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हैदराबाद में गौ रक्षक को मारी गई गोली

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हैदराबाद के घाटकेसर में गौ रक्षक सोनू पर गोवंश तस्करों ने हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी मां ने सरकार से अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। बीजेपी नेताओं ने घटना की निंदा की और एआईएमआईएम पर आरोप लगाए। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इसे माफिया गतिविधि बताया और पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नई दिल्ली। हैदराबाद के घाटकेसर इलाके में बुधवार को एक चौंकाने वाली घटना में गौ रक्षक सोनू पर कथित तौर पर गोवंश तस्करों ने गोली चला दी। पांच-छह साल से गायों की रक्षा के लिए समर्पित सोनू इस समय अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। उनकी मां ने सरकार से अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है।

पुलिस के मुताबिक, सोनू को गोवंश परिवहन की सूचना देने वाले एक समूह ने लालच देकर बुलाया था। मौके पर पहुंचते ही एक व्यक्ति ने उन पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर कुछ को हिरासत में लिया है और जांच जारी है।

बीजेपी हुई नाराज

सोनू की मां वाल्मीकि समुदाय से हैं। उन्होंने कहा, “मेरा बेटा जिंदगी के लिए लड़ रहा है। मैं गौ रक्षा के लिए दस और बेटों की कुर्बानी देने को तैयार हूं। सरकार अपराधियों को गिरफ्तार करे।”

उन्होंने बताया कि सोनू ने उन्हें फोन कर गोली लगने की जानकारी दी थी। बीजेपी नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। बीजेपी नेता माधवी लता ने आरोप लगाया कि हमलावर का संबंध AIMIM से है।

उन्होंने कहा, “सोनू को गोली मारने वाला व्यक्ति AIMIM से जुड़ा है। अगर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी में हिम्मत है, तो वे सोनू को न्याय दिलाएं। गौ रक्षक संविधान की रक्षा कर रहे हैं।”

माफिया गतिविधियों पर रोक की मांग

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस घटना को माफिया गतिविधियों का हिस्सा बताया और पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हैदराबाद में गोवंश तस्करी करने वाले माफिया ने गौ रक्षकों को बुलाकर गोली मारी। मैंने डीजीपी से बात की है, लेकिन पुलिस अपना काम नहीं कर रही। सरकार को माफिया गतिविधियों और अवैध गोवंश परिवहन पर रोक लगानी चाहिए।”

राज्य बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने दावा किया कि यह हमला AIMIM के गुंडों ने बीजेपी और आरएसएस कार्यकर्ताओं को डराने के लिए किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार के संरक्षण के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। पुलिस को पहले सूचना दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।”

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले

बीजेपी सांसद ईटाला राजेंद्र ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उन्होंने बताया, “पहले भी गौ रक्षकों पर हमले हुए हैं। इब्राहिम नाम के एक गुंडे ने सोनू पर गोली चलाई। वह गंभीर हालत में है। सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

पुलिस ने जांच तेज कर दी है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। इस घटना ने हैदराबाद में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

 

Mumbai: चिरा बाज़ार में गिरी आवासीय इमारत

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मुंबई के चिरा बाज़ार इलाके में बुधवार सुबह एक रिहायशी इमारत का एक हिस्सा ढहने से दो बुज़ुर्ग घायल हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. यह घटना सुबह लगभग 6:23 बजे जेएसएस रोड स्थित म्हाडा के स्वामित्व वाली आत्माराम बिल्डिंग में हुई. बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अनुसार, कमरा संख्या 11 में पहली मंजिल के रसोईघर का एक हिस्सा ढह गया और भूतल पर गिर गया.

बीएमसी की मुंबई फायर ब्रिगेड (एमएफबी), स्थानीय पुलिस, म्हाडा के अधिकारी, 108 एम्बुलेंस सेवा और वार्ड के कर्मचारियों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया. इमारत ढहने से दो निवासी घायल हो गए. 75 वर्षीय ठक्करजी गाला को मामूली चोटें आईं, लेकिन उन्होंने अस्पताल में इलाज कराने से इनकार कर दिया. `सी` वार्ड नियंत्रण कक्ष के अनुसार, 71 वर्षीय गुणवंती गाला को भाटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

घटना की सूचना दोपहर 12:49 बजे बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को दी गई. मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए रात 1:00 बजे लेवल-I आपातकालीन कॉल की घोषणा की. BMC की MFB, स्थानीय पुलिस और संबंधित वार्ड कर्मचारियों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया. अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.

अधिकारी इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा और अन्य एहतियाती उपायों का आकलन कर रहे हैं. इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को मुंबई के पश्चिमी उपनगर मलाड पश्चिम में एक आवासीय इमारत में आग लग गई, जिसमें एक निवासी और एक दमकलकर्मी घायल हो गए, जो आग बुझाने के अभियान में शामिल थे.

एक नगर निगम अधिकारी ने बताया कि अग्निशमन विभाग को सुबह 5.06 बजे लिंक रोड स्थित इनॉर्बिट मॉल के पास सात मंजिला भूमि क्लासिक में आग लगने की सूचना मिली. उन्होंने बताया कि आग इमारत की छठी और सातवीं मंजिल पर स्थित कई बंद फ्लैटों तक फैल गई थी. अधिकारी ने बताया कि कई दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और लगभग दो घंटे बाद आग पर काबू पा लिया गया. 24 वर्षीय शुभम अगोटरिया के बाएँ हाथ में चोट लगी है. अधिकारी ने बताया कि उन्हें इलाके के लाइफलाइन अस्पताल में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई. अग्निशमन अभियान के दौरान मामूली चोट लगने के बाद एक वरिष्ठ स्टेशन अधिकारी को जोगेश्वरी (पूर्व) स्थित बालासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया. अधिकारी ने बताया कि आग लगने का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है.

छठ पर्व की भीड़ को देखते हुए भारतीय रेल अगले 5 दिनों में 1500 विशेष ट्रेनें चलवाएगी

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छठ पर्व की भीड़ को देखते हुए भारतीय रेल अगले 5 दिनों में 1500 विशेष ट्रेनें चलवाएगी; यात्रियों की सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विशेष ध्यान रखा गया है

नियमित ट्रेनों के अलावा, पिछले 21 दिनों में 4,493 स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स ने, औसतन 213 ट्रिप प्रतिदिन, दिवाली उत्सव के लिए लोगों को सुरक्षित घर पहुंचने में मदद की

त्योहारों की भीड़ के बीच अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से देश भर में रेलवे द्वारा की गई विशेष व्यवस्था की यात्रियों ने सराहना की

त्योहारों के इस मौसम में भारतीय रेलवे देशभर में यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए लगातार अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है। छठ पर्व से पहले यात्रा में वृद्धि को देखते हुए रेलवे यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त प्रयास कर रहा है कि प्रत्येक यात्री सुरक्षित और आराम से अपने गंतव्य तक पहुँचे। नियमित रेल सेवाओं के अलावा, रेलवे ने अगले 5 दिनों में 1,500 विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। यानी हर दिन औसतन 300 विशेष ट्रेनें यात्रियों की सेवा में रहेंगी। कुशल व्यवस्थाओं, बेहतर यात्री सेवाओं और सुविधा व देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता के साथ, भारतीय रेलवे यह सुनिश्चित कर रहा है कि त्योहारों के मौसम में हर यात्री को उसकी रेल यात्रा के दौरान अच्छी सेवाएँ मिलें। नियमित ट्रेनों के अलावा, पिछले 21 दिनों में 4,493 स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स, यानी औसतन 213 ट्रिप प्रतिदिन, ने यात्रियों को दिवाली के त्योहार के लिए सुरक्षित घर पहुँचने में मदद की।

आगामी छठ पूजा और चल रहे दीवाली सीजन के मद्देनज़र, भारतीय रेल ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए एक मजबूत विशेष ट्रेन योजना लागू की है। 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2025 तक कुल 61 दिनों की अवधि में देशभर में 12,000 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। अब तक कुल 11,865 ट्रिप्स (916 ट्रेनों) की अधिसूचना जारी की जा चुकी है, जिनमें 9,338 आरक्षित और 2,203 अनारक्षित ट्रिप्स शामिल हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाती है, जब केवल 7,724 पूजा और दीवाली विशेष ट्रेनें संचालित की गई थीं।यह कदम दर्शाता है कि भारतीय रेल त्योहारों के मौसम में यात्रियों को सुगम और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने के अपने संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रही है।

पूजा / दिवाली त्यौहार विशेष अधिसूचित ट्रेन यात्राएं (21 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक)

भारतीय रेल ने बेहतर सेवाओं और सुविधाओं के साथ यात्रियों के अनुभव बेहतर बनाया है।

19 अक्टूबर 2025 को भारतीय रेल ने उधना स्टेशन पर 36,000 से अधिक यात्रियों की यात्रा को सुगमता से संपन्न

गोवर्धन पूजा पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया गौपूजन

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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास रायपुर में स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौमाता की पूजा-अर्चना की और गौ माता को खिचड़ी खिलाकर गोसेवा की परंपरा निभाई। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति, गौवंश और पर्यावरण के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन पर्व है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दी। पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने गौशाला में सेवा कर रहे गौसेवकों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। उन्होंने गौसेवा के लिए उनकी सराहना करते हुए सभी से गौवंश की रक्षा एवं संरक्षण के कार्यों में आगे आने का आग्रह किया। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने गौशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौसेवकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गौशाला में गौवंश की देखरेख की सभी व्यवस्था मौजूद है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा हमारे जीवन में प्रकृति, अन्न और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। गाय भारतीय संस्कृति की आधारशिला है, जो न केवल हमारे ग्रामीण जीवन से जुड़ी है, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था और आस्था दोनों का केंद्र भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में गोसेवा और प्रकृति पूजन की भावना गहराई से रची-बसी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय, अन्न और धरती का सम्मान करना उस मातृशक्ति को प्रणाम करना है, जिससे हमारा जीवन जुड़ा है। जब हम इन्हें नमन करते हैं, तब हम अपनी संस्कृति की जड़ों, अपनी आत्मा की गहराइयों और समृद्धि के स्रोतों को स्पर्श करते हैं।

गोवर्धन पूजा पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गौ माता की पूजा-अर्चना

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गोवर्धन पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित गौशाला में गौ माता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जन कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति संरक्षण, मनुष्यों एवं जानवरों के बीच के प्रेम को दर्शाता है। यह पर्व हमें अपनी परंपराओं, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बने रहने का भी संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि हम सभी मिलकर गायों की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण के लिए प्रयास करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा मिला है। गौमाता सनातन संस्कृति और कृषि जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उनकी सेवा और संरक्षण, हमारे जीवन को आगे बढ़ाता है। कई परिवारों का भरण-पोषण गाय पालन और गो-सेवा से होता है। गौ-संवर्धन धार्मिक भावनाओं से जुड़े होने के साथ ही आजीविका और आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निराश्रित गोवंश के लिए गौ सदनों के निर्माण और संचालन को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में निराश्रित पशु (जिन्हें गौशालाओं में पाला जा रहा है) उनके भरण पोषण के लिए पहले 5 रुपए प्रति दिन प्रति पशु दिया जाता था, इसे बढ़ाकर अब 80 रुपए प्रति पशु/ प्रति दिन किया गया है। निजी रूप से गौशालाओं के निर्माण में राज्य सरकार ने 60 फीसदी सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 54 गौ सदनों का निर्माण कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे भी राज्य सरकार गौ संरक्षण के लिए कार्य करते रहेगी।

छत्तीसगढ़ – गौ-उत्पीड़न का भयावह मामला

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CG News: जांजगीर-चांपा जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। बिर्रा पुलिस स्टेशन एरिया के तालदेवरी गांव में 200 से ज्यादा गायों को एक छोटे से बाड़े में बंद कर दिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नदी किनारे बने इस बाड़े में न तो पानी था और न ही चारा। कई गायें भूख और प्यास से तड़प रही थीं, जबकि कुछ के पैर रस्सियों से कसकर बंधे हुए थे, जिससे वे खून से लथपथ और सड़ रही थीं।

सबसे दिल दहला देने वाला नज़ारा था मरी हुई गायों को नदी में फेंकना। सूचना मिलने पर, गोरक्षा दल और बिर्रा पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत कार्रवाई की। 30 से ज्यादा घायल और बीमार गायों को मौके पर ही फर्स्ट एड दिया गया। गाँव वालों और गोरक्षा करने वालों की मदद से 200 से ज्यादा मवेशियों को बाड़े से आजाद कराया गया, जो दिवाली पर नरक से एक तरह की आजादी थी।

CG News: स्थानीय लोगों और गौरक्षकों ने इस घटना को बहुत ही अमानवीय और दिल दहला देने वाला बताया है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। पुलिस ने मौके का मुआयना करके जांच शुरू कर दी है, और इसमें शामिल लोगों से पूछताछ कर रही है।

कुएं में गिरा गौवंश गौसेवकों ने किया बचाव कार्य

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मुरैना:- थाना सरायछोला के अंतर्गत मृगपुरा पंचायत के लाला का पुरा पर खुले पड़े कुएं में गौवंश गिर गया जिसकी सूचना गौ रक्षा दल के प्रदेश महामंत्री व गौ सांसद रुद्रप्रताप सिंह राठौर को मिली तो वह अपनी टीम व रेस्क्यू का सामान लेकर मौके पर पहुंचे और देखा कि कुआं काफी गहरा व सकरा था गौवंश 80 फीट गहरे कुएं में फंसा हुआ था जिसमें गांव के रामू परमार, छोटू परमार कुएं में घुसे और गौवंश को बांधा लेकिन जब गौवंश को ऊपर खींचा तो रस्सा खुल गया फिर वही द्वारा कुएं में घुसे और गौसेवक सुदामा कुशवाह भी साथ में घुसे जिन्होंने मिलकर गौवंश को सुरक्षित बांधा और गांव वालों की मदद से व ट्रैक्टर की सहायता से गौवंश को बाहर निकाल लिया जिसका पशु चिकित्सक के द्वारा उपचार कराया।

मौके पर गौसेवक रुद्रप्रताप सिंह,सुदामा कुशवाह,मोहित प्रजापति,लायक सिंह, हर्ष गौड़,दीपक परमार,हरेंद्र सिंह,हनुमान परमार, सत्यपाल परमार बसई, श्यामवीर परमार, छिंगा परमार,आनंद दुबे, शिवनाथ सिंह,अमर सिंह बघेल,निरंजन गुर्जर,दिलीप परमार,श्रीओम, हवलदार सिंह, जसरथ बघेल,पवन,मोनू जाटव,गणेशराम कुलश्रेष्ठ, रणजीत सरपंच, रामू,छोटू आदि

अपने यूट्यूब चैनल पर मोटिवेशनल वीडियो शेयर करती हैं अभिनेत्री रोमा बाली 

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टेलीविजन और फिल्मों की पावरफुल एक्ट्रेस रोमा बाली एक छोटे से ब्रेक के बाद फिर से कैमरे के सामने लौटने को तैयार हैं। लगभग 20 सालों से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुकीं रोमा अब एक बार फिर दर्शकों का दिल जीतने आ रही हैं।

लखनऊ (उत्तर प्रदेश) से ताल्लुक रखने वाली रोमा बाली ने अपने करियर की शुरुआत लोकप्रिय धारावाहिक ‘ओम नमः शिवाय’ से की थी। शुरुआत में उन्होंने एक फिल्म साइन की थी जो किसी कारणवश रिलीज़ नहीं हो पाई, लेकिन इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

उन्होंने ‘पुनर्विवाह’, ‘साथ निभाना साथिया’, ‘कुंडली भाग्य’, ‘किट्टी पार्टी’, ‘डोली सजा के रखना’, ‘इस प्यार को क्या नाम दूं’ और ‘कसम तेरे प्यार की’ जैसे कई सुपरहिट सीरियल्स में अपने दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाई।

फिल्मों में भी रोमा ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई – ‘लाइफ एक्सप्रेस’ और ‘जीना इसी का नाम है’ में उनका अभिनय खूब सराहा गया। वहीं नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ ‘उड़ान’ और आशा पारेख निर्देशित ‘कंगन’ में भी उन्होंने अपने टैलेंट का जलवा दिखाया।

मुंबई में रहकर लगातार एक्टिव रहने वाली रोमा इन दिनों अपने यूट्यूब चैनल “रोमाबाली एक्टर्स वर्ल्ड” के जरिए मोटिवेशनल वीडियो शेयर करती हैं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं।

रोमा कहती हैं – “ज़िंदगी किसी का इंतज़ार नहीं करती, इसलिए खुद को मोटिवेट करो और अपने सपनों के लिए आगे बढ़ो। खुद पर भरोसा रखो, क्योंकि मंज़िल तक पहुंचना आपको अकेले ही होता है।”

अपने जीवन के उतार-चढ़ावों से गुज़रकर भी रोमा ने कभी हार नहीं मानी। उनका मानना है – “इंसान को आत्मनिर्भर होना चाहिए, परिवार और काम में संतुलन ही जीवन की सच्ची कला है।”

नई पारी को लेकर बेहद एक्साइटेड रोमा कहती हैं – “मैं फिर से दर्शकों के बीच आ रही हूं, अच्छे प्रोजेक्ट्स के साथ। उम्मीद है, इस बार भी सबका प्यार और आशीर्वाद मिलेगा।”

रोमा बाली की यह वापसी सिर्फ एक कलाकार की कमबैक स्टोरी नहीं, बल्कि उन सभी के लिए प्रेरणा है जो सपनों को साकार करने की हिम्मत रखते हैं।

यम द्वितीया: भगवान चित्रगुप्त का पूजा दिवस

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(अंजनी सक्सेना-विनायक फीचर्स)

भारतीय समाज में कायस्थ एक बुद्धिजीवी एवं चतुर जाति मानी जाती है। मध्यकाल में तो यह मान्यता थी कि राज-काज के संचालन में इससे कुशल एवं प्रवीण कोई अन्य जाति नहीं है। गुप्त काल से लेकर राजपूत, मुगल एवं मराठा शासकों के काल में कायस्थ न केवल महत्वपूर्ण पदों पर आसीन होते थे, बल्कि राजस्व विभाग विशेषकर ‘पटवारियों’ के पदों पर कायस्थों का ही अधिकार होता था।

कायस्थ जाति अपने आपको भगवान चित्रगुप्त का वंशज मानती है। धर्मग्रंथों के अनुसार भगवान चित्रगुप्त, प्रत्येक प्राणी के पाप पुण्यों का लेखा-जोखा रखने वाले देवता हैं यथा वे धर्मराज के सहायक हैं।
भगवान चित्रगुप्त एवं कायस्थों की उत्पत्ति का विवरण कई पुराणों एवं धर्मग्रंथों में मिलता है। इस विवरण के अनुसार ब्रह्मा जी ने अपने मुख से ब्राह्मण, भुजाओं से क्षत्रिय, पेट या जंघा से वैश्य तथा पैरों से शूद्र उत्पन्न किए। उन्होंने सूर्य एवं चन्द्र आदि ग्रहों के साथ ही बिना पैर वाले जीवों से लेकर अनेक पैर वाले जीवों की रचना की।
इस सृष्टि की रचना के बाद ब्रह्मा के शरीर (काया) से बड़ी-बड़ी भुजाओं वाले, श्याम वर्ण, कमलवत् नेत्रवान्, शंख के समान गर्दन वाले, तेजस्वी, अति बुद्धिमान, हाथ में लेखनी और दवात धारण किए हुए, अव्यक्त जन्मा चित्रगुप्त जी उत्पन्न हुए। समाधि खुलने के बाद ब्रह्मा जी ने अपने सामने उपस्थित इस पुरुष से पूछा आप कौन हैं? उस पुरुष ने कहा – मैं आपके ही शरीर से उत्पन्न हुआ हूं इसलिए आप मेरा नामकरण कीजिए तथा मेरे कर्तव्य बताईये।
ब्रह्मा जी ने यह सुनकर कहा कि तुम मेरी काया (शरीर) से उत्पन्न हुए हो इसलिए तुम्हारी संज्ञा कायस्थ है। तुम्हारी उत्पत्ति के समय मेरा मन विश्रांत स्थिति में था अर्थात् मेरा चित्त गुप्त था इसलिए तुम चित्रगुप्त कहलाओगे। तुम धर्मराज की धर्मपुरी में निवास करो और प्राणियों के धर्माधर्म पर विचार करो।
धर्म ग्रंथों के अनुसार चित्रगुप्त जी के दो विवाह हुए। एक सूर्य कन्या से तथा दूसरा नाग कन्या से। इन पत्नियों से उनके बारह पुत्र उत्पन्न हुए। इन पुत्रों के नाम पर ही कायस्थों की बारह उपजातियां हैं। भगवान चित्रगुप्त ने अपने इन पुत्रों को शास्त्रों की शिक्षा दी तथा उनके लिए कर्तव्यों का निर्धारण किया। इन कर्तव्यों के अनुसार कायस्थों को देवताओं का पूजन, पितरों का श्राद्ध तथा अभ्यागतों की सेवा करना चाहिए। चित्रगुप्त जी ने अपनी संतति को महिषासुर मर्दिनी देवी की पूजन एवं उपासना करने का भी आदेश दिया।
कायस्थ जाति में भगवान चित्रगुप्त की वर्ष में कम-से-कम दो बार पूजन होती है। इनमें से पहली पूजन दीपावली की द्वितीया को होती है तथा दूसरी होली की द्वितीया (दौज) को। यह दोनों ही तिथियां भाई दौज या यम द्वितीया के नाम से प्रसिद्ध है। इस दिन प्रत्येक कायस्थ के घर मे चित्रगुप्त जी एवं कलम दवात की पूजा होती है। कई स्थानों पर यह पूजन सामूहिक रूप से भी की जाती है।
पूजन के समय भगवान चित्रगुप्त की स्तुति में जो मंत्र कहे जाते हैं, उनका अर्थ है कि दवात-कलम और खल्ली धारण करने वाले भगवान चित्रगुप्त आप लेखकों को अक्षर प्रदान करते हैं। इन धर्मग्रंथो में कहा गया है कि कायस्थों के अतिरिक्त अन्य जाति के लोग भी चित्रगुप्त जी की पूजन करते हैं तो इस पूजन से उन मनुष्यों की आयु बढ़ती है तथा उन्हें नरक के कष्ट नहीं भोगने पडते है और वे स्वर्ग के अधिकारी होते हैं। (विभूति फीचर्स)

मुंबई में अक्टूबर महीने में पानी की किल्लत

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मुंबई: मुंबई में कई दिनों से कई इलाकों में पानी की समस्या बढ़ गई है। सायन, प्रतीक्षा नगर, विले पार्ले, अंधेरी, गोरेगांव, भांडुप, विक्रोली सहित कई इलाकों में कम दबाव या कम पानी आने से लोग परेशान है। बीएमसी का कहना है कि गर्मी बढ़ने और दिवाली में पानी की ज्यादा खपत की वजह से इस तरह की परेशानी आ रही है। 15 से 20 दिनों में हालत यह हो गई है कि मुंबईकर अक्टूबर में ही पानी की अघोषित कटौती झेल रहे हैं। पहले झीलों में जलस्तर घटने पर जून या जुलाई में पानी कटौती का सामना करना पड़ता था।

बीएमसी वॉटर डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि कम दबाव में पानी सप्लाई की समस्या को लेकर आम लोगों और अलग-अलग प्रभागों के पूर्व नगरसेवकों से शिकायतें मिल रही है। हम भी हैरान है, क्योंकि कहीं किसी पाइपलाइन में शिकायत नहीं मिली है।

गोरेगांव ईस्ट में शिकायत

गोरेगांव ईस्ट के गोकुलधाम इलाके में कई दिनों से पानी काफी कम प्रेशर में आ में रहा है। स्थानीय लोगों ने बीजेपी की पूर्व नगरसेविका प्रीति साटम से शिकायत की, जिसके बाद उन्होंने बीएमसी अधिकारियों को ज्ञापन देकर सुचारू तरीके से पानी सप्लाई की मांग की।

जगेश्वरी ईस्ट के हालत

जोगेश्वरी ईस्ट में उद्धव गुट के विधायक बाला नार ने भी के ईस्ट वॉर्ड (अंधेरी पूर्व) के असिस्टेंट कमिश्नर से मिलकर वॉटर प्रॉब्लम की शिकायत की थी। बीजेपी के पूर्व नगरसेवक अभिजीत सामंत ने अंधेरी ईस्ट के कई इलाकों में पानी की कम सप्लाई की शिकायत की है। बता दें कि 1 अक्टूबर, 2025 तक झील में 99.50% पानी जमा था। इसके बावजूद लोगों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है।

बीजेपी नेता रवि राजा ने आरोप लगाया कि बीएमसी अधिकारियों की लापरवाही से मुंबईकर 24 महीने अघोषित पानी कटौती झेल रहे हैं। पानी आपूर्ति पर बीएमसी हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन लोगों को किसी न किसी कारणवश पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है।

दहिसर में भी आ रहा गंदा और बदबूदार पानी

दहिसर पूर्व स्थित अंबावाडी में भी सप्लाई के पानी में बहुत गंदी बदबू आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ दिनों से यह समस्या हो रही है। पहले 5 से 6 मिनट पानी बहाना पड़ता है, क्योंकि वह पीने योग्य तो क्या होगा, अन्य उपयोग लायक भी नहीं है।

4,160 MLD हो रही जलापूर्ति

बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि शिकायतों के बाद वॉटर सप्लाई 4,000 से बढ़ाकर 4,160 एमएलडी प्रतिदिन की गई है। अक्टूबर का महीना गर्म होने और दिवाली में साफ-सफाई व अन्य कामों में लोगों के ज्यादा पानी इस्तेमाल से दिक्कत हो सकती है। अगर अंदर की पानी की पाइपलाइन में सप्लाई में कोई दिक्कत आती है, तो सोसाइटियों और बिल्डिंग्स के साथ-साथ स्लम में भी पानी कम सप्लाई होने की आशंका है। आशंकाओं को देखते हुए वॉटर इंजिनियरिंग डिपार्टमेंट के इंजिनियर कई इलाकों में जांच कर रहे हैं। बता दें कि बीएमसी को रोजाना औसतन 2,700 शिकायतें वॉटर लीकेज की मिलती हैं।