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निवि कश्यप के सपनो की उड़ान जल्द आयेगी सिनेमा के पर्दे पर

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सिनेमा शब्द ही अपने आप में बहुत सारे सपनो को समेटे हुए है। और उन्ही सपनो के संसार में बहुत से लोग जीते और मरते है। असम की उभरती हुई थिएटर कलाकार निवि कश्यप इनदिनों अपने सपनो की उड़ान को पूरा करते हुए दिखाई दे रही है।

एक लम्बे संघर्ष के बाद निवि कश्यप सान मीडिया एंड एंटरटेनमेंट के बैनर तले बन रही फिल्म ” सॉरी मदर ” , और फिल्म ” भगवा ” में काम कर रही है। इसके अलावा सान म्यूजिक द्वारा जारी होने जा रहे एक खूबसूरत म्यूजिक वीडियो में वो नजर आने वाली है।

निवि कश्यप अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहती है कि – अभी भी लड़ाई जारी है , मुझे बहुत से बेब सीरीज में काम करने को मौका मिला मगर उनकी शर्तो को देख कर मैं पीछे हट जाती थी ये सोच कर कि आज नहीं तो कल भगवान् मेरे साथ देंगे और मुझे अच्छा काम मिलेगा , और आज उसी का परिणाम है कि मुझे काम मिलना शुरू हो गया है। मेरा बैकग्राउंड सिनेमा का नहीं है लेकिन बचपन से मेरे अंदर एक कलाकार है जिसे शायद अब एक अच्छा प्लेटफॉर्म अब मिलने जा रहा है।
ज्ञात हो कि सान मीडिया एंड एंटरटेनमेंट पिछले २० वर्षो से सिनेमा और टेलीविजन इंडस्ट्री में काम कर रही है कंपनी का खुद का म्यूजिक कंपनी है जो सान म्यूजिक के नाम से जाना जाता है , इसी कंपनी ने निवि कश्यप को अपनी फिल्मो और म्यूजिक वीडियो के लिए साईन किया है।

गौ दान- गौमाता में देवताओं का वास माना जाता है ऐसे में अक्षय तृतीया पर गौदान अक्षय पुण्य देने वाला है.

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Akshaya Tritiya 3 May 2022: अक्षय तृतीय 03 मई यानि की कल है. इस दिन वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है. इस दिन किए गए पुण्य कर्म का फल अक्षय होता है. यानि कि इस दिन किया गया फल का नाश नहीं होता है. इसलिए अक्षय तृतीय के दिन सिर्फ अच्छे कर्म ही करने चाहिए. मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर किया गया दान अगले जन्म में राजयोग दिला सकता है वही इस दिन किया गया बुरा कार्य बुरा फल देता है.

अक्षय तृतीया पर पंच महायोग होने से इस दिन विवाह, खरीदी, निवेश आदि करने का विशेष महत्व रहेगा.  3 मई को सूर्य (मेष राशि में), चंद्रमा (कर्क राशि में) और शुक्र (मीन राशि में) अपनी उच्च राशि में रहेंगे, वहीं गुरु (मीन राशि में) और शनि (कुंभ राशि में) अपनी स्वराशि में रहेंगे.

शुभ मुहूर्त
सुबह 05:39 बजे से दोपहर के 12:18 बजे
सोना-चांदी और घर गाड़ी समेत और खरीदारी का शुभ मूहूर्त- सुबह 05:39 बजे से अगले दिन के सुबह 05:38 बजे

क्या है अक्षय तृतीया की कथा ?
एक समय की बात है. शाकलनगर में धर्मदास नाम का वैश्य रहता था, वो धार्मिक विचारों वाला था, वो पूजा पाठ और दान पुण्य के कामों को करता रहता था. भगवान की भक्ति में उसे अटूट आस्था थी. वो ब्राह्मणों का आदर सत्कार और धर्म के अनुसार चलता था.

जब धर्मदास को अक्षय तृतीया की जानकारी मिली तो वो नियमानुसार हर साल दानपुण्य करने लगा. लेकिन उसकी पत्नी ने उसे ऐसा करने से कई बार रोका. फिर भी धर्मदास ने अपना धर्म नहीं छोड़ा. मृत्यु के बाद धर्मदास द्वारका के कुशावती में जन्मा और राजा बना. लेकिन इसकी पत्नी को ये सुख नहीं मिला.

अक्षय तृतीय पर करें ये दान 
पानी से भरा कलश दान दें- ऐसा करने पर आपको अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी और जीवन में सुख समृद्धि बढ़ेगी.
जौ का दान- जौ का दान, सोने के दान के समान माना जाता है, जो जीवन खुशियों से भर देगा.
अन्न का दान- अक्षय तृतीया के दिन किया गया अन्न का दान, परिवार को हमेशा धन धान्य से पूर्ण रखेगा.
सोने-चांदी का दान- अक्षय तृतीया के दिन सोना-चांदी खरीदना भी शुभ होता है और इसकी दान भी अक्षय पुण्य देता है.
गौ दान- गौमाता में देवताओं का वास माना जाता है ऐसे में अक्षय तृतीया पर गौदान अक्षय पुण्य देने वाला है.
गुड़-घी और नमक का दान- इन तीन वस्तुओं में से एक का दान आप कर अक्षय पुण्य प्राप्त कर सकते हैं.
तिल और कपड़ों का दान- अगर गृहस्थ जीवन में परेशानी हैं तो तिल और कपड़ों का दान करें.

सिवनी में गौ तस्करी के शक में दो आदिवासियों की पीट-पीट कर हत्या

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मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में गौ तस्करी के शक में उग्र लोगों ने दो आदिवासियों की पीट-पीट कर हत्या कर दी. वहीं एक आदिवासियों घायल है. इस घटना के विरोध में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 44 पर जाम लगा दिया. कई किलोमीटर दोनों ओर वाहनों की कतार लगी रही. इस मामले पर कांग्रेस का आरोप है कि इस हत्याकांड में बजरंग दल के लोग शामिल हैं.

कई किलोमीटर तक लगी वाहनों की कतार
मिली जानकारी के अनुसार, कुरई थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव में एक घर में गौ हत्या कर मांस निकाले जाने की सूचना मिली. इस पर कुछ लोग वहां पहुंचे और जिन पर शक था उनसे मारपीट शुरू कर दी. इस मारपीट में दो की मौत हो गई, जबकि एक घायल है. इसके बाद मंगलवार की सुबह जब आदिवासी समुदाय को इस घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर आकर चक्का जाम कर दिया. कुरई से कांग्रेस विधायक अर्जुन माकोड़िया सहित अनेक लोग मौके पर पहुंच गए और उन्होंने जाम लगा दिया है. सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई. प्रशासन लोगों को समझाया, मगर भीड़ की मांग है कि पीड़ित परिवार को नौकरी के अलावा एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए .

कांग्रेस ने बजरंग दल पर लगाया आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि सिवनी जिले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दो आदिवासी की पीट-पीट कर हत्या की एवं एक युवक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, कांग्रेस विधायक अर्जुन सिंह माकोड़िया धरने पर बैठे और बोले, शिवराज जी, ये जंगलराज नहीं तो क्या है..?

घटना पर पूर्व सीएम कमलनाथ ने क्या कहा?

वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने कहा, सिवनी जिले के आदिवासी ब्लॉक कुरई में दो आदिवासी युवकों की निर्मम हत्या किये जाने की बेहद दुखद जानकारी मिली है, इस घटना में एक आदिवासी युवक गंभीर रूप से घायल है. परिवारजनों व क्षेत्रीय ग्रामीण जनों द्वारा आरोपियों के बजरंग दल से जुड़े होने की बात कही जा रही है. कमल नाथ ने सरकार से मांग की है कि, इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की घोषणा कर, दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए, पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद की जाए व घायल युवक के सरकारी खर्च पर इलाज की संपूर्ण व्यवस्था हो.

 

धर्म दिमाग पर चढ़ जाए तो ज़हर बन जाता है

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-प्रियंका ‘सौरभ’

आये रोज आपने हनुमान चालीसा मंदिरों, घरों और यहां तक कि मन में भी पढ़ी होगी। जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुं लोक उजागर के बारे कहते हैं जो सच्ची श्रद्धा से हनुमान चालीसा का पाठ करता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं। आपके दुश्मन परास्त हो जाते हैं। लेकिन महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा पढ़ने को लेकर ऐसा विवाद हुआ कि महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति को जेल जाना पड़ा। इसके बावजूद कि  महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे द्वारा मस्जिदों में लाउडस्पीकर का मुद्दा उठाए जाने के बाद महाराष्ट्र में विवादों का एक नया सेट सामने आया है और चेतावनी दी है कि अगर 3 मई तक उन्हें नहीं हटाया गया, तो उनकी पार्टी जोर से हनुमान चालीसा बजाएगी।

इस विवाद के बारे में जाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों पर भरोसा कर सकती है। चुनाव है इसलिए धर्म भी दांव पर लगा दिया है; लम्बे चले बुलडोजर के बाद देश में अब बजरगंबली की आराधना का मुद्दा गरमा गया है। सत्तारूढ़ भाजपा ने सवाल खड़ा किया है कि हनुमान चालीसा का पाठ करना कब से राजद्रोह हो गया? वैसे, राजद्रोह के आरोप का यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल के वर्षों में कई लोगों पर राजद्रोह के आरोप लगे तो काफी विवाद हुआ। आम लोगों पर केस की जानकारी तो सबको नहीं हुई लेकिन जब राजनीतिक हस्तियों पर आरोप लगे तो हंगामा हो गया। महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश में इस बात की चर्चा है कि आखिर राजनीतिक विरोध का मामला राजद्रोह तक कैसे पहुंच गया?

भारतीय दंड संहिता राजद्रोह (धारा 124 ए) को एक अपराध के रूप में परिभाषित करती है जब “कोई भी व्यक्ति शब्दों द्वारा, या तो बोले या लिखित, या संकेतों द्वारा, या दृश्य प्रतिनिधित्व द्वारा, या अन्यथा, घृणा या अवमानना, या उत्तेजित करने का प्रयास करता है या करता है। या भारत में कानून द्वारा स्थापित सरकार के प्रति असंतोष को भड़काने का प्रयास करता है।” अप्रसन्नता में बेवफाई और शत्रुता की सभी भावनाएँ शामिल हैं। हालांकि, उत्तेजना या घृणा, अवमानना या अप्रसन्नता को उत्तेजित करने के प्रयास के बिना टिप्पणी, इस धारा के तहत अपराध नहीं माना जाएगा।

भारत में राजद्रोह कानून का इतिहास देखे तो 1837 में थॉमस मैकाले (भारतीय शिक्षा पर अपने मैकाले मिनट 1835 के लिए प्रसिद्ध) ने 1837 में दंड संहिता का मसौदा तैयार किया। धारा 113 के रूप में दंड संहिता 1837 में देशद्रोह रखा गया। बाद में, इसे छोड़ दिया गया, केवल 1870 में सर जेम्स स्टीफन द्वारा पेश किए गए एक संशोधन द्वारा दंड संहिता में वापस पढ़ा गया। भारत में ब्रिटिश राज ने इस धारा को “रोमांचक असंतोष” शीर्षक के तहत राजद्रोह पर पेश किया था। 1898 का आईपीसी संशोधन अधिनियम: इसने 1870 में दंड संहिता के माध्यम से लाए गए परिवर्तनों में संशोधन किया। वर्तमान धारा 124ए को 1937, 1948, 1950, और भाग बी राज्यों (कानून) अधिनियम, 1951 में किए गए कुछ चूकों के साथ 1898 में किए गए संशोधनों के समान कहा जाता है।

हनुमान चालीसा विवाद के बीच महाराष्ट्र के अमरावती की सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को बांद्रा कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। राणा दंपति आज कोर्ट में पेश हुए थे. सुनवाई के दौरान कोर्ट में पुलिस ने राणा दंपति की 7 दिन की रिमांड मांगी थी, हालांकि कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया।  नवनीत राणा के खिलाफ खार पुलिस स्टेशन में एक और एफआईआर भी दर्ज की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। खार पुलिस स्टेशन में अब तक 3 केस दर्ज हो चुके हैं। इसमें से 2 मामले नवनीत राणा के खिलाफ तो वहीं तीसरा केस भीड़ के खिलाफ दर्ज किया गया है।धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में राणा दंपति को गिरफ्तार किया गया था। अब बांद्रा कोर्ट ने राणा दंपति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या बयानबाजी पर राजद्रोह के आरोप लगना ठीक है? इस पर अक्सर बहस होती रहती है कि अंग्रेजों के समय के कानून की आज के समय में क्या जरूरत है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार लोकतंत्र का एक अनिवार्य घटक है।
जो अभिव्यक्ति या विचार उस समय की सरकार की नीति के अनुरूप नहीं है, उसे देशद्रोह नहीं माना जाना चाहिए। 1979 में, भारत ने नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय अनुबंध की पुष्टि की, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मानकों को निर्धारित करता है।

हालांकि, देशद्रोह का दुरुपयोग और मनमाने ढंग से आरोप लगाना भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप नहीं है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के लिए धारा 124ए का दुरुपयोग एक उपकरण के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। केदार नाथ मामले में दी गई एससी कैविएट, कानून के तहत मुकदमा चलाने पर इसके दुरुपयोग की जांच कर सकती है। जब भी इस कानून का इस्तेमाल राजनीतिक शख्स पर होता है तो सत्तारूढ़ पार्टी पर वैसे ही आरोप लगते हैं जैसे इस समय भाजपा लगा रही है। इसे खामोश कराने का हथकंडा बताया जाता है। संबंधित राज्य के अधिकारी और पुलिस इस राजद्रोह कानून का इस्तेमाल लोगों में भय का माहौल बनाने और सरकार के खिलाफ अंसतोष को कुचलने के लिए करते हैं। देखें तो यह एक तरह से सियासत में  ‘बदलापुर’ की तरह लगता है। समयानुसार इसे बदले हुए तथ्यों और परिस्थितियों के तहत और आवश्यकता, आनुपातिकता और मनमानी के निरंतर विकसित होने वाले परीक्षणों के आधार पर जांचने की आवश्यकता है।

जिस हिन्दू राज में हनुमान चालीसा पढ़ने पर बंदिशें हों, वहां सत्ता की बू सबको समझ आती है। सत्तालोलुप होकर उद्धव ने अपने ही विचार को विस्मृत कर दिया। ऐसे विवादों की जड़ संवैधानिक त्रुटियों से फूटती हैं। दोहरे मापदण्डों ने सत्यानाश कर दिया। आज देश में समान नागरिक संहिता लागू करने का समय आ गया है और समान व्यवहार संहिता भी। अजान मंजूर और हुनमान चालीसा नामंजूर! ये कैसा दस्तूर? सड़कों पर और लोगों के घरों के सामने हनुमान चालीसा सिर्फ इस बात का संकेत है कि अपनी-अपनी आस्था को अपनी चारदीवारी में शांत तरीके से प्रतिपुष्ट करें। लोगों की शांति भंग न करें।

हमें सभी धर्मों को दिलों में रखिए सम्मान दीजिए क्योंकि धर्म जब तक दिल में होता है तो सुकून देता है, लेकिन दिमाग पर चढ़ जाए तो ज़हर बन जाता है। बजरंगबली और हनुमानचालीसा को किसी विवाद में घसीटना सनातनी संस्कृति नहीं हैं। अनेकाएक व् बारंबार पाठ करें लेकिन अपनी संस्कृति के प्रचार के लिए, किसी का विरोध करने के लिए नहीं।

-प्रियंका सौरभ 
रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस,
कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार,

हरियाणा में तूड़े पर धारा-144 लागू होने से गहराया मवेशियों के चारे का संकट

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प्रियंका ‘सौरभ’

हरियाणा में गोवंश के चारे पर भारी संकट पैदा हो गया है। प्रदेश में सबसे ज्यादा मार उन जगहों पर है जिन जिलों में गोशालाएं सबसे अधिक है। प्रदेश के  सिरसा, फतेहाबाद, हिसार जिले में सबसे अधिक गोशालाएं हैं। अभी से तूड़ी के रेट 850 रुपये क्विंटल पर पहुंच गया है। परिणामस्वरूप इससे गोशालाओं का खर्च भी दोगुना हो गया है। आंकड़ों के अनुसार औसतन 2000 गाय वाली गोशाला में अकेली तूड़ी का खर्च पहले करीब 20 लाख रुपये आता था मगर अब रेट दो गुने होने से यह खर्च भी दोगुना हो गया है। पिछली बार 6000 से 7500 रुपए प्रति क्विंटल बिकी सरसों से इस बार गेहूं और तूड़े की व्यवस्था गड़बड़ा गई है। प्रदेश भर में गत वर्ष की तुलना में कम एकड़ में गेहूं की बिजाई करने से इस बार तूड़े (गेहूं की फसल के अवशेष से बने पशु चारे) के दाम भी आसमान छू रहे हैं।

इस संकट को देखते हुए पहली बार हरियाणा के कई जिला प्रशासन ने तूड़े को लेकर धारा-144 लागू कर दी है। इसके तहत पहली बार तूड़े को राज्य की सीमा से बाहर ले जाने पर रोक लगाई गई है। राज्य में सरकार ने इन आदेशों की पालना के लिए बाकायदा प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। गाय-भैंसों के चारे की चिंता करते हुए यह आदेश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ज़िलों में पशु चारे की किल्लत ना हो। इधर, तूड़े के रेट बढ़ने से पशुपालकों के साथ ही आम आदमी पर भी इसका असर पड़ा है। अभी से दूध के दामों में 5 रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि घी के दाम अधिक मांगे जाने शुरू हो गए हैं तथा 50 रुपए तक की वृद्धि की संभावना भी है।

हर वर्ष फसली सीजन में गेहूं की कटाई के साथ ही अनाज मंडी में अनाज आना शुरू हो जाता है। ऐसे में लोग सालभर के लिए गेहूं खरीद लेते हैं। इन दिनों मंडी में अनाज खरीद के लिए भीड़ रहती है, मगर इस बार मंडी तक गेहूं ही नहीं पहुंच रहा। स्थिति को समझते हुए और कम गेहूं उगाने से लोग सीधे खेत से ही खरीद रहे हैं। पिछली बार गेहूं का सरकारी समर्थन मूल्य 1975 रुपए था तथा सरकार ने 4 लाख से ज्यादा बैग खरीदे थे। इस बार 2015 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य है, मगर मंडी में सरकारी बिक्री के लिए गेहूं बहुत कम पहुंचा है। जगह -जगह पर  गेहूं खुली बोली में ही 2100 से 2325 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है।

दूसरी तरफ प्रदेश के  गोशाला संचालकों का कहना है कि लंबे समय से चारे की समस्या गोशालाओं के सामने आ रही है। अबकि बार तूड़े की गंभीर समस्या को भांपते हुए लोग स्टाक कर रहे हैं इसके कारण रेट बढ़ गए हैं। सरकार ने तूड़ी की समस्या को देखते हुए गेहूं के अवशेष जलाने और इनको जिलों  से बाहर भेजने पर पाबंदी लगा दी है। इसको लेकर कई जिला प्रशासन ने आदेश जारी किए हैं। गेंहू, सरसों के फसली अवशेषों को जलाने से होने वाले प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य व संपत्ति को होने वाले नुकसान के मद्देनजर अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाया है। आने वाले दिनों में पशु चारे की कमी ना हो, इसके लिए दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 के तहत फसली अवशेषों को जलाने के साथ-साथ इन्हें जिले से बाहर भेजे जाने पर भी रोक लगाई गयी है। आदेशों की अवहेलना में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188, संपठित वायु एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1881 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

ईंट भट्टा, गत्ता फैक्ट्री मालिक, दूसरे राज्यों व जिलों से तूडा, भूसा व कटी फसलों के अवशेष खरीद कर अवैध रूप से अन्य राज्यों, जिले से बाहर भेजते हैं तथा वाहनों को भी ओवरलोड कर भेजा जाता है। इस कारण भविष्य में पशुओं के चारे के दामों में वृद्धि, पशुओं के लिये सूखे चारे की कमी व बरसात कम रहती है तो यह स्थिति गम्भीर हो सकती है। दूसरे प्रदेशों में अवैध रूप से तूड़ा ले जाने से प्रदेश को वित्तीय हानि भी होती है तथा ओवरलोड वाहनों के सड़काें पर चलने से सड़क दुर्घटना की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। प्रदेश में चारे की कमी है और यहां के पशुओं का चारा बाहर जाए न जाये; ऐसे इंतजाम किये जा रहें है।

प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों अनुसार गत 3 सालों 2019-20, 2020-21 और 2021-22 को छोड़कर गेहूं का रकबा गत 21 सालों में 40 हजार हेक्टेयर से ज्यादा ही रहा है। उन सालों में मंडियों में भी गेहूं की आवक खूब रही और तूड़ा भी पर्याप्त मात्रा में हुआ है। पिछली बार भी 37.5 हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हुई थी, जो कि इस बार 30 हजार में ही रही। पिछली बार सरसों के दाम अच्छे मिले तो  इस बार किसानों ने सरसों की बिजाई ज्यादा की। पिछली बार एक एकड़ का तूड़ा 13 से 16 हजार बिका जबकि इस बार प्रति एकड़ 25 से 28 हजार तक बिक रहा है।  प्रदेश सरकार प्रत्येक पशु का एक दिन का खर्च 40 पैसे प्रति पशु के हिसाब से देती है जबकि दूसरे राज्यों राजस्थान, दिल्ली व अन्य राज्यों में 40 रुपये प्रति गाय रोजाना के हिसाब से ग्रांट दी जाती है। हरियाणा सरकार को भी ग्रांट बढ़ानी चाहिए।

देखे तो गोशालाओं के सामने चारे का भयंकर संकट है। वे आने वाले दिनों में कैसे गायों के लिए चारे का प्रबंध कर पाएंगे। सरकार की मदद के बिना ये कुछ नहीं कर सकते। वर्तमान तूड़ा संकट के चलते प्रदेश की गाेशालाओ  का वार्षिक चारा बजट बिगड़ता जा रहा है। पहले से स्टॉक किया हुआ तूड़ा खत्म होने को है। इन दिनों महंगाई के चलते हरा चारा भी दान में मिलना 70 प्रतिशत तक कम हो गया है।प्रदेश भर के  गोशाला संचालकों के समक्ष गोवंश का पेट भरना बड़ी चुनौती हो गई है। कुछ ही दिनों में बिना चारे की उपलब्धता के गोवंश का पेट भरना मुश्किल हो जाएगा। फिर लाचारी में गोवंश सड़क पर होंगे।

विषम तथा कठिन समय में मनोबल ऊंचा रखेंl विश्वास और मनोबल मनुष्य के सच्चे साथीl

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कठिन तथा विषम परिस्थितियों में मनुष्य को अपने मनोबल को सदैव ऊंचा रखना चाहिए और अपने द्वारा की गई मेहनत पर विश्वास, संयम एवं निरंतरता रखनी होगी, तब ही जीवन में सफलता के पल आपके सामने आएंगेl निराशा, हताशा और हीन भावना को कठोर श्रम के बलबूते पर ही विजय प्राप्त की जा सकती हैl
जीवन में उतार-चढ़ाव, कठिन समय और विषम परिस्थितियां आती ही रहती हैंl संकट का समय विषम परिस्थितियां जीवन के अलग-अलग पहलू हैं ।इनसे जूझ कर जो मानव आगे बढ़ता है, वह उच्च मनोबल वाला साहसी व्यक्ति होता है। व्यक्ति के जीवन में साहस, उच्च मनोबल ही सफलता की कुंजी है। जिस भी व्यक्ति ने विषमताओं में रास्ता निकलने का साहस करके आगे बढ़ने का प्रयास किया है वही सफल हुआ है। हमेशा सफलता का मूल आत्मविश्वास, कठिन श्रम और उच्च आदर्श वाले व्यक्ति की प्रेरणा ही सफलता दिलाने वाली होती है।
मनुष्य को कभी भी किसी भी परिस्थिति में मन से हार नहीं माननी चाहिए। उसे सदैव प्रयासरत रहकर परिश्रम तथा जुझारू पन से हर परिस्थिति का सामना कर सदैव अपने लक्ष्य के प्रति अग्रसर होते रहना चाहिए। मनुष्य को अपनी हर हार, हर पराजय से कुछ ना कुछ सीख लेनी चाहिए एवं इससे अनुभव प्राप्त कर फिर से खड़ा होने एवं उस पराजित मनोदशा से छुटकारा पाकर फिर से लड़ने की ऊर्जा एवं शक्ति प्राप्त करनी चाहिए, यह सफलता का बड़ा मंत्र है। सर्वप्रथम मनुष्य अपने मनोबल से किन्हीं भी परिस्थितियों को जीतने का साहस रखता है, इसीलिए मनोबल मनुष्य की पहली आवश्यकता है। मनोबल ही साहस को जन्म देता है और साहस, आत्मबल को और आत्मबल से ही मनुष्य किन्हीं भी परिस्थितियों से जूझना एवं टकराने की क्षमता पैदा करता है। जब मनुष्य के पास खोने के लिए कुछ ना हो तो वह निश्चिंत होकर साहस, क्षमता एवं संयम से आगे बढ़ने का प्रयास करता है, क्योंकि वह जानता है की पीछे पलट कर उसके पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है, शिवाय आगे बढ़ने एवं सफलता के लिए अग्रसर होने के। मनुष्य का मनोबल एवं दृढ़ प्रतिज्ञा ही मनुष्य को सदैव आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देते रहते हैं। मनुष्य के जीवन का एक तथ्य और भी अत्यंत महत्वपूर्ण है वह है सकारात्मक सोच, जो उसे हमेशा आगे बढ़ने की ओर उत्साहित करती रहती है। सकारात्मक सोच एवं किसी भी परिस्थिति को अपने नियंत्रण में लाने की सुनियोजित योजना मनुष्य में आशाओं को भर देती है एवं परिस्थितियों को चुनौती देने की क्षमता का विकास करती है। यह मनुष्य ही है जो हर परिस्थिति में साहस और मनोबल के दम पर उससे विजय प्राप्त करता है। मनुष्य के जीवन और पशु के जीवन में यही फर्क है कि मनुष्य के पास सोचने के लिए मस्तिष्क होता है और वह उसके सकारात्मक उपयोग के साथ आगे बढ़ने की क्षमता रखता है। मनुष्य मुस्कुराता, हंसता और खिलखिलाता है। जबकि पशु में मुस्कुराने हंसने की क्षमता नहीं होती, और यही कारण है कि मनुष्य ने विषम परिस्थितियों पर सदैव विजय प्राप्त करने का प्रयास किया है, वह काफी हद तक सफलता पाने में सफल भी हुआ है। मनुष्य यदि परिस्थितियों में अन्य प्रतियोगिताओं में, खेल में, या युद्ध में पराजित होकर भी प्रेरणा लेकर पुनः साहस के साथ पुनःतैयार होता है तो वह आने वाले समय में सफलता का सही हकदार भी होता है, क्योंकि उसने पूरी क्षमता, साहस ,मनोबल के साथ पराजय को स्वीकार कर के उससे कुछ सीखने का प्रयास किया है। अपनी कमियों को दूर करने की हर संभव कोशिश भी की है ।इस तरह वह अगली परीक्षा में जरूर सफल होता है और यही मानव जीवन का सफल अध्याय भी होता है। कुल मिलाकर परिस्थितियां तथा घटनाएं ,दुर्घटनाएं मनुष्य को परिस्थितियों के सामने पराजित करने, झुकाने की कोशिश करती हैं किंतु मानव अपने शारीरिक, मानसिक, नैतिक, चारित्रिक एवं मानसिक आत्मबल से उसे सफलता में बदल देता है। अनवरत प्रयासरत व्यक्ति अपने साहस परिश्रम से हर चुनौतियों का सामना कर परिस्थितियों में विजय प्राप्त कर अपने जीवन को सफलता के शिखर पर पहुंचाता है। जीवन में कठिन परिस्थितियों से जूझ कर जो मानव सदैव सफल होता है वह पूरे समुदाय और समाज के लिए एक प्रेरणादाई व्यक्तित्व बन कर पूरे समाज एवं देश को मार्गदर्शन भी प्रदान करता है।
इसीलिए मनुष्य को किन्हीं भी परिस्थितियों में, खासकर विषम परिस्थितियों में अपने मनोबल और साहस को त्यागना नहीं चाहिए। उच्च मनोबल और साहस की ऊर्जा ही मनुष्य को नई दिशा, नए प्रकाश पुंज की ओर अग्रसर करती है।
संजीव ठाकुर, चिंतक, लेखक, रायपुर छत्तीसगढ़, 9009 415 415,

गांधीनगर स्थापना दिवस पर महात्मा गांधी साहित्य मंच द्वारा आयोजित हिंदी गुजराती कवि सम्मेलन :

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गुजरात प्रदेश की राजधानी गांधीनगर मे महात्मा गांधी साहित्य मंच गांधीनगर के अध्यक्ष डॉ गुलाब चंद पटेल कवि लेखक अनुवादक हिंदी गुजराती द्वारा ऑन लाइन कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें 30 कवियों ने हिस्सा लिया और अपनी रचनाए प्रस्तुत की गयी, इस पटल पर 184 साहित्यकार उपस्थित थे
   खम्भोंलज साहित्य संस्था के अध्यक्ष शैलेष वाणिया मुख्य अतिथि द्वारा इस कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया गया, विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ बिलासपुर के फिल्म कलाकार सुनील दत्त मिश्रा जी उपस्थित थे ईन दौनों अतिथियों का शाब्दिक स्वागत डॉ गुलाब चंद पटेल अध्यक्ष द्वारा किया गया था
   डॉ शैलेष वाणिया गुजरात सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं इन्होने डॉ गुलाब चंद पटेल अध्यक्ष महात्मा गांधी साहित्य मंच गांधीनगर की सराहना की और गुजरात स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनायें प्रदान की, इस कार्यक्रम में कुल मिलाकर 30 हिंदी गुजराती कवियों ने गुजरात स्थापना दिवस के अवसर पर अपनी रचनाए प्रस्तुत की
    संस्था के अध्यक्ष डॉ गुलाब चंद पटेल द्वारा वीडियो के माध्यम से गीत गुजरात के प्रस्तुत किया गया, केलिफोर्निया से रमेश भाई पटेल आकाशदीप ने वीडियो के माध्यम से अपनी रचना गुजरात स्थापना दिवस पर प्रस्तुत किया गया गुजरात और महाराष्ट्र राज्य एक साथ जुड़े हुए थे किन्तु लोगों की सरलता के लिए इसे 1st मई 1960 मे गुजरात राज्य की अलग राज्य की स्थापना की गई आज 62 वे स्थापना दिवस पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे
   संस्था के कोषाध्यक्ष कांति भाई पटेल एडवोकेट द्वारा गुजराती मे अपनी रचना प्रस्तुत किया और सभी कवियों का और अतिथियों का आभार व्यक्त किया
डॉ गुलाब चंद पटेल
अध्यक्ष महात्मा गांधी साहित्य मंच गांधीनगर Mo 8849794377

कंगना रनौत की फिल्म ‘धाकड़’ का ट्रेलर जारी

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बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहती आई हैं। इन दिनों फिल्म ‘धाकड़’ की वजह से कंगना बॉलीवुड में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। वैसे तो कंगना अपनी फिल्मी कैरियर के शुरुआती दौर से ही एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं। कंगना हर बार अपनी फिल्म में कुछ अलग और नया करती हैं। ‘धाकड़’ में  कंगना रनौत के साथ अभिनेता अर्जुन रामपाल की भी काफी दमदार भूमिका है। इस फिल्म का ट्रेलर जारी कर दिया गया है। कंगना इस फिल्म में अग्नि नाम की एक कठोर और सख्त लड़की की भूमिका निभा रही हैं। वहीं फिल्म में अर्जुन रामपाल रुद्रवीर के रोल में हैं। सोहेल मकाई प्रोडक्शंस, एसाइलम फिल्म्स के बैनर तले सोहेल मकलाई द्वारा निर्मित और
रजनीश ‘राज़ी’ घई द्वारा निर्देशित फिल्म ‘धाकड़’
20 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संगठन और झारखंड इंटलेक्चुअल फोरम

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संगठन और झारखंड इंटलेक्चुअल फोरम द्वारा कंस्टिट्युशन क्लब ऑफ इंडिया में आहूत झारखंड ग्लोबल कन्वेंशन के एक गरिमापूर्ण आयोजन में जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करनेवाले विभिन्न व्यक्तियों का सम्मान किया गया। सम्मानमूर्तियों में झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री सी पी सिंह, झारखंड पर पांच पुस्तकें लिखने वाले श्री शैलेंद्र महतो, पूर्व सांसद वृजमोहन राम, डॉ पंकज सोनी, डॉ नेहा सिन्हा, आई ए एस श्री रचित राज, श्री दिनेश प्रसाद, श्री सुखदेव यादव, श्री अभिषेक सहाय,झारखंड परिवर्तन संघ के अध्यक्ष श्री अरविंद आर्या श्रीमती कीर्ति चौधरी ,डॉ विकास लाल,श्री मोहन प्रसाद साव, श्री सुरेन्द्र कुमार, विश्वविख्यात रॉक पेंटर श्री सुबोध नेमलेकर एवं कैंसरपीड़ितों की सेवा में रत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता राजेश झा के नाम शामिल हैं।

रेल मंत्रालय में पब्लिक सर्विस कमेटी के अध्यक्ष श्री रमेशचंद्र रत्न ने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में रेलवे का महत्वपूर्ण योगदान है और इसने प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान की भारी सफलता के लिए अपनी भूमिका को विस्तार दिया है। इससे झारखंड को भी बहुत लाभ मिला और मिल रहा है। इससे राज्य की उन्नति के नए -नए आयाम खुल रहे हैं। उन्होंने बतौर अध्यक्ष अपने वर्तमान दूसरे कार्यकाल में रेलवे द्वारा जन सेवाओं की सुलभता का विस्तार से वर्णन किया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने राष्ट्र की उन्नति में झारखंड के योगदानों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाया एवं विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनसामान्य की भी आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त किया। वैश्विक मानचित्र पर भारत के मजबूत राष्ट्र के रूप में उदित होने को लेकर उन्होंने स्टार्टअप्स, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री रोजगार ऋण सुविधाओं के विस्तार पर प्रकाश डाला।

झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री सी पी सिंह ने इस आयोजन और इसके संदेशों को गाँवों -कस्बों तक पहुँचाने की बात कही। वे स्वयं को ‘लाइव टाइम एचीवमेंट अवार्ड ‘ दिये जाने पर धन्यवाद ज्ञापित कर रहे थे।

इस सम्मान समारोह के संयोजक श्री प्रेम कुमार ने बताया कि झारखंड के विकास की आवश्यक शर्त झारखंड में आमूलचूल बदलाव है। युवाओं की विपुल शक्ति को राष्ट्रनिर्माण में लगाने, स्टार्टअप – उद्यमिता,रोजगार -सृजन तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा की सुलभता के द्वारा राज्य की समृद्धि से वहाँ के लोगों के जीवन स्तर में उन्नति लाने के लिए प्रतिभाओं का सम्मान राष्ट्रीय राजधानी में किये जाने का सुप्रभाव प्रांत में दिखेगा ।सामाजिक समरसता एवं समन्वय से ही झारखंड में बदलाव की बयार बहेगी।

आत्मनिर्भर भारत अभियान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मुकेश शर्मा ने कहा कि समुन्नत झारखंड की परिकल्पना को साकार करने के लिए वहाँ की प्रतिभाओं को अपनी माटी, अपने लोगों के लिए काम करने हेतु प्रोत्साहित करना होगा। संगठन के कार्यकारी अध्यक्षश्री रामकुमार पाल ने कहा कि इस मंच का लक्ष्य झारखंड प्रांत की राष्ट्रीय विकास में भागीदारी को बढ़ाने का वातावरण सृजित करना भी है।

इस आयोजन में लोकसभा के सचिव श्री मनीष बघेल , वैज्ञानिक जियालाल जैसवार, रक्षा मंत्रालय के अवर सचिव श्री सुनील पाल, राजस्व अवर सचिव श्री सुनील कुमार , दिल्ली के कमीशनर श्री राजेश पाल आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे।

मुंबई मे कितनी गौशालाएँ हैं?

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सबसे बड़ा शुभ काम
प्रश्नावली भरना -भराना
गौ+देश सेवा का सौभाग्य देना

नाम उम्र
पता_

शहर,राज्य
मोबाइल नंबर _ इमेल__

प्रेरक का नाम _ नंबर

1) पूर्ण गौरक्षा का उपाय क्या है?_


2) गौरक्षा के उपाय खोजने साप्ताहिक बैठक कर सकते हैं? _
3) कितने गौचित्र100₹ मंगा कर बांट सकते हैं? _
4) कितने बैनर @ 200 मंगा/बनवा कर मंदिरों / गौशालाओ में लगा सकते हैं? _ 5) किस गौशाला में जाते हैं? वहाँ गोबर गोमूत्र से क्या बनता है? ____________
6) कमाई बढ़ाने, कलह मिटाने नवग्रह धूप चेतन कर सकते हैं? (1नग-2₹, सुबह-शाम =4₹, ×360 =1440₹) _ 7) प्रत्यक्ष घर गोपालते हैं या परोक्ष किसी गौशाला में पालन खर्च भेजते है? कितनी? _ 8) भस्म या गौ चरण रज का तिलक लगा सकते हैं? 9) शहर +राज्य की गौशालाओं की सूचि भेज सकते है? _ 10) जैविक अन्न खाते/खाना/खिलाना (दुकान खोलना) चाहते है? 11) गौरक्षार्थ, प्रतिदिन हनुमान चालीसा करते/कर सकते हैं?
12) किस मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा कर सकते हैं? _ 13) गोघृत दीपक व हवन करते/कर सकते है? _ 14) अपनी दक्षता बढ़ाने विपश्यना-शिविर ले सकते हैं? (www.dhamma.org/en-US/locations/directory#IN पंजीकरण करा कर जाएं)
15) कितने ₹ के पंचगब्य उत्पाद (मंजन, अंगराग, शैम्पू, नवग्रह धूप, गोनाइल, कंडा, गोघृत, अर्क, घनवटी, मोबाइल चिप, खाद, कीटनाशक, साबुन, जीवामृत आदि) हर माह ले सकते हैं? _ 16) गौरक्षार्थ *राष्ट्रीय अहिंसा मंच को 1-100₹ प्रतिदिन =365 या अधिक कितनी राशि दें सकते हैं? __
17) पंचगब्य उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण लेना चाहते हैं?
18) गोउद्योग लगाने, सांसदो, विधायकों, संतो, उद्यमियों, गौशालाओ, मंदिरों को लिख सकते हैं?

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दिनांक हस्ताक्षर


राष्ट्रीय अहिंसा मंच – राम
बैंक आफ बडौदा, खाता संख्या
77720200000838
IFSC BARBOBJRABI
या सुशील कुमार पांडे 9681105070 Phone Pay, Paytm & Gpay में भेजें। गौचित्र मिलेगा।
(राम, इस धन से गौचित्र, बैनर, गोउत्पाद, गोकाष्ट, गोबर गैस, बैल संयंत्र, जैविक अन्न आदि का प्रचार करेगा।

*राष्ट्रीय अहिंसा मंच-राम, 132/1, महात्मा गाँधी रोड, कलकत्ता 700007, मोबाइल 9433023999