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खान सर का विवादित वीडियो : कांग्रेस नेता ने की गिरफ्तार करने की मांग

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खान सर का विवादित वीडियो : कांग्रेस नेता ने की गिरफ्तार करने की मांग

पटना के मशहूर शिक्षक खान सर के एक पुराने वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत वीडियो पोस्ट कर उन पर कार्रवाई की मांग की है।

पटना के मशहूर शिक्षक खान सर के एक पुराने वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने वीडियो पोस्ट कर उन पर कार्रवाई की मांग की है। दरअसल कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने खान सर का एक पुराना वीडियो ट्विटर पर साझा किया है। जहां खान सर उदाहरण दे रहे थे कि कैसे एक वाक्य का अर्थ बदल जाता है जब ‘सुरेश’ नाम की जगह ‘अब्दुल’ हो जाता है। वीडियो पर पहले भी विवाद हुआ था। खान वीडियो में बच्चों को समझा रहे हैं कि कैसे सुरेश ने जहाज उड़ाया का अर्थ अलग निकलता है। उसी जगह अगर अब्दुल ने जहाज उड़ाया तो उसका अर्थ दूसरा निकल जाता है। उनका यही मजाकिया लहजे में दिया गया उदाहरण विवाद की वजह बन गया।

ट्विटर पर विवाद

ट्विटर पर लेखक अशोक कुमार पाण्डेय ने पहले खान सर का वीडियो पोस्ट किया और लिखा ” इसे नीचता की हद कहते हैं। ऐसे लोग शिक्षा का धंधा करते हुए समाज में नफरत फैलाने वाले घटिया धंधेबाज हैं। इस आदमी को तुरंत गिरफ्तार होना चाहिए”। इसके बाद उनके इस वीडियो को कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने री ट्वीट किया है।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा “घटिया निहायत ही घटिया – इसे गिरफ़्तार करना चाहिए और जो अट्टहास कर रहे हैं इनकी भद्दी बेहूदा बातें सुन कर उनको सोचना चाहिए – कि क्या बन रहे हैं हम?”
दरअसल वीडियो में खान सर द्वंद्व समास पढ़ा रहे थे और उन्होंने कहा, “कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनके दो अर्थ होते हैं। जैसे अगर आप कहें कि सुरेश विमान उड़ा रहा था तो इसका एक मतलब होता है और अगर आप कहें कि अब्दुल विमान उड़ा रहा था तो इसका मतलब एक होता है।

 

प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहन मिले

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आशीष वशिष्ठ
हमारे देश में प्राचीनकाल से ही विभिन्न प्रकार की चिकित्सा पद्धतियां प्रचलित हैं जिनमें होम्योपैथी, आयुर्वेदिक और एलोपैथी शामिल हैं। कोरोना महामारी के वैश्विक संकट में पूरी दुनिया ने भारत की प्राचीन और परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों में से एक आयुर्वेद की महत्ता को स्वीकार किया। करोड़ों देशवासियों ने घरेलु और पारंपरिक तरीकों से अपने प्राणों की रक्षा की। आयुर्वेद के प्रति न केवल देश बल्कि दुनिया में अलग ही रुझान देखने को मिल रहा है।

कुछ समय के लिए तत्काल आराम पहुंचाने वाली चिकित्सा प्रणाली एलोपैथी का अपना महत्व है। परंतु उससे होने वाले दुषप्रभाव भी किसी से छिपे नहीं हैं। वहीं आयुर्वेद व योग के माध्यम से असाध्य बीमारियों को भी बिना किसी दुष्परिणाम के आसानी से ठीक किया जा सकता है, लेकिन जन-साधारण की ऐसी मान्यता हो गई है कि जितना महंगा उपचार होता है, चिकित्सक की फीस जितनी ज्यादा होती है, उतना ही उपचार को प्रभावशाली मानते हैं। वास्तव में एलोपैथी चिकित्सा प्रणाली का आधार वैज्ञानिक तो है ही, साथ ही विज्ञापन पर ज्यादा केंद्रित है।

आयुर्वेद न केवल बीमार व्यक्ति का इलाज करता है अपितु यह स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करके उसे बीमार ही न होने दिया जाए, इस बात पर ज्यादा जोर देता है। कोरोनाकाल में आयुर्वेद को संजीवनी मिली है। लोगों ने भी इसे दिल से अपनाया है। आयुष मंत्रालय ने भी संक्रमणकाल में आयुर्वेदिक औषधियों के उपयोग पर मोहर लगाई है। वेदों में भी आयुर्वेद औषधियों का वर्णन है। जब एंटीवायरल दवाएं बेअसर हुई तो लोगों का रुझान आयुर्वेद पर बढ़ा, जिसके बेहतर परिणाम मिले हैं। कई प्रदेशों ने तो आयुर्वेद से कोरोना संक्रमण को मात दी है। इसीलिए अभी लोग आयुर्वेद का भरपूर उपयोग कर रहे हैं।

भारत जैसे विशाल देश में जहां विभिन्न वनस्पति प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, यहां पर आयुर्वेद के फलने-फूलने की असीम संभावनाएं हैं। विविधताओं से भरे हमारे देश में केवल आयुर्वेद व योग के माध्यम से ही लोगों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

जिस प्रकार प्राचीन समय में भारतीय चिकित्सा आयुर्वेद पद्धति का डंका बजता था, वो आज भी संभव है। खास बात है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस पद्धति को विश्वव्यापी आंदोलन बनाने का सुझाव दिया है। पर अफसोस इस बात का है कि परम्परागत भारतीय चिकित्सा पद्धतियां हानिरहित एवं सुरक्षित होने के बावजूद उपेक्षा के कारण दम तोड़ती नजर आ रही हैं।

आज की पीढ़ी को परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों के खजाने के बारे में जानकारी ही नहीं है। इसके बारे में जागरूकता फैलाई जाए और इन चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सालयों पर भी ध्यान दिया जाए। प्रत्येक जिले में परंपरागत चिकित्सा पद्धति की शिक्षा देने वास्ते कॉलेज खोले जाने चाहिए। सरकार परंपरागत चिकित्सा का व्यवस्थित पाठ्यक्रम बनाने की पहल कर, इसे लागू करे। प्रशिक्षण की भी विशेष व्यवस्था की जाए। विद्यार्थियों एवं शिक्षको को समय समय पर प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही मेडिक्लेम पॉलिसी में इसे कवर करते हुए इसका लाभ बीमा धारक को मिलना चाहिए।

दुनिया भर मे परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के लिए गुजरात के जामनगर में पारंपरिक चिकित्सा के वैश्विक केन्द्र की शुरूआत की गई है। यह कदम पुरातन आयुर्वेद चिकित्सा के साथ, अन्य देशों की परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों के लिए सकारात्मक साबित होगा। इन चिकित्सा पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाया जाना आज के समय की मांग है। आयुष अभियान में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी आदि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को शामिल किया जाता है।

आयुष चिकित्सा पद्धति न केवल एलोपैथिक पद्धति से हानिकारक असर आदि के मामले में सुरक्षित है बल्कि सस्ती भी है। कोविड काल में दुनिया ने भारतीय परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को जाना। ऐसे में सरकार को इनके संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए। जगह-जगह शिविरों का आयोजन कर भारतीय प्राचीन चिकित्सा ज्ञान का प्रचार-प्रसार किया जाए। (युवराज)

आशीष वशिष्ठ

पर्दे के पीछे के कलाकारों के सपने भी होंगे साकार

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फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न  इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई ) और  पाध्ये ग्रुप  के  अंकुर पाध्ये की मदद से यहां सिनेमा कामगारों के लिए प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत महाराष्ट्र के कर्जत के निकट वांगनी शहर के शेलू विलेज में भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के आवासीय योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। अब आवासीय समस्याओं से जूझ रहे पर्दे के पीछे के कलाकारों/ कामगारों के सपने भी साकार होने की संभावना बढ़ गई है। भारतीय सिनेमा की पहली फ़िल्म ‘राजा हरिश्चन्द्र’ के जरिये आउटडोर शूटिंग की शुरुआत महाराष्ट्र के वांगनी शहर से ही हुई थी।

चित्रपट जनक दादा साहेब फाल्के कॉपरेटिव हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड के सौजन्य से प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत  दस हजार अस्सी घर बन रहे हैं जिसमे पहले फेज में 522 घर बनाये जा रहे हैं। यह टावर 16 मंजिला होगा जिसमे लिफ्ट,मल्टी पर्पज  हॉल और अन्य कई सारी सुविधाएं होंगी। इस आवासीय योजना में सिर्फ  साढ़े बारह लाख रुपये में  सिनेमा जे जुड़े लोगों को प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत घर दिए जा रहे हैं  वह भी लोन कराकर। इस आवासीय योजना का प्रथम फेज डेढ़ साल में पूरा होगा।

320.65 स्क्वायर फिट कार्पेट एरिया वाले ये  घर भूकंपरोधी होंगे। इस आवासीय योजना की खास बात यह होगी कि इसमें मुख्य द्वार दादा साहेब फाल्के की पत्नी सरस्वती बाई फाल्के के नाम पर होगा। रेरा रजिस्टर्ड इन घरों की पहली झलक देखने सिनेमा से जुड़े हजारों सिनेमा कामगार  मुम्बई से शेलु पहुँचे। इस अवसर पर  उपस्थित स्थानीय विधायक महेंद्र जी थोर्वे ने कहा कि सिनेमा से जुड़े लोगों ने हमारे यहां रुचि दिखाई है।आज भी कर्जत के एनडी स्टूडियो में बड़ी संख्या में शूटिंग होती है। सरकार और मेरा अब ये दायित्व है कि  यहाँ बिजली पानी की उचित व्यस्वस्था करूं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का शेलु में झुकाव बढ़े। इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने कहा कि पर्दे के पीछे के कलाकारों का इस आवासीय योजना में सपना पूरा हो रहा है। इस अवसर पर  भवन निर्माता अंकुर पाध्ये ने कहा कि सिनेमा कामगारों को उनके लिए घर देना मेरे पिताजी का सपना था जिसमें एफडब्लूआइसीई के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी, अमरजीत सिंह, पूर्व श्रम आयुक्त सावंत साहेब का भी काफी सहयोग रहा।

भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के आवासीय योजना के सम्बंध में स्थल निरीक्षण के पूर्व अंधेरी,मुम्बई स्थित फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) के कार्यालय में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया जिसमें अभिनेता गजेंद्र चौहान, दादा साहेब फाल्के के पोते चन्द्रकांत पुसालकर, संगीतकार अमर हल्दीपुरकर, एफडब्लूआइसीईडब्लू के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे,राजा खान, शेलू ग्रामपंचायत के सरपंच शिवाजी खादिक,दामाद ग्रामपंचायत के सरपंच जलील अनीस मॉझे, एफडब्लूआइसीई के मुख्य सलाहकार आशीष शेलार, जानी मानी महिला साउंड रिकॉर्डिस्ट चंपा तिवारी,घोसालकर मैडम,वसंत जी,खालिद जी, सौरभ मंगलेकर, शोएब डोंगरे आदि ने भी इस आवासीय योजना के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

मतगणना को दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने बनाए 42 केंद्र, सात दिसंबर को जल्द आएंगे परिणाम

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मतगणना के लिए दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने बनाए 42 केंद्र, सात दिसंबर को जल्द आएंगे परिणाम

दिल्ली राज्य चुनाव आयोग 42 जगहों में से एक जगह पांच और दो जगह चार-चार विधानसभा क्षेत्रों के अधीन आने वाले वार्डों की मतगणना करेगा, जबकि दो जगह ऐसी भी है जहां तीन-तीन विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों की मतगणना कराई जाएगी।

एमसीडी के 250 वार्डों की मतगणना 42 केंद्रों पर होगी। दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने रविवार को मतदान संपंन होने के बाद इन 42 जगहों पर ईवीएम भेज दी हैं। इन सभी जगहों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इन स्थानों पर सात दिसंबर को मतगणना होगी।

दिल्ली राज्य चुनाव आयोग 42 जगहों में से एक जगह पांच और दो जगह चार-चार विधानसभा क्षेत्रों के अधीन आने वाले वार्डों की मतगणना करेगा, जबकि दो जगह ऐसी भी है जहां तीन-तीन विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों की मतगणना कराई जाएगी।

आयोग ने 12 जगह दो-दो और 25 जगह एक-एक विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों की मतगणना कराने का निर्णय लिया है। चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए दिल्ली के चारों ओर मतगणना केंद्र बनाए हैं। इस तरह सात दिसंबर को पूरी दिल्ली में विजयी उम्मीदवारों की दमक रहेगी। यह पहला अवसर है जब इतनी बड़ी संख्या में मतगणना केंद्र बनाए गए हैं।

आयोग का कहना है कि गतगणना केंद्रों की संख्या अधिक होने के चलते परिणाम जल्दी आएंगे, क्योंकि केंद्रों पर जगह अधिक होने के चलते मतगणना के राउंड कम होंगे। अब पहली की तुलना में मतगणना राउंडों में दोगुना से अधिक टेबल लग सकेगी। इस तरह सभी वार्डों की मतगणना दोपहर से पहले पूरी हो जाएगी। चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों पर चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ट्रेनिंग दे दी गई है।

 

ईरान में मोरैलिटी पुलिस की इकाइयां भंग, हिजाब विरोधी प्रदर्शन के बाद उठाया सख्त कदम

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ईरान में मोरैलिटी पुलिस की इकाइयां भंग, हिजाब विरोधी प्रदर्शन के बाद उठाया सख्त कदम

सख्त ड्रेस कोड के खिलाफ महीनों तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद ईरान की नैतिकता पुलिस की इकाइयों को खत्म कर दिया गया है। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी है।

सख्त ड्रेस कोड के खिलाफ महीनों तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद ईरान की नैतिकता (मोरैलिटी) पुलिस की इकाइयों को खत्म कर दिया गया है। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी है। समाचार एजेंसी आईएसएनए ने अटॉर्नी जनरल मोहम्मद जाफर मोंटाजेरी के हवाले से शनिवार को कहा, नैतिकता पुलिस का न्यायपालिका से कोई लेना-देना नहीं है। इसे खत्म कर दिया गया है। नैतिकता पुलिस को कट्टरपंथी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के द्वारा स्थापित किया गया था। औपचारिक रूप से इसे गश्त-ए-इरशाद के रूप मेंम जाना जाता है।

‘हिजाब की संस्कृति का प्रसार करने के लिए’ नैतिकता पुलिस सुनिश्चित करती थी कि महिलाओं का सिर ढका हो। नैतिकता पुलिस की इकाइयों ने 2006 में गश्त शुरू की थी। अटॉर्नी जनरल मोंटाजेरी ने नैतिकता पुलिस की इकाइयों को खत्म करने की घोषणा के एक दिन बाद कहा, संसद और न्यायपालिका दोनों इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं कि क्या महिलाओं को अपने सिर को ढकने वाले कानून को बदलने की जरूरत है। राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने शनिवार को टेलीविजन पर अपने संबोधन में कहा, ईरान की गणतंत्रात्मक और इस्लामी नींव संवैधानिक रूप से मजबूत है, लेकिन संविधान को लागू करने के ऐसे भी तरीके हैं, जो लचीले हो सकते हैं। 1979 की क्रांति के चार साल बाद हिजाब अनिवार्य कर दिया गया था। ईरान की क्रांति ने अमेरिका समर्थित राजशाही को उखाड़ फेंका था और इस्लामिक गणराज्य की स्थापना की थी।

नैतिकता पुलिस अधिकारियों ने 15 साल पहले महिलाओं को नियंत्रित करने और उन्हें गिरफ्तार करने से पहले शुरू में चेतावनी जारी की थी। दरअसल, इसी साल ईरान में एक युवती महसा अमिनी (22 वर्षीय) को नैतिकता पुलिस के द्वारा सख्त ड्रेस कोड का उल्लंघन करने पर गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद युवती की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। इसके बाद राजधानी तेहरान समेत देश के अन्य हिस्सों में हिजाब विरोधी प्रदर्शन हुए। कई महिलाओं ने विरोध में बालों को भी काटा। ये प्रदर्शन दो महीने से भी अधिक समय तक चले।

गाय बछड़ों के बीच बीता था शिवकुमार का बचपन

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गाय बछड़ों के बीच बीता था शिवकुमार का बचपन

गाय की महिमा को सिर्फ हिन्दू सनातनी ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व मानता है। लगभग हर धर्म जाति में गाय को महत्व दिया जाता है। यहां तक कि बॉलीवुड और टेलीवुड से जुड़ी हस्तियां भी गाय का सम्मान करती है, यह अलग बात है कि व्यसतता की वजह से वे अपने विचार खुल कर प्रकट नहीं कर पाते हैं। ऐसे ही बॉलीवुड से जुड़े प्रशिद्ध अभिनेता हैं शिव कुमार, जिन्होंने निमकी मुखिया जैसे सीरियल में झरिया का किरदार करके अपने अभिनय की छाप छोड़ी थी, जो कि गाय को माता के समान मान कर गाय का ना सिर्फ सम्मान करते हैं, बल्कि उनका बचपन तक गांव में गायों और बछड़ों के बीच बीता था। इसलिए वे गायों के साथ अपना भावनात्मक सम्बन्ध ज्यादा ही जुड़ा हुआ पाते है। शिवकुमार मानते हैं कि गाय हमको ईश्वर का दिया हुआ सबसे खूबसूरत इनाम है। शिव कुमार का जन्म उत्तर प्रदेश के बनारस के पास भदोही जिला रामपुर के पास सेमोही गांव में हुआ था। वे गांव में काफी समय तक रहे थे। लेकिन पिताजी के देहांत के बाद उनके ऊपर परिवार की जिम्मेदारी आ गई। वे कुछ बनने की ललक लेकर मुंबई में आ गए और जीवन यापन करने के लिए संघर्ष करने लगे। उन्होंने मुंबई में कई नौकरी बदली लेकिन उन्हें संतुष्टि नहीं मिली। वे पत्रकारिता से भी जुड़ गये। फिर एक दिन अचानक ही शिव कुमार को अहसास हुआ कि उनके जीवन का मकसद सिर्फ जॉब करके पेट भरना नहीं है। वे तो एक अभिनेता हैं और अभिनय करना ही उनके जीवन का मकसद है। इसके बाद उनका कड़ा संघर्ष रंग लाया और शिव कुमार को चांद छुपा बादल में, ससुराल गेंदा फूल, यह रिस्ता क्या कहलाता है जैसे सीरियल और कई फिल्मों में काम मिलने लगा। वे काफी पॉपुलर हो गए और अभिनय में व्यस्त हो गए। फिर उन्हें मिला स्टार भारत में निमकी मुखिया, जिसमें झरिया के किरदार में वे छा गए।

(सुनील बडोला)

नतीजे से पहले बागियों से सुलह की कोशिश में बीजेपी और कांग्रेस

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नतीजे से पहले बागियों से सुलह की कोशिश में बीजेपी और कांग्रेस

12 नवंबर को हुए हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के 20 से अधिक बागी उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में चुनावी मैदान में थे। जबकि कम से कम कांग्रेस के 10 बागी उम्मीदवार दिखाई दिए थे।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर की उम्मीदों के बीच दोनों पार्टियां अपने बागी उम्मीदवारों पर कड़ी नजर जमाए हुए हैं। 12 नवंबर को हुए हिमाचल विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश कभी त्रिशंकु विधानसभा नहीं रही है लेकिन दोनों दलों के बागी नेताओं से घिरे होने से इस बार ऐसा होने की संभावना बनी हुई है।

दोनों दलों के सामने बागी उम्मीदवारों की चुनौती

12 नवंबर को हुए हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के 20 से अधिक बागी उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में चुनावी मैदान में थे। जबकि कम से कम कांग्रेस के 10 बागी उम्मीदवार दिखाई दिए थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हिमाचल के कई दौरे किए। जबकि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने चुनावी अभियान के दौरान कई बागी नेताओं से से मुलाकात की थी।

हिमाचल के फतेहपुर से भाजपा के बागी उम्मीदवार कृपाल सिंह परमार ने दावा किया था कि उन्हें खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आया था जिसमें उन्होंने परमार से चुनावी मैदान से हट जाने की बात कही थी। भाजपा इस बार 11 मौजूदा विधायकों के टिकट रद्द कर दिए थे। सूत्रों के मुताबिक भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने बागी उम्मीदवारों के संपर्क में हैं। जबकि कई नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से निलंबित कर दिया गया था।

बागियों की भूमिका महत्वपूर्ण

2017 के हिमाचल विधानसभा चुनावों में छह सीटों पर जीत का अंतर लगभग 1,000 वोट या उससे कम था। बीजेपी प्रवक्ता करण नंदा का मानना है कि अगर अल्पमत की सरकार बनती है तो निर्दलीयों की भूमिका अहम होगी। कांग्रेस का आरोप है कि करीबी मुकाबले की स्थिति में बीजेपी खरीद-फरोख्त में कर सकती है।

प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष नरेश चौहान कहते हैं कि भाजपा के पास बहुत सारे संसाधन हैं। अगर चुनाव उनके पक्ष में नहीं जाता है तो वे इसका इस्तेमाल करने के लिए तैयार होंगे। क्योंकि भाजपा ने ऐसा कई राज्यों में पहले किया है। उन्होने आगे कहा कि चुनाव कांग्रेस ने इस बार एक अच्छा चुनाव लड़ा है और हम सरकार बनाने की उम्मीद करते हैं।

नगर निगम चुनाव को दिल्ली में तीन दिनों तकड्राई डे

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नगर निगम चुनाव को दिल्ली में तीन दिनों तकड्राई डे, वोटिंग के दिन सुबह चार बजे से चलेंगी मेट्रो

राजधानी दिल्ली में 4 दिसंबर को नगर निगम चुनाव (MCD Election) के लिए वोटिंग होनी है। चुनाव से पहले आबकारी विभाग ने शुक्रवार से रविवार तक शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इसके अलावा दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने जानकारी साझा की है कि चुनाव के दिन सभी मेट्रो ट्रेन सेवाएं सभी टर्मिनल स्टेशनों से सुबह 4 बजे से शुरू होंगी। एमसीडी के 250 वार्डों के वोटों की गिनती 7 दिसंबर को होनी है।

क्यों बंद रहेंगी शराब की दुकानें ?

दिल्ली आबकारी विभाग कमिश्नर कृष्ण मोहन उप्पू ने बुधवार को बताया कि एक्साइज रूल्स 2010 के नियम 52 के तहत 2 से 4 दिसंबर तक और 7 दिसंबर को वोटों की गिनती के दिन ड्राई डे रहेगा। इस दिन शराब की दुकानें, क्लब, बार में शराब की ब्रिकी पर रोक होती है। नोटिफिकेशन के मुताबिक दिल्ली में 2 दिसंबर शुक्रवार को शाम 5.30 बजे से 4 दिसंबर शाम 5.30 तक ड्राई डे रहेगा। इसके अलावा 7 दिसंबर को वोटों की गिनती के दिन भी ड्राई डे यानि शराब की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा।

वोटिंग के दिन सुबह 4 बजे से चलेंगी मेट्रो

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के मुताबिक 4 दिसंबर, 2022 (रविवार) को दिल्ली नगर निगम चुनाव के दिन सभी लाइनों पर दिल्ली मेट्रो की ट्रेन सेवाएं सभी टर्मिनल स्टेशनों से सुबह चार बजे से शुरू होंगी। ट्रेनें रविवार सुबह छह बजे तक सभी लाइनों पर 30 मिनट के अंतराल पर चलेंगी। वहीं सुबह 6 बजे के बाद पूरे दिन मेट्रो ट्रेनें सामान्य समय के मुताबिक चलेगी।

250 वार्डों में होने हैं चुनाव

दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए 4 दिसंबर को वोटिंग होगी। इस चुनाव में 1336 प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है। चुनावी अभियान अब आखरी दौर में है। ऐसे में तीनों पार्टियों के प्रत्याशी जोर आजमाइश में लगे हुए दिखाई दे रहे हैं।

गुजरात में फिर एक बार मोदी सरकार, पीएम मोदी का दावा 

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गुजरात में फिर एक बार मोदी सरकार, बीजेपी की होगी रिकॉर्ड तोड़ वापसी : पीएम मोदी का बड़ा दावा

गुजरात में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान 1 दिसंबर को खत्म हो गया। 5 दिसंबर 2022 को दूसरे चरण के लिए मतदान होगा। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनासकांठा के कांकरेज में आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया। अंतिम दौर के इस प्रचार में पीएम मोदी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि गुजरात में फिर एक बार बीजेपी की रिकॉर्ड तोड़ वापसी होगी।

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लटकाना और भटकाना कांग्रेस की आदत है। पीएम मोदी ने कहा, “कांग्रेस की फितरत है कि वह ऐसा कोई भी काम नहीं करती है जिसमें उसका अपना हित दिखाई न दे और मोदी का नाम है कि वह जो कहता है, वह करके दिखला देता है। अगर आप हमें आशीर्वाद देते हैं, तो हम और अधिक शक्ति के साथ कार्य करेंगे।”

पीएम मोदी की गुजरात में चार जनसभाएं होनी हैं। कांकरेज के बाद वह पाटन, सोजित्रा और अहमदाबाद में जनसभा करेंगे। इससे पहले उन्होंने गुरुवार को राज्य में 54 किमी लंबा रोड शो किया था।

तीन दिसंबर को विकलांग लोगों के लिए जागरूकता वॉकेथान का आयोजन

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विश्व विकलांगता दिवस पर तीन दिसंबर को विकलांग लोगों के लिए जागरूकता वॉकेथान का आयोजन

नवी मुंबई। महानगरपालिका का ईटीसी डिसएबिलिटी एजुकेशन, ट्रेनिंग एंड सर्विस फैसिलिटी सेंटर देश में एकमात्र ऐसा सेंटर होने पर गर्व महसूस करता है, जो एक ही छत के नीचे विकलांगों को शिक्षा, प्रशिक्षण और सेवा सुविधाएं प्रदान करता है। तीन दिसंबर को विश्व विकलांगता दिवस के अवसर पर विकलांगता के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए ईटीसी केंद्र के माध्यम से िदसंबर महीने में मनपा आयुक्त राजेश नार्वेकर के मार्गदर्शन में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। ज्ञात हो िक इसमें विकलांग छात्र और उनके माता-पिता, विभिन्न उम्र के विकलांग नागरिक, विकलांगों पर काम करने वाले संगठनों के प्रतिनिधि, ईटीसी केंद्र के शिक्षक और कर्मचारी भाग लेंगे। यह दिव्यांग जागरूकता वॉकेथान तीन दिसंबर 2022 को सुबह 8 बजे सीवुड स्टेशन के पास, एल एंड टी ब्रिज के नीचे की जगह से सेक्टर 50, नेरुल से शुरू होकर महानगरपालिका मुख्यालय में सुबह 9 बजे से होने की जानकारी मनपा सूत्रों ने दी है। इस अवसर पर जनजागरूकता पर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया जाएगा तथा दिव्यांगता के संबंध में गणमान्य व्यक्तियों द्वारा मार्गदर्शन भी किया जाएगा।