आधुनिक विज्ञान के अनुसार गोमूत्र
आधुनिक विज्ञान के अनुसार गोमूत्र
नाइट्रोजन, अमोनिया, सोना नमक, तांबा, चांदी, मैंगनीज, आयोडीन, सल्फर, अमोनिया गैस, यूरिया, यूरिक एसिड, क्षारीय एसिड, हिप्पुरिक एसिड, लैक्टोज एंजाइम, क्रिएटिन, सीसा, लोहा, लोहा, हार्मोन, आर्म ऑक्साइड, कैल्शियम फॉस्फेट, प्रोपलीन ऑक्साइड, एथिलीन ऑक्साइड, ग्लूनोटोज, ग्लाइको डाई और कई प्रकार के हार्मोन, इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, ग्लूकोज, एल्कलॉइड, एसीटेट, पोटेशियम बाय ट्राइटेट और कई प्रकार के खनिज; खनिज इसके अलावा, विटामिन ए, बी, सी, डी और ई कम मात्रा में मौजूद होने की संभावना है। दूध देने वाली गायों के मूत्र में लैक्टोज विशेष रूप से पाया जाता है। इसमें मौजूद फ्लेवोनॉयड और कैरोटीन हृदय को मजबूत और सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि पी3 नामक पदार्थ रक्त को थक्का बनने से रोकता है और उसके द्रव रूप को बनाए रखता है।
इसके अलावा, कई एंजाइम जैसे मेथॉल, एरिथ्रोपोइटिन, प्रोस्टाग्लैंडीन, ऑर्डिनिलॉट, सेक्स हार्मोन, यूरोकाइनेज, साथ ही स्टेरॉयड अलग-अलग मात्रा में मौजूद होने की संभावना है। गोमूत्र में कई प्रकार के खनिज होते हैं जिनकी खोज आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने नहीं की है; गोमूत्र में
कई तरह के समुद्रों की तरह
आधुनिक विज्ञान द्वारा खोजे जाने वाले रहस्य
लंबित..
गोमूत्र में ये सभी तत्व और पदार्थ शरीर में आसानी से पच जाते हैं क्योंकि ये तरल रूप में और अति सूक्ष्म रूप में होते हैं। वही पचने योग्य है। मानव शरीर पांच तत्वों से बना है, जैसे गाय मां का शरीर भी पांच तत्वों से बना होता है, मानव शरीर में भी पांच इंद्रियां होती हैं इसी प्रकार गाय माता के शरीर में भी एक ही प्रकार की पांच इंद्रियां होती हैं। गोमूत्र (पंचगव्य) मानव शरीर द्वारा आसानी से पचाया जा सकता है क्योंकि गाय माँ की शारीरिक रचना और मानव शरीर रचना बहुत समान हैं। गोमूत्र पूरी तरह से प्राकृतिक पदार्थ है। यह मानव जाति के लिए स्वास्थ्य का ईश्वर का अनमोल उपहार है।
गोमूत्र का पत्ता बनाकर गोमूत्र से शरीर में जितने भी तत्व गायब होते हैं, यानी सभी प्रकार के विटामिन और लवण, मानव जीवन के लिए आवश्यक जीवनदायी पदार्थ, गोमूत्र से प्राप्त होते हैं, जिससे मनुष्य रोग से मुक्त रहता है। शरीर की रक्षा करता है, मानव शरीर, मन का पोषण और विकास करता है, हृदय और आत्मा को चेतना से भर देता है। उत्साह उसके जीवन में खुशी और खुशी पैदा करता है।
गोमूत्र में बहुत कम मात्रा में पाया जाने वाला मेन्थॉल ग्लायोनेक्सल प्रारंभिक अवस्था के कैंसर रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। गोमूत्र पीने और लंबे समय तक इसका सेवन करने से कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है।
गोमूत्र भोजन के पाचन और रक्त निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देता है। यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है। यह पेट की दीवारों को हटाकर साफ करता है और मांसपेशियों को सक्रिय करके पाचन प्रक्रिया को उत्तेजित करता है। साथ ही कई हानिकारक बैक्टीरिया को भी नष्ट करता है। पाचन तंत्र के रोगों को दूर करता है।
गोमूत्र शरीर में बड़ी मात्रा में श्रवण कोशिकाओं का निर्माण करता है। एंटीबॉडीज रोग पैदा करने वाले कीटाणुओं से लड़ने का काम करते हैं। गोमूत्र से शरीर में रोगों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसलिए किसी भी महामारी के दौरान भी यह शरीर की रक्षा करती है और उसे रोगमुक्त रखती है। गोमूत्र टीकाकरण का काम करता है। जो हमने पिछले दो सालों में कोरोना काल में देखा है, भारत के देश में से एक भी गौशाला में कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया….. (हाथ कंगन को आरसी काया??)
गोमूत्र में कई ऐसे तत्व होते हैं जिनकी खोज अभी तक आधुनिक विज्ञान ने नहीं की है। अज्ञात तत्व जिनका नाम नहीं लिया गया है। लेकिन गोमूत्र के ये शक्तिशाली घटक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर शरीर को स्वस्थ रखते हैं। इसमें तो कोई शक ही नहीं है…।
गोमूत्र में यूरिया नामक पदार्थ शरीर के लिए बहुत उपयोगी पदार्थ है। गुर्दे की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। इससे किडनी के रोग दूर होते हैं। किडनी खराब होने का डर दूर हो जाता है। गुर्दा समारोह और क्षमता
बढ़ती है।
गाय के मूत्र में मौजूद एरिथ्रोपोइटिन नामक पदार्थ नई लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए अस्थि तंत्रिकाओं को सक्रिय करता है। इससे लाल रक्त कोशिकाओं की कमी से होने वाले रोग नियंत्रित होते हैं।
गोमूत्र में “प्रोस्टोग्लिडिन” नामक पदार्थ एक हार्मोन है जो मांसपेशियों की लोच, यानी विस्तार और संकुचन की प्रक्रिया के लिए आवश्यक है। यह गर्भाशय के संकुचन और फैलाव के लिए उपयोगी है। इससे डिलीवरी नॉर्मल हो जाती है। इसकी कमी से मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं। इसके कारण हड्डियों के जोड़ों को हिलाने-डुलाने में दिक्कत होती है। या बैठे-बैठे वेट लिफ्टिंग एक्सरसाइज करने में दिक्कत होना। शरीर में जड़ता का निर्माण होता है।
गोमूत्र में “ऑर्डिनाइलोट” नामक हार्मोन शरीर के अंगों को मस्तिष्क के आदेशों का पालन करने की क्षमता देता है। इसलिए शरीर की गतिविधि की चपलता का निर्माण होता है। शरीर में पर्याप्त शक्ति और उमंग, उत्साह, जोश और जोश का निर्माण होता है।
गोमूत्र जागता है यानी सेक्स हार्मोन को उत्तेजित करता है। यह मानवीय कमजोरियों को दूर करके सक्रिय और चेतना पैदा करता है। इससे “संतान योग निर्मित होता है।
गोमूत्र में बॉडी ग्रोथ हार्मोन यानी ग्रोथ हार्मोन होते हैं। इससे मनुष्य का शारीरिक विकास होता है। इससे मनुष्य का कद और वजन बढ़ता है। (हमारे पूर्वजों के साथ हमारी तुलना करें) गाय के मूत्र में यूरोकाइनेज जमावट प्रक्रिया के दौरान रक्त वाहिकाओं के भीतर बने रक्त के थक्कों को तोड़ देता है। इसे घोलकर वापस रक्त रूप में बदल देता है। रक्त के थक्के व्यक्ति की धमनियों को अवरुद्ध कर देते हैं। नतीजतन, रक्त परिसंचरण बाधित होता है। दिल का दौरा तब पड़ता है जब खून दिल तक नहीं पहुंचता।
गोमूत्र में रक्त को पतला तरल रूप में रखने का जबरदस्त गुण होता है। यह सार है; यानी यह रक्त को थक्का नहीं बनने देता और थक्कों को घोल देता है। रक्त के तरल रूप को बनाए रखता है। रक्त संचार को नियमित और सुचारू बनाता है। दिल के दौरे को रोकता है।
गोमूत्र में एंजाइम होते हैं। यह शरीर के लिए बहुत उपयोगी पदार्थ है। यह शरीर के सभी कार्यों को नियंत्रित करता है। नियंत्रण। उस पर नियंत्रण है।
गोमूत्र का सेवन करने वालों की प्राण शक्ति प्रबल होती है। इसके कारण ऐसे व्यक्ति वातावरण से ऑक्सीजन को बहुत आसानी से अवशोषित कर लेते हैं।
गोमूत्र के पत्तों का सेवन करने वालों का रक्त विकार ठीक हो जाता है। क्योंकि गोमूत्र रक्त में ‘लाल कोशिकाओं’ के उत्पादन को बढ़ाता है। यह शरीर की लाली को बढ़ाता है, मुख पर चमकता है, अर्थात क्रांति को बढ़ाता है।
गोमूत्र भी ‘एंटीबायोटिक’ है। वर्तमान परिदृश्य में एलोपैथी डॉक्टर कई बीमारियों में एंटीबायोटिक इंजेक्शन देते हैं। गोमूत्र लेने वालों को इसकी आवश्यकता नहीं है क्योंकि गोमूत्र एक स्व-एंटीबायोटिक है। यह रोग से लड़ने की अद्भुत शक्ति देता है।
गोमूत्र एक ‘शक्तिवर्धन टॉनिक’ है जिसके बारे में कहा जाता है कि यह मानव शरीर की कमजोरियों को दूर करता है। एलोपैथी डॉक्टर कमजोर व्यक्तियों को विटामिन की गोलियां या इंजेक्शन देते हैं। उसके शरीर में अस्वाभाविक रूप से प्रवेश करता है। शरीर ऐसे विटामिन को पचा नहीं पाता है। गोमूत्र में प्राकृतिक विटामिन, लवण और पदार्थ होते हैं। जो शरीर को टॉनिक ‘जीवन शक्ति’ प्रदान करता है।
गोमूत्र जल की जड़ से अनेक असाध्य रोगों को दूर कर स्थायी रूप से दूर करता है। उदा. हृदय रोग, कैंसर, एड्स, दमा, त्वचा रोग, पेट के रोग, श्वसन तंत्र के रोगों को ठीक करता है। लेकिन गोमूत्र के किन-किन तत्वों से कौन-से रोग ठीक हो जाते हैं, इसका अभी ठीक-ठीक पता नहीं चल पाया है; अभी शोध की काफी गुंजाइश है।गोमूत्र में छिपे हैं कई राज जो आधुनिक विज्ञान को प्रकट करना है। गौमूत्र को अभी भी आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के आधार प्रमाण पत्र की बहुत आवश्यकता है। हजारों लोग असाध्य रोगों से ठीक हो चुके हैं। यह वास्तव में एक चमत्कार है लेकिन इसका वैज्ञानिक रूप से विश्लेषण और दस्तावेजीकरण करने की आवश्यकता है। तभी लोग गोमूत्र के प्रभुत्व को स्वीकार करेंगे। (श्रीमती सी. एन. पटेल)
गोमूत्र के सेवन से कई रोगियों के कैंसर के ठीक होने के कई मामले सामने आ रहे हैं। यह कहना मुश्किल है कि गोमूत्र का कौन सा तत्व कैंसर को ठीक करता है। वैज्ञानिक अभी तक इसका पता नहीं लगा पाए हैं। कुछ मामलों में यह पाया गया है कि गोमूत्र में मौजूद ‘मिथाइलग्लॉक्सल’ नामक पदार्थ कैंसर को ठीक करने में मददगार होता है।
गोमूत्र ‘जंतुगना’ यानी कीट नाशक है, यह रोगों के कीटाणुओं का नाश करता है। पेट के कीटाणुओं को नष्ट करता है। साथ ही, यह विभिन्न हानिकारक खाद्य रसायनों और रोग कीटाणुओं को नष्ट करता है जो हवा या पानी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं और शरीर को स्वस्थ बनाते हैं।
अगले हफ्ते और…
गाय की पूजा कर के ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने , क्या सुनक बीफ इंडस्ट्री को करेंगे प्रमोट ?
हर देश की अपनी अपनी मान्यताएं है , भारतीय मूल के ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री अपनी भारतीय मूल की परम्पराओं को जग ज़ाहिर कर के ब्रिटेन में रह रहे अप्रवासी भारतीयों का मन मोह तो लिया ही वही भारतीयों का भी मन जीत लिया। गौ को पूज कर उन्होंने हम भारतीय लोगो में जो गौ अपनी माता मनाता है उनकी एक अगल छबी बनाई है मगर ऋषि सुनक खुद बीफ नहीं खाते मगर उनके एक बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि वे इस खाद्य को प्रमोट करेंगे कौन क्या खायेगा क्या नहीं वे कौन होते है निर्णय लेने वाले। ब्रिटेन या अन्य देश बड़े जानवर को खता है जिसे बीफ की संज्ञा दी जाती है। भारत बीफ का बड़ा निर्यातक है यह बात सभी जानते है।
हम भारत के लोगो के लिए यही अच्छी बात है कि भारतीय मूल के ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने है उनसे गौ को बचने या उसकी हिमायत करने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
ऋषि सुनक ने आधिकारिक रूप से ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का पद संभाल लिया है। वह ब्रिटेन के इस शीर्ष राजनीतिक पद तक पहुंचने वाले पहले गैर-श्वेत नेता हैं। भारतीय मूल के ऋषि सुनक विदेश में पैदा होने और पढ़ने-लिखने के बावजूद खुद को प्राउड हिंदू कहते हैं। वह अपने धार्मिक विश्वास और उससे जुड़े रिवाजों का सार्वजनिक प्रदर्शन भी करते हैं। उनकी कई ऐसी तस्वीर हैं, जिनमें उन्हें मंदिर में पूजा करते, कलावा बंधवाते और गाय की सेवा करते देखा जा सकता है।
2017 के आम चुनाव के बाद सुनक ने ब्रिटिश संसद में श्रीमद्भगवद्गीता की शपथ ली थी। कोरोना महामारी की पहली लहर के बीच उन्हें दिवाली की मोमबत्ती जलाते देखा गया था। यही वजह है कि सुनक की जीत से भारतीयों के एक वर्ग में भी उत्साह है।
हालांकि एक ब्रिटिश नेता के तौर पर उनकी कई ऐसी प्रतिबद्धताएं हैं, जिससे भारत में रहने वाले हिंदुओं का मन खट्टा कर सकता है। भारत में हिंदुओं का एक वर्ग गाय को पवित्र और पूजनीय मानता है। लेकिन सुनक लोकल बीफ बिजनेस को बचाने और बढ़ाने के हिमायती हैं। तमाम तरह के मवेशियों के मांस को बीफ कहा जाता है।
जुलाई 2022 में ब्रिटेन के पीएम पद के लिए कैंपेन करते हुए ऋषि सुनक The Telegraph को इंटरव्यू दिया था। उससे पता चलता है कि हिंदू धर्म को मानने वाले सुनक खुद तो बीफ नहीं खाते हैं। लेकिन अपने देश में लोकल फूड खरीदने के लिए कैंपेन चलाएंगे। फूड सिक्योरिटी समिट का आयोजन करेंगे, साथ ही मीट खाने के फायदे भी बताएंगे।
सुनक कहते हैं, ”ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से सांसद के रूप में चुने जाने की वजह से मैं जानता हूं कि प्राकृतिक वातावरण का संरक्षण करना कितना जरूरी है। मेरे क्षेत्र के किसान, बीफ और लैम्ब मीट के लिए जानवरों को पालते हैं। मैं उनकी मदद के लिए प्रतिबद्ध हूं। मैं हमेशा अपने किसानों का समर्थन करूंगा।”
ब्रिटेन की बीफ इंडस्ट्री को प्रमोट करने की अपनी मंशा व्यक्त करने के बाद कहते हैं, ”लोग क्या खाएंगे, यह चुनने का विकल्प उनके पास होना चाहिए। मैं एक ऐसी सरकार का नेतृत्व करूंगा, जो हमारे किसानों को देश और विदेश में चैंपियन बनाए।”
भारत में 22 करोड़ बच्चे जलवायु आपदा और गरीबी की चपेट में
New Delhi ( Agencies )यह बात एक नए अध्ययन में कही गई है। ‘जनरेशन होप: वैश्विक जलवायु और असमानता संकट समाप्त करने के 2.4 अरब कारण’ नामक रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे एशिया में लगभग 35 करोड़ बच्चे गरीबी और जलवायु आपदा दोनों की चपेट में हैं, जिनमें भारत के 22.20 करोड़ बच्चे शामिल हैं।
गरीबी और जलवायु आपदा के इस ‘दोहरे खतरे’ का सामना करने वाले बच्चों की कुल संख्या के मामले में भारत का नाम विश्व स्तर पर सबसे ऊपर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 35.19 करोड़ बच्चों के साल में कम से कम एक चरम जलवायु घटना से प्रभावित होने का अनुमान है, उनमें से कुछ को विशेष जोखिम है, क्योंकि वे गरीबी में रह रहे हैं और इसलिए उनके पास खुद को बचाने और ठीक होने के लिए कम संसाधन हैं।
इसमें कहा गया है कि विश्व स्तर पर 77.40 करोड़ बच्चे इस उच्च जोखिम वाले समूह में आते हैं और उच्च आय वाले देश भी इस ‘दोहरे खतरे’ से अछूते नहीं हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु आपदा और गरीबी दोनों का सामना कर रहे 12.10 करोड़ बच्चे उच्च आय वाले देशों में रहते हैं और इनमें 10 में से चार (1.23 करोड़) बच्चे अमेरिका या ब्रिटेन में रहते हैं
गौ तस्करी का नया मामला, भारत पेट्रोलियम के टैंकर में भरी गई थी गाये
Jharkhand news: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम में गौ तस्करी का नया मामला सामने आया है। गौ तस्करी के लिए भारत पेट्रोलियम के टैंकर में भरी गई गाये, पुलिस को बरामद हुई है। जिसके बाद पुलिस ने टैंकर चालक शेख मेराज को गिरफ्तार कर लिया है।
बता दें कि जिस भारत पेट्रोलियम के टैंकर में गाये भरी गई थी वो उड़ीसा से आ रहा था। जब ट्रक की तलाशी ली गई उसमें 21 गौवंश के साथ 2 मृत पशु भी पाए गए। जिसके बाद सभी गायों को सिंहभूम के चाकुलिया के एक संस्था के पास रखा गया है।
वहीं पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा थाना प्रभारी सनातन तिवारी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ओडिसा के रास्ते बंगाल की ओर गौ तस्करी की जा रही है। पुलिस लगातार नाकेबंदी कर रही थी पर कुछ हासिल नहीं हो रहा था। देर रात 2.30 बजे उसी टैंकर को आते देखा गया। जिसके बाद पुलिस ने ट्रक को रोकना चाहा तो टैंकर का ड्राइवर भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन पुलिस ने उसका पीछा कर पकड़ लिया। जब टैंकर की तलाशी ली गई तब उसके अंदर से गाये मिली।
बता दें कि जिस भारत पेट्रोलियम टैंकर से गायों की बरामदी की गई है उसे मोडिफाइड कर इस अंदाज में बनाया गया था ताकि जानवरों की आसानी से तस्करी कराई जा सकें।
इंफ़ोसिस कंपनी के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति की बेटी हैं सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति , सबसे अमीर महिलाओं की सूची में शामिल हैं
सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति भी ब्रिटेन की सबसे अमीर महिलाओं की सूची में शामिल हैं. वो भारत के मशहूर उद्योगपति और इंफ़ोसिस कंपनी के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति की बेटी हैं. सुनक ने अक्षता से साल 2009 में शादी की थी .
अक्षता मूर्ति आईटी सेक्टर की टॉप की कंपनी इन्फोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति व इंजीनियर और लेखिका सुधा मूर्ति की बेटी हैं. यानी कि नारायण मूर्ति के दामाद ब्रिटेन के अगले पीएम बन रहे हैं. नारायण मूर्ति को ‘भारत का बिल गेट्स’ और ‘भारतीय आईटी सेक्टर का जनक’ कहा जाता है. ऋषि सुनक का जन्म जहां इंग्लैंड के साउथैंप्टन में हुआ था. वहीं, अक्षता मूर्ति का जन्म कर्नाटक के हुबली में हुआ था.
ब्रिटेन के वित्त मंत्री रह चुके भारतीय मूल के ऋषि सुनक का नाम इतिहास में दर्ज हो गया है. पिछले महीने जहां यूके पीएम इलेक्शन में वो लिज़ ट्रस से हार गए थे, लेकिन ट्रस ने 45 दिनों के भीतर ही इस्तीफा दे दिया और अब सुनक ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी के नेता और ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. वो इस पद पर बैठने वाले पहले ब्रिटिश-एशियाई शख्स होंगे. लेकिन उनके साथ-साथ उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति की भी उतनी ही चर्चा है. अक्षता मूर्ति अब ब्रिटेन की फर्स्ट लेडी बनेंगी. लेकिन मूर्ति बस सुनक की पत्नी ही नहीं हैं, उनकी पहचान इसके अलग भी है.
सुनक ने कैलिफ़ोर्निया के स्टैनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है. यहीं उनकी मुलाक़ात अक्षता से हुई थी. ‘द संडे टाइम्स’ में प्रकाशित सूची के मुताबिक ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति साल 2022 में ब्रिटेन के सबसे रईस 250 लोगों में शामिल हैं.
ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने वाले एशियाई मूल के पहले व्यक्ति हैं. वो ब्रिटेन के सबसे अमीर लोगों में से एक हैं, उनकी संपत्ति कई जानी-मानी हस्तियों से भी ज़्यादा है.
ऋषि सुनक की संपत्ति का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वो ब्रिटेन के सबसे रईस फुटबॉल प्लेयर से क़रीब 10 गुना ज़्यादा अमीर हैं . द संडे टाइम्स की 2022 के धनी लोगों की सूची में फुटबॉल प्लेयर पॉल पोग्बा सबसे अमीर फुटबॉलर हैं. इनकी संपत्ति क़रीब 77 मिलियन पाउंड बताई गई है.
दशकों बाद बना सूर्य ग्रहण का दुर्लभ योग,सूर्यग्रहण की तमाम तस्वीरें सामने आईं
इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण अब समाप्त हो चुका है। ग्रहण आइसलैंड से दो बजकर 29 मिनट पर शुरू हुआ था। आंशिक सूर्य ग्रहण यूरोप, उत्तर-पूर्वी अफ्रीका और पश्चिम एशिया के अलग-अलग हिस्सों दिखाई दिया। भारत में ग्रहण शाम 4 बजकर 29 मिनट से शुरू हुआ है, जो शाम 6 बजकर 9 मिनट पर खत्म हो गया। भारत में ये सूर्य ग्रहण नई दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, प्रयागराज, लखनऊ, उज्जैन, वाराणसी, मथुरा, हैदराबाद, चंडीगढ़, पुणे, भोपाल, नागपुर में दिखाई दिया।
दुनियाभर से सूर्यग्रहण की तमाम तस्वीरें सामने आईं
इस तस्वीर में आप देख सकते हैं कि सूर्य का आधे से ज्यादा भाग कटा हुआ नजर आ रहा है। सूर्यग्रहण की यह तस्वीरे बेहद खूबसूरत हैं। ग्रहण के दौरान सूर्य बिल्कुल चांद के आकार का दिखाई दे रहा है।सूर्यग्रहण की इस अदभूत तस्वीर को देखिए, यह लोगों का मन मोह रही है। झूले को फोकस मे लेते हुए ली गई यह तस्वीर बेहद खूबसूरत नजर आ रही है। आवासीय व जंगली क्षेत्रों की अपेक्षा वेटलैंड्स में रहने वाले पक्षियों का व्यवहार सूर्य ग्रहण के दौरान असामान्य रहा। आंशिक सूर्य ग्रहण में पक्षियों का असामान्य व्यवहार रिकार्ड किया गया।
यह साल 2022 का आंशिक सूर्य ग्रहण है। अगला सूर्य ग्रहण पांच वर्ष बाद 2027 में होगा। सूर्य ग्रहण के चलते मंदिरों के कपाट बंद रहे। युवाओं और बच्चों में सूर्य ग्रहण का नजारा देखने को लेकर खासा उत्साह रहा। हर तरफ लोग सूर्य ग्रहण के नजारे की चर्चा करते रहे।
तीर्थनगरी कुरुक्षेत्र में शाम को जैसे ही सूर्यग्रहण शुरू हुआ पूरा माहौल उत्साह और उमंग से भर गया। श्रद्धालु भगवान सूर्यदेव के मंत्रों के साथ ब्रह्मसरोवर में डुबकी लगाने लगे। सूर्य ग्रहण पर कुरुक्षेत्र में स्नान करने की परंपरा है।
दिल्ली से ग्रहण का अद्भुत नजारा सामने आया है। देश की राजधानी के अलावा बेंगलुरु, चेन्नई, अमृतसर, भोपाल समेत कई शहरों में सूर्यग्रहण का खूबसूरत दृश्य दिखाई दिया।
देश को आर्थिक स्थिरता देना प्राथमिकता -PM Rishi Sunak
लंदन, एजेंसियां। ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री किंग चार्ल्स III से मिलने बकिंघम पैलेस गए, जहां उन्हें आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया और उन्हें सरकार बनाने के लिए कहा गया। 10 डाउनिंग स्ट्रीट में अपने पहले भाषण के दौरान औपचारिक रूप से यूके के 57 वें प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किए गए ऋषि सुनक ने कहा कि उन्होंने नई यूके सरकार बनाने के लिए किंग के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।
New UK PM Rishi Sunak vows to earn trust of Britons in his 1st speech at Downing Street
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— ANI Digital (@ani_digital) October 25, 2022












