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सुप्रीम कोर्ट की दो टूक – देश में नफरत का माहौल, हेट स्पीच पर करें कार्रवाई नहीं तो होगा एक्शन

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National Story: देश में लगातार बढ़ रही ‘हेट स्पीच’ और ‘हेट क्राइम’ को लेकर एक शख्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट ने भी इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हेट स्पीच पर सख्ती दिखाई. कोर्ट ने कहा कि हेट स्पीच देने वालों के खिलाफ बिना उनका धर्म देखे तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए. इस तरह की बातें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी.

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नई दिल्ली -( जीबीबी डेस्क )  सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच (नफरती बयानों)  को लेकर सख्ती दिखाई है. सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच देने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि ‘घृणा का माहौल देश पर हावी हो गया है. धर्म की परवाह किए बिना तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए’. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हेट स्पीच में दिए जा रहे बयान विचलित करने वाले हैं. ऐसे बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने कहा कि ’21वीं सदी में ये क्या हो रहा है? धर्म के नाम पर हम कहां पहुंच गए हैं? हमने ईश्वर को कितना छोटा बना दिया है. भारत का संविधान वैज्ञानिक सोच विकसित करने की बात करता है.’

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ‘भारत में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने और आतंकित करने के बढ़ते खतरे’ को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र से इस बारे में जवाब भी मांगा.

गौरतलब है कि इस बारे में शाहीन अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि वह देशभर में हुई हेट स्पीच की घटनाओं की निष्पक्ष, विश्वनीय और स्वतंत्र जांच के लिए केंद्र सरकार को निर्देशित करें.

सुप्रीम कोर्ट बोला- देश में नफरत का माहौल
जनहित याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने कहा, ”शिकायत बहुत गंभीर लगती है, क्योंकि देश में नफरत का माहौल बन गया है। मामले की जांच की जरूरत है। हमें लगता है कि न्यायालय को मौलिक अधिकारों की रक्षा करने और कानून के शासन को बनाए रखने का काम सौंपा गया है। पुलिस प्रमुख – दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड – क्या कार्रवाई की गई है, इस पर रिपोर्ट देंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि जब कोई भी भाषण भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए, 153बी, 295ए और 505 के तहत प्रावधानों को आकर्षित करता है, तो बिना किसी शिकायत के अपराधियों के खिलाफ स्वत: कार्रवाई की जाए।

कोर्ट ने आगे यह स्पष्ट किया कि न्यायालय द्वारा पारित आदेश पर कार्रवाई करने में प्रतिवादियों की ओर से किसी भी अक्षमता को न्यायालय की अवमानना के रूप में देखा जाएगा। तीन पुलिस प्रमुखों को निर्देश देते हुए, बेंच ने कहा, “प्रतिवादी किसी भी धर्म के लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त आदेश पारित करेंगे, ताकि देश के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को बचाया जा सके।”

कोर्ट से बोले सिब्बल- किसी ने तो हमारी बात सुनी
याचिका में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संसद सदस्य के एक बयान का भी जिक्र किया गया है, जिन्होंने मुसलमानों के सामाजिक बहिष्कार और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया था। बेंच ने कहा, ”ये बयान निश्चित रूप से उस देश के लिए बहुत कड़े हैं, जो लोकतंत्र और धर्म-तटस्थ होने का दावा करता है।” वहीं, सुनवाई के आखिर में सिब्बल ने कोर्ट से कहा, ”कम से कम किसी ने तो हमारी बात सुनी.” याचिका में मुसलमानों के खिलाफ नफरत भरे भाषणों की अलग-अलग घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की गई है। आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में कार्यक्रमों के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन भाषण देने वालों के खिलाफ नहीं।

चुनाव 2022:अरविंद केजरीवाल को एक के बाद एक झटके

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New Delhi – दिल्ली और पंजाब के बाद विस्तार की ओर देख रही आम आदमी पार्टी को अब गुजरात से ही उम्मीद नजर आ रही है। खबर है कि एक के बाद एक मिल रहे झटकों के चलते पार्टी का हिमाचल प्रदेश में प्लान फेल होता दिख रहा है। इसके संकेत राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की सियासी चहलकदमी से भी मिल रहे हैं। उन्होंने पहाड़ी राज्य में गतिविधियां कम कर दी हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी हलकों में ऐसी धारणा बन गई है कि केजरीवाल समेत शीर्ष नेतृत्व ने हिमाचल पर कोशिशें छोड़ दी हैं। साथ ही पार्टी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात में ताकत झोंक रही हैं। फिलहाल, राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और कांग्रेस भी दम भर रही है। अब राज्य का सियासी इतिहास कहता है कि बीते कई दशकों से यहां एक पार्टी दोबारा सत्ता में नहीं लौटी।
हिमाचल की तारीखें आने के बावजूद केजरीवाल गुजरात पहुंचे
भारत निर्वाचन आयोग ने हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को विधानसभा चुनाव कराने का फैसला किया है। जबकि, गुजरात की तारीखें सामने नहीं आई हैं। इसके बाद भी 16 अक्टूबर यानी रविवार को केजरीवाल भावनगर में गरजे। इतना ही ननहीं पंजाब के कई मंत्री और विधायक गुजरात में ही देखे जा रहे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, उनमें से कुछ का कहना है कि वे भी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्हें पड़ोसी हिमाचल में क्यों नहीं भेजा जा रहा है। इसके बजाय उन्हें अलग सांस्कृतिक माहौल वाले राज्य में भेजा जा रहा है, जहां भाषा भी उनके लिए चुनौती बन रही है। आप के एक नेता ने कहा, ’25 जुलाई को केजरीवाल और मान के वर्चुअल रैली को संबोधित करने के बाद केजरीवाल पहाड़ी राज्य में नजर नहीं आए हैं। पार्टी इकाई को अपने आप पर छोड़ दिया है।’
एक के बाद एक झटके
हिमाचल प्रदेश में आप की तैयारियों काफी पहले ही शुरू हो गई थीं। मार्च में ही आप ने केजरीवाल के करीबी कहे जाने वाले दुर्गेश पाठक को राज्य का प्रभारी बनाया। इसके बाद पार्टी को पहला झटका अप्रैल में लगा। तत्कालीन पार्टी प्रमुख अनूप केसरी, सतीश ठाकुर और इकबाल सिंह जैसे दिग्गज नेताओं के साथ भाजपा में चले गए। खास बात है कि नेताओं के दल बदलने से दो दिन पहले ही केजरीवाल और मान ने मंडी में ‘तिरंगा यात्रा’ की थी।
इसके बाद दिल्ली में मंत्री सत्येंद्र जैन को प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। 14 अक्टूबर को आप ने पंजाब कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस को राज्य का प्रभारी बनाया। जबकि, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा गुजरात के सह प्रभारी बनाए गए थे।
नामांकन नहीं हुए दाखिल, उम्मीदवारों का ऐलान नहीं
आप ने राज्य में अभी तक उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया है। जबकि, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर है। बैंस का कहना है कि पार्टी हिमाचल प्रदेश की सभी 68 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। रिपोर्ट के अनुसार, उनके एक करीबी ने दावा किया है कि आप अभी भी मुकाबले में है और कोई कसर नहीं छोड़ रही। उन्होंने जानकारी दी कि कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।

हो जाएं सावधान, एक वीडियो कॉल आएगा और जिंदगी हो जाएगी बर्बाद

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राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के जैतसर क्षेत्र में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी करने के मामले सामने आए हैं. इन मामलों का शिकार हुए कुछ युवाओं ने पुलिस तक सूचना भी नहीं दी. जिसने पुलिस को सूचना दी, वो इस साईबर ठगी से बच भी गया.

जानकारी के मुताबिक गांव 2 जीबी के एक किशोर के मोबाइल पर सोशियल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक संदेश आया. इस पर उसने इस संदेश को स्वीकार कर लिया. वहीं इस दौरान एक महिला ने उसे नग्न होने को कहा, और किशोर का वीडियो बना लिया.

किशोर के पास दूसरे दिन कॉल आया और कहा गया कि आपका न्यूड वीडियो हमारे पास है. जिसे आपके पास भेज रहे हैं. किशोर के व्हाट्स एप नंबर पर वो वीडियो आ गया. फिर कॉल आया कि 10 हजार रुपए खाते में भेज दो , नहीं तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा.

किशोर ने इस कॉल की जानकारी पिता से सांझा की तो पिता ने पुलिस थाना जैतसर के कांस्टेबल हरदौल सिंह को इसकी जानकारी दी. कांस्टेबल की मदद से किशोर ठगी का शिकार होने से बच गया. इधर 4 जेएसडी गांव का एक युवक भी साइबर ठगी का शिकार हो गया.

बताया जा रहा है कि अबतक जैतसर क्षेत्र के अनेक युवा भी साईबर ठगी का शिकार हो रहे हैं. पुलिस थाने में इस तरह के मामले सप्ताह में दो से तीन आ रहे हैं. वहीं साइबर ठगी के शिकार कुछ युवा बताने में भी गुरेज कर रहे हैं. न्यूड वीडियो बनाकर हो रही इस ठगी से अब तक कई युवाओं के भविष्य बर्बाद हो चुका है.

सोशल मीडिया के जरिए जाल में फंसाते हैं 
फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्स एप पर युवाओं के पास महिलाओं से मित्रता करने के मैसेज फर्जी नंबर और फर्जी आईडी से भेजें जातें हैं. इस दौरान युवाओं से नंबर लेकर न्यूड वीडियो कॉल आती है. जिसके जाल में युवा फंस जाते हैं. वीडियो कॉल आने के बाद महिला की बातों में आकर युवा वो ही करते हैं जो उनसे कहा जाता है और फिर उसकी वीडियो बना ली जाती है.

इसके बाद पीड़ित को यू ट्यूब ऑफिस या फिर क्राइम ब्रांच का नाम लेकर कॉल आती है और फिर वीडियो हटाने के लिए 10 से 15 हजार मांगे जाते हैं. रुपए नहीं देने पर पुलिस 24 घंटे में एक्शन लेगी ऐसी धमकी दी जाती है. लोक लाज के डर पुलिस को सूचना नहीं देते और ठगी का शिकार हो जाते हैं.

पुलिस थाना के सीआई विक्रम चौहान और कांस्टेबल हरदौल सिंह ने बताया कि इस तरह की ठगी से बचने के लिए न्यूड वीडियो कॉल ना उठाएं. न्यूड वीडियो से जुड़े मैसेज को इग्नोर कर दें. वहीं इसकी जानकारी पुलिस को दें. इस तरह की ठगी का शिकार 15 से 30 साल के युवक हो रहें हैं. पुलिस के मुताबिक अगर आप इस ठगी का शिकार हों तो तुरंत साईबर हैल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल कर जानकारी दें.

पुलिस के मुताबिक आपकी जागरूकता ही आपकों साईबर फ्रॉड से बचा सकती है. किशोरावस्था को तनाव, तूफान और संघर्ष का काल कहा गया है. इसी अवस्था वाले युवाओं के पास न्यूड वीडियो कॉल आते हैं. युवाओं को इनसे बचना चाहिए. वहीं युवा इस अवस्था में योग की तरफ ज्यादा ध्यान दें. योग के माध्यम से कामेन्द्रियों पर नियंत्रण किया जा सकता है. जहां योग से शरीर ठीक होता है, वहीं बुरे विचारों से भी बचा जा सकता है.

रिपोर्टर- कुलदीप गोयल 

PM MODI -आज उत्तराखंड के दौरे पर हैं। वह केदारनाथ, बदरीनाथ व माणा में 3400 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कर रहे हैं

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) आज उत्तराखंड के दौरे पर हैं। वह केदारनाथ, बदरीनाथ व माणा में 3400 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कर रहे हैं। इनमें केदारनाथ व हेमकुंड साहिब रोपवे और चीन सीमा से लगे माणा क्षेत्र में दो राजमार्गों से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने जय बदरीविशाल और जय बाबा केदार के जयकारों के साथ अपना संबोधन शुरू किया। कहा कि आज बाबा केदार और बदरीविशाल के दर्शन कर मेरा जीवन धन्‍य हो गया। मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी के संबोधन के बाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंच से बटन दबाकर माणा क्षेत्र में रोपवे परियोजना का शिलान्‍यास किया। इस दौरान लघु फिल्म दिखाई गई।

जनसभा के दौरान मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर स‍िंह धामी ने कहा क‍ि वैसे तो माणा को अंत‍िम गांव कहते हैं लेक‍िन मैं इसे पहला गांव मानता हूं। उन्‍होंने कहा क‍ि यह सौभाग्‍य है क‍ि प्रधानमंत्री का सान‍िध्‍य म‍िल रहा है। उनके नेतृत्‍व में हम सहयात्री हैं, ज‍िनका लक्ष्‍य भारत को व‍िश्‍व गुरु बनाना है। सरस मेले के निरीक्षण के बाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जनसभा स्‍थल पहुंंचे। यहां उन्‍हें सुनने के लिए स्‍थानीय लोगों की भीड़ मौजूद रही। इस दौरान पीएम मोदी जिंदबाद के नारे लगते रहे।

प्रधानमंत्री ने माणा में सरस मेले का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्‍होंने स्‍थानीय उत्‍पादों के बारे में जाना। प्रधानमंत्री ने स्‍थानीय लोगों से बातचीत भी की। उनके स्‍वागत में सांस्‍कृतिक कार्यक्रम प्रस्‍तुत किए गए।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी भारत के अंतिम गांव माणा पहुंंच चुके हैं। यहां वह जनसभा को संबोधित करेंगे और कई योजनाओं का शिलान्‍यास करेंगे। बदरीनाथ में पूजा अर्चना के बाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी धाम से बाहर आए और जनता का अभिवादन किया। इसके बाद वह माणा गांव में जनसभा को संबोधित करेंगे।

भगवान केदारनाथ के बाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी भगवान बदरीश की भक्ति में लीन हो गए। मंत्र उच्‍चारण के बीच उन्‍होंने विधिविधान से पूजा अर्चना की और देश की सम्‍पन्‍नता की आशीर्वाद मांगा।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी शुक्रवार को बदरीनाथ में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन शनिवार की सुबह मोदी यहां से देहरादून के लिए रवाना होंगे। उसके बाद जौलीग्रांट से दिल्‍ली के लिए प्रस्‍थान करेंगे। प्रधानमंत्री के विशेष विमान के उतरने से पहले ही तीर्थयात्रियों को देवदर्शनी में रोका गया है। आम लोगों को अपने साथ सिर्फ मोबाइल फोन लाने की अनुमति है। कैरी और हैंड बैग सहित अन्य किसी तरह की सामग्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

केदारनाथ रोपवे का किया शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस दौरान धाम में मौजूद जनता का अभिवादन किया। पीएम ने केदारनाथ रोपवे का शिलान्यास भी किया। यहां से वह आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल के लिए रवाना हो गए।

नंदी का आशीर्वाद लिया और मंदिर की परिक्रमा की

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी पूजा अर्चना कर मंदिर से बाहर आए। यहां उन्‍होंने भगवान नंदी का आशीर्वाद लिया और मंदिर की परिक्रमा की।

हिमाचल के खास परिधान चोला डोरा में नजर आए पीएम

आज प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी हिमाचल के खास परिधान चोला डोरा में नजर आए। जो वहां की महिलाओं द्वारा हाथों से बनाया गया है। यह वस्‍त्र प्रधानमंत्री को भेंट किया गया है  ये लोग केदारनाथ धाम में मौजूद

इस अवसर पर केदारनाथ धाम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल, मुख्य सचिव, विधायक शैला रानी रावत, डीएम मयूर दीक्षित, एसपी आयुष अग्रवाल, तीर्थ पुरोहित विनोद शुक्ला, श्रीनाथ पोस्त , लक्ष्मी नारायण, कुबेर नाथ आदि लोग मौजूद हैं।

भगवान केदार का रुद्राभिषेक करेंगे प्रधनमंत्री

मंदिर परिसर में पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी भगवान भोले के सामने शाीश झुकाया और गर्भगृह में चले गए। यहां वह भगवान केदार का रुद्राभिषेक करेंगे।

पहाड़ी टोपी और खास तरह की सफेद पोशाक में नजर आए पीएम

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी एटीबी वाहन में बैठकर हेलीपैड से केदारनाथ मंदिर परिसर में पहुंचे। उनके साथ मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री पहाड़ी टोपी और खास तरह की सफेद पोशाक में नजर आए।

बदरी-केदार धाम में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चाक-चौबंद

वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखंड दौरे और दीपावली के मद्देनजर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चाक-चौबंद करने को ऊर्जा निगम और पिटकुल ने कमर कस ली है। खासकर बदरी-केदार धाम में निर्बाध आपूर्ति को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। ऊर्जा निगम की ओर से अतिरिक्त कर्मचारी और संसाधन तैनात किए गए हैं।

अरुणाचल प्रदेश में सेना का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त

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अरुणाचल प्रदेश में बड़ा हादसा हुआ है। तूतिंग मुख्यालय (Tuting headquarters) के पास आर्मी का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। राहत और बचाव के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

समाचार एजेंसी के मुताबिक, ये हादसा ऊपरी सियांग जिले में तूतिंग मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर सिंगिंग गांव के पास हुआ है। अरुणाचल प्रदेश में रक्षा मंत्रालय के पीआरओ ने इसकी जानकारी दी है। पीआरओ ने बताया कि ये हादसा शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजकर 40 मिनट पर हुआ है। ऊपरी सिंयाग जिले में आर्मी का एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

एसपी जुम्मर बसर ने कहा कि जिस जगह हादसा हुआ है वो जगह सड़क मार्ग से जुड़ी नहीं है। बचाव के लिए रेस्क्यू टीम फौरन भेजी गई। अभी और जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

Arunachal Pradesh 5 अक्टूबर को भी हुआ था हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त

गौरतलब है कि इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में ही पांच अक्टूबर को ही चीता हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया है। तवांग में हुए इस हादसे में भारतीय सेना के एक पायलट की मौत हो गई थी। सेना के अधिकारियों ने कहा था कि तवांग के पास नियमित उड़ान के दौरान सुबह 10 बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दोनों पायलटों को नजदीकी सैन्य अस्पताल ले जाया गया था।

विशेष -गोपाल के देस में गऊ ग्राम महोत्सव ‘ संपन्न

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लगभग एक हज़ार पूर्व तक अनेक आक्रमणों के बाद भी हर बार हमारा भारतवर्ष नई समृद्धि के साथ ‘स्वर्ण पाखी’ के रूप में सज्ज हो जाता था तो इसलिए कि हम ‘गोपालक देस’ थे ,गाय हमारी अर्थव्यवस्था की मेरुदंड थी और हमारी हिन्दू अर्थव्यवस्था में भोग नहीं उपयोग की महत्ता थी ,हमारी अर्थव्यवस्था का उद्देश्य ‘पूँजी निर्माण’ नहीं ,परमार्थ का पोषण हुआ करता था। जबसे हमारे जीवन से गायों का महत्त्व घटा ,हमारी अर्थव्यवस्था का संकुचन भी बढ़ा ,बढ़ता गया और कालांतर में हम ‘देश’ हो गए – हमारा ‘स्व’ लुट गया। यह स्वागतयोग्य है कि ‘गऊ भारत भारती’ ने पुनश्च गौवंश की महत्ता को जन -जन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए ‘ गऊ महोत्सव का आयोजन किया गया । परमादरणीय राज्यपाल डॉ भगत सिंह कोशियारी और केंद्रीय पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने इसका शुभारम्भ किया तो वही इसका समापन उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल के हाथों संपन्न हुआ।

समापन समारोह में कृपा शंकर सिंह , राधे गुरु माँ , इस्कॉन के प्रमुख देवकीनंदन दास जी , विधायक प्रकाश सुर्वे , विनोद शेलार , मनोभाव त्रिपाठी , चिराग गुप्ता ,अभिजीत राणे , टल्ली बाबा , संजीव गुप्ता और अन्य महानुभाव की उपस्थिति रही .

ज्ञात हो कि दिनाँक १२ अक्टूबर को “गऊ ग्राम महोत्सव” The Festival Of Cow का उद्घाटन महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी जी ने मंत्रोच्चार व रणभेरी के प्रफ्फुलित वातावरण में किया इसका उद्घघाटन किया था। और समापन उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाईक जी के हाथो संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के आयोजन में विशेष तौर पर ” राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ” ,जीव जंतु कल्याण बोर्ड , ( पशुपालन और डेयरी विभाग भारत सरकार ) महाराष्ट्र सरकार (पशुपालन और डेयरी विभाग ) का विशेष सहयोग रहा। विभाग के मुख्य सचिव श्री जगदीश गुप्ता जी ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। तथा पूरे सप्ताह विचार -विनिमय को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग , जीव जंतु कल्याण बोर्ड भारत सरकार व महाराष्ट्र राज्य सरकार के विशेषज्ञ अधिकारी उपस्थित रहेंगे ।

गाय की पीठ पर विद्यमान सूर्यके्तु नाडी सौर मंडल की समस्त ऊर्जा को अवशोषित कर अपने गव्यों (दूध ,मूत्र,गौमय) में डालकर समस्त मानव जीवन और प्रकृति को निरोगी एवं सम रखने का कार्य करती हैं। हमारा शरीर पंचमहाभूतों से बना हैं ये पंचमहाभूत्त है पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु एंवआकाश । इन पंचमहाभूतों मैं असंतुलन ही विभिन्न रोगों का कारण हें। किन्तु ईश्वर ने हमें गाय दी है जो अपने पंचगव्यो (गोमय दूध, घृत, गोमूत्र, छाछ) से इन पंचमहाभूतों को संतुलित करती है और हमें निरोगी रखती है। शरीर का पृथ्वी तत्व असंतुलित हुआ है तो हमें गोबर का रस या गोबर के कंडों से बनी भस्म का सेवन कर अपने पृथ्वी तत्व को संतुलित किया जा सकता है ।

जल तत्व को संतुलित करने के लिए गो मां का दूध ,वायु तत्व के लिए गोमूत्र , आकाश तत्व के लिए छाछ एंव अग्नि के लिए घृत है। अर्थात अपने पाँच महाभूतों को नियमित संतुलित करने के लिए हमें पांचों गव्यों का सेवन करना चाहिए। किंतु पाँचों महाभूतों की बात तो दूर हम एक भी महाभूत को संतुलित नही कर रहे है।

अगर पंचमहाभूतों को संतुलित करने के इस सूत्र को हम समझ ले तो हम समझ जाऐंगे की गाय के बिना हमारा अस्तित्त्व सम्भव ही नहीं है। जिस प्रकार शरीर के महाभूतों को गाय के गव्यो से संतुलित किया जा सकता है ठीक उसी प्रकार प्रकृति के महाभूतों को भी बिना गाय के गव्यों से संतुलित्त नही रख सकते है। अर्थात् गाय के बिना पर्यावरण को भी बचाना मुश्किल है। इसीलिए कहा गया है “गावो विश्वस्य मातर:”अर्थात गाय ही संपूर्ण जगत की मां है।

गऊ ग्राम महोत्सव the Festival of Cow का आयोजन गोरेगाँव पूर्व संमित्र मैदान चाफेकर चौक के पास किया गया है जो ७ दिनों तक चला जिसका समापन १८ अक्टूबर को हो गया । इसमें गौ केंद्रित अर्थव्यवस्था (COW BAESD Economy) को खड़ा करने के लिए भारतीय गौवंश से उत्पन्न विभिन्न प्रकार के प्रॉडक्ट(उत्पादों ) की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। भारत के सभी गऊ आधारित उत्पादन को बनाने वाले,गऊ माता वैज्ञानिकता के प्रचार – प्रसार में जुड़े लोगों के लिए यह एक साँझा मंच है जहां भारत वर्ष के सभी गौ भक्तों और गऊ आधारित प्रॉडक्ट बनाने वालों को आमंत्रित किया गया है और साथ में भारत सरकार के पशुपालन व डेरी मंत्रालय के सभी लाभकारी योजनाओं की जानकारी साँझा करने के लिए सम्बंधित विशेषज्ञ बुलाए गए थे जो भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस सपने को साकार करने में सहभाग करेंगे जिसमें ‘स्टार्टअप’ , ‘वोकल फोर लोकल’ जैसे मन्त्र सिद्ध होने हैं।

इंडोनेशिया के मडुरा में गायों की सुंदरता का उत्सव होता है जिसका नाम है सोपी सोनोक फ़ेस्टिवल.सोपी सोनोक फेस्टिवल के दौरान बड़ी संख्या में लोग सुंदर गायों की इस प्रतियोगिता को देखने के लिए जमा होते हैं.महोत्सव के दौरान गायों की सुंदरता की प्रतियोगिता होती है और विजेता का चुनाव साज-सज्जा, सफ़ाई और चाल के आधार पर किया जाता है।आशा है,हम भी अपनी इस भुला दी गयी सांस्कृतिक धरोहर को पुनश्व अपने जीवन का अंग और अंश बनाएंगे। कल्याणम अस्तु।

राजेश झा
अतिथि सम्पादक ‘गऊ भारत भारती’

PM MODI – 75 हजार को, तो बिहार के सीएम नीतीश 9500 को देंगे नियुक्‍त‍ि पत्र ,सरकारी नौकरियों का बंपर दीपावली गिफ़्ट

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पटना। Sarkari Naukari in Bihar: बिहार समेत हिंदी भाषी राज्‍यों में सरकारी नौकरी बेहद बड़ा मसला है। बिहार में पिछले विधानसभा चुनावों के बाद यह मसला खूब चर्चा में रहा। नतीजा है कि केंद्र और बिहार की सरकारों में युवाओं को नौकरी देने की होड़ दिखने लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को 10 लाख नौकरियों के लिए अभियान की शुरुआत करेंगे, तो नीतीश कुमार शुक्रवार को ही करीब 9500 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं।

रोजगार मेले में 75 हजार को मिलेंगे नियुक्ति पत्र

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 अक्टूबर की सुबह 11 बजे वीडियो कांफ्रेंङ्क्षसग के माध्यम से 10 लाख कर्मियों के लिए भर्ती अभियान ‘रोजगार मेला’ का पूरे देशभर में शुभारंभ करेंगे। समारोह के दौरान 75,000 नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। बिहार में तीन स्थानों पर रोजगार मेला का आयोजन होने जा रहा है।

हाजीपुर, पटना और मुजफ्फरपुर में कार्यक्रम

रेलवे की तरफ से हाजीपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, डाक विभाग की तरफ से पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री आरके सिंह और मुजफ्फरपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री पशुपति नाथ पारस नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे।

38 मंत्रालयों और विभागों में होगी नियुक्‍ति‍

देश भर से चयनित नए कर्मियों को भारत सरकार के 38 मंत्रालयों व विभागों में नियुक्त किया है। नवनियुक्त कर्मी विभिन्न स्तरों पर सरकार में शामिल होंगे, जैसे समूह-ए, समूह-बी (राजपत्रित), समूह-बी (अराजपत्रित) और समूह-सी। जिन पदों पर नियुक्तियां की गई है, उनमें केंद्रीय सशस्त्र बल कार्मिक, उप निरीक्षक, कांस्टेबल, एलडीसी, स्टेनो, पीए, आयकर निरीक्षक, एमटीएस तथा अन्य शामिल हैं।

अलग-अलग चैनल से हुई भर्तियां

ये भर्तियां, मंत्रालयों और विभागों द्वारा मिशन मोड में या तो स्वयं या यूपीएससी, एसएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड जैसी भर्ती एजेंसियों के माध्यम से की गई है। चयन प्रक्रियाओं को सरल और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया गया है। यह जानकारी पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार ने दी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देंगे नियुक्ति पत्र

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के लिए चयनित साढ़े नौ हजार अभ्यर्थियों को एक कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र देंगे। इसके साथ ही वे कई योजनाओं उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। इन कर्मियों में साढ़े आठ हजार एएनएम और एक हजार अन्य कर्मचारी हैं।

बापू सभागार में होगा ये कार्यक्रम

मुख्यमंत्री कार्यालय की जानकारी के अनुसार बापू सभागार के सम्राट अशोक कंवेंशन सेंटर कार्यक्रम का आयोजन राज्य स्वास्थ्य समिति की किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ ही स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव, शिक्षा मंत्री विजय चौधरी के अलावा अन्य मंत्री व पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2022 के लिए कर्नाटक राज्य द्वारा मुंबई में रोड शो आयोजित

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राज्य के विकास के लिए कर्नाटक ने निवेशकों को किया आमंत्रित

मुंबई। 2 से 4 नवंबर तक बेंगलुरु में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट (जीआईएम) के लिए कर्नाटक राज्य ने महाराष्ट्र से निवेशकों को जीआईएम 2022 में भाग लेने, और राज्य में निवेश करने के लिए मुंबई में रोड शो में आमंत्रित किया। मुंबई में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में डॉ. ई.वी. रमना रेड्डी, सुश्री गुंजन कृष्णा, अर्जुन रंगा, सुशांत नाइक और कश्मीरा मेवावाला रोड शो में शामिल हुए। राज्य ने संभावित निवेशकों को निवेश जुटाने और नए व्यवसाय लाने के लिए कई प्रोत्साहन प्रदान करके कर्नाटक को देश के एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में देने के लिए अपना घरेलू रोड शो आयोजित किया।

राज्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डॉ. ई.वी. रमना रेड्डी (अतिरिक्त मुख्य सचिव, कर्नाटक सरकार, वाणिज्य और उद्योग) ने अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ मुंबई में संभावित निवेशकों से मुलाकात की और उन्हें बेंगलुरु में 2-4 नवंबर के दौरान होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में आमंत्रित किया, जहां फॉर्च्यून 500 कंपनियों की 400 से अधिक शाखाओं का घर है। इससे पहले उद्योग मंत्री डॉ. मुरुगेश आर. निरानी के नेतृत्व में राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ दिल्ली, हैदराबाद में कई संभावित निवेशकों से मुलाकात की और उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में आमंत्रित किया। जीआईएम 2022 कर्नाटक राज्य के लिए एक प्रमुख निवेशक कार्यक्रम है। आयोजन का उद्देश्य मजबूत औद्योगिक-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का प्रदर्शन करना, वैश्विक निवेशकों से निवेश आकर्षित करना और राज्य भर में औद्योगीकरण का प्रसार करना है।

रोड शो के दौरान डॉ रेड्डी ने कहा कि कर्नाटक राज्य विनिर्माण और स्थिरता क्षेत्रों में निवेश के लिए पसंदीदा स्थान है। हम व्यापार करने में आसान सुविधा के लिए प्रतिबद्ध हैं और राज्य में निवेशकों को सभी समर्थन और बुनियादी ढांचा सुविधाएं प्रदान करेंगे। सरकार एक मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन करने के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए नीतिगत हस्तक्षेप और उद्योग के दृष्टिकोण से लगातार काम कर रही है। हमने महाराष्ट्र के निवेशकों के साथ निवेश के अवसरों और हमारी औद्योगिक नीति पर चर्चा की है।

कई शीर्ष कॉर्पोरेट और उत्कृष्ट निवेशकों ने राज्य में अपने कारोबार का विस्तार करने और निवेश करने के लिए रुचि व्यक्त की है। कर्नाटक सरकार द्वारा किए गए कई सुधार उपायों के माध्यम से भारत के प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में उभरा है।

समझौता ज्ञापन के क्रियान्वयन के माध्यम से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की पुष्टि की गई है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के लिए, कुल 50,000 एकड़ भूमि – बेंगलुरु में 20,000 एकड़ और राज्य भर में 30,000 एकड़ जमीन निर्धारित की गई है। राज्य जीआईएम के माध्यम से निवेश में 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक और 5 लाख नौकरियों के सृजन की उम्मीद कर रहा है।

दीपावली -2022 , दीपावली भगवान रामचंद्र के सम्मान में मनाई जाती है

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दिवाली रोशनी का त्योहार है। यह मुख्य रूप से भारत में मनाए जाने वाले सबसे बड़े और भव्य त्योहारों में से एक है। दिवाली खुशी, जीत और सद्भाव का जश्न मनाने के लिए मनाया जाने वाला एक अवकाश है। दीवाली, जिसे दीपावली के नाम से भी जाना जाता है, अक्टूबर या नवंबर के महीने में आती है। यह दशहरा उत्सव के 20 दिनों के बाद मनाया जाता है। शब्द “दीपावली” एक हिंदी शब्द है जिसका अर्थ है दीयों की एक श्रृंखला (“दीप” का अर्थ है जमीन पर दीपक और “अवली” का अर्थ है एक पूंछ या एक श्रृंखला )।

दिवाली का त्योहार क्यो मनाया जाता है?

दीपावली भगवान रामचंद्र के सम्मान में मनाई जाती है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान राम 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। वनवास की इस अवधि के दौरान, उन्होंने राक्षसों और राक्षस राजा रावण के साथ युद्ध किया, जो लंका के शक्तिशाली शासक थे। जब राम लौटे, तो अयोध्या के लोगों ने उनका स्वागत करने और उनकी जीत का जश्न मनाने के लिए दीया जलाया। तब से, बुराई पर अच्छाई की जीत की घोषणा के लिए दिवाली मनाई जाती है।

2022 की दिवाली कितने तारीख को हैं?  24 October 2022

दिवाली का महत्व क्या हैं?

दिवाली की पूर्व संध्या पर लोग देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा भी करते हैं। विघ्न-विनाशक कहे जाने वाले भगवान गणेश अपनी बुद्धि और बुद्धि के लिए पूजनीय हैं। इसके अलावा, दिवाली के अवसर पर धन और समृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि दिवाली पूजा इन देवताओं के आशीर्वाद का आह्वान करती है।

दिवाली / दीपावली त्योहार कैसे मनाए?

Diwali त्योहार के कई दिन पहले से त्योहार की तैयारी शुरू हो जाती है। घरों और दुकानों की गहरी सफाई से शुरुआत करें। बहुत से लोग त्योहार शुरू होने से पहले सभी पुराने घरेलू सामानों को फेंक देते हैं और सभी मरम्मत करते हैं। यह एक प्राचीन मान्यता है कि दीपावली की रात देवी लक्ष्मी लोगों को आशीर्वाद देने के लिए उनके घर जाती हैं। इसलिए, सभी भक्त माता लक्ष्मी के लिए अपने घरों को परी रोशनी, फूल, रंगोली, मोमबत्तियां, दीये, माला आदि से साफ और सजाते हैं। यह त्योहार आमतौर पर तीन दिनों तक मनाया जाता है। पहले दिन को धनतेरस कहा जाता है जहां नए सामान, विशेष रूप से गहने खरीदने की परंपरा है। अगले दिन दिवाली के उत्सव के लिए समर्पित हैं जब लोग पटाखे फोड़ते हैं और अपने घरों को सजाते हैं। दोस्तों और परिवार से मिलने और उपहारों का आदान-प्रदान करने का भी रिवाज है। इस मौके पर कई मिठाइयां और भारतीय व्यंजन बनाए जाते हैं. दिवाली एक लोकप्रिय छुट्टी है।

Eco-friendly दिवाली कैसे  Celebrate करें?

लेकीन दोस्तों इस खुशी के बीच, हम यह भूल जाते हैं कि फटने वाले पटाखों से ध्वनि और वायु प्रदूषण होता है। यह बच्चों के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है और जानलेवा भी हो सकता है। पटाखों के फोड़ने से वायु गुणवत्ता सूचकांक और कई जगहों पर दृश्यता कम हो जाती है जो अक्सर त्योहार के बाद होने वाली घटनाओं के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसलिए, एक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल दिवाली होना महत्वपूर्ण है। दिवाली को सही मायने में प्रकाश का त्योहार कहा जाता है क्योंकि इस दिन पूरी दुनिया रोशनी से जगमगाती है। त्योहार खुशी लाता है और इसलिए यह मेरा पसंदीदा त्योहार है!

दीपावली हमे क्यो पसंद हैं?

दीपावली हमे पसंद है, क्योंकी यह त्योहार हम सभी को एक करता हैं| हमारी संस्कृती की याद दीलाता हैं| दीपावली के दीन हम सभी नए कपडे पहँकर, घर को दीयो से सजाकर, छोटे छोटे बच्चे पटाके फोडकर इस दिवाली त्योहार का आनंद लेते हैं|

दीपावली त्योहार के यह पांच  प्रमुख दीन होतें हैं :

धनतेरस :

धनतेरस पांच दिनों तक चलने वाले दिवाली त्योहार के पहले दिन मनाया जाता है। हिंदी में प्रत्यय ‘तेरस’ संस्कृत में त्रयोदशी शब्द का पर्याय है जो चंद्रमा के घटते चरण के तेरहवें दिन को संदर्भित करता है। धनतेरस से जुड़े विभिन्न अनुष्ठानों का उद्देश्य घर की समृद्धि और पति के स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करना है। धनतेरस के दिन कई घरों में लक्ष्मी पूजा की जाती है। धनतेरस दिवाली समारोह के लिए शुभ और उत्सव का मूड सेट करता है। पेश है धनतेरस से जुड़ी एक बेहद दिलचस्प पौराणिक कहानी

नरक चतुर्दशी :

 इस त्योहार को धनतेरस उत्सव के अगले दिन ‘नरक चतुर्दशी’ के रूप में मनाते हैं| नरक चतुर्थी या छोटी दिवाली इस वर्ष 13 November 2021 को मनाई जाएगी| यह छोटी दिवाली या नरक निवारण चतुर्दशी के रूप में प्रसिद्ध, का शाब्दिक अर्थ है नरक की रोकथाम| (नरक- नरक, निवारण-रोकथाम)| इसलिए यह माना जाता है कि जो लोग इस दिन बड़ी श्रद्धा के साथ अनुष्ठान करते हैं और पवित्र डुबकी लगाते हैं, वे आसानी से नरक या नरक में जाने से बच सकते हैं|

लक्ष्मी पूजा :

दिवाली के दिन देश के हर हिंदू घर में लक्ष्मी पूजा की जाती है। लक्ष्मी धन की देवी हैं। घर पर देवी लक्ष्मी को आमंत्रित करने के लिए शाम को लक्ष्मी पूजा की जाती है। लोग प्रार्थना करते हैं और अपने और अपने परिवार के सदस्यों के जीवन में शांति, धन और समृद्धि की कामना करते हैं।

लक्ष्मी पूजन कैसे करे?

  • अपने घर को शुद्ध करें|
  • पूजा मंच स्थापित करें|
  • कलश लगाकर, पूजा के लिए लक्ष्मी और गणेश की मूर्ति स्थापित करें|
  • खाता बही/धन से संबंधित सामान रखें|
  •  तिलक लगाएं और दीया जलाएं|
  • फूल चढ़ाकर पूजा मंत्र का जाप करें|
  • जल अर्पित करें फल और मिठाई अर्पित करें|
  • लक्ष्मी आरती करें और घरके सभी सद्यसो के साथ माता लक्ष्मी की पुजा करे|

गोवर्धन पूजा : गोवर्धन पूजा कार्तिक (अक्टूबर-नवंबर) के हिंदू महीने में शुक्ल पक्ष के पहले दिन मनाई जाती है, आमतौर पर गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन होती है और उस दिन को मनाने के रूप में मनाया जाता है जब भगवान कृष्ण ने स्वर्ग के राजा इंद्र से बातचीत की थी।

हरे कृष्ण मंत्र एक लोकप्रिय मंत्र है जिसका जाप कृष्ण गोवर्धन पूजा के दिन किया जाता है।

भाई- दुज : महाराष्ट्र में भौबीज उत्सव कई मायनों में एक विशेष महत्व रखता है। हालांकि भारत का एक बड़ा हिस्सा दिवाली के दौरान त्योहार मनाता है, कुछ लोग होली के त्योहार के एक या दो दिन बाद भाई दूज भी मनाते हैं। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में इसे यम द्वितीया के रूप में मनाया जाता है। यम द्वितीया क्यों? यहाँ भाई दूज के पीछे की कहानी है और इसे यम द्वितीया क्यों कहा जाता है।

उत्तर प्रदेश में 7500 मदरसे गैर मान्यता प्राप्त , मुरादाबाद में मिले सर्वाधिक 550 अवैध मदरसे

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लखनऊ, Madarsa Survey In UP प्रदेश में सर्वे के दौरान करीब 7500 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे मिले हैं। गुरुवार को मदरसा सर्वे का अंतिम दिन था। प्रदेश के सभी 75 जिलों में सर्वे का काम लगभग पूरा हो गया है। मदरसों के सर्वे के लिए गठित टीम अपनी रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के माध्यम से 31 अक्टूबर तक जिलाधिकारियों को देंगी। जिलाधिकारी 15 नवंबर तक शासन को उपलब्ध कराएंगे सर्वे की र‍िपोर्ट

  • प्रत्येक जिलाधिकारी सर्वे की रिपोर्ट संकलित कर 15 नवंबर तक शासन को उपलब्ध कराएंगे। प्रदेश में उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त कुल 16,513 मदरसे हैं। बड़ी संख्या में मदरसे बगैर मान्यता के भी चल रहे हैं। इन्हीं के बारे में जानकारी करने के लिए सरकार ने मदरसा सर्वे कराया है।

  • इसमें 7500 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे मिले हैं। ऐसे में प्रदेश में कुल मदरसों की संख्या अब 24 हजार से अधिक हो गई है। मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डा. इफ्तिखार अहमद जावेद ने बताया कि सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही यहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था सरकार करेगी। यहां के बच्चों को देश व समाज की मुख्यधारा में लाने की कोशिश की जाएगी।उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट किया कि गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे से किसी भी प्रकार का वैध अथवा अवैध का डाटा नहीं मिल पाएगा।

मुरादाबाद में मिले सर्वाधिक 550 से अधिक गैर मान्यता प्राप्त मदरसे

यह सर्वे असली नकली का नहीं बल्कि शिक्षा और शिक्षा के केंद्र की उनकी संख्या, उनकी व्यवस्था आदि की सही जानकारी प्राप्त करना है। चेयरमैन ने बताया कि सर्वाधिक 550 से अधिक गैर मान्यता प्राप्त मदरसे मुरादाबाद में मिले हैं। बस्ती में 350, लखनऊ में 100, प्रयागराज में 90, आजमगढ़ 95, मऊ में 90 व कानपुर में 85 से अधिक मदरसे मिले हैं।