मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सुविधाओं का संज्ञान लेते हुए सरकार द्वारा ऑनलाइन सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सामान्य जन-मानस को घर बैठे ही अधिकांश सुविधाएं उपलब्ध हो, इस दिशा में सभी विभागों द्वारा तीव्रता से कार्य किए जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला आज सागर परिक्रमा के दसवें चरण की शुरुआत करेंगे
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला आज सागर परिक्रमा के दसवें चरण की शुरुआत करेंगे
New Delhi , केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला आज सागर परिक्रमा के दसवें चरण की शुरुआत करेंगे, जिसमें वे तटरक्षक जहाज से चेन्नई से आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने के लिए यात्रा करेंगे और मछुआरों तथा मत्स्य पालन क्षेत्र के हितधारकों के साथ बातचीत करेंगे।
श्री रूपाला मछुआरों के मुद्दों और सुझावों का पता लगाने के लिए उनके साथ बातचीत करेंगे और उन्हें सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे, ताकि अधिक से अधिक मछुआरे एवं मछली किसान इन योजनाओं से लाभ उठा सकें। वे मछुआरों और प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई), फिशरीज एंड एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (एफआईडीएफ), किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जैसी सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र/स्वीकृति पत्र भी वितरित करेंगे।
केंद्रीय मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति 14 अक्टूबर, 2023 को आंध्र प्रदेश के कृष्णापट्टनम तथा नेल्लोर जिले का दौरा करेंगे और अपनी उपस्थिति से इन कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाएंगे। सागर परिक्रमा के दसवें चरण में आंध्र प्रदेश सरकार के मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी, भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड, भारतीय तटरक्षक, भारतीय मत्स्य सर्वेक्षण, राष्ट्रीय मत्स्य पालन पोस्ट हार्वेस्ट प्रौद्योगिकी और प्रशिक्षण संस्थान, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज नॉटिकल एंड इंजीनियरिंग ट्रेनिंग के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे। मछुआरों और मछली किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जारी करने के लिए नेल्लोर जिले में अधिकारियों द्वारा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के कृष्णापट्टनम में सागर परिक्रमा यात्रा के दौरान मछुआरे, मछुआरों के प्रतिनिधि, मछली-किसान, उद्यमी, मछुआरा सहकारी समिति के नेता, पेशेवर, वैज्ञानिक और अन्य हितधारक भी बातचीत में भाग लेंगे।
पृष्ठभूमि
आंध्र प्रदेश की 972 किमी लंबी तटरेखा है, जो समुद्री, खारे पानी और अंतर्देशीय मत्स्य संसाधनों से समृद्ध है और यह मत्स्य पालन एवं संवर्धन के लिए बहुत उपयुक्त है। 2021-22 के दौरान राज्य का समुद्री मछली उत्पादन 41.27 लाख टन रहा। मत्स्य पालन उद्योग 1,689 मशीनीकृत और 22,257 पारंपरिक मछली पकड़ने वाले साधनों के माध्यम से उन 10.48 लाख समुद्री मछुआरों की आजीविका में सहायता प्रदान करता है जो सक्रिय रूप से मछली पकड़ने के काम में लगे हुए हैं। 14,96,688 समुद्री मछुआरे आंध्र प्रदेश मछुआरा कल्याण बोर्ड में नामांकित हैं।
भारत में मत्स्य पालन क्षेत्र अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख योगदानकर्ता है, जो लाखों मछुआरों को आजीविका प्रदान करता है और निर्यात आय जुटाता है। वर्ष 2020-21 में 14.16 मिलियन टन का कुल मछली उत्पादन होने से भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा जलीय कृषि उत्पादक देश बन गया है। भारत सरकार ने मत्स्य पालन क्षेत्र की प्रगति और विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं और पहल शुरू की हैं, जिनमें प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई) और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजनाएं भी शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य मछली उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाना, बुनियादी ढांचे और पोस्ट हार्वेस्ट के बाद की सुविधाओं का निर्माण करना, मूल्य संवर्धन और निर्यात को बढ़ावा देना, मछुआरों तथा मछली किसानों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण को सुनिश्चित करना एवं टिकाऊ और मछली पकड़ने की प्रथाओं का समर्थन करना है। भारत में मत्स्य पालन क्षेत्र में राष्ट्रीय आय, खाद्य सुरक्षा, रोजगार सृजन और विदेशी मुद्रा आय में अपना योगदान बढ़ाने की अपार क्षमता मौजूद है। यह क्षेत्र सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने और आत्मनिर्भर भारत के विजन को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
“सागर परिक्रमा” तटीय क्षेत्र में परिकल्पित एक विकासवादी यात्रा है जो सभी मछुआरों, मछली किसानों और अन्य हितधारकों के बीच एकजुटता को दर्शाती है और साथ ही मछुआरों की जमीनी चुनौतियों एवं समस्याओं को भी अच्छी तरह से समझती है। सागर परिक्रमा का पहला भाग 5 मार्च 2022 को मांडवी, गुजरात (सागर परिक्रमा-चरण I) से शुरू हुआ था, जो राज्य के प्रमुख क्षेत्रों से होते हुए 9 अक्टूबर 2023 को चेन्नई, तमिलनाडु (सागर परिक्रमा-चरण 9) में पूरा हुआ।
सागर परिक्रमा के नौ चरण पूरे हो चुके हैं और इसने गुजरात, दीव और दमन, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सहित 9 तटीय राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 4,115 किमी की दूरी तय की है। इसका उद्देश्य मछली पकड़ने वाले समुदाय के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करना और सरकार द्वारा कार्यान्वित विभिन्न मत्स्य पालन योजनाओं एवं कार्यक्रमों, जैसे प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई) और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से उनके आर्थिक उत्थान में सहायता भी प्रदान करना है। इसके अलावा इसका उद्देश्य मत्स्य पालन से संबंधित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी का प्रसार करना है और सतत संतुलन तथा समुद्री इकोसिस्टम के संरक्षण पर ध्यान देते हुए मत्स्य पालन को बढ़ावा देना है।
किसान होना गर्व की बात , जब किसान हंसता है तो पूरा देश हंसता है, सभी वर्गों में खुशहाली आती है- उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली – उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज हरियाणा से आए प्रगतिशील किसानों को अपने किये वादे के अनुसार संसद भवन में बुलाकर सम्मानित किया एवं उनके साथ दोपहर का भोजन किया। ज्ञात रहे कि उपराष्ट्रपति 8 अक्टूबर, 2023 को हरियाणा के हिसार में एकदिवसीय यात्रा पर गये थे जहां उन्होंने चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय में कृषि विकास मेले के उद्घाटन किया था। इस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने किसानों को नया संसद भवन देखने के लिए आमंत्रित किया था।
उपराष्ट्रपति के किये वादे के अनुसार हरियाणा सरकार द्वारा पुरस्कृत पचास से अधिक किसानों ने आज संसद भवन का भ्रमण किया। इसके पश्चात उपराष्ट्रपति जी ने सभी किसानों से बातचीत की और उनको प्रमाण पत्र एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। किसानों के साथ हरियाणा के कृषि मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल व कृषि विभाग के अधिकारीगण भी उपस्थित थे। गौरतलब है कि इन किसानों को हरियाणा सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों जैसे – कृषि, बागवानी, डेयरी और मत्स्य पालन में नवीन तकनीक के प्रयोग द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया था।
किसानों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने किसानों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बताया और कहा कि किसान होना गर्व की बात है। अर्थव्यवस्था में कृषि के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि “जब किसान हंसता है, तो पूरा देश हंसता है, सभी वर्गों में खुशहाली आती है!”
“जब किसान हंसता है,
तो पूरा देश हंसता है,
सभी वर्गों में खुशहाली आती है!”आज संसद भवन में हरियाणा सरकार द्वारा पुरस्कृत किसानों के साथ माननीय उपराष्ट्रपति जी! pic.twitter.com/1SeUkYolQ5
— Vice President of India (@VPIndia) October 13, 2023
किसानों के संसद आने पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि “आज दुनिया भर की संसदों के सभापति और जी20 वाले अपने देश में हैं। आप पार्लियामेंट में उस दिन आए हो जो एक एतिहासिक दिवस है। यह दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत है। इस पंचायत में आज सही हकदार आया है। इस पंचायत में आपकी चर्चा होनी चाहिए।”
उपराष्ट्रपति ने प्रसन्नता व्यक्त की कि “प्रधानमंत्री जी ने राज्य सभा में मेरा परिचय कृषक पुत्र के रूप में कराया। उपराष्ट्रपति के नाते पूरे देश में, मैं उन संस्थानों में जरूर गया हूं जो किसान से जुड़ी हुई हैं।
आज सम्मानित किये गये किसानों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि वे प्रेरणा के स्रोत हैं और लोगों को उनका अनुकरण करना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि कृषि उत्पादों और खाने पीने की चीजों का बहुत बड़ा व्यापार है, और आज IIT, IIM से पढ़े हुए युवा भी इस व्यापार में आ रहे हैं। उन्होंने अपील की कि किसान और किसान के बच्चों और बच्चियों को भी इसमें आगे आना चाहिए। दूध का उदाहरण देते हुए श्री धनखड़ ने कहा कि “दूध के कितने प्रोडक्ट बनते हैं, पर किसान नहीं बना रहा है. सोचिए क्यों? किसान एक समूह बनाकर क्यों ऐसा नहीं करे कि दूध, छाछ, दही, पनीर बनाये। उत्पाद जुड़ते जाएंगे, गांव के नाम से ब्रांडिंग हो सकती है।”
अपने संबोधन में कृषि उत्पादों के व्यापार एवं निर्यात में किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा की किसानों को कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन और उनकी मार्केटिंग में अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी चहिये। आधुनिक तकनीक और किसान उत्पादक संगठन (एफ. पी. ओ) के गठन के महत्व को रेखांकित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसानों को इन्हे अपनाने में संकोच नहीं करना चाहिए।
सरकार द्वारा शुरू की गयी अनेक किसान हितैषी योजनाओं जैसे – PM किसान योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, FPO आदि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “यह बहुत गंभीरता से कह रहा हूं भारत के प्रधानमंत्री के दिल और दिमाग पर किस हावी है किसान के लिए जो नीतियां निर्धारित की गई है उनका मैं अध्ययन किया है। आप इनका लाभ उठाइए।” उन्होंने आगे कहा कि “जो सोच चौधरी चरण सिंह जी की थी, उस सोच को जमीनी हकीकत भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दे रहे हैं।”
परंपरागत कृषि से आगे बढ़ने की अपील करते हुए, श्री धनखड़ ने किसानों को सुझाव दिया कि “आप एक लकीर के फ़क़ीर मत रहिये, नया सोचिए, डायवर्सीफाई करिये.”
आज के दिन शिक्षित और प्रबुद्ध वर्ग दूध और सब्जी का व्यापार करता है !
यह बहुत बड़ा व्यापार है !
किसान और किसान के बच्चे-बच्चियों को इसमें आगे आना चाहिए। pic.twitter.com/9UcwKLI01T
— Vice President of India (@VPIndia) October 13, 2023
मैं आपको यही कह सकता हूं, यहां आप इनविटेशन पर नहीं आए हैं, यह आपका हक है, मैं तो सिर्फ माध्यम बना हूं। यह एक बदलाव का केंद्र है, यह बदलाव का सूचक है, पर इन बातों का यदि आप क्रियान्वित नहीं करेंगे तो आगे नहीं बढ़ेंगे।
इस अवसर पर हरियाणा से आए प्रगतिशील किसानों के साथ हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जे.पी. दलाल, राज्य सभा के सांसद, श्री बिप्लव देव, हरियाणा के कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव, श्री विजेंद्र कुमार, विभाग के महानिदेशक डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, व अन्य कई गणमान्य जन भी मौजूद रहे।
एनिमल’ का सॉन्ग ‘हुआ मैं’ जारी
संदीप रेड्डी वांगा द्वारा निर्देशित ‘एनिमल’ 1 दिसंबर को रिलीज होने को तैयार है, जिसके पोस्टर से लेकर टीजर ने धमाल मचाया हुआ है। वहीं अब इस फिल्म का पहला रोमांटिक गाना सामने आ गया है।रणबीर कपूर और रश्मिका मंदाना अभिनीत फिल्म ‘एनिमल’ का सॉन्ग ‘हुआ मैं’ संगीतप्रेमियों को काफी पसंद आ रहा है। राघव चैतन्य अपनी आवाज ने इस गाने में प्योर इमोशन क्रिएट किया है। उनके स्वर भावनाओं को स्पष्ट रूप से चित्रित करते हैं । राघव चैतन्य के जुनून से प्रेरित, प्रीतम की रचना, सद्भाव और तीव्रता को पूरी तरह से संतुलित करती है। प्रशंसक और उत्साही लोग प्रीतम के इनोवेशन की सराहना करते नहीं थक रहे हैं, उनकी धुनें आत्माओं को छूती है और लंबे समय तक दिलों के करीब होती है और वो इस गाने को गुनगुनाते रहते हैं। ‘हुआ मैं ‘ से एक बार फिर प्रीतम ने अपना लोहा मनवाया है। इस लव सॉन्ग में न केवल बेहद खूबसूरत धुन है, बल्कि रणबीर कपूर और रश्मिका मंदाना के बीच शानदार केमिस्ट्री भी है। फिल्म में रणबीर कपूर, अनिल कपूर, बॉबी देओल, रश्मिका मंदाना और तृप्ति डिमरी लीड किरदार में हैं।
टाइगर अपने ख़ाली हाथों से लोगों की सेना से मुकाबला कर सकता है! : सलमान खान
मुम्बई। सुपरस्टार सलमान खान 16 अक्टूबर को यशराज फिल्म्स की टाइगर 3 का ट्रेलर जारी करने के लिए तैयार हैं। निर्माताओं ने सलमान उर्फ टाइगर की एक अनदेखी तस्वीर के माध्यम से ट्रेलर रिलीज का समय दोपहर 12 बजे बताया, जो लोहे की चेन पहने ख़ाली हाथों से अपने विरोधियों को तोड़ने के लिए तैयार है!
सलमान ने खुलासा किया कि फिल्म का एक्शन रॉ, रियलिस्टिक लेकिन शानदार’ होगा और नई तस्वीर यह तय करती है कि ट्रेलर से क्या उम्मीद की जा सकती है – टाइगर अपने दुश्मन को अपनी ताकत की फोर्स से नष्ट करने की तलाश में होगा। वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स फिल्म, टाइगर 3 बड़ी दिवाली विंडो पर रिलीज होने के लिए तैयार है।
सलमान कहते हैं, “टाइगर 3 में एक्शन रॉ, रियलिस्टिक लेकिन शानदार है। आऊट ऑफ वर्ल्ड है. टाइगर फ्रैंचाइज़ के बारे में मुझे जो पसंद है वह यह है कि नायक लार्जर देन लाइफ हिंदी फिल्म नायक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है जो अपने नंगे हाथों से लोगों की सेना से मुकाबला कर सकता है! उसे खून बहाना और तब तक खड़ा रहना ठीक लगता है जब तक उसके आस-पास के सभी दुश्मन ख़त्म न हो जाएँ।
वह आगे कहते हैं, “(टाइगर की) वीरता इसमें है कि वह चुनौती का डटकर सामना करे और पीछे न हटे, जैसा कि वास्तविक जीवन में बाघ अपने लक्ष्य का शिकार करते समय करता है। मेरा किरदार टाइगर कभी भी लड़ाई से पीछे नहीं हटेगा। वह आखिरी सांस लेने तक कभी हार नहीं मानेंगे और वह अपने देश के लिए खड़े होने वाले आखिरी व्यक्ति होंगे।
वह कहते हैं, “मुझे पसंद है कि वाईआरएफ द्वारा टाइगर को बड़े पर्दे पर कैसे प्रस्तुत किया गया है और इसने दर्शकों को अपनी और खींचा है। वे टाइगर को एक्शन में देखना पसंद करते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उन्हें अब तक के सबसे गंभीर और बेहतरीन एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलेंगे। मुझे उम्मीद है कि उन्हें टाइगर 3 का ट्रेलर पसंद आएगा क्योंकि इसमें ज़बरदस्त एक्शन के कुछ उन्मादी क्षण हैं जो लोगों ने आज तक देखे हैं।
मनीष शर्मा द्वारा निर्देशित टाइगर 3 के ट्रेलर को लेकर इंटरनेट पर हलचल मची हुई है। यह फिल्म अगले अध्याय का खुलासा करने के लिए तैयार है कि कैसे आदित्य चोपड़ा वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स को आकार दे रहे हैं जिसने अब तक बॉक्स ऑफिस पर 100 प्रतिशत ब्लॉकबस्टर परिणाम दिया है। वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की अब तक की फिल्में एक था टाइगर, टाइगर जिंदा है, वॉर, पठान और अब टाइगर 3 हैं।
चंदू चैंपियन’ में कार्तिक आर्यन बिल्कुल नए अवतार में नज़र आएंगे
साजिद नाडियाडवाला और कबीर खान द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ’चंदू चैंपियन’ में बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन बिल्कुल नए अवतार में नज़र आएंगे। फिल्म के पोस्टर में कार्तिक आर्यन का इंटेंस लुक पहले ही लोगों को एक्साइट कर चुका है। अब फिल्म को लेकर एक ऐसी जानकारी सामने आई है जिसे सुनकर यकीनन सभी की धड़कने तेज हो जाएंगी।
खबर है कि ‘चंदू चैंपियन’ के लिए एक 8 मिनट का सिंगल शॉट वॉर सीक्वेंस शूट किया गया है। इस सीक्वेंस की शूटिंग समुद्र तल से 9000 फीट की ऊंचाई पर हुई है और जो निश्चित रूप से एक रोमांचक सिनेमाई अनुभव साबित होगा। यह फिल्म फिलहाल अपने दूसरे शेड्यूल में है और टीम के इस प्रयास का मुख्य आकर्षण 1965 की लड़ाई का इतने बड़े पैमाने पर फिल्मांकन था जो सिंगल शॉट एक्शन सीक्वेंस के लिए शानदार है। इस सीक्वेंस को जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत अरु घाटी में शूट किया गया है जो समुद्र तल से 9000 फीट की ऊंचाई पर है, जहां टीम द्वारा एक बड़ा आर्मी कैंप बनाया गया था। कबीर खान द्वारा निर्देशित इस फिल्म की कहानी हार न मानने की असाधारण असल जिंदगी की कहानी पर आधारित है। इस फिल्म में कार्तिक आर्यन के साथ विजय राज और भुवन अरोड़ा भी अहम भूमिका में नज़र आएंगे। ‘चंदू चैंपियन’ 14 जून 2024 को रिलीज होगी।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय
इजराइल- फिलिस्तीन संघर्ष के मध्य केंद्र व धामी सरकार के प्रयासों से उत्तराखंडी प्रवासियों की सकुशल वापसी
13 अक्टूबर 2023,शुक्रवार
नई दिल्ली/ देहरादून, 13 अक्टूबर 2023.
आखिरकार इजराइल- फिलिस्तीन संघर्ष के मध्य केंद्र सरकार व उत्तराखंड की धामी सरकार के समन्वय से उत्तराखंडी प्रवासी सकुशल अपने गृह प्रदेश आने में सफल हुए।
विदित हो. जब-जब भी विदेश में किसी भी प्रकार का संघर्ष या आपदा से भारतीयों का आमना – सामना होता है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा -निर्देश के तहत विदेश मंत्रालय शीघ्र सक्रिय होकर अपने कर्तव्य का पालन करने पर जुट जाता है.. !इसी कर्तव्य परायणता के तहत इजराइल -फिलिस्तीन में हो रहे संघर्ष में फंसे भारतीयों को वतन वापसी के लिए मिशन ” ऑपरेशन अजय” प्रारंभ किया गया.!
केंद्र की मोदी सरकार की तत्परता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे पूर्व सूडान में फंसे भारतीयों के लिए ऑपरेशन कावेरी.., तालिबान- अफ़गानिस्तान संकट में ऑपरेशन देवी शक्ति.., हो या रूस- यूक्रेन युद्ध संकट में ऑपरेशन गंगा.! मोदी सरकार प्रत्येक मिशन में सफल रही है यही नहीं किसी भी प्रकार के प्राकृतिक आपदा जैसे कोरोना काल में “बंदे भारत” मिशन हो या फिर “समुद्र सेतु” या फिर यमन सरकार व हौथी विद्रोहियों के आपसी संघर्ष के मध्य उत्पन्न संकट में आपरेशन राहत.. समय-समय पर केंद्र सरकार ने समस्त मिशनों को सफलतापूर्वक पूर्ण किया है.!
इसी प्रकार के मिशन ऑपरेशन अजय के तहत भारत सरकार की ओर से विशेष विमान से उत्तराखंडी नागरिक सुश्री आरती जोशी व आयुष मेहता इजराइल से नई दिल्ली सुबह 5:50 पर पहुंचे., जिनको उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार सरकारी प्रतिनिधि द्वारा एयरपोर्ट पर रिसीव किया गया ! तत्पश्चात उन्हें नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड भवन में रहने, खाने व मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराकर उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
अनुमानतः 18000 (हजार ) से भी अधिक भारतीयों के इजराइल में फंसे होने की संभावना है। जिनकी वतन वापसी के लिए केंद्र व धामी सरकार कृत संकल्प है.! मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इजरायल में संकट में रह रहे प्रत्येक नागरिक को सकुशल वापस लाया जाएगा।
प्रधानमंत्री 13 अक्टूबर को 9वें जी20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन (पी20) का उद्घाटन करेंगे
New Delhi , प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 13 अक्टूबर 2023 को सुबह लगभग 11 बजे यशोभूमि, नई दिल्ली में 9वें जी-20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन (पी20) का उद्घाटन करेंगे। शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत की संसद भारत की जी-20 प्रेसीडेंसी के व्यापक दायरे के तहत कर रही है।
भारत की जी-20 प्रेसीडेंसी की थीम के अनुरूप, 9वें पी20 शिखर सम्मेलन का विषय “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के लिए संसद” है। इस कार्यक्रम में जी-20 के सदस्य देशों और आमंत्रित देशों की संसदों के अध्यक्ष भाग लेंगे। 9-10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली जी-20 लीडर्स समिट में अफ्रीकी संघ के जी-20 का सदस्य बनने के बाद पैन-अफ्रीकी संसद पहली बार पी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेगी।
इस पी20 शिखर सम्मेलन के दौरान विषयगत सत्र निम्नलिखित चार विषयों सार्वजनिक डिजिटल मंचों के माध्यम से लोगों के जीवन में बदलाव; महिलाओं के नेतृत्व में विकास; एसडीजी में तेजी लाना; और सतत ऊर्जा पारगमन पर केंद्रित होंगे।
प्रकृति के साथ तालमेल में हरित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में पहलों पर विचार-विमर्श करने के लिए 12 अक्टूबर 2023 को एलआईएफई (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) पर एक पूर्व शिखर सम्मेलन संसदीय मंच भी आयोजित किया जाएगा।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग समीक्षा बैठक विज्ञान भवन में आयोजित की गई
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की सचिव (एएचडी)श्रीमती अलका उपाध्याय की अध्यक्षता में विभाग के कार्यक्रमों/योजनाओं के कार्यान्वयन की प्रगति पर चर्चा के लिए एक क्षेत्रीय समीक्षा बैठक आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित की गई। यह बैठक में पश्चिमी राज्यों के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव सहित संबंधित निदेशकों के साथ हुई। मीक्षा बैठक में अतिरिक्त सचिव, पशुपालन आयुक्त, संयुक्त सचिव, मुख्य लेखा नियंत्रक और पशुपालन और डेयरी विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रीमती अलका उपाध्याय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पशुधन क्षेत्र 2014-15 से 2021-22 (स्थिर कीमतों पर) के दौरान 7.67% की उच्च चक्रवृद्धि वार्षिक दर (सीएजीआर) के साथ लगातार बढ़ रहा है, जिसका श्रेय डेयरी, बोवाइन, मुर्गी पालन, बकरी पालन/सूअर पालन आदि पशुधन क्षेत्र के मापदंडों को दिया जाता है। साथही, पशुधन क्षेत्र ने वर्ष 2021-22 के दौरान कुल कृषि और संबद्ध क्षेत्र जीवीए (स्थिर कीमतों पर) में लगभग 30.19% का योगदान दिया है।
बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम), राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) के तहत उद्यमिता विकास, राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी), डेयरी प्रसंस्करण और बुनियादी ढांचे के विकास फंड (डीआईडीएफ), नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट (एनपीडीडी), एनिमल हसबेंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (एएचआईडीएफ) जिन्हें भारत सरकार द्वारा राज्यों में कार्यान्वित किया जा रहा है, सहित सभी पशुपालन और डेयरी योजनाओं की वास्तविक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने राज्यों के पास बची हुई शेष राशि को खर्च करने पर जोर दिया। केंद्रीय सचिव ने इस बात पर भी जोर दिया कि पारंपरिक डेटा अपडेशन, भारतकोश के माध्यम से भुगतान पर ब्याज आदि से संबंधित मुद्दों को जल्दी हल करने की आवश्यकता है ताकि चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत सरकार राज्यों को धन जारी कर सके। उन्होंने देश भर में एफएमडी और ब्रुसेला के खिलाफ टीकाकरण की स्थिति, मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों (एमवीयू) के संचालन, दूध की स्थिति, चारे की स्थिति आदि की भी समीक्षा की। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक राज्य को आगे की कार्रवाई के लिए सूक्ष्म स्तर पर योजना का निर्माण करना चाहिए।

श्रीमती अलका उपाध्याय ने पशुआहार और चारे की उपलब्धता पर जोर दिया और राज्यों से संतुलित राशन की उपलब्धता को आसान बनाने के लिए टास्कफोर्स गठित करने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल के माध्यम से पशुधन का संरक्षण और सुरक्षा विभाग के लिए एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने राज्यों सलाह दी कि एफएमडी, ब्रुसेला और पीपीआर टीकाकरण में तेजी लाने की जरुरत है। उन्होंने पशुधन और डेयरी किसानों तक योजना के लाभों को पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जिला अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी के साथ राज्यों में ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान आयोजित किए जाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने गौ माता की सेवा की
उत्तर प्रदेश राज्य ब्यूरो , आज गोरखपुर , गोरखनाथ मंदिर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने गौशाला में जा कर गौमाता की सेवा की और गौमाता को चारा खिलाया।

यया सर्वमिदं व्याप्तं जगत् स्थावरजङ्गमम्।
तां धेनुं शिरसा वन्दे भूतभव्यस्य मातरम्॥श्री गोरखनाथ मंदिर परिसर में गोवंशों के साथ महाराज जी… pic.twitter.com/m5PcCbg8de
— Shri Gorakhnath Mandir (@GorakhnathMndr) October 12, 2023









