Home Blog Page 374

गौ तस्करी के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर ली एक युवक की जान, 2 की हालत गंभीर

0

Madhya Pradesh News: कभी शांति का टापू कहे जाने वाले मध्यप्रदेश में अब मॉब लिंचिंग के किस्से एक के बाद एक सामने आ रहे हैं ताजा मामला मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (होशंगाबाद) का है। यहां पर गौ तस्करी के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर एक युवक की जान ले ली जबकि दो की हालत गंभीर है। तीनों युवक नर्मदापुरम (होशंगाबाद) के सिवनी मालवा इलाके के नंदेरवाड़ा गांव से ट्रक में मवेशी भरकर अमरावती ले जा रहे थे। सूत्रों के मुताबिक गायों से भरा ट्रक सिवनी मालवा के बराखड गांव के रास्ते करीब 12:30 बजे जा रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों को ट्रक में गोवंश की तस्करी की सूचना मिली जिसके चलते ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ट्रक में गायों को ठूंसकर भरा देख ग्रामीण भी भड़क गए जिसके बाद उन्होंने युवकों की बुरी तरह से पिटाई कर दी।

हमले में महाराष्ट्र के अमरावती के एक युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है ट्रक में 30 गोवंश भरे हुए थे लेकिन हादसे में 2 गायों की मौत हो गई थी जिसे देखकर नाराज ग्रामीणों ने ट्रक चालक और उसके दोनों साथियों की जमकर पिटाई की। इससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां नाजिर अहमद की मौत हो गई।

मामले में पुलिस ने दर्ज किया केस

पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया है। हालात तनावपूर्ण होने के चलते प्रशासन ने पुलिस बल को तैनात कर दिया। मौके पर IG, DM और SP सहित कई थानों के थाना प्रभारी और SDOP भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। नर्मदापुरम (होशंगाबाद) SP गुरुकरण सिंह के मुताबिक रात 12:30 बजे महाराष्ट्र पासिंग तक अवैध गोवंश लेकर जा रहा था जिसमें तीन अमरावती के निवासी थे इस ट्रक को रोका गया और करीब 10 से 12 लोगों द्वारा इनके साथ मारपीट की गई। मौके पर पुलिस के पहुंचने बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उपचार के दौरान एक युवक की मौत हो गई। मामले में 302 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, वहीं अवैध गोवंश के तहत भी एक मामला दर्ज किया गया है।

सिवनी जिले में भी हुई थी मॉब लींचिंग

इससे पहले मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में भी ऐसा ही एक मामले क मामला आया था जहां कुरई थाना अंतर्गत बादल पार चौकी क्षेत्र में गोमांस रखने के शक में लोगों की भीड़ ने 3 आदिवासियों की लाठियों से जमकर पिटाई की थी जिसके चलते 2 लोगों की मौत हो गई थी।

तिरंगा बाइक रैली – उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने बाइक रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया

0

केंद्र सरकार, भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की जोर-शोर से तैयारी कर रही है। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत सभी राज्यों में 13 अगस्त से 15 अगस्त के बीच हर घर पर ‘तिरंगा’ फहराया जाएगा। लेकिन इससे पहले आज सभी सांसदों ने तिरंगा बाइक रैली निकाली। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने लाल किले से विजय चौक तक ‘हर घर तिरंगा’ बाइक रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी भाग लिया। समाचार एजेंसी एएनआई ने इस रैली का वीडियो भी जारी किया है जिसमें देखा जा सकता है कि स्मृती ईरानी अपनी स्कूटी पर तिरंगा लहराते सबसे आगे दिख रही हैं। इसके अलावा इस रैली में केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी भी दिखीं।

भाजपा का आरोप- तिरंगा बाइक रैली में एक भी विपक्षी सांसदों ने भाग नहीं लिया इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि तिरंगा बाइक रैली में विपक्ष का एक भी सांसद शामिल नहीं हुआ।

स्मृति ईरानी ने दी प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर राष्ट्र का हर नागरिक एक तरफ आजादी के 75 साल को उत्सव के रूप में मना रहा है तो दूसरी ओर PM का आह्वान है कि आगामी 25 साल संकल्पों से भरा हो, कर्तव्य निष्ठा से भरपूर हो और अपेक्षाओं पर हर नागरिक खड़ा उतरे ये प्रयास हम सबका है।

तिरंगा चंद गज का कपड़ा नहीं: अनुराग ठाकुर
इस तिरंगा रैली में  केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि तिरंगा चंद गज का कपड़ा नहीं तिरंगे की ताकत 130 करोड़ भारतीयों को एकजुट करने की है। आज आप देख सकते हैं सभी एकजुट होकर तिरंगा यात्रा में शामिल हुए हैं, बहुत सारे केंद्रीय मंत्री, सांसद इस यात्रा में शामिल हैं। आने वाले पीढ़ियों को इससे संदेश दिया जा रहा है कि हम सब भारत को एकजुट रखेंगे, भारत को आगे बढ़ाएंगे और भारत को और मजबूत तथा ताकतवर बनाएंगे।

केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने भी लिया रैली में भाग, देखें वीडियो
केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि हर घर तिरंगा फैले और सब लोग अपने कर्तव्यों को ध्यान में रखकर हर घर तिरंगा फहराने का और भारत के भविष्य को लहराने का काम करें।

 

 

मायावती का बड़ा एलान, उप-राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ का करेंगी समर्थन

0

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने उप-राष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को समर्थन देने का एलान किया है। उन्होंने अपनी पार्टी के समर्थन की घोषणा बुधवार को की है।

मायावती ने ट्विट करते हुए लिखा कि सर्वविदित है कि देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में सत्ता व विपक्ष के बीच आम सहमति ना बनने की वजह से ही इसके लिए फिर अन्ततः चुनाव हुआ।

अब ठीक वही स्थिति बनने के कारण उपराष्ट्रपति पद के लिए भी दिनांक छह अगस्त को चुनाव होने जा रहा है। उन्होंने लिखा कि बीएसपी ने उपराष्ट्रपति पद के लिए हो रहे चुनाव में भी व्यापक जनहित और अपनी मूवमेंट को भी ध्यान में रखकर जगदीप धनखड़ को अपना समर्थन देने का फैसला किया है, तथा जिसकी मैं आज औपचारिक रूप से घोषणा भी कर रही हूं।

मालदीव के राष्ट्रपति ने आज राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से भेंट की

0

New Delhi – मालदीव गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने आज 2 अगस्त,  राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से भेंट की।

राष्ट्रपति सोलिह का राष्ट्रपति भवन में स्वागत करते हुए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वह भारत के एक ऐसी करीबी मित्र और एक प्रतिष्ठित राजनेता की अगवानी करके अत्‍यंत प्रसन्‍न हैं जिनके नेतृत्व में मालदीव एक स्थिर और समृद्ध राष्ट्र के रूप में उभरा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक प्रमुख साझेदार और घनिष्ठ मित्र है। सदियों से दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत सांस्कृतिक, आर्थिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। भारत की ‘पड़ोस प्रथम’ नीति में मालदीव का विशेष स्थान है। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि भारत की आवश्यकता-आधारित वित्तीय और विकास सहायता से मालदीव सरकार की विकास प्राथमिकताओं को पूरा करने में आवश्‍यक सहयोग मिल रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत-मालदीव विकास सहयोग का तेजी से विस्तार, रक्षा एवं सुरक्षा पहल, आर्थिक संबंध और पारस्‍परिक जन संपर्क मालदीव की सरकार और वहां की आम जनता के साथ भारत के संबंधों के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कोविड-19 के प्रकोप के दौरान मालदीव की सरकार और लोगों के साहस एवं दृढ़ता की सराहना की। उन्हें यह जानकर प्रसन्‍नता हुई कि महामारी के दौरान मजबूत भारत-मालदीव सहयोग की पूरे क्षेत्र के लिए एक मॉडल के रूप में सराहना की गई है।

 

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत-मालदीव साझेदारी में क्षमता निर्माण एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर कर सामने आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित सहमति पत्रों (एमओयू) से मालदीव में क्षमता निर्माण की विभिन्‍न पहल और भी ज्‍यादा मजबूत होंगी।

पटना (बिहार) में आयोजित सिनेलर्नर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल CIFF 2022 सम्पन्न

0
पटना के सैयदपुर में किलकारी बिहार बाल भवन में पिछले दिनों एक अनोखे फ़िल्म महोत्सव सिनेलर्नर इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल (CIFF 2022) का आयोजन किया गया।
बिहार फ़िल्म विकास निगम के सहयोग से इस अनोखे दो दिवसीय फ़िल्म महोत्सव के डिस्कशन पैनल का हिस्सा बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता  राजन कुमार, गेस्ट संजना कपूर, समीक्षक विनोद अनुपम थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में रमेश कुमार (समाज सेवक और गवर्नमेंट कांट्रेक्टर), सासाराम से आए जितेंद्र सिंह भी समारोह में शामिल थे।
अपनी मनमोहक प्रस्तुति के माध्यम से अभिनेता राजन कुमार दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रहे। अभिनेता राजन कुमार न सिर्फ सिने अभिनेता और निर्माता हैं बल्कि वह सिनेमा प्रेमी भी हैं।
सिनेमा का जादू उनके सर चढ़कर बोलता है। यही वजह है कि उन्हें जब भी अवसर मिलता है, वह सिनेमा को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ते, चाहे मुंगेर फ़िल्म फेस्टिवल की सफलता में उनके विशेष योगदान की बात हो या बिहार से लेकर मुम्बई तक फ़िल्म से सम्बंधित कोई भी कार्यक्रम हो, वह अपनी उपस्थिति और अपनी प्रस्तुति से लोगों के दिल मे जगह बना लेते हैं।
लगातार दो दिनों तक राजन कुमार को इस फ़िल्म फेस्टिवल में डिस्कशन पैनल का हिस्सा बनाया गया। भारतीय सिनेमा में बिहार के योगदान एवं ‘बिहार का सिनेमा’ के विषय पर हुई परिचर्चा में राजन कुमार ने भाग लिया।
इस परिचर्चा में राजन कुमार ने जिस तरह सिनेमा के बारे में गहराई और विस्तार से बात की, वह सबका ध्यान खींचने वाली थी। उसकी वजह यह है कि राजन कुमार का सिनेमा से गहरा नाता रहा है, वह नेशनल इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल्स, इवेंट्स में हिस्सा लेते रहे हैं।
सिनेमा की गहरी समझ रखने वाले राजन कुमार का मामी फेस्टिवल से लेकर मुंगेर फ़िल्म फेस्टिवल तक दायरा काफी विस्तृत है। उनकी ट्रेनिंग बहुत अच्छी रही है। उन्होंने अब तक 8-10 शार्ट फिल्म्स, 3 फीचर फिल्मों को प्रोड्यूस किया है।
किशोर नमित कपूर से उन्होंने अभिनय का प्रशिक्षण लिया है। फ़िल्म निर्माण के क्षेत्र में भी उनके पास लंबा अनुभव रहा है। एफटीआईआई पुणे, एनएसडी दिल्ली में उनका आना जाना लगा रहता है।
उनके कई सारे फ्रेंड्स साउथ फ़िल्म इंडस्ट्री के हैं और वहां की इंडस्ट्री से भी उनका नाता रहा है। आपको बता दें कि यह सीआईएफएफ का पहला आयोजन था जिसमे 45 फिल्में दिखाई गईं। ‘किलकारी’ संस्था का इस प्रोग्राम के आयोजन में बड़ा योगदान रहा।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

ऊंची आवाज में बोलने से किसानों और मछुआरों का हित नहीं हो सकता -केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला

0
नई दिल्ली: लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान आज किसान क्रेडिट कार्ड पर सवाल-जवाब के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच काफी गरमा-गरमी देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने विपक्ष के सांसदों की बातों पर अपनी नाराजगी व्यक़्त करते हुए कहा कि -” ऊंची आवाज में बोलने से किसानों और मछुआरों का हित नहीं हो सकता। ये-ये करने से कुछ नहीं होता। देना पड़ता है। नरेंद्र मोदी ने दिया है।
-” अरे आप यूं-यूं ही करते रहे। 50 साल में दिया नहीं। दिया नरेंद्र मोदी ने। और उसपर आप सवाल करते रहतो हो। ऐसे-ऐसे हाथ करने से क्या होता है। ऐसे कुछ नहीं होता है। नरेंद्र मोदी ने दिया। अभी लोगों को देने की कोशिश चल रही है। अभी तो मिलने की शुरुआत हुई है। ये किसान क्रेडिट कार्ड किसानों का ये मिलाकर कर रहे हैं। ऊंची आवाज में बोलने से किसानों और मछुआरों का हित नहीं हो सकता। ये-ये करने से कुछ नहीं होता। देना पड़ता है। नरेंद्र मोदी ने दिया है। ” –

हर बार की तरह श्री रुपाला जब बोल रहे थे तो डीएमके के सांसद दयानिधि मारन, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले भी मंत्री से जोर-जोर से बोलते दिखे।

आज लोकसभा में किसान क्रेडिट कार्ड पर पूछे जा रहे थे सवाल प्रश्न काल के दौरान एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर कुछ सवाल पूछ रही थीं, उनका ज़वाब देने के लिए श्री रुपाला उठे। इस दौरान विपक्षी सदस्य हमेशा की तरह टोका टोकी कर रहे थे।

विपक्षी सदस्यों के इस व्यवहार से आहत श्री रुपाला को गुस्सा आ गया और वो विपक्ष की तरफ हाथ उठाकर बोलने लगे -उन्होंने कहा कि – ” केसीसी को लेकर कन्फ्यूजन चल रहा है। केसीसी के बारे में सारे सांसदों और देशवासियों को बताना चाहता हूं, केसीसी किसानों के लिए था, वहीं पशुपालकों और मछुआरों को भी अब इसमें शामिल किया गया है। केसीसी का मकसद किसानों को 1.60 लाख रुपये तक का संस्थागत लोन देने का प्रावधान है। अब इसमें मछुआरों और पशुपालकों को भी शामिल किया गया है। हालांकि, अभी ये लागू नहीं हुआ है। उन्हें लोन देने की प्रक्रिया कुछ दिनों में चालू होगी।

– ” कभी किसान क्रेडिक कार्ड का कोई लोन कभी माफ नहीं होता है, जितनी मेरी जानकारी में है। किसी सरकार ने आजतक किसान क्रेडिक कार्ड पर लोन माफ किया है क्या?

– सदन में बहस के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

लोकसभा स्पीकर बोले, किसान क्रेडिट का लोन माफ नहीं होता

जब किसान क्रेडिट कार्ड पर सवाल जवाब चल रहा था तभी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि कभी किसान क्रेडिक कार्ड का कोई लोन कभी माफ नहीं होता है, जितनी मेरी जानकारी में है। किसी सरकार ने आजतक किसान क्रेडिक कार्ड पर लोन माफ किया है क्या। मेरे सवाल का जवाब दीजिए।

निराश्रित गोवंश के समुचित व्यवस्थापन के लिए राज्य सरकार नियोजित प्रयास कर रही है : योगी

0

-मुख्यमंत्री ने की बारिश और फसल बुआई की समीक्षा, कहा-सभी जिलों की 24 घंटे हो निगरानी

-बारिश के सटीक आंकलन को विकास खंड स्तर पर लगेंगे रेन गेज़ ताकि समय से मिले जानकारी

-15 जिलों में कम बारिश से बुआई पर असर, यहां के हालात पर रखें नजर : मुख्यमंत्री

-सीएम के निर्देश, कृषि, सिंचाई, राहत, राजस्व आदि विभाग अलर्ट मोड में रहें

लखनऊ, 01 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को यहां कहा कि राज्य में इस वर्ष कम बारिश के बावजूद स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों का नुकसान नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि जिन जिलों में कम बारिश से बुआई पर असर पड़ा है, वहां के हालात पर नजर रखी जाए।

मुख्यमंत्री योगी आज बारिश और फसल की बुआई को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी जिलों में 24 घंटे निगरानी हो। साथ ही कृषि, सिंचाई, राहत, राजस्व आदि विभागों को उन्होंने सदैव अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया।

समीक्षा बैठक में ये रहे मुख्यमंत्री के प्रमुख दिशा-निर्देश

● इस वर्ष 31 जुलाई तक प्रदेश में कुल 191.8 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो कि वर्ष 2021 में हुई 353.65 मिमी और वर्ष 2020 में हुई 349.85 मिमी वर्षा के सापेक्ष कम है। इस बीच एकमात्र आगरा जनपद ऐसा रहा जहां सामान्य (120 प्रतिशत से अधिक) वर्षा हुई। इन परिस्थितियों के बीच सभी किसान भाइयों से संवाद-संपर्क बनाए रखा जाए। सरकार सभी किसानों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए संकल्पित है। जरूरत के अनुसार किसानों को हर संभव सहायता दी जाएगी, एक भी किसान का नुक़सान नहीं होने देंगे।

◆ जनपद फिरोजाबाद, एटा, हाथरस, खीरी, औरैया, चित्रकूट, प्रतापगढ़, वाराणसी और हापुड़ में सामान्य (80 प्रतिशत से 120 प्रतिशत) और मथुरा, बलरामपुर, ललितपुर, इटावा, भदोही, अम्बेडकर नगर, मुजफ्फरनगर, गाजीपुर, कन्नौज, जालौन, मेरठ, संभल, सोनभद्र, लखनऊ, सहारनपुर और मिर्जापुर में सामान्य से कम (60 प्रतिशत -80 प्रतिशत) वर्षा हुई है। प्रदेश में 30 जनपद ऐसे हैं जहां सामान्य से 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक ही वर्षा दर्ज की गई है। जबकि 19 जनपदों में 40 फीसदी से भी कम बरसात हुई है। इन जिलों में खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है। हमें सभी परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा।

◆ कानपुर, अमरोहा, मुरादाबाद, गोंडा, मऊ, बहराइच, बस्ती, संतकबीरनगर, गाजियाबाद, कौशाम्बी, बलिया, श्रावस्ती, गौतमबुद्ध नगर, शाहजहांपुर, कुशीनगर, जौनपुर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद और रामपुर जिले में सामान्य की तुलना में मात्र 40 प्रतिशत बरसात हुई है। इन जिलों पर विशेष ध्यान रखा जाए।

◆ उत्तर प्रदेश में आमतौर पर 15 जून तक बरसात का मौसम प्रारंभ हो जाता रहा है, जो कि 15 सितंबर तक जारी रहता है। खेती-किसानी की समृद्धि के लिए यह प्राकृतिक वर्षा अमृत है। इस बार मॉनसून सामान्य नहीं है। हालांकि प्राकृतिक वर्षा जल से सिंचाई के साथ-साथ सरकार द्वारा नहरों, नलकूपों के विस्तार से सिंचाई सुविधा को बेहतर बनाया गया है। रामपुर ऐसा जिला है सामान्य की तुलना में मात्र 18 प्रतिशत बरसात ही हुई लेकिन अब तक यहां 98 प्रतिशत फसल की बुआई हो चुकी है।

◆ सामान्य वर्षा न होने के कारण खरीफ फसलों की बोआई का कार्य प्रभावित हुआ है। हालांकि 19 जुलाई के बाद हुई बरसात से स्थिति में काफी सुधार हुआ है। खरीफ अभियान 2022-23 के अंतर्गत 13 जुलाई की अद्यतन स्थिति के अनुसार प्रदेश में 96.03 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के सापेक्ष आज 01 अगस्त तक 81.49 लाख हेक्टेयर की बोआई हो सकी है, जो कि लक्ष्य का 84.8 प्रतिशत ही है। गत वर्ष इसी तिथि तक 91.6 लाख हेक्टेयर भूमि पर बोआई हो चुकी थी।

● मौसम वैज्ञानिकों के आंकलन के अनुसार अगस्त और सितंबर में वर्षा की स्थिति सामान्य रहेगी। 15 जिले ऐसे हैं जहां लक्ष्य के सापेक्ष 75 प्रतिशत से कम बोआई हुई है। इनकी परिस्थिति पर सतत नजर रखी जाए।

◆ प्रदेश में बरसात और खरीफ फसल बुवाई की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट तत्काल भारत सरकार को भेजी जाए। एक सप्ताह के भीतर सभी जिलों में कृषि फसलों की मैपिंग कराकर फसल बुवाई का विवरण तैयार कराया जाए।

◆ हमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। कृषि, सिंचाई, राहत, राजस्व आदि सम्बंधित विभाग अलर्ट मोड में रहें। प्रत्येक जनपद में कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि वैज्ञानिकों के माध्यम से किसानों से सतत संवाद बनाये रखें। उन्हें सही जानकारी उपलब्ध हो।

◆ वर्षा मापन अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। सरकार की अनेक नीतियां इसके आंकलन पर निर्भर करती हैं। वर्तमान में तहसील स्तरों पर रेन गेज़ यानी वर्षा मापक यंत्र लगाए गए हैं, इन्हें विकास खंड स्तर पर बढ़ाये जाने की कार्यवाही की जाए। अधिकाधिक वर्षा मापक यंत्रों से वर्षा की और सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। अगले चरण में इसे न्याय पंचायत स्तर पर विस्तार दिया जाने की तैयारी की जाए।

◆ मौसम का सही अनुमान अलर्ट जनजीवन के व्यापक हित को सुरक्षित करता है। अधिक सटीक अनुमान और तदनुरूप मौसम अलर्ट के लिए कमिश्नरी स्तर पर यंत्र स्थापित किए जाएं। इस कार्य में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की सहायता भी ली जाए।

◆ आकाशीय बिजली के सटीक पूर्वानुमान की बेहतर प्रणाली के विकास के लिए प्रयास किया जाना चाहिए। राजस्व एवं राहत कृषि, राज्य आपदा प्रबन्धन, रिमोट सेन्सिंग प्राधिकरण, भारतीय मौसम विभाग, केन्द्रीय जल आयोग, केन्द्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, ज्डक् से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखें। यहां से प्राप्त आकलन/अनुमान रिपोर्ट समय से फील्ड में तैनात अधिकारियों को उपलब्ध कराया जाए।

◆ किसानों को मौसम की सही जानकारी देने के लिए राज्य स्तर पर पोर्टल विकसित किया जाए। इसी प्रकार, फसल बुवाई की विस्तृत जानकारी के लिए डेटा बैंक तैयार किया जाए। किसान की उन्नति के लिए नीति-निर्धारण में यह डेटा बैंक उपयोगी सिद्ध होगा।

◆ बाढ़ व अतिवृष्टि की स्थिति पर सतत नजर रखी जाए। नदियों के जलस्तर की सतत मॉनीटरिंग की जाए। प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी तथा आपदा प्रबंधन टीमों को 24×7 एक्टिव मोड में रहें। आपदा प्रबंधन मित्र, सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की आवश्यकतानुसार सहायता ली जानी चाहिए। इन्हें विधिवत प्रशिक्षण भी दिया जाए।

◆ प्रदेश की बढ़ती आबादी के लिए खाद्य तेलों की जरूरत के सापेक्ष दलहन का उत्पादन 40-45 फीसदी ही है। इसे मांग के अनुरूप उत्पादन तक लाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। तिलहन और दलहन उत्पादन को बढ़ाना ही होगा। भारत सरकार भी इसके लिए सहयोग कर रही है। बुंदेलखंड क्षेत्र में इसमें अपार संभावनाएं हैं।

◆ नदियों की ड्रेजिंग के प्रयासों के अच्छे परिणाम मिले हैं। इसे आगे भी जारी रखा जाए। नदियों के चैनेलाइजेशन के लिए ड्रोन आदि नवीनतम तकनीक का प्रयोग करते हुए समय से कार्ययोजना बना लेनी चाहिए। चैनेलाइजेशन के काम और तेज करने की जरूरत है। नदियों की ड्रेजिंग से निकली उपखनिज बालू/सिल्ट की नीलामी में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। बालू नीलामी के कार्य का भौतिक सत्यापन भी कराया जाए।

◆ यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी पेयजल का अभाव न हो। विंध्य और बुंदेलखंड में पेयजल की सुचारु आपूर्ति बनी रहे। पेयजल के लिए बवन विभाग वन्य जीवों के लिए तथा पशुपालन विभाग पशुओं के पेयजल की व्यवस्था बेहतर बनाये रखे। बरसात पर निर्भर जलाशयों में जल की उपलब्धता के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

◆ निराश्रित गोवंश के समुचित व्यवस्थापन के लिए राज्य सरकार नियोजित प्रयास कर रही है। वाराणसी में गोबरधन योजना आज गोपालकों के आय संवर्धन का बेहतरीन माध्यम बन कर उभरा है, इसी प्रकार, बदायूं में गाय के गोबर से पेंट बनाने का अभिनव कार्य हो रहा है। हमें निराश्रित गोवंश के प्रबंधन का मॉडल तैयार करना होगा।

◆ प्रदेश के सभी निराश्रित गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्था का भौतिक परीक्षण कराया जाए। जॉइंट डायरेक्टर/एडिशनल डायरेक्टर स्तर के अधिकारियों को जिलों में भेजा जाए। इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को।उपलब्ध कराएं।

◆ प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप जैव ईंधन यानी बायो फ़्यूल को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। प्रदेश में बायो फ्यूल की इकाई की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से भी सहयोग प्राप्त होगा। ऐसे में बिना विलंब प्रदेश का प्रस्ताव भेज दिया जाए। मुख्य सचिव द्वारा इस दिशा में कार्यवाही अपेक्षित है।

गौ आश्रय और गौ संरक्षण केंद्रों के निरीक्षण के लिए सभी 18 मंडलों में अफसर नियुक्त

0

लखनऊ: गौ आश्रय और गौ संरक्षण केंद्रों के निरीक्षण के लिए सभी 18 मंडलों में अफसर नियुक्त. गौ आश्रय और गौ संरक्षण केंद्रों के निरीक्षण के लिए सभी 18 मंडलों में अफसर नियुक्त. बाढ़-सूखा, गौ संरक्षण, पशुपालन समेत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करेंगे नोडल अफसर. प्रदेश के सभी 18 मंडलों पर वरिष्ठ अफसरों की तैनाती.

एमपी में भी गौ-मूत्र खरीदी योजना शुरू करने की मांग, कांग्रेस बोली- हमारी सरकार बनी तो लाएंगे योजना – भाजपा ने किया पलटवार

0

भोपाल. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा हरेली पर्व के अवसर पर राज्य में गौ-मूत्र खरीदी योजना शुरु की है। इसी तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी भूपेश मॉडल लागू करने की मांग उठने लगी है। ये मांग मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से उठाई जा रही है। मांग के जरिए शिवराज सरकार से गौ-मूत्र खरीदी योजना लागू करने को कहा गया है। साथ ही, कांग्रेस का ये भी कहना है कि, अगर हमारी सरकार आती है तो इस योजना को तत्काल ही मध्य प्रदेश में भी लागू किया जाएगा।

इस संबंद् में कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का कहना है कि, भूपेश बघेल और कमलनाथ असली गौ भक्त हैं। गोबर के बाद अब गोमूत्र भी भूपेश बघेल खरीद रहे हैं। सरकार में आए तो कमलनाथ भी गोमूत्र खरीदी योजना लागू करेंगे। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि, अपनी सरकार के दौरान कमलनाथ ने भी प्रदेश में सरकारी गौशाला बनाने की शुरुआत की थी।

कांग्रेस की मांग पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि, इनकी सरकार कल्पना में जीती है। आप देखो अगर वो सरकार में आते हैं, तो काल्पनिक प्रश्न है। आसमान अगर बिना खंबे से टिक आएंगे, अगर गिर गया तो सिर्फ़ काल्पनिक ही आश्वासन दे सकते हैं। इसके अलावा कुछ नहीं। उन्होंने आगे कहा कि, जनता भी अब कांग्रेस के आश्वासनों को काल्पनिक ही मानने लगी है।

गोमूत्र के नाम पर कांग्रेसी सरकार को बेचेंगे करोडों लीटर पानी- बीजेपी

कांग्रेस की गौ-मूत्र खरीदी की मांग पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी ने कहा कि, ये भ्रष्टाचार की योजना साबित होगी। भ्रष्टाचार का सूत्र गोमूत्र बनेगा। कांग्रेस ने कभी गौ भक्ति नहीं की है।

4 रुपए लीटर गौ-मूत्र खरीद रही भूपेश सरकार

आपको बता दें कि, छत्तीसगढ़ में 28 जुलाई को हरेली उत्सव से शुरू हुई गोमूत्र खरीदी सरकारी योजना के पहले दिन 2306 लीटर गोमूत्र खरीदा गया। ये भी बता दें कि, सबसे ज्यादा 307 लीटर गौ-मूत्र की खरीदी कवर्धा में हुई है। बालोद जिले में पहले दिन 287 लीटर गोमूत्र और महासमुंद जिले में 184 लीटर गोमूत्र प्राप्त हुआ। राज्य में 4 रुपए लीटर की दर से गौ-मूत्र खरीदी की जा रही है। शुरुआत फिलहाल 63 गांवों के गौठानों से की गई है।

भारतीय और फ्रांसीसी नौसेना द्वारा अटलांटिक में सैन्याभ्यास

0
भारतीय और फ्रांसीसी नौसेना द्वारा अटलांटिक में सैन्याभ्यास

New Delhi – अपनी सुदूर क्षेत्रीय तैनाती के दौरान आईएनएस तरकश ने 29 और 30 जुलाई, 2022 को उत्तरी अटलांटिक महासागर में फ्रांस की नौसेना के साथ समुद्री साझेदारी सैन्याभ्यास (एमपीएक्स) किया।

तरकश और फ्रांसीसी फ्लीट टैंकर एफएनएस सौम के बीच समुद्र में तेल की आपूर्ति का अभ्यास किया गया। इसके बाद समुद्री टोही हवाई जहाज फॉल्कन 50 के साथ संयुक्त वायु अभियान का अभ्यास किया गया। इस दौरान वायु रक्षा अभ्यास और कृत्रिम मिसाइलों से युद्धाभ्यास किया गया।

सफल जमीनी और आसमानी अभ्यास दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच मौजूद उच्चस्तरीय परिचालन, संचालन और पेशेवर कुशलता का परिचायक है।