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बीजेपी सांसदों की उपस्थिति को ले कर पीएम मोदी की नाराजगी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के दोनों सदनों में सत्र के दौरान बीजेपी सांसदों की उपस्थिति को लेकर नाराजगी व्यक्त की है। दरअसल संसद सत्र के दौरान कई सांसद संसद की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेते हैं, जिस पर पीएम मोदी ने नाराजगी व्यक्त की है। पीएम की नाराजगी के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने अपने सांसदों को इस मुद्दे पर कई निर्देश दिए हैं।

भाजपा ने दोनों सदनों में अपने चीफ़ व्हिप को भी सांसदों की उपस्थिति को लेकर कहा था कि वह इस को सुरक्षित करें। लेकिन अब चीफ व्हिप के लिए भी यह काफी मुश्किल काम लग रहा है। वहीं अब पार्टी इस बात पर नजर रख रही है कि स्टैंडिंग कमेटी की बैठकों में पार्टी के कितने सांसद हिस्सा ले रहे हैं।

दोनों सचिवालय (राज्यसभा और लोकसभा) के अधिकारियों को संसदीय पैनल की बैठकों में रैंडम चेक करने के लिए भी कहा गया है कि आखिर यह पता लगाया जाए कि वास्तव में कितने सांसद बैठकों में भाग ले रहे हैं। बता दें कि नवंबर के तीसरे सप्ताह से शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है और दोनों सदनों में पार्टी के चीफ व्हिप को सदन के अंदर सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कुछ दिन पहले कहा था कि केंद्र सरकार संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान 1500 से अधिक अप्रचलित और पुराने कानूनों को रद्द करेगी। रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों के जीवन में सरकारी हस्तक्षेप को कम करना चाहते हैं। कानून मंत्री ने कहा कि अप्रचलित कानून आम लोगों के सामान्य जीवन में बाधा हैं तथा वर्तमान समय में ये कानून प्रासंगिक नहीं हैं और न ही ये कानून की किताबों में रहने के लायक हैं।

जबकि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा है कि व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए कुछ प्रावधानों को अपराध से मुक्त करने को लेकर मंत्रालय एक कानून पर काम कर रहा है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में एक विधेयक पेश किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत से अनुपालन को कम करने और अनावश्यक धाराओं को अपराध से मुक्त करने पर जल्द अपनी राय या प्रतिक्रिया देने का आग्रह भी किया गया है।

ओपनर रोहित शर्मा ने 12,274 रन बनाकर गावस्कर का रिकार्ड तोड़ा

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नई दिल्ली, । T20 World Cup 2022: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान व ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने टी20 वर्ल्ड कप 2022 के अपने दूसरे ग्रुप मैच में नीदरलैंड के खिलाफ 39 गेंदों पर 3 छक्के व 4 चौकों की मदद से आक्रामक पारी खेलते हुए 53 रन बनाए। रोहित शर्मा ने इन रनों की मदद से सुनील गावस्कर का रिकार्ड तोड़ दिया और भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर ओपनर बल्लेबाज सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में तीसरे नंबर पर आ गए।

 

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हिटमैन रोहित शर्मा ने नीदरलैंड के खिलाफ खेली अपनी 53 रन की पारी के दम पर भारत की तरफ से इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर ओपनर सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) का रिकार्ड तोड़ दिया और तीसरे नंबर पर आ गए। सुनील गावस्कर ने भारत के लिए बतौर ओपनर अपने क्रिकेट करियर में कुल 12,258 रन बनाए थे, लेकिन रोहित शर्मा ने उन्हें चौथे नंबर पर धकेल दिया। रोहित शर्मा के अब बतौर ओपनर 12,274 रन हो गए हैं और वो तीसरे नंबर पर आ गए हैं।

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भारत के लिए बतौर ओपनर बल्लेबाज सबसे ज्यादा रन इंटरनेशनल क्रिकेट में बनाने का रिकार्ड वीरेंद्र सहवाग ने अपने नाम कर रखा है। वीरेंद्र सहवाग ने भारत के लिए बतौर ओपनर कुल 15,758 रन बनाए थे तो वहीं इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर पूर्व भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) हैं और उन्होंने कुल 15,335 रन बनाए थे। इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर 10,746 रन के साथ शिखर धवन (Shikhar Dhawan) मौजूद हैं।

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ट्विटर के अधिग्रहण की अंतिम घोषणा के साथ ही सोशल मीडिया साइट ट्विटर के नए मालिक एलन मस्क ने इसके शीर्ष तीन अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया है। अब इन अधिकारियों को मुआवजे के रूप में $12.20 करोड़ (लगभग 1004 करोड़ रुपए या 10.04 अरब रुपए) देना होगा।

एलन मस्क ने शुक्रवार (28 अक्टूबर 2022) को कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पराग अग्रवाल, मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) नेड सेगल और नीति एवं कानूनी मामलों की प्रमुख गड्डे को कंपनी से हटा दिया था। मस्क ने इन लोगों पर ट्विटर प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट की संख्या को लेकर उन्हें और निवेशकों को गुमराह करने का आरोप लगाया था।

एजीक्यूटिव के पैकेज और मुआवजे पर शोध करने के लिए विख्यात कंपनी इक्विलर (Equilar) ने पराग अग्रवाल का ‘गोल्डन पैराशूट’ मूल्यांकन $57.40 मिलियन (472.5 करोड़ रुपए), सेगल का $44.5 मिलियन (लगभग 366.18 करोड़ रुपए) और गड्डे का $20 मिलियन (लगभग 165 रुपए) है।

‘गोल्डन पैराशूट’ कंपनी और शीर्ष अधिकारियों के बीच एक एग्रीमेंट होता है, जिसमें उन्हें कंपनी से हटने के लिए मजबूर करने पर मुआवजे के तौर पर बड़ी राशि का भुगतान करने की जानकारी दी जाती है। इसके तहत को कंपनी से निकाले जाने वाले अधिकारी को कम-से-कम एक साल के वेतन का हकदार माना जाता है।

अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इस पे आउट में एक कार्यकारी के वार्षिक मूल वेतन का 100%, स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम और इक्विटी शामिल है। इक्विटी हिस्सेदारी के रूप में पराग अग्रवाल, सेगल और गड्डे को $65 मिलियन (लगभग 535 करोड़ रुपए) ट्विटर में उनके शेयर के बदले दिए जाएँगे।

इसमें गड्डे का हिस्सा सबसे अधिक $34.8 मिलियन (लगभग 286.36 करोड़ रुपए) है। उसके बाद का $22 मिलियन (लगभग 181 करोड़ रुपए) और सबसे कम पराग अग्रवाल का $8.4 मिलियन (करीब 69.12 करोड़ रुपए) है।

बता दें कि पिछले साल नवंबर में जैक डोर्सी के इस्तीफे के बाद पराग अग्रवाल कंपनी का CEO बने थे। राजस्थान के अजमेर के रहने वाले पराग CEO बनने से पहले ट्विटर के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर थे। साल 2021 में उन्हें सैलरी और दूसरे भत्तों के रूप में 3.04 करोड़ डॉलर मिले थे। CEO के रूप में अग्रवाल का वेतन सालाना 1 मिलियन डॉलर यानी 9 करोड़ 24 लाख रुपए बताया गया था।

Gopashtami 2022 – जानिए इसकी सही तिथि, पूजा विधि और गौ पूजन का महत्व

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Gopashtami 2022: भोपाल, 29 अक्टूबर। मध्यप्रदेश गौ-संवर्द्धन बोर्ड कार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने प्रदेश की सभी गौ-शाला संचालकों को आगामी गोपाष्टमी-एक नवम्बर को गौ-शालाओं में गौ-पूजन कार्यक्रम करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि कार्यक्रम में गौ-भक्तों और पशु प्रेमियों को आमंत्रित कर गौ-पूजन में सम्मिलित करें। पूजन के बाद गाय के महत्व पर केन्द्रित संगोष्ठियाँ की जाये। संगोष्ठियों में अनुभवी गौ-सेवकों, गौ-पालकों और विद्वज्जनों को आमंत्रित करें।

अपील

महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने प्रदेश के गौ-पालकों, गौ-भक्तों और गौ-प्रेमियों से अपील की है कि गोपाष्टमी पर अधिक से अधिक संख्या में अपनी निकटतम गौ-शाला पहुंच कर गौ-पूजन में शामिल हों। गायों और बछड़े-बछियों को गौ-ग्रास अर्पित करें। उन्होंने गौ-भक्तों से आग्रह किया कि यदि उनके घर में नन्हें बालक-बालिकाएं हैं, तो उनको भी अपने साथ गौ-शाला ले जाएं और उनमें गौ-संरक्षण के संस्कार रोपित करें। गायों को हरी घास, गुड़-रोटी, भीगी चने की दाल आदि खिलाएँ। गौ-ग्रास के निमित्त दान राशि भी गौ-शालाओं में दें।

गोपाष्टमी, जानिए इसकी सही तिथि, पूजा विधि और गौ पूजन का महत्व

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को गोपाष्टमी का पर्व मनाया जाता है। जैसा कि नाम से मालूम होता है कि ये गाय की पूजा और प्रार्थना करने के लिए समर्पित एक पर्व है। इस दिन गौ माता की पूजा की जाती है। द्वापर युग से चला आ रहा ये पर्व इस बार 1 नवंबर 2022 मंगलवार को मनाया जाएगा। मान्यता है कि कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से लेकर सप्तमी तक भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण किया था। आठवें दिन इंद्र अपना अहंकार और गुस्सा त्यागकर श्रीकृष्ण के पास क्षमा मांगने आए थे। तभी से कार्तिक शुक्ल अष्टमी को गोपाष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। गाय को हमारी संस्कृति में पवित्र माना जाता है। श्रीमद्भागवत में लिखा है कि, जब देवता और असुरों ने समुद्र मंथन किया तो उसमें कामधेनु निकली। पवित्र होने की वजह से इसे ऋषियों ने अपने पास रख लिया। माना जाता है कि कामधेनु से ही अन्य गायों की उत्पत्ति हुई। श्रीमद्भागवत में इस बात का भी वर्णन है कि भगवान श्रीकृष्ण भी गायों की सेवा करते थे।

गोपाष्टमी का महत्व

गोपाष्टमी का ये पर्व गौधन से जुड़ा है। भारत में इस पर्व का अपना ही महत्व है। गाय सनातन धर्म की आत्मा मानी जाती है। हिन्दू धर्म में गाय का महत्व होने के पीछे एक कारण ये भी है कि गाय को दिवयगुणों का स्वामी कहा गया है। गाय में देवी-देवता का निवास माना गया है। पौराणिक ग्रंथों में कामधेनु का जिक्र भी मिलता है। मान्यता है कि गोपाष्टमी की पूर्व संध्या पर गाय की पूजा करने वाले लोगों को सुख समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है।

गोपाष्टमी की पूजा विधि

गोपाष्टमी को प्रातः उठकर गायों को स्नान कराएं फिर गौमाता का आकर्षक श्रृंगार करें। गंध-पुष्प आदि से गायों की पूजा करें और ग्वालों को उपहार आदि देकर उनका सम्मान करें। गायों को भोजन कराएं तथा उनकी परिक्रमा करें और थोड़ी दूर तक उनके साथ जाएं। संध्या को जब गायें वापस आएं तो उनका पंचोपचार पूजन करके कुछ खाने को दें। अंत में गौमाता के चरणों की मिट्टी को मस्तक पर लगाएं। ऐसा करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।

 

 

दिल्ली में टेक-ऑफ से ठीक पहले इंडिगो विमान के इंजन में लगी आग

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नई दिल्ली: बेंगलुरु के लिए उड़ान भरने वाले इंडिगो के एक विमान को शुक्रवार को उसके एक इंजन में आग लगने के बाद दिल्ली हवाई अड्डे पर रोकना पड़ा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली से बेंगलुरु इंडिगो की उड़ान 6E-2131 ने लगभग 9:45 बजे अपना टेक-ऑफ रद्द कर दिया और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर “पूर्ण आपातकाल” घोषित कर दिया गया।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। एयरबस ए320 विमान में 184 लोग सवार थे।

यात्रियों में से एक, प्रियंका कुमार ने ट्विटर पर घटना का एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें एक इंजन में आग लगी और चिंगारी निकलती दिखाई दे रही थी।

"उड़ान पांच से सात सेकंड में उड़ान भर लेता। अचानक, मैंने पंखों से बड़े पैमाने पर चिंगारी निकलती देखी, और यह एक बड़ी आग में बदल गई। और विमान को तुरंत रोक दिया गया। पायलट ने हमें सूचित किया कि इंजन में कुछ खराबी थी। , "उसने एनडीटीवी को फोन पर बताया।

कुमार ने कहा, "हम अभी भी विमान में हैं। स्थिति नियंत्रण में है। दमकल की गाड़ी आई। विमान को पार्किंग में ले जाया गया है। और इंडिगो हमारे लिए एक और विमान की व्यवस्था कर रहा है। हम अभी विमान उतार रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "शुरुआत में घबराहट हुई, लेकिन चालक दल ने सहज महसूस किया। हमें पानी पिलाया। आसपास बहुत सारे बुजुर्ग और बच्चे थे ... हर कोई सुरक्षित है, कोई झटका नहीं था।"

मेक इन इंडिया’ के तहत पहली बार देश में बनेगा मिलिट्री एयरक्राफ्ट: TATA का यूरोपीय कंपनी Airbus के साथ डील, PM मोदी करेंगे प्लांट का उद्घाटन

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गुजरात के वडोदरा (Vadodara, Gujarat) में टाटा समूह (TATA Group) और एयरबस (Airbus) मिलकर भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के लिए C-295 परिवहन विमान (Transport Aircraft) का निर्माण करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) रविवार (30 अक्टूबर 2022) को इस प्लांट का शिलान्यास करेंगे।

केंद्र सरकार ने गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को बताया था कि इस परियोजना की कुल लागत 21,935 करोड़ रुपए है। टाटा समूह ने यूरोपीय कंपनी एयरबस के साथ मिलकर यह डील की है। भारत में इससे पहले कभी भी इस तरह के एयरक्राफ्ट नहीं बनाए गए। एयरबस पहली विदेशी कंपनी है, जिसे भारत में सी-295 विमान बनाने की मंजूरी दी गई है।

क्या है C-295 एयरक्राफ्ट डील

इस डील के तहत टाटा और एयरबस वायुसेना के लिए वडोदरा के इस प्लांट में कुल 40 एयरक्राफ्ट बनाएँगे। इसके अलावा जो दूसरे जरूरी इक्विपमेंट हैं, उन्हें भी इसी प्लांट में तैयार करने की तैयारी है। सितंबर 2022 में भारत ने 21 हजार करोड़ से अधिक की एक डील की थी।

उस डील में एयरबस डिफेंस से भारत 56 C-295 एयरक्राफ्ट खरीदने वाला है। इसमें 16 एयरक्राफ्ट पूरी तरह तैयार होकर भारत को मिलने वाले हैं, वहीं जो बचे हुए 40 एयरक्राफ्ट हैं, उनका निर्माण भारत में किया जाएगा। ये वही बचे हुए 40 एयरक्राफ्ट हैं, जिन्हें गुजरात के वडोदरा में तैयार किया जाएगा।

एयरक्राफ्ट की खासियत

भारत में एयरक्राफ्ट के निर्माण से मोदी सरकार की ‘मेक इंन इंडिया’ योजना को बल मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना भारत को डिफेंस के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनाना है। यही कारण है कि वे अपने संबोधनों में भी इस पर जोर देते हैं। इस क्रम में पहली बार एक विदेशी कंपनी भारत में ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का निर्माण करने वाली है।

इस एयरक्राफ्ट की खासियत यह है कि इसमें एक बार में 71 ट्रूप या 50 पैराट्रूपर्स को मुश्किल जगहों पर आसानी से ले जाया जा सकता है। प्राकृतिक आपदा के वक्त भी ये एयरक्राफ्ट काफी कारगर है। इसके अलावा रेस्क्यू ऑपरेशन में भी वायुसेना को इस एयरक्राफ्ट से काफी मदद मिलेगी।

C-295 विमान समकालीन तकनीक के साथ 5-10 टन क्षमता का एक परिवहन विमान है, जो भारतीय वायुसेना (IAF) के पुराने एवरो-748 विमानों की जगह लेगा। इसमें सैनिकों और कार्गो के पैरा ड्रॉपिंग के लिए एक रियर रैंप दरवाजा है।

रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि ये विमान पूरी तरह से स्वदेशी होंगे। सितंबर 2023 से अगस्त 2025 के बीच 16 एयरक्राफ्ट रेडी कंडीशन में सौंप दिए जाएँगे। वहीं, देश में बनने वाले 40 विमानों की आपूर्ति 2026 से 2031 तक की जाएगी।

आने वाला भविष्य भारत का है -रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

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रूस और भारत के संबंध हमेशा से मैत्रीपूर्ण रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शानदार विदेश नीति की बदौलत दोनों देशों के संबंधो में और निखार आया है। रूस-युक्रेन युद्ध और वैश्विक दबाव के बीच भी दोनों देशों के संबंध मजबूत बने रहें। इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा की है। उन्होंने मॉस्को में वल्दाई डिस्कशन क्लब की 19वीं वार्षिक बैठक में भारत की सराहना की और पीएम मोदी को देशभक्त बताया। पुतिन ने कहा कि मोदी अपने देश की स्वतंत्र सोच को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं।

पीएम मोदी ने देश के विकास के लिए शानदार कदम उठाए: पुतिन

पुतिन ने कहा, “भारत ने ब्रिटेन की गुलामी से आधुनिक राज्य बनने के अपने विकास में जबरदस्त प्रगति की है। इसने ठोस विकास परिणाम हासिल किए हैं । भारत के विकास से उसका सम्मान और प्रशंसा बढ़ी है। बीते कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में काफी कुछ किया गया है । वह स्वभाविक रूप से अपने देश के लिए देशभक्त हैं। उनकी ‘मेक इन इंडिया’ की नीति मायने रखती है चाहे वह आर्थिक रूप से हो या नैतिक रूप से। देश के विकास के लिए उन्होंने शानदार कदम उठाएँ हैं । आने वाला भविष्य भारत का है। हमारे बीच एक विशेष रिश्ता है। हमारे बीच घनिष्ठ संबंध हैं।”

भविष्य में भारत की एक बड़ी भूमिका होगी

पुतिन ने वहीं पीएम मोदी की सराहना करते हुए कहा, “मोदी स्वतंत्र विदेश नीति का संचालन करने में सक्षम हैं। मुझे यकीन है कि भविष्य में भारत की एक बड़ी भूमिका होगी। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने की वजह से भारत खुद पर गर्व करता है, लेकिन देश जिस तरह से प्रगति के रस्ते पर है, वह भी गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत ने बहुत अच्छे नींव का निर्माण किया है । हमारे भारत के साथ कई दशकों से मधुर संबंध रहे हैं।”

पुतिन ने कहा- हमारे (भारत और रूस ) बीच कभी भी कोई मुश्किल मुद्दे नहीं रहे

पुतिन ने जोर देकर कहा, “हमारे (भारत और रूस ) बीच कभी भी कोई मुश्किल मुद्दे नहीं रहे हैं। हमने हमेशा एक दूसरे को सपोर्ट किया। और यही इस समय हो रहा है। मैं निश्चिन्त हूँ की यही भविष्य के भी संकेत हैं।”

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी भारत का स्टैंड क्लियर रहा है। भारत ने दोनों देशों को युद्ध बंद करने की सलाह जरूर दी, लेकिन वैश्विक मंचो पर भारत रूस के खिलाफ वोटिंग में शामिल नहीं हुआ। यहाँ तक की अमेरिका और पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद भारत ने रूस से तेल खरीदा।

गाजियाबाद – पुलिस के हत्थे चढ़ा गौ तस्कर, काफी समय से थी तलाश

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फोटो सौजन्य - आज तक

गाजियाबाद – आज तक की रिपोर्ट के अनुसार गाजियाबाद में एनकाउंटर के बाद पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया है. इरशाद उर्फ सोनू नाम के इस गो तस्कर की पुलिस को काफी समय से तलाश थी. चेकिंग के दौरान सोनू ने भागने की कोशिश की लेकिन मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसे धर दबोचा. गिरफ्तारी के बाद गो तस्कर ने कहा कि गाय हमारी माता है. गिरफ्तारी से पहले इस गो तस्कर ने पुलिस को जमकर छकाया.

फोटो सौजन्य – आज तक

कानपुर : बम फटने से गौ माता जख्मी, सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस

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कानपुर, 28 अक्टूबर । काकादेव नवीन नगर में गुरुवार को कूड़े के ढेर में अचानक बम फटने से भोजन की तलाश में भटक रही एक गौ माता गम्भीर रूप से जख्मी हो गई। सूचना पर कानपुर नगर निगम एवं पुलिस पहुंची और गौ माता का उपचार कराया। मामले को गम्भीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त ने पूरे प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए हैं। काकादेव थाने की पुलिस मुकदमा दर्ज करके गौ माता के साथ बम फटने से जबड़ा उड़ने की घटना का खुलासा करने में जुट गई है।

पुलिस आयुक्त बीपी जोगदंड ने शुक्रवार को बताया कि काकादेव पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कूड़े के ढेर में बम पड़ा था। जहां गाय अपनी भूख मिटाने की कोशिश में उसे चबाया और बम गौ माता के मुंह में फट गया, जिससे जबड़ा उड़ गया। फिर इसकी जांच की जा रही है कि कहीं किसी ने माहौल बिगाड़ने के लिए कोई शरारत तो नहीं की गई थी। इसके साथ ही विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए घटनास्थल का फोरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटाते हुए आसपास स्थित सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि काकादेव नवीन नगर में गुरुवार को हुए तेज धमाके के बाद एक गाय चीखने लगी। लोगों ने देखा तो गौ माता जख्मी हालत में तड़प रही थी। यह देखते ही लोगों ने तत्काल स्थानीय पुलिस एवं नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को खबर दी। सूचना पर पहुंची नगर निगम की टीम ने तत्काल गौ माता का उपचार करने के साथ ही काकादेव थाने में इस सम्बन्ध में एक मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

Maharashtra – फड़णवीस, कटुता खत्‍म कर दो, लग जाओ काम पर – Shivsena

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ShivSena in Saamana: महाराष्ट्र की सत्ता से बाहर हो चुकी शिवसेना (उद्धव गुट) ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस को लेकर सामना में एक लेख के जरिए निशाना साधा है। हाल में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसी कटुता आ गई है, जिसे नकारा नहीं जा सकता। इसी को लेकर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में शुक्रवार (28 अक्टूबर, 2022) को लिखा, ‘फड़णवीस, कटुता खत्‍म कर दो, लग जाओ काम पर’। सामना में लिखा गया कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने दिवाली के मौके पर काफी समझदारी वाली बातें की थीं। इसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाए, वो कम है। फडणवीस का स्वाभाव मिल-जुलकर पेश आने वाला है, लेकिन सत्ता जाने के बाद वो बिगड़ गया। नए सत्ता परिवर्तन के बाद उनमें परिपक्वता आ गई होगी, ऐसा मालूम पड़ता है।

सामना में लिखा गया कि दिवाली के उपलक्ष्य में फडणवीस ने मीडिया से कई मुद्दों को लेकर खुलकर बातें की थीं। उन्होंने दो महत्वपूर्ण मुद्दे रखे। जिसको लेकर महाराष्ट्र को विचार करना चाहिए। फडणवीस ने महाराष्ट्र की राजनीति में आ रही कटुता को भी लेकर बात की। जिसको उन्होंने खुद स्वीकार किया कि ऐसी कटुता कभी नहीं हुई। महाराष्ट्र की राजनीति में न केवल कटुता, बल्कि बदले की राजनीति का विषैलापन उमड़ रहा है। इस प्रवाह का मुख्य कारण भाजपा की हालिया राजनीति है, लेकिन इस मामले में फडणवीस जैसे नेताओं को अब पछतावा होने लगा है तो उस विष को अमृत बनाने का काम भी उन्हें ही करना होगा। फडणवीस ने अपने मन की वेदना जाहिर की।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम कहते हैं कि महाराष्ट्र में राजनीति की कटुता अब राजनीतिक वैमनस्य तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र की ऐसी राजनीतिक संस्कृति नहीं है। राजनीतिक मतभेद हो फिर भी सभी पार्टियों के नेता एक-दूसरे से बात कर सकते हैं। यह कटुता कम की जा सकती है, इसके लिए मैं प्रयास करूंगा। सामना में आगे लिखा गया है कि अगर फडणवीस ऐसा कहें तो यह उनका बडप्पन है।