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हिमाचल प्रदेश – गौ सेवा आयोग ने 3 साल में जुटाए 77.61 करोड़, 20 हजार गोवंश को मिला सहारा

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शिमला: हिमाचल प्रदेश में गोवंश कल्याण के लिए स्थापित गोसेवा आयोग ने तीन साल में 77 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई है. प्रदेश में विगत चार साल में बीस हजार से अधिक गोवंश को सहारा मिला है. पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया कि (Virender Kanwar on Gau Seva Aayog) जयराम सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द सड़कों से बेसहारा गोवंश को गोशालाओं में पहुंचाना है. राज्य सरकार ने निजी गोशालाओं को भी प्रोत्साहन दिया है. गोवंश की सेवा के लिए प्रति गोवंश पहले पांच सौ रुपये रोजाना की रकम को भी बढ़ाकर सात सौ रुपये किया गया है.

हिमाचल प्रदेश गौ सेवा आयोग की स्थापना 1 फरवरी 2019 को हुई थी. अब तक आयोग ने 77,61,20, 537 रुपये की राशि एकत्र की है. इसमें से अब तक 58,47,16, 057 रुपये की राशि खर्च की गई है. प्रदेश में बड़े गौ अभयारण्य और बड़े गौ सदनों की संख्या 12 है. जबकि 7 अन्य का निर्माण कार्य जारी है. प्रदेश 203 छोटे गौ सदन गौवंश को संरक्षण दे रहे हैं. इनमें से 133 सरकार के पास पंजीकृत हैं.

इन सभी गौ सदनों और अभ्यारण्य में कुल 20053 गौवंश को आश्रय मिला है. गौ सदनों और गौ अभ्यारण्य के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने अब तक 35,88,03,800 रुपये खर्च किए. वहीं, 500 रुपये प्रति गाय प्रति माह प्रोत्साहन राशि के रूप में सरकार ने 16,12,07,384 रुपये दिए. प्रदेश सरकार ने 700 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में 12259800 रुपये गौ सदनों को दिए हैं.

 

अगर जिले के अनुसार गौवंश सरक्षंण के लिए उठाए कदमों की बात करें तो प्रदेश में 5500 गायों के संरक्षण के लिए गौ शालाओं का निर्माण कार्य अंतिम चरण पर है. जिला सिरमौर में 1,67,31,950 रुपये स्वीकृत राशि से गौ अभ्यारण्य, कोटला बोग का निर्माण किया जा रहा है. यहां 300 बेसहारा गायों को संरक्षण मिलेगा. वहीं, जिला ऊना के थानकला में 2,03,82,317 की लागत से गौशाला का निर्माण किया जा रहा है. यहां 300 बेसहारा गायों को सरंक्षण मिलेगा. इसके अलावा जिला सोलन के अन्यारण्य, होण्डा कुणडी में 700 बेसहारा गायों के लिए आश्रय का निर्माण किया जा रहा है. इस पर 2,97,18,900 रुपये खर्च आएगा.

जिला हमीरपुर में बड़ा गौसदन खेरी में 2,64,82,400 रुपये से 500 और गसोता में 53,41,800 रुपये की लागत से 200 गायों के संरक्षण के लिए निर्माण कार्य जारी है. कांगड़ा जिले में बड़ा गौसदन बाई अटारिया में 250 गायों, अभ्यारण्य गहन (जयसिंहपुर) में 500 गायों, गौसदन खल्जिया में 400 गायों, गौ आभ्यरण्य लुथान में 1000 गायों के संरक्षण को आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है. ज्वाली के खबल में 700 बेसहारा गायों के संरक्षण के लिए भवन निर्माण कार्य जारी है.

मंडी के लोंगनी में 150 गायों का गौशाला जल्द ही तैयार होने वाली है. इसके अलावा शिमला के सुन्नी में 500 बेसहारा गायों के लिए गौसदन शुरू हो चुका है. पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल को बेसहारा गौवंश से मुक्त करना है. इसके लिए हिमाचल सरकार लगातार कार्य कर रही है. वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रोत्साहन राशि को भी बढ़ाया गया है. पहले यह राशि 500 रुपये थी अब 700 रुपये कर दिया है.

छत्तीसगढ़ में पहले दिन 2306 लीटर गौ-मूत्र की हुई खरीदी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में 28 जुलाई हरेली पर्व से शुरू हुई गौ-मूत्र खरीदी की सरकारी योजना के पहले दिन 2306 लीटर गौ-मूत्र क्रय किया गया। सर्वाधिक 307 लीटर गौ-मूत्र की खरीदी कबीरधाम जिले में हुई। बालोद जिले में पहले दिन 287 लीटर तथा महासमुंद जिले में 184 लीटर गौ-मूत्र की खरीदी हुई। राज्य में 4 रुपए लीटर की दर से गौ-मूत्र खरीदी की शुरुआत फिलहाल 63 गांवों के गौठानों में हुई है।

निकट भविष्य में राज्य के सभी गौठानों में इसकी खरीदी होने लगेगी। इसके लिए आवश्यक तैयारियों के साथ-साथ गौठान समितियों के सदस्यों और महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को गौ-मूत्र की खरीदी से लेकर उससे जैविक कीटनाशक ,जीवामृत-ग्रोथ प्रमोटर बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर राज्य में गोबर के बाद अब गौ-मूत्र खरीदी का उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देकर खाद्यान्न की विषाक्तता में कमी लाना तथा खेती की लागत को कम करना है।

राज्य में गौ-मूत्र खरीदी योजना के पहले हितग्राही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं बने। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित हरेली तिहार के अवसर पर 5 लीटर गौ-मूत्र, चंदखुरी की निधि स्व-सहायता समूह को 20 रुपये में बेचकर राज्य के पहले विक्रेता भी बने। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जो पशुपालक ग्रामीणों से दो रूपए किलो में गोबर खरीदी के बाद अब 4 रूपए लीटर में गौ-मूत्र की खरीदी कर रहा है।

इस पहल से राज्य में पशुपालकों की आय में बढ़ोत्तरी और जैविक खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। गोबर की खरीदी और इससे जैविक खाद के निर्माण से राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा मिला है। गौ-मूत्र खरीदी का मकसद इससे गौठानों में जैविक कीटनाशक, जीवामृत, ग्रोथ प्रमोटर का निर्माण करना है, ताकि राज्य के किसानों को कम कीमत पर जैविक कीटनाशक सहजता से उपलब्ध कराया जा सके। छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना की शुरुआत 2 साल पहले 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व के दिन से ही हुई थी।

इसके तहत गौठनों में पशुपालक ग्रामीणों से गोबर कर बड़े पैमाने पर जैविक खाद का निर्माण और उसका खेती में उपयोग किया जा रहा है।

गौ-मूत्र से जैविक कीटनाशक तैयार कर किसानों को 50 रुपये लीटर में उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य के बस्तर जिले के सर्वाधिक 7 गौठानों में गौ-मूत्र की खरीदी की जा रही है, जबकि राजनादगांव और रायपुर जिले के 3-3 गौठनों में गौ-मूत्र खरीदा जा रहा है, शेष जिलों के 2-2 गौठानों में गौ-मूत्र की खरीदी शुरु की गई है।

पहले दिन 28 जुलाई को कोरिया जिले में 110 लीटर, बलरामपुर जिले में 45 लीटर, सूरजपुर में 37 लीटर, सरगुजा में 163 लीटर, जशपुर में 24 लीटर, रायगढ़ में 49 लीटर, कोरबा में 82 लीटर, जांजगीर-चांपा में 36 लीटर, बिलासपुर में 39 लीटर, मुंगेली में 52 लीटर , गौरेला -पेंड्रा- मरवाही जिले में 15 लीटर गोमूत्र की खरीदी हुई।

इसी तरह 28 जुलाई को कबीरधाम जिले में सर्वाधिक 307 लीटर, राजनादगांव में 47 बेमेतरा में 85, दुर्ग में 52 ,बालोद जिले में 207, बलौदा- बाजार में 55, रायपुर में 64, गरियाबंद में महासमुंद में 184, धमतरी में 12, कांकेर जिले में 125, कोंडागांव में 15, बस्तर में 59, नारायणपुर में 11 दंतेवाड़ा में 112 , सुकमा जिले में 105 और बीजापुर जिले में 35 लीटर गोमूत्र की खरीदी हुई।

मनाली के गोशाला गांव में सात दिवसीय गौ कथा महायज्ञ समारोह शुरू

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मनाली के गोशाल गांव में शुक्रवार से सात दिवसीय गौ कथा महायज्ञ समारोह की शुरुआत हुई। इस अवसर पर भव्य कलशयात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं व कन्याओं ने सिर पर कलश रख यात्रा में भाग लिया।

कलशयात्रा की शुरुआत ब्‍यास नदी की पूजा अर्चना के साथ हुई। महिलाओं ने ब्यास नदी में पानी भरकर कलशयात्रा की शुरुआत की। इस दौरान वाद्य यंत्रों के साथ कलशयात्रा मुख्य गांव से होती हुई मंदिर परिसर पहुंची। यहां विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान के जयकारों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। कलशयात्रा के बाद मंदिर में संगीत में गौ कथा का शुभारंभ भी कर दिया गया है। कार्यक्रम के भक्तों को खाने पीने की पूरी व्यवस्था की गई है।

पुरोहित बुधराम शर्मा ने बताया कि कलशयात्रा में तीनों देव ब्रह्मा, विष्णु व महेश के साथ 33 करोड़ देवी देवता स्वयं कलश में विराजमान होते हैं। वहीं कलश को धारण करने वाले जहां से भी ग्राम का भ्रमण करता है वहां की धरा पवित्र हो जाती है। जो अपने सिर पर कलश धारण करता है उसकी आत्मा को ईश्वर पवित्र और निर्मल करते हुए अपनी शरण में ले लेते हैं।

मनाली की उझी घाटी में इतिहास में पहली बार आयोजित हो रहे गौ कथा महायज्ञ के लिए 17 देवी देवता भाग के रहे हैं। ऐतिहासिक गांव गोशाल में इस महायज्ञ का आयोजन घाटी के नौ गांव कोठी, सोलंग, पलचान, रुआड, कुलंग, मछाच, बुरुआ, शनाग व गोशाल के ग्रामीण मिलकर कर रहे हैं। महायज्ञ को आयोजन कमेटी के अध्यक्ष वेद राम ठाकुर व कारदार हरि सिंह ठाकुर ने बताया कि देवताओं का आगमन वीरवार को हो गया है जबकि आज कलशयात्रा से गौ कथा महायज्ञ शुरू हो गया। गोशाल के आराध्य देवों व्यास ऋषि, गौतम ऋषि व कंचन नाग के प्रांगण में आयोजित हो रहे इस महायज्ञ में पराशर ऋषि कुलंग, वशिष्ठ ऋषि वशिष्ठ, मनु ऋषि व माता हिडिंबा मनाली, सियाली महादेव सियाल, शंख नारायण नसोगी, गोहरी देवता पारशा, शांडिल्य ऋषि शालीन, सृष्टि नारायण अलेउ, शावर्णी माता व थान देवता शुरु, फाइया नाग प्रीणी, तक्षक नाग भनारा, संध्या गायत्री जगतसुख, प्यूली नाग बटाहर, गणेश भगवान घुड़दौड़ व बशुकी नाग हालाण की मौजूदगी में यह यज्ञ हो रहा है। उझी घाटी के कुल पुरोहित पंडित बुध राम शर्मा ने बताया कि पंडित नटराजन आचार्य, पंडित विपिन की देखरेख में 21 ब्राह्मण महायज्ञ में भाग ले रहे हैं।

फिल्म ‘मैच ऑफ लाइफ’ से डेब्यू कर रहे हैं यश मेहता, अक्षय हैं इनके फेवरेट

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मुम्बई। प्रोड्यूसर विशाल मेहता की हिंदी फिल्म ‘मैच ऑफ लाइफ’ 5 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है, इस फ़िल्म से बॉलीवुड में नवोदित हीरो यश मेहता की धमाकेदार एंट्री होने जा रही है। यश मेहता का लुक, उनकी परफॉर्मेंस फिल्म के ट्रेलर में जबरदस्त दिख रही है। याशिका मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनी फिल्म ‘मैच ऑफ लाइफ’ को स्क्रीनशॉट मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ग्रुप द्वारा ऑल इंडिया रिलीज किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि यश मेहता ने मारवाह एक्टिंग स्कूल नोएडा से तीन वर्ष का एक्टिंग कोर्स किया है साथ ही उन्होंने थिएटर भी किया है।
यश मेहता का कहना है कि अगर एक आम आदमी किसी सेलेब्रिटी जैसी शक्ल लेकर पैदा होता है तो उसके साथ क्या क्या होता है, यह कहानी है इस फ़िल्म की। पिछले 3 वर्ष से हम इस फिल्म की मेकिंग में लगे हुए थे, शुरुआत छोटे लेवल पर हुई थी, लेकिन यह बड़ी पिक्चर बन गई है। मथुरा, नोएडा, गाज़ियाबाद, लख़नऊ, मुम्बई, ऋषिकेश, दिल्ली सहित कई रमणीय लोकेशन पर इस फिल्म की शूटिंग हुई है। सेट पर मुझे यश नहीं मेरे किरदार अर्जुन के नाम से बुलाया जाता था।
साउथ इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री स्टेफी पटेल इसमे यश मेहता की हीरोइन बनी हैं। स्टेफी के साथ उनका वर्किंग एक्सपीरियंस बहुत ही अच्छा रहा। 40 दिनों की शूटिंग में सभी साथी कलाकारों के साथ बेहतर बॉन्डिंग बन गई थी।
फ़िल्म में चार अलग अलग जॉनर के खूबसूरत गाने हैं और यश मेहता का फेवरेट सांग यारियां है।
यश मेहता अपने सीन को रियलिस्टिक बनाने पर जोर देते हैं। वह बताते हैं कि मूवी के एक सीन में दिखाया गया है कि डायरेक्टर अमित मिश्रा को एक्सप्लॉइट करता है, मैं जब अमित से उस डायरेक्टर की सच्चाई उसे बताने की कोशिश करता हूँ तो वह भड़क जाता है और गुस्से में मुझे एक थप्पड़ मारता है। मैं यह सीक्वेंस रियल चाहता था इसलिए मैंने अमित से कहा था कि वह मुझे जोरदार थप्पड़ मारे ताकि यह थप्पड़ नकली न लगे। जब अमित ने मुझे जोर से मारा तो मेरे कान के पर्दे फट गए थे, इलाज के बाद यह ठीक हुआ।
अपने भविष्य की योजनाओं के बारे में यश मेहता ने बताया कि फिलहाल तो हम सब मैच ऑफ लाइफ की रिलीज को लेकर बेहद उत्साहित हैं। फ़िल्म के अंत मे हमने इसके पार्ट 2 की संभावना भी रखी है। साथ ही मैं कई अपकमिंग म्युज़िक वीडियो में भी दिखाई देने वाला हूँ।
यश मेहता अक्षय कुमार को अपना फेवरेट स्टार मानते हैं क्योंकि वह अपने सारे एक्शन खुद करते हैं। यश मेहता एक ऐसी रोमांटिक एक्शन फिल्म करना चाहते हैं जिसमें जबरदस्त फाइट सीक्वेंस हो।
फिल्म के प्रोड्यूसर विशाल मेहता गाजियाबाद से हैं और मैच ऑफ लाइफ बतौर निर्माता उनकी पहली फिल्म है। उन्होंने बताया कि विराट कोहली के हमशक्ल को देखकर उनके दिमाग में इस फिल्म की कहानी का आयडिया आया। फिल्म में लीड रोल यश मेहता ने निभाया है जिन्होंने अपने लुक और परफॉर्मेंस पर काफी जबर्दस्त मेहनत की है। मथुरा में हमने फ़िल्म की 10 दिनों की शूटिंग कर ली थी। फिल्म को और बेहतर बनाने के लिए एक और निर्माता कपिल पूरी को जोड़ा। जब बजट बढ़ा तो कास्ट भी बढ़ गई। यह एक पारिवारिक सिनेमा है जिसमें रोमांस, कॉमेडी, एक्शन और म्यूजिक का बेहतरीन तालमेल है। डायरेक्टर अमन सागर ने बड़ी मेहनत से इस फिल्म को बनाया है।
विशाल मेहता ने आगे बताया कि यश पर्दे पर काफी अच्छे लग रहे हैं। एक्शन सीक्वेंस में उन्होंने कमाल किया है। वह बाकायदा अभिनय का प्रशिक्षण लेकर इंडस्ट्री में आए हैं।
फ़िल्म में एक पार्टी सांग, एक इमोशनल सांग, एक सांग ऋषिकेश में शूट हुआ है और एक टाइटल सांग है जिसे शबाब साबरी ने गाया है।
विशाल मेहता कहते हैं कि अमित का किरदार ऐसा है कि वह सपने में कहीं भी पहुंच जाता है। गली के बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने लगता है। अमित का कैरक्टर लूज़र का है जबकि यश मेहता उसे हर जगह बचाता है। विराट अपनी फील्ड का विराट है, किसी की शक्ल लेने से कोई विराट नहीं बन जाएगा। हमने यही दर्शाने की कोशिश की है। टाइटल को लेकर काफी सोचा, तब मैच ऑफ लाइफ का आईडिया आया और भाग्यशाली हूँ कि यह टाइटल मिल भी गया।
याशिका मोशन पिक्चर्स के तले हम मैच ऑफ लाइफ 2 भी बनाएंगे।
फ़िल्म में एक प्रोड्यूसर का किरदार भी दिखाया गया है जिसे विशाल मेहता ने निभाया है।
विशाल मेहता ने बताया कि फ़िल्म की कास्टिंग से लेकर रिलीज तक इसरार अहमद का भी काफी योगदान है।
हमने कम बजट में काफी बेहतरीन सिनेमा बनाया है जिसकी कहानी दर्शकों का दिल जीत लेगी। थिएटर रिलीज़ के बाद हम इसे एक अच्छे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी रिलीज करेंगे।
इस फिल्म में यश मेहता हीरो हैं उनके अलावा अमित मिश्रा, राजपाल यादव, स्टेफी पटेल, गजाला परवीन,
सुप्रिया कार्णिक, सुधा चंद्रन, अनिल धवन, ज़ाकिर हुसैन, अखिलेंद्र मिश्रा, हेमंत पाण्डेय, वृजेश हिर्जे, अरुण बाली और पंकज बेरी ने भी अभिनय किया है।
मोस्ट टैलेंटेड एक्टर यश मेहता का मानना है कि वास्तव में जीवन भी एक मैच है, उसी बात को इस फ़िल्म मैच ऑफ लाइफ में दर्शाने की कोशिश की गई है। हम सबको उम्मीद है कि ऑडिएंस इस फिल्म को और मेरे किरदार को पसन्द करेगी। फ़िल्म की कहानी, पटकथा और संवाद लेखक खुद प्रोड्यूसर विशाल मेहता हैं। फिल्म के संगीतकार श्वेता बहेती तायल और रवि चोपड़ा हैं।

मामाअर्थ का एक्सक्लूसिव ब्रांड आउलेट फोनिक्स मॉल कुर्ला, मुंबई में लांच 

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मुंबई। हाउस ऑफ होनासा के तेजी से बढ़ते हुए एफएमसीजी ब्रांड, मामाअर्थ ने अपने एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट (ईबीओ) मुंबई के फोनिक्स मार्केट सिटी, कुर्ला और इनफिनिटी मॉल मॉलाड में खोले हैं। इस टॉक्सिन फ्री पर्सनल केयर ब्रांड के तहत बेबी केयर से लेकर ब्यूटी और पर्सनल केयर के उत्पादों की फुटकर (रिटेल) बिक्री की जाएगी। मामाअर्थ के एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट का शुभारंभ वरुण अलघ (सीईओ, होनासा कंज्युमर प्राइवेट लिमिटेड) और ग़ज़ल अलघ (सीआईओ और सह-संस्थापक, मामाअर्थ) की उपस्थिति में फीनिक्स मार्केट सिटी, कुर्ला में हुआ।
मामाअर्थ ने बेबीकेयर ब्रांड की टाक्सिक फ्री ब्रांड से शुरूआत की थी, लेकिन ग्राहकों की मांग के चलते इसने वयस्कों के लिए भी टाक्सिन फ्री पर्सनल केयर उत्पादों के क्षेत्र में भी अपने कदम फैला दिए। ग्राहकों पर बारीक नज़र रखते हुए और उत्पादों की ऑफलाइन उपलब्धता की बढ़ती मांग के मद्देनजर इस ब्रांड ने ऑफलाइन तरीके से उत्पाद बेचने का निश्चय किया। यह जानते हुए कि एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स ब्रांड को मजबूती और विस्तार देने के लिए जरूरी हैं मामाअर्थ ने अपने एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स शुरू किए हैं। ईबीओ के माध्यम से ग्राहक ब्रांड को लेकर आकर्षित करते हैं और उन्हें ब्रांड का एक नया अनुभव मिलता है।
ब्रांड के स्टोर अभी मुंबई की दो महत्वपूर्ण जगहों- इनफिनिटी मॉल मालॉड और फोनिक्स मार्केट सिटी कुर्ला में खोले गए हैं। 380 वर्ग फीट और 197 फीट की एरिया वाले इन स्टोरों में 140 से ज्यादा मामाअर्थ के एस्केयू मिलेंगे जिनमें स्किनकेयर, हेयरकेयर, पर्सनल केयर और नए रेंज के कलर केयर शामिल हैं।
एक्सक्लूसिव ब्रांड आउलेट की लांचिंग के अवसर पर होनासा कंज्युमर प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ वरूण अलघ ने कहा, “होनासा कंज्यूमर का कारोबार, ब्रांड का निर्माण करना है और ब्रांड का निर्माण ग्राहकों के दिमाग में होता है। ग्राहकों के साथ संवाद करने के जो माध्यम हैं वह बदलते और विकसित होते रहेंगे। चूंकि हम एक डिजिटल कंपनी भी हैं लिहाजा, डिजिटल प्लेटफार्म और तकनीकि हमारे साथ अच्छे से जुड़े हुए हैं। लेकिन हमारा मुख्य उद्देश्य ग्राहकों से जुड़े रहना है, और हमारी प्राथमिकता है कि ग्राहकों की यात्रा में साथ-साथ चलें। अगर ग्राहक आपसे ऑफलाइन खरीदी करना चाहते हैं तो आपको वहां उपस्थित रहना होगा। इसी जरूरत को समझते हुए हमने ऑफलाइन जाने का निर्णय लिया और उसके लिए एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स खोले हैं। हम उम्मीद करते हैं कि ग्राहक हमें ऑफलाइन भी उसी तरह का प्रतिसाद देंगे जैसा कि उन्होंने डिजिटल रूप में दिया है।
मामाअर्थ एक उद्देश्य से चलने वाला ब्रांड है जिसका इस बात में मजबूती से विश्वास है कि अच्छाई भीतर की चीज़ होती है, इसी के मद्देनजर वह अच्छाई को अपने उत्पादों और कार्यों से आगे बढ़ाना चाहती है। मामाअर्थ का मानना है कि अच्छाई हमारे उन छोटे-छोटे चुनावों से शुरू होती है जिन्हें हम रोजाना करते हैं। ब्रांड का विचार इस मामले में शुरू से ही बहुत स्पष्ट रहा है कि वह हमेशा ही प्रकृति के श्रेष्ठ चीजों का इस्तेमाल करेगी और किसी तरह के टॉक्सिन या खतरनाक रसायनों का प्रयोग अपने उत्पादों में नहीं करेगी। ये सारे उत्पाद बिना जानवरों की हत्या किए, प्लॉस्टिक फ्री हैं और कंपनी ने पिछले साल ही पौधों को संवारने का संकल्प किया है। इस संकल्प के तहत ही ब्रांड को जो भी आर्डर उसके वेबसाइट पर मिलते हैं उस प्रत्येक आर्डर पर एक पौधा लगाया जाता है। कंपनी ने साल 2025 तक 15 लाख से ज्यादा पौधे लगाने का इरादा कर रखा है।

गौ तस्करों से एनकाउंटर- हरियाणा में पुलिस की भूमिका में गौरक्षक

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गायों की तस्करी के संबंध में अक्सर आप को खबरें पढ़ने और सुनने को मिलती हैं। लेकिन यहां पर हम एक ऐसी तस्वीर दिखाएंगे जिसे देखने के बाद आप चौंक जाएंगे। आप तस्वीर में देख सकते हैं ट्रक में गायों को भरकर उन्हें ले जाया रहा है। लेकिन मुस्तैद गौरक्षकों की वजह से गायों को बचा लिया गया। मामला दिल्ली से सटे गुरुग्राम का है। हरियाणा के मेवात इलाके में पशुओं की तस्करी की खबरें आती रहती हैं। लेकिन इन तस्वीरों को देखने के बाद साफ है कि गौरक्षक पुलिस की भूमिका में आकर बेजुबानों की जान बचा रहे हैं।

  • केएमपी एक्सप्रेव पर मुठभेड़
  • चार गौतस्कर गिरफ्तार
  • अवैध हथियार भी बरामद
  • 26 गायों को बचाया गया
  • दिल्ली से गायों को तस्कर ले आ रहे थे

कई किलोमीटर तक गौतस्करों का पीछा
ट्रक का गौरक्षकों ने कई किलोमीटर तक पीछा किया। गौतस्करों को जब जानकारी मिली तो वो केएमपी एक्सप्रेस वे पर पहुंचे और पीछा करना शुरू कर दिया। गौरक्षकों की बार बार चेतावनी के बाद भी गौतस्कर भागते रहे। करीब 26 किमी दूरी तय करने के बाद ट्रकि डिवाइडर से टकरा गई और तस्कर कूदकर भागने लगे। गौतस्करों से पूछताछ में पता चला कि वो दिल्ली से गाय लेकर आ रहे थे।

 

गौ-तस्करी के खिलाफ कानून को कड़ाई से लागू करने की मांग

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लोहरदगा : बजरंग दल सह संयोजक सचिन कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डीसी डा. वाघमारे प्रसाद कृष्ण से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। जिसमें विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री लाल ओंकार नाथ शाहदेव, नगर अध्यक्ष चंदन गोयल, अखाड़ा प्रमुख रोहित साहू, नगर सह संयोजक राज साहू, सदस्य सत्यम कुमार शामिल थे। झारखंड गोवंश पशु हत्या निषेध अधिनियम 2005 को सख्ती से लागू करने को लेकर मांग की गई।

ज्ञापन में कहा गया कि झारखंड की राजधानी रांची के तुपुदाना ओपी क्षेत्र में जांबाज महिला पुलिस अधिकारी संध्या टोपनो अपने कर्तव्य को पालन करते हुए गौ माता की रक्षार्थ वीरगति को प्राप्त हो गई। एक महिला पुलिस अधिकारी को गौ-तस्करों के हाथों हत्या राज्य के कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। वहीं घटना ने साबित कर दिया गया कि प्रदेश में गौ तस्करों के हौसले कितने बुलंद हैं। तस्करों द्वारा सिर्फ हिंदू आस्था पर चोट नहीं पहुंचाई जा रही , बल्कि अपितु गौ तस्करी से देश की आंतरिक सुरक्षा को भी गंभीर खतरा है। ज्ञापन में मांग करते हुए कहा गया कि गौ माता की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त करने वाली वीरांगना संध्या टोपनो को शहीद का दर्जा दिया जाए।

गौ तस्करी के नेटवर्क में शामिल सभी गौ तस्करों को अविलंब गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। सिमडेगा-गुमला-रांची, पलामू-लोहरदगा-रांची, चतरा-हजारीबाग-धनबाद, जीटी रोड, पाकुड़ सहित झारखंड के कई मार्गो से गौ तस्करी का धंधा चलता है। इन मार्गों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था किया जाए, जिससे गौ तस्करी पर रोग लगाई जा सके। झारखंड प्रदेश में झारखंड गौवंशीय पशु हत्या निषेध अधिनियम 2005 को सख्ती से लागू किया जाए।

Cow Urine: गौ-मूत्र खरीदी करने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़, सीएम भूपेश बघेल बने पहले विक्रेता

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Cow Urine: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में धूम-धाम से आयोजित हरेली पर्व के अवसर पर राज्य में गौ-मूत्र की खरीदी की ऐतिहासिक की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर चंदखुरी की निधि स्व-सहायता समूह को 5 लीटर गौ-मूत्र 20 रुपए में बेचकर राज्य के पहले विक्रेता बने। निधि स्व-सहायता समूह ने गौ-मूत्र विक्रय की ये राशि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आग्रह पर मुख्यमंत्री सहायता कोष के खाते में जमा की।

गौ-मूत्र खरीदी करने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जो पशुपालक ग्रामीणों से दो रुपए किलो में गोबर खरीदी के बाद अब 4 रुपए लीटर में गौ-मूत्र की खरीदी कर रहा है। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में धूम-धाम से आयोजित हरेली पर्व के मौके पर मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों की पूजा की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने गौ-माता को चारा खिलाया और उसकी पूजा की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य के जैविक खाद उत्पादक 7442 महिला स्व-सहायता समूहों को 17 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन (बोनस) राशि का भी वितरण किया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि गोधन न्याय योजना के बहुआयामी परिणामों को देखते हुए देश के अनेक राज्य इसको अपनाने लगे हैं। इस योजना के तहत अमीर हो या गरीब सभी दो रुपए किलो में गौठानों में गोबर बेच रहे हैं। बीते दो सालो में गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर विक्रेताओं, गौठान समितियों और महिला समूहों के खाते में 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित हुई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी समृद्ध हो, किसान खुशहाल हो ये हमारी कोशिश है। जैविक खाद और जैविक कीटनाशक का खेती में उपयोग करने से खेती की लागत में कमी आएगी। खाद्यान्न की गुणवत्ता बेहतर होगी, जिससे जन-जीवन का स्वास्थ्य बेहतर होगा।


छत्तीसगढ़ सरकार 28 जुलाई से खरीदेगी गोमूत्र, बनाएगी कीटनाशक, तैयारियां पूरी

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार देश की अकेली ऐसी राज्य सरकार है, जो अपने राज्य के पशुपालक ग्रामीणों से बीते दो सालों से गोबर खरीद रही है। हरेली पर्व से छत्तीसगढ़ में गौ-मूत्र की सरकारी खरीदी की विधिवत शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ये पहल वास्तव में राज्य में पशुपालन के संरक्षण और संवर्धन के साथ-साथ पशुपालक की आय और जैविक खेती को बढ़ावा देना है। राज्य में बीते दो सालों से गोबर की खरीदी और इससे जैविक खाद के निर्माण से राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा मिला है। गौ-मूत्र खरीदी का मकसद गौठानों में इससे जैविक कीटनाशक, जीवामृत, ग्रोथ प्रमोटर का निर्माण करना है, ताकि राज्य के किसानों को कम कीमत पर जैविक कीटनाशक सहजता से उपलब्ध कराया जा सके।

गौठानों में जैविक खाद के साथ-साथ अब जैविक कीटनाशक का होगा उत्पादन

गोधन न्याय योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ में आज से 2 साल पहले 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व के दिन से हुई थी। इसके तहत गौठनों में पशुपालक ग्रामीणों से 2 रुपए किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। देश-दुनिया में गोबर की खरीदी की गोधन न्याय योजना की बेजोड़ सफलता ही गौ-मूत्र की खरीदी का आधार बनी है। गोबर खरीदी के जरिए बड़े पैमाने पर जैविक खाद का निर्माण और उसके उपयोग के उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए अब गोमूत्र की खरीदी कर इससे कीट नियंत्रक उत्पाद, जीवामृत, ग्रोथ प्रमोटर बनाए जाएंगे। इसके पीछे मकसद ये भी है कि खाद्यान्न उत्पादन की विषाक्तता को कम करने के साथ ही खेती की लागत को भी कम किया जा सके।

गोबर के बाद अब यहां गोमूत्र खरीदेगी सरकार, जानिए क्या मिलेगा बदले में दाम

खेती में अंधाधुंध रासायनिक खादों एवं रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग से खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता खत्म हो रही है। भूमि की उर्वरा शक्ति घट रही है। खाद्य पदार्थों में विषाक्तता की मात्रा बढ़ रही है, जिसके कारण जन जीवन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अब गौठानों में गोमूत्र की खरीदी कर महिला समूहों के माध्यम से इससे जैविक कीटनाशक तैयार किए जाएंगे, जिसे किसानों को रियायती दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। इन जैविक कीटनाशकों की कीमत बाजार में मिलने वाले महंगे रासायनिक कीटनाशक पेस्टिसाइड की कीमत से काफी कम होगी।

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि गोमूत्र कीटनाशक, रासायनिक कीटनाशक का बेहतर और सस्ता विकल्प है। इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता, रासायनिक कीटनाशक से कई गुना अधिक होती है। खेतों में इसके छिड़काव से सभी प्रकार के कीटों के नियंत्रण में मदद मिलती है। पत्ती खाने वाले ,फल छेदन एवं तना छेदक कीटों के प्रति गोमूत्र कीटनाशक का उपयोग ज्यादा प्रभावकारी है। इसका उपयोग कृषि- पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर सुराजी गांव योजना के गरवा घटक के तहत राज्य के 8408 गांव में गौठान निर्मित एवं संचालित है, जहां पशुओं के देखरेख चारा-पानी का निःशुल्क प्रबंध है। इन गौठनों में गोधन न्याय योजना के तहत बीते 2 सालों से गोबर की खरीदी की जा रही है, जिससे महिला समूह जैविक खाद एवं अन्य उत्पाद तैयार कर रही हैं। राज्य में बीते 2 सालों में 76 लाख क्विंटल से अधिक की गोबर खरीदी की गई है, जिसके एवज में गोबर विक्रेता ग्रामीण पशुपालकों को 153 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान किया गया है।

महिला समूहों ने क्रय गोबर से अब तक 22 लाख क्विंटल से अधिक वर्मी कंपोस्ट, सुपर कंपोस्ट, सुपर कंपोस्ट प्लस का उत्पादन कर राज्य के किसानों को खेती में उपयोग के लिए उपलब्ध कराया है। गौठानों में गोबर से जैविक खाद के निर्माण के साथ-साथ महिलाएं अन्य मूलक गतिविधियां भी संचालित कर रही हैं, जिनसे उन्हें बीते 2 सालों में 74 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय हुई है। गौठानों में महिला समूह द्वारा जैविक खाद के साथ-साथ अब जैविक कीटनाशक तैयार किए जाने से राज्य में जैविक खेती को और बढ़ावा मिलेगा। इससे पशुपालक ग्रामीणों को अतिरिक्त आय और महिला समूहों को रोजगार और आय का जरिया भी मिलेगा।

67वें फिल्मफेयर अवार्ड्स समारोह को होस्ट करेंगे अभिनेता रणवीर सिंह

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 कलर्स टीवी के सहयोग से 9 सितंबर, 2022 को आयोजित 67वें फिल्मफेयर अवार्ड्स समारोह को रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर होस्ट करने वाले हैं। इस शो में कई फिल्म स्टार्स की परफॉर्मेंस भी होगी। इस बात की जानकारी मुंबई के ताज लैंड्स एंड होटल में 67वें फिल्मफेयर अवार्ड्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिनेता रणवीर सिंह के साथ बॉलीवुड के कई शख्सियत मौजूद थे।
इस इवेंट के दौरान, डायरेक्टर और हेड ऑफ पार्टनरशिप – मेटा, मनीष चोपड़ा का परिचय वर्ल्ड वाइड मीडिया के सीईओ दीपक लांबा ने किया। दीपक लांबा ने पिछले साल की तुलना में इस  इवेंट की पहुंच को 440 मिलियन तक बढ़ने में मदद करने के लिए रीलों के प्रभाव के बारे में बात की।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

भोजपुरी फिल्म ‘पॉकेटमनी : एचीव द गोल’ का फर्स्ट लुक जारी

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सूर्य संस्कृति एवं भारद्वाज फिल्म्स के बैनर तले निर्मित भोजपुरी फिल्म ‘पॉकेटमनी : एचीव द गोल’ का फर्स्ट लुक पिछले दिनों मोतीलाल नगर, गोरेगांव (प०),मुंबई स्थित बॉलीवुड उमंग स्टूडियो में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जारी कर दिया गया। मेगा टेलीविजन सीरियल ‘महाभारत’ फेम अर्जुन (फीरोज़ खान) और गूफी पेंटल (शकुनि मामा) इस फिल्म में एक लम्बे अंतराल के पश्चात् साथ साथ दिखेंगे। दोनों ने पहली बार किसी भोजपुरी फिल्म में काम किया है।
महानायक अमिताभ बच्चन स्टारर भोजपुरी फिल्म ‘गंगा’ फेम अशोक घायल इस फिल्म के डायरेक्टर हैं। कॉलेज में हफ्ता वसूली एवं रैगिंग पर आधारित इस फिल्म के प्रोड्यूसर्स हैं – प्रदीप भारद्वाज और सी. शेखर। पोस्टर लॉन्चिंग कार्यक्रम में अर्जुन, गूफी पेंटल, अशोक घायल, सी. शेखर के साथ इस फिल्म में इंट्रोड्यूस हो रही एक्ट्रेस टि्वंकल झा के साथ फिल्म के अन्य कलाकार पंकज मेहता, शिवम मनोहरन, शिवा सिंह राजपूत और राजमोहन भी उपस्थित थे। इस फिल्म के गीतकार व संगीतकार अशोक घायल हैं। फिल्म में 6 कर्णप्रिय गीत शामिल हैं।
एक गीत अर्जुन(फिरोज खान) की आवाज़ में भी रिकॉर्ड किया गया है। अन्य गीतों को सुदेश भोंसले, कल्पना, सुमित मिश्र और सायरा खान  ने स्वर दिया है। आशीष सिंह बंटी, पंकज मेहता, शिवम मनोहरन, पंकज मेहता, टि्वंकल झा, राशि, अनिमेष पांडेय, सुमंत मिश्रा, सत्या शुक्ला, सुनैना, गणेश यादव, राज मोहन और शिवा सिंह राजपूत के अभिनय से सजी इस फिल्म के सहनिर्माता उत्तम पांडेय व प्रभु नारायण सिंह एवं प्रचारक समरजीत हैं।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय