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पशु चिकित्सक एक गौ-शाला को गोद लेकर उन्नयन करेंगे

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मध्यप्रदेश गौ-संवर्द्धन बोर्ड ने माता महामारी उन्मूलन इकाई के पशु चिकित्सकों को अपने क्षेत्र की एक गौ-शाला को गोद लेकर उन्नयन करने के निर्देश दिए हैं। इकाई द्वारा अपने कार्य क्षेत्र की गौ-शालाओं में शिविर लगाकर पशुओं की जाँच, उपचार और नि:शुल्क औषधी वितरण किया जाता है। ये पशु चिकित्सक पशु पालकों की समस्याओं का समाधान करने में भी मदद करते हैं।

रजिस्ट्रार गौ-संवर्द्धन बोर्ड डॉ. बी.एस. शर्मा ने बताया कि बोर्ड द्वारा संचालित माता महामारी उन्मूलन इकाई में प्रदेश में लगभग 40 पशु चिकित्सक कार्यरत हैं। इन चिकित्सकों से कहा गया है कि अपने क्षेत्र की एक सबसे कमजोर गौ-शाला का चयन करें और उसे पूर्ण रूप से आत्म-निर्भर बनाने के प्रयास करें। सर्वश्रेष्ठ उन्नत गौ-शाला को पुरस्कृत किया जाएगा। पशु चिकित्सकों से कहा गया है कि शिविर में बैंक अधिकारियों को भी शामिल करें, जिससें पशु पालकों को बैंक सहायता प्रक्रिया की जानकारी मिल सकें और वे योजना का लाभ आसानी से उठा सकें। संबंधित पशु चिकित्सक अपने क्षेत्र की गौ-शाला का सर्वेक्षण कर चयनित गौ-शाला की जानकारी बोर्ड को 10 दिन के भीतर भेजेंगे।

मुम्बई पुलिस के लिए हेलमेट और सड़क दुर्घटनाग्रस्त पीड़ितों के लिए दो एम्बुलेंस

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यशलोक वेलफेयर फाउंडेशन ने मुंबई और महाराष्ट्र में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को बढ़ाने के लिए एसबीआई फाउंडेशन, एसबीआई-एसजी और एसबीआई कैप के साथ साझेदारी की

मुंबई। यशलोक वेलफेयर फाउंडेशन ने एसबीआई फाउंडेशन, एसबीआई-एसजी ग्लोबल सिक्योरिटीज सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और एसबीआई कैप वेंचर्स लिमिटेड के सहयोग से सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को बढ़ाने के लिए एक प्रभावशाली कार्यक्रम का आयोजन यशवंतराव चव्हाण परिसर नरीमन पॉइंट मुम्बई में किया। इस कार्यक्रम में मुंबई यातायात पुलिस को हेलमेट का वितरण और मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए समर्पित निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा प्रदान करने के लिए दो एम्बुलेंस भेंट किया गया।
हेलमेट वितरण कार्यक्रम सुरक्षा पहल का एक हिस्सा है, जिसे समाज के वंचित वर्ग, विशेष रूप से विकलांग व्यक्तियों, वंचित महिलाओं और युवाओं के कौशल विकास के माध्यम से सड़क सुरक्षा प्राप्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। मुंबई पुलिस के लिए ये ISI सर्टिफाइड हेलमेट रिसाइकिल ABS प्लास्टिक से बने हैं। ऐसी स्थिति में, पहल ने न केवल विकलांग लोगों, वंचित महिलाओं और युवाओं को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान किए, बल्कि इसने उन लोगों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है जो सुचारू यातायात प्रवाह और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम करते हैं।
फाउंडेशन के अद्वितीय कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से, मुंबई ट्रैफिक पुलिस के लिए इन हेलमेटों के निर्माण के लिए लाभार्थियों को प्रशिक्षित और नियोजित किया गया था। ये हेलमेट मुंबई की सड़कों पर सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों में से एक के रूप में कार्य करेंगे। मुंबई ट्रैफिक पुलिस को कुल 1600 हेलमेट मुफ्त में प्रदान किए गए, जिनमें से 1600 हेलमेट एसबीआई फाउंडेशन, एसबीआई-एसजी ग्लोबल सिक्योरिटीज सर्विसेज प्राइवेट और एसबीआई कैप वेंचर्स लिमिटेड द्वारा दान किए गए।
कार्यक्रम में विशेष रूप से मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर निःशुल्क सेवा के लिए पूरी तरह सुसज्जित दो उच्च प्रभाव वाली एम्बुलेंस का उद्घाटन था। यह पहल संजीवनी परियोजना का हिस्सा है।
संजीवनी परियोजना मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं की खतरनाक दर की प्रतिक्रिया है। हस्तक्षेप करने की तत्काल आवश्यकता को स्वीकार करते हुए, एसबीआई फाउंडेशन, एसबीआई-एसजी ग्लोबल सिक्योरिटीज सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और एसबीआई कैप वेंचर्स लिमिटेड ने यशलोक फाउंडेशन के साथ हाथ मिलाया और दो पूरी तरह से सुसज्जित हाई इम्पैक्ट एंबुलेंस दान की। ये मल्टी-बेड एंबुलेंस दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह से सुसज्जित हैं। ये एंबुलेंस सड़क दुर्घटनाओं में फंसे लोगों के लिए महत्वपूर्ण जीवन रेखा के रूप में काम करेगी, उन्हें समय पर सहायता प्रदान करेगी और संभावित रूप से उनकी जान बचाएंगी।


संजीवनी परियोजना न केवल पीड़ितों को बचाने और उन्हें तत्काल राहत प्रदान करने का प्रयास करती है बल्कि संकट में पड़े लोगों को आराम और आश्वासन भी देती है। भीतर दुर्घटना होने पर सेवा योग्य खंड पर, राजमार्ग यातायात पुलिस को इन एंबुलेंसों को दुर्घटना स्थल पर तुरंत भेजने का अधिकार है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पीड़ितों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा मिल सके। संक्षेप में, संजीवनी परियोजना सड़क सुरक्षा बढ़ाने और मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में यशलोक वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक आलोक अधिकारी ने विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया, जिसमें संजय प्रकाश (एमडी, एसबीआई फाउंडेशन), उमा शन्मुखी सिस्टला (एमडी, एसबीआई एसजी), सुरेश कोझीकोटे (एमडी, एसबीआई), कैप वेंचर्स, प्रवीण कुमार पडवाल (आईपीएस, मुंबई यातायात पुलिस के संयुक्त आयुक्त) और डॉ. रविंदर सिंगल (आईपीएस, महाराष्ट्र राजमार्ग यातायात पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक) शामिल थे।
आलोक अधिकारी ने अपने उद्घाटन भाषण में ‘सुरक्षा’ और ‘निरंतर सेवा’ परियोजनाओं के महत्वपूर्ण उद्देश्यों को रेखांकित किया। आलोक ने कहा कि आज मुम्बई पुलिस को 1600 हेलमेट तथा अहमदाबाद एक्सप्रेस हाइवे पुलिस को दो एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई। ताकि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तुरंत उपचार की सुविधा मिल सके। इस पहल के लिए ट्रैफिक पुलिस अधिकारी रविन्द्र कुमार सिंगल साहब का हमें सहयोग तो मिला ही साथ उनका मार्गदर्शन भी मिल पाया। हमारी संस्था के 100 वालंटियर्स सोशल कार्यों के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
एसबीआई फाउंडेशन के एमडी संजय प्रकाश ने कहा कि हम सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। यह साझेदारी तत्काल चिकित्सा सहायता और सुरक्षा उपाय प्रदान करके सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करने की दिशा में एक और कदम है।
एसबीआई एसजी की एमडी उमा शनमुखी सिस्टला ने कहा कि हमें इस तरह की पहल का समर्थन करने पर गर्व है जो कई लोगों की जान बचाएगा।
अंकिता श्रीवास्तव (अनुपालन अधिकारी, एसबीआई कैप वेंचर्स) ने कहा कि भलाई कार्यों के लिए हमारी प्रतिबद्धता व्यवसाय से परे है। एसबीआई संजीवनी परियोजना उस प्रतिबद्धता का एक वसीयतनामा है, क्योंकि हम जीवन को बचाने और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने का प्रयास करते हैं। हमें विश्वास है कि यह पहल न केवल दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करेगी बल्कि हमारे राजमार्गों पर सुरक्षा और सतर्कता की संस्कृति को भी बढ़ावा देगी।
एसबीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष और सीओओ ललित मोहन ने अपने धन्यवाद प्रस्ताव में सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और कहा कि हम अपनी सड़कों पर एक सुरक्षित वातावरण बनाने और मजबूत करने में विश्वास करते हैं। हम इसमें शामिल सभी लोगों से लगातार मिल रहे समर्थन के लिए आभारी हैं।

Maharashtra News: मवेशी ले जा रहे व्यक्ति को ‘गौ रक्षकों’ ने पीट-पीटकर मार डाला, छह लोग गिरफ्तार

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मुंबई, एजेंसी। महाराष्ट्र के नासिक जिले में मवेशियों को ले जा रहे 23 वर्षीय एक व्यक्ति की कथित तौर पर गौ रक्षकों के एक समूह ने पीट-पीट कर हत्या कर दी, जिसके बाद छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

एक अधिकारी ने बताया कि कथित अपराध 10 जून को तब सामने आया जब लुकमान अंसारी का शव इगतपुरी इलाके के घाटनदेवी में एक खाई से बरामद किया गया।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने अब तक छह गौ रक्षकों को हिरासत में लिया है और मामले में और आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी आरोपी व्यक्ति दक्षिणपंथी संगठन राष्ट्रीय बजरंग दल से जुड़े थे।

उन्होंने आगे कहा कि अंसारी अपने दो सहयोगियों के साथ 8 जून को अपने टेंपो पर मवेशियों को ले जा रहा था, जब उन्हें ठाणे जिले के साहापुर के विहिगांव में लगभग 10-15 “कार्यकर्ताओं” द्वारा रोका गया।

हत्या के तहत दर्ज किया गया मामला

उन्होंने कहा कि इसके बाद समूह ने टेम्पो पर नियंत्रण कर लिया और इगतपुरी में घटानदेवी की ओर वाहन चलाने से पहले चार गोजातीय पशुओं को “बचाया”।

सुनसान जगह पर टेंपो को रोक लिया और तीनों के साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी। अधिकारी ने बताया कि अंसारी के सहयोगी भागने में सफल रहे, लेकिन अंसारी बच नहीं सका।

हालांकि आरोपियों ने दावा किया है कि अंसारी की मौत खाई में गिरने से हुई थी, पुलिस को संदेह है कि पिटाई के कारण उसकी मौत हुई है, अधिकारी ने कहा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत एक सहित दो मामले दर्ज किए हैं।

सहारनपुर मंडल में देश का पहला गौ-अभ्यारण्य पुरकाजी में बन रहा है- हृषिकेश भास्कर यशोद

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सहारनपुर कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद और अपर निदेशक पशु पालन विभाग डॉ राजीव सक्सेना ने बताया कि सहारनपुर के कस्बा गंगोह में नई बड़ी गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है। जहाँ 230 बड़े पशु रखे जा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि सहारनपुर मंडल में प्रदेश का पहला गौ-अभ्यारण्य बनाया जा रहा है। डा. राजीव सक्सेना ने बताया कि सहारनपुर मंडल के जनपद मुजफ्फरनगर के ब्लॉक पुरकाजी के गांव चंदन में 700 हेक्टेयर भूमि पर 70 करोड़ की लागत से उत्तर प्रदेश का पहला गौ अभ्यारण बनाया जा रहा है। इसकी पहल मुजफ्फरनगर के भाजपा सांसद एवं केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान द्वारा की गई है।

इस अभ्यारण में 5000 गोवंश पूरी सुविधाओं के साथ रखे जा सकेंगे। देवबंद के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं गौ भक्त अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि सहारनपुर मंडल के दानशील और गौ भक्तों को चाहिए कि वे मुख्यमंत्री की गौ संरक्षण की कोशिशों को अपना भरपूर समर्थन दें और आगे आकर खुले दिल से गौशालाओं में आश्रय ले रहे गोवंश के चारे के लिए समुचित व्यवस्था करने का काम करें।

उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दृढ़ता दिखाते हुए देश में पहली बार अपने राज्य उत्तर प्रदेश में गोवंश वध रोकने में पूरी तरह से सफल हुए हैं जिसकी आशा आजादी के बाद से हिंदू समाज कर रहा था। ऐसे में लोगों का भी यह कर्तव्य बनता है कि वे एक तो पशुओं को खुला ना छोड़े दूसरा निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने के लिए आगे आना चाहिए।

हताश किसान को देख भागी चली आई गौ माता, तुरंत लगा लिया गले | दिल छू लेगा वीडियो

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Gau Mata Ka Video: इंसान और जानवरों का रिश्ता हमेशा से ही प्यारा रहा है. एक बार आवाज देने से ही जानवर उन लोगों के पास भागे चले आते हैं, जो उनका खूब ख्याल रखते हैं. जानवर अपने मालिक की उदासी को बिल्कुल भी नहीं देख पाते हैं. हालांकि कई बार इंसान और जानवरों के बीच का रिश्ता खतरनाक मोड भी ले लेता है. कहीं कोई इंसान जानवर पर डंडे चलाता दिख जाता है तो कभी कोई जानवर इसानों पर हमला करते हुए दिख जाता है. लेकिन अभी जो वीडियो सामने आया है वो हर किसी के दिल को छू रहा है. इसमें एक किसान की उदासी को उसके पालतू जानवर देख नहीं पाते हैं और उसके साथ-साथ खुद भी उदास हो जाते हैं.

हताश किसान को जानवरों ने संभाला

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक किसान जमीन पर घुटनों पर सिर रखकर बैठा हुआ है. उसे देख साफ मालूम चलता है कि वो किसी बात से परेशान है और निराशा में डूबा हुआ है. अपने मालिक की ये हालत उसके पालतू जानवरों से नहीं देखी जाती है. बारी-बारी सभी उसके पास पहुंचने लगते हैं. सबसे पहले पालतू डॉगी उसे देखने आते हैं पर किसान कोई रिस्पॉन्स नहीं देता है. डॉगी जाकर गायों और गधों को बुला लाते हैं. सभी गाय मिलकर किसान का हाल देखने के लिए आती है और उसे गले लगा लेती हैं.

सोशल मीडिया पर यह वीडियो आते ही तेजी से वायरल होने लगा है. इसमें जिस तरह गायें किसान को दुलार कर रही हैं वैसा नजारा देख हर कोई इमोशनल हो रहा है. वीडियो इतना प्यारा है कि लोग बार-बार इसे देखना पसंद कर रहे हैं. वीडियो को @1hakankapucu नाम के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है. कैप्शन में लिखा गया है, “यह सबूत है कि जानवर इंसानों को खुश करने के लिए हर कदम उठाते हैं. यह किसान दुखी है. सबसे पहले, कुत्ते उसे खुश करने की कोशिश करते हैं. जब वे नहीं कर पाते, तो वे गायों और गधों को बुलाते हैं.दयालुता सर्वश्रेष्ठ लाती है.”

 

सयाजी शिंदे बजफ्लिक्स ओटीटी की वेब सीरीज ‘जेन जेड झोलर्स’ में निभा रहे हैं प्रेरक भूमिका

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मुम्बई। जल्द ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ‘बज़फ्लिक्स’ नाम का ओटीटी चैनल आ रहा है। खास बात यह है कि इस ओटीटी पर वेब सीरीज व फिल्म को पूरे परिवार के साथ बैठकर देखा जा सकता है।
आधुनिक समय में जितने भी ओटीटी चैनल हैं उनमें अश्लीलता और गाली गलौज भरी हुई वेब सीरीज है जिसे सेंसर बोर्ड भी नजरअंदाज कर देता है। ऐसे समय में कोई भी ऐसा ओटीटी चैनल नहीं जिसे परिवार के साथ मिलजुलकर देखा जा सके।
बज़फ्लिक्स में युवाओं के लिए साफ सुथरी सीरीज ही पेश किया जाएगा। इसमें थ्रिल, फैंटसी, ड्रामा और मनोरंजन की भरमार होगी। बज़फ्लिक्स इंटरटेनमेंट ओटीटी चैनल के फाउंडर और डायरेक्टर समीर शिनॉय हैं। मैनेजिंग डायरेक्टर सुधाकर शिनॉय, न्यू सीईओ और बिजनेस हेड अक्षय ठाकुर, प्रोजेक्ट और कन्टेन्ट हेड राज खालसा, चीफ क्रिएटिव ऑफिसर रूपेश प्रकाश, एडमिन हेड जलज शर्मा हैं।
इस ओटीटी चैनल पर ‘जेन जेड झोलर्स’ नाम की वेबसीरिज जल्द ही लांच होगी। इस वेबसीरीज की शूटिंग प्रारम्भ हो चुकी है। मीरारोड में काशीमीरा गांव में वेब सीरीज की शूटिंग में शूटिंग की कवरेज लेने के लिए कई मीडिया शामिल हुई। जिसमें वेबसीरिज के कलाकारों, निर्माता, निर्देशक और वेबसीरिज की पूरी टीम मीडिया से रूबरू हुई।
प्रोडक्शन हाउस फ्रंटलाइन सिने इंटरटेनमेंट, बज्ज़फ्लिक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट प्रोडक्शन की सहायता से ‘जेन जेड झोलर्स’ वेबसीरिज का निर्माण कर रहा है। जिसके
मुख्य कलाकार सयाजी शिंदे, नीतू सिंह, हार्दिक मैनगी, शमीद आलम आदि हैं।
इस वेब सीरीज की क्रिएटिव हेड रूहानी शर्मा और निर्देशक खालिद अख्तर हैं। वहीं निर्माता निसार कुरैशी हैं और कहानी का लेखन मनाली काले ने किया है।
इस वेबसीरिज की कहानी एक रिटायर्ड पुलिसवाले और पांच राह से भटके युवाओं की है। इन युवाओं और पुलिस वाले के बीच एक जनरेशन गैप है जिससे वे एक दूसरे को सही ढंग से समझ नहीं पाते हैं। लेकिन युवाओं को सही मार्गदर्शन यह पुलिस वाला कैसे करेगा? इसमें क्या दिलचस्प मोड़ आयेगा यही इस कहानी की नींव है।
इसमें जाने माने अभिनेता सयाजी शिंदे अहम भूमिका निभा रहे हैं उनका कहना है कि जब उन्होंने कहानी सुनी और अपनी भूमिका के बारे में जाना तो वे यह सीरीज करने को तैयार हो गए। उन्हें लगा कि इस भूमिका में कई शेड्स है और यह उनके कैरेक्टर पर जमता है।
उन्होंने बताया कि भले यह प्रोडक्शन हाउस नया है मगर इसके कन्टेन्ट, कहानी बेहतर है क्योंकि शुरुआत में सभी नए ही रहते है मगर अपनी मेहनत से एक बीज बाद में विशाल पेड़ बन जाता है।
इस वेबसीरिज की लेखिका मनाली काले का भी कहना है कि सयाजी इस भूमिका के लिए सर्वोत्तम है। उनसे बेहतर यह भूमिका कोई और नहीं कर सकता। इस वेबसीरिज की अभिनेत्री ने कहा कि वह महिला पुलिस की भूमिका निभा रही है। सयाजी सर के साथ काम करना उनके लिए बेहद उत्साह भरा है और उन्हें बहुत सीखने को मिला है।
अन्य कलाकारों ने भी अपने अनुभव साझा किया।
बज़फ्लिक्स के सीईओ ने बताया कि यह एक अनोखा ओटीटी चैनल होगा जिसमें अश्लीलता और अपशब्दों की कोई जगह नहीं होगी। पूरा परिवार साथ में बैठकर मनोरंजन का आनंद लेगा। यह ओटीटी की छवि में सुधार लाएगा।

शिवसेना अब भाजपा की राह पर – किया पहली रोटी गौ माता की अभियान का शुभारंभ

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जम्मू, 14 जून GBB । शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) जम्मू-कश्मीर ईकाई ने मंगलवार को पार्टी युवा सेना राष्ट्रीय प्रमुख आदित्य ठाकरे के जन्मदिवस पर गौ माता सेवा कार्यक्रम के तहत पहली रोटी गौ माता की अभियान का शुभारंभ किया जिसके तहत जम्मू शहर के मुख्य मंदिरों के बाहर गौ माता रोटी सेवा टिफिन लगाए गए। शिवसेना प्रदेश प्रमुख मनीश साहनी ने बताया कि युवा सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य ठाकरे के जन्मदिवस पर गौ सेवा के तहत पहली रोटी गौ माता की परंपरा को जीवंत करने का बीड़ा उठाया गया है। इसके तहत आज इस अभियान का शुभारंभ करते हुए, जम्मू के डोगरा चौक के समीप शिव मंदिर, त्रिकूटा नगर के शिव मंदिर, पंच मंदिर समेत 10 मंदिरों में गौ रोटी सेवा टिफिन लगाए गए। जिनसे हर दूसरे दिन रोटी एकत्रित कर गौ शाला तक पहुंचाई जाएगी।

साहनी ने कहा कि सनातन धर्म में परंपरा रही है कि परिवार में बनने वाली पहली रोटी गाय के हिस्से की होती है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय माता का दर्जा दिया गया है। मान्यताओं के मुताबिक गाय में 33 करोड़ देवी-देवता वास करते हैं। जिसका सीधा मतलब ये है कि आप गाय को रोटी खिलाकर 33 करोड़ देवी-देवताओं को भोजन करा रहे हैं। इसके साथ ही गौ माता को रोटी खिलाने से घर में सुख-समृद्धि और घर पर लक्ष्मी मां की कृपा हमेशा बनी रहती है। साहनी ने बताया कि इस अभियान के तहत तमाम जिला ईकाईयों को मुख्य मंदिरों और स्कूलों के बाहर गौ रोटी सेवा बाक्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साहनी ने जनता से इस अभियान के तहत रोटी सेवा करने की अपील की। इस मौके पर महिला विंग मिनाक्षी छिब्बर, महासचिव विकास बख्शी, उपाध्यक्ष बलवंत सिंह, संजीव कोहली, उमा देवी, गीता लखोतरा, डिम्पल, अशोक कुमार आदि उपस्थित रहे।

 

भारत में एक बच्चे – एक पेड़ की अवधारणा को लागू किए बिना पर्यावरण को बचाना असंभव है – अभिनेता सयाजी शिंदे

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बिना पेड़ के बीज स्कूल में लाए बच्चों को स्कूल में प्रवेश से वंचित करना आज के परिवेश की आवश्यकता

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के विभिन्न विभागों के लिए शैक्षणिक सामग्री का उत्पादन करनेवाली पुणे स्थित चैत्र क्रिएशन्स एंड पब्लिसिटी, पर्यावरण दिन ( ५ जून ) के औचित्य पर अपने रोप्यमहोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में पर्यावरण जागरूकता शिक्षण सामग्री का शुभारंभ यशवंतराव चव्हाण केंद्र मेंआयोजित किया था । इस कार्यक्रम में सहयाद्री देवराय के संस्थापक एवं अभिनेता श्री सयाजी शिंदे एवं साईवानी संस्था के संस्थापक एडवोकेट डॉ. सुनील नानासाहेब करपे की विशेष उपस्थिति थी। इस कार्यक्रम में सहयाद्री देवराई के संस्थापक एवं अभिनेता श्री सयाजी शिंदे एवं साईवानी संस्था के संस्थापक एडवोकेट डॉ. सुनील नानासाहेब करपे की विशेष उपस्थिति थी।

चैत्र क्रिएशन्स एंड पब्लिसिटी इंस्टीट्यूट ने कार्बन उत्सर्जन, जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, बेमौसम बारिश, ग्लोबल वार्मिंग, गिरते भूजल स्तर जैसे विभिन्न पर्यावरणीय मुद्दों के बारे में छात्रों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए छह प्रकार की शैक्षिक सामग्री का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में बोलते हुए सह्याद्रि देवराई के संस्थापक और अभिनेता श्री सयाजी शिंदे ने कहा, “पर्यावरण दिवस पर संदेश है ‘पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ’, लेकिन मुख्य मुद्दा यह है कि इसका कितना पालन किया जाता है। जब बच्चों को स्कूल में भर्ती होने के लिए जन्म प्रमाण पत्र आवश्यक है, उसी तरह स्कुल में दाखिल होने से पहले हर बच्चे को एक पेड़ लगाना चाहिए। ताकि जब लड़का या लड़की अपनी स्कूल शिक्षा पूरी कर ले, तो उसके पास अपने अधिकार का एक पेड़ हो। इस युवावस्था में उन्हें पर्यावरण की संस्कृति होगी। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार, केंद्र सरकार, सरकारी और निजी सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ स्कूल और कॉलेजों को मिलकर काम करने की जरूरत है तभी हम अपने पर्यावरण को बचा पाएंगे। आज भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर की एक क्रांति आयी है लेकिन इस क्रांति मैं हम पुराने पेड़ों को नष्ट कर रहे हैं, हालांकि इन पेड़ों का पुनर्वास आसानी से संभव है, हम इसकी अनदेखी कर रहे हैं।”

शैक्षिक सामग्री तैयार करने वाली संस्था चैत्र क्रिएशन्स एंड पब्लिसिटी की संस्थापक और संचालिका चित्राजी मेटे ने कहा, ” पर्यावरण बचाने के लिए तयार किये गये शैक्षणिक सामग्री में एक्टिविटी सेट, एक्टिविटी बुकलेट, बुक कवर, लेबल, बुकमार्क और फिल्म शामिल हैं और यह साहित्य सामग्री विश्व स्तर पर स्वीकृत सिद्धांतों को अपनाकर तैयार की जाती है। कम उम्र में छात्रों के बीच पर्यावरण जागरूकता विकसित करने के अलावा, यह शैक्षिक सामग्री संचार कौशल, स्मृति और तर्क विकास, रचनात्मकता, आत्मविश्वास, हाथ-आँख समन्वय, अवलोकन कौशल और रचनात्मक कौशल विकसित करने के लिए उपयोगी है। वातावरण में कार्बन-डाइऑक्साइड, कार्बन-मोनोऑक्साइड आदि की मात्रा बढ़ गई है, फिर भी यदि हमने पर्यावरण का ध्यान नहीं रखा तो यह सारा मामला हाथ से निकल सकता है।इस उपक्रम से हमारा ईमानदार प्रयास है कि छोटे से लेकर छोटे,

Cow Economy – मोहम्मद नेअजमेर को बनाया ‘राजा’, गौ पालन से युवक कमा रहा लाखों

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Photo By -News 18
करनाल: न्यूज़ १८ के हिमांशु नारंग की खबर के अनुसार , मोहम्मद अजमेर की डेयरी इन दिनों हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का प्रतीक बनी है. मो. अजमेर ने 2019 में रानी नाम की गाय का पालन पोषण करने के बाद अपनी एक डेयरी की शुरुआत की. उसने गौ पालन में न सिर्फ अपने भविष्य को तलाशा, बल्कि समाज में फैली भ्रांतियों को दरकिनार कर एक अलग पहचान बनाई.
मो. अजमेर ने पहले एक गाय के साथ पशुपालन का कार्य शुरू किया और आज उसके डेयरी में 15 से अधिक पशु हैं. आर्थिक तौर पर कमजोर अजमेर एक मुस्लिम परिवार से संबंध रखता है. अजमेर के घर में यही माना जाता है की अगर उनके घर में गाय नहीं तो घर में बरकत नहीं होगी और नुकसान भी झेलना पड़ सकता है. उसने बताया कि पिता की मौत के बाद वह रानी नामक गाय को लेकर आया था.
बताया, यह वह समय था, जब उनका परिवार आर्थिक तंगी में था. लेकिन, रानी ने उसकी आर्थिक तंगी को न सिर्फ दूर किया, बल्कि उसे एक सफल डेयरी संचालक भी बनाया. नतीजन, आज उसके पास रानी की तीसरी पीढ़ी मौजूद है. अजमेर की सफलता के बाद रानी गाय को खरीदने के लिए कई व्यापारी आए, जो मुंह मांगी कीमत देने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन अजमेर ने इनकार कर दिया, क्योंकि रानी उसके बुरे वक्त की साथी है.
अब लाखों कमाता है अजमेर
मोहम्मद अजमेर गायों से करीब 85 लीटर और भैंसों से 50 लीटर दूध का उत्पादन करता है. महीने में चार हजार लीटर से ज्यादा का उत्पादन उसकी डेयरी से होता है. मौजूदा वक्त में गाय का दूध 40 रुपये लीटर और भैंस का 60 से 70 रुपए प्रति लीटर में बिक रहा है. आज की तारीख में अजमेर की आमदनी लाखों में होती है.
ड्राइवरी करता था अजमेर
बता दें कि अजमेर गुरुग्राम में भाइयों के साथ ड्राइवरी का काम करता था, लेकिन उसे एक पशुपालक बनकर आमदनी करनी थी. जिसके बाद वह गुरुग्राम से घर लौटा और डेयरी फार्म की तरफ ध्यान दिया. जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए. अजमेर कहता है कि यदि अपने शौक को ही प्रोफेशन बना लिया जाए, तो काम में भी मन लगता है और आमदनी भी अच्छी होती है.
यूट्यूब से सीखा गुण  
वहीं अजमेर ने यूट्यूब पर पशुओं के बारे में जानकारी हासिल की और वेटनरी डॉक्टरों से मार्गदर्शन भी लिया, जिससे उसे न सिर्फ पशुओं की नस्लों के बारे में पता चला, बल्कि पशुओं में आने वाली बीमारियों की भी जानकारी मिली। दूध कैसे बढ़ाएं, इसको लेकर भी उसे उचाना जाकर ट्रेनिंग ली, और ऐसे अजमेर एक सफल डेयरी संचालक बना.

शिवसेना (ठाकरे गुट) के पदाधिकारी अन्नू मलबारी ने कांग्रेस में किया घर वापसी

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अंकित मिश्रा/गऊ भारत भारती

मुंबई । पूर्व सांसद संजय निरुपम के नेतृत्व एवं मुंबई कांग्रेस महासचिव सूर्यकांत मिश्रा व उत्तर पश्चिम जिला अध्यक्ष क्लाइव डायस के अथक प्रयास से शिवसेना (ठाकरे गुट)के गोरेगांव विधानसभा के पदाधिकारी अन्नू मलबारी ने पुनः कांग्रेस में प्रवेश किया।
ज्ञात हो कि अन्नू मलबारी पहले युवक कांग्रेस से शुरुआत करके नगरसेवक प्रत्याशी तक का सफर सफलतापूर्वक तय किया था। कुछ कारण वश कुछ साल पहले अन्नू मलबारी ने शिवसेना में प्रवेश किया था। एक बार फिर से अन्नू मलबारी ने पूर्व सांसद संजय निरुपम,सूर्यकांत मिश्रा एवं क्लाइव डायस के प्रमुख उपस्थिति में पुनः कांग्रेस में प्रवेश किया।
अन्नू मलबारी ने कांग्रेस में पुनः शामिल होने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब आजीवन कांग्रेस के माध्यम से जनसेवा करूंगा।