वैदिक प्लास्टर (Vedic Plaster)
छत्तीसगढ़ प्रदेश की खबर – बिलासपुर में मृत गौवंश को नाले में बहाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ – ( प्रतिनिधि ) बिलासपुर नगर निगम के जोन क्रमांक एक सकरी स्थित गोकने नाला में मृत मवेशियों के शव को बहाया जा रहा है। बदबू से आसपास के लोगों व गौसेवकों ने इसका विरोध करते हुए जोन कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा है। मवेशियों के अंतिम संस्कार करने के लिए उचित व्यवस्था कराने की भी मांग की गई है। इस दौरान इंटरनेट मीडिया में एक वीडियो सामने आया है। इसमें मवेशी का शव नाले में बहते हुए दिख रहा है।
सकरी क्षेत्र में घुरू अमेरी में गोकुल धाम स्थित है। यहां बड़ी संख्या में मवेशियों का पालन पोषण होता है। बीते कुछ दिनों से सकरी स्थित गोकने नाला में किसी अज्ञात लोगों द्वारा मरे हुए मवेशियों के शव को गोखने नाला में बहा दिया जा रहा है। मवेशी की मौत के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जा रहा है। इस पर गौ सेवकों ने निगम के जिम्मेदार अफसरों के पास जाकर विरोध करते हुए मुक्तिधाम की व्यवस्था करने की मांग की है।
अभिनेता अदिवि शेष की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मेजर’
अभिनेता अदिवि शेष इनदिनों अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मेजर’ को लेकर काफी उत्साहित है। फिल्म में सई मांजरेकर, शोभिता धूलिपाला, प्रकाश राज, रेवती और मुरली शर्मा भी हैं। इस फिल्म से अभिनेता अदिवि शेष को काफी उम्मीद है। सच्ची घटनाओं से प्रेरित यह फिल्म अदिवि शेष द्वारा निभाए गए वास्तविक जीवन के नायक मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के जीवन और समय को दर्शाती है। मेजर उन्नीकृष्णन ने 26 नवंबर, 2008 को मुंबई के ताजमहल पैलेस होटल में हेरिटेज होटल पर कुख्यात हमले के दौरान आतंकवादियों द्वारा शहीद होने से पहले कई बंधकों की जान बचाई थी।
अदिवि शेष अपनी इस फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में कई शहरों का दौरा किया, जहाँ भी इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीइंग रखी गयी थी, फिल्म देखने के बाद प्रत्येक व्यक्ति की आँखे नम नज़र आ रही थी।
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हालही में मुंबई में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के लिए फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गयी थी जहाँ पर 312 कमांडो ने अपनी फॅमिली के साथ इस फिल्म का लुफ्त उठाया। यह स्क्रीनिंग अदिवि शेष के लिए बेहद खास थी, उन्हें इस फिल्म में शानदार प्रदर्शन के लिए ब्लैक कैट कमांडो
मैडल से सम्मानित किया गया। बकौल मेजर की भूमिका के लिए मिले ब्लैक कैट कमांडो मैडल की अहमियत मेरे लिए ऑस्कर से भी कहीं ज़्यादा है।
जिंदगी मै रंग भरती बिटिया, चूल्हे-चौके से सिविल सेवा के शीर्ष तक
श्रुति शर्मा, अंकिता अग्रवालतथा गामिनी सिंगला संघ लोक सेवा द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2021 में क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय रैंक प्राप्त किया है। लड़कियों ने आज हर क्षेत्र में डंका बजा रखा है। पढ़ाई से लेकर नौकरी और व्यवसाय से लेकर अंतरिक्ष में छलांग लगाने के मामले में लड़कियों ने अपनी प्रतिभा से सबको परिचित करा दिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर की रहने वाली श्रुति शर्मा ने यूपीएससी 2021 प्रथम रैंक प्राप्त की है। यह उत्तर प्रदेश और विशेषकर जिला बिजनौर के लिए बेहद गर्व की बात है। जिस क्षेत्र को कृषि प्रधान क्षेत्र कहा जाता है और जहां पर शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ापन और जागरूकता का अभाव एक लंबे समय तक बना रहा; वहां पर एक स्त्री होने के नाते चुनौतियां और बढ़ जाती हैं। विवाह की जल्दी, बाहर पढ़ने जाने का संघर्ष, अच्छी संस्थाओं (केंद्रीय विश्वविद्यालय) का अभाव, मार्गदर्शन की कमी आदि बहुत कुछ झेलना पड़ता है, लड़ना पड़ता है। लेकिन ऐसे क्षेत्र से आने वाली कोई लड़की अगर यूपीएससी टॉप करती है तो यह भविष्य के लिए बहुत अच्छा संकेत है। इस बार टॉप १० में प्रथम तीन स्थान पर नारी शक्ति का बोलबाला रहा। यह भी समाज में स्त्री शिक्षा के बदलते स्वरूप को दिखाता है।
महिलाएं आने वाले समय में हजारों नवयुवतियों के लिए प्रेरणा की स्रोत बनेंगी। भारत जैसे परंपरागत समाज में भी अपनी प्रतिभा और लगन की बदौलत स्त्रियां अनछुई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं, उनकी वजह से यह आत्मविश्वास नई पीढ़ी की महिलाओं में पैदा होगा। सिविल सेवा परीक्षा में लड़कियां टॉप करती है तो जमीनी हकीकत भी सामने आती है। देश में 52 फीसदी लड़कियां स्कूल शिक्षा के स्तर पर ही पढ़ाई छोड़ देती हैं। क्यों हैं ऐसे हालात और क्या है इससे आगे निकलने का रास्ता? अगर ध्यान से देखेंगे तो पाएंगे हमारे देश में जब लड़कियां बड़ी हो रही होती हैं तो उनमें से ज्यादातर को उतने मौके नहीं मिलते शिक्षा और दूसरे क्षेत्रों में आगे बढऩे के, जितने की लड़कों को मिलते हैं। हमारा समाज घर और बाहर, अभिभावक और शिक्षक उनसे अपेक्षा ही नहीं करते कि वे घर के कामों के अलावा दूसरे काम भी अच्छी तरह से करें। वास्तव में उनके ऊपर सामाजिक-आर्थिक और भावनात्मक रूप से उतना निवेश नहीं किया जाता जितना कि लड़कों पर किया जाता है। परिणामस्वरूप लड़कियोंं में आगे बढऩे का आत्मविश्वास, बंधनों से जूझने की हिम्मत ही विकसित नहीं होती। यह सभी के बारे में सच है कि अगर किसी बच्चे से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है तो फिर उसकी आत्मछवि में और सुधार आता है। लेकिन लड़कियों के साथ तो प्राय: उल्टा होता है। स्कूलों में या घर में उनके काम की सराहना कम होती है, उन्हें शाबासी कम मिलती है। जिससे उसकी अस्मिता सिमट कर रह जाती है और इसका उसके प्रदर्शन पर नकारत्मक असर होता है। बेटियों की शिक्षा और फिर उच्च शिक्षा से कब और क्यों वंचित कर दिया जाएगा, इस संशय से वे हमेशा भयग्रस्त रहती हैं। देश की करीब 52.2 प्रतिशत बेटियां बीच में ही अपनी स्कूली पढ़ाई छोड़ रही हैं। अनुसूचित जाति और जनजाति को करीब 68 प्रतिशत लड़कियां स्कूल में दाखिला तो लेती हैं, लेकिन पढ़ाई पूरी करने से पहले ही स्कूल छोड़ देती हैं।
हमारे देश में लड़कियों या महिलाओं के जीवन के कई मोड़ों पर उन के ऊपर यह दबाव आता है जब उनसे घरेलू जिम्मेदारियों तक सिमट जाने की अपेक्षा की जाती है। पहला मोड़ तब आता है जब उनकी इंटर तक की पढ़ाई पूरी हो जाती है। जो लड़कियां इस दबाव से बच पाती हैं वे सुनहरे भविष्य के लिए आगे निकल जाती हैं, पर जो इस बाधा-दौड़ से आगे नहीं निकल पातीं, वे बेचारी हाईस्कूल या इंटर तक पहुंच ही नहीं पातीं। कोई लड़की इस अनचाही बाधा-दौड़ को लांघ पाएगी या नहीं, यह लड़की पर बहुत ही कम निर्भर करता है। यह तो सीधा परिवार की आर्थिक और सामाजिक हैसियत और आसपास के क्षेत्र में स्कूल की मौजूदगी और कानून व्यवस्था की बेहतर स्थिति पर निर्भर करता है। देशे में हम जिन बच्चियों को हम इंटर और हाईस्कूल आदि में टॉप करते और लड़कों से बेहतर प्रदर्शन करते देखते हैं, उनमें से अधिकांश संपन्न तबके से होती हैं। गरीब परिवारों से लड़कियां प्राय: इस मोड़ से आगे नहीं बढ़ पातीं। गरीब परिवारों से लड़के तो भी आगे बढऩे में सफल हो जाते हैं, पर लड़कियों का आगे बढऩा काफी मुश्किल होता है। एक बार लड़की बाधा-दौड़ को पार कर जाये तो उसे यह अहसास होता है कि यह मौका बहुत संघर्ष से मिला है, गंवाना नहीं है, तो वह पूरे समर्पण और मेहनत से काम को अंजाम देती हुई लड़कों की तुलना में बेहतर सफलता अर्जित करती है।
मेरे देश की बेटियां क्यों स्कूल छोड़ देती हैं। इस विषय पर बिहार और उत्तर प्रदेश में किए गए एक शोधपत्र में तथ्य सामने आए हैं कि बीच में पढ़ाई छोड़ चुकी हर पांच लड़कियों में से एक का मानना है कि उनके माता-पिता ही उनकी पढ़ाई में बाधक हैं। समाज में असुरक्षित माहौल एवं विभिन्न कुरीतियों के कारण आठवीं या उससे बड़ी कक्षा की पढ़ाई के लिए उनके परिवार वाले मना करते हैं। करीब 35 प्रतिशत लड़कियों का मानना है कि कम उम्र में शादी होने के कारण बीच में ही पढ़ाई छोडऩी पड़ती है। यह अध्ययन स्पष्ट इंगित करता है कि बेटियों की शिक्षा के मध्य अवरोध उनके परिवार के सदस्यों द्वारा ही खड़ा किया जाता है। हमारी बेटियां क्यों हतोत्साहित हैं? ऐसा क्या है, जो वह स्वयं को इन क्षेत्रों से दूर कर लेती है जहां समय और श्रम अधिक अपेक्षित हैं। शोध तो ऐसा बताते है कि 5 प्रतिशत लड़कियां ही विज्ञान, तकनीक, गणित और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना कॅरियर नहीं बनाना चाहती। गणित और विज्ञान जैसे विषयों में लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से कमतर नहीं रहा।
व्यक्ति हो या देश, उसकी सफलता इसमें मानी जाती है कि उसमें निहित संभावनाएं उभर कर आएं और इन संभावनाओं का भरपूर उपयोग हो। यदि कार्यबल में महिलाओं के लिए नए द्वार खुलते हैं तो इससे तमाम महिलाओं में निहित संभावनाओं को फलीभूत करने का मार्ग प्रशस्त होगा और हम अपने राष्ट्र की आबादी में मौजूद संभावनाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए सरकार और निजी क्षेत्र दोनों को नए सिरे से आगे आना होगा। लड़कियों की यह कामयाबी सरकार के ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान को भी यकीनन बल देगी। इससे समाज में कमजोर पड़ रही वह सोच और भी बेदम होगी कि लड़कियां सिर्फ चूल्हे-चौके का काम करने के लिए होती है। इससे तमाम मां-बाप तक संदेश पहुंचेगा कि लड़कियां किसी भी मामले में कमतर नहीं है। अभिभावकों की बदलती सोच, सरकारी समर्थन के साथ-साथ खुद लड़कियों के तेवर भी जिस तरह बदल रहे हैं, उम्मीद की जानी चाहिए कि उनकी सफलता का सिलसिला भविष्य में और अधिक व्यापक रूप से जारी रहेगा।
— —प्रियंका सौरभ
रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस,
कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार,
उत्तर प्रदेश में ‘सम्राट पृथ्वीराज’ फिल्म टैक्स फ्री यादव कुल में छिड़ी जंग मुलयम ने दी अखिलेश को हिदायत
योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रियों और विधायकों के लिए आज लखनऊ के लोकभवन में फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। अक्षय कुमार संग पूरी स्टार कास्ट भी इस मौके पर मौजूद है बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर की फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ कल सिनेमा घरों में रिलीज होने वाली है। इसके पहले आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रियों के लिए लखनऊ के लोकभवन में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग कराई गई। फिल्म देखने के बाद सीएम योगी ने इसे यूपी में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि फिल्म बहुत अच्छी बनी है। लोग पूरे परिवार के साथ इस फिल्म को देख सकते हैं। इतिहास के लिहाज से यह फिल्म अत्यंत महत्वपूर्ण है।
टोंटी चोर से और क्या ही उम्मीद कर सकते है।https://t.co/BcL5XafrX7
— ⚔️ गोरखा ⚔️ (@Akshay_Reply) June 2, 2022
सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव मौर्य, योगी सरकार के कई मंत्री, विधायक और अधिकारियों ने फिल्म देखी। हालांकि कानपुर दौरे के चलते मुख्यमंत्री फिल्म शुरू होने के कुछ देर बाद लोकभवन पहुंचे। सीएम योगी लोकभवन पहुंचे तो अभिनेता अक्षय कुमार ने उनका स्वागत किया। इसके पहले बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मोदी सरकार के अन्य मंत्रियों ने ‘सम्राट पृथ्वीराज’ फिल्म देखी थी। उन्होंने अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर के अभिनय को खूब सराहा। लखनऊ के लोकभवन के ऑडिटोरियम में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग कराई गई। फिल्म अभिेनेता अक्षय कुमार, एक्ट्रेस मानुषी छिल्लर और डायरेक्टर चंद्र प्रकाश द्विवेदी भी खासतौर पर वहां मौजूद हैं। फिल्म प्रमोशन के लिए इससे पहले अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर वाराणसी भी गए थे।
फिल्म में अक्षय कुमार ने पृथ्वीराज की भूमिका निभाई है। उनके अलावा फिल्म में संजय दत्त, सोनू सूद और आशुतोष राणा ने भी अभिनय किया है। वाराणसी में अक्षय कुमार ने मीडिया से कहा था कि यह दुर्भाग्य की बात है कि इतिहास में मुगलों के बारे में तो बहुत कुछ बताया गया लेकिन पृथ्वीराज चौहान के बारे में सिर्फ दो पैराग्राफ ही लिखा गया।
उत्तर प्रदेश में 'सम्राट पृथ्वीराज' फिल्म टैक्स फ्री होगी।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 2, 2022
उत्तर प्रदेश में ‘सम्राट पृथ्वीराज’ फिल्म टैक्स फ्री यादव कुल में छिड़ी जंग मुलयम ने दी अखिलेश को हिदायत,फिल्म को ले कर अखिलेश यादव ने एक यैसा ट्वीट किया जिस से मजबूर मुलायम यादव को भी ट्वीट करना पड़ा और अखिलेश यादव को नशीहत देते हुए हिदायत देते हुए भविष्य को चेताया।
— Mulayam singh Yadav (@mulayamYd) June 2, 2022
अखिलेश ने ट्वीट करते हुए लिखा कि – ” बीजेपी का पूरा कैबिनेट दिवालियापन का शिकार है महंगाई चरम पर है गरीब भूखों मर रहे हैं तुमको मोहम्मद गोरी का याद आ रहा है पहले रोटी की व्यवस्था करो गरीबों के लिए नहीं तो पुराने इतिहास को पढ़ने के चक्कर में नया इतिहास बन जाएगा की भुखमरी की चपेट में आकर करोड़ों लोग मर गए ” . मुलायम यादव ने अखिलेश के इस ट्वीट पर अपनी राय रखते हुए ट्वीट किया कि -” नेता प्रतिपक्ष ने ट्विटर पर जो मण्डली बिठा रखी है उसने धीरे धीरे सब खत्म करने का ठान लिया है। अब योगी मण्डली के साथ फ़िल्म देखने जा रहे है तो उससे क्या दिक्कत है? योगी ये फ़िल्म देख कर संदेश देना चाहते है? आप इस पर पोस्ट लिख कर क्या देना चाहते है? क्यो बेवकूफो वाली हरकत की जा रही। खैर अब तो फिल्म उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री हो चुकी है। देखते है ट्वीटर पर यादव कुनबे का क्या होता है।
बीजेपी का पूरा कैबिनेट दिवालियापन का शिकार है महंगाई चरम पर है गरीब भूखों मर रहे हैं तुमको मोहम्मद गोरी का याद आ रहा है पहले रोटी की व्यवस्था करो गरीबों के लिए नहीं तो पुराने इतिहास को पढ़ने के चक्कर में नया इतिहास बन जाएगा की भुखमरी की चपेट में आकर करोड़ों लोग मर गए
— Akhilesh Yadav (@Akhiles83741719) June 2, 2022
Hardik Patel To Join BJP -हार्दिक पटेल ने थामा गौ माता का दामन 15 हजार कार्यकर्ताओं के साथ आज बीजेपी में शामिल
अहमदाबाद - हार्दिक पटेल गुजरात की राजनीति में एक उभरता हुआ सितारा बनते नजर आ रहे हैं. गुजरात में कभी पाटीदार आंदोलन तो कभी कांग्रेस में शामिल होने से लेकर उसके प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस को अलविदा कहने के बाद अब बीजेपी पार्टी का दामन थामने तक वह लगातार सुर्खियां बटोरते रहे हैं. फिलहाल हार्दिक पटेल आज दोपहर 12 बजे अपने 15 हजार कार्यकर्ताओं के साथ बीजेपी में शामिल हो गए। शामिल होने से पहले हार्दिक पटेल पूजन कर पुराने पापों से मुक़्ति के लिए गौ माता से प्रार्थना किया और अपनी शरण में भाजपा के साथ फलने फूलने का निवेदन किया।
बता दें कि हार्दिक पटेल ने गत माह कांग्रेस पार्टी छोड़ी थी। उनको गुजरात प्रदेश का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। मगर हार्दिक का आरोप था कि उनको काम की आजादी और अधिकार नहीं थे। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के काम के तरीके पर कई बार सवाल उठाए थे। हार्दिक को प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल और वरिष्ठ नेता नितिन पटेल ने भाजपा की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर कोई और सीनियर नेता, कोई केंद्रीय स्तर का नेता वहां मौजूद नहीं था। गुजरात से मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी वहां नहीं थे।
राष्ट्रहित, प्रदेशहित, जनहित एवं समाज हित की भावनाओं के साथ आज से नए अध्याय का प्रारंभ करने जा रहा हूँ। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी के नेतृत्व में चल रहे राष्ट्र सेवा के भगीरथ कार्य में छोटा सा सिपाही बनकर काम करूँगा।
— Hardik Patel (@HardikPatel_) June 2, 2022
हार्दिक पटेल का भाजपा में स्वागत करने के लिए गांधीनगर में पार्टी दफ्तर के बाहर उनका पोस्टर लगाया गया था। भाजपा में शामिल होने से पहले सुबह हार्दिक पटेल ने ट्वीट भी किया था। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि ‘राष्ट्रहित, प्रदेशहित, जनहित एवं समाज हित की भावनाओं के साथ आज से नए अध्याय का प्रारंभ करने जा रहा हूँ। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी के नेतृत्व में चल रहे राष्ट्र सेवा के भगीरथ कार्य में छोटा सा सिपाही बनकर काम करूँगा।
आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पहले मेरे निवास पर दुर्गा पाठ कर ब्रह्मदेव के आशीर्वाद लिए, उसके बाद SGVP गुरुकुल में संतो की उपस्थिति में राम, श्याम और घनश्याम के दर्शन कर गौ पूजन किया। प्रभु श्री राम आप सबको तंदुरुस्त रखे एवं गुजरात को अनेक समृद्धि दें। pic.twitter.com/1E4uFOVml6
— Hardik Patel (@HardikPatel_) June 2, 2022
ज्ञात हो कि पीएम मोदी के लिए यमराज से लेकर झूठा शब्दों का इस्तेमाल कर फेमस होने वाले हार्दिक पटेल ने अब तो खुद ही बीजेपी का दामन थाम लिया है गौ पूजन भी कर लिया है अवसरवादी रजनीति का यह एक जीता जगता नमूना है। सत्ता के लॉलीपॉप ने अब हार्दिक पटेल को गौ भक्त भी बना दिया है। देखते है भाजपा में कितनी लम्बी पारी खेलते है।
गांधी परिवार से क्या है नेशनल हेराल्ड का नाता ?
राहुल गांधी फिलहाल देश में नहीं है जिसकी वजह से पेशी की तारीख को 5 जून तक टालने के लिए पत्र लिखा गया है। इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस (Congress) की ओर से केंद्र सरकार पर निशाना साधा गया तो वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि जब कोई गलती नहीं की तो चिंता किस बात की। आखिर यह नेशनल हेराल्ड का पूरा मामला है क्या जिसको लेकर गांधी परिवार के सामने यह मुश्किल खड़ी हुई है।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बयान दर्ज करना चाहती है। ईडी ने जांच के तहत हाल में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन बंसल से पूछताछ की थी। अधिकारियों ने बताया कि ईडी सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से पूछताछ कर वित्तीय लेनदेन, यंग इंडियन के प्रवर्तकों और एजेएल की भूमिका के बारे में पता लगाना चाहती है। यहां की एक निचली अदालत द्वारा यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आयकर विभाग की जांच का संज्ञान लेने के बाद एजेंसी ने पीएमएलए के आपराधिक प्रावधानों के तहत एक नया मामला दर्ज किया था। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इस संबंध में 2012 में एक शिकायत दर्ज कराई थी।
नेशनल हेराल्ड केस, क्या है आरोप;
यह मामला नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़ा है। साल 1938 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इसकी स्थापना की। अखबार का मालिकाना हक एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड एजेएल के पास था जो दो और अखबार छापा करती थी हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज। 1956 में एजेएल को गैर व्यावसायिक कंपनी के तौर पर स्थापित किया गया और कंपनी एक्ट धारा 25 से कर मुक्त कर दिया गया। कंपनी धीरे-धीरे घाटे में चली गई। कंपनी पर 90 करोड़ का कर्ज भी चढ़ गया।
इस बीच साल 2010 में यंग इंडियन के नाम से एक अन्य कंपनी बनाई गई। जिसका 76 प्रतिशत शेयर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास और बाकी का शेयर मोतीलाल बोरा और आस्कर फर्नांडिस के पास था। कांग्रेस पार्टी ने अपना 90 करोड़ का लोन नई कंपनी यंग इंडियन को ट्रांसफर कर दिया। लोन चुकाने में पूरी तरह असमर्थ द एसोसिएट जर्नल ने सारा शेयर यंग इंडियन को ट्रांसफर कर दिया। इसके बदले में यंग इंडियन ने महज 50 लाख रुपये द एसोसिएट जर्नल को दिए। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एक याचिका दायर कर आरोप लगाया कि यंग इंडियन प्राइवेट ने केवल 50 लाख रुपये में 90 करोड़ वसूलने का उपाय निकाला जो नियमों के खिलाफ है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला और कैसे बढ़ा आगे;
साल 2012 नवंबर महीने में सुब्रमण्यम स्वामी ने केस दर्ज कराया। केस दर्ज होने के दो साल बाद जून 2014 में अदालत ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया। इसी साल अगस्त महीने में प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने संज्ञान लिया और मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। केस दर्ज होने के बाद अगले साल 19 दिसंबर 2015 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत अन्य आरोपियों को दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने नियमित जमानत दी।
इसके अगले साल 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई रद्द करने से इनकार कर दिया। राहत की बात यह रही कि कोर्ट ने सभी आरोपियों को व्यक्तिगत पेशी से छूट प्रदान कर दी। इसके दो साल बाद 2018 में दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनिया और राहुल गांधी की आयकर विभाग के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस की ओर से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया और कहा कि आयकर की जांच चलती रहेगी।
राज्य सभा चुनाव – भाजपा की रणनीति ने कांग्रेस का खेल बिगाड़ा
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यसभा चुनाव के लिए जो रणनीति तय की है, उसने कांग्रेस (Congress) के लिए खासी मुश्किल खड़ी कर दी है. इस महीने की 10 तारीख को 15 राज्यों में राज्यसभा की 57 सीटों के लिए चुनावों में राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र में कांटे की टक्कर तय है. तय सीटों से ज्यादा उम्मीदवार उतारने से मतदान पेचीदा हो गया है. भाजपा ने चारों राज्यों में अपनी संख्या के आधार पर तय जीत वाली सीटों के अलावा एक-एक अन्य उम्मीदवार उतार कर और निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन देकर विपक्षी खेमे खासकर कांग्रेस के लिए दिक्कतें बढ़ा दी हैं. ऐसी स्थिति में कांग्रेस के लिए क्रॉस वोटिंग को रोकना बहुत बड़ी चुनौती बन गई है. इसके लिए कांग्रेस ने अपने विधायकों की घेराबंदी शुरू करती है।
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट पर चुनाव होने हैं और तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. जीत के लिए 31 विधायकों की जरूरत है. भाजपा के पास अपने 41 विधायक हैं और उसके उम्मीदवार कृष्ण लाल पंवार 31 वोट हासिल कर आसानी से जीत सकते हैं. कांग्रेस के पास भी 31 विधायक हैं और उसके उम्मीदवार अजय माकन भी पूरे वोट मिलने पर जीत जाएंगे. यह अलग बात है कि एक भी वोट कटने पर भाजपा व जजपा समर्थित उम्मीदवार निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा के साथ मामला फंस जाएगा. ऐसे में कार्तिकेय के रिश्ते कांग्रेस में रहे हैं, उनके पिता एवं परिवार के लोग कांग्रेस में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं. ऐसे में माकन के लिए भी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
कांग्रेस के लिए राजस्थान में बाहरी उम्मीदवार सिरदर्द बने हुए हैं. ऐसे में भाजपा ने निर्दलीय सुभाष चंद्रा को समर्थन देकर कांग्रेस के तीसरे उम्मीदवार के लिए संकट बढ़ा दिया है. गणित के आधार पर राज्य में जीत के लिए 41 विधायकों के वोट चाहिए. ऐसे में भाजपा के पास अपने एक उम्मीदवार को 41 वोट देने के बाद 30 वोट अतिरिक्त रहते हैं, जो निर्दलीय सुभाष चंद्रा को जाएंगे. ऐसे में चंद्रा अगर 11 वोट हासिल कर लेते हैं तो कांग्रेस का तीसरा उम्मीदवार हार जाएगा. कांग्रेस के पास अपने 108 विधायक हैं. इस तरह से उसे 15 और का समर्थन चाहिए. इस कड़ी में विगत दिनों सीएम अशोक गहलोत ने राज्यसभा उम्मीदवारों के साथ निर्दलीय विधायकों के साथ बैठक की थी.
कर्नाटक में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने एक-एक ज्यादा उम्मीदवार उतारा है. ऐसे में जेडीएस के एकमात्र उम्मीदवार की संभावनाएं घट गई हैं. वहां पर जीत के लिए 45 वोट चाहिए. भाजपा के पास 122 विधायक हैं और वह अपने दोनों उम्मीदवारों केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन और अभिनेता जग्गेश को जिताने के बाद अपने तीसरे उम्मीदवार लहर सिंह के लिए 32 वोट बचा लेगी. उसे 13 और वोट की जरूरत रहेगी. कांग्रेस के पास 70 विधायक हैं और एक उम्मीदवार को जिताने के बाद दूसरे उम्मीदवार के लिए वह 25 वोट ही बचा सकेगी और उसे 20 वोट की जरूरत होगी. ऐसे में दूसरी वरीयता में भाजपा भारी पड़ेगी।
महाराष्ट्र में भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार उतार कर महाविकास अघाड़ी में शिवसेना की दिक्कतें बढ़ा दी हैं. छह सीटों के चुनाव में हर सीट के लिए 42 वोट की जरूरत है. भाजपा दो सीटें आसानी से जीत सकती है. महाविकास अघाड़ी भी तीन सीटें जीत सकती है. महाविकास अघाड़ी से चार उम्मीदवार हैं. इनमें शिवसेना से संजय राउत और संजय पवार, एनसीपी से प्रफुल्ल पटेल और कांग्रेस से इमरान प्रतापगढ़ी शामिल हैं. कांग्रेस और एनसीपी अपने उम्मीदवार जिता सकती हैं, लेकिन शिवसेना के दो में से एक की ही जीत पक्की है. भाजपा को तीसरी सीट के लिए 11 विधायकों का और समर्थन चाहिए होगा. हालांकि शिवसेना को 30 और विधायक चाहिए. जाहिर है कांग्रेस और एनसीपी के बचे विधायकों से भी उसका समर्थन पूरा नहीं होगा. इस तरह से देखा जाए तो राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस और अन्य दलों के लिए रास्ता पेचीदा कर दिया है।
मालाड पोस्ट ऑफिस में 40 साल काम करने पर रिटायर हुए चंद्रकांत शिरसाट
मुंबई। बरसात, ठंडी व गर्मी की बिना परवाह किए हमेशा पोस्टमैन लोगो को पत्र इत्यादि घर तक पहुँचाते है। ऐसे ही एक मेहनती व प्रतिभाशाली पोस्टमैन से ओवरसियर बने चंद्रकांत गंगाराम शिरसाट है।जो कि पिछले 40 वर्षों तक मालाड(वेस्ट) में जकरिया रोड पर स्थित मालाड डिलीवरी पोस्ट ऑफिस में काम किया और 31 मई 2022 को रिटायर हुए। इस अवसर पर मालाड डिलीवरी पोस्ट ऑफिस के सभी कर्मचारियों द्वारा एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया था ।और पोस्ट ऑफिस को सजाया गया था व बेंजो पार्टी को बुलाया गया था।
कार्यक्रम के दौरान पोस्टल पोस्टमास्टर संध्या झारापकर द्वारा ओवरसियर शिरसाट को शाल,नारियल व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया और लोंगो ने गिफ्ट दिया।सभी पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों ने, नेशनल एसोसिएशन ऑफ पोस्टल एम्प्लाइज के व अन्य यूनियन के पदाधिकारियों ने अपने अपने विचार व्यक्त किये। पोस्टमैन और सभी कर्मचारी बहुत भावूक हो गए। एक साथ ख़ुशी और गम दोनों का माहौल बन गया।
चंद्रकांत शिरसाट ने कहा,” 40 साल तो बहुत अच्छे से गुजरा लेकिन उसके बाद के 6 महीने गुजारना काफी मुश्किल रहा। सबको छोड़ते हुए दुख तो हो रहा है लेकिन क्या कर सकते है? मैं सभी को साथ देने के लिए धन्यवाद देता हूँ।”
इस अवसर पर पोस्टऑफिस के व यूनियन के संतोष लाड,आर एन राहटे, संतोष पास्ते, वी डी नाईक, संजय कालोखे,सदानंद नाईक अपराज इत्यादि जैसे कई पोस्टमैन व पदाधिकारी उपस्थित रहे और कार्यक्रम में सफल बनाया।








