Home Blog Page 726

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में गौ तस्कर ने की गोरक्षक एक की हत्या चार लोग गंभीर रूप से घायल

0

औरंगाबाद, पीटीआई। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में मवेशियों की तस्करी के संदेह में एक वाहन को रोकने का प्रयास करने पर एक गोरक्षक की हत्या कर दी गई। यह घटना किनवट तहसील के शिवनी गांव के पास सोमवार रात करीब 11.30 बजे हुई। पुलिस अधीक्षक श्रीकृष्ण कोकाटे ने बताया कि सात लोग पड़ोसी तेलंगाना में एक कार्यक्रम में शामिल होकर एक कार से लौट रहे थे। इस दौरान अवैध रूप से मवेशियों को ले जा रहे एक वाहन को देखने के बाद उन्हें संदेह हुआ।

लाठी और धारदार हथियारों से किया हमला

पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब उन्होंने इसे रोकने की कोशिश की तो लगभग 10 से 15 लोगों ने वाहन से उतरकर लाठी और धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल शेखर रापेली की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

संगठनों ने घटना के विरोध में किया बंद का आह्वान

अधिकारी ने कहा कि पुलिस मामला दर्ज कर आरोपितों की तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि नांदेड़ में कुछ संगठनों ने घटना के विरोध में बुधवार को बंद का आह्वान किया था, लेकिन पुलिस के कहने पर उन्होंने इसे स्थगित कर दिया। हमने उनसे आरोपितों की धर-पकड़ के लिए समय मांगा है।

 

 

 

 

 

 

 

 

कुमार शानू, इस्माइल दरबार को कृष्णा चौहान ने बॉलीवुड आइकॉनिक अवार्ड 2023 से किया सम्मानित

0

संगीतकार दिलीप सेन, सिंगर ऋतु पाठक, सुनील पाल, एसीपी संजय पाटिल, बी एन तिवारी, गीतकार सुधाकर शर्मा, भुज के निर्देशक अभिषेक दुधैया, अमिताभ बच्चन के मेकअपमैन दीपक सावंत, ब्राइट आउटडोर मीडिया को भी मिला सम्मान

मुम्बई। कृष्णा चौहान फाउंडेशन के संस्थापक कृष्णा चौहान ने 18 जून 2023 को मेयर हॉल अंधेरी पश्चिम मुम्बई में बॉलीवुड आइकॉनिक अवार्ड 2023 के 4थे संस्करण का शानदार आयोजन किया।
इस पुरस्कार समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सिंगर कुमार शानू, फ़िल्म भुज के डायरेक्टर अभिषेक दुधैया, संगीतकार इस्माइल दरबार, बीएन तिवारी, गीतकार सुधाकर शर्मा, एसीपी संजय पाटिल, संगीतकार दिलीप सेन, सिंगर ऋतु पाठक मौजूद थे। जिनके हाथों से फिल्म जगत से जुड़े व सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया गया। साथ ही इन हस्तियों को भी कृष्णा ने अवार्ड से सम्मानित किया।


कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन के मेकअप मैन दीपक सावंत, बिज़नेसमैन खालिद खान, श्रद्धा रानी शर्मा (बिग बॉस फेम), शाहिद, सिंगर प्रिया पुरोहित, एक्ट्रेस शालिनी गौड़, डॉ अंजली दमनगांवकर, कबीना महाजन, कुलदीप शर्मा, गायक अनिकेत, सूरज जाधव, एम प्रकाश (औरंगाबाद), एंकर आरजे कोमल, रैपर हितेश्वर, सिंगर अरमान खान, राजू टांक, डिज़ाइनर आर राजपाल, ऎक्टर नाफ़े खान, विशाल विशु, पूनम गिरी, संतोष सुरेश कड़ू, सरोजा सेठई, निहार सिंह, आरती शर्मा, फरहा अंजार खान, शीरीं फरीद, सुनील पाल, दीपक सावंत, एंकर पत्रकार कवि संजय अमान, मंगेश, राजकुमार कनौजिया के साथ साथ कई पत्रकारों को भी अवार्ड मिला। वहीं शीरीं फरीद ने स्टेज पर डांस परफॉर्म किया।
बता दें कि कृष्णा चौहान बॉलीवुड में एक निर्देशक की हैसियत से कार्यरत हैं। इसके साथ ही वह सामाजिक कार्यों में भी हमेशा आगे रहते हैं। कोविड काल के दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को राशन वितरित किया और भगवतगीता भी लोगों को भेंट किया। कृष्णा चौहान अपनी हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘आत्मा डॉट कॉम’ की शूटिंग भी जल्द शुरू करने जा रहे हैं। इस फिल्म में प्रसिद्ध संगीतकार दिलीप सेन का संगीत है।
कृष्णा महात्मा गांधी रत्न अवार्ड 2023 गांधी जी के जन्मदिन 2 अक्टूबर को आयोजित करेंगे। इस अवार्ड का यह तीसरा सीज़न होगा।

– संतोष साहू

बॉलीवुड आइकॉनिक अवार्ड 2023 के चौथे सीज़न का आयोजन सम्पन्न

0

कृष्णा चौहान फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. कृष्णा चौहान के द्वारा 18 जून को अंधेरी (वेस्ट) मुम्बई स्थित मेयर हॉल में आयोजित ‘बॉलीवुड आइकॉनिक अवार्ड 2023’ के चौथे संस्करण का आयोजन सिंगर कुमार शानू, संगीतकार इस्माइल  दरबार, दिलीप सेन, ऋतु पाठक, सुनील पाल, एसीपी संजय पाटिल, बी एन तिवारी, गीतकार सुधाकर शर्मा , भुज के निर्देशक अभिषेक दुधैया, अमिताभ बच्चन के मेकअपमैन दीपक सावंत की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। उपरोक्त सभी विशिष्ट अतिथियों को अवार्ड दे कर सम्मानित करने के साथ साथ जाने माने बिज़नसमैन खालिद खान, श्रद्धा रानी शर्मा (बिग बॉस फेम), शाहिद जी, सिंगर प्रिया प्रोहित, ऎक्ट्रेस शालिनी गौड़, डॉ अंजली दमनगांवकर, कबीना महाजन, कुलदीप शर्मा, गायक अनिकेत, सूरज जाधव, एम प्रकाश (औरंगाबाद), एंकर आरजे कोमल, रैपर हितेश्वर, सिंगर अरमान खान, राजू टांक, डिज़ाइनर आर राजपाल, ऎक्टर नाफ़े खान, विशाल विशु, पूनम गिरी, संतोष सुरेश कड़ू, सरोजा सेठई, निहार सिंह, आरती शर्मा, फरहा अंजार खान, शीरीं फरीद, सुनील पाल, दीपक सावंत, एंकर संजय अमान, मंगेश जी, राजकुमार कनौजिया को भी अवार्ड दे कर सम्मानित किया गया। अपने सभी अवार्ड समारोह की तरह इस समारोह में भी फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ साथ डॉ कृष्णा चौहान ने इस बार भी कई पत्रकारों, फोटोग्राफर को सम्मान से नवाजा। इसी कड़ी में झारखंड राज्य से इस अवार्ड समारोह में शामिल वरिष्ठ फिल्म पत्रकार सह अधिवक्ता काली दास पाण्डेय को संगीतकार इस्माइल दरबार और डॉ कृष्णा चौहान ने संयुक्त रूप से अवार्ड देकर सम्मानित किया। कृष्णा चौहान फाउंडेशन के द्वारा आयोजित बॉलीवुड आइकॉनिक अवार्ड 2023 के 4थे सीज़न में उन हस्तियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने फिल्मी दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है साथ ही समाज सेवा और मानव सेवा का सराहनीय कार्य किया है। डॉ कृष्णा चौहान न सिर्फ एक सफल बॉलीवुड डायरेक्टर हैं, एक्टिव सोशल वर्कर हैं बल्कि अवार्ड्स फंक्शन्स करने के मामले में नम्बर वन माने जाते हैं।

उनका एक अवार्ड फंक्शन सम्पन्न होता है और वह अपने अगले पुरुस्कार समारोह की तैयारियों में लग जाते हैं। उनके द्वारा आयोजित महात्मा गांधी रत्न अवार्ड 2023 का आयोजन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जन्मदिन 2 अक्टूबर को होने जा रहा है। इस अवार्ड का यह तीसरा सीज़न होगा। डॉ कृष्णा चौहान अपनी नेक्स्ट हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘आत्मा डॉट कॉम’ की शूटिंग भी जल्द शुरू करने जा रहे हैं। इस फिल्म में प्रसिद्ध संगीतकार दिलीप सेन का संगीत है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

शिव भक्तों की टोली सावन में लेकर आएंगे ‘सत्य शिवाय’ 

0

सावन के महीने में शिव भक्तों के लिए निर्माता निर्देश त्यागी, संगीतकार द्रोण, गीतकार तरुण बिष्ट, कोरियोग्राफर एंडी भाकुनी का सुरीला भेंट

मुम्बई। हाल ही में मुम्बई के चार बंगला स्थित रेड रिबन एंड रे एन रागा स्टूडियो में बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक अमन त्रिखा की आवाज़ में एक भक्ति गीत ‘सत्य शिवाय’ की रिकॉर्डिंग सम्पन्न हुई। आरटीएम मोशन पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बन रहे इस म्युज़िक वीडियो के निर्माता निर्देश त्यागी, संगीतकार द्रोण, गीतकार तरुण बिष्ट, कोरियोग्राफर एंडी भाकुनी और कार्यकारी निर्माता अजय सिंह मल्ल हैं। इस गीत में प्रतिभाशाली गायक अनिल विश्वकर्मा भी आवाज दे रहे हैं।
अमन त्रिखा ने बताया कि यह गीत भोलेनाथ की वंदना है और उनके बारह ज्योतिर्लिंगों का वर्णन है। मैं भी शिव भक्त हूँ और जब इस गीत को सुना तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए। गायक के रूप में भक्ति गीत गाकर स्वयं को धन्य मानता हूँ। इससे पहले मैंने नसीरुद्दीन शाह और परेश रावल अभिनीत ‘धर्मसंकट’ फिल्म में शिवभक्ति गीत गाया था।
संगीतकार द्रोण ने बताया कि इस गाने के लिए हमने लाइव इंस्ट्रूमेंट का प्रयोग किया। यह एक उम्दा गाना है जिसमें तांडव और शिव मंत्र को संजोया गया है। भगवान शिव जी और उनके भक्तों को प्रसन्न करने के लिए हमारा एक छोटा सा प्रयास है। सावन के महीने में निश्चित रूप से यह गीत हंगामा मचाएगा।
निर्माता निर्देश त्यागी ने बताया कि मैंने बॉलीवुड में एक नये निर्माता के रूप अपने इष्ट देव भोलेशंकर के गीत से प्रारम्भ करना उचित समझा। मैं श्रोताओं एवं दर्शकों को एक ऐसा गीत दूँ जो उन्हें पसंद आये और झूम उठे। गीतकार तरुण बिष्ट और संगीतकार द्रोण ने इसे बेहतरीन बना दिया है। सावन के महीने में जब यह रिलीज होगा तो लोगों की जुबान पर होगा। सिंगर अमन त्रिखा ने इसे गाया है तो इसके वीडियो में भी एक स्टार को प्रस्तुत किया जाएगा। यह अन्य भक्ति गीतों के बीच अपनी छाप छोड़ पायेगा।
‘सत्य शिवाय’ गीत की रिकॉर्डिंग के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में नोएडा के अजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त जेलर) की भी विशेष उपस्थिति रही। वह भोलेनाथ के बहुत बड़े भक्त हैं वह सभी को इस भजन के माध्यम से शुभकामनाएं देने के लिए मुंबई के स्टूडियो में पहुंचे।

– संतोष साहू

जसवंत सिंह खालरा बायोपिक के मेकर्स ने किया हाईकोर्ट का रुख

0

6 महीने से सेंसर की मंजूरी के इंतजार में ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट की सच्ची कहानी, 4 जुलाई को होगी मामले की सुनवाई

मुम्बई। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक, सोनचिड़िया, द स्काई इज पिंक, रश्मि रॉकेट और ए थर्सडे जैसी राष्ट्रीय और मानव हित की कहानियों को पर्दे पर लाने के बाद, आरएसवीपी मूवीज एक और रियल लाइफ ड्रामा दिखाने के लिए इंतजार कर रहा है। ये प्रमुख ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट, जसवंत सिंह खालरा की बायोपिक है जिसे रॉनी स्क्रूवाला, अभिषेक चौबे और हनी त्रेहान द्वारा निर्मित किया गया हैं। वहीं फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया हैं और एक्टर-सिंगर दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका में हैं। जबकि अब तक इस फिल्म का टाइटल फाइनल नही हुआ है, रिलीज के लिए रेडी इस फिल्म के सामने एक बड़ी मुश्किल आ खड़ी हुई है।
इंडस्ट्री के एक सूत्र ने बताया कि मेकर्स पिछले 6 महीनों से फिल्म की रिलीज के लिए सेंसर की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। उसके अनुसार, “आरएसवीपी ने दिसंबर 2022 में सेंसर सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई किया था, और इसे रिव्यू कमीटी के पास भेजा गया था। टीम ने अनुरोध किए गए सभी जरूरी पेपर वर्क को साझा किया और पूरी लगन के साथ प्रक्रिया के बारे में जाना, लेकिन सीबीएफसी से कोई समाधान नहीं मिलने पर, उन्होंने आखिरकार बुधवार (14 जून) को बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया।
जसवंत सिंह खालरा पंजाब में उग्रवाद काल के दौरान अमृतसर में एक बैंक के डायरेक्टर थे, जिन्होंने पुलिस द्वारा हजारों अज्ञात शवों के अपहरण, एलिमिनेशन और क्रिमेशन के सबूत पाए थे। उन्होंने कथित तौर पर अपने खुद के 2000 अधिकारियों को भी मार डाला, जिन्होंने इन अतिरिक्त न्यायिक कार्यों में सहयोग करने से इनकार कर दिया था। जसवंत सिंह खालरा की जांच से दुनिया भर में विरोध शुरू हो गया और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने निष्कर्ष निकाला कि पंजाब पुलिस ने अकेले पंजाब के तरनतारन जिले में 2097 लोगों का अवैध रूप से अंतिम संस्कार किया था।
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया और नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन ने उसके डेटा की वैधता को प्रमाणित किया है।
6 सितंबर 1995 को जसवंत सिंह खालरा खुद गायब हो गए थे। उनकी पत्नी परमजीत कौर की शिकायत में हत्या, अपहरण और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया था। तरनतारन और अमृतसर जिलों में न्यायेतर हत्याओं को रोशनी में लाने में सक्रिय मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा को “खत्म” करने में चार पुलिस अधिकारियों द्वारा किए गए “जघन्य अपराध” का कड़ा संज्ञान लेते हुए, पंजाब और हरियाणा की अदालत ने 16 अक्टूबर, 2007 को चारों आरोपियों, पूर्व हेड कांस्टेबल पृथ्वीपाल सिंह और पूर्व उप-निरीक्षक सतनाम सिंह, सुरिंदर पाल सिंह और जसबीर सिंह की सजा को सात साल से बढ़ाकर आजीवन कारावास कर दिया।


सूत्र ने आगे बताया, “जसवंत सिंह खालरा केस अब वापस अदालत में है लेकिन इस बार सेंसर सर्टिफिकेट के लिए। इस पर 4 जुलाई को सुनवाई होगी और अमित नाइक, वो खालरा बायोपिक लीगल टीम को भी लीड कर रहे हैं।
संयोग से, 2016 की क्राइम ड्रामा अभिषेक चौबे द्वारा लिखित और निर्देशित थी। सेंसर बोर्ड की रिवाइजिंग कमेटी ने 89 कट की डिमांड की थी और पंजाब के सभी रेफरेंस हटा दिए थे। बाद में इसे बॉम्बे हाई कोर्ट ने केवल एक सीन को एडिट करके और ‘ए’ सर्टिफिकेट के साथ मंजूरी दे दी थी।

जिंदा पशु-पक्षियों एवं मवेशियों को एक्सपोर्ट करना संविधान के प्रावधानों और भावनाओं के खिलाफ है -लाइव-स्टॉक उत्पाद ,आयात -निर्यात विधेयक- 2023

0

मुम्बई – महाराष्ट्र , पशुपालन विभाग द्वारा जिंदा पशुओं को भारत से निर्यात करने के लिए विधेयक पर पुरे देश में विरोध के स्वर तेज हो रहे है। मोदी सरकार के इस विधेयक पर कई सवाल खड़े हो रहे है। भारत में पशु प्रेमियों की बहुत संख्या है। अहिँसा को मानने वाला देश है , जहा यदि कानूनन जिन्दा पशुओ के निर्यात का कानून यदि बनता है तो बड़ा ही शर्मनाक होगा।

लाइव-स्टॉक और लाइव-स्टॉक उत्पाद [आयात और निर्यात] विधेयक, 2023 के विरोध में मुंबई के समस्त पशुप्रेमियों ने अपना -अपना विरोध जाता रहे है और बड़े पैमाने पर मेल और चिठ्ठी लिख कर इस विधेयक का विरोध कर रहे है।

मुंबई के समस्त महाजन के ट्रस्टी गिरीश शाह ने सरकार को लिखे पत्र में अपना विरोध जताते हुए लिखा है कि – ” जिंदा पशु-पक्षियों एवं मवेशियों को, हेरा-फेरी कर, उनके एक्सपोर्ट को इस तरह से पुश करना, संविधान के प्रावधानों एवं भावना के खिलाफ है।

वर्तमान में दुनिया भर में भी जिंदा पशुओं के एक्सपोर्ट की प्रथा की आलोचना कर, जिंदा पशुओं के एक्सपोर्ट को बंद करने की मांग की जा रही है। इस विधेयक के पारित होने से राष्ट्रीय पशु संपत्ति के हितों पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जबकि भारत से बड़े पैमाने पर मांस निर्यात के चलते, पशु-पक्षी वर्ग तो पहले से ही सरकार और इसकी मशीनरी की घोर उपेक्षा एवं उदासीनता का शिकार है। सरकारी स्तर पर कहीं पर तो उनके शोषण को रोकने की सीमा रेखा हो।

गिरीश शाह यह भी लिखते है कि – ” हितधारकों की जागरूकता के लिए इस प्रस्तावित विधेयक को प्रिंट मीडिया के माध्यम से उचित प्रचार दिया जाना चाहिए था, जो कि आपने नहीं दिया। इसके साथ ही हितधारकों द्वारा अपने सुझाव और‌ टिप्पणियां प्रस्तुत करने के लिए भी सामान्यतः 30 दिनों का समय दिया जाता है, पर आपने‌ इसके लिये केवल 10 दिनों का समय दिया जो कि नाकाफी है। इस तरह के सामान्य मानदंडों को दरकिनार करने से ऐसा प्रतीत होता है कि शायद बाहरी निहित स्वार्थ के प्रभाव में, इस विधेयक को जल्दबाजी में पास कराना चाहा जा रहा है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुंबई के पशुओ की क्रूरता पर लड़ाई लड़ने वाले वकील राजीव गुप्ता ने भी अपना घोर विरोध जताते हुए कहा है कि – ” किसानों को जैविक खाद नहीं मिल रही है क्योंकि पशुधन की संख्या कम हो गई है और ऐसे में किसानों को महंगा यूरिया/गैर जैविक खाद और हानिकारक कीटनाशकों का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यदि जैविक खेती करना है तो उचित मात्रा में पशुधन की जरुरत है।
एक बार पशुधन का निर्यात हो जाने के बाद हमारे पास कष्टों और पीड़ाओं पर कोई नियंत्रण नहीं होगा और वे यातनाओं के अधीन हो सकते हैं।

केवल भारत में जानवरों के प्रति दया है और अन्य सभी देश वध और उपभोग में विश्वास करते हैं। इसलिए एक बार जब जानवर भारत से बाहर चले जाते हैं तो वे वध के लिए बाध्य होते हैं। भारत के अधिकांश राज्यों में गायों और उनकी संतानों की हत्या पर प्रतिबंध है, जबकि यदि यह विधेयक पारित हो जाता है तो गायों को मारने के लिए अन्य देशों को निर्यात किया जाएगा जो कानूनी हो जाएगा और उस विशेष राज्य पशु संरक्षण अधिनियम का उद्देश्य विफल हो जाएगा।

वही एटा के अखिल भारतीय दिगंबर जैन महिला संगठन ने बैठक का आयोजन जैन नगर स्थित कार्यालय पर किया गया। इसमें पशुपालन विभाग द्वारा जिंदा पशुओं को भारत से निर्यात करने के लिए विधेयक पर विरोध जताया गया। जैन महिला संगठन की अध्यक्ष बबीता जैन प्रेरणा ने कहा कि भगवान महावीर का संदेश जियो और जीने दो का है। अहिंसा की बात करने वाले उत्कृष्ट जैन धर्म के अनुयायियों की भावनाएं इस विधेयक को लेकर काफी आहत हुई हैं। उन्होंने जीवित पशु निर्यात विधेयक को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की। नेमिनाथ महिला मंडल की संगीता जैन ने कहा कि संस्था ने एक आपत्ति पत्र मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय कृषि भवन को भेजकर आपत्ति जताई।

विरोध के समर्थन में सकल दिगंबर जैन समाज, नेमिनाथ दिगंबर जैन महिला मंडल, भारतीय जैन मिलन परिवार, नसिया भक्त महिला परिवार, विश्व गोरक्षा संघ एवं जिला उद्योग व्यापार मंडल महिला प्रकोष्ठ, श्री दिगंबर जैन वीर मंडल हैं। बीना जैन, श्रुति जैन, उषा जैन, वर्षा जैन, रुचि जैन, पूनम यादव, चीना अग्रवाल, मंजू वार्ष्णेय आदि महिलाएं मौजूद रहीं।

शोसल मीडिया पर बहुत से विरोध की आवाज़े उभर कर आ रही है , ट्वीटर पर जो ट्रेंड कर रहा है। ट्वीटर पर सूरज दुबे लिखते है कि –

1898 में अंग्रेजों द्वारा बनाए गए लाइव स्टॉक कानून तक में जिंदा कुत्ते, बिल्ली, गाय, बैल, भैंस, आदि का आयात निर्यात नहीं।

मगर, 2023 में भारत सरकार ने इनको बिल में शामिल कर दिया।

कृषि तथा पशु आधारित भारतीय सभ्यता की ये हत्या है।

आचार्य लोकेश मुनि लिखते है कि -” जीवित पशुओं के निर्यात की नीति का विरोध कीजिए

ऋषि और कृषि प्रधान देश से ?
चींटी को आटा, चिड़िया कबूतर को दाना ?
पहली रोटी गाय,आख़िरी कुत्ते की कहने वाले देश से?

पशु चिकित्सक एक गौ-शाला को गोद लेकर उन्नयन करेंगे

0

मध्यप्रदेश गौ-संवर्द्धन बोर्ड ने माता महामारी उन्मूलन इकाई के पशु चिकित्सकों को अपने क्षेत्र की एक गौ-शाला को गोद लेकर उन्नयन करने के निर्देश दिए हैं। इकाई द्वारा अपने कार्य क्षेत्र की गौ-शालाओं में शिविर लगाकर पशुओं की जाँच, उपचार और नि:शुल्क औषधी वितरण किया जाता है। ये पशु चिकित्सक पशु पालकों की समस्याओं का समाधान करने में भी मदद करते हैं।

रजिस्ट्रार गौ-संवर्द्धन बोर्ड डॉ. बी.एस. शर्मा ने बताया कि बोर्ड द्वारा संचालित माता महामारी उन्मूलन इकाई में प्रदेश में लगभग 40 पशु चिकित्सक कार्यरत हैं। इन चिकित्सकों से कहा गया है कि अपने क्षेत्र की एक सबसे कमजोर गौ-शाला का चयन करें और उसे पूर्ण रूप से आत्म-निर्भर बनाने के प्रयास करें। सर्वश्रेष्ठ उन्नत गौ-शाला को पुरस्कृत किया जाएगा। पशु चिकित्सकों से कहा गया है कि शिविर में बैंक अधिकारियों को भी शामिल करें, जिससें पशु पालकों को बैंक सहायता प्रक्रिया की जानकारी मिल सकें और वे योजना का लाभ आसानी से उठा सकें। संबंधित पशु चिकित्सक अपने क्षेत्र की गौ-शाला का सर्वेक्षण कर चयनित गौ-शाला की जानकारी बोर्ड को 10 दिन के भीतर भेजेंगे।

मुम्बई पुलिस के लिए हेलमेट और सड़क दुर्घटनाग्रस्त पीड़ितों के लिए दो एम्बुलेंस

0

यशलोक वेलफेयर फाउंडेशन ने मुंबई और महाराष्ट्र में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को बढ़ाने के लिए एसबीआई फाउंडेशन, एसबीआई-एसजी और एसबीआई कैप के साथ साझेदारी की

मुंबई। यशलोक वेलफेयर फाउंडेशन ने एसबीआई फाउंडेशन, एसबीआई-एसजी ग्लोबल सिक्योरिटीज सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और एसबीआई कैप वेंचर्स लिमिटेड के सहयोग से सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को बढ़ाने के लिए एक प्रभावशाली कार्यक्रम का आयोजन यशवंतराव चव्हाण परिसर नरीमन पॉइंट मुम्बई में किया। इस कार्यक्रम में मुंबई यातायात पुलिस को हेलमेट का वितरण और मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए समर्पित निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा प्रदान करने के लिए दो एम्बुलेंस भेंट किया गया।
हेलमेट वितरण कार्यक्रम सुरक्षा पहल का एक हिस्सा है, जिसे समाज के वंचित वर्ग, विशेष रूप से विकलांग व्यक्तियों, वंचित महिलाओं और युवाओं के कौशल विकास के माध्यम से सड़क सुरक्षा प्राप्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। मुंबई पुलिस के लिए ये ISI सर्टिफाइड हेलमेट रिसाइकिल ABS प्लास्टिक से बने हैं। ऐसी स्थिति में, पहल ने न केवल विकलांग लोगों, वंचित महिलाओं और युवाओं को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान किए, बल्कि इसने उन लोगों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है जो सुचारू यातायात प्रवाह और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम करते हैं।
फाउंडेशन के अद्वितीय कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से, मुंबई ट्रैफिक पुलिस के लिए इन हेलमेटों के निर्माण के लिए लाभार्थियों को प्रशिक्षित और नियोजित किया गया था। ये हेलमेट मुंबई की सड़कों पर सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों में से एक के रूप में कार्य करेंगे। मुंबई ट्रैफिक पुलिस को कुल 1600 हेलमेट मुफ्त में प्रदान किए गए, जिनमें से 1600 हेलमेट एसबीआई फाउंडेशन, एसबीआई-एसजी ग्लोबल सिक्योरिटीज सर्विसेज प्राइवेट और एसबीआई कैप वेंचर्स लिमिटेड द्वारा दान किए गए।
कार्यक्रम में विशेष रूप से मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर निःशुल्क सेवा के लिए पूरी तरह सुसज्जित दो उच्च प्रभाव वाली एम्बुलेंस का उद्घाटन था। यह पहल संजीवनी परियोजना का हिस्सा है।
संजीवनी परियोजना मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं की खतरनाक दर की प्रतिक्रिया है। हस्तक्षेप करने की तत्काल आवश्यकता को स्वीकार करते हुए, एसबीआई फाउंडेशन, एसबीआई-एसजी ग्लोबल सिक्योरिटीज सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और एसबीआई कैप वेंचर्स लिमिटेड ने यशलोक फाउंडेशन के साथ हाथ मिलाया और दो पूरी तरह से सुसज्जित हाई इम्पैक्ट एंबुलेंस दान की। ये मल्टी-बेड एंबुलेंस दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह से सुसज्जित हैं। ये एंबुलेंस सड़क दुर्घटनाओं में फंसे लोगों के लिए महत्वपूर्ण जीवन रेखा के रूप में काम करेगी, उन्हें समय पर सहायता प्रदान करेगी और संभावित रूप से उनकी जान बचाएंगी।


संजीवनी परियोजना न केवल पीड़ितों को बचाने और उन्हें तत्काल राहत प्रदान करने का प्रयास करती है बल्कि संकट में पड़े लोगों को आराम और आश्वासन भी देती है। भीतर दुर्घटना होने पर सेवा योग्य खंड पर, राजमार्ग यातायात पुलिस को इन एंबुलेंसों को दुर्घटना स्थल पर तुरंत भेजने का अधिकार है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पीड़ितों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा मिल सके। संक्षेप में, संजीवनी परियोजना सड़क सुरक्षा बढ़ाने और मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में यशलोक वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक आलोक अधिकारी ने विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया, जिसमें संजय प्रकाश (एमडी, एसबीआई फाउंडेशन), उमा शन्मुखी सिस्टला (एमडी, एसबीआई एसजी), सुरेश कोझीकोटे (एमडी, एसबीआई), कैप वेंचर्स, प्रवीण कुमार पडवाल (आईपीएस, मुंबई यातायात पुलिस के संयुक्त आयुक्त) और डॉ. रविंदर सिंगल (आईपीएस, महाराष्ट्र राजमार्ग यातायात पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक) शामिल थे।
आलोक अधिकारी ने अपने उद्घाटन भाषण में ‘सुरक्षा’ और ‘निरंतर सेवा’ परियोजनाओं के महत्वपूर्ण उद्देश्यों को रेखांकित किया। आलोक ने कहा कि आज मुम्बई पुलिस को 1600 हेलमेट तथा अहमदाबाद एक्सप्रेस हाइवे पुलिस को दो एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई। ताकि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तुरंत उपचार की सुविधा मिल सके। इस पहल के लिए ट्रैफिक पुलिस अधिकारी रविन्द्र कुमार सिंगल साहब का हमें सहयोग तो मिला ही साथ उनका मार्गदर्शन भी मिल पाया। हमारी संस्था के 100 वालंटियर्स सोशल कार्यों के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
एसबीआई फाउंडेशन के एमडी संजय प्रकाश ने कहा कि हम सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। यह साझेदारी तत्काल चिकित्सा सहायता और सुरक्षा उपाय प्रदान करके सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करने की दिशा में एक और कदम है।
एसबीआई एसजी की एमडी उमा शनमुखी सिस्टला ने कहा कि हमें इस तरह की पहल का समर्थन करने पर गर्व है जो कई लोगों की जान बचाएगा।
अंकिता श्रीवास्तव (अनुपालन अधिकारी, एसबीआई कैप वेंचर्स) ने कहा कि भलाई कार्यों के लिए हमारी प्रतिबद्धता व्यवसाय से परे है। एसबीआई संजीवनी परियोजना उस प्रतिबद्धता का एक वसीयतनामा है, क्योंकि हम जीवन को बचाने और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने का प्रयास करते हैं। हमें विश्वास है कि यह पहल न केवल दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करेगी बल्कि हमारे राजमार्गों पर सुरक्षा और सतर्कता की संस्कृति को भी बढ़ावा देगी।
एसबीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष और सीओओ ललित मोहन ने अपने धन्यवाद प्रस्ताव में सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और कहा कि हम अपनी सड़कों पर एक सुरक्षित वातावरण बनाने और मजबूत करने में विश्वास करते हैं। हम इसमें शामिल सभी लोगों से लगातार मिल रहे समर्थन के लिए आभारी हैं।

Maharashtra News: मवेशी ले जा रहे व्यक्ति को ‘गौ रक्षकों’ ने पीट-पीटकर मार डाला, छह लोग गिरफ्तार

0

मुंबई, एजेंसी। महाराष्ट्र के नासिक जिले में मवेशियों को ले जा रहे 23 वर्षीय एक व्यक्ति की कथित तौर पर गौ रक्षकों के एक समूह ने पीट-पीट कर हत्या कर दी, जिसके बाद छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

एक अधिकारी ने बताया कि कथित अपराध 10 जून को तब सामने आया जब लुकमान अंसारी का शव इगतपुरी इलाके के घाटनदेवी में एक खाई से बरामद किया गया।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने अब तक छह गौ रक्षकों को हिरासत में लिया है और मामले में और आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी आरोपी व्यक्ति दक्षिणपंथी संगठन राष्ट्रीय बजरंग दल से जुड़े थे।

उन्होंने आगे कहा कि अंसारी अपने दो सहयोगियों के साथ 8 जून को अपने टेंपो पर मवेशियों को ले जा रहा था, जब उन्हें ठाणे जिले के साहापुर के विहिगांव में लगभग 10-15 “कार्यकर्ताओं” द्वारा रोका गया।

हत्या के तहत दर्ज किया गया मामला

उन्होंने कहा कि इसके बाद समूह ने टेम्पो पर नियंत्रण कर लिया और इगतपुरी में घटानदेवी की ओर वाहन चलाने से पहले चार गोजातीय पशुओं को “बचाया”।

सुनसान जगह पर टेंपो को रोक लिया और तीनों के साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी। अधिकारी ने बताया कि अंसारी के सहयोगी भागने में सफल रहे, लेकिन अंसारी बच नहीं सका।

हालांकि आरोपियों ने दावा किया है कि अंसारी की मौत खाई में गिरने से हुई थी, पुलिस को संदेह है कि पिटाई के कारण उसकी मौत हुई है, अधिकारी ने कहा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत एक सहित दो मामले दर्ज किए हैं।

सहारनपुर मंडल में देश का पहला गौ-अभ्यारण्य पुरकाजी में बन रहा है- हृषिकेश भास्कर यशोद

0

सहारनपुर कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद और अपर निदेशक पशु पालन विभाग डॉ राजीव सक्सेना ने बताया कि सहारनपुर के कस्बा गंगोह में नई बड़ी गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है। जहाँ 230 बड़े पशु रखे जा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि सहारनपुर मंडल में प्रदेश का पहला गौ-अभ्यारण्य बनाया जा रहा है। डा. राजीव सक्सेना ने बताया कि सहारनपुर मंडल के जनपद मुजफ्फरनगर के ब्लॉक पुरकाजी के गांव चंदन में 700 हेक्टेयर भूमि पर 70 करोड़ की लागत से उत्तर प्रदेश का पहला गौ अभ्यारण बनाया जा रहा है। इसकी पहल मुजफ्फरनगर के भाजपा सांसद एवं केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान द्वारा की गई है।

इस अभ्यारण में 5000 गोवंश पूरी सुविधाओं के साथ रखे जा सकेंगे। देवबंद के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं गौ भक्त अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि सहारनपुर मंडल के दानशील और गौ भक्तों को चाहिए कि वे मुख्यमंत्री की गौ संरक्षण की कोशिशों को अपना भरपूर समर्थन दें और आगे आकर खुले दिल से गौशालाओं में आश्रय ले रहे गोवंश के चारे के लिए समुचित व्यवस्था करने का काम करें।

उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दृढ़ता दिखाते हुए देश में पहली बार अपने राज्य उत्तर प्रदेश में गोवंश वध रोकने में पूरी तरह से सफल हुए हैं जिसकी आशा आजादी के बाद से हिंदू समाज कर रहा था। ऐसे में लोगों का भी यह कर्तव्य बनता है कि वे एक तो पशुओं को खुला ना छोड़े दूसरा निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने के लिए आगे आना चाहिए।