वाराणसी : जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने 694 ग्राम प्रधानों को पत्र लिखकर अपील की है कि ‘ गौ सेवा आहार बैंक’ में सहयोग प्रदान करें। इसके साथ ही इसके संचालन की कमान भी अपने हाथ में लें। प्रधानों ने जनपद के सभी अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाकर जन सहयोग से विभिन्न योजनाओं को सफल बनाया है, इसी प्रकार इस मिशन को ऊंचाई देंगे।
जिलाधिकारी ने पत्र में लिखा है कि ग्राम प्रधान न्याय पंचायत स्तर पर स्थापित गौ सेवा आहार बैंक में अधिक से अधिक जन सहयोगियों एवं गो प्रेमियों को भूसा एवं चारा आदि दान करने के लिए प्रेरित करें। गो सेवा आहार बैंक का नियमित एवं निरंतर संचालन कराने में अपना अभूतपूर्व सहयोग प्रदान करेंगे। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों को संबोधित एवं प्रेषित पत्र में प्रधान ग्राम पंचायत के पद पर प्रधानों का लगभग एक वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी हैं।
उन्होंने पत्र में उल्लेख करते हुए ग्राम प्रधानों को अवगत कराया है कि प्रदेश सरकार की महत्वाकाक्षी योजना निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश संरक्षण का क्रियान्वयन न्याय पचायत स्तर पर एक- एक अस्थायी गोवश आश्रय स्थल का संचालन किये जाने का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके सापेक्ष वर्तमान में आपके सराहनीय सहयोग से न्याय पचायत स्तर पर 111 अस्थायी गोवश आश्रय स्थलों का संचालन किया जा रहा है। इसके लिए शासन स्तर से धनराशि प्रति गोवंश प्रतिदिन 30 रुपये संरक्षण हेतु दिये जाने का प्राविधान है। “निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश संरक्षण योजना में कुछ प्रधान ग्राम पंचायत द्वारा जनसहयोग एवं गोप्रेमियों के माध्यम से अस्थायी गौ आश्रय स्थलों पर गोवंश हेतु हरे चारे भूसा, खल, चूनी एव पौष्टिक पशु आहार आदि दान में देते हुए गोवंश हेतु उत्कृष्ट एवं बेहतर सुविधाएँ प्रदान किये जाने की पहल की जा रही है। विगत वर्षों में प्रायः यह देखने में आया है कि वर्षा ऋतु के समय अधिक बरसात के कारण गोवंशो हेतु चारा आदि के लिए अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यदि जनपद के समस्त न्याय पचायतो में बेसहारा गोवश संरक्षण के लिए एक-एक “गो सेवा आहार बैंक” की स्थापना करने हेतु जनसहयोग एवं गो प्रेमी दान दाताओं के माध्यम से भूसा एवं चारा आदि को संग्रहण करा लिया जाय, तो आने वाले वर्ष में संरक्षित गोवंश के लिए आहार से सम्बन्धित कोई समस्या नहीं होगी। साथ ही जनपद स्तर पर दान दाताओं को जनपद स्तर पर सम्मानित भी किया जायेगा।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने जनपद के ग्राम प्रधानों से अपील करते हुए कहा है कि जिस प्रकार प्रधानों ने जनपद के सभी अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाकर जन सहयोग से विभिन्न योजनाओं को सफल बनाया है, उसी प्रकार न्याय पंचायत स्तर पर स्थापित “गो सेवा आहार बैंक” में अधिक से अधिक जन सहयोगियों एवं गो प्रेमियों को भूसा एवं चारा आदि दान करने हेतु प्रेरित करते हुए “गो सेवा आहार बैंक का नियमित एवं निरन्तर संचालन कराने में अपना अभूतपूर्व सहयोग प्रदान करेंगे।
वाराणसी : Varanasi Gyanvapi Mosque Case ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसे आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में कई जगह मंदिर जैसे चिह्न उपस्थित हैं। देवी-देवताओं की कलाकृतियां भी हैं। ऐसे शिलापट्ट हैं, जिन पर कमल की आकृति साफ देखी जा सकती है। एक शिलापट्ट पर शेषनाग की कलाकृति भी है। पूर्व एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र की रिपोर्ट में इनका उल्लेख है। न्यायालय के आदेश पर छह और सात मई को हुए सर्वे की रिपोर्ट उन्होंने बुधवार को सिविल जज (सीनियर डिविजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत को सौंपी।
पूर्व एडवोकेट कमिश्नर की रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाले तथ्य हैं। इसमें बताया गया है कि बैरिकेडिग के बाहर मस्जिद परिसर की उत्तर से पश्चिम की दीवार के कोने पर पुराने मंदिरों का मलबा है। इस दीवार पर देवी-देवताओं की कलाकृतियां अंकित हैं। यहीं पर छड़, गिट्टी, सीमेंट से चबूतरे पर नया निर्माण किया गया है। उत्तर से पश्चिम की तरफ चलते हुए मध्य शिलापट्ट पर शेषनाग की कलाकृति बनी हुई है। इस पर सिंदूरी रंग की उभरी हुई कलाकृतियां भी दिखाई दे रही हैैं। शिलापट्ट पर देव विग्रह की चार मूर्तियों की आकृति पर सिंदूरी रंग है। चौथी आकृति जो मूर्ति की तरह प्रतीत होती है, उस पर सिंदूर का मोटा लेप है। इसके आगे के हिस्से में दीया जलाने के उपयोग में आने वाला त्रिकोणीय ताखा है। अंदर की तरफ मिट्टी व एक अलग शिलापट्ट है। इस पर भी आकृति उकेरी हुई स्पष्ट दिख रही है। लंबे समय से भूमि पर पड़े शिलापट्ट प्रथम दृष्टया किसी बड़े भवन के खंडित अंश लगते हैं। शिलापट्ट पर उभरी कुछ कलाकृतियां मस्जिद के पीछे की पश्चिमी दीवार पर उभरी कलाकृतियों से मिलती जुलती हैैं। मां शृंगार गौरी के दैनिक दर्शन-पूजन की अनुमति देने व अन्य विग्रहों को संरक्षित करने की अपील की थी।
बता दें कि 18 अगस्त 2021 को पांच महिलाओं राखी सिंह, लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास व रेखा पाठक ने सिविल जज (सीनियर डिविजन) की अदालत में वाद दायर कर मां शृंगार गौरी के दैनिक दर्शन-पूजन की अनुमति देने व अन्य विग्रहों को संरक्षित करने की अपील की थी। वाद में कहा गया था कि ज्ञानवापी परिसर स्थित मस्जिद की पश्चिम दीवार के पीछे प्राचीन काल से मौजूद देवी मां शृंगार गौरी की छवि है। इस पर अदालत ने मौके की स्थिति जानने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया था। आठ अप्रैल 2022 को सिविल जज ने अजय कुमार मिश्र को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करते हुए कार्यवाही की रिपोर्ट देने को कहा था।एडवोकेट कमिश्नर ने कमीशन की कार्यवाही के लिए छह व सात मई की तिथि निर्धारित की थी। छह मई को दिन में 3.30 से 5.45 तक सर्वे हुआ था। सात मई को मस्जिद पक्ष के विरोध और बड़ी संख्या में नमाजियों के जुट जाने की वजह से कार्यवाही नहीं हो पाई थी।
नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। पीएम नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) गुरुवार सुबह वडोदरा के करेलीबाग में आयोजित किए जा रहे ‘युवा शिविर’ को संबोधित करेंगे। ये पूरा कार्यक्रम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगा। श्री स्वामीनारायण मंदिर, कुंडलधाम और श्री स्वामीनारायण मंदिर द्वारा इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। पीएम सुबह साढ़े 10 बजे कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
‘युवा शिविर’ का उद्देश्य
शिविर का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में शामिल करना है। इसका उद्देश्य एक भारत श्रेष्ठ भारत, आत्मानिर्भर भारत, स्वच्छ भारत आदि जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को एक नए भारत के निर्माण में भागीदार बनाना है। पीएम मोदी के आह्वान पर जुड़े देशवासी
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की थी। इसे सफल बनान के लिए पीएम मोदी ने भारत के सभी नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की थी। साथ ही पीएम मोदी ने एक भारत श्रेष्ठ भारत, आत्मानिर्भर भारत का नारा दिया था। जिसके बाद पीएम मोदी की अपील पर देशवासियों ने इन अभियानों से जुड़कर अपना सहयोग दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वडोदरा के करेलीबाग में आयोजित किए जा रहे 'युवा शिविर' को संबोधित करेंगे। श्री स्वामीनारायण मंदिर, कुंडलधाम और श्री स्वामीनारायण मंदिर द्वारा इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। pic.twitter.com/wwRQ6zyrh3
बता दें कि इसी साल गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पीएम मोदी गुजरात में आयोजित होने वाले ज्यादातर कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। गुजरात पीएम मोदी का गृह राज्य है, इसलिए भाजपा भी चुनाव से पहले पीएम मोदी के सभी कार्यक्रमों को सफल बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। पिछले माह अप्रैल में ही पीएम मोदी गुजरात दौरे पर गए थे।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले साल सामने आए कथित पोर्न रैकेट के सिलसिले में बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और व्यवसायी राज कुंद्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में राज कुंद्रा को 20 जुलाई को गिरफ्तार किया था।
जुलाई में राज कुंद्रा की गिरफ्तारी से पहले मुंबई पुलिस ने इस मामले में फरवरी में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले में शामिल आरोपी कथित तौर पर अश्लील फिल्में बना रहे थे और वेब सीरीज या बॉलीवुड फिल्मों में भूमिका का वादा कर लोगों को ठग रहे थे। महत्वाकांक्षी मॉडल और अभिनेताओं को फिल्मी भूमिकाएं देने का वादा किया गया था और इन अश्लील फिल्मों को करने के लिए कहा गया था।
शूटिंग मड द्वीप या मलाड में अक्सा के पास किराए के बंगलों या अपार्टमेंट में हुई थी। शूटिंग के दौरान आरोपी अभिनेत्रियों से एक अलग स्क्रिप्ट के लिए शूट करने के लिए कहता था और उन्हें न्यूड सीन शूट करने के लिए भी कहता था। अगर किसी एक्ट्रेस ने मना किया तो उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई और फिर शूटिंग का खर्चा भी देने को कहा गया।
Maharashtra | ED (Enforcement Directorate) has registered a money laundering case against businessman Raj Kundra in connection with the pornography case, Mumbai Police also registered a case against him in 2021.
शॉट क्लिप्स को उन एप्लिकेशन पर अपलोड किया जाएगा जो सब्सक्रिप्शन-आधारित थे और सब्सक्राइबर्स को कंटेंट देखने के लिए भुगतान करना पड़ता था और कंटेंट को देखने के लिए सब्सक्राइबर को एक निश्चित राशि का भुगतान करना होता था।
जैसे ही मुंबई पुलिस ने पोर्नोग्राफी फिल्मों के मामले में अपनी जांच जारी रखी, उन्हें हॉटशॉट्स की संलिप्तता का पता चला। आगे की जांच से पता चला कि राज कुंद्रा की फर्म, वियान का यूके स्थित फर्म केनरिन के साथ एक समझौता था, जिसके पास हॉटशॉट्स ऐप था। फर्म का स्वामित्व ब्रिटेन में राज कुंद्रा के बहनोई के पास था। हॉटशॉट्स ऐप का इस्तेमाल अश्लील क्लिप अपलोड करने के लिए किया जाता था। पोर्न रैकेट मामले में राज कुंद्रा के साथ उनकी कंपनी के आईटी हेड रेयान थोर्प को भी गिरफ्तार किया गया था। राज कुंद्रा पिछले साल सितंबर में जमानत पर रिहा हुए थे।
हिंदू धर्म में गाय को माता (Gau Mata) का दर्जा दिया गया है. गौ माता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है. इसीलिए गाय को हिंदू धर्म में पूजा जाता है. भगवान कृष्ण भी गाय पालते थे. सनातन धर्म में गौ सेवा को काफी महत्व दिया गया है. कहा जाता है जो व्यक्ति गाय की सेवा करता है उसके घर दरिद्रता नहीं पसरती. इसके अलावा गौ दान को महादान माना गया है.
भोपाल के ज्योतिष पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार व्यक्ति के ग्रह नक्षत्र और जीवन में चल रही परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए भी गाय को गुड़ या रोटी के साथ गुड़ खिलाने के कई उपाय बताए गए हैं. आज की इस कड़ी में हम जानेंगे कि गाय को गुड़ या फिर रोटी के साथ गुड़ खिलाने से क्या फायदे होते हैं.
गाय को रोटी खिलाने के फायदे
– मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति नियमित रूप से गाय को रोटी में गुड़ रख कर खिलाता है उसकी हर क्षेत्र में उन्नति होती है. लगातार उसे तरक्की मिलती जाती है. अगर आप भी तरक्की पाना चाहते हैं तो नियमित रूप से गाय को गुड़ के साथ रोटी खिलाएं.
– जो व्यक्ति गाय को प्रतिदिन गुड़ के साथ रोटी खिलाता है उसे आलौकिक शक्ति की सहायता प्राप्त होती है और उसके हर बिगड़े काम संवर जाते हैं.
– मान्यता के अनुसार प्रतिदिन गुड़ के साथ गाय को रोटी खिलाने से बिना किसी रुकावट के लंबे समय से अटके काम भी पूरे हो जाते हैं.
– मान्यता है कि जिस व्यक्ति को संतान सुख की इच्छा होती है वह रोज सुबह गाय को गुड़ खिलाएं. यह उपाय करने से उसके घर में बुद्धिमान संतान का जन्म होता है.
– नियमित रूप से गाय को गुड़ और रोटी खिलाने से पुण्य की प्राप्ति होती है यह पुण्य चार धाम की यात्रा के बराबर मान्य होता है.
– गाय को नियमित रोटी और गुड़ खिलाने से मनुष्य को हर सांसारिक सुख प्राप्त होता है साथ ही उसको किसी भी तरह की बीमारी या रोग नहीं होता.
– गाय की सेवा करना और उसे नियमित गुड़ के साथ रोटी खिलाने से 33 कोटि देवी-देवता का आशीर्वाद भी सेवा करने वाले मनुष्य पर बना रहता है.
भाजपा का पोल खोल कार्यक्रम BJP’s poll program was organized under the guidance of Gopal Shetty
वार्ड क्रमांक ४६ में भाजपा द्वारा पोल खोल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ज्ञात हो कि मुम्बई महानगर में आगामी महानगर पालिका चुनाव होने जा रहे है जिसके मद्देनज़र भाजपा ने शिवसेना और अन्य विरोधी पार्टियों के खिलाफ पोल खोल नाम से एक अभियान छेड़ रखा है। यह कार्यक्रम सभी वार्ड में हो रहे है।
May 18, 2022 देसी(गिर) गाय के दूध में बच्चों के दिमाग की वृद्धि करने के लिए जरूरी तत्व सेरेब्रोसाइड, कन्जूगेटेड लिनोलिक एसिड ओमेगा-3 फेटी एसिड पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। दूध के लेक्टोज को ब्रेन शुगर (मस्तिष्क का आहार) कहा जाता है, जिसके बिना बच्चों का मानसिक विकास संभव नहीं है। ऐसे में लोगों में बच्चों को बचपन से ए-2 देसी गाय का दूध पिलाने का चलन बढ़ रहा है। भारतीय नस्ल गिर गाय के दूध की शहर में प्रतिदिन 2000 लीटर की डिमांड है, लेकिन वह पूरी नहीं हो रही है।
एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. महेंद्र कुमार गर्ग के अनुसार गिर नस्ल की गाय का दूध बलवर्धक, बुद्धिवर्धक मस्तिष्क का उत्तम टॉनिक है। शरीर को संपूर्ण आहार देने वाला है, जो मार्केट में प्रति लीटर 55 से 60 रुपए में मिल रहा है। दूध की कमी मार्केट की डिमांड को देखते हुए गिर नस्ल की गायों को पालने डेयरी व्यवसाय की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है। महावीर नगर टीचर्स कॉलोनी निवासी हरीश जोशी ने बताया कि उन्होंने एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में स्थापित हुई गिर नस्ल की मॉडर्न डेयरी को देखने पशुपालन वैज्ञानिकों से गाय के दूध के फायदे जाने के बाद 1 मई 2017 को डेयरी व्यवसाय शुरू किया है। वर्तमान में वह 80 लीटर की सप्लाई कर रहा है। जोशी 60 रुपए लीटर के भाव से दूध बेचते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास वर्तमान में 500 लीटर दूध की प्रतिदिन की डिमांड है, जिसे पूरी करने लिए वह कोटा बूंदी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विजिट कर चुके हैं, लेकिन गिर नस्ल की गाय का दूध उपलब्ध नहीं हो रहा है। डेयरी व्यवसाय शुरू करने के दौरान वह 150 लीटर दूध प्रतिदिन सप्लाई करते थे, अब दूध के अभाव में सप्लाई 80 लीटर ही रह गई है।
संतुलितआहार बेस्ट प्रबंधन से 10 से 20 लीटर दूध देती है गाय
डॉ.गर्ग ने बताया कि गिर नस्ल की गाय की वर्तमान में कीमत 55 से 70 हजार रुपए है। साल में एक बार बच्चा देती है। 10 माह तक दूध देती है। संतुलित आहार में 30 फीसदी खल, इतना ही दलिया, 20 फीसदी चापड़ या दलिया, 17 फीसदी चूरी, 2 फीसदी खनिज लवण, 1 फीसदी नमक देने प्रबंधन ठीक होने पर एक गाय प्रतिदिन 10 से 20 लीटर दूध देती है। इस प्रकार पशुपालन से जुड़ते हुए बेरोजगार किसान अच्छी खासी आय प्राप्त कर सकता है।
जयपुर – विजय खुराना जी संयोजक राष्ट्रीय गौधन महासंघ दो दिवसीय दौरे पर जयपुर पधारे इस अवसर पर विभिन्न जयपुर की गौशालाओं में भ्रमण किया एवं गौसंवर्धन के विषय पर जागृत किया। गोबर और गोमूत्र के उपयोग को भी बढ़ावा देने का आग्रह किया।
इस प्रवास में दिल्ली के उधोगपति गौभक्त भूषण कौशिक जी एवं भारत सिंह राजपुरोहित अध्यक्ष जीव जंतु कल्याण एवं कृषि शोध संस्थान साथ रहे। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय गौधन महासंघ के द्वारा बिभिन्न नाना प्रकार के कार्यक्रम गौ वंश को के कर चलाए जा रहे है।
गऊ माता को बनाया अपनी शादी का गवाह गौ माता के सामने लिए शादी के सात फेरे इंटरनेट पर वायरल इस वीडियो में दूल्हा दुल्हन गौ माता को साक्षी मान कर विवाह कर रहे है। गौ माता की महिमा बड़ी निराली है इस परम्परा का निर्वाहन हर हिन्दू भाई को करना चाहिए शादी या किसी अन्य पवित्र कार्य में गौ माता को जरूर शामिल करे।
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रुपये के मूल्यह्रास का मतलब है कि डॉलर के मुकाबले रुपया कम मूल्यवान हो गया है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 77.44 के सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया। सख्त वैश्विक मौद्रिक नीति, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और जोखिम से बचने, और उच्च चालू खाता घाटे से भारतीय रुपये के लिए गिरावट चिंता का विषय है।
भारतीय रुपये के मूल्यह्रास के पीछे विभिन्न कारक देखे तो वैश्विक इक्विटी बाजारों में एक बिकवाली जो अमेरिकी फेडरल रिजर्व (केंद्रीय बैंक) द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि, यूरोप में युद्ध और चीन में कोविड -19 के कारण विकास की चिंताओं से शुरू हुई थी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी के साथ, वैश्विक बाजारों में बिकवाली हुई है क्योंकि निवेशक डॉलर की ओर बढ़ गए हैं। डॉलर का बहिर्वाह उच्च कच्चे तेल की कीमतों का परिणाम है और इक्विटी बाजारों में सुधार भी डॉलर के प्रतिकूल प्रवाह का कारण बन रहा है।
भारत में, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने कोटक के आंकड़ों के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत से लगभग 5.8 बिलियन डॉलर की निकासी की है, जिससे मुद्रा पर दबाव बढ़ गया है। बढ़ती मुद्रास्फीति का मुकाबला करने के लिए मौद्रिक नीति को कड़ा करने के लिए आरबीआई द्वारा उठाए गए कदमों से भी मूल्यह्रास हुआ है। बढ़ते व्यापार घाटे के कारण भी दबाव है – अप्रैल में घाटा मार्च में 18.7 अरब डॉलर से बढ़कर 20 अरब डॉलर हो गया। दरअसल, विश्लेषकों के मुताबिक, चालू खाता घाटा 2013 के संकट के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर रहने की संभावना है।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, मुद्रास्फीति की आशंका, ब्याज दरों में बढ़ोतरी और कमजोर घरेलू इक्विटी से निवेशकों की धारणा प्रभावित होने के कारण सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 77.43 के ताजा निचले स्तर पर आ गया। वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने, डॉलर की मजबूती ने जोखिमपूर्ण परिसंपत्तियों की मांग को प्रभावित किया, जिससे स्थानीय इकाई कम हुई। ग्रीनबैक के मुकाबले रुपया 0.7% गिरकर 77.43 पर आ गया, जो इस साल मार्च में 76.98 के पिछले सर्वकालिक निचले स्तर को छू गया था। विश्लेषकों ने कहा कि विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय संपत्तियों की लगातार बिक्री को लेकर चिंता का भी मुद्रा पर असर पड़ा। फरवरी में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से रुपये पर दृष्टिकोण खराब हो गया है क्योंकि संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। File Photo
रुपये में गिरावट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव दूरगामी प्रभाव छोड़ेगा; चालू खाता घाटा बढ़ने, विदेशी मुद्रा भंडार में कमी और रुपये को कमजोर करने के लिए बाध्य है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अन्य महत्वपूर्ण आयातों के साथ, अर्थव्यवस्था निश्चित रूप से लागत-मुद्रास्फीति की ओर बढ़ रही है। कॉस्ट-पुश इन्फ्लेशन जिसे मजदूरी-पुश इन्फ्लेशन के रूप में भी जाना जाता है; तब होता है जब मजदूरी और कच्चे माल की लागत में वृद्धि के कारण समग्र कीमतों में वृद्धि (मुद्रास्फीति) होती है। कंपनियों को उच्च लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर पूरी तरह से डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, जो बदले में, सरकारी लाभांश आय को प्रभावित करती है, बजटीय राजकोषीय घाटे के बारे में सवाल उठाती है।
मजबूत अमेरिकी मुद्रा के साथ-साथ निराशावादी वैश्विक बाजार की भावना रुपये के मूल्यह्रास का कारण बन रही है। बाजार की धारणा भी आहत हुई है क्योंकि निवेशक बढ़ती मुद्रास्फीति, दुनिया के प्रमुख देशों में मौद्रिक नीति के सख्त होने, आर्थिक मंदी और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से चिंतित हैं। इसके अतिरिक्त, व्यापक व्यापार बिल के रूप में देश अपनी तेल जरूरतों का 85% आयात करता है, ने निवेशकों को हिला दिया है। “बाजार सहभागियों को डर है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से भारत के व्यापार और चालू खाते को नुकसान होगा।
रुपये में गिरावट भारतीय रिजर्व बैंक के लिए दोधारी तलवार है। कमजोर रुपये को सैद्धांतिक रूप से भारत के निर्यात को बढ़ावा देना चाहिए, लेकिन अनिश्चितता और कमजोर वैश्विक मांग के माहौल में, रुपये के बाहरी मूल्य में गिरावट उच्च निर्यात में तब्दील नहीं हो सकती है। मुद्रास्फीति आयातित मुद्रास्फीति का जोखिम पैदा करता है, और केंद्रीय बैंक के लिए ब्याज दरों को रिकॉर्ड स्तर पर लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल बना सकता है। भारत अपनी घरेलू तेल आवश्यकताओं का दो-तिहाई से अधिक आयात के माध्यम से पूरा करता है। भारत खाद्य तेलों के शीर्ष आयातकों में से एक है। एक कमजोर मुद्रा आयातित खाद्य तेल की कीमतों को और बढ़ाएगी और उच्च खाद्य मुद्रास्फीति को बढ़ावा देगी।
मूल्यह्रास का मुकाबला करने के लिए गैर-आवश्यक वस्तुओं के आयात पर अंकुश लगाने से डॉलर की मांग कम होगी और निर्यात को बढ़ावा देने से देश में डॉलर के प्रवाह को बढ़ाने में मदद मिलेगी, इस प्रकार रुपये के मूल्यह्रास को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। मसाला बॉन्ड सीधे भारतीय मुद्रा से जुड़ा होता है। यदि भारतीय उधारकर्ता अधिक रुपये के मसाला बांड जारी करते हैं, तो इससे बाजार में तरलता बढ़ेगी या बाजार में कुछ मुद्राओं के मुकाबले रुपये के स्टॉक में वृद्धि होगी और इससे रुपये का समर्थन करने में मदद मिलेगी।
बाहरी वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) विदेशी मुद्रा में एक प्रकार का ऋण है, जो अनिवासी उधारदाताओं द्वारा किया जाता है। इस प्रकार, ईसीबी की शर्तों को आसान बनाने से विदेशी मुद्राओं में अधिक ऋण प्राप्त करने में मदद मिलती है, जिससे विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे रुपये की सराहना होगी। भारतीय रिजर्व बैंक मुद्रा की स्लाइड को नरम करने के लिए हस्तक्षेप कर रहा है – इसके विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट से पता चलता है कि यह गंभीर मामला है। यह मुद्रा की अस्थिरता को कम करता है।
यह देखते हुए कि रुपये का मूल्य अधिक है, केंद्रीय बैंक को मुद्रा को फिसलने की अनुमति देनी चाहिए, जिससे वह अपने स्तर का पता लगा सके, केवल अतिरिक्त अस्थिरता को कम करने के लिए हस्तक्षेप कर सके। मुद्रा मूल्यह्रास एक स्वचालित स्टेबलाइजर के रूप में कार्य करेगा। यह आयात पर अंकुश लगाकर चालू खाते के दबाव को कम करने में मदद करेगा, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मौजूदा समय में देश की अर्थव्यवस्था के एक महत्वपूर्ण चालक के निर्यात को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
– सत्यवान ‘सौरभ’,
रिसर्च स्कॉलर, कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट,
333, परी वाटिका, कौशल्या भवन, बड़वा (सिवानी) भिवानी, हरियाणा – 127045
हर दौर में ज्यादातर रोमांटिक फॅमिली ड्रामा ही सबसे ज्यादा हिट रहा है, शायद इसीलिए निर्मात्री प्रीति शर्मा अपनी पहली लवस्टोरी फिल्म ‘एक नराधम’ को बड़ी मेहनत और लगन से बना रही है। इसकी शूटिंग खानवेल रिसोर्ट,सिलवासा में अभी पूरा किया और पोस्ट प्रोडक्शन शुरू हो रहा है। यह फिल्म आर आर मीडिया के बैनर तले बन रही और इसके निर्देशक अजय बी साहा है।इस फिल्म के निर्देशक अजय ने इससे पहले फ़िल्म’अपना हक़’ व शॉर्ट फ़िल्म,प्यार के लिए’ का निर्देशन कर चुके है और उनकी आनेवाली फ़िल्म,’मेरा साथी मेरा प्यार’ और अब फ़िल्म,’एक नराधम’का निर्देशन कर रहे है।
फिल्म के मुख्य अभिनेता रिषभ शर्मा है जोकि बतौर चाईल्ड आर्टिस्ट फिल्म, ‘वीर’,’आओ विश करे’ और धारावाहिक ‘मिसेस तेंदुलकर’,’जय जय जय बजरंगबली’ जैसे कई हिट फिल्मों में व धारावाहिकों में काम कर चुके है और देश व दुनिया में नाम कर चुके है और अब बतौर हीरो इनकी यह पहली फिल्म है। फिल्म के बारे में रिषभ शर्मा कहते है,” मैं इसमें राहुल का कैरेक्टर कर रहा हूँ, जोकि बहुत बड़े बिज़नेसमैन का बेटा है और उसको अपने ऑफिस में काम करनेवाली लड़की डॉली (रोशनी कश्यप) से प्यार हो जाता है। इस तरह कहानी आगे बढ़ती है। यह मेरी बतौर हीरो पहली फिल्म उम्मीद करता हूँ कि पहले की तरह ही इसमें भी लोगों का प्यार मिलेगा।”
फिल्म ‘आर आर मीडिया’ के बैनर तले बन रही है। फिल्म का निर्माण प्रीति शर्मा कर रही है। निर्देशक अजय बी साहा है। फिल्म की सहनिर्मात्री फरीदा शादरीवाला हैं। छायांकन कमल का,कथा पटकथा व संवाद रमेश हरीशंकर तिवारी,संगीत बाबा जागीरदार का है। इस फिल्म में मुख्य कलाकार रिषभ शर्मा, रोशन कश्यप,संजीव बावरा व अन्य है।