सायरस मिस्त्री की मौत के लिए कौन जिम्मेदार
टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री की महाराष्ट्र के पालघर में रविवार को हुई एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक़, ये हादसा उस वक्त हुआ जब मिस्त्री की कार सूर्या नदी के ऊपर बने पुल पर डिवाइडर से टकरा गई.
सायरस मिस्त्री मर्सिडीज कार की पिछली सीट पर केपीएमजे ग्लोबल स्ट्रैटेजी ग्रुप के डायरेक्टर जहांगीर पंडोल के साथ बैठे हुए थे. हादसे में उनकी भी मौत हो गई.
इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक गाड़ी जानी-मानी स्त्री रोग विशेषज्ञ अनाहिता पंडोल चला रही थीं. उनकी बगल में उनके पति डेरियस पंडोल बैठे थे.
हादसे में दोनों बुरी तरह घायल हो गए. उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. डेरियस जेएम फाइनेंशियल इक्विटी के एमडी और सीईओ हैं. सायरस मिस्त्री पंडोल परिवार के दोस्त थे.
ये हादसा रविवार की दोपहर पालघर के कासा इलाके में हुआ. इंडियन एक्सप्रेस ने कासा के एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया है कि साइरस मिस्त्री और जहांगीर मर्सिडीज गाड़ी में पिछली सीट पर बैठे हुए थे. लेकिन उन्होंने सीट बेल्ट नहीं बांध रखी थी. जब कार डिवाइडर से टकराई तो वे फ्रंट और बैक सीट के बीच दब गए.
मिस्त्री की मौत की असली वजह का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा. महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर सायरस मिस्त्री की मौत को लेकर लोग सवाल भी उठा रहे हैं.
कुछ लोगों का कहना है कि आखिर मिस्त्री दस घंटे का सफर फ्लाइट के बजाय कार से क्यों कर रहे थे? कुछ लोग मर्सिडीज कार के सेफ्टी स्टैंडर्ड को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं.
सायरस मिस्त्री की मौत को लेकर जो सवाल उठाए जा रहे हैं उनका जवाब तो जांच के बाद ही मिलेगा. लेकिन हादसे के बाद हाईवे पर स्पीड लिमिट, एयरबैग की क्वॉलिटी और सीट बेल्ट की भूमिका पर बहस हो रही है.
क्या लापरवाह ड्राइविंग बनी हादसे की वजह?
शुरुआती जांच में पता चता है कि मिस्त्री और उनके दोस्त जहांगीर पंडोल मर्सिडीज जीएलसी कार की पिछली सीट पर बैठे थे.
महाराष्ट्र में पालघर जिले के चारोटी चेकपोस्ट पार करने के बाद इस कार ने नौ मिनट में ही 20 किलोमीटर की दूरी तय कर ली थी. यानी कार की स्पीड काफी ज्यादा थी.
चारोटी चेक पोस्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों को देखने के बाद पालघर पुलिस का कहना था कि यह हादसा ओवर स्पीडिंग और गाड़ी चलाने के दौरान ड्राइवर के सही तरीके से फैसला न लेने की वजह से हुआ होगा.
मिस्त्री की मौत के बाद भारतीय सड़कों पर गाड़ियों की गति पर कड़ी निगरानी का मांग तेज कर दी है.
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के ताजा आंकड़ों के मुताबिक सड़कों हादसों में हुई 1.56 लाख मौतों में से 85 हजार मौतें तेज रफ्तार गाड़ियों की वजह से हुईं थीं.
मर्सिडीज बेंज काफी सुरक्षित गाड़ी मानी जाती है. मिस्त्री मर्सिडीज बेंच एसयूवी में यात्रा कर रहे थे. ये भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाले लग्जरी कार मर्सिडीज बेंज का बेस्ट सेलिंग मॉडल है.
पचास लाख से ज्यादा कीमत की मर्सिडीज़ को यूरो एनसीएपी (यूरोपियन न्यू कार एसेसमेंट प्रोग्राम) ने फाइव स्टार सेफ्टी रेटिंग दी है और यह एमआरए आर्किटेक्चर पर बनी है.
जाने-माने ऑटो एक्सपर्ट टुटु धवन ने इस दुर्घटना पर बीबीसी हिंदी से कहा, “मर्सिडीज़ बेंज पैसेंजर सेफ्टी के हिसाब से काफी आला दर्जे की गाड़ी है. इसके सेफ्टी मानकों को लेकर कोई सवाल नहीं है. सायरस मिस्त्री की मौत जिस सड़क हादसे में मौत हुई वह सिर्फ एरर ऑफ़ जजमेंट (गाड़ी चलाने के दौरान हुई चूक) का नतीजा थी.”
उन्होंने कहा, “ये गाड़ी हाईवे पर 100 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी. आपने देखा होगा कि इतनी ज्यादा स्पीड से डिवाइडर से टकराने के बावजूद कार के छोटे से हिस्से को ही नुकसान पहुंचा है. इसलिए यह कहना गलत होगा कि मर्सिडीज बेंज सुरक्षित गाड़ी नहीं है. पिछली सीट बेल्ट पर बैठ कर बेल्ट न बांधना सायरस के लिए घातक साबित हुआ.”
गौ तस्करी – इनामुल के करीबी जेनारुल शेख को सीआईडी ने गिरफ्तार किया
मुर्शिदाबाद, । गौ तस्करी के मामले में इनामुल के करीबी जेनारुल शेख को सीआईडी ने गिरफ्तार किया है। उसे रविवार को मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। आरोपित का घर रघुनाथगंज में है।
सूत्रों के मुताबिक, भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र में जेनरुल शेख के खिलाफ गाै तस्करी के आरोप लगाए गए हैं। कथित तौर पर सरकारी खातों में ब्योरा दर्ज किए बिना ही सीमा पर बीएसएफ के एक वर्ग की मदद से गायों की तस्करी की जाती रही थी। आरोप है कि इस काम में मवेशी तस्करी का सरगना इनामुल का साथ जेनारुल शेख दिया करता था।
गौरतलब है कि सीआईडी ने अब्दुल बारिक के करीबी संजय मलिक को शनिवार को सात दिनों के लिए हिरासत में लिया था। संजय मलिक को कोयला तस्करी के मामले में सीआईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उसके बाद उसका नाम गौ तस्करी में भी शामिल था। 2019 में उसके खिलाफ जालंगी थाना क्षेत्र में गो तस्करी के साजिशकर्ता के तौर पर मामला दर्ज किया गया था। बशीरहाट जिला पुलिस ने उसे मुर्शिदाबाद कोर्ट में पेश किया वहां से उसे सीजीएम कोर्ट ले जाया गया। बाद में, सीआईडी ने गाय तस्करी मामले की जांच के उद्देश्य से उसे रिमांड में लेने का अनुरोध किया। बाद में सीजीएम अपर्णा चौधरी ने सात दिन की सीआईडी को रिमांड पर सौंप दिया।
इन दोनों लोगों संजय और अब्दुल पर गाय तस्करी के आरोप पुराने हैं। दावा है कि अब्दुल बारिक के पुलिस और बीएसएफ और पशु व्यापारियों के साथ अच्छे संबंध हैं। सीआईडी को बारिक के साथ इस अच्छे संबंध का पता गौ तस्करी मामले में पकड़े गए लोगों से पूछताछ में चला। फिर जांच में संजय का नाम सामने आया। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
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Cyrus Mistry Death: साइरस मिस्त्री के पोस्टमार्टम में सामने आई ये बात, परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा हॉस्पिटल
Cyrus Mistry Death: टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री (Cyrus Mistry) की रविवार को मुंबई के पास एक सड़क एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। उनका पोस्टमार्टम बीती रात 2.30 बजे से 3 बजे के आसपास पूरा हुआ। साइरस के परिवार का कोई सदस्य सुबह हॉस्पिटल में नहीं पहुंच सका। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि साइरस का परिवार विदेश में है और उनके आज रात तक मुंबई पहुंचने की संभावना है। कयास लगाए जा रहे हैं कि साइरस का अंतिम संस्कार कल (मंगलवार) को हो सकता है।
साइरस मिस्त्री के पोस्टमार्टम में सामने आई ये बात
साइरस मिस्त्री के पोस्टमार्टम में सामने आया है कि उनके शरीर के इंटरनल vital ऑर्गन बुरी तरह से चोटिल हुए थे। जिसे मेडिकल टर्म में pollytrauma कहते हैं। इसी वजह से साइरस मिस्त्री की मौके पर ही मौत हो गई थी। जेजे अस्पताल प्रशासन ने साइरस मिस्त्री और उनके दोस्त जहांगीर पंडोले की पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट को कासा पुलिस थाने (जहां एक्सिडेंट हुआ उस लोकल पुलिस थाने में ) भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक मल्टीपल हेड इंजरी और शरीर के बाएं हिस्से में काफी चोट लगी थी।
तेज रफ्तार में गाड़ी चला रही थीं अनायता पंडोले
पालघर पुलिस के मुताबिक, अनायता पंडोले गाड़ी को तेज रफ्तार में चला रही थीं। उन्होंने गलत दिशा (बांए से) से एक दूसरी गाड़ी से आगे निकलने की कोशिश की थी और उनके पति JM फाइनेंशियल के CEO दरीयस पंडोले उनके बगल वाली सीट पर बैठे थे।
जहांगीर पंडोले कार की पीछे वाली सीट पर बैठे थे। टक्कर के कारण कार की आगे की सीट पर लगे एयरबैग खुल गए थे लेकिन पीछे वाले एयरबैग सही समय पर नहीं खुले। अगर वे खुल जाते तो साइरस मिस्त्री बच सकते थे। मैनुअल के मुताबिक, मर्सिडीज जीएलसी 220डी में कम से कम सात एयरबैग दिए गए हैं।
कार की हो रही फॉरेंसिक जांच
हादसे का शिकार हुई कार की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। इससे यह पता चलेगा कि दुर्घटना का असली कारण क्या है। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था और न ही उनकी कार में कोई कैमरा था। सड़क की स्थिति भी अच्छी थी। ऐसे में अब यह जांच हो रही है कि आखिर गलती कहां हुई है।
यूके में हैं साइरस के बेटे और पत्नी
साइरस मिस्त्री के बेटे और पत्नी एक फैमिली फंक्शन के लिए यूके में हैं। उनके सोमवार को मुंबई पहुंचने की संभावना है। इसी साल 28 जून को साइरस के पिता और बिजनेस टाइकून पालोनजी मिस्त्री (93) का भी निधन हुआ था।
योगी राज में गौरक्षक की हत्या – गौरक्षक की लाश को खूंटी से लटका दिया गया
Cow Protector Murder: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात (Kanpur Dehat) जिले में एक गौरक्षक (Cow Protector) की हत्या कर दी गई और उसके शव को खूंटी से लटका दिया गया. इस मामले पर अकबरपुर निवासी गौरक्षक राजेश द्विवेदी (Rajesh Dwivedi) के शव का अंतिम संस्कार (Last Riots) करने से परिजनों ने इनकार कर दिया है. उन्होंने आरोपियों की गिरफ़्तारी, परिवार के भरण-पोषण की व्यवस्था करने और सुरक्षा प्रदान करने की दशा में ही शव को घर के बाहर से उठाने की बात कही है. पुलिस (Police) के अधिकारी समझाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन बात नहीं बन रही है.
परिजनों के मुताबिक, शनिवार शाम को 7 बजे राजेश द्विवेदी मंदिर में सोने चले गए थे. कुछ देर बाद परिजनों को उनकी मौत की खबर मिलती है. इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी जाती है और आनन फानन में पुलिस शव का पोस्टमार्टम करा देती है. रविवार यानी आज सुबह जब शव गांव पहुंचा परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया.
हर रोज मंदिर में सोते थे राजेश
मूल रूप से अकबरपुर के ज्योतिष गांव में रहने वाले गौरक्षक राजेश द्विवेदी घर के बाहर मंदिर में ही सोते थे. शनिवार रात को भी वो रोज की तरह खाना खाने के बाद मंदिर में सोने चले गए. देर रात उनका शव मंदिर की दीवार पर लगी खूंटी पर लटका हुआ मिला. मामले की जानकारी मिलते ही उनके घर में कोहराम मच गया. पति की मौत के बाद उनकी पत्नी बदहवास हो गईं. तो वहीं उनका बेटा और बेटी का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस (Police) मौके पर पहुंची जिसमें सीओ सदर प्रभात कुमार और अकबरपुर (Akabarpur) कोतवाल प्रमोद शुक्ला भी शामिल थे. पूछताछ के बाद परिजनों ने राजेश (Rajesh Dwivedi) की हत्या कर शव को खूंटी से टांगने का आरोप लगाया है. मृतक राजेश मंदिर (Temple) से 500 मीटर की दूरी पर बने घर में रहते थे. परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया है. परिजनों का कहना है कि 13 अगस्त को गांव के ही कुछ लोगों के खिलाफ गोवंश पर हमला करने की जानकारी पुलिस को दी थी लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.
गाय के बीमार होने पर अब न हो परेशान, एक फोन पर घर आएगी गौ-एम्बुलेंस
Bhopal News: मध्य प्रदेश के सभी विकास खंडों में गोवंश को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए हर गौ-एम्बुलेंस होगी. गौ-पालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड की कार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने छिंदवाड़ा में जिले के शासकीय और अशासकीय गौशाला संचालकों और प्रतिनिधियों की बैठक में बताया कि प्रदेश के सभी 313 विकासखण्डों में शीघ्र ही एक-एक अत्याधुनिक गौ-एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके लिए केन्द्र शासन से राशि मिल चुकी है और टेण्डर भी हो चुके हैं. अत्याधुनिक गौ-एम्बुलेंस से दुर्घटना में घायल या बीमार गाय को त्वरित उपचार मिल सकेगा.
महिला स्व-सहायता समूहों की होगी भागीदारी
गिरि ने बताया कि प्रदेश में गाय को चारा व्यवस्था के लिए चरनोई भूमि भी आवंटित हो गई है. चरनोई भूमि विकास मिशन का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है. इस पर शीघ्र ही निर्णय लिया जाकर क्रियान्वयन आरंभ होगा. उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा प्रदेश में गायों के पालन, संरक्षण और संवर्धन के लिए दो तरह की कार्ययोजना बनाई गईं हैं. जन-भागीदारी से संचालित होने वाली पहली कार्ययोजना में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी. दूसरी कार्ययोजना में गौशालाओं की अर्थ-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जायेगा.
कार्तिक आर्यन को लेकर ‘आशिकी 3’ का निर्देशन करने वाले हैं अनुराग बसु
मुकेश भट्ट और भूषण कुमार द्वारा निर्मित आशिकी के इस तीसरी कड़ी में प्रीतम का संगीत होगा
मुम्बई। 1990 में आई फिल्म आशिकी के साथ टी सीरीज और विशेष फिल्म्स ने अपनी पहली पार्टनरशिप की थी, और अब 32 साल बाद एक बार फिर निर्माता मुकेश भट्ट और निर्माता भूषण कुमार आशिकी 3 के लिए एक साथ आ रहे हैं। इस थर्ड इंस्टालमेंट को अनुराग बसु डायरेक्ट करेंगे और फिल्म का म्यूजिक प्रीतम कंपोज करेंगे। आप को बता दें कि इस फिल्म में लीड रोल में नज़र आयेंगे अभिनेता कार्तिक आर्यन। गणेश महोत्सव के इस पावन अवसर पर और उनके आशीर्वाद के साथ टीम ने इस कॉलेबोरेशन की जबरदस्त शुरुआत की है।
आशिकी के फ्रैंचाइजी, प्यार, रोमांस और रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है और इसने आज तक सभी के दिलों में अपनी जगह बनाए रखी है। प्रेम कहानी और संगीत के जादू के साथ राज करने के लिए पूरी तरह तैयार है! लाखों दिलों की धड़कन माने जाने वाले कार्तिक आर्यन हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय फ्रैंचाइजी के थर्ड इंस्टालमेंट में मुख्य भूमिका निभाएंगे। जो इस देश के युवाओं द्वारा पसंद की जाने वाली एक टाइमलेस क्लासिक है।
निर्माता मुकेश भट्ट ने बताया कि आशिकी की रिलीज से एक दिन पहले 16 अगस्त 1990 की शाम, गुलशन जी और मैं बहुत घबराए हुए थे, अगले दिन सारे रिकॉर्ड ब्रेक हो गए और एक नया इतिहास रच दिया गया। आज भूषण, प्रीतम, अनुराग और कार्तिक के साथ, मैं सभी को इस बात का विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आशिकी 3 पहले की तरह प्यार का जश्न मनाएगी।
निर्माता भूषण कुमार ने कहा कि जिन फिल्मों की कहानी और संगीत ने हमारे दिलों को छुआ है, उन्हें फिर से जीने का समय आ गया है! मुकेश जी के सहयोग से हमें आशिकी 3 की घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है जिसे मेरे ऑल टाइम फेवरेट निर्देशक अनुराग बसु डायरेक्ट करने जा रहे हैं। हमें कार्तिक से बेहतर अभिनेता नहीं मिल सकता था, जो इस समय एक सच्चे रॉकस्टार बन चुके हैं और बड़े अभिनेताओं के बीच दर्शकों का प्यार सिर्फ उन्हीं पर उमड़ रहा है। रोमांटिक म्यूजिकल में म्यूज़िक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, और प्रीतम के साथ हमारा लक्ष्य इसे और ऊंचा उठाना है। मैं इस ड्रीम टीम के साथ हमेशा से काम करना चाहता था और मुझे इस मैजिक के रीक्रिएट होने का बेसब्री से इंतजार है।
अभिनेता कार्तिक आर्यन ने कहा कि टाइमलेस क्लासिक आशिकी एक ऐसी फिल्म है जिसे देखकर मैं बड़ा हुआ हूं और आशिकी 3 पर काम करना एक सपने के सच होने के समान है मैं इस ऑपर्च्युनिटी और कोलेबोरेशन के लिए भुषण सर और मुकेश सर का आभारी हूं। मैं अनुराग सर के काम का बहुत बड़ा फैन रहा हूं और उनके साथ जुडना निश्चित रूप से कई तरह से दिशा प्रदान करेगी।
निर्देशक अनुराग बसु ने कहा कि विशेष फिल्म्स के साथ काम करना सचमुच घर आने जैसा है और मुझे बेहद खुशी है कि मैं आशिकी 3 को डायरेक्ट कर रहा हूं। भूषण जी और मैं एक लॉन्ग स्टैंडिंग रिलेशनशिप शेयर करते हैं। वह एक सॉलिड सहयोगी है जिसे पाकर मैं खुद को सौभाग्यशाली महसूस करता हूं। आशिकी और आशिकी 2 प्रशंसकों के लिए एक इमोशन फिल्म रही है जो आज तक दिलों में बनी हुई है। इसका उद्देश्य विरासत को बेहतरीन तरीके से आगे बढ़ाना है। यह कार्तिक आर्यन के साथ मेरा पहला वेंचर होगा, जो अपने काम के प्रति अपनी कड़ी मेहनत, समर्पण, धैर्य और दृढ़ संकल्प के लिए जाने जाते हैं और मैं वास्तव में इसके लिए उत्सुक हूं।
संगीतकार प्रीतम ने कहा कि आशिकी की फ्रैंचाइज़ी अपने बेहतरीन संगीत के लिए जानी जाती है और मैं इस अद्भुत फ्रैंचाइज़ी का हिस्सा बनकर वास्तव में बेहद खुश हूँ और इसे अगले स्तर पर ले जाने की पूरी कोशिश करूँगा।
रामकमल मुखर्जी की ‘नटी बिनोदिनी’ बनी बॉलिवूड अभिनेत्री रुक्मणी मैत्रा
मुम्बई। बंगाल रंगमंच की दिग्गज अदाकारा बिनोदिनी दासी की जीवनी पर आधारित फिल्म ‘नटी बिनोदिनी’ का निर्माण शैलेन्द्र कुमार, सूरज शर्मा और प्रतीक चक्रवर्ती करने जा रहे हैं। यह बायोपिक देव इंटरटेनमेंट वेंचर की प्रस्तुति होगी।
शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर फिल्म निर्देशक राम कमल मुखर्जी ने अपनी बहुचर्चित बायोपिक ‘बिनोदिनी एकती नातिर उपाख्यान’ के मुख्य कलाकारों की घोषणा की। बंगाल की जानी मानी अदाकारा रुक्मिणी मैत्रा इस बहुप्रतीक्षित भूमिका को रुपहले पर्दे पर निभाएंगी। फिल्म के निर्माताओं ने फिल्म का पोस्टर जारी कर दिया है जिसमें रुक्मणी मैत्रा श्री चैतन्य महाप्रभु की भूमिका में दिखेंगी। इस भूमिका को बिनोदिनी दासी ने रंगमंच पर निभाया था। रंगमंच पर निभाई इस भूमिका को बिनोदिनी दासी ने नए मुकाम पर पहुंचाया था। जो दर्शकों के मन पर सराहनीय और विशेष प्रभाव छोड़ता है।

एकता भट्टाचार्य ने मोशन पोस्टर का डिजाइन बनाया है। नीलायन चॅटर्जी ने मीडिया और दर्शकों के लिए म्यूजिक कंपोज किया है।
फिल्म का निर्माण मुम्बई बेस्ड प्रोडक्शन हाउस प्रमोद फिल्म्स, एस एस वन एंटरटेनमेंट और पी के एंटरटेनमेंट, ऐसोर्ट मोशन पिक्चर्स के सहयोग से कर रहे हैं। कहानी, पटकथा, संवाद प्रियंका पोद्दार ने लिखा है। उनका कहना है कि वह हमेशा से चाहती थी कि बंगाल के दर्शकों के लिए एक बेहतरीन और दिल छू लेने वाली कहानी लिखे। इस संगीतमय फ़िल्म के लिए पिछले दो साल से अच्छे बजट की प्रतीक्षा थी। इस समय मेरे साथ चट्टान की तरह केवल रुक्मणी मित्रा का ही साथ और विश्वास था। उन्होंने ‘सीजन ग्रीटिंग’ और ‘एक दुआ’ में मेरे काम को देखा और सराहा था। उन्हे विश्वास था कि बंगाली दिग्गज अभिनेत्री बिनोदिनी दास के सफर और दर्द को बखूबी एक सूत्र में पिरो सकती है ऐसा
बॉलीवुड फिल्म निर्देशक रामकमल मुखर्जी का कहना है | रुक्मणी मैत्रा का बिनोदिनी के रूप में चयन करके मुझे बहुत हर्ष हो रहा है। पिछले दो वर्षों से रुक्मणी मौन रहकर फिल्म से जुड़ी हैं और इसमें अभिनय कर रही है। उन्होंने उस समय के भारतीय क्लासिकल डांस को सीख कर और उस काल में स्त्रियों की दशा और उनकी सामाजिक स्थिति के बारे में पुस्तकों से पढ़कर अध्ययन किया। यह सब मेरे लिए एक अद्भुत सपने के सच होने जैसा था। मैं जनता था कि यह कहानी अलग विषय और दृष्टिकोण पर है लेकिन मैंने बिना किसी सवाल के उन पर पूर्ण विश्वास कर यह काम अपने हाथों में लिया।
रुक्मणी मैत्रा का कहना है कि गत दो वर्षों से कोरोना महामारी ने पूरे परिदृश्य को बदल दिया है। इससे हमारे मनोरंजन उद्योग को सबसे अधिक नुकसान हुआ।लेकिन इस फिल्म को बनाने वाले एक प्रतिष्ठित बैनर और निर्माता और खासकर बोर्ड में देव के आने से यह फिल्म वास्तव में एक नया आयाम बनाएगी।
इस बायोपिक का फिल्मांकन सिनेमैटोग्राफर मोधुरा पालित द्वारा बंगाल और बनारस के खूबसूरत जगहों पर किया जाएगा और अगले साल (बंगाली न्यू ईयर) में रिलीज होगी। चूंकि यह एक पीरियड ड्रामा है इसलिए निर्माताओं को प्राचीन कालीन दृश्य को फिर से बनाने के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता होगी।
बंगाल के सुपरस्टार देव ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि राम कमल एक विशेष व्यक्तित्व के धनी और मुंबई के एक प्रतिभाशाली फिल्म निर्माता हैं। मुझे यह ज्ञात नहीं था कि वह रुक्मिणी के साथ इस फिल्म की योजना बना रहे थे। फिल्म के टीज़र पोस्टर साझा होने पर इसके बारे में जानकारी मिली। फिल्म के बारे में मुझसे छुपा कर रखा गया था। लेकिन जब मैंने इस प्रोजेक्ट को लेकर उनके जोश और जुनून को देखा तो पता चला कि वो एक क्रिएटिव व्यक्ति हैं। बिनोदिनी दासी जैसे अद्भुत विषय पर फिल्म को बनाने के लिए इनका बहुत आभार।हम इन दिनों ऐसी फिल्में नहीं बनाते हैं और ऐसी फिल्मों को बनाने में समय लगता है। रामकमल ने नाटी बिनोदिनी जैसे संवेदनशील विषयों को छूने का साहस किया जो सराहनीय है। मुझे यकीन है कि रुक्मिणी और राम कमल पर्दे पर जादू अवश्य बिखेरेंगे।
मुम्बई के प्रमोद फिल्म्स और दिग्गज फिल्म निर्माता प्रमोद चक्रवर्ती के पोते प्रतीक चक्रवर्ती का कहना है कि मैं फिल्म की कहानी और टीज़र से बेहद प्रभावित हूँ। मुझे पूरा भरोसा है कि यह बंगाली फिल्म्स इंडस्ट्री के लिए गेम चेंजर साबित होगा। रुक्मणी मैत्रा का जानदार अभिनय बिनोदिनी दास के चरित्र को जीवंत बना देगा। एक टीज़र शूट के लिए चरित्र को जीवंत करना, पूरी यूनिट की दक्षता के बारे में बहुत कुछ कहता है। चूंकि हमने भारतीय सिनेमा में निर्माता के रूप में 60 शानदार वर्ष पूरे किए हैं, इसलिए हमने रचनात्मक रूप से संतोषजनक और व्यावसायिक रूप से आशाजनक इस विषय पर साथ काम करने के लिए सोचा।
एस एस वन एंटरटेनमेंट के शैलेंद्र कुमार कहते हैं कि कोलकाता और बंगाल के साथ मेरा व्यक्तिगत संबंध है। चूंकि मैं एक गायक और संगीतकार हूं, इसलिए मैं हमेशा बंगाली कला और साहित्य का प्रशंसक रहा हूं। मैं निर्देशक राम कमल मुखर्जी के निर्देशन में उनकी पहली फिल्म ‘केकवॉक’ देखी। उसके बाद मैं उनसे जुड़ा और मैं जानता हूँ कि वह पिछले दो वर्षों से नाटी बिनोदिनी बनाना चाहते थे। जब उन्होंने मुझे कहानी सुनाई और मुझे रुक्मिणी जी की चैतन्य महाप्रभु के रूप में छवि दिखाई तो मुझे पूरा विश्वास हो गया कि यह फिल्म बेहद खास होगी।
पी के इंटरटेनमेंट के युवा निर्माता सूरज शर्मा ने कहा, यह बेहद खुशी की बात है कि फिल्म निर्माताओं ने रिस्क लेकर इस प्राचीन अनकही कहानी को बताया है। मैंने बिनोदिनी एकती नातीर उपाख्यान को सुना है और महसूस किया है कि इसकी भावना सभी महिलाओं के साथ जुड़ेंगी जिन्होंने इस पुरूष प्रधान समाज में उत्पीड़न को झेला है।
मेकर्स द्वारा फिल्म के कलाकारों और टेक्निशियन का चयन किया जा रहा है। गिरीश घोष, अमृतलाल, रामकृष्णा, कुमार बहादुर और रंगा बाबू जैसे पात्रों के लिए योग्य कलाकार की चयन प्रक्रिया भी जारी है।
– गायत्री साहू













