर वाले बयान की याद दिलाते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को गोबर में बदबू आती है। कैसी विडंबना है! गाय के गोबर को लक्ष्मी का स्वरूप माना होता तो ऐसा नहीं कहते। हो सकता है वह पूजा न करते हों, चचा शिवपालजी से ही कुछ सीखा होता। इस पर अखिलेश ने कहा कि जानते हैं घरों में गोवर्धन की पूजा होती है। सीएम ने कहा, इसका मतलब चाचा का असर आया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव विकास की बातें करते हैं लेकिन उन्हें गोबर से बदबू आती है। फिर कहा कि आप चाचा शिवपाल सिंह से कुछ सीख लिए होते तो ऐसा न कहते। हमारे यहां तो गाय का गोबर पवित्र माना गया है। कई बार घरों में जब पूजा होती है तो वहां भगवान की मूर्ति नहीं होती, सिर्फ गोबर की पूजा की जाती है। गाय के गोबर को लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब तो गोबर से अगरबत्ती भी बन रही है। अगर आप पूजा करते तो जरूर जानते। इस पर अखिलेश बोले कि हम भी गोवर्धन पूजा करते हैं। योगी ने मुस्कुरा कर कहा कि ‘यह भी चाचा के संपर्क में आने का परिणाम है।’ अखिलेश बोले कि गोबर को उतना मैं नहीं जानता था जितना नेता सदन जानते हैं। अब गोबर पर रिसर्च करूंगा। गौरतलब है कि बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए अखिलेश ने योगी से कहा था कि आपने गोबर देखा है, उसे ही लागू कर रहे हैं।
भाषण में दिखा भैंस के दूध का असर : अखिलेश यादव पर हमला जारी रखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपने गौ माता की सेवा की होती तो गोबर का महत्व समझते। फिर बोले कि नेता प्रतिपक्ष के भाषण में भैंस के दूध का ज्यादा असर दिखा। भैंस के दूध में वसा ज्यादा होती है। फिर कटाक्ष किया कि कहावत भी है कि ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस।’

इत्र वाले मित्र खिला रहे थे गुल : सीएम योगी ने सपा से जुड़े इत्र कारोबारी को लेकर भी तंज किया। यह कहते हुए कि आपके इत्र वाले मित्र बहुत गुल खिला रहे थे लेकिन हमने कन्नौज के इत्र उद्योग को एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना से जोड़ा है। पिछले पांच वर्षों में कन्नौज में 55 नई इकाइयां स्थापित हुई हैं। कोरोना के बावजूद उप्र ने 2.7 मिलियन डालर का इत्र निर्यात किया। कन्नौज के परफ्यूम पार्क और संग्रहालय के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट प्राविधान ऋण के रूप में किया है।