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नागौर का गौ चिकित्सालय जहां घायल और बीमार गौ धन की होती है सेवा

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(रामजी लाल सोनी-विनायक फीचर्स)

नागौर-जोधपुर मार्ग पर नागौर शहर से मात्र छः किलोमीटर दूर बीमार और घायल गौ धन की सेवा के लिए एक ऐसा विश्वस्तरीय चिकित्सालय स्थापित है जिसमें प्रतिदिन चिकित्सक और परिचारक तन मन से चिकित्सा सेवा कर गायों को नया जीवन देते हैं। यह चिकित्सालय मानव चिकित्सालय से भी अनोखा और अद्भुत है जिसे विश्वस्तरीय चिकित्सालय माना जाता है। इस चिकित्सालय में गौ सेवा की अद्भुत सेवा भावना को देखने के लिए रोजाना सैकड़ों दर्शनार्थी आते हैं।
यह चिकित्सालय लगभग 18 एकड़ में फैला हुआ है जिसमें कई शेड लगे हैं,जहां उपचार के उपरांत गायों को रखा जाता है,बछड़े बछड़ियों के अलग अलग शेड है। गायों को पौष्टिक भोजन और लपसी बनाकर खिलाने के लिए यहां कई भट्ठियां बनी हुई हैं।

विश्वस्तरीय इस चिकित्सालय की स्थापना महामंडलेश्वर श्री कुशाल गिरी जी ने की है। वे स्वयं गौ सेवा के साधक हैं जिन्होंने अपना जीवन गायों की सेवा में समर्पित किया और इस चिकित्सालय की स्थापना की ।

गायों को नया जीवन देने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए समर्पित इस चिकित्सालय में 15 एंबुलेंस,घायल पशुओं को लाने के लिए निःशुल्क सेवा दे रही है। एक फोन पर ही परिचारक दौड़ पड़ते हैं घायल को लाने के लिए और यहां आने के बाद जुट जाते हैं चिकित्सक। वे न तो समय देखते हैं और ना ही कोई परेशानी सामने रखते हैं बस गायों का जीवन बचाने और कष्ट दूर करने पर ध्यान देते हैं ।

इस गौ चिकित्सालय में जटिल से जटिल ऑपरेशन भी किए जाते हैं और कोई शुल्क नहीं लिया जाता। बस गाय का जीवन बच जाय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है l गाय के पूर्ण स्वस्थ होने के उपरांत गौ वंश उसके मालिक को समर्पित कर दिया जाता है। यदि कोई पशु बिना किसी मालिक का है तो उसे यहीं रख कर सेवा की जाती है। यहां किसी प्रकार के दूध-दही,छाछ या घी की बिक्री नहीं होती है। चारा भी यहां पर बाजार भाव से सस्ता उपलब्ध है जो श्रद्धालु गायों को खिलाते है l

इस स्थान पर आने वाले भक्तों को भी पूरी सुविधा और सेवा मिलती है। जिनमें हर समय इलायची युक्त स्वादिष्ट चाय,ठंडा मीठा पीने के लिए पानी । कोई यदि यहां से पानी भर कर ले जाना चाहे तो वह भी निःशुल्क ले जा सकता है,पूरे दिन ठंडी छाछ भी निःशुल्क पीने को मिलती है l रात्रि विश्राम के लिए यहां कमरे भी संपूर्ण सुविधा के साथ उपलब्ध हैं। जिनका किराया वैसे तो 150 रुपए है पर इस राशि में भोजन,नाश्ता,दो चाय,छाछ और साबुन दिया जाता हैं। जिसका मूल्य यदि लगाए तो मात्र एक रुपए किराया लिया जाता है l दान दाता परिवारों के लिए यहां सर्वसुविधायुक्त कमरा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। इस चिकित्सालय में आने वाले संतो व साध्वियों के लिए भी यहां कमरे निःशुल्क उपलब्ध है l यहां श्रद्धालुओं को नाश्ते में गर्म पोहा और खाने में आठ आइटम दिए जाते हैं। रामदेव मेले के दौरान आने वाले हजारों यात्रियों को पूरी सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है l

इस विश्वस्तरीय गौ चिकित्सालय की सेवा भावना को देखने के लिए राजस्थान के अलावा दूर दूर से अन्य प्रदेशों के लोग आते हैं और यहां की सेवा व्यवस्था को देख गदगद हुए बिना नहीं रहते हैं l इस स्थान की महिमा पूरे देश ही नहीं अपितु विश्व भर में फैली हुई है। जोधपुर नागौर आने वाला हर विदेशी पर्यटक इस स्थान को देखने आता है और व्यवस्था को देख कर प्रशंसा भी करता है। यह स्थान वास्तव में पर्यटन केंद्र बनाने लायक है,प्रदेश की सरकार को इस स्थान को पर्यटक केंद्र बनाए जाने की पहल करनी चाहिए,जिससे इस स्थान के महत्व को और ज्यादा समझा जा सके । (विनायक फीचर्स)

लेखक-रामजीलाल सोनी

गाय के गोबर से घर बैठै कमाती हैं लाखों रुपये

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Business Success Story: आजकल लोग कई तरीकों से बिजनेस कर रहे हैं. उत्तराखंड की महिलाओं ने तो अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए गाय को गोबर से मूर्ति बना डाली है. केदारनाथ और कामधेनु गाय की ऐसी मूर्ति जो आपको कहीं और देखने को नहीं मिलेगी. इससे वह सालाना लाखों की कमाई कर रही हैं. तो चलिए जानते हैं उनके इस अनोखे आर्ट के बारे में.

दरअसल दिल्ली के राष्ट्रपति भवन के अंदर अमृत उत्सव फेस्टिवल चल रहा है, जहां भारत के अलग-अलग राज्यों से लोग आकर अपने हाथ की बनी हुई चीजें बेच रहे हैं.  उत्तराखंड के स्टॉल पर लोगों की काफी भीड़ थी, जहां गोबर से बने हुए सामान मिल रहे हैं.

गाय के गोबर से बिजनेस
इस स्टॉल की संचालक तृप्ति ने लोकल 18 की टीम से बात करते हुए बताया कि वह दीन दयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित डे-एन. यू.एल.एम.स्वदेश कुटुंब के के समूह के अंदर काम करती हैं. उनके साथ 11 महिलाएं और शामिल हैं.

मैक्सिविजन ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स ने ओजस ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स के साथ साझेदारी कर महाराष्ट्र में दस्तक दी

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मुंबई (अनिल बेदाग): मैक्सिविजन ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स ने मुंबई में विश्व प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित नेत्र देखभाल प्रदाता ओजस ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स के साथ एक रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से  महाराष्ट्र में अपने प्रवेश की घोषणा की।

साझेदारी को औपचारिक रूप से डॉ. जीएसके वेलु, प्रमोटर और चेयरमैन, मैक्सीविजन सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल्स और डॉ. नितिन देधिया, प्रमोटर और चेयरमैन, ओजस ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स द्वारा ओजस ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स के प्रमोटर और निदेशक डॉ. रोहन देधिया, ओजस ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स के सीईओ सीए प्रणव देधिया और मैक्सीविजन सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल्स के ग्रुप सीईओ श्री वीएस सुधीर की उपस्थिति में लॉन्च किया गया। साथ में, नवगठित संयुक्त उद्यम ओजस मैक्सिविज़न आई हॉस्पिटल्स का लक्ष्य पूरे महाराष्ट्र में परिचालन का विस्तार करने के लिए 500 करोड़ रुपये का निवेश करना है।

डॉ. नितिन देधिया के दूरदर्शी नेतृत्व में, ओजस ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल वर्तमान में मुंबई-बांद्रा (पश्चिम) और कांदिवली (पूर्व) में तीन प्रमुख केंद्र संचालित करता है, जो विशेषज्ञ नेत्र सर्जन और प्रशिक्षित कर्मचारियों की एक टीम के माध्यम से मरीजों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ असाधारण नेत्र देखभाल प्रदान करता है।पिछले 40 वर्षों में 500,000 से अधिक नेत्र रुग्णों का सफलतापूर्वक इलाज करने के बाद,डॉ. देधिया और उनकी टीम व्यक्तिगत रूग्ण देखभाल पर ध्यान देने के साथ नेत्र देखभाल में अत्याधुनिक तकनीक में सबसे आगे रहे हैं। उन्होंने कॉर्निया, ग्लूकोमा, रेटिना, मोतियाबिंद और अपवर्तक नेत्र सर्जरी में उन्नत नेत्र उपचार का बीड़ा उठाया है। ओजस पश्चिमी भारत का पहला नेत्र अस्पताल है, जिसने दृष्टि सुधार के लिए फ्लैपलेस एलिटा सिल्क प्रक्रिया, 3डी इमेजिंग और रोबोटिक मोतियाबिंद प्रक्रिया, अत्यधिक उच्च नेत्र शक्तियों के सुधार के लिए फैकिक लेंस उपचार और सूखी आंखों के उन्नत उपचार जैसे उन्नत नेत्र उपचार शुरू किए हैं|अस्पताल मरीजों को सर्वोत्तम दृश्य परिणाम देने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करने के लिए समर्पित है।मैक्सिविजन सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल आज भारत में अग्रणी नेत्र देखभाल सुविधाओं में से एक है| 1996 में डॉ. कासु प्रसाद रेड्डी द्वारा स्थापित और बाद में 2011 में डॉ. जीएसके वेलु द्वारा अधिग्रहण किया गया, यह भारत की अग्रणी और तेजी से बढ़ती नेत्र देखभाल श्रृंखलाओं में से एक है। मैक्सिविजन ने शीर्ष स्तरीय और किफायती नेत्र देखभाल सेवाएं प्रदान करने के लिए अपने अटूट समर्पण को लगातार बरकरार रखा है| 1996 में अपनी स्थापना के बाद से, इसने गर्व से 6 मिलियन से अधिक नेत्र मरीजोंकी सेवा की है। वर्तमान में, निरंतर विकास के साथ, नेटवर्क का विस्तार 50 से अधिक केंद्रों तक हो गया है, जिसमें दक्षिण और पश्चिम भारत के छह राज्य शामिल हैं। मैक्सिविज़न का अस्पतालों का नेटवर्क तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, गुजरात में है और अब महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रहा है। कंपनी ने जैविक विस्तार और अकार्बनिक  विकास को बढ़ावा देने और भारत के अग्रणी नेत्र देखभाल प्लेटफार्मों में से एक के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए पिछले साल क्वाड्रिया कैपिटल से 1300 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

मैक्सिविज़न सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल्स के प्रमोटर और चेयरमैन डॉ. जीएसके वेलु ने इस विलय के बारे में अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा,“ओजस आई हॉस्पिटल के साथ हमारी साझेदारी महाराष्ट्र में सर्वोत्तम नेत्र देखभाल उपचार प्रदान करने की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। एक निवेशक और भारत में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा वितरण के प्रवर्तक के रूप में मेरा दृढ़ विश्वास है कि अस्पताल उतने ही अच्छे होते हैं जितने डॉक्टर उनका नेतृत्व करते हैं। हमारा साझेदारी मॉडल विकास को बढ़ावा देने, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में निवेश और मजबूत प्रबंधन विशेषज्ञता और कॉर्पोरेट प्रशासन को शामिल करके उत्कृष्ट नेत्र देखभाल प्रथाओं का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। डॉ. नितिन देधिया और उनकी टीम के साथ यह सहयोग पूरे महाराष्ट्र में अपने पदचिह्न का विस्तार करने के मैक्सीविजन के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें अगले कुछ वर्षों में 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है।

महाराष्ट्र सरकार राज्य के सभी कमिश्नरेट में जल्द से जल्द नए आपराधिक क़ानून लागू करे

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस की उपस्थिति में राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की


देशवासियों को त्वरित व पारदर्शी न्याय प्रणाली देने के लिए मोदी सरकार संकल्पित है

महाराष्ट्र सरकार राज्य के सभी कमिश्नरेट में जल्द से जल्द नए आपराधिक क़ानून लागू करे

महाराष्ट्र नए कानूनों के अनुरूप एक आदर्श ‘डायरेक्टरेट ऑफ प्रॉसिक्यूशन’ की व्यवस्था बनाए

कानून व्यवस्था मजबूत बनाने के लिए अपराधों का दर्ज होना ज़रूरी है, इसलिए FIR दर्ज करने में किसी तरह की देरी न हो

7 साल से अधिक सजा के मामलों में 90% से अधिक दोषसिद्धि हासिल करने के प्रयास हो

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस की उपस्थिति में राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पुलिस, जेल, कोर्ट, अभियोजन और फॉरेन्सिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के महाराष्ट्र में कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, महाराष्ट्र की मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPRD) के महानिदेशक, राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (NCRB) के महानिदेशक और केन्द्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि देशवासियों को त्वरित व पारदर्शी न्याय प्रणाली देने के लिए मोदी सरकार संकल्पित है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था मजबूत बनाने के लिए अपराधों का दर्ज होना ज़रूरी है, इसलिए FIR दर्ज करने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप एक आदर्श डायरेक्टरेट ऑफ प्रॉसिक्यूशन (Directorate of Prosecution) की व्यवस्था बनाए। उन्होंने कहा कि 7 साल से अधिक सजा के मामलों में 90 प्रतिशत से अधिक दोषसिद्धि हासिल करने के प्रयास किए जाएं और पुलिस, सरकारी वकील एवं न्यायपालिका मिलकर दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने का प्रयास करें।

गृह मंत्री ने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि संगठित अपराध, आतंकवाद और मॉब लिंचिंग के मामलों की वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें ताकि इन अपराधों से जुड़ी धाराओं का दुरुपयोग न हो। उन्होंने कहा कि जेलों, सरकारी अस्पतालों, बैंक, फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) इत्यादि परिसरो में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए साक्ष्य दर्ज करने के व्यवस्था होनी चाहिए। श्री शाह ने कहा कि ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए जिसमें अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के जरिए दो राज्यों के बीच FIR को ट्रांसफर किया जा सके। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को CCTNS 2.0 और ICJS 2.0 को अपनाना चाहिए।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पुलिस को पूछताछ के लिए हिरासत में रखे गए लोगों की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक डैशबोर्ड पर प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने पुलिस थानों में इंटरनेट कनेक्टिविटी बढाने पर जोर दिया। श्री शाह ने कहा कि हर पुलिस सब डिवीजन में फॉरेंसिक साइंस मोबाइल वैन्स की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। गृह मंत्री ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भर्ती पर बल देते हुए फॉरेन्सिक विभाग में खाली पदों पर भर्ती शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा।

श्री अमित शाह ने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि वह राज्य की फिंगर प्रिंट पहचान प्रणाली को National Automated Fingerprint Identification System (NAFIS) के साथ एकीकृत करे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को अपराधियों के पास से बरामद की गई संपत्ति को नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों के अनुसार उसके असली हकदार को लौटाने की व्यवस्था करनी चाहिए। गृह मंत्री ने पुलिस थानों को सुंदर बनाने पर भी बल दिया।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राज्य में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की पाक्षिक और मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक साप्ताहिक समीक्षा करें।

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गाय हत्या मामला: SIT ने 500 लोगों से की पूछताछ

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मंडी: सुंदरनगर उपमंडल के तहत पड़ने वाली भौर पंचायत के हलेले गांव में गोशाला में बंधी गाय की हत्या के मामले में धनोटू थाना की टीम ने 500 लोगों से पूछताछ की है. इसके अलावा तीन संदिग्ध लोगों के डीएनए सैंपल भी जांच के लिए आरएफएसएल मंडी जांच के लिए भेजे हैं.

फिलहाल पुलिस को अब डीएनए सैंपल का इंतजार है. आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण ने बताया “मामले की जांच के लिए 7 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है. क्षेत्र में लगे करीब 10 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को पुलिस की टीम खंगाल रही है. घटनास्थल के आस-पास एक्टिवेट मोबाइल और फोन डंप डाटा को भी उठाया गया है. मामले में पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.”बता दें कि बीते 4 फरवरी को गांव हलेल में शिकायतकर्ता राम कृष्ण पुत्र चीमडू राम की गोशाला में बंधी गाय की निर्मम हत्या का मामला सामने आया था. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस थाना धनोटू में भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया था.घटना के दिन फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर साक्ष्य जुटाए हैं और सैंपल जांच के लिए आगे भेजे हैं. इस रिपोर्ट का पुलिस को इंतजार है. गोवंश की हत्या को लेकर जिला में हिंदू संगठन उग्र हो गए हैं और जल्द आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के साथ फांसी की सजा देने की मांग उठा रहे हैं. बता दें कि घटना के 9 दिन बाद भी अभी तक पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ पाई है.

गौ तस्करों से मुठभेड़ में बजरंग दल के कार्यकर्ता को लगी गोली

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Rajasthan News: राजस्थान के धौलपुर जिले के कंचनपुर थाना इलाके में बुधवार रात बजरंग दल कार्यकर्ताओं की गौ तस्करों में मुठभेड़ हो गई. इस दौरान अचानक गौ तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें बजरंग दल का एक कार्यकर्ता घायल हो गया. साथी लोगों ने तुरंत उसे नजदीकी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया और फिर पुलिस की घटना की सूचना दी. जानकारी मिलते ही पुलिस ने नाकाबंदी कर दी और जल्द ही तीनों गौ तस्करों को हिरासत में ले लिया. साथ ही उनके कब्जे से 26 गोवंश को मुक्त करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया.

यूपी में होनी थी तस्करी

बजरंग दल कार्यकर्ताओं को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि बाड़ी इलाके में सनोरा गांव के नजदीक से गौ तस्कर आवारा गोवंश को कंटेनर गाड़ी में भरकर उत्तर प्रदेश तस्करी करने ले जा रहे हैं. इस सूचना के आधार पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं की टीम मौके पर पहुंच गई. बजरंग दल कार्यकर्ताओं को मौके तस्कर तुरंत अपनी कंटेनर गाड़ी और फोर व्हीलर लेकर मौके से फरार हो गए. कार्यकर्ताओं ने उनका पीछा किया, तो तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस को बुलाया.

कार्यकर्ता के पैर में लगी गोली

कंचनपुर थाने के एएसआई फतेह सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके में नाकाबंदी करवा दी. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मिलकर एक्सपोर्ट कर रही एक फोर व्हीलर गाड़ी के साथ गोवंश से भरे हुए कंटेनर ट्रक को पकड़ लिया. एएसआई फतेह सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में बजरंग दल कार्यकर्ता लकी पुत्र लोकेंद्र के पैर में गोली लगी है, जिसे पुलिस ने जिला अस्पताल भर्ती करा दिया है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. मामले में उचित कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा.

भारत की इस गाय ने तोड़ा विश्व रिकॉर्ड, 40 करोड़ रुपये में बिकी

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गाय को 40 करोड़ रुपये की कीमत पर खरीदा गया है। अभी तक किसी भी गाय की सबसे ऊंची कीमत है। इसके बाद इस गाय का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। वियाटिना-19 नेल्लोर नस्ल की गाय है।

भारतीय संस्कृति में गाय को पवित्र माना जाता है। भारत में गाय का माता का दर्जा दिया गया है। गाय के दूध को अमृत बताया गया है। इसके साथ ही गाय के गोबर और मूत्र को भी पवित्र माना गया है। ब्राजील के मिनास गेरैस में इन दिनों जानवरों का मेला लगा है। यहां पर भारतीय नस्ल की एक गाय ने सभी रिकॉर्ड को तोड़ दिए हैं, जिसका नाम वियाटिना-19 है।

गाय को 40 करोड़ रुपये की कीमत पर खरीदा गया है। अभी तक किसी भी गाय की सबसे ऊंची कीमत है। इसके बाद इस गाय का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। वियाटिना-19 नेल्लोर नस्ल की गाय है। भारत के आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इस नस्ल की गाय मिलती है। वियाटिना सफेद रंग की होती है, जो देखने नें बेहद खूबसूरत होती है।  40 करोड़ में बिकने वाली यह गाय की 4 साल 5 महीने की है। इसने हाल ही में ‘मिस साउथ अमेरिका’ का टाइटल भी जीता था। इसके बाद से ही यह गाय चर्चा में बनी हुई है। दुनिया के कई देशों में इसके बछड़े भेजे गए, जिससे उन जगहों पर अच्छी नस्ल की गायें तैयार की जा सकें। इस गाय का वजन करीब 1100 किलो है, जो इस नस्ल की अन्य गायों का दोगुना है।

छावा जैसी फिल्में धड़कते दिल की दहाड़ होती हैं-ए.आर. रहमान

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ए.आर. रहमान ने विक्की कौशल और रश्मिका मंदाना के साथ छावा की म्यूजिकल मास्टरपीस का अनावरण किया
मुंबई (अनिल बेदाग) : एक भव्य और अपनी तरह के अनूठे संगीत समारोह में अकादमी पुरस्कार विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान ने बहुप्रतीक्षित छावा एल्बम का अनावरण करते हुए केंद्र में जगह बनाई, जिसमें संगीतमय तमाशा पेश किया गया, जो शक्ति, भावना और ऐतिहासिक भव्यता से भरा हुआ था। एल्बम लॉन्च में फिल्म के बेहतरीन कलाकारों ने भाग लिया, जिसमें विक्की कौशल और रश्मिका मंदाना, निर्देशक लक्ष्मण उटेकर, निर्माता दिनेश विजन और प्रोजेक्ट के पीछे की रचनात्मक टीम शामिल थी।
शाम एक संगीतमय दावत थी, जहाँ ए.आर. रहमान ने भावपूर्ण धुनों और महाकाव्य व्यवस्थाओं के अपने विशिष्ट मिश्रण को सबसे आगे लाया, जिससे एक ऐसा संगीतमय अनुभव बना जो सभी उपस्थित लोगों के साथ गहराई से जुड़ गया। मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले दिनेश विजन द्वारा निर्मित और लक्ष्मण उटेकर द्वारा निर्देशित, छावा 14 फरवरी 2025 को दुनिया भर में रिलीज होने के लिए तैयार है।
छावा एल्बम लॉन्च किसी संगीतमय धमाके से कम नहीं था, जिसमें ए.आर. रहमान और उनकी टीम ने छावा एल्बम से लुभावने प्रदर्शन किए, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रत्येक प्रदर्शन को एक गतिशील नृत्य मंडली की अतिरिक्त ऊर्जा के साथ जीवंत किया गया, जिसने पल की तीव्रता को बढ़ाया। ताल के तीरों की तरह धड़कनों ने हवा को चीरते हुए माहौल को विद्युत ऊर्जा से भर दिया, जिससे सभी को धुन और मराठा गौरव के माध्यम से एक आकर्षक यात्रा पर ले जाया गया। इसके बाद कलाकारों और ए.आर. रहमान के बीच एक व्यावहारिक बातचीत हुई, जिसने दर्शकों को छावा एल्बम की आत्मा में एक झलक दी।
संगीत के उस्ताद, ए.आर. रहमान ने कहा, “कुछ फिल्में सिर्फ कहानियां नहीं होतीं – वे धड़कते दिल की दहाड़ होती हैं। छावा उनमें से एक है। मुझे लक्ष्मण उटेकर, दिनेश विजान, विक्की कौशल, रश्मिका मंदाना और मेरी अद्भुत संगीत टीम की अविश्वसनीय टीम के साथ स्कोर, बीजीएम और गाने बनाने में बहुत मज़ा आया। सभी प्रशंसकों के लिए, मुझे उम्मीद है कि आप इस संगीत का उतना ही आनंद लेंगे जितना हमें इसे बनाने में आया। और मैं आपके द्वारा हमारे प्रदर्शन का अनुभव करने का इंतज़ार नहीं कर सकता! छावा 14 फरवरी को आपके नज़दीकी सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी”
विक्की कौशल ने कहा, “विक्की कौशल ने कहा, “छावा का हिस्सा बनना वास्तव में सम्मान की बात है, खासकर जब महान ए.आर. रहमान सर संगीत की रचना कर रहे हों। यह फिल्म उनके साथ मेरा पहला सहयोग है, और उन्हें इन खूबसूरत ट्रैक को लाइव परफॉर्म करते देखना एक अविस्मरणीय अनुभव रहा है जिसे मैं अपने जीवन भर संजो कर रखूंगा। अब जब एल्बम लॉन्च हो गया है, तो मैं दर्शकों को इन गानों का अनुभव कराने के लिए बेहद उत्साहित हूँ, जो बहुत शक्तिशाली हैं और मुझे उम्मीद है कि यह आप में से हर एक को पसंद आएगा।
रश्मिका मंदाना ने कहा, “विक्की और मैं, छावा पर अद्वितीय ए.आर. रहमान सर के साथ सहयोग करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहे हैं। इस एल्बम के हर गीत में इतिहास का एक टुकड़ा है – प्रेम, बलिदान और कर्तव्य की कहानियाँ – जो इतनी खूबसूरती से बुनी गई हैं। रहमान सर को फिल्म की भावनात्मक गहराई को संगीत में लाते देखना एक अवास्तविक अनुभव रहा है और वास्तव में मेरे करियर के सबसे परिभाषित क्षणों में से एक है। ऐसी स्मारकीय फिल्म का हिस्सा बनना एक विशेषाधिकार है जिसे मैं हमेशा संजो कर रखूंगा।” इरशाद कामिल ने कहा, “छावा के लिए गीत लिखना एक कलात्मक खोज थी। प्रत्येक गीत को योद्धा की यात्रा के साथ न्याय करना था, बलिदान, वीरता और सम्मान का सार पकड़ना था। मेरा इरादा मराठों की अथक भावना का सम्मान करना था – उनके साहस और अटूट प्रतिबद्धता का जश्न मनाना। इन गीतों को तलवार के वार की तरह ही सटीकता से तैयार किया गया था, जो न केवल एक कहानी बताते हैं बल्कि छत्रपति संभाजी महाराज की अमर बहादुरी को व्यक्त करते हैं। इस एल्बम पर काम करना सिर्फ़ एक काम नहीं था, बल्कि एक कर्तव्य था जिसे पूरा करके मुझे सम्मानित महसूस हुआ।
शानदार ए.आर. रहमान के संगीत के साथ, यह फ़िल्म कहानी कहने की प्रतिभा का उत्सव है। करिश्माई विक्की कौशल ने शेर के बेटे छत्रपति संभाजी महाराज की भूमिका निभाई है, जो महान नेता के बेजोड़ साहस और संकल्प को दर्शाता है। उनके विपरीत, प्रखर अक्षय खन्ना दुर्जेय मुगल सम्राट औरंगजेब की भूमिका निभाते हैं, जो शासकों के बीच एक महाकाव्य संघर्ष के लिए मंच तैयार करते हैं। कहानी में सुंदरता और ताकत जोड़ते हुए बहुमुखी रश्मिका मंदाना हैं, जो लालित्य और लचीलेपन का प्रतीक, स्वराज्य की रानी और छत्रपति की रानी महारानी येसुबाई भोंसले को जीवंत करती हैं। फिल्म का संगीत सोनी म्यूजिक एंटरटेनमेंट इंडिया द्वारा प्रस्तुत किया गया है।

तिरुपति में होगा 17 से 19 फरवरी 2025 में ‘मंदिरों का महाकुंभ’ का आयोजन

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(बाएं से दाएं) अंत्योदय प्रतिष्ठान की संस्थापक और अध्यक्ष श्रीमती नीता लाड, इंटरनेशनल टेंपल कन्वेंशन एंड एक्सपो के अध्यक्ष और महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य प्रसाद लाड तथा टेंपल कनेक्ट के संस्थापक गिरेश कुलकर्णी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ITCX के पहले संस्करण पर प्रकाश डालते हुए एक विशेष कॉफी टेबल बुक दिखाई। इस कार्यक्रम में 17-19 फरवरी, 2025 को तिरुपति में होने वाले इंटरनेशनल टेंपल कन्वेंशन एंड एक्सपो (ITCX) के दूसरे संस्करण की घोषणा की गई।

मुंबई। मंदिर प्रशासन और प्रबंधन को समर्पित दुनिया का सबसे बड़ा सम्मेलन, अंतराष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और प्रदर्शनी (आईटीसीएक्स) १७-१९ फरवरी २०२५ को आशा कन्वेंशन्स, तिरुपति में आयोजित किया जाएगा। अंत्योदय प्रतिष्ठान के सहयोग से टेंपल कनेक्ट द्वारा आयोजित ‘आईटीसीएक्स २०२५’ हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन संस्थाओं को एक साथ लाएगा, ताकि उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाते हुए दुनिया भर में मंदिर पारिस्थितिकी प्रणालियों को जोड़ने, मजबूत करने और आधुनिकीकरण के लिए एक गतिशील मंच प्रदान किया जा सके। इसमें ५८ देशों के लगभग १५८१ धार्मिक संगठन भाग लेंगे तथा प्रदर्शनी में १११ से अधिक वक्ता, १५ कार्यशालाएं और ज्ञान सत्र तथा ६० से अधिक स्टॉल होंगे।

‘मंदिरों का महाकुंभ’ – आईटीसीएक्स’, भारतीय परंपरा के मंदिरों के बारे में जानकारी का दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण करने वाले अग्रणी मंच, टेंपल कनेक्ट के संस्थापक गिरीश कुलकर्णी और अंतर्राष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और प्रदर्शनी के अध्यक्ष तथा महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य प्रसाद लाड की प्रभावी संकल्पना है। श्रद्धालुओं के अनुभव और सुविधा को बढ़ाना इस संस्करण का मुख्य उद्देश्य है, जो कि इसके मुख्य विषय ‘मंदिर अर्थव्यवस्था की संलग्नता, सक्षमीकरण और विस्तार’ के अनुरूप है।

आईटीसीएक्स 2025 मंदिर नेतृत्व, नीति निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों के बीच वैश्विक सहयोग की सुविधा प्रदान करेगा, जो मुख्य रूप से धर्म या धार्मिक पहलुओं से परे जाकर प्रगतिशील मंदिर प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करेगा। एक महत्वपूर्ण ज्ञान-साझाकरण कार्यक्रम के रूप में, इसमें मंदिर प्रबंधन और तीर्थयात्रिओ के अनुभव बेहतरीन बनाने के लिए विविध पहलुओं को शामिल करते हुए मुख्य भाषण, पैनल चर्चा, कार्यशालाएं और मास्टरक्लासेस होंगे।

इसके अंतर्गत फंड प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण से लेकर स्थिरता और सुरक्षा शिष्टाचार, एआई, डिजिटल उपकरणों और फिनटेक प्रौद्योगिकियों के माध्यम से मंदिर प्रबंधन को आधुनिक बनाने जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्य ध्यान लंगर और खाद्य वितरण प्रणाली, कूड़ा प्रबंधन और पुनर्वापर, टिकाऊ ऊर्जा प्रथाओं और कानूनी अनुपालन जैसे विषयों पर होगा। चर्चाओं में आवश्यक सामुदायिक सेवाएं जैसे चिकित्सा सहायता, शैक्षिक कार्यक्रम और धर्मार्थ उपक्रम भी शामिल होंगी, जिसका उद्देश्य अधिक कुशल और सामाजिक रूप से प्रभावी मंदिर व्यवस्था बनाना होगा।

आईटीसीएक्स 2025 को भारत सरकार द्वारा पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और अतुल्य भारत पहल के माध्यम से समर्थन प्राप्त है, जिसमें महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम (एमटीडीसी) एक प्रस्तुतकर्ता भागीदार के रूप में शामिल हुआ है। इस सम्मेलन को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक आदि भारतीय राज्यों के पर्यटन और धर्मस्व बोर्डों के समर्थन से अधिक सशक्त हुआ हैं।

टेंपल कनेक्ट और आईटीसीएक्स के संस्थापक गिरीश कुलकर्णी ने कहा, “आईटीसीएक्स महज एक आयोजन नहीं है, बल्कि एक आंदोलन है जिसका उद्देश्य नवाचार और स्थिरता के माध्यम से मंदिर पारिस्थितिकी तंत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। यह राष्ट्र निर्माण के लिए हमारी प्रतिबद्धता है। भारत भक्ति और आध्यात्मिक पर्यटन के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है, इसलिए मंदिरों के कामकाज को व्यवस्थित, सशक्त और प्रबंधित करने की सख्त जरूरत है ताकि वे भविष्य के लिए तैयार रहें।” उन्होंने कहा, “स्मार्ट प्रबंधन नीतियों को लागू करके हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि वे आध्यात्मिकता, परंपरा और सामुदायिक विकास के ज्वलंत केंद्र बने रहें।”
आयटीसीएक्स के अध्यक्ष और महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य प्रसाद लाड ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने के माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, आयटीसीएक्स का उद्देश्य परंपरा और आधुनिक शासन के बीच की खाई को कम करना है। वे केवल पूजा स्थल नहीं हैं; वे सांस्कृतिक और आर्थिक शक्ति हैं। हमारा दृढ़ विश्वास है कि हर पूजा स्थल – चाहे वह कितना भी छोटा या दूरस्थ क्यों न हो, प्रशासनीय आदर्श के रूप में विश्वस्तर तक पहुँच का हकदार है जो उसके धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व को बढ़ाता है। आयटीसीएक्स प्रशासकों और नीति निर्माताओं को मंदिरों की विरासत को संरक्षित करते हुए दक्षता बढ़ाने के लिए आवश्यक उपकरण प्रदान करता है।

आईटीसीएक्स की सह-निदेशक और आईपी निदेशक तथा फियर्स वेंचर्स की संस्थापक और सीईओ मेघा घोष ने कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि आईटीसीएक्स २०२५ एक अभिनव तीन-चरणीय प्रारूप है, जिसे सीखने और सहयोग को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।”

उन्होंने कहा, “हमने राष्ट्रीय नेतृत्व सत्रों, व्यावहारिक कार्यशालाओं और हमारी ‘मंदिर वार्ता’ श्रृंखला से सावधानीपूर्वक सामग्री तैयार की है, जहाँ संस्थाएँ ‘मंदिर प्रबंधन को आधुनिक बनाने’ में अपनी सफलता की कहानियाँ साझा कर सकती हैं। यह प्रारूप सुनिश्चित करता है कि हम पारंपरिक ज्ञान और समकालीन चुनौतियों का समाधान कर सकें, एआय एकीकरण से लेकर टिकाऊ प्रथाओं तक, मंदिर पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए वास्तव में व्यापक मंच तैयार कर सकें।”

प्रतिष्ठित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का क्षेत्र, ‘तिरुपति’ एक भक्ति केंद्र है जो हर साल लाखों भक्तों को आकर्षित करता है। शहर की गहरी जड़ें जमा चुकी मंदिर अर्थव्यवस्था इस प्रमुख निम्नलिखित सत्रों के लिए एक आदर्श पृष्ठभूमि के रूप में कार्य करती है जैसे:
● डॉ. सुरेश हवारे (पूर्व अध्यक्ष शिर्डी संस्थान) और डॉ. उदय सालुंखे, निदेशक (वेलिंगकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट डेवलपमेंट एंड रिसर्च) के साथ टेम्पल एजुकेशन पर पैनल चर्चा।

● अष्ट विनायक मंदिर (महाराष्ट्र) के ट्रस्टी और विश्वजीत राणे (गोवा के स्वास्थ्य मंत्री) द्वारा ‘मंदिरों के लिए नेटवर्किंग की शक्ति’ पर पैनल चर्चा

● एडवोकेट विष्णु जैन द्वारा- मंदिरों के आसपास के कानूनी मुद्दे

कार्यक्रम के दौरान वासवी मंदिरों और बाटू गुफाओं की यात्रा सहित अन्य पर केस अध्ययन प्रस्तुत किए जाएंगे। आईटीसीएक्स २०२५ में ‘स्मार्ट टेम्पल्स मिशन’ और ‘स्मार्ट टेम्पल्स मिशन अवार्ड्स’ के लिए शामियाना भी उभारा जाएगा जिसके तहत १२ अलग-अलग श्रेणियों में दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ मंदिरों को पहचाना जाएगा और सम्मानित किया जाएगा।

इस बैठक में जैन धर्मशालाओं, प्रमुख भक्ति दान, यूनाइटेड किंगडम के हिंदू मंदिरों के संघ, अन्न क्षेत्र प्रबंधन, विभिन्न तीर्थ स्थानों के पुरोहित महासंघ और तीर्थ संवर्धन बोर्ड के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस्कॉन, श्री मंदिर, दुर्लभ दर्शन, सारस्वत चैंबर, क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, ओएनडीसी और हल्दीराम ने मंदिर प्रबंधन समाधानों की सुविधा के लिए आईटीसीएक्स २०२५ को विशेष सहयोग किया है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों और वक्ताओं के रूप में देवेन्द्र फडणवीस (मुख्यमंत्री-महाराष्ट्र), राजेंद्र आर्लेकर (राज्यपाल – केरल), मुकुंद सी आर (सह सरकार्यवाह, आरएसएस), प्रमोद सावंत (मुख्यमंत्री-गोवा), नारा लोकेश (मानव संसाधन विकास मंत्री – आंध्र प्रदेश), विश्वजीत राणे (स्वास्थ्य मंत्री – गोवा), रोहन खौंटे (पर्यटन मंत्री – गोवा), सुधांशु त्रिवेदी (संसद सदस्य, राज्य सभा), युधिष्ठिर गोविंद दास (इस्कॉन, भारत के संचार निदेशक), मिलिंद परांडे (महासचिव, विश्व हिंदू परिषद), डॉ. लक्ष्यराज सिंह (उदयपुर के मेवाड़), विष्णु शंकर जैन (सर्वोच्च न्यायालय के प्रतिष्ठित वकील) सम्मिलित होंगे।

श्री राकेश आचार्या ने 11वें सोमवार को किया रुद्राभिषेक, 16 सोमवार तक चलेगा रुद्रभिषेक

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महाराष्ट्र वासियों सहित पूरे देशवासियों से विनती करता हूँ कि वे महाकुंभ में स्नान का लाभ लें : श्री राकेश आचार्या

भारतीय जनता पार्टी के महाराष्ट्र के आध्यात्मिक प्रकोष्ठ के सरचिटणीस श्री राकेश आचार्या ने अपने कार्यालय में शुभ सोमवार को रुद्राभिषेक किया। उन्होंने कहा कि हमारे ऑफिस में 16 सोमवार तक अनार के जूस से रुद्राभिषेक चलेगा। 11वें सोमवार को भी महादेव जी की विशेष कृपा रही। भक्ति भाव से पूजा पाठ की।

मैं भारतीय जनता पार्टी के महाराष्ट्र के आध्यात्मिक प्रकोष्ठ का सरचिटणीस हूँ। मेरी जिम्मेदारी है कि लोगों को सनातन धर्म के बारे में बताऊं, आध्यात्मिक विचार से अवगत करवाऊ। लोग पूजा स्थलों में जाएं, जाते रहें तो उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ेगा। आपके अंदर कोई नकारात्मक सोच नहीं आएगी। मेरी महाराष्ट्र वासियों सहित भारतवासियों से नम्र विनती है कि सुबह शाम आप लोग पूजा पाठ करे। अपने आप को प्रभु को समर्पण कर दें। अपने गुरु, देवी देवताओं के ऊपर विश्वास रखो, जिसने आपको नौ महीने माँ के पेट मे भोजन दिया क्या वह आपको दुनिया मे नहीं देगा। अगर जीवन मे दुख आए तो आप भगवान को दोषी मत दें बल्कि यह आपके कर्मों का फल है।

श्री राकेश आचार्या ने कहा कि दिल्ली चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी सबको साथ लेकर चल रहे हैं और सनातन धर्म को आगे बढ़ा रहे हैं। सनातन धर्म का प्रतीक प्रयागराज में दिख रहा है। 144 वर्षो बाद महाकुंभ आया है साधु संतों और श्रद्धालुओं की वहां भारी भीड़ उमड़ रही है। मैं महाराष्ट्र वासियों सहित पूरे देशवासियों से विनती करता हूँ कि वे महाकुंभ में स्नान का लाभ लें।