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अंबाला सेंट्रल जेल से आपराधिक नेटवर्क चला रहे हार्डकोर अपराधी

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– सतीश हांडा की रिपोर्ट 

अंबाला सेंट्रल जेल में तमाम कोशिशों और सख्ती के बावजूद, जिसमें करीब 1500 कैदी वर्तमान में सजा काट रहे हैं या विचाराधीन हैं, जिनमें हत्या के मामले शामिल हैं, गैंगस्टर समूहों के सदस्य कथित तौर पर जेल के अंदर से आपराधिक नेटवर्क चला रहे हैं और कई महत्वपूर्ण व्यक्ति और वरिष्ठ अधिकारी भ्रष्ट आचरण में लिप्त हैं क्योंकि ऐसे जेल कर्मचारी जेल से आपराधिक नेटवर्क चलाने वाले कैदियों के साथ अवैध रूप से मोबाइल फोन रखने पर नियंत्रण नहीं कर पाए हैं। अंबाला सेंट्रल जेल अधीक्षक संजीव पटर के आदेश पर जेल के सभी बैरकों में तलाशी अभियान चलाया गया जहां से मोबाइल फोन और अन्य संबंधित सामान बरामद किया गया.

अंबाला सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने तलाशी जारी रखी और बैरक से एक ऐप्पल आईफोन सहित कुल आठ मोबाइल फोन बरामद किए  जहां एक निलंबित एचएससी अधिकारी अनिल नागर, नारायणगढ़ चीनी मिल के एक वीआईपी सुब्रत खन्ना प्रबंध निदेशक, खूंखार गैंगस्टर गिरोह के सदस्य और अन्य शामिल थे। आठ हाई-प्रोफाइल पुरुष मोबाइल फोन ले जाते पाए गए हैं।

 पत्रकारों से बात करते हुए पटर के एक सख्त और अनुशासित अधिकारी ने कहा कि ए-क्लास और बी-क्लास बैरक में रहने वाले हाई-प्रोफाइल पुरुषों को जेल के नियमों के खिलाफ वर्णानुक्रम के विपरीत अनाधिकृत सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 17 अक्टूबर को इन बैरकों को खाली कराकर नियमानुसार अन्य बैरकों में रखा गया और जांच के दौरान ऐसे अवैध मोबाइल फोन बरामद हुए और हैरानी की बात यह है कि जेल के अंदर एक आईफोन का इस्तेमाल किया जा रहा था. इससे पहले जेल के सुरक्षाकर्मियों ने जेल की चहारदीवारी के पास पड़े एक बॉक्स में बंद नौ मोबाइल फोन बरामद किए थे. इतना ही नहीं, यह जानकारी मिलने पर कि सुरक्षा कर्मियों द्वारा जेल में चेकिंग अभियान चलाया गया है, कैदियों ने खुद 22 मोबाइल फोन जला दिये या क्षतिग्रस्त कर दिये, जो बाद में जेल सुरक्षा कर्मचारियों को मिले. इंस्पेक्टर गौरव पुनिया, एसएचओ बलदेव नगर थाना अंबाला सिटी ने कहा कि शिकायत मिली है, प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच शुरू की गई है।

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पिछले परिदृश्य से पता चलता है, इस जेल के अंदर आपराधिक समूहों के बीच लगातार झड़पों, कैदियों से ड्रग्स की बरामदगी सहित कई बार इस जेल के अंदर देखी गई घटनाओं के कारण अंबाला सेंट्रल जेल हमेशा अखबारों में सुर्खियों में रहा है। कड़ी सुरक्षा के बीच इस संबंध में जेल कर्मचारियों के शामिल होने का संदेह है। दो दिन पूर्व सूचना पर जेल कर्मियों ने बंदियों से काला राणा, कला जठेड़ी व लारेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य तीन मोबाइल फोन बरामद किये तथा जेल अधीक्षक की शिकायत पर बलदेव नगर थाने में एक बंदी अर्जुन उर्फ ​​कटोरा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. अंबाला सिटी जिसने जेल के अंदर मोबाइल फोन के प्रवेश की जांच शुरू की।

जानकारी से पता चलता है कि इस जेल में कई खूंखार अपराधी बंद हैं जो जेल के अंदर मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पाए जाते हैं, जिनमें गैंगस्टर काला राणा के भाई सूर्य प्रताप राणा, विक्की बागपत उर्फ ​​विकास, शुभम उर्फ ​​बिग्नी, योग राज, विजय, रवि के रूप में पहचाने जाने वाले कुछ नाम शामिल हैं। योगेश, सागर और अर्जुन उर्फ ​​कटोरा के खिलाफ हत्या या हत्या के प्रयास के 20 से अधिक मामले दर्ज हैं।

सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन की बरामदगी की लगातार शिकायतें मिलने के बाद अंबाला के पुलिस अधीक्षक जशनदीप सिंह रंधावा ने डीएसपी अंबाला छावनी राम कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की थी, जिसमें सीआईए-1, सीआईए-2, साइबर सेल के पुलिस अधिकारी शामिल थे. करीब चार घंटे तक जेल में तलाशी अभियान चलाया और तलाशी अभियान के दौरान बंदियों और बंदियों के कब्जे से आठ मोबाइल और आठ सिम कार्ड बरामद किये. रंधावा ने कहा कि बलदेव नगर थाने में आरोपी बंदियों और बंदियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जेल परिसर में मोबाइल फोन, नशीले पदार्थों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए जेल प्रशासन के साथ समन्वय कर जेल में तलाशी अभियान जारी रखने के आदेश दिये गये हैं. जानकारी से पता चलता है, जेलों के अंदर मोबाइल फोन तक पहुंच एक खतरा बन गया है और अंबाला सेंट्रल जेल की स्थिति अपराधियों को बाहर से जेल की दीवार से सटे सड़क के माध्यम से पैकेट में संचार गैजेट फेंकने में सहूलियत देती है।

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अंबाला जेल को नए स्थान पर शिफ्ट करने के लिए अंबाला प्रशासन काम कर रहा है। अंबाला में पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं जब गैंगस्टर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए जेल के अंदर से मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे। प्रसिद्ध पंजाबी गायक, सिद्धू मूसेवाला उर्फ ​​शुभदीप सिंह की हत्या के मामले में, गैंगस्टरों के पास जेलों के अंदर मोबाइल फोन थे, इस प्रकार वे गंभीर अपराध करने की योजना बना रहे थे।(युवराज)

-सतीश हांडा

T20 World Cup Final – बिना हार के खेल संभव है?

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टी ट्वंटी की विश्व विजेता बन गयी इंग्लैंड की टीम। भारतीय टीम की जिस पाकिस्तान से सेफा में हार हुई,उसी पाकिस्तान की टीम को भी फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। खेल है तो हार भी है जीत भी है। ये अलग बात है कि हमारी आग्रही समझ हारने वाली टीम और उसके खिलाडियों को मुजरिम की तरह पेश करती है। उन्हे कटघरे में ला देती है।

  वहीँ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वाले हार की तार्किक समीक्षा की जगह खिलाडियों के खिलाफ जनता में गुस्सा भरते नज़र आते है. इस बार लगभग यही दिखा। सेफा मे हार के बाद यही मीडिया अपने दर्शकों से पूछता दिखा कि हार  का मुजरिम कौन है? मीडिया वाले यही समझ विकसित कर रहे है कि हार स्वीकार नही है।

 खेल में हार न हो , ऐसा संभव है क्या? जिन्हे ये खलनायक बना कर पेश कर रहे है, उनके हिस्से वैश्विक कीर्तिमान भरे पड़े है। खेलो के इतिहास में हार और जीत की अनेक उदाहरण दर्ज है। फिर हार को लेकर इतनी व्यग्रता क्यों? क्या खेल भावना यही है?

मुझे तो यही लगता है कि इन्हे न खेल भावना की समझ है, न पत्रकारिता की। सम्यक  प्रतिक्रिया की जगह उग्रता जब स्थान ग्रहण कर ले तो वो मौलिकता के लिए खतरा पैदा कर देता है। मीडिया में अगुआई कर रहे व्यक्तियों को समझना होगा,खासकर चैनल वालो को कि उनकी विश्वसनीयता खतरे में है जो किसी के लिए अच्छा नही है।(युवराज)

सूरज रजक

संजय राउत के बोल बचन के मायने

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– अश्विनी कुमार मिश्र

जेल से छूटने के बाद उद्धव सेना के नेता संजय राउत के बदले बोल को लेकर तरह तरह की राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म  है. आखिर संजय राउत महाराष्ट्र की नयी सरकार की प्रशंसा क्यों कर रहे हैं.? उनके गोल वचन और  और अंदाजे बयां से यह कहा जाने लगा है कि वह कोई नया पांसा फेंक रहे हैं. समझा जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री के निर्णयों की सराहना कर वह भाजपा और शिंदे सेना के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं. वह  कौटिल्य शास्त्र  के सूत्र को पकड़कर पुराने रिश्तों को खंगालने और नए रिश्तों में दरार डालने की नीति पर चल रहे हैं. संजय राउत ने महाविकास आघाडी सरकार के दौरान फडणवीस सरकार पर जिस तरह के प्रहार किये थे शायद वह भूल गए. और अब जेल से छूटने  के बाद उनका हृदय परिवर्तन सचमुच कोई संकेत है. उन्होंने जिस तरह से शिवसेना को भाजपा से दूर ले जाकर नई राजनीति  गढ़ी  उसका परिणाम सामने आ गया. सत्ता के लिए एक सिद्धांतहीन गठबंधन बनाकर शिवसेना की बुरी गत  करा दी. एक राजनीतिक हाराकिरी हो जाने के बाद श्री राउत भाजपा वालों पर सुमन वृष्टि  कर रहे हैं. यह आशंका और कुशंका दोनों पैदा करता है. यह तो सत्य है कि शिवसेना को जितना बर्बाद राजनीति ने नहीं किया उतना  संजय राउत की जिद्द ने किया. आखिर जिन शिवसैनिकों ने शिवसेना को फर्श से उठाकर अर्श तक पहुँचाया वे ही अलग हो गए. अपनी गलतियों में झाँकने के बजाय उन्हें गद्दार कहा जो इस सिद्धांतविहीन राजनीति में अपना अस्तित्व संभाल रहे थे.जिस व्यक्ति ने कभी चुनाव नहीं लड़ा ,कभी  मतदाताओं का सामना नहीं किया उसने एक ऐसा चक्र चलाया कि शिवसेना में ही बगावत हो गयी.

 अब संजय राउत जब बाजी हार चुके हैं तो उन्हें भाजपा वालों की याद आ रही है. अब रिश्ते सुधारने  के लिए देवेंद्र फडणवीस की एकतरफा स्तुति कर शिंदे सेना और भाजपा में नया भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. देवेंद्र फडणवीस की सरकार में शिवसेना भी थी तब तो अंदाजा लग ही जाना चाहिए था कि फडणवीस की कार्यशैली कैसी है. फिर ढाई ढाई साल का शिगूफा छेड़ कर युति तोड़वाने का पाप संजय राउत ने किया. उसी का भान उन्हें जेल में 100 दिन रहकर हो गया होगा. और अब वे प्रायश्चित करने के लिए स्तुति सुमन की वर्षा कर रहे हैं. यह सही है महाविकास आघाड़ी  सरकार में राज्य की कई क्रियाशील  गतिविधियों को रोक दिया गया. मुख्य मंत्री वर्क फ्रॉम होम के मोड़ में थे।

राज्य का फेसबुकिया संचालन गजब का था. पुलिस अधिकारी ही जिलेटिन रखते पकड़े गए.ऐसे कई उदाहरण है जो अब पुराने पड़ गए हैं लेकिन शिंदे -फडणवीस  की सरकार  में काम ने गति पकड़ी है.एक सक्रिय सरकार अड़चनों को पार करते हुए काम कर रही है. कई प्रकल्प पर काम रफ़्तार से बढ़ रहा है. मेट्रो. कोस्टल रोड सहित मुंबई न्हावा सेवा लिंक पर काम का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो चुका है. सरकार  कई कल्याणकारी निर्णय ले चुकी है. म्हाडा को दिया गया अधिकार  उनमें से एक है.जो कि सही निर्णय है.म्हाडा एक स्वतंत्र संस्था है. जो सरकारी अड़चनों में पड़कर काम नहीं कर पा रही थी, उसे उसके अधिकार दिए जा रहे हैं. इस निर्णय का  संजय राउत ने सराहना की है. .

संजय राउत गलतफहमी और खुश फहमी दोनों में हैं. जेल से निकलकर वह सोच रहे हैं कि उन पर लगा आरोप समाप्त हो गया है. लेकिन  ऐसा नहीं है.उनकी जमानत को निरस्त करने के लिए मामला हाईकोर्ट में चला गया है,जिस पर 25 को सुनवाई होनी है. हाईकोर्ट ने संजय राउत से इस बारे में शपथ पत्र देने को भी कहा है. विशेष अदालत ने जो टिप्पणी की है वह  सरकार के एक महकमे पर आक्षेप है. इतनी बड़ी संस्था किसी बेक़सूर को पकड़ने का दुःसाहस कैसे कर सकती है.? विशेष अदालत का यह निर्णय एकतरफा लगता है. ईडी ने  इस निर्णय के खिलाफ कड़ा  रुख अपनाया है क्योंकि अदालत के कमेंट्स ने पूरी संस्था को कटघरे में खड़ा कर आरोपी को निर्दोष साबित करने का प्रयास किया है. अगर हाईकोर्ट का फैसला संजय राउत के विपरीत आया तो श्री राउत की कठिनाई बढ़ सकती यही. इसे समझते हुए वह अपने बयान में नरमी लाने का प्रयास कर रहे हैं.

 दूसरा यह कि श्री राउत अपने को अब भी  बड़ा किंगमेकर समझ रहे हैं. उनकी इस नासमझी ने ही उद्धव ठाकरे के कुनबे का बेडा गर्क किया है. इसका नतीजा यह है कि जिनके खिलाफ स्वर्गीय बाल ठाकरे ने आजीवन कमरकसी ,आज उन्हीं की पदयात्रा में शामिल होकर वैचारिक  दिवालियेपन का प्रदर्शन उद्धव सेना कर रही  हैं. संजय राउत को यह भी खुशफहमी है कि राजनीति के ढोल को हर तरफ से बजा सकते हैं. जो बदली हुई परिस्थिति में लाभदायक नहीं कही जा सकती. यह भी कि फडणवीस,मोदी और अमित शाह के प्रति मीठे बोल बोलकर अपना राजनीतिक खाता सीधा कर सकते हैं,जो अब संभव नहीं है. श्री  राउत ने युति की जड़ पाताल तक खोद कर शिवसेना को शरद पवार का गुलाम बना लिया है. वह फडणवीस की नीतियों की प्रशंसा कर दूर की चाल चल रहे हैं. उन्हें यह गलतफहमी हो गयी है कि शिंदे खेमाँ और भाजपा के बीच अनबन चल रही है. हाल में ऐसे कई घटना क्रम  हुए जिसमें दोनों गुटों के नेताओं में अनबन हुई. इसमें बच्चू कडू-राणा प्रकरण,अब्दुल सत्तार ,गुलाब राव पाटिल और संतोष बांगर जैसे नेताओं की मचमच को वह शिंदे गट की बेचैनी समझ रहे हैं।

और इसलिए इस पूरे गुट को नजरअंदाज कर संजय राउत ने फडणवीस की तारीफ़ के पुल बांधने शुरू कर दिए हैं. उधर संजय राउत के जेल से छूटने को लेकर किसी अदृश्य हाथ के मदद की चर्चा रंगने लगी है. क्योंकि राष्ट्रवादी गुट में फुस फुस होने लगी है कि अनिल देशमुख और नवाब मलिक तो जेल में रह गए संजय कैसे बाहर आ गए. क्या यह किसी शर्त पर मिली जमानत है या कुछ और,  यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। (युवराज)

(अश्विनी कुमार मिश्र ,लेखकनिर्भय पथिक के संपादक राजनीतिक विश्लेषक हैं. )

राकांपा के राष्ट्रीय महासचिव नरेन्द्र वर्मा का जन्मदिन सेवा सप्ताह के रूप में संपन्न

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मुंबई। हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नरेन्द्र वर्मा का जन्मदिन सेवा सप्ताह के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर अंधेरी पश्चिम के जानकी देवी पब्लिक स्कूल में रात्रिभोज का भी आयोजन किया गया। इससे पहले नरेंद्र वर्मा ने अपने हाथों से वर्सोवा के हाऊस ऑफ चैरिटी में अन्न एवं खाद्य सामग्री प्रदान किया। साथ ही वृद्धाश्रम में निवास करने वालों को खाद्य सामग्री वितरण किया। देर शाम जानकी देवी पब्लिक स्कूल में पार्टी के कार्यकतार्ओं संग केक काटकर तथा रात्रि भोज आयोजित कर सादगीपूर्ण ढंग से उनका जन्मदिन मनाया गया।
रात्रि भोज में राष्ट्रवादी कांग्रेस मुंबई की कार्यकारी अध्यक्ष राखी जाधव, नरेन्द्र राणे, राकांपा की महाराष्ट्र महिला अध्यक्ष विद्या चौहान, राकांपा मुंबई की उपाध्यक्ष अल्पना ताई पेंटर, मुंबई राकांपा की महिला अध्यक्ष सुरेखा पेडनेकर, पार्टी के स्लम सेल अध्यक्ष श्रीधर पुजारी, राकांपा मुंबई सेवादल के अध्यक्ष दीपक पवार, नेशनल स्टूडेंट कांग्रेस मुंबई के अध्यक्ष एडवोकेट प्रशांत दिवाते के अलावा राकांपा के वरिष्ठ नेता प्रभाकर चालुके, मनोज व्यूअरे, नितिन विष्णू कदम, संजय करांदे, शरद सिंगरे, उत्तम राव मोरे, अरविन्द तिवारी, रुपेश खांडके, संतोष धुवाली, उमेश येवले तथा राकांपा नेत्री और अभिनेत्री कृषा खंडेलवाल आदि ने उपस्थित रहकर नरेन्द्र वर्मा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी।

पच्चीस हजार रुपये के इनामी गौ तस्कर गिरफ्तार

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लखनऊ। बंथरा थाना की पुलिस ने शुक्रवार को एक गो तस्कर को गिरफ्तार किया है। उस पर पुलिस की ओर से पच्चीस हजार रुपये के इनाम घोषित था। प्रभारी निरीक्षक, आशीष मिश्रा ने बताया कि वांछित और वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत शुक्रवार को पुलिस ने गो तस्कर हफीजुर्रहमान ऊर्फ मुन्ना को गिरफ्तार किया है। निरीक्षक ने बताया कि हफीजुर्रहमान काफी दिनों से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तार न होने पर पुलिस के उच्चाधिकारियों ने पच्चीस हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

शाहजहांपुर में दो इनामी गौ तस्कर गिरफ्तार

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File Photo

शाहजहांपुर, 12 नवम्बर । खुटार थाना पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित 15- 15 हजार रुपये के दो इनामी गौ तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने शनिवार को बताया कि थाना खुटार पुलिस टीम ने गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में कई दिनों से फरार चल रहे दो गौतस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तस्कर शाहजहांपुर के थाना खुटार क्षेत्र के बरकलीगंज निवासी नसतुल्ला खां व जनपद पीलीभीत के थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के गांव केसरपुर निवासी नबी अहमद है।

एसपी ने बताया पकड़े गए दोनों बदमाश गौ-तस्करों के एक गिरोह के सदस्य हैं। बीते 17 सितम्बर को थाना खुटार पर गैंग के सरगना जकिल व उसके सदस्यों इस्माल खान,वासिद, नवी अहमद और नसतुल्ला खां के विरुद्ध गैंगेस्टर एक्ट के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। तब से यह लोग फरार चल रहे थे।

थाना खुटार के प्रभारी रामायण सिंह ने बताया कि गैंग का सरगना जकिल व उसके अन्य दो सदस्यों इस्माल खान व वासिद अभी भी फरार है, जिनकी पुलिस को तलाश है।

हरियाणा: टोल प्लाजा पर पकड़ा गया गौमांस से भरा ट्रक, दो तस्कर गिरफ्तार

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चंडीगढ़: हरियाणा के जींद में पुलिस ने गौ मांस और उसके अवशेषों से भरा एक टैंकर पकड़ा है। टैंकर के साथ दो तस्कर भी थे, जिन्हे पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। यह घटना मंगलवार रात की है। जींद के अंतर्गत आने वाले बद्दोवाला गांव के टोल प्लाजा के नजदीक से यह टैंकर पकड़ा गया है। पुलिस ने दोनों तस्करों पर गोवंश संरक्षण तथा धार्मिक भावनाएं भड़काने के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गौ सेना पुत्र नाम के संस्था ने पुलिस को शिकायत में बताया कि उन्हें यह सूचना मिली थी कि हिसार से उत्तर प्रदेश एक टैंकर जा रहा है। इस टैंकर में गौ मांस भरा हुआ हैं। इस जानकारी के आधार पर गौ सेना पुत्रों ने टोल प्लाजा पर घेराबंदी की। जब टैंकर टोल प्लाजा के पास पहुंचा तो गौ सेना पुत्रों ने उसे रोक लिया। रोक कर उसकी तलाशी करने लगे। तलाशी में यह पाया गया कि टैंकर में गौ मांस भरा हुआ हैं। टैंकर में बैठे दोनों तस्करों को गौ सेना पुत्रों ने पुलिस को सौंप दिया।

पुलिस ने जांच में पाया कि दोनों तस्कर उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। तस्करों की पहचान यूपी के गंगो गांव के मुमताज और दिलदार के रूप में हुई है। शहर थाना नरवाना जांच अधिकारी राजकुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि मांस और अवशेषों के सैम्पल्स लेकर जांच के लिए लेबोरेटरी भेज दिए गए हैं। दोनों तस्करों से पूछताछ की जा रही है। मामले की छानबीन जारी है।

गैर जिम्मेदारी के चलते सरकारी गौशाला लावारिस है

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बाग . सरकारी गौ शालाओं की हालत माली है इस ओर कोई देखने वाला नहीं है सरकार ने भले ही अच्छी मंशा से इन गौ शालाओं का निर्माण किया हो परन्तु उनका रख रखाव बिल्कुल नहीं है। नगर में विचरण करने वाली गौमाताओं की दुर्दशा के चलते गायों की हो रही मौतों से व्यथित नगर के गौ सेवको ने गौ सेवा संकल्प समिति का गठन किया एवं गायों के चारा पानी की समुचित व्यवस्था करने के लिए कार्य योजना बनाकर जब समिति सदस्यों ने समीपस्थ ग्राम महाकाल पूरा में निर्मित गौशाला का अवलोकन किया । नगर में विचरण करने वाली गायों को रखने पर आवश्यक सुविधाओं को देखा तो देखने पर पाया गया कि लाखो की राशि खर्च करने के बाद भी विभागीय गैर जिम्मेदारी के चलते महाकाल पूरा में 2019 में लोकार्पित गौशाला पूर्णत: अनुपयोगी बनी हुई है ।

गौशाला में गायों के लिए पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए नलकूप खनन नहीं किया हुआ है और समीप के कुएं से पानी लाने के लिए ना ही बिजली की उपलब्धता है । ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा 27 लाख की राशि से निर्मित एवं 2019 में लोकार्पित इस गौशाला में विभागीय अधिकारियों की गैर जिम्मेदारी के चलते गौ शाला अपने लोकार्पण के बाद से ही अनुपयोगी बनी हुई है । पहुंच मार्ग भी आधा अधूरा एवं बेतरतीब है । बिजली, पानी की कोई सुविधा गौशाला मे नहीं है । आरईएस विभाग द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार निर्माण नहीं करवाने एवं इस्टीमेट में नलकूप खनन , बिजली कनेक्शन आदि होने के बावजूद आवश्यक कार्य नहीं किए जाने से गौशाला निर्माण व्यर्थ साबित हो रहा है ।

गौसेवा संकल्प समिति के सहयोग के लिए बड़े अनेकों हाथ

नगर के गौ सेवको ने गौ सेवा संकल्प समिति का गठन कर नगर में भूखी प्यासी विचरण करती पीडि़त गौमाता की सेवा के लिए सभी के सहयोग की अपील पर नगर में सैकड़ों गौ भक्तों ने सहयोग दिए जाने पर खुलकर सहमति जताई । दानराशि देने की घोषणा भी की । गौ सेवक सुदर्शन पंवार , रवि ठाकुर , दीपक मालवीय , वकार गोल्डी, शेखर बृजवासी , सोनू शर्मा ,ललित , आशीष बृजवासी , राहुल सेन , आशीष शर्मा ,सचिन मकवाना सहित कई गौभक्तों ने कार्ययोजना बनाकर नगर में विचरण करने वाली दुर्दशा की शिकार गौमाताओं की सेवा करने का संकल्प लेते हुए नगर की साई सिटी कॉलोनी में अस्थाई गौशाला संचालित करने का निर्णय लिया है।

राजस्थान की लोकगायिका व डांसर रानी रंगीली की पहली हिंदी अल्बम ‘दिये जले’ का म्युज़िक लॉन्च

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मुम्बई। म्युज़िक वीडियो के इस सुनहरे दौर में राजस्थान की मशहूर लोकगायिका और डांसर रानी रंगीली का हिंदी अल्बम ‘दिये जले’ मुम्बई में आयोजित एक कार्यक्रम में लॉन्च किया गया। इस गाने के सिंगर कुमार शानू और रानी रंगीली हैं। 15 नवम्बर 2022 को रानी रंगीली की म्युज़िक कंपनी रानी कैसेट्स के ऑफिशियल चैनल पर यह गीत रिलीज होने जा रहा है। अल्बम के म्युज़िक लॉन्च के अवसर पर निर्माता मनोज कचरावत, रानी रंगीली, एक्टर कुंवर महेंद्र सिंह और रजत कचरावत उपस्थित थे।

इस म्युज़िक वीडियो का निर्देशन हेमंत सीरवी और रानी रंगीली ने किया है। जिसकी रिकॉर्डिंग सना स्टूडियो में की गई है। इस अलबम के डीओपी अनुज कुमार और प्रोडक्शन डिज़ाइनर कमल देवरा हैं। गाने की गीतकार और कम्पोज़र रानी रंगीली हैं तथा संगीतकार बाबा जागीरदार हैं। म्युज़िक वीडियो में रानी रंगीली के साथ कुंवर महेंद्र सिंह ने अभिनय किया है।

बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और हीरो अजय देवगन की जबरदस्त फैन रानी रंगीली ने बताया कि हालांकि मैंने काफी राजस्थानी गीत किये हैं, मगर यह मेरा पहला हिंदी गीत है और मुझे यह करके बेहद अच्छा लग रहा है। कुमार शानू जैसे लिजेंड्री सिंगर के साथ इस गीत की रिकॉर्डिंग मेरे लिए जीवन भर का यादगार अनुभव रहा। यह भावुक रोमांटिक सॉन्ग है, जो लोगों को खूब पसन्द आने वाला है।
एक्टर कुंवर महेंद्र सिंह ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से रानी रंगीली के साथ काम कर रहे हैं। ‘दिये जले’ काफी मनमोहक गीत है जो श्रोताओं व दर्शकों के दिलों को छू लेगा। इसमे मेरा लुक भी काफी अलग है। गाने का कॉन्सेप्ट और कुमार शानू व रानी की आवाज़ ने इसे लाजवाब बना दिया है।

निर्माता मनोज कचरावत ने बताया कि मैं पुणे में रहता हूँ। एक दिन मेरे पास रानी रंगीली का फोन आया कि वह बॉलीवुड में शुरुआत करना चाहती हैं तो मैंने उन्हें पुणे बुलाया और उनकी पहली हिंदी गीत ‘दिये जले” की योजना बनाई। कुमार शानू का भी आभार कि वह इस गीत को गाने के लिए तैयार हुए। रानी के साथ आगे भी काम करेंगे।
रानी रंगीली ने उम्मीद जताते हुए कहा कि जिस तरह का प्रतिसाद मुझे राजस्थानी फोक सांग पर मिलता है वैसा ही प्यार ऑडियन्स हमारे इस गीत को भी देगी।

– संतोष साहू

छुट्टा जानवरों को पकड़कर भेजें गौ-आश्रय स्थल : दुर्गा शंकर मिश्र

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लखनऊ,10 नवम्बर (हि.स.)। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। साथ ही बैठक में राजस्व, कृषि, न्याय, नमामि गंगे, नियोजन, महिला कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि रबी की बुवाई शुरू हो गई है। किसी भी जनपद में छुट्टा जानवरों से किसानों की फसल को नुकसान नहीं होना चाहिये। छुट्टा पशुओं को पकड़कर गौ-आश्रय स्थल भेजा जाये। अगर कोई व्यक्ति पालतु जानवर को खुले में छोड़ता है, तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्यवाही की जाये।

मुख्य सचिव ने कहा कि चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आगामी 12 नवंबर को किया जाना प्रस्तावित है। आयोजन से पूर्व, सभी जिलाधिकारियों द्वारा जिला न्यायाधीशों के साथ बैठक कर समस्त तैयारियां समय से पूर्ण करा ली जाये। लोक अदालत में आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिये, आयोजन स्थल पर बेसिक एमेनिटीज का पूरा ख्याल रखा जाये। जिन जनपदों में सर्वाधिक वाद लम्बित हैं, उन जिलों में ज्यादा से ज्यादा मामलों का निस्तारण कराया जाए।

उन्होंने बताया कि रचनात्मक प्रतिस्पर्धा, नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लोक प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपदों को प्रधानमंत्री अवार्ड से पुरस्कृत किया जाता है, इस पुरस्कार के लिए अभी तक 35 जनपदों ने पोर्टल पर आवेदन किया है, अवशेष 40 जनपदों द्वारा भी पोर्टल पर आवेदन कर दिया जाये। उन्होंने कहा कि सभी मण्डलायुक्त और जिलाधिकारी अपने कार्यों को और बेहतर करें। जनपद की इकोनॉमी बढ़ाने के लिये कार्य करें।

डिफ्थीरिया बीमारी के बारे में उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में नियमित टीकाकरण तथा विशेष टीकाकरण अभियानों को सुचारु रूप से चलाया जाए। ईसीआरपी-2, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-एबीएचआईएम), 15वें वित्त आयोग के अन्तर्गत निर्माण कार्यों की हर हफ्ते समीक्षा की जाए। आयुष्मान भारत हेल्थ एण्ड वेलनेस सेण्टर की सक्रियता का नियमित अनुश्रवण किया जाए।

जिलाधिकारी पीलीभीत ने राजस्व वादों के निस्तारण की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के लगभग 750 वादों का शीघ्रता से निस्तारण करने से राजकीय धनराशि की बचत हुई है। गौवध अधिनियम और आबकारी अधिनियम में 30 वाहनों का जब्तीकरण किया गया है, साथ ही गैंगस्टर एक्ट में 18 करोड़ से अधिक की संपत्ति को जब्त किया जा चुका है।

बैठक में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, सूचना एवं गृह संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पार्थसारथी सेन शर्मा, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद वीना कुमारी मीना, सचिव नियोजन आलोक कुमार, सचिव महिला कल्याण अनामिका सिंह सहित संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्त, जिलाधिकारीगण आदि उपस्थित रहे।