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दिव्यांग समाजसेवी नीलोत्पल मृणाल ने यूनिवर्सल रनर्स के साथ मिलकर G20 Neon मैराथन का दिल्ली में किया आयोजन

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दिल्ली। कई व्यक्ति चाहते हैं कि वे आदर्श समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सकें। उन्हीं लोगों में नीलोत्पल मृणाल जो स्वयं एक दिव्यांग हैं और ठीक से चल नहीं सकते, उनका मानना है कि वो जब दूसरे को दौड़ते और चलते देखते हैं तो उन्हें लगता है वह स्वयं दौड़ रहे हैं। इसलिए उन्होंने पिछले एक दशक में 100 से भी ज़्यादा ऐसे आयोजन पूरे देश भर में किया है। दिल्ली में उन्होंने जी20 नियॉन मैराथन का आयोजन किया। मेजर जनरल (AVSM) विक्रम डोगरा G20 neon मैराथन में मुख्य अतिथि थे जिन्होंने यूनिवर्सल रनर्स के द्वारा आयोजित मैराथन को नीलोत्पल मृणाल के साथ फ्लैग ऑफ किया।


2022-2023 भारत को G20 प्रेसीडेंसी मिला है जिसमें अलग अलग तरह के समारोह का आयोजन पूरे देश में किया जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए नीलोत्पल मृणाल ने कई मैराथन, स्टार्ट अप समिट, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया है। जिसमें G20 देश के दूतावास से भी लोग आकर इसका हिस्सा बने।


G 20 NEON मैराथन में दो हजार से ज़्यादा लोग सम्मिलित हुए। यह मैराथन अपने आप में अनोखा मैराथन था जिसका आयोजन रात में किया गया था। इस मैराथन में राष्ट्र गान को एक साथ 2000 लोगों ने गाया। उसके साथ आतंकवाद के ख़िलाफ, ड्रग्स के ख़िलाफ शपथ लिया गया और ओड़िसा बालासोर में रेल हादसे में मृत लोगो के किए मौन रखा गया।
नीलोत्पल मृणाल और यूनिवर्सल रनर्स के G 20 Neon मैराथन को CONCOR (कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया), भारतीय स्टेट बैंक, एलआईसी, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड, जॉर्जियो प्रोफेशनल्स और अन्य कंपनी की सहयोग के द्वारा आयोजित किया गया।
नीलोत्पल मृणाल का मानना है कि एक स्वस्थ्य शरीर, एक स्वस्थ दिमाग आपके जीवन को बेहतर बना सकता है।

वसई गौरव अवार्ड 2023 का भव्य आयोजन, दिग्गजों ने दी आयोजक देवेंद्र खन्ना को बधाई

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वसई। 11 जून को वीएस नेशन मीडिया के अंतर्गत वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र खन्ना ने पानेरी वसई गौरव अवार्ड 2023 का भव्य आयोजन दूसरी बार वसई पश्चिम के खूबसूरत बैंक्वेट हॉल ड्रीम्स एरेना में किया।
इस अवॉर्ड समारोह में बॉलीवुड के प्रसिद्ध गीतकार सुधाकर शर्मा (चुनरिया फेम), लेखक निर्देशक अभिनेता अश्विन कौशल, रैपर हितेश्वर, अभिनेता टीटू वर्मा, डांसर शिरीन फरीद, फैशन फिटनेस आइकन जैनब लहरी, अभिनेता संजीत धुरी सहित कई बॉलीवुड हस्तियों ने शिरकत की। इस अवॉर्ड समारोह में वसई, पालघर जिले के प्रतिभाशाली कलाकार, साहित्यकार, समाजसेवक, उद्योगपति, शिक्षाविद भी उपस्थिति रहे। इन सभी विशिष्ट अतिथियों को देवेंद्र खन्ना ने ट्रॉफी, शॉल और विशेष उपहार भेंट कर सम्मानित किया। यह अवार्ड शो वसई के लिए एक गौरव की बात है यहां पर वसई का नाम रोशन करने वाले वसई का मान बढ़ाने व वसई में अपनी सेवाएं देने वाले गुणवंत लोगों का अवार्ड शो था, जहां 40 से अधिक लोगों को अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण सूफी डांसर शिरीन फरीद भी रही, जिन्होंने दो गानों ‘जब प्यार किया तो डरना क्या, इक राधा इक मीरा’ पर बेहतरीन परफॉर्मेंस दी। कार्यक्रम में पहुँचे सभी मेहमानों व अवार्डी ने आयोजक देवेंद्र खन्ना का आभार मानते हुए इनको शुभकामनाएं दी।


कार्यक्रम के अंत में आयोजक देवेंद्र खन्ना ने अपनी टीम के साथ सभी सहयोगियों तथा मीडिया का भी आभार प्रकट किया। देवेंद्र खन्ना ने ये भी कहा कि उनके मित्रों और मीडिया के सहयोग से ही यह इस तरह का कार्यक्रम कर पाते हैं और उम्मीद करता हूं कि आगे भी इस तरह के कार्यक्रम मैं करता रहूंगा और मित्रों का सहयोग मुझे यूं ही मिलता रहेगा। बता दें कि देवेंद्र खन्ना इससे पहले भी कई वर्षों से अलग अलग तरह के इवेंट करते आ रहे हैं। इनका एक इवेंट एवरग्रीन म्यूजिक अवार्ड जो कि मुंबई में सफलतापूर्वक कई वर्षों से किया जा रहा है। इसके अलावा भी ये एक ब्यूटी कॉन्टेस्ट भी करते हैं साथ ही कई शॉर्ट फिल्मों का भी निर्माण ये करते रहते हैं। इनकी हाल ही में रिलीज फिल्म ‘बेटी आरोही’ को भी बेहद सफलता मिली है और कई अवॉर्ड भी जीते हैं।

लड़की ने इस्लाम अपना कर मुस्लिम युवक से किया निकाह तो परिवार ने कर दिया पिंडदान

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मध्य प्रदेश के जबलपुर में मुस्लिम युवक से लव मैरिज करने वाली लड़की के घर वालों ने उसका पिंडदान कर दिया है। इस अनोखे अंतिम संस्कार के बाकायदा कार्ड भी छपवाए गए।। लड़की की माँ ने अपनी बेटी को लव जिहाद का शिकार बताते हुए उसने अपने लिए मर जाने की बात कही है। पिंडदान रविवार (11 जून 2023) को नर्मदा नदी के तट पर किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लड़की के घर वालों ने उसका सिर्फ पिंडदान करवाया गया है मृत्युभोज का भी आयोजन किया। अयाज से शादी कर के उजमा फातिमा बनी अनामिका के परिजनों ने कहा है कि उनकी बेटी ने उन्हें समाज में कहीं मुँह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। वहीँ लड़की के भाई ने भी पिंडदान किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि, “हमने सोचा था कि कन्यादान करेंगे लेकिन पिंडदान करना पड़ रहा है।” लड़की के घर वालों ने पूरी घटना पर ‘जो होता है वो अच्छे के लिए’ की टिप्पणी भी की।

इस पूरे कार्यक्रम के दौरान साधु-साध्वियों के बीच में लड़की के परिजनों ने रोते हुए दुःख को व्यक्त किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कार्ड में ऊपर ‘ॐ शाँति’ से शुरुआत की गई है। फिर बड़े-बड़े अक्षरों में शोक संदेश लिख कर लड़की के पिता ने अपनी बेटी को कुपुत्री लिखवाया है। वायरल कार्ड में लड़की के के पिता चंद्रिका ने अपनी बेटी की मौत 2 अप्रैल 2023 (रविवार) को होना बताया है। कार्ड में लोगों से पिंडदान में शामिल हो कर ‘नरकगामी’ आत्मा की शाँति की प्रार्थना की कामना की गई है। कार्ड के सबसे ऊपर अनामिका उर्फ़ उजमा फातिमा की फोटो लगाई गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अनामिका के परिजनों ने मीडिया से कहा, “जिस लड़की को किसी पौधे की तरह सींचकर 22 साल तक पाला-पोसा, भगवती की तरह पूजते रहे, उसने बेटी शब्द का ही गला घोंटकर रख दिया।” गौरतलब है कि इसी माह जून 2023 में उजमा फातिमा उर्फ़ अनामिका की अयाज से शादी का कार्ड वायरल हुआ था। कार्ड के वायरल पर लड़की की माँ सामने आई थी और इसे ‘लव जिहाद’ बताते पुलिस से बेटी को वापस दिलाने की माँग की थी।

हालाँकि, मध्य प्रदेश पुलिस ने लड़की के माँ के आरोपों का खंडन करते हुए इसे दोनों परिवारों की आपसी सहमति से बना रिश्ता बतया था।

 

 

रामायण महाकाव्य पर आधारित फिल्म ‘आदिपुरुष’ 16 जून को रिलीज होगी

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टी सीरीज के भूषण कुमार द्वारा निर्मित और ओम राउत द्वारा निर्देशित रामायण महाकाव्य पर आधारित फिल्म ‘आदिपुरुष’ 16 जून को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म की कहानी मुख्य रूप से प्रभु श्री राम के इर्द-गिर्द घूमती है और बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाती है। एडवांस बुकिंग ओपन होने के साथ तमिल, मलयालम और कन्नड़ में डब किए गए संस्करणों के साथ साथ हिंदी और तेलुगु में भी रिलीज होने वाली मेगा भारतीय फिल्म ‘आदिपुरुष’ के द्वार अब सिनेदर्शकों के लिए रिलीज के पूर्व ही खुल चुके हैं। यह फिल्म पूरी दुनिया में भारत का नाम रौशन करने के लिए तैयार है, तो ये वकाई भारतीय सिनेमा के लिए एक बहुत बड़ा पल है। इस फिल्म में प्रभास, कृति सेनन, सैफ अली खान और सनी सिंह नजर आएंगे।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय 

गुजरात के पोरबंदर से 3 कश्मीरी गिरफ्तार, ISIS में शामिल होने के लिए अफगानिस्तान भागने का था प्लान: सूरत से पकड़ी गई सुमैरा बानो लव जिहाद का भी चला रही थी रैकेट

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गुजरात पुलिस के आतंकवादी निरोधी दस्ते (Gujarat ATS) ने कुख्यात इस्लामी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। ATS ने पोरबंदर से इस संगठन से जुड़े 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक महिला भी है। वहीं, एक अन्य आरोपित की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

गिरफ्तार लोगों में तीन कश्मीरी- उबैद नासिर मीर, हनान हयात शाल, मोहम्मद हाजिम शाह और एक महिला सहित 2 सूरत के रहने वाले- जुबैर अहमद मुंशी और महिला सुमैरा बानो शामिल हैं। कहा जा रहा है कि फरार संदिग्ध का नाम जुबैर अहमद मुंशी है और ATS उसे तलाश रही है।

तीनों कश्मीरी पाकिस्तान स्थित अपने हैंडलर अबू हमजा की मदद से ISIS के आतंकी विंग इस्लामिक स्टेट ऑफ खोरसान प्रांत (ISKP) में शामिल होने के लिए समुद्र के रास्ते फरार होने की फिराक में थे। भारत से निकलकर ये अफगानिस्तान जाने वाले थे। सभी सदस्य पिछले एक साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे।

जाँच एजेंसी का कहना है कि ये सभी ISIS के सक्रिय ग्रुप के सदस्य थे और इनके पास से कई प्रतिबंधित चीजें बरामद की गई हैं। इनके पास से चाकू भी मिला है। पूछताछ में पता चला है कि सुमैरा बानो ने तमिलनाडु में शादी की है। वह अपने अब्बू से मिलने के लिए कन्याकुमारी से सूरत आई थी। उसके पास से चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।

सुमैरा बानो इस्लामिक स्टेट के मॉड्यूल के लिए काम करती थी। इसके अलावा, वह लव जिहाद के लिए 16 से 18 साल के मुस्लिम लड़कों को तैयार करती थी, ताकि इन्हें भी ISIS में शामिल किया जा सके। सुमैरा लव जिहाद के रैकेट में भी शामिल पाई गई है।

सुमैरा को सूरत के लालगेट इलाके से पकड़ा गया था और फिर पोरबंदर लाया गया था। उससे हुई पूछताछ के बाद पोरबंदर से तीन और लोगों को हिरासत में लिया गया है। सुमैरा बानो भी ईरान के रास्ते अफगानिस्तान जाने की योजना बना रही थी।

ATS के DIG दीपेन भद्रन की अगुवाई में यह ऑपरेशन शुक्रवार (9 जून 2023) को शुरू किया गया। ATS की इन आरोपियों पर पिछले कुछ महीनों से नजर थी और उनकी हर गतिविधि को ट्रैक किया जा रहा था। छापेमारी के लिए ATS ने चार टीमें बनाई थीं।

दो टीमों को पोरबंदर दरिया में लगाया गया था, जबकि अन्य दो टीमों को द्वारका इलाके और पोरबंदर में छापेमारी कर रही थीं। इसके अलावा एटीएस की टीम ने गुजरात के भरूच सूरत और दिल्ली में भी अलग-अलग जगहों पर पड़ताल की है। इसके दो दिन पहले एटीएस की एक टीम ने द्वारका के समुद्र में सर्च अभियान चलाया था। फिर एटीएस की टीम ने शुक्रवार से पोरबंदर में डेरा डाल दिया।

बताते चलें कि ATS ने पिछले महीने आतंकी संगठन अलकायदा (Al Qaeda) से जुड़े एक मॉड्यूल का खुलासा किया था। 22 मई 2023 को ATS ने अहमदाबाद से 4 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। ये सभी अहमदाबाद में अवैध रूप से रह रहे थे और मुस्लिम युवाओं को अलकायदा में भर्ती कर रहे थे।

इसी तरह, राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने हाल ही में मध्य प्रदेश में ISIS से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। NIA ने मध्य प्रदेश पुलिस के ATS के साथ मिलकर जबलपुर में 13 स्थानों पर छापेमारी की थी। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सैयद ममूर अली, मोहम्मद आदिल खान और मोहम्मद शाहिद के रूप में की गई थी।

इन लोगों के कब्जे से धारदार हथियार, गोला-बारूद, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे। NIA ने पता चला कि ISIS के इशारे पर भारत में आतंकवादी हमले करने की साजिश रची जा रही थी। यह मॉड्यूल स्थानीय मस्जिदों और घरों में बैठकें करता रहा था।

22 साल बाद थियेटर में फिर ‘गदर’,  दर्शकों के बीच सनी देओल बोले हिंदुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और रहेगा

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मुम्बई। 2001 में सनी देओल अभिनीत फिल्म ‘गदर – एक प्रेम कथा’ सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई थी। भारत पाकिस्तान बँटवारे की करुण व्यथा के बीच एक सिख लड़का और एक मुस्लिम लड़की के बीच पनपी प्रेम को दर्शाती इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी।
इस फिल्म का संगीत और संवाद भी जबरदस्त था। हीरो सनी देओल के द्वारा बोला गया डायलॉग ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और जिंदाबाद रहेगा’ और हैंडपम्प उखाड़ने वाला दृश्य दर्शकों के मानस पटल पर अविस्मरणीय बन गया।
इस फिल्म को रिलीज हुई 22 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन आज भी इसका क्रेज बना हुआ है। गदर का सीक्वल कुछ महीने बाद रिलीज हो रही है। इसके पूर्व एक बार फिर दर्शकों की उत्सुकता को परखने के लिए ‘गदर’ को मुम्बई, दिल्ली, जयपुर सहित देश के प्रमुख सिनेमाघरों में रिलीज किया गया है। चूंकि टिकट का दाम सस्ता रखा गया इसीलिए सिनेमाघरों में फिल्म देखने के शौकीन लोगों में कौतूहल बना हुआ है। खैर री-रिलीज पर फिल्म फिर से रिकॉर्ड तोड़ कमाई तो नहीं कर पायेगी लेकिन सिने प्रेमियों की स्मृति में बसी गदर की यादें पुनः ताज़ा हो गई है और वे गदर 2 का बेसब्री से इंतज़ार करने लगे हैं।
9 जून 2023 को एक बार फिर जब यह फिल्म रिलीज हुई तो पीवीआर सिनेमा जुहू में फ़िल्म के मुख्य अभिनेता सनी देओल, अमीषा पटेल, गायक उदित नारायण, निर्देशक अनिल शर्मा के साथ फिल्म में सनी के बेटे बने उत्कर्ष शर्मा और सनी का बेटा करण देओल दर्शकों के बीच विशेष रूप से उपस्थित हुए।
वहीं सनी देओल ने कहा कि जब यह फिल्म दोबारा रिलीज की जा रही है तो मैं घबराया हुआ था कि इतने वर्षों बाद भी क्या इसे पहले जैसा प्यार मिल पायेगा! लेकिन थियेटर में आप सबका उत्साह देखकर निश्चिंत हो गया हूँ कि इस फिल्म का क्रेज़ हमेशा बना रहेगा। तो अमीषा पटेल ने बताया कि शूटिंग के दौरान मैं न्यूकमर थी और सनी जी सुपरस्टार थे इसलिए नर्वस थी। लेकिन उन्होंने अहसास नहीं होने दिया कि मैं जुनियर हूँ और उनका भरपूर सहयोग मिला। और दूसरी महत्वपूर्ण बात बताना चाहूंगी कि मेरे किरदार सकीना से प्रभावित होकर मुझे पाकिस्तान से भी कई कॉल आये और उन्होंने अपनी बच्चियों के नाम सकीना रखने की इच्छा जाहिर की।
निर्देशक अनिल शर्मा ने कहा कि मैंने कई फिल्में बनाई जिसमें कुछ सुपरहिट रही। गदर की बात ही कुछ और है यह एक ऐतिहासिक फिल्म बन गई है और इसे लेकर मैं आज भी उत्साहित हूं। इसके बाद हम गदर 2 लेकर आ रहे हैं और बेशक वह फिल्म भी करिश्मा दोहराएगी। गदर के प्रमुख पात्र अमरीश पुरी और विवेक शौक आज हमारे बीच नहीं हैं। आज इस गर्व के पल में काश वो हमारे बीच होते।

– संतोष साहू

सर्बिया पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उन्हें मिला ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ सम्मान

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मुंबई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दक्षिण-पूर्वी यूरोप के देश सर्बिया के राजकीय दौरे पर हैं। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत तेजी से और अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और देश दशक के अंत से पहले दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। सर्बिया की राजधानी बॅलग्रेड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी कहा कि पूरे भारत में नए बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है और देश के 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की उम्मीद है।
राजकीय यात्रा पर यहां पहुंचने के तुरंत बाद उन्होंने कहा, “भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। साढ़े तीन हजार अरब अमरीकी डालर के करीब सकल घरेलू उत्पाद के साथ, हम इस दशक के अंत से पहले दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर हैं। भारत 2047 तक एक विकसित देश बनने की अपनी महत्वाकांक्षा की दिशा में पूरे विश्वास के साथ आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि शुरुआती संकेत बताते हैं कि भारत का लिंगानुपात महिलाओं के पक्ष में है और उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों का हवाला दिया, जिसमें शीर्ष चार स्थान महिलाओं द्वारा हासिल किए गए थे। भारत और सर्बिया दोनों के प्राचीन भूमि होने का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिक युग में, सर्बिया के साथ भारत के संबंधों को विशेष रूप से गुटनिरपेक्ष आंदोलन के संदर्भ में परिभाषित किया गया है। उन्होंने दोनों देशों के बीच खेल संबंधों की भी सराहना की और कहा कि टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को भारत में लाखों लोगों के लिए एक आदर्श और प्रेरणा के रूप में देखा जाता है।
उन्होंने कहा, “सर्बिया के कई खेल प्रशिक्षक भारतीय एथलीटों और खिलाड़ियों को अपना कौशल सुधारने में मदद कर रहे हैं। हम भारत के लिए आपकी प्रशंसा और प्यार से अभिभूत हैं।” इससे पहले दिन में सूरीनाम से यहां पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मू का उनके सर्बियाई समकक्ष एलेक्जेंडर वूसिक ने हवाईअड्डे पर स्वागत किया। किसी भारतीय राष्ट्रपति की सर्बिया की यह पहली यात्रा है। राष्ट्रपति कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बेलग्रेड में आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की सर्बिया की पहली यात्रा है। सर्बिया के राष्ट्रपति ने एक विशेष भाव से हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति मुर्मू की अगवानी की। उनके आगमन पर उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।

पूर्व शेरिफ और लायंस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर डॉ. जगन्नाथ राव हेगड़े का जन्मदिन बना जलसा

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मुम्बई। जाने माने डेंटिस्ट डॉ. जगन्नाथ राव हेगड़े का जन्मदिन 7 जून को मुम्बई में परेल स्थित राष्ट्रीय मिल मजदूर संघ परिसर के महात्मा गांधी सभागृह में धूमधाम से मनाया गया और उन्हें जन्मदिवस की बधाई देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा।
डॉ हेगड़े सदैव प्रसन्न रहने वाले व्यक्ति हैं। 80 वर्ष के उम्र में भी वह सकारात्मक विचार के साथ हर कार्य को उत्साहपूर्वक करते हैं।
दक्षिण मुम्बई के लोगों के अनुसार वे एक परोपकारी व्यक्ति हैं और एक डॉक्टर के रूप में निःस्वार्थ भाव से लोगों का उपचार करते रहे हैं। वे राजनीति से भी जुड़े लेकिन अपने स्वभाव के अनुरूप लोगों की भलाई को अपना कर्तव्य समझा और निरंतर उसका पालन करते रहे। डॉक्टर हेगड़े पूर्व में मुम्बई के शेरिफ रह चुके हैं और फिलवक्त लायंस क्लब के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर हैं। उन्हें जन्मदिन की बधाई देने के लिए दिग्गज नेता जैसे कि शिवसेना के सचिन अहिर और अरविंद सावंत, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बाला नांदगांवकर, भारतीय जनता पार्टी की चित्रा वाघ सहित कई समाजसेवक, पत्रकार तथा लायंस क्लब के कई सदस्य उपस्थित रहे।

– संतोष साहू

महाराज श्री अंतर्यामी हैं। प्राणनाथ हैं – भगवान हैं , वे मन की बात जान लेते हैं – शिवरंजनी तिवारी

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उनका नाम शिवरंजनी तिवारी (Shivranjani Tiwari) है। उम्र 20 साल बताई जा रही। मीडिया रिपोर्टों में उन्हें एमबीबीएस की छात्रा और भजन गायिका बताया जा रहा है। वे बागेश्वर बाबा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Pandit Dhirendra Krishna Shastri) को अपना ‘प्राणनाथ’ बता रही हैं। दावा कर रही हैं कि 16 जून 2023 को बागेश्वर सरकार उनके साथ लाइव होंगे। उनके मन की बात बताएँगे।

क्यों चर्चा में हैं शिवरंजनी तिवारी

शिवरंजनी तिवारी अपनी पदयात्रा को लेकर चर्चा में हैं। पदयात्रा उन्होंने गंगोत्री धाम से शुरू की है। बागेश्वर धाम तक जाने का संकल्प है। सिर पर गंगाजल से भरा कलश रखकर वह यह यात्रा कर रही हैं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि ऐसा वह पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से शादी की मनोकामना लेकर कर रही हैं। एक मई को गंगोत्री धाम से यात्रा शुरू कर वह 6 जून को चित्रकूट पहुँची। शिवरंजनी का कहना है कि अपने गुरुदेव के आदेश पर वह इस यात्रा पर निकली हैं।

कौन हैं शिवरंजनी तिवारी

शिवरंजनी तिवारी मूल रूप से मध्य प्रदेश के सिवनी की रहने वाली हैं। पैतृक गाँव चंदौरीकला (दिघौरी) है। परिवार करीब 25 साल से हरिद्वार में रहता है। जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के परिवार से उनका ताल्लुक बताया जाता है। आध्यात्म के प्रति बचपन से लगाव रहा है। चार साल की उम्र से भजन गा रही हैं। भागवत कथा भी सुनाती हैं। फिलहाल एमबीबीएस कर रही हैं। लेकिन किस कॉलेज से, यह साफ नहीं है। कहा जा रहा है कि 2021 में NEET की परीक्षा पास की थी।

शिवरंजनी के पिता बैजनाथ तिवारी एक निजी कंपनी में महाप्रबंधक थे। अब नौकरी छोड़ बेटी के भजन कार्यक्रमों में सहयोग करते हैं। उनकी पत्नी कैंसर दवाओं की विशेषज्ञ हैं। फिलहाल अमेरिका के सेंट फ्रांसिस में एक निजी कंपनी कार्यरत हैं।

16 जून को क्या करेंगी शिवरंजनी तिवारी?

शिवरंजनी तिवारी के 16 जून 2023 को बागेश्वर धाम पहुँचने की उम्मीद है। पिता, भाई सहित कई और लोग भी यात्रा में उनके साथ हैं। आज तक से बातचीत में उन्होंने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को ‘प्राणनाथ’ कहकर संबोधित किया। शिवरंजनी ने कहा, “जब से गंगा कलश यात्रा गंगोत्री धाम से शुरू की तरह-तरह की बातें हो रही है। लोग कह रहे कि मनचाहा वर पाने के लिए मैंने यह यात्रा शुरू की है। कई लोग कह रहे हैं कि मैं अपने हाथों में फूलों की माला लेकर जा रही हूँ, जिसे धीरेंद्र शास्त्री के गले में डालने वाली हूँ। लोगों को बताना चाहूँगी कि महाराज श्री अंतर्यामी हैं। प्राणनाथ हैं। भगवान हैं। वे मन की बात जान लेते हैं। मैं सभी से कहना चाहती हूँ कि 16 जून तक का इंतजार कीजिए।”

शिवरंजनी ने अपने मन की बात प्रकट करने से इनकार करते हुए बताया है कि वह 2021 से ही बागेश्वर सरकार का हर वीडियो देखती हैं। इससे उनके मन में भक्ति जगी और उन्होंने बागेश्वर धाम तक कलश यात्रा का संकल्प लिया। इस यात्रा से बागेश्वर बाबा के साथ उनकी शादी को लेकर जो अटकलें शुरू हुई हैं अब 16 जून को उससे पर्दा उठेगा।

प्राकृतिक कृषि – देशी गाय के एक ग्राम गोबर में 300 से 500 करोड़ तक सूक्ष्म जीवाणु होते हैं

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पेड़-पौधों की वृद्धि और उनसे अच्छा उत्पादन लेने के लिए जिन-जिन संसाधनों की आवश्यकता होती है, उन सभी संसाधनों को पौधों को उपलब्ध कराने के लिए प्रकृति को बाध्य करना ‘प्राकृतिक कृषि’ कहलाती है। मुख्य फसल का लागत मूल्य सहयोगी फसलों में से लेना और मुख्य फसल बोनस के रूप में प्राप्त करना सही रूप में कम लागत ‘प्राकृतिक खेती’ है।

प्राकृतिक कृषि (खेती) के सिद्धान्त :-

देशी गाय 

यह कृषि मुख्य रूप से देशी गाय पर आधारित है। देशी गाय के एक ग्राम गोबर में 300 से 500 करोड़ तक सूक्ष्म जीवाणु होते हैं जबकि विदेशी गाय के एक ग्राम गोबर में केवल 78 लाख सूक्ष्म जीवाणु पाये जाते हैं। देशी गाय के गोबर एवं मूत्र की महक से देशी केंचुए भूमि की सतह पर आ जाते हैं और भूमि को उपजाऊ बनाते हैं। देशी गाय के गोबर में 16 मुख्य पोषक तत्व होते हैं। ये 16 तत्व ही हमारे पौधों के विकास के लिए उपयोगी हैं। इन्हीं 16 पोषक तत्वों को पौधे भूमि से लेकर अपने शरीर का निर्माण करते हैं। ये 16 तत्व देशी गाय के आंत में निर्मित होते हैं, इसलिए देशी गाय प्राकृतिक कृषि की मूलाधार है।

जुताई 

प्राकृतिक कृषि में गहरी जुताई नहीं की जाती क्योंकि यह भूमि की उपजाऊ शक्ति को कम कर देती है। 36 डिग्री तापमान होते ही भूमि से कार्बन उठना शुरू हो जाता है और ह्यूमस की निर्माण -क्रिया रूक जाती है जिसके कारण भूमि की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है।

जल प्रबंधन 

प्राकृतिक कृषि में सिंचाई पौधों से कुछ दूरी पर की जाती है। इसमें मात्र 10 प्रतिशत जल का ही उपयोग होता है जिससे 90 प्रतिशत जल की बचत हो जाती है। पौधों को कुछ दूरी से जल देने पर पौधों की जड़ों की लम्बाई बढ़ जाती है। जड़ों की लम्बाई बढ़ जाने से पौधों के तनों की मोटाई बढ़ जाती है। इस क्रिया से पौधों की लम्बाई भी बढ़ जाती है। इसके परिणामस्वरूप उत्पादन बढ़ जाता है।
पौधों की दिशा : प्राकृतिक कृषि में पौधों की दिशा उत्तर-दक्षिण होती है जिससे पौधों को सूर्य का प्रकाश अधिक समय तक मिलता रहे। एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी बढ़ाये जाने के कारण भी पौधों को अधिक मात्रा में सूर्य से ऊर्जा प्राप्त होती है, जिससे पौधे अपने शरीर का निर्माण करते हैं। इससे पौधों पर किसी भी प्रकार के कीट लगने की संभावना भी कम हो जाती है और पौधों में पोषक तत्व भी संतुलित मात्रा में संचित होते हैं। पौधों की दिशा उत्तर-दक्षिण होने से उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ जाता है।

सहयोगी फसलें 

प्राकृतिक कृषि में मुख्य फसल के साथ सहयोगी फसलों की खेती भी एक साथ की जाती है जिससे मुख्य फसल को नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश आदि मिलता रहे। सहयोगी फसलों की जड़ों के पास नाइट्रोजन स्थिरक जीवाणु जैसे राइजोबियम, एजोस्पिरीलम, एजेटोबेक्टर आदि की मदद से पौधों का विकास होता है। प्राकृतिक कृषि में मुख्य फसलों के साथ सहयोगी फसलें लगाने से मुख्य फसल पर कीट नियंत्रण भी साथ-साथ होता है।

आच्छादन

भूमि की सतह के ऊपर फसलों के अवशेष को ढकना ‘आच्छादन’ कहलाता है। इससे पानी की बचत होती है और भूमि से कार्बन भी नहीं उड़ता, जिससे भूमि की उर्वराशक्ति बढ़ती है। आच्छादन हवा से नमी एकत्र करता है और पौधों को प्रदान करता है, इससे सूक्ष्म पर्यावरण का निर्माण होता है और देशी केंचुओं की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। देशी केंचुए अपनी विष्ठा भूमि की सतह पर डालते हैं। केंचुओं की विष्ठा में सामान्य मिट्टी से 7 गुना नाइट्रोजन, 9 गुना फास्फोरस और 11 गुना पोटाश आदि होते हैं जिससे भूमि शीघ्र सजीव हो उठती है।

सूक्ष्म पर्यावरण 

प्राकृतिक कृषि में 65 प्रतिशत से 72 प्रतिशत तक नमी, 25 डिग्री से 32 डिग्री तक वायु का तापमान, भूमि के अंदर अंधेरा, वापसा, ऊब और छाया चाहिए। इन परिस्थितियों के निर्माण को ‘सूक्ष्म पर्यावरण’ कहते हैं। ये परिस्थितियां आच्छादन द्वारा निर्मित की जाती हैं। ‘आच्छादन’ करने से भूमि में अंधेरा, नमी, वापसा, ऊब और छाया का निर्माण होता है।

केषाकर्षण शक्ति (पृष्ठ तनाव Capillary Action) 

प्राकृतिक कृषि में पौधे केषाकर्षण शक्ति के द्वारा मिट्टी की गहराई से पोषक तत्वों को प्राप्त कर लेते हैं जिससे भूमि में जीवाणु की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। भूमि के 5 इंच नीचे की मिट्टी में जीवाणु पर्याप्त मात्रा में पाये जाते हैं। रासायनिक खेती में रासायनिक खादों के कारण केषाकर्षण शक्ति कार्य नहीं कर पाती क्योंकि मिट्टी के दो कणों के बीच 50 प्रतिशत नमी व 50 प्रतिशत हवा का संचरण होना चाहिए। रासायनिक खादों से नमक (नैपदा) जमा हो जाता है, जैसे यूरिया में 46 प्रतिशत नाइट्रोजन और 54 प्रतिशत नैपदा (नमक) होता है जो मिट्टी के दो कणों के बीच में जमा हो जाता है। मिट्टी की गहराई में पोषक तत्वों का भंडार होते हुए भी पौधे उन्हें प्राप्त नहीं कर पाते क्योंकि कृषि में केंचुओं की गतिविधियां बढ़ जाने के कारण मिट्टी के दो कणों के बीच 50 प्रतिशत नमी और 50 प्रतिशत हवा का संचरण होता है जिससे प्राकृतिक कृषि में शक्ति का उपयोग करके पौधे अपना विकास कर लेते हैं और अच्छा उत्पादन देने में समर्थ हो जाते हैं।

देशी केंचुओं की गतिविधियां 

हमारे देशी केंचुए धरती माता के हृदय स्थान हैं क्योंकि जैसे हमारा हृदय धडक़ता है, उसी तरह केंचुए भूमि के अंदर जब ऊपर-नीचे आवागमन करते हैं तो इससे भूमि में स्पंदन होता है। देशी केंचुए मानो भूमि की जुताई कर रहे हैं। ये भूमि के अन्दर छेद कर अपनी विष्ठा से भूमि की सतह को खाद्य तत्वों से समृद्ध बनाते हैं लेकिन केंचुओं की गतिविधियों के लिए भूमि की सतह पर आच्छादन चाहिए। भूमि पर अंधेरा होने से सूक्ष्म पर्यावरण का निर्माण होगा। अगर सूक्ष्म पर्यावरण का निर्माण नहीं होता है तो केंचुए अपना कार्य नहीं कर पाते हैं और भूमि बलवान नहीं हो पाती, इसलिए प्राकृतिक कृषि में आच्छादन एक मुख्य घटक होता है।

गुरुत्वाकर्षण बल 

प्राकृतिक कृषि में गुरुत्वाकर्षण बल की मदद से पोषक तत्वों को पौधे बड़ी आसानी से प्राप्त कर लेते हैं क्योंकि जिस पोषक तत्व को पौधा जहां से उठाता है वहां उसको जाना ही पड़ता है। जैसे पौधा अपने शरीर के निर्माण में हवा से 78 प्रतिशत पानी लेता है लेकिन अपने जीवन की समाप्ति पर वह पुन: हवा को ही लौटा देता है। यह कार्य गुरुत्वाकर्षण आदि प्राकृतिक बल की मदद से पूर्ण हो जाता है।

भवंडर 

प्राकृतिक कृषि में भवंडर की मदद से संतुलित वर्षा होती है। वर्षा द्वारा हवा से नाइट्रोजन प्राप्त करके पौधे विकसित होते हैं। भवंडर सदैव अलग-अलग स्थान पर आते हैं जिससे धरती पर पानी की उपलब्धता बनी रहती है और भूमि में पानी का स्तर बढ़ जाता है। वर्षा का सारा पानी भूमि में ही समा जाने के कारण भूमि मुलायम बन जाती है जिससे सूक्ष्म जीव अपना कार्य तेजी से करते हैं। इस तूफान से पौधों के पत्तों में गतिविधियां बढ़ जाती हैं जिससे पौधे सौर ऊर्जा को अच्छी प्रकार से प्राप्त कर उत्पादन में बढ़ोतरी करते हैं।

देशी बीज 

प्राकृतिक कृषि में देशी बीजों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है क्योंकि देशी बीज पोषक तत्व कम लेकर उत्पादन अधिक देते हैं।