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कैंसर को पैर फैलाने से रोक सकता है गाय का गोबर व गोमूत्र: विहिप

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संस, अमृतसर: गाय के गोबर और गोमूत्र से हम कई समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। इस समय खेती में रासायनिक खाद को प्रयोग करने से कैंसर अपने पैर पसार रहा है। इसकी जगह गोबर का प्रयोग करते हुए जैविक खेती को बढ़ावा देना चाहिए। गोबर और गोमूत्र से हम पंजाब में पांव फैला रहे कैंसर के मरीजों की बढ़ रही संख्या को रोका जा सकता है। साथ ही यह रोजगार का जरिया बनने से नशे में फंसे लोगों को बेरोजगारी की समस्या से निजात जिला सकता है। शहर आए विश्व हिदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय मंत्री एवं गो रक्षा विभाग के राष्ट्रीय संगठन मंत्री खेमचंद ने ये बातें दैनिक जागरण से बातचीत में कहीं – ” उन्होंने कहा कि उनका संगठन भारतीय नस्ल की देसी गाय को बचाने के लिए पूरे देश में अभियान चला रहा है। इसके अलावा किसानों व लोगों को घर-घर गाय रखने का संदेश दे रहे हैं। गाय को घर में रखने से हम अपनी जीविका भी कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती की जगह हमें जैविक खेती करनी चाहिए। हम बचपन से ही बच्चों को रासायनिक खाद से बनी वस्तुएं देकर उन्हें बीमारी की तरफ धकेल रहे हैं। केंद्र सरकार ने अब गोबर को खरीदना शुरू कर दिया है, जिससे बायोगैस तथा खाद का निर्माण किया जा रहा है। जैविक खेती करने से हम कैंसर की बीमारी से बच सकते हैं। इस कार्य के साथ किसान कर्जमुक्त और आत्मनिर्भर बनेगा। स्वच्छ भारत के तहत वह लोगों को कुदरती मसाले, गोमूत्र गोबर को बनाने के लिए भी जागृत करते है, ताकि एलोपैथिक के मक्कड़जाल से लोग बच सकें। एक वर्ष में डेढ़ लाख हिदुओं को धर्म परिवर्तन के जाल से निकाला

खेमचंद ने कहा कि उनका संगठन इस समय धर्म परिवर्तन, लव जेहाद और अन्य कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागृत कर रहा है। एक वर्ष में करीब डेढ़ लाख हिदुओं को धर्म परिवर्तन के जाल में फंसने से बाहर निकाला है। वहीं करीब पांच हजार परिवारों जो धर्म परिवर्तन कर चुके थे, उनको वापस जोड़ा है। उन्होंने कहा कि श्री राम मंदिर का निर्माण तेजी से और ऐसी नीति से किया जा रहा है ताकि मंदिर की मजबूती हजारों वर्षो तक रहे। मंदिर का निर्माण राम भक्तों के सहयोग से पूरा हो जाएगा। देसी गाय, पंजाब की साहीवाल नस्ल की गयान को बचाने का संदेश

विश्व हिदू परिषद व बजरंग दल के कार्यालय शिवाला बाग भाइयां के नजदीक भारतीय गोवंश रक्षण संवर्धन परिषद की एक बैठक हुई। इसमें विहिप के केंद्रीय मंत्री खेमचंद ने गो माता के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुरातन काल में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था, क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था गो पर आधारित कृषि पर निर्भर थी। इसलिए अब हमें अपने देश की देसी गाय पंजाब की साहीवाल तथा अन्य देसी गाय को बचाना चाहिए। इस अवसर पर प्रांत मंत्री विनय विशिष्ट, गौ रक्षा प्रमुख के जिला प्रमुख ऋषि खन्ना, जुगल चावला, हरदीप दुग्गल, अमित अबरोल, वरुण कुमार, अशोक ग्रोवर, अनिल शर्मा, सीमा शर्मा तथा अन्य सदस्य शामिल थे।

गाय को माता माना जाता है, आखिर क्‍यों ? गाय आपकी परेशानी को महसूस करती है और आपके कष्ट पर आंसू भी बहाती है – सद्गुरु

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गाय को भारत में मां की तरह पूजा जाता है। गाय के दूध के पोषण के अलावा भी इसके कई सारे कारण हैं – गाय में मानवीय भावनाएं होती हैं और आत्मा के विकास की प्रक्रिया में यह इंसानों के करीब है मानवता के इतिहास में भोजन कभी इतना व्यवस्थित नहीं रहा जितना कि आज है। आज हालत यह है कि अगर आपके पास पैसा है तो आप एक स्टोर में जाइए और साल भर की खाने की चीजें खरीद लीजिए। इस सामान को लेकर घर जाइए और आराम से रहिए।

फिर साल भर तक खाने का सामान खरीदने के लिए आपको घर से बाहर निकलने की कोई जरूरत नहीं। आज से 25-30 साल पहले तक ऐसा संभव नहीं था। हजारों सालों के मानव- इतिहास में भोजन हमेशा से एक महत्वपूर्ण मसला रहा है। अब जाकर हमारा ध्यान भोजन के अलावा दूसरी चीजों की ओर जा रहा है, क्योंकि खानपान की चीजें इतनी व्यवस्थित हो गई हैं कि साल भर हर समय ये उपलब्ध हैं। जबकि पहले ऐसा नहीं था। गाय का दूध पवित्र है हर संस्कृति में, हर समाज में अकाल पडऩा सामान्य सी बात थी। हमारी संस्कृति में गावों में ऐसी मान्यता थी कि अगर आपके घर में गाय है तो अकाल की स्थिति में भी आपके बच्चे जीवित रहेंगे। सीधी सी बात थी कि अगर गाय नहीं है तो आपके बच्चे मर जाएंगे। जाहिर है, ऐसे में गाय मां के जैसी हो गई। जब हमारी मां हमें स्तनपान नहीं करा पाती थी और दूसरा भोजन हमें नहीं मिलता था तो गाय ही हमारे लिए मां की तरह होती थी। हम में से हर कोई किसी न किसी समय भोजन और पोषण के लिए गाय के दूध पर निर्भर रहा है। इसलिए गाय का दूध बहुत पवित्र बन गया, क्योंकि यह जीवन को पोषण देता है।

हर संस्कृति में, हर समाज में अकाल पडऩा सामान्य सी बात थी। हमारी संस्कृति में गावों में ऐसी मान्यता थी कि अगर आपके घर में गाय है तो अकाल की स्थिति में भी आपके बच्चे जीवित रहेंगे। अपने बच्चे को पिलाने के बाद जो भी दूध बचता है, गाय हमें उसे लेने की इजाजत दे देती है, ऐसा हम मानते हैं। लेकिन वह हमें इजाजत दे या न दे, हम उसका दूध ले ही लेते हैं क्योंकि उस दूध से हमारा पोषण होता है। गाय हमारे लिए दूसरी मां है। इसीलिए हमारी संस्कृति में गाय को पवित्र माना गया है। दूसरी वजह यह है कि गाय में काफी कुछ इंसानों जैसे भाव होते हैं। गाय एक ऐसा जानवर है, जो आपके दुख तकलीफ को समझती है। मान लीजिए आप परेशानी में हैं, गाय आपकी परेशानी को महसूस करती है और आपके कष्ट पर आंसू भी बहाती है। यही वजह है कि भारत में कहा जाता है कि आपको गाय की हत्या नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इसके भाव बहुत कुछ इंसानों के भाव जैसे होते हैं।
गाय के साथ लोगों के बड़े गहरे संबंध रहे हैं। हालांकि आज ऐसा नहीं है। अधिकतर गायें डेरियों में हैं जहां लोग उन्हें दुहना और बस दुहना जानते हैं। वैसे गांवों में आज भी गाय के साथ लोगों के बड़े नजदीकी संबंध हैं और वो उसकी बड़े प्यार व जतन से देखभाल करते हैं।
गाय विकास की प्रक्रिया में इंसानों के पास है हमारी संस्कृति में गायों और सांपो को पवित्र माने जाने की एक और वजह भी है। आत्मा के विकास की प्रक्रिया में इन्हें जरूरी कदम माना गया हैं। आपको हमेशा बताया गया कि इन दोनों जानवरों को नहीं मारना चाहिए। अगर आपके मन में हर जीव के लिए इतनी दया हो तब तो और भी अच्छी बात है, लेकिन अगर आप जीव हत्या करते हैं तो कम से कम इन दो जानवरों की हत्या करने से तो आपको बचना ही चाहिए, क्योंकि इन दोनों में इंसान बनने की पूरी संभावना छिपी है। इन्हें मारना किसी इंसान की हत्या करने जैसा ही है। ये दोनों इंसान के इतने नजदीक हैं।

CM भगवंत मान ने स्वास्थ्य मंत्री को भ्रष्टाचार के आरोप में किया बर्खास्त

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पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोप में अपने एक कैबिनेट मंत्री बर्खास्त कर दिया है। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने भ्रष्टाचार के आरोप में स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को कैबिनेट से बर्खास्त किया और कहा है कि उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आम आदमी पार्टी की जीरो टॉलरेंस नीति है। विजय सिंगला पर अधिकारियों से ठेके पर 1 फीसदी कमीशन मांगने का आरोप लगा है।
वीडियो जारी कर किया खुलासा
सीएम भगवंत मान ने एक वीडियो जारी कर इस मामले के बारे में बताया है। उन्होंने कहा, “अरविन्द केजरीवाल ने कहा था कि भगवंत मैं एक पैसे की भी बईमानी, रिश्वत खोरी या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं कर सकता। इसके बाद मैने उन्हें वचन दिया था कि मैं पार्टी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन लूंगा। मेरे सामने एक मामला आया कि मेरी सरकार का एक मंत्री हर टेंडर के लिए 1 पर्सेन्ट कमीशन माँगता है। ये मामला केवल मुझे पता था, ये न मीडिया को पता था न ही विपक्ष को।”

मंत्री के खिलाफ लिया जाएगा एक्शन
उन्होंने आगे कहा कि “मैं चाहता तो इसे छुपा सकता था, लेकिन मेरे जमीर ने इसकी अनुमति नहीं दी। जिन लाखों लोगों ने मुझपर भरोसा किया उनका भरोसा भी बरकरार रखना था। उस मंत्री का नाम विजय सिंगला है जिनके खिलाफ सख्त एक्शन भी लिया जाएगा। उन्होंने ये गुनाह स्वीकार भी किया है।”

भ्रष्टाचार के खिलाफ आप की जीरो टॉलरेंस नीति
भगवंत मान ने कहा, “मैं स्पष्ट करदेना चाहता हूँ कि आप की भ्रष्टाचार के खिलाफ आप की जीरो टॉलरेंस नीति है। मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’

अपनी बात को स्पष्ट करते हुए सीएम भगवंत मान ने बाकी मंत्रियों को भी अपने एक्शन से चेताया है कि वो किसी भी तरह के गलत कदम से बचें अन्यथा उनके खिलाफ भी तुरंत एक्शन लिया जाएगा।

कांग्रेस की Task Force-2024 और पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी का ऐलान

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कांग्रेस की मजबूत वापसी के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी लगातार कोशिशों में जुटी हैं। पहले चिंतन शिविर और अब उस मंथन पर अमल की तैयारी की जा रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस की पॉलिटकल अफेयर्स कमिटी का गठन किया गया है। इसके साथ ही 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान रखत हुए टास्क फोर्स का भी ऐलान किया गया है। बता दें कि कांग्रेस पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी में कुछ आठ सदस्यों को जगह दी गई है। कांग्रेस इस नई टीम में प्रियंका गांधी समेत बागी नेताओं को भी मौका दिया गया है। PAC में इन सदस्यों को मौका कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी में जिन आठ लोगों को शामिल किया गया है। उसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, गुलाम नबी आजाद, अम्बिका सोनी, दिग्विजय सिंह, आनन्द शर्मा, केसी वेणुगोपाल और जितेंद्र सिंह प्रमुख रूप से शामिल हैं।
क्या होगा PAC का काम
यह समूह महत्वपूर्ण राजनीतिक मामलों पर कांग्रेस का स्टैंड तय करने से लेकर त्वरित फैसले लेने के लिए बनाई गई है जिसकी अध्यक्षता सोनिया गांधी करेंगी।

टास्क फोर्स में किसको मिली एंट्री
कांग्रेस का सबसे बड़ा फोकस आगामी लोकसभा चुनाव है। यही वजह है कि चिंतन शिविर के बाद पार्टी की ओर से एक खास टास्क फोर्स 2024 का ऐलान किया गया है। इस टीम में जिन सदस्यों को जगह मिली है उनमें- पी चिदम्बरम, मुकुल वासनिक, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, अजय माकन, प्रियंका गांधी, रणदीप सुरजेवाला, सुनील कनगोलु का नाम है।

राहुल-प्रियंका को अलग-अलग जिम्मेदारी
सोनिया गांधी ने कांग्रेस की मजबूत वापसी के लिए एक बार फिर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भरोसा दिखाया है। दोनों को अलग-अलग जिम्मेदारी भी दी है।
एक तरफ पीएसी में शामिल राहुल गांधी जहां पार्टी के अहम फैसलों में शामिल होंगे वहीं दूसरी तरफ प्रियंका गांधी लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर नजर रखेंगी।

असंतुष्ट खेमे के नेताओं को भी मौका
सोनिया गांधी ने दोनों अहम कमिटियों में सिर्फ वरिष्ठ नेताओं को ही जगह दी है। खास बात यह है कि इस दोनों ही टीमों में गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक जैसे असंतुष्ट टीम के नेताओं को भी मौका दिया गया है।

PK की जगह सुनील कनूगोलु ने ली
कांग्रेस में जहां चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की एंट्री को लेकर विराम लग चुका है वहीं अब सोनिया गांधी ने टास्ट फोर्स 2024 में प्रशान्त किशोर की जगह चुनावी रणनीतिकार सुनील कनूगोलु को शामिल किया है।

बता दें कि सुनील कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं। नई कमिटियों में सबसे मजबूत स्थिति वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की नजर आ रही है। उन्हें पीएसी में शामिल किए जाने के साथ ही भारत जोड़ो यात्रा की भी जिम्मेदारी मिली है।

शक्ति शाखा ने की गौ सेवा, दान किया पशु आहार

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मारवाड़ी युवा मंच शक्ति शाखा ने सोमवार को जीव दया गो सेवा कार्यक्रम के तहत मटकुरिया गोशाला पहुंच कर गाय की सेवा की। गोशाला को चोकर और 15 किलो गुड़ दान में दिया। इस मौके पर शाखा अध्यक्ष ज्योति पटवारी ने बताया कि गौ सेवा परम काम है।

गौ माता के चरणों में ही चारों धाम है। शक्ति शाखा ने इसके लिए एक अलग प्रकल्प ही तैयार कर रखा है, जिसके अंतर्गत शाखा सदस्यों को गौ सेवा का मौका मिले और समाज में भी गौ सेवा का सकाररात्मक संदेश जाए। कार्यक्रम में शाखा अध्यक्ष ज्योति पटवारी के साथ सचिव सीमा सांवरिया, कोषाध्यक्ष पायल खेतान, संस्थापक अध्यक्ष किरण रिटोलिया, मधु अग्रवाल, सुनीता जिंदल, सीमा लिटोरिया, नेहा केजरीवाल ने सक्रिय भूमिका निभायी।

अमरीकी राष्ट्रपति ने उठाया रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्धा, मोदी बोले- कम समय में प्रभावी हुआ क्वाड, लोकतांत्रिक शक्तियों को मिल रही ऊर्जा

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QUAD Summit: जापान की राजधानी टोक्यो में QUAD Summit 2022 शुरू हो चुका है। इस समिट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा, अमेरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में चारों देश के नेता अपने-अपने देश के साथ-साथ दुनियाभर में चल रही प्रमुख मुद्धों पर बातचीत कर रहे हैं। अमेरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस समिट में रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्धा उठाया है।
रूस-यूक्रेन में चल रहे युद्ध को लेकर क्वाड समिट में अमेरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि पुतिन एक संस्कृति को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। यह यूरोपियन मुद्दा नहीं है, बल्कि ग्लोबल इशू है। रूस ने यूक्रेन पर गेहूं निर्यात करने से पाबंदी लगा दी है। जिससे ग्लोबल फूड क्राइसिस खड़ा हो गया है। अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस इस जंग को जितना लंबा खीचेंगा यूएस अपने पार्टनर्स का उतना ही सहयोग करेगा।

यह भी पढ़ेंः – Quad Summit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और जापान के पीएम फुमियो किशिदा की उपस्थित में 13 देशों को मिला कर हिंद प्रशांत आर्थिक फ्रेमवर्क (आइपीईएफ) बनाने की घोषणा की गई।

दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्वाड की तारीफ करते हुए कहा कि काफी कम समय में क्वाड समूह विश्व पटल पर एक महत्वपूर्ण स्थान बना चुका है। मोदी ने कहा कि क्वाड का स्वरूप काफी व्यापक और प्रभावी हो गया है। सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास और प्रतिबद्धता के कारण क्वाड लोकतांत्रिक शक्तियों को नई ऊर्जा और उत्साह दे रहा है। इस समूह से हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बढ़ी है, जो हम सभी का साझा उद्देश्य है।
इससे पहले पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें दोस्तों के बीच आकर खुशी हुई। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को बधाई दी। दूसरी ओर क्वाड समिट के मेजबान जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा कि यूक्रेन पर रूस का आक्रमण संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों को चुनौती देता है। हमें आसियान, दक्षिण एशिया के साथ-साथ प्रशांत द्वीप देशों की आवाज को ध्यान से सुनना चाहिए।
बताते चले कि इस समिट में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को जापान पहुंचे थे। यहां लगभग 40 घंटे के अपने प्रवास के दौरान मोदी विश्व के तीन नेताओं के साथ बैठक सहित 23 कार्यक्रमों में शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी 36 से अधिक जापानी सीईओ और सैकड़ों भारतीय प्रवासी सदस्यों के साथ बातचीत करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन टोक्यो में एक बाइलैटरल मीटिंग भी करेंगे।

गौ वंश का पालन व उसके उत्पादों का हो अधिक प्रयोग -संत राजेन्द्र दास

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देश गौ संरक्षण् से ही आत्म निर्भर ओर पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति पा सकता है। यदि हम अपने अस्तित्व को बचाना चाहते हैं ,प्रकृति व पर्यावरण को बचाना चाहते हैँ तो हमें चर्चा नहीं देशी गौ वंश को बचाने की प्रतिज्ञा करनी होगी। अलवर के प्रताप ऑडीटोरियम में नेक कमाई और सार्वजनिक गोशाला समिति की ओर से आयोजित गो कथा महोत्सव में संत राजेन्द्र दास ने यह बात कही।

उन्होंने गौ कथा में गौ माता , पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, कृषि और मनुष्य के जीवन के हर पहलु को वैज्ञानिकता के साथ बताया।
मलूक पीठाधेश्वर स्वामी राजेंद्र दास ने कहा कि राज्य सरकार ने गौशालाओं को 9 महीने का अनुदान देकर बेहतर काम किया है। केंद सरकार को सभी गौशालाओं का आधा खर्चा खुद को उठाना चाहिए। वर्तमान में प्रदूषण से मुक्ति भी गोपालन से ही मिल सकती है। हमें शुद्ध सात्विक आहार गो पालन से ही मिल सकता है। किसानों को आत्महत्या के लिए भी मजबूर नही होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अलवर तो बाबा भर्तहरि की तपोभूमि है जहां भर्तहरि नाटक अनोखा है। यहां गो सेवा की परंपरा को युवा भी कर रहे है। देवस्थान विभाग की मंत्री रावत ने स्वामी से भेंट कर कहा कि राज्य में मंदिरों की कायाकल्प के लिए योजना बनाई जा रही है। गोशालायो को चारे की कमी नही होने दी जाएगी। अलवर जिले की ओर से मंत्री टीका राम जूली ने स्वागत किया।
अलवर में हुआ भव्य स्वागतस्वामी राजेन्द्र दास इससे पहले सार्वजनिक गोशाला में गए । जहां उनका गोशाला के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने स्वागत किया। अग्रवाल ने गौशाला की व्यवस्थाएं भी दिखाई। केंडल गंज व्यापारिक संचालन समिति के अध्यक्ष सुरेश जलालपुरिया ने स्वागत किया। रास्ते में जगह जगह इनका स्वागत किया गया। नेक कमाई समूह की ओर से मंजू चौधरी अग्रवाल ने आभार जताया।

Quad Summit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और जापान के पीएम फुमियो किशिदा की उपस्थित में 13 देशों को मिला कर हिंद प्रशांत आर्थिक फ्रेमवर्क (आइपीईएफ) बनाने की घोषणा की गई।

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नई दिल्ली। हिंद प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग के लिए क्वाड के गठन के बाद इस क्षेत्र के दूसरे प्रमुख देशों को मिला कर एक बड़ा आर्थिक सहयोग संगठन बनाने की शुरुआत सोमवार को जापान की राजधानी में टोक्यो में हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और जापान के पीएम फुमियो किशिदा की उपस्थित में 13 देशों को मिला कर हिंद प्रशांत आर्थिक फ्रेमवर्क (आइपीईएफ) बनाने की घोषणा की गई।

चीन पर कम होगी दुनिया की निर्भरता
संयुक्त घोषणा पत्र में बताया गया है कि यह फ्रेमवर्क कोरोना महामारी और यूक्रेन पर रूस के हमले से उत्पन्न मौजूदा कई समस्याओं, जैसे सप्लाई चेन में बाधा, महंगाई में वृद्धि, डिजिटल धोखाधड़ी में बढ़ोतरी, स्वच्छ ऊर्जा, से निपटने में आपसी सहयोग की दिशा सुनिश्चित करेगा। कई विशेषज्ञ इसे वैश्विक सप्लाई चेन में चीन पर विश्व की निर्भरता को कम करने के तौर पर भी देख रहे हैं।
फ्रेमवर्क में ये देश शामिल , फ्रेमवर्क में भारत, अमेरिका, जापान, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, थाइलैंड, ब्रुनेई, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, फिलीपींस, इंडोनेशिया और विएतनाम शामिल हैं।
क्वाड सदस्य देशों की तीसरी बैठक मंगलवार
बैठक में मोदी, बाइडन और किशिदा व्यक्तिगत तौर पर मौजूद थे, जबकि दूसरे देशों के प्रमुखों ने वर्चुअल तरीके से हिस्सा लिया। पीएम मोदी क्वाड (अमेरिका, भारत, जापान व आस्ट्रेलिया) शिखर बैठक में हिस्सा लेने के लिए जापान गए हैं। क्वाड के सदस्य देशों के प्रमुखों की यह तीसरी बैठक मंगलवार को होगी। मंगलवार को पीएम मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन से द्विपक्षीय बैठक भी होनी है।

थ्रिलर वेब फिल्म ‘आत्मा डॉट कॉम’ की शूटिंग जून से शुरू होगी

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आत्मा डॉट कॉम’ टाइटल के संदर्भ में डॉ कृष्णा चौहान का कहना है कि यह फ़िल्म की पटकथा के अनुसार रखा गया है। इसमे आज की डिजिटल भाषा और नई तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा जो युवाओं को कनेक्ट करेगी। केसीएफ के अंतर्गत बनने वाली फिल्म में संगीत का अच्छा स्कोप होगा। इस हॉरर थ्रिलर फिल्म की कहानी काफी डिफ्रेंट है जो दर्शकों को पसन्द आएगी। इस फिल्म की शूटिंग उत्तर भारत की विभिन्न रमणीय लोकेशनों पर की जाएगी।

कृष्णा चौहान प्रोडक्शन्स के बैनर तले बन रही निर्माता निर्देशक डॉ कृष्णा चौहान की थ्रिलर वेब फिल्म ‘आत्मा डॉट कॉम’ की शूटिंग जून से शुरू होगी। इस फिल्म के डीओपी पप्पू के शेट्टी हैं। फ़िल्म का स्टोरी आइडिया आर राजपाल का है जो इसके पब्लिसिटी डिज़ाइनर भी हैं। इस फिल्म में नवोदित कलाकारों के साथ बॉलीवुड के कई नामचीन कलाकार अपने अभिनय का जलवा बिखेरते नज़र आएंगे। गोरखपुर यूपी के मूल निवासी डॉ कृष्णा चौहान पिछले 20 वर्षों से बॉलीवुड में सक्रिय हैं। डॉ कृष्णा चौहान न केवल बतौर फिल्म निर्देशक व समाज सेवक कर्मपथ पर अग्रसर हैं बल्कि अवार्ड्स फंक्शन करने के मामले में सबसे अधिक सुर्खियों में रहने वाले पर्सनाल्टी के रूप में जाने जाते हैं । डॉ कृष्णा चौहान अपने फाउंडेशन के बैैैनर तले कई अवार्ड्स शो का आयोजन करते हैं।

‘केसीएफ’ के अंतर्गत बॉलीवुड लीजेंड अवार्ड, बॉलीवुड आइकोनिक अवॉर्ड और लीजेंड दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड का आयोजन सन 2019 से किया जा रहा है। इसके अलावा केसीएफ के द्वारा समाज सेवा, भोजन वितरण और भगवद गीता का वितरण किया जाता है। यहाँ उल्लेखनीय है कि डॉ कृष्णा चौहान अपने फाउंडेशन कृष्णा चौहान फाउंडेशन के अंतर्गत कई अवार्ड्स शो का आयोजन पिछले कई वर्षों से करते आ रहे हैं। केसीएफ के अंतर्गत बॉलीवुड लीजेंड अवार्ड, बॉलीवुड आइकोनिक अवॉर्ड, लीजेंड दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड, महात्मा गांधी रत्न अवार्ड, नारी शक्ति सम्मान का आयोजन भी किया जाता है।

‘आत्मा डॉट कॉम’ टाइटल के संदर्भ में डॉ कृष्णा चौहान का कहना है कि यह फ़िल्म की पटकथा के अनुसार रखा गया है। इसमे आज की डिजिटल भाषा और नई तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा जो युवाओं को कनेक्ट करेगी। केसीएफ के अंतर्गत बनने वाली फिल्म में संगीत का अच्छा स्कोप होगा। इस हॉरर थ्रिलर फिल्म की कहानी काफी डिफ्रेंट है जो दर्शकों को पसन्द आएगी। इस फिल्म की शूटिंग उत्तर भारत की विभिन्न रमणीय लोकेशनों पर की जाएगी।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

मंकीपॉक्स के व्यापक संक्रमण को रोकने के लिए सामाजिक दूरी और फेस मास्क है जरूरी

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मुंबई: कोरोना के दोनों हाथों से पूरी दुनिया का दम घुट रहा है, वहीं मंकी पॉक्स की संक्रामक बीमारी ने सभी की नींद उड़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि अब तक 11 देशों में मंकीपॉक्स पाया गया है। वहीं, WHO ने भारत को खतरे से आगाह किया है। इस बीमारी से लड़ने के लिए महाराष्ट्र सरकार सतर्क हो गई है। और मंकी पॉक्स को रोकने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। मंकीपॉक्स ,चिकनपॉक्स की तरह ही लक्षण दिखाई देते हैं लेकिन वे कम गंभीर होते हैं, इसलिए नागरिकों में इस बीमारी को लेकर एक भ्रम का माहौल है।
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए बोरीवली के एपेक्स अस्पताल के चिकित्सक डॉ. चिराग शाह ने कहा, “मंकीपॉक्स एक दुर्लभ बीमारी है और संक्रमण हल्का होता है। मंकीपॉक्स मुख्य रूप से अफ्रीका के कुछ हिस्सों में संक्रमित जंगली जानवरों के कारण होता है।

“मंकीपॉक्स का पहला मानव संक्रमण 1970 में अफ्रीका में एक 9 वर्षीय लड़के में पाया गया था। मंकीपॉक्स के लक्षण कम से कम 6 से 12 दिन पहले दिखने लगते हैं। लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और ऊर्जा की कमी शामिल हैं। इसमें चेचक जैसे पिंपल्स पूरे शरीर पर दिखाई देते हैं, ज्यादातर समय चेहरे से शुरू होकर। ये मुँहासे लगातार बदल रहे हैं। अंत में क्रस्ट बनने से पहले और वह क्रस्ट यह गिरने से पहले विभिन्न चरणों से गुजरता है। यह वायरस संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। वायरस फटी त्वचा, श्वसन तंत्र, आंख, नाक या मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है। इतना ही नहीं, बिस्तर और कपड़ों जैसी दूषित वस्तुओं के संपर्क में आने से भी यह वायरस फैलता है।”

मंकीपॉक्स एक छूत की बीमारी है जो भारत में फ़ैल रही है । भारत में अभी तक मरीजों में इस बीमारी का पता नहीं चला है। मंकीपॉक्स ब्रिटेन, अमेरिका, पुर्तगाल, स्पेन और कुछ यूरोपीय देशों में फैल रहा है। अफ्रीका महाद्वीप को छोड़कर विदेशों में मंकीपॉक्स के मामले दुर्लभ हैं। हालाँकि, भारत ने भी इस दिशा में कदम उठाना शुरू कर दिया है क्योंकि इसे समय पर पहचानने और रोकने की आवश्यकता है।

मंकीपॉक्स, एक ऐसी बीमारी जो दशकों से अफ्रीकी लोगों में आम है लेकिन अब वो दुनिया के अन्य देशों में भी फैल रही है. खासकर अमेरिका, कनाडा और कई यूरोपीय देशों में इसके मामले सामने आ रहे हैं. 11 देशों में अब तक 80 मामले पाए जा चुके हैं.

हालांकि इस बीमारी का प्रकोप अभी बहुत व्यापक तो नहीं है लेकिन कुछ देशों में आए नए केस ने लोगो में चिंता ज़रूर पैदा कर दिया है.

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि एक बार फिर वायरस के फैलने का कारण क्या है इसे लेकर अधिक जानकारी नहीं है, उनका कहना है कि फिलहाल आम जनता के लिए घबराने की कोई बात नहीं है.

ब्रिटेन के सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यालय में राष्ट्रीय संक्रमण सेवा के उप निदेशक निक फिन ने कहा, “इस बात पर जोर देना महत्वपूर्ण है कि मंकीपॉक्स लोगों के बीच आसानी से नहीं फैलता है और आम जनता के लिए जोखिम बहुत कम है.”

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