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एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को दी चेतावनी

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Maharashtra Politics: महाराष्ट्र (Maharashtra) में हाल ही में हुए सियासी घमासान के बाद एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उन्होंने कुछ बोला तो भूकंप आ जाएगा. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बीजेपी और उनके नेतृत्व वाला शिवसेना का गुट अगले विधानसभा चुनाव में 288 सीट में 200 पर जीत दर्ज करेगा.

शिवसेना नेता आनंद दिघे की मौत पर उठाए सवाल

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने के ठाकरे के फैसले पर सवाल उठाते हुए शिंदे ने यह भी कहा कि वो जानते हैं कि शिवसेना के दिवंगत नेता आनंद दिघे के साथ क्या हुआ था. उन्होंने दिघे का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं इस बात का गवाह हूं कि ‘धर्मवीर’ के साथ क्या हुआ था.’ बता दें कि शिंदे के राजनीतिक गुरु दिघे की 2002 में एक सड़क दुर्घटना के बाद मौत हो गई थी.

‘मैंने बोलना शुरू किया तो आ जाएगा भूकंप’

शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के ज्यादातर विधायकों के बगावत करने के बाद जून में ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. मुख्यमंत्री ने मालेगांव में एक रैली में कहा, ‘उन्होंने बालासाहेब ठाकरे की विरासत बचाने के लिए बगावत की. अगर मैंने इंटरव्यू देना शुरू किया तो भूकंप आ जाएगा. कुछ लोगों के विपरित मैंने छुट्टियां मनाने के लिए हर साल विदेश यात्रा नहीं की.’

बागी विधायकों को कहा जा रहा है गद्दार 

शिंदे ने कहा कि शिवसेना के संस्थापक की पुत्रवधू स्मिता ठाकरे और बालासाहेब के बड़े पोते निहार ठाकरे ने उनका समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि बागी विधायकों को गद्दार कहा जा रहा है. उन्होंने सवाल किया, ‘आप उन्हें क्या कहेंगे जिन्होंने महज मुख्यमंत्री बनने के लिए बालासाहेब की विचारधारा से समझौता कर लिया.’ शिंदे ने कहा, ‘आप भाजपा के साथ गठजोड़ कर चुनाव लड़ें और फिर मुख्यमंत्री बनने के लिए कांग्रेस तथा राकांपा के साथ मिलकर सरकार बना ली. क्या यह विश्वासघात नहीं है?’

संजय राउत पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

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PHOTO -ANI

शिवसेना नेता संजय राउत पर रविवार सुबह बड़ी कार्रवाई हुई है। जानकारी के मुताबिक, सुबह-सुबह उनके आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पहुंची है। माना जा रहा है कि ईडी की टीम राउत को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है। राउत पर जांच में सहयोग न करने का आरोप है।

दरअसल, महाराष्ट्र के 1000 करोड़ से ज्यादा के पात्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में ईडी की टीम संजय राउत से पूछताछ कर रही है। उन्हें 27 जुलाई को ईडी ने तलब किया था। हालांकि, वह अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए थे। इसके बाद ईडी के अधिकारी उनके घर पहुंचे हैं।

मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा 
इस बीच संजय राउत का ट्वीट सामने आया है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, मेरा किसी घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। यह मैं शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की शपथ लेकर कह रहा हूं। बालासाहेब ने हमें लड़ना सिखाया है। मैं शिवसेना के लिए लड़ना जारी रखूंगा। उन्होंने ईडी की कार्रवाई को झूठी कार्रवाई बताया। कहा झूठे सबूत हैं। मैं शिवसेना नहीं छोड़ूंगा, मैं मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा।राउत के घर के बाहर समर्थक मौजूद 
संजय राउत के घर पर जैसे ही ईडी की टीम के पहुंचने की खबर सामने आई। उनके समर्थक भी घर पर पहुंच गए। जानकारी के मुताबिक, संजय राउत के समर्थक, उनके आवास ‘मैत्री’ के बाहर ही डटे हुए हैं और नारेबाजी कर रहे हैं।

तीन अलग-अलग लोकेशन पर छापा 
सामने आया है कि ईडी की तीन टीमों ने एक साथ छापा मारा है। एक टीम राउत के मुंबई स्थित उनके घर पहुंची है, तो दो टीमें राउत के अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं।क्या है पात्रा चॉल घोटाला 
यह मामला मुंबई के गोरेगांव इलाके में पात्रा चॉल से जुड़ा है। यह महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी का भूखंड है। इसमें करीब 1034 करोड़ का घोटाला होने का आरोप है। इस केस में संजय राउत की नौ करोड़ रुपये और राउत की पत्नी वर्षा की दो करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हो चुकी है। आरोप है कि रीयल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत ने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से धोखा किया। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस भूखंड पर 3000 फ्लैट बनाने का काम मिला था। इनमें से 672 फ्लैट पहले से यहां रहने वालों को देने थे। शेष एमएचएडीए और उक्त कंपनी  को दिए जाने थे, लेकिन वर्ष 2011 में इस विशाल भूखंड के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था।

कैसे उजागर हुआ मामला
दरअसल, वर्ष 2020 में महाराष्ट्र में सामने आए पीएमसी बैंक घोटाले की जांच हो रही थी। तभी प्रवीण राउत की उक्त कंस्ट्रक्शन कंपनी का नाम सामने आया था। तब पता चला कि बिल्डर राउत की पत्नी के बैंक खाते से संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को 55 लाख रुपये का कर्ज दिया गया था। आरोप है कि संजय राउत ने इसी पैसों से दादर में एक फ्लैट खरीदा था। प्रवीण राउत गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक हैं।

Hariyali Teej 2022: शिव-पार्वती को करना चाहते हैं प्रसन्‍न तो कर लें यह उपाय

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Hariyali Teej Upay 2022: आज हरियाली तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. कुंवारी लड़कियां अपने लिए अच्‍छा पति और सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्‍य मांगती है. सावन महीने के शुक्‍ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाने वाली हरियाली तीज के दिन राशि के अनुसार उपाय करना बेहद शुभ फल देता है. राशि के अनुसार किए गए ये उपाय भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्‍न करते हैं. आइए जानते हैं सभी 12 राशि के जातकों को हरियाली तीज के दिन क्‍या उपाय करना चाहिए.

मेष- हरियाली तीज के दिन शिव जी का पंचामृत से अभिषेक करें. साथ ही उन्‍हें रेशमी वस्त्र अर्पित करें.

वृष- वृष राशि के जातक आज हरियाली तीज पर शिव-पार्वती को गुलाब के फूल और इत्र चढ़ाएं.

मिथुन- मिथुन राशि के लोग हरियाली तीज पर भगवान शिव को सफेद चंदन और माता पार्वती को हल्दी चढ़ाएं. साथ ही हरे रंग के कपड़े भी चढ़ाएं, इससे शिव-पार्वती प्रसन्‍न होंगे.

कर्क- कर्क राशि के जातकों को हरियाली तीज के दिन शिव जी का श्रृंगार करके ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए.

सिंह- सिंह राशि के जातक आज तीज के दिन शिव-पार्वती को पीले रंग के फूलों की माला चढ़ाएं फिर रुद्राष्टक का पाठ करें.

कन्या- कन्‍या राशि के जातक हरियाली तीज के दिन शिव जी को बेल पत्र चढ़ाएं. लड़कियां-महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी सजाएं.

तुला- तुला राशि के जातक हरियाली तीज के दिन शिव जी को पंचामृत अर्पित करें. इसके साथ ही किसी सुहागिन या लड़की को श्रृंगार की चीजें दान करें.

वृश्चिक- वृश्चिक राशि वालों के लिए हरियाली तीज पर शिव जी को दूर्वा और पीले वस्‍त्र अर्पित करना शुभ फल देगा.

धनु- धनु राशि वालों के लिए शिव-पार्वती को सुगन्धित फूल और लाल वस्‍त्र अर्पित करना बहुत शुभ रहेगा.

मकर- मकर राशि के लोग आज हरियाली तीज पर शिव मन्दिर जाकर शिव जी को सफेद चंदन लगाएं और घी का दीपक जलाएं.

कुंभ- कुंभ राशि के लोग शिव जी को सफेद फूल चढ़ाएं. हो सके तो आज गुलाबी कपड़े पहनें.

मीन- मीन राशि के लोग शिव-पार्वती पीले वस्त्र और श्रृंगार चढ़ाएं.

गौ सेवा से मन की प्रसन्नता

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हमारी संस्कृति में गाय को संपूर्ण विश्व की माता माना गया है। (Gau seva ke chamatkar) गाय के अंगों में संपूर्ण देवताओं का निवास बताया गया है। गाय की छाया को भी हमारे धर्म ग्रंथों में शुभ माना गया है। यात्रा के समय गौ माता का दर्शन सुखद यात्रा के लिए अति लाभकारी माना जाता है।गाय को एक पवित्र शक्ति के रूप में भी हमारे धर्म ग्रंथों में माना गया है। गाय के शरीर को स्पर्श करने वाली हवा को भी हमारे सनातन धर्म में पवित्र माना जाता है।

हमारे शास्त्रों में गाय को 33 कोटि देवताओं का निवास स्थान बताया गया है। केवल गौ माता की सेवा से ही संपूर्ण देवी देवताओं की सेवा संपन्न मानी गई है, और इसलिए गौ माता को सर्वदेवमयी और सर्वतीर्थमयी भी कहा जाता है।

गौ का महत्व  गौ माता के दर्शन मात्र से समस्त देवताओं के दर्शन एवं समस्त तीर्थो का पुण्य भी प्राप्त हो जाता है। गौ दर्शन, गौ पूजन, स्मरण,कीर्तन,और गोदान करने से मनुष्य सर्व विधि पापों से मुक्त होकर अक्षय लोक को प्राप्त करता है।गौ की परिक्रमा से संपूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा मानी जाती है।

गाय माता के शुभ लक्षण

जहां गाय बैठती है,वहां की भूमि भी पवित्र मानी जाती है,और गाय के चरणों की धूल को भी अति पवित्र माना जाता है।गाय से धर्म,अर्थ,काम और मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।

हमारे सनातन धर्म के कोई भी मंगलिक अनुस्ठान की पूर्ति भी गौ द्रव्य पदार्थों के बिना पुर्ण नहीं होती। हमारे सभी धार्मिक कार्यों में गाय का दूध,गोबर और गोमूत्र विशेष महत्व रखते हैं।

गौ सेवा से मन की प्रसन्नता

गाय सेवा करने से हमारे अंतःकरण, और मन में निर्मलता, पवित्रता, और प्रसन्नता का संचार होता है।हमारा औरा बढ़ता है।चेहरे पर तेज और प्रसन्नता तथा आत्मबल बढ़ता है।

हमारे पूर्वज का धन गौ

हमारे पूर्वज, ऋषि,मुनि, गौ माता को वनो और जंगलों,तथा अपने दैनिक जीवन में अपने ही साथ रखते थे क्योंकि वे गौ को ही अपना धन मानते थे। जिनके पास जितने गौ वंश होते थे, वे उतने धनवान माने जाते थे।

मुँह खोला तो तेरा रेप होगा – संजय राउत का ऑडियो वायरल

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शिवसेना नेता संजय राउत एक बार फिर से अपनी ‘अभद्र भाषा’ के चलते खबरों में आ गए हैं। कथिततौर पर मराठी फिल्मों की प्रोड्यूसर डॉ स्वप्ना पाटकर के साथ बातचीत की उनकी एक ऑडियो वायरल हुई है। इस ऑडियो में जो पुरुष है, उसकी ओर से महिला को गंदी-गंदी गाली दी जा रही है। ऑडियो में औरत से बात करते हुए “स%$ली, मादरच&^द और बहन&^%” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है।

इसके अलावा ऑडियो में आदमी कहता है, “इस कॉल को रिकॉर्ड कर, पुलिस को भेज या जो मन हो वो कर। बस तू देखती जा। प्रॉपर्टी या तो मेरे नाम कर या फिर सुजीत के नाम।”

मालूम हो कि डॉ स्वप्ना पाटकर वही महिला हैं जिन्होंने साल 2021 में संजय राउत के ऊपर गाली-गलौच करने का और उन्हें पिछले 8 साल से तंग करने का आरोप लगाया था। अब ऑपइंडिया इस ऑडियो को लेकर ये पुष्टि नहीं करता है कि जो आवाज इसमें है वो स्वप्ना पाटकर और संजय राउत की है या नहीं। लेकिन इस ऑडियो को टाइम्स नाऊ नवभारत ने भी शेयर किया है और बताया है कि 70 सेकेंड की इस ऑडियो में 27 बार गाली दी गई हैं।

ये लीक ऑडियो संजय राउत से बातचीत की है: डॉ स्वप्ना पाटकर

इसके अलावा इस ऑडियो को लेकर स्वप्ना पाटकर ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि ये उनके और संजय राउत के बीच हुई बातचीत की ऑडियो है। उन्होंने SSR वॉरियर नाम के चैनल पर अपलोड किए गए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें पिछले 18 महीनों में कई बार धमकियाँ मिली हैं और इन्हीं धमकियों के मद्देनजर उन्होंने अपनी शिकायत दी है। उन्होंने संजय राउत से जुड़े ‘पात्रा चॉल जमीन घोटाले’ मामले की जाँच में जुटे संबंधित अधिकारियों को इन धमकियों और ऑडियो क्लिप के बारे में बताया है। उन्होंने मुंबई पुलिस कमिश्नर को भी पत्र लिखा है और ईडी को भी धमकियों के बारे में बताया है।

स्वप्ना कहती हैं कि संजय की पत्नी वर्षा और उनके नाम अलीबाग में जमीन थी जिसे ईडी ने अपनी जाँच में अटैच किया। संपत्ति के दस्तावेज भी संजय राउत के करीबी सुजीत पाटकर के घर छापेमारी में मिले। लेकिन ईडी ने जब मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ शुरू की तो उनको रेप और हत्या की धमकियाँ आने लगीं और उन पर दबाव बनने लगा कि वह संजय राउत का नाम वापस लें।

 

 

स्वप्ना को मिली धमकियों में भाजपा पर इल्जाम मढ़ने का बनाया जा रहा दबाव

मालूम हो कि स्वप्ना पाटकर को पिछले हफ्ते भी धमकी वाला एक पत्र मिला था जिसमें कहा गया था कि अगर उन्होंने ईडी के सामने कुछ भी कहा तो उनका रेप किया जाएगा। इस धमकी के बाद उन्होंने वकोला पुलिस में अपनी शिकायत दी थी। पत्र में स्वप्ना को कहा गया था कि वह मीडिया में बोलें कि ये सब उन्होंने भाजपा नेता किरीट सोमैय्या के कहने पर किया है।

स्वप्ना की इस शिकायत के बाद प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता किरीट सोमैय्या ने भी 30 जुलाई को एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने बताया कि आज शाम 4 बजे धमकी, गाली-गलौच, ऑडियो क्लिप से जुड़ी शिकायतों के संबंध में वकोला थाने जाएँगे। उन्होंने अपने ट्वीट में पत्र शेयर किया है। इसमें लिखा है, “अगर मुँह खोला तो तेरा रेप करके थाना में खड़ी मिलेगी तू। ईडी के सामने बकबक करेगी तो मरेगी। मीडिया को बता कि सोमैय्या ने जबरदस्ती किया और आगे चुप बैठ वरना कोई नहीं बचा पाएगा।”

स्वप्ना पाटकर और संजय राउत का विवाद

बता दें कि डॉ स्वप्ना पाटकर इससे पहले पिछले साल संजय राउत पर इल्जाम लगाने के बाद चर्चा में आई थीं। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखकर बताया था कि शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ के सह-संपादक संजय राउत पिछले 8 वर्षों से अपनी पार्टी के रुतबे और सिस्टम पर पकड़ का इस्तेमाल कर न सिर्फ उन्हें गालियाँ दे रहे हैं, बल्कि उनके परिवार और रिश्तेदारों को भी प्रताड़ित कर रहे हैं। पाटकर ने बताया था कि राउत के इशारे पर पुलिस ने उन पर ‘धंधा करने’ का आरोप भी लगाया था। उन्होंने कहा था कि 2017 में खुद संजय राउत ने फोन पर धमकी दी और 2018 में कॉन्ट्रैक्ट पर आदमी रख कर उनका पीछा कराया गया। बकौल स्वप्ना, उनके सोशल मीडिया हैंडल्स को हैक कर कभी सुसाइड नोट तो कभी अश्लील सामग्रियाँ डाली गईं, लेकिन पुलिस ने साफ़ कह दिया कि संजय राउत के खिलाफ वो FIR दर्ज नहीं कर सकते।

पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी से जुड़े 15 और ठिकानों पर छापे की तैयारी

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Arpita Mukherjee, Arpita with Partha Chatterjee.

SSC Scam News In Hindi : पश्चिम बंगाल (West Bengal) के शिक्षक भर्ती घोटाले (Teacher Recruitment Scam) में पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) और अर्पिता मुखर्जी (Arpita  Mukherjee) से पूछताछ के बीच ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) करीब 15 और ठिकानों पर छापे मारने की तैयारी में है। अब तक ईडी ने दो जगह छापों में करीब 50 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। सूत्रों ने शनिवार को बताया कि पूछताछ में अर्पिता मुखर्जी ने कबूल किया कि सारा पैसा उसका नहीं, पार्थ चटर्जी का है। 

वहीं, ईडी की जांच (ED Investigation) पूरी होने के बाद जल्द ही इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation, सीबीआई) और आयकर विभाग (Income Tax Department, आईटी) भी शामिल हो सकते हैं। आयकर विभाग (Income Tax Department) बेनामी संपत्ति (Benami Property) के मामले में पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी से सवाल-जवाब कर सकता है। यह भी सूचना है कि जो चार लग्जरी कारें (Luxary Cars) गायब हैं, उनका अभी तक पता नहीं चला है। ईडी के अधिकारियों को शक है कि इन कारों में रुपये भरकर कहीं भेजे गए।

काली डायरी में छिपे हैं कई राज  
अर्पिता के घर से जो काली डायरी ईडी को मिली है, उससे शिक्षक घोटाला की परतें खुलने की उम्मीद है। ईडी सूत्रों के मुताबिक, उस काली डायरी में बहुत सी जानकारियां हैं। डायरी में कई सीरियल व फोन नंबर हैं। इसमें कई प्रार्थियों के नाम भी हैं। इसके अलावा डायरी में कुछ एडमिट कार्ड के नंबर भी हैं।

महंगी गाड़ियों में अर्पिता को सैर के लिए ले जाते थे पार्थ
प्रवर्तन निदेशालय ने अर्पिता मुखर्जी के गायब 4 कारों की तलाश आरंभ कर दी है। एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि एक मर्सिडीज और एक मिनी कूपर कार मुखर्जी के पास थी। इन कारों का इस्तेमाल पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी अर्पिता के साथ सैर सपाटे के लिए करते थे। इन कारों में अर्पिता पार्टी भी किया करती थी। इन अधिकारियों ने बताया कि अर्पिता इनमें से किसी एक कार में निकलती थी और पार्थ दूसरी किसी गाड़ी में पीछे आते थे। आगे जाकर पार्थ अर्पिता की गाड़ी में सवार हो जाते थे। यह सभी गाड़ियां 2016 से 2019 के बीच खरीदी गईं।

शांतिनिकेतन में अर्पिता का फार्म हाउस
शांतिनिकेत में एक फार्म हाउस मिला है। उसका नाम है अपा। नाम के मुताबिक माना जा रहा था कि यह मकान अर्पिता और पार्थ के नाम पर होगा, लेकिन राजस्व विभाग ने इससे पर्दा उठा दिया। विभाग के मुताबिक, यह घर अर्पिता के नाम पर है। यह जमीन 2012 में अर्पिता ने खरीदी थी। सूत्रों के मुताबिक, इस जमीन को अर्पिता ने कोलकाता निवासी से 20 लाख रुपये में खरीदा था।

Income Tax Return: आईटीआर भरने की आखिरी तारीख आज

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वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने का रविवार को आखिरी दिन है। शनिवार रात 8.36 बजे तक 5 करोड़ से अधिक लोग आईटीआर दाखिल कर चुके हैं। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 5.89 करोड़ आईटीआर दाखिल हुए थे। हालांकि, तब इसकी सीमा 21 दिसंबर तक बढ़ाई गई थी।

अब इसकी आखिरी तिथि समाप्त होने में कुछ ही घंटे बचे हैं ऐसे में अगर आपने अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो आपको बिना समय गंवाए इसे फाइल कर लेना चाहिए। आइए जानते हैं कैसे खुद फाइल कर सकते हैं आईटीआर:-

  • अगर आपने भी अब तक अपना आईटीआर फाइल नहीं किया है, तो इसके लिए आपको पहले आधिकारिक लिंक https://www.incometax.gov.in/iec/foportal पर जाना है।
  • फिर ‘ई-फाइल’ पर जाकर ‘इनकम टैक्स रिटर्न’ वाले विकल्प पर क्लिक करें। अब साल चुनें और अगर ऑरिजनल भरना है तो उसे चुनें। लेकिन अगर रिवाइज्ड भर रहे हैं, तो ‘रिवाइज्ट रिटर्न’ चुनें।
  • फिर ‘Prepare and Submit Online’ वाले ऑप्शन पर क्लिक करें। अब वेरिफिकेशन पेज पर जाकर वेरिफाई पर क्लिक करें। आखिर में ‘प्रिव्यू एंड सबमिट’ पर क्लिक कर दें।

लग सकता है जुर्माना
अगर आप करदाता हैं, तो आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना जरूरी हो जाता है। लेकिन अगर आप आखिरी तारीख तक भी ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो आयकर प्रावधानों के मुताबिक आपके ऊपर जुर्माना लग सकता है। वहीं, आपको नोटिस भी आ सकता है।

टैक्स डिडक्शन की सुविधा
इनकम टैक्स के तहत आने वाले कई प्रावधानों के तहत टैक्स डिडक्शन की सुविधा मिलती है पर इनमें सबसे ज्यादा प्रचलित है 80C। इसका फायदा नौकरीपेशा लोगों को सबसे अधिक मिलता है। इसके अलावे इसके उपसेक्शन 80सीसीडी(1बी) के तहत होम लाेन, एजुकेशन लोन और बीमा पॉलिसी टैक्स बचाने में आपकी मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं टैक्स बचाने के लिए हमें अपनी रणनीति कैसे बनानी चाहिए।

स्टैंडर्ड डिडक्शन (5 लाख रुपये)
सबसे पहले इस बात की जानकारी होनी जरूरी है कि इनकम टैक्स के सेक्शन 87ए के तहत पांच लाख रुपये तक की आय पर किसी तरह की टैक्स की देनदारी नहीं होती है। ऐसे में अगर आपकी आमदनी 10 लाख रुपये है तो सबसे पहले तो 87ए की तहत मिलने वाली राहत के अनुसार दस लाख में से पांच लाख रुपये घटाएं तो आप पर टैक्स की देनदारी पांच लाख रुपये की आमदनी पर ही बनेगी। इसके अलावे नौकरीपेशा लोगों और पेंशनधारकों को 50,000 रुपये स्टैंडर्ड डिडक्शन की सुविधा मिलती है। इस आधार पर 50 हजार रुपये और घट जाते हैं और आप पर टैक्स की देनदारी 4.5 लाख रुपये की आमदनी के लिए बनती है।

80सी डिडक्शन (1.5 लाख रुपये)
इनकम टैक्स कानून की धारा 80सी के तहत सालाना डेढ़ लाख रुपये तक की निवेश पर आयकर में छूट का लाभ लिया जा सकता है। 80सी के तहत आयकर में छूट लेने की स्थिति में 4.5 लाख रुपये में से 1.5 लाख रुपये और घट जाएंगे इस तरह आप पर महज तीन लाख रुपये की आमदनी पर टैक्स की देनदारी बचेगी। 80सी के तहत पांच वर्ष से अधिक समय के लिए किए गए किसी भी तरह निवेश पर आपको आयकर में छूट की सुविधा मिल सकती है।

एनपीएस डिडक्शन  (50 हजार रुपये)
अगर आपने नेशनल पेंशन स्कीम के तहत निवेश किया हुआ है तो आपको 80सीसीडी (1बी) के तहत 50,000 रुपये का अतिरिक्त छूट आयकर में मिल सकता है। यानी 50 हजार रुपये तीन लाख रुपये की आमदनी में से घटाने पर आप पर 2.5 लाख रुपये पर ही टैक्स की देनदारी बनेगी।

होम लोन पर छूट (2 लाख रुपये)
अगर आपने होम लोन ले रखा है तो आयकर बचाने में यह सबसे अहम कड़ी साबित हो सकता है। होमलोन के ब्याज पर आपको दो लाख रुपये तक की कर राहत मिल सकती है। इस तरह 2.5 लाख रुपये में दो लाख रुपये कम हो जाएंगे और आपको 50 हजार रुपये पर ही आयकर भरना होगा।

हेल्थ इंश्योरेंस से भी बचा सकते हैं टैक्स (75 हजार रुपये) 
अगर आपकी आमदनी दस लाख रुपये सालाना है और आप ऊपर दिए गए सभी अर्हताओं को पूरा करते हुए 9.5 लाख रुपये पर टैक्स बचाने में सफल हो जाते हैं तो आप टैक्स बचाने की जंग लगभग जीत चुके हैं। अब आप बचे हुए 50 हजार रुपये पर भी टैक्स देने से बच सकते हैं, अगर आपने स्वास्थ्य बीमा लिया हुआ है। स्वास्थ्य बीमा लेने वालों को भी आयकर में 75 हजार रुपये तक की छूट मिलती है। अगर आपने अपना और अपने परिवार वालों का स्वास्थ्य बीमा करवा रखा है तो आपको इसके सालाना 25000 रुपये के प्रीमियम पर टैक्स में छूट मिल सकती है। अगर आपने अपने माता-पिता का भी स्वास्थ्य बीमा करवा रखा है तो आपको 50 हजार रुपये तक की अतिरिक्त छूट भी मिल सकती है। ऐसे में ऊपर दी गई सारी शर्तों को पूरा करते हुए दस लाख रुपये आमदनी होने के बावजूद एक भी रुपया इनकम टैक्स देने से बच सकते हैं।

मीराबाई चानू ने सोना जीतकर रचा इतिहास, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को मिला पहला गोल्ड

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Mirabai Chanu Wins Gold, CWG 2022: महिलाओं के वेटलिफ्टिंग में भारत की मीराबाई चानू ने कमाल कर दिया. उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को पहला गोल्ड मेडल दिलाया. मीराबाई चानू ने कुल 201 किलो का वजन उठाया. क्लीन एंड जर्क के पहले राउंड में उन्होंने 109 किलो भार उठाया. इसके साथ ही उन्होंने गोल्ड मेडल जीत लिया. बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का यह पहला गोल्ड और कुल तीसरा मेडल है. इससे पहले भारत को संकेत सरगर ने सिल्वर और गुरुरात पुजारी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता.

मीराबाई ने स्नैच राउंड में पहले प्रयास में 84 किग्रा भार उठाया. उन्होंने पहले प्रयास में ही आठ किलो की बढ़त बनाई. वहीं मीराबाई ने दूसरे प्रयास में 88 किलो का भार उठाया. इसके साथ ही उन्होंने अपने नेशनल रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. दूसरे ही राउंड में मीराबाई ने गोल्ड मेडल पक्का कर लिया था.

गौ-संरक्षण में योगदान पर प्रशांत चतुर्वेदी का सम्मान

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जयपुर, 30 जुलाई (हि.स.)। गौ-संरक्षण में अपना बहुमूल्य योगदान देने पर भारतीय जैविक किसान उत्पादक संघ ने चार जनों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया है। सनराइज ऑर्गेनिक पार्क, श्रीपिंजरापोल गोशाला परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पिछले दिनों 192 मीट्रिक टन गोबर निर्यात करने में अपना अहम योगदान देने पर सनराइज एग्रीलैंड एंड डवलपमेंट रिसर्च प्रा.लि. के डायरेक्टर प्रशांत चतुर्वेदी, कंपनी की रीजनल मैनेजर (मार्केटिंग) कोमल चौधरी कंपनी के कर्मचारी ओमप्रकाश मीणा को साफा पहनाकर व शॉल ओढाकर सम्मानित किया गया।

इसी तरह गौ-माता के संरक्षण को लेकर समाचारों के माध्यम से आमजन को जागरूक करने पर मैं हूं किसान कृषि पत्रिका के उप संपादक गुरजंट सिंह धालीवाल को फूल माला पहनाकर व साफा बांधकर सम्मानित किया गया। ओएफपीएआई की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता गौड़ ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान हैनिमैन चैरिटेबल मिशन सोसाइटी की सचिव मोनिका गुप्ता ने पुरस्कृत प्रतिनिधियों को बधाई व शुभकामनाएं दी।

प्रकृति संरक्षण: हमारे समाधान प्रकृति में हैं

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विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हर साल 28 जुलाई को मनाया जाता है ताकि यह पहचाना जा सके कि एक स्वस्थ पर्यावरण एक स्थिर और उत्पादक समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नींव है। प्रकृति है तो जीवन है, जीवन है तो मानव है, मानव है तो मानवता है। प्रकृति संरक्षण सबसे बड़ा पुण्य का काम है।  विश्व प्रकृति दिवस पर आइये हम मिलकर संकल्प लें कि प्रकृति संरक्षण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। लेकिन ये कानून की बाध्यता से संभव नहीं है ये हमारे और आपके सामूहिक प्रयास से ही संभव हो सकेगा।

-सत्यवान ‘सौरभ’

प्रकृति में कई प्रकार की प्रजातियां एक पारिस्थितिकी तंत्र में कार्य करती हैं। प्रत्येक जीव अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ पर्यावरण के विभिन्न अन्य जीवों के लिए भी कुछ उपयोगी योगदान देता है। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हर साल 28 जुलाई को मनाया जाता है ताकि यह पहचाना जा सके कि एक स्वस्थ पर्यावरण एक स्थिर और उत्पादक समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नींव है।

प्रजातियां ऊर्जा भंडारण और उपयोग करती हैं, कार्बनिक पदार्थों का उत्पादन और विघटन करती हैं, पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में पानी और पोषक तत्वों के चक्र का हिस्सा हैं, वातावरण में गैसों को ठीक करती हैं और जलवायु को विनियमित करने में भी मदद करती हैं। इस प्रकार, वे मिट्टी के निर्माण, प्रदूषण को कम करने, भूमि, जल और वायु संसाधनों की सुरक्षा में मदद करते हैं। जैव विविधता के ये कार्य पारिस्थितिक तंत्र के कार्यों और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं।

विभिन्न पौधे, जानवर और सूक्ष्मजीव जो जैव विविधता का निर्माण करते हैं, हमें अनाज, मछली आदि जैसे खाद्य पदार्थ प्रदान करते हैं, हमारे कपड़ों के लिए फाइबर जैसे कपास, ऊन आदि, जीवित रहने के लिए ईंधन लकड़ी के साथ-साथ नीम जैसे दवा उत्पाद भी प्रदान करते हैं।  जैव विविधता स्थानीय और साथ ही वैश्विक जलवायु को नियंत्रित करती है, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य गैसों के वैश्विक स्तर का प्रबंधन करती है, मीठे पानी की गुणवत्ता बनाए रखती है, कार्बन सिंक आदि के रूप में कार्य करके कार्बन को अवशोषित करती है। इस प्रकार जैव विविधता जीवन और जीवन को  नियंत्रित करती है।

जैव विविधता परागण, पोषक तत्वों के चक्रण के साथ-साथ पुनर्चक्रण, ग्रीनहाउस गैस को कम करने में मदद करती है। जैव विविधता हमें सौंदर्य सुख प्रदान करती है। समृद्ध जैविक विविधता पर्यटन को प्रोत्साहित करती है। कई समुदायों और संस्कृतियों ने जैविक रूप से विविध वातावरण द्वारा प्रदान किए गए परिवेश और संसाधनों के साथ सह-विकसित किया है। इसलिए, यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका भी निभाता है। जैव विविधता द्वारा प्रदान की जाने वाली महत्वपूर्ण सेवाएं हैं: मनोरंजन और विश्राम, पर्यटन विशेष रूप से पारिस्थितिकी पर्यटन, कला, डिजाइन और प्रेरणा आध्यात्मिक अनुभव।

जैव विविधता खाद्य जाल को बनाए रखने में मदद करती है। इसलिए, प्रत्येक प्रजाति के जीवित रहने की संभावना अधिक होती है। इसके परिणामस्वरूप अधिक स्थिर खाद्य श्रृंखलाएं और खाद्य जाले बनते हैं। जैव विविधता वैज्ञानिक अनुसंधान, शिक्षा और निगरानी में मदद करती है। जैव विविधता, इस प्रकार, जीवन के कामकाज और भूमिका को समझने में मदद करती है जो प्रत्येक प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र को बनाए रखने में निभाती है जिसमें हम मनुष्य भी एक हिस्सा हैं।

विशेष रूप से, प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र का फसल भूमि में परिवर्तन, रेल और सड़क मार्ग जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का विकास, शहरीकरण और खनन गतिविधियों में वृद्धि से जीवों के निवास स्थान का नुकसान और विखंडन भूमि उपयोग के परिवर्तन के माध्यम से हुआ है। लिविंग प्लैनेट की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 40 वर्षों में लगभग 50% उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय वन और 45% समशीतोष्ण घास के मैदानों को मानव उपयोग के लिए परिवर्तित कर दिया गया है। कुछ नुकसान के अलावा, प्रदूषण से कई आवासों का क्षरण भी कई प्रजातियों के अस्तित्व को खतरे में डालता है।

अधिक शिकार या प्रजातियों का अवैध शिकार, पौधों के उत्पादों की अधिकता और अधिक कटाई से जैव विविधता में तेजी से गिरावट आ सकती है। मानव के बदलते उपभोग पैटर्न को अक्सर प्राकृतिक संसाधनों के इस सतत दोहन के प्रमुख कारण के रूप में उद्धृत किया जाता है। कई प्रजातियां जो पिछली 5 शताब्दियों में विलुप्त हो गई, जैसे स्टेलर की समुद्री गाय, यात्री कबूतर, मनुष्यों द्वारा अति-शोषण के अधीन थीं। इसी तरह प्लास्टिक प्रदूषण से जानवरों की मौत होती है। साथ ही, उद्योगों और वाहनों से वायु प्रदूषण के कारण शहरी क्षेत्रों में कई पक्षी प्रजातियों की मृत्यु हुई है।

वन्य जीवन, पौधे और पशु संसाधनों और क्षेत्र में रहने वाले आदिवासियों के पारंपरिक जीवन के संरक्षण के लिए संरक्षित भूमि के बड़े क्षेत्र राष्ट्रीय उद्यान व वन्य जीव अभ्यारण्य हो सकते हैं। भारत के आदिवासियों ने वनों की जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आदिवासियों ने पवित्र उपवनों में वनस्पतियों और जीवों का संरक्षण किया है। अन्यथा, ये वनस्पति और जीव प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र से गायब हो गए होते। सरकार को क्षेत्र में अपनी एजेंसियों और इन वनों पर निर्भर लोगों के बीच विश्वास पैदा करने का प्रयास करना चाहिए, उन्हें देश में हर किसी की तरह समान नागरिक माना जाना चाहिए।

आज की वैश्वीकृत दुनिया में वन्य जीवन और प्रकृति के संरक्षण ने अधिक महत्व ग्रहण कर लिया है।  दूसरों के जीवन की देखभाल और प्रकृति के लिए सहानुभूति हमें मानसिक रूप से हमारी प्रकृति के साथ जोड़ सकती है जो हमें उपभोग के लालच से छुटकारा दिला सकती है जिसने हमारे पर्यावरण को नष्ट कर दिया है।  विकसित राष्ट्र इस बात से अवगत हैं कि उनका विकास प्रकृति या अन्य विकासशील देशों की कीमत पर नहीं हो सकता है। संरक्षण पर सार्वजनिक करुणा को बढ़ावा देने से इन प्रयासों में मजबूत तालमेल हो सकता है।

पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों में हवा, पानी, मिट्टी, खनिज, ईंधन, पौधे और जानवर शामिल हैं। इन संसाधनों की देखभाल करना और इनका सीमित उपयोग करना ही प्रकृति का संरक्षण है ताकि सभी जीवित चीजें भविष्य में उनके द्वारा लाभान्वित हो सकें। प्राकृतिक, संसाधन और पर्यावरण हमारे जीवन और अस्तित्व का आधार हैं। प्रकृति है तो जीवन है, जीवन है तो मानव है, मानव है तो मानवता है। प्रकृति संरक्षण सबसे बड़ा पुण्य का काम है। हम बड़े भाग्यशाली हैं कि हमारा संबंध ब्रह्मांड के उस सबसे अनोखे ग्रह से है जिस पर जीवन है।

लेकिन हमारी जीवनशैली के कारण केवल मानव ही नहीं बल्कि सभी जीवों के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हम ये भी कह सकते हैं कि हमारे इस सबसे अनोखे ग्रह पर जीवन के अस्तित्व का खतरा पैदा हो गया। विश्व प्रकृति दिवस पर आइये हम मिलकर संकल्प लें कि प्रकृति संरक्षण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। लेकिन ये कानून की बाध्यता से संभव नहीं है ये हमारे और आपके सामूहिक प्रयास से ही संभव हो सकेगा।

–  सत्यवान ‘सौरभ’,
रिसर्च स्कॉलर, कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट,