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पीएम मोदी के दौरे से पहले बदरी-केदारनाथ में हुई बर्फबारी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित उत्तराखंड दौरे को लेकर महकमा अलर्ट हो गया है। पीएम मोदी का 21 अक्टूबर और 22 अक्टूबर को केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम के दर्शन के साथ ही पुर्ननिर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग का कार्यक्रम तय माना जा रहा है। हालांकि अभी अधिकारिक तौर पर कुछ भी स्पष्ट नहीं है। लेकिन सीएम पुष्कर सिंह धामी का केदारनाथ में जाकर पुर्ननिर्माण कार्यों का जायजा लेना और अधिकारियों से फीडबैक लेने से साफ हो गया है कि पीएम दिवाली से पहले उत्तराखंड दौरे पर आएंगे। इधर रूद्रप्रयाग और चमोली जिले का प्रशासन तैयारियों में जुटा है।

पुलिस महकमे में दिवाली तक सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टी केसिंल कर दी गई है। साथ ही दूसरे जनपदों से फोर्स मांगी गई है। जिससे साफ है कि आने वाले दिनों में पीएम मोदी केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम आ सकते हैं। अभी तक जो जानकारी मिली है उसके हिसाब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब 21 अक्तूबर को केदारनाथ पहुंच सकते हैं।

प्रशासनिक व विभागीय स्तर पर केदारनाथ में तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रधानमंत्री बाबा के दर्शनों के साथ ही पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे। संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री केदारनाथ धाम के लिए स्वीकृत सोनप्रयाग.केदारनाथ 13 किमी लंबे रोपवे का शिलान्यास भी कर सकते हैं। चर्चा है कि प्रधानमंत्री 21 अक्टूबर को सुबह जौलीग्रांट पहुंचेगे और फिर केदारनाथ जाकर बाबा केदार के दर्शन करेंगे। वह पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा भी लेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री बदरीनाथ जाएंगे और वहां पूजा.अर्चना व पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने बाद देश के अंतिम गांव माणा में सभा को संबोधित कर सकते हैं।

शुक्रवार को भी चोटियों पर बर्फबारी के आसार

शुक्रवार को देहरादून में मौसम साफ बना हुआ है और बदरीनाथ धाम में भी इसी प्रकार का मौसम बना हुआ है। आज केदारनाथ में बारिश हो सकती है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी चोटियों पर बर्फबारी के आसार हैं। घने बादलों के बीच केदारघाटी में हल्की वर्षा के भी हो सकती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में हवाई सेवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गुरुवार को केदारनाथ धाम में जमकर बर्फबारी हुई। शाम को बर्फबारी से धाम में सफेद चादर बिछ गई। बदरीनाथ की चोटियों पर भी बर्फबारी का क्रम जारी है।

इसके अलावा हेमकुंड साहिब, गंगोत्री, यमुनोत्री समेत आसापास की चोटियों पर भी बर्फबारी हो रही है। कुमाऊं में बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी बर्फबारी जारी है।

आज 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का अनुमान

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, प्रदेश में शुक्रवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की वर्षा हो सकती है। 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का अनुमान है।

केदारनाथ और बदरीनाथ में छाए रह सकते हैं बादल

निचले क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। केदारनाथ और बदरीनाथ में बादल छाए रह सकते हैं। बर्फबारी और बूंदाबांदी की आशंका है। हवाई सेवाओं को लेकर बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

वर्षाकाल चला गया, सर्दी शुरू हो गई है, लेकिन जनजाति क्षेत्र जौनसार बावर में भूस्खलन की समस्या थम नहीं रही है। जिसके चलते भूस्खलन की वजह से मलबा गिरने पर छह मोटर मार्ग बंद होने के कारण लोग परेशान हैं।

बंद मार्गों से जुड़े किसानों की कृषि उपज अदरक, गागली, टमाटर, बीन्स, हरा धनिया समय पर मंडी नहीं पहुंचने से नुकसान उठाना पड़ रहा है। बंद मार्गों की वजह से वाहन चालक भी परेशान हैं। त्योहारी सीजन को देखते हुए ग्रामीणों ने लोनिवि अधिकारियों से बंद मार्गों को जल्द खोलने की मांग की है।

लोनिवि साहिया का एक व लोनिवि चकराता के पांच मोटर मार्ग बंद होने के कारण तीन दर्जन से अधिक गांवों, मजरों आदि के ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गई है। मलबा आने से बंद लोनिवि साहिया का निछिया पिहानी मोटर मार्ग नौ दिन बाद भी नहीं खुल पाया है।

लोनिवि चकराता का बिरमौ मार्ग दूसरे दिन भी नहीं खुल पाया है। गुरुवार सुबह रोटा खड्ड अटाल, बौराड़, सजड़, क्वांसी जोगियो मोटर मार्ग बंद हो गए। बंद मार्गों के कारण ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ गई है। उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रत्युष कुमार के अनुसार बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।

भाजपा गाय के नाम पर वोट मांग सकते हैं, परन्तु गौ माता की सेवा नहीं कर सकते : भूपेश बघेल

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रायपुर। ये लोग (भाजपा) गाय के नाम पर वोट मांग सकते हैं, परन्तु गौ माता की सेवा नहीं कर सकते। इतने गौठान बने हैं, आप जाकर एक मुट्ठी चारा दे दीजिए, ये काम भाजपा के लोगों से नहीं होगा। कमी गिनाने जरूर जाएंगे: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, रायपुर

Gau Seva Dham: गौ सेवा धाम में महिला सशक्तिकरण को दिया जा रहा बढ़ावा

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Gau Seva Dham Hospital: देवी चित्रलेखा जी द्वारा संचालित गौ सेवा धाम हॉस्पिटल एक बेहतर भारत की तरफ एक बड़ा कदम साबित हुआ है। देवी चित्रलेखा जी के हॉस्पिटल में जानवरों व गौ माता का इलाज और पालन-पोशन होता है। वो तो सराहनीय है ही, इसके साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की तरफ भी देवी जी काम कर रही हैं। बहुत सी गांव की महिलाओं को रोजगार देकर, उनको आर्थिक रूप से स्वतंत्र करने में देवी जी का बहुत बड़ा हाथ है।

कई महिलाएं यहां जूट का सामान बनाना, गायों की सेवा और भी अलग-अलग काम करती हैं। इससे न केवल महिलाओं का  सशक्तिकरण हो रहा है, बल्कि भारत की रचनात्मक हस्त-शिल्प को भी बढ़ावा मिल रहा है। देवी जी ने सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कई कथाएं करके व पुरस्कार जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। देवी जी के इन सभी नेक कार्यों व भारत को आगे बढ़ाने की लगन से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।

MCD चुनाव से पहले दिल्ली में हलचल, अमित शाह आज करेंगे वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का उद्घाटन

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New Delhi ( GBB ): दिल्ली में एमसीडी चुनावों (Delhi MCD Elections) को लेकर अब रास्ता हो गया है. आने वाले कुछ ही दिनों में चुनाव की तारीखों का एलान हो सकता है. इसी बीच अब दिल्ली में राजनीतिक हलचल भी बढ़ने लगी है. गुरुवार (20 अक्टूबर) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) दिल्ली में ‘वेस्ट टू एनर्जी प्लांट’ का उद्घटान करेंगे. वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस पर बीजेपी (BJP) को निशाने पर लिया है. आप का कहना है कि बीजेपी को 17 साल बाद दिल्ली का कूड़ा याद आया है.

गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली के तुगलकाबाद में जिस वेस्ट टू एनर्जी प्लांट (Waste To Energy Plant) का उद्घाटन करेंगे वहां कूड़े से बिजली और खाद बनाया जाएगा. हालांकि, ‘आप’ इसको लेकर हमलावर हो गई है. आम आदमी पार्टी के नगर निगम प्रभारी दुर्गेश पाठक (Durgesh Pathak) ने कहा है कि फर्जी उद्घाटनों से कुछ नहीं है, आपको हम दिखाएंगे बीजेपी ने कैसे तीन कूड़े के पहाड़ बनाए.

‘चुनाव के समय फर्जी उद्घाटनों से कुछ नहीं होगा’

दुर्गेश पाठक ने ट्वीट किया, “17 साल में दिल्ली को कूड़े का ढेर बनाने के बाद बीजेपी को कूड़ा याद आया. गृह मंत्री जी चुनाव के समय फर्जी उद्घाटनों से कुछ नहीं होगा, कल आपको हम दिखाएंगे बीजेपी ने कैसे 3 कूड़े के पहाड़ बनाए और 16 पहाड़ बनाने की तैयारी है. गृह मंत्री जी, आप आइयेगा जरूर कल सुबह आपका इंतजार रहेगा.”

25 मेगावाट बिजली होगी उत्पन्न

तुगलकाबाद के इस वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में कूड़े से बिजली बनाई जाएगी. इसी के साथ प्लांट में कूड़े से खाद बनाने का काम भी होगा. बताया गया है कि इसमें रोजाना 2 हजार मीट्रिक टन तक के कूड़े को ट्रीट किया जा सकेगा. प्लांट से 25 मेगावाट बिजली भी उत्पन्न की जा सकेगी.

दिल्ली में MCD चुनाव का रास्ता साफ

गौरतलब है कि दिल्ली में एमसीडी चुनावों के मद्देनजर अब सभी रानजीतिक दल सक्रिय हो गए हैं. दिल्ली नगर निगम के चुनाव की तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी, क्योंकि केंद्र सरकार ने मंगलवार (18 अक्टूबर) को नागरिक निकाय के वार्डों के पुनर्निर्धारण पर परिसीमन समिति की अंतिम रिपोर्ट की पुष्टि कर दी है.

केंद्र ने मंगलवार को एक अधिसूचना जारी कर परिसीमन समिति की अंतिम रिपोर्ट की पुष्टि कर दी है. अधिसूचना के अनुसार दिल्ली नगर निगम के लिए कुल 250 वार्ड बनाए गए हैं, जिनमें से 42 वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित करने होंगे. हालांकि, अब यह राज्य चुनाव आयोग को तय करना है कि कुल 250 में से किन 42 वार्डों को आरक्षित करना है.

मल्लिकार्जुन खड़गे बने कांग्रेस के नए अध्यक्ष , अपने प्रतिद्वंद्वी शशि थरूर को आठ गुना अधिक मतों से पराजित किया

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नई दिल्ली, 20 अक्टूबर । वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी शशि थरूर को आठ गुना अधिक मतों से पराजित किया। पिछले 24 वर्ष में पहली बार कोई गांधी परिवार से बाहर का व्यक्ति अध्यक्ष बना है।

कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को दिल्ली सहित देशभर में पार्टी कार्यालयों पर मतदान हुआ था। आज हुई मतगणना में मल्लिकार्जुन खड़गे को 7897 और शशि थरूर को 1072 मत मिले हैं। 416 मत अमान्य घोषित किए गए हैं।

कांग्रेस के केन्द्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्री ने मतगणना के बाद नतीजों की जानकारी देते खड़गे के अध्यक्ष बनने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कुल 9385 मतों की गणना की गई। खड़गे की जीत से पार्टी मुख्यालय में जश्न का माहौल है। शशि थरूर ने भी मल्लिकार्जुन को जीत की बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि ऐसा लगता है कि आज से पार्टी का पुनरुत्थान शुरू हो गया है।

मल्लिकार्जुन खड़गे का राजनीतिक करियर

मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के सबसे सीनियर नेताओं में से एक हैं. उनकी उम्र 80 साल है और कई दशकों से वो सक्रिय राजनीति में हैं. खड़गे को गांधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता है. खड़गे कर्नाटक के बीदर से आते हैं. उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है और पेशे से वकील भी रह चुके हैं. खड़गे सबसे पहले 1969 में कर्नाटक के गुलबर्ग सिटी कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे. इसके बाद 1972 में पहली बार चुनकर विधानसभा गए. तब से लेकर 2009 तक वो कुल 9 बार विधायक रहे. 1976 में वो पहली बार कर्नाटक में कैबिनेट मंत्री बने. खड़गे को 1988 में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया. 2005 में वो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने. इसके बाद वो तमाम बड़े पदों पर रहे.

पीएम मोदी के गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन

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PM Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के (Narendra Modi) के गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन है. इस दौरान पीएम मोदी केवड़िया में मिशन लाइफ का शुभारंभ करेंगे. इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनिया गुटेरेस भी मौजूद रहेंगे. आज का दिन गुजरात के लिए खास रहने वाला है क्योंकि पीएम मोदी यहां जलवायु परिवर्तन  रोकने की दिशा में मजबूत कदम उठाने जा रहे हैं.
चुनावी साल में पीएम मोदी सौगातों का पिटारा लेकर गुजरात पहुंचे हैं. इससे पहले उन्होंने यहां डिफेंस एक्सपो का उद्घघाटन किया. साथ ही कई परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई. स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का भी शुभारंभ किया. पीएम मोदी का कहना है कि विकसित भारत के लिए विकसित गुजरात के निर्माण की तरफ ये एक मील का पत्थर साबित होने वाला है.
पीएम मोदी का शेड्यूल
पीएम मोदी सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर केवड़िया में मिशन लाइफ का शुभारंभ करेंगे. 12 बजे केवड़िया में मिशन प्रमुखों के 10वें सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसमें 120 देशों के राजदूत मौजूद रहेंगे. इसके बाद 3 बजकर 45 मिनट पर तापी जिले के व्यारा जाएंगे, जहां वह 1970 करोड़ के विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे.
क्या है मिशन लाइफ
मिशन लाइफ के शुभारंभ के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनिया गुटेरेस मौजूद रहेंगे. जलवायु परिवर्तन को लेकर नवंबर 2021 में ग्लासगो में COP26 शिखर सम्मलेन हुआ था. COP26 शिखर सम्मलेन के दौरान पीएम मोदी ने मिशन लाइफ को लॉन्च किया था. इसमें लाइफ का मतलब है लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट. इस मिशन का मकसद है व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर मैक्रो उपायों और कार्यों को लागू करके जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का मुकाबला करना.

एक्ट्रेस वैशाली ठक्कर आत्महत्या मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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इंदौर: टीवी अभिनेत्री (TV Acress) वैशाली ठक्कर (Vaishali Thakkar) ने शनिवार रात आत्महत्या कर ली थी. वैशाली ने एक सुसाइड नोट लिखा था. इसमें उसने पास में ही रहने वाले राहुल नवलानी और उसकी पत्नी दिशा नवलानी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. वैशाली की आत्महत्या के बाद दोनों फरार हो गए थे. उनकी गिरफ्तारी पर  इंदौर पुलिस ने पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. पुलिस का कहना है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था.

पुलिस ने क्या जानकारी दी

इंदौर के पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया कि राहुल और उसकी पत्नी दिशा नवलानी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया था. पुलिस इन दोनों आरोपियों की तलाश कर रही थी. पुलिस को बुधवार शाम पुलिस बड़ी सफलता मिली थी. पुलिस ने मुख्य आरोपी राहुल नवलानी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उसकी पत्नी दिशा अभी भी फरार है.

पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र का कहना है कि पुलिस आरोपी राहुल और उसकी पत्नी को तलाशने के लिए विभिन्न जगहों पर दबिश दे रही थी. दोनों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गई थीं. इन टीमों को दोनों की तलाश में मुंबई और राजस्थान समेत कई अन्य जगहों पर भेजा गया था. फरारी के दौरान आरोपी राजस्थान समेत कई अन्य जगह पर भी गया. लेकिन पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही वह फरार हो जाता था. इसके बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे इंदौर शहर से ही गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की.

क्या पता लगा रही है पुलिस

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में पकड़े गए आरोपी से पूछताछ करने में जुटी हुई है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी वैशाली ठक्कर को किस तरह से और किन एविडेंस के आधार पर लगातार परेशान कर रहा था. वह यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर राहुल के पास वैशाली ठक्कर से जुड़ी हुई कौन सी ऐसी चीज थी, जिसके आधार पर राहुल उसे प्रताड़ित कर रहा था, जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली.

सुरक्षा के साथ मानवता का धर्म निभा रही कांस्टेबल सोनिया

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फर्ज आखिर फर्ज ही होता है पुलिस की ड्यूटी हो या समाज में फैले तमाम बुराइयों को दूर करने का फर्ज एक पुलिसकर्मी बेहतर ढंग से निभा सकता है। वो भी महिला पुलिसकर्मी। इसका काबिले गौर उदाहरण बनी है सोनिया जोशी जो अभी उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत हैं। अपनी ड्यूटी के साथ आम जनता की सेवा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होकर अपना कर्तव्य निभा रही है सोनिया जोशी। महिला सिपाही वर्दी के साथ-साथ समाज में फैली बुराइयों को मिटाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने पुलिस में कठिन और प्रतिकूल स्थितियों में न  सिर्फ अपने जीवन को संभाला। बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का विषय बनी। आज वह समाज में अलग-अलग कार्य में सक्रिय हैं। बता दें कि इस मुहिम का झंडा हाथ में लेकर काम आसान नहीं था। ऐसे काम आसान भी नहीं होते सोनिया ने मेहनत और काबिलियत के दम पर सफलता के कई ऐसे मुकाम हासिल किए हैं जो हर किसी के लिए मिसाल है।

– डॉ सत्यवान सौरभ

जीवन में सबके अपने सपने होते हैं लेकिन उन सपनों  को अगर किसी भी माध्यम से देश की सेवा के साथ-साथ किसी गरीब, असहाय के मदद से जोड़ सके तो सोने पर सुहागा, जी हाँ कुछ ऐसा ही कर रही भारत की बेटी सोनिया जोशी जो अभी उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत हैं। ड्यूटी के साथ- साथ एक सिंगर, कवयित्री, गीतकार एक्ट्रेस भी  है। सोनिया “ हिंदी, गढ़वाली, सॉन्ग्स बहुत ही बेहतरीन तरीके से गाती है। बचपन से ही अपने स्कूल कॉलेज के प्रोग्राम में भी भाग लेती रही सोनिया जोशी का जन्म 22 अगस्त 1992 को माता श्रीमती मधु जोशी (ग्रहणी) एवं पिता श्री हरीश चंद्र जोशी  (रिटायर्ड आईटीबीपी) के घर, ग्राम घानियाल पोस्ट ऑफिस तलवाडी चमोली में हुआ। सोनिया के परिवार में माता-पिता के अलावा एक छोटी बहन और एक छोटा भाई भी है। उनका परिवार एक निम्न मध्यम वर्ग से है। परिवार में शुरुआत से ही बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा परन्तु माता-पिता ने पालन पोषण व पढाई में कोई कमी नहीं छोड़ी।

सोनिया ने शिक्षा अलग-अलग जगह से प्राप्त की है। पिताजी जब आईटीबीपी मातली उत्तरकाशी में कार्यरत थे तो आठवीं तक की पढ़ाई मातली इंटर कॉलेज में की है और उसके बाद की 10वीं 12वीं की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज तलवाडी से फिर बीएससी राजकीय महाविद्यालय तलवाड़ी से की। उसके बाद देहरादून से बीएड किया। स्कूल टाइम से ही उन्हें गाने का व कविता लिखने का शौक था। स्कूल में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर ही उन्हें संगीत में रुचि बढ़ने लगी। खेलकूद में भी हमेशा आगे ही रही। 100 मीटर रेस व हाई जंप में प्रतिभाग किया है।

स्कूल कॉलेज का मान हमेशा बढ़ाया बस हार कभी नहीं मानी। वर्दी पहनने के बाद वह अपनी कविता और अपने गानों के माध्यम से भी जनता की सेवा कर रही है।  समाज में फैली कई बुराइयों, संकीर्ण भावनाओं को दूर करने के लिए भावों, विचारों को अपनी कविता और अपने गीतों के माध्यम से समाज में रखने का समय-समय पर प्रयास करती है। परिवार एवं मित्रों के सहयोग से ड्यूटी के दौरान समय निकाल कर गीत रिकॉर्ड करती है। समाज में फैली बुराइयों जैसे भ्रूण हत्या, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अन्य ऐसी कई गीतों पर स्वयं अभिनय भी कर चुकी है। इनके गीतों को लोगों ने बहुत सहराया है। तेरी मिट्टी गीत गा कर इन्हे एक राष्ट्रीय पहचान मिली। जिसे एक दिन में 40 लाख लोगों ने पसंद किया और एक हफ्ते में 1 करोड़ लोगों ने पसंद किया। फिर तू कितनी अच्छी है गीत भी लोगों बहुत पसंद किया। जिसे अभी तक 40 लाख लोगों ने पसंद किया है। देश के जवानों को समर्पित गीत, मेरा एक सलाम, और महिला सशक्तिकरण पर भी हौसला गीत काफी सराहे गए है।

सोनिया बताती है कि परिवार का साथ और मित्रों का सपोर्ट उन्हें निरंतर अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित करता रहता है। आगे चलकर वो उत्तराखण्ड संगीत जगत को देश और दुनिया के बीच जो-शोर से पहुँचाना चाहती है। और समाज में अपने गीतों के माध्यम से कुरीतियों पर चोट करके जनता को जागरूक करना चाहती है। उनका मानना हैं कि मनुष्य भावनाओं से जुड़ा होता है और अगर आपको समाज को बदलना है तो संगीत में बहुत ताकत होती है। इनके कुछ हिट गाने (तू हौसला रख), (पुकार), (तुमको नमन), सुरकंडा भवानी भजन, इक सलाम देश भक्ति, हौसला है सोनिया को बैडमिंटन खेलना, सिंगिंग और गाना व कविता लिखना पसंद है। साथ ही खाने मे अलग-अलग डिशेज बनाकर खिलाने का शौक रखती है। खाली समय में उन्हें कविताएं लिखना, मूवी देखना और भजन सुनना पसंद है।

फर्ज आखिर फर्ज ही होता है पुलिस की ड्यूटी हो या समाज में फैले तमाम बुराइयों को दूर करने का फर्ज एक पुलिसकर्मी बेहतर ढंग से निभा सकता है। वो भी महिला पुलिसकर्मी। इसका काबिले गौर उदाहरण बनी है सोनिया जोशी जो अभी उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत हैं। अपनी ड्यूटी के साथ आम जनता की सेवा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होकर अपना कर्तव्य निभा रही है सोनिया जोशी। महिला सिपाही वर्दी के साथ-साथ समाज में फैली बुराइयों को मिटाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने पुलिस में कठिन और प्रतिकूल स्थितियों में न  सिर्फ अपने जीवन को संभाला। बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का विषय बनी। आज वह समाज में अलग-अलग कार्य में सक्रिय हैं। बता दें कि इस मुहिम का झंडा हाथ में लेकर काम आसान नहीं था। ऐसे काम आसान भी नहीं होते सोनिया ने मेहनत और काबिलियत के दम पर सफलता के कई ऐसे मुकाम हासिल किए हैं जो हर किसी के लिए मिसाल है।

अपोलो ने किया पाँच साल में 53 पीडियाट्रिक लीवर ट्रांसप्लांट

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मुंबई और पश्चिमी भारत में लीवर ट्रांसप्लांट को बढ़ावा देने के लिए अपोलो ने किया बॉम्बे हॉस्पिटल के साथ समझौता करार

मुंबई। अपोलो हॉस्पिटल्स ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में 53 जीवन रक्षक पीडियाट्रिक लीवर ट्रांसप्लांट सर्जरी पूरी करने की घोषणा की। अस्पताल के सामने अब तक कुल 170 लीवर से संबंधित मामले आए हैं, जिनमें से 34 मृत दाता प्रत्यारोपण से संबंधित हैं और 12 अंतरराष्ट्रीय मामले हैं। पाँच वर्षों में यह महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया। ट्रांसप्लांट वाले बच्चों में 4 महीने के शिशु से लेकर बड़े बच्चों तक शामिल थे, जो बाइलरी अट्रेसिया और जन्मजात लीवर रोग से पीड़ित थे, और लीवर की विफलता की कगार पर थे। अपोलो ने अपोलो हॉस्पिटल्स पश्चिमी क्षेत्र के एचपीबी (HPB) और लीवर ट्रांसप्लांट कार्यक्रम के मुख्य सलाहकार के रूप में 35 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हेपाटो-पैनक्रियाटो-बाइलरी ट्रांसप्लांट सर्जन प्रोफेसर डेरियस मिर्जा के नैदानिक नेतृत्व के तहत महाराष्ट्र और गुजरात राज्य के भीतर मौजूदा लीवर कार्यक्रम के विस्तार की भी घोषणा की। दोनों संस्थान एक सफल लीवर ट्रांसप्लांट प्रोग्राम तैयार के लिए काम करेंगे जो पश्चिमी भारत में लीवर ट्रांसप्लांट केयर में सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञता और नवीनतम विश्व स्तरीय तकनीकी प्रगति लाएगा।
सुश्री प्रीथा रेड्डी (कार्यकारी-वाइस चेयरपर्सन, अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप) ने कहा कि अपोलो के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि हम पाँच वर्षों में 53 पीडियाट्रिक लीवर ट्रांसप्लांट का यह मुकाम हासिल किया है। अपोलो हर वर्ष भारत के 15% लीवर ट्रांसप्लांट करता है और सॉलिड ऑर्गन ट्रांसप्लांट में अग्रणी है। ट्रांसप्लांट में 3 दशकों से अधिक के अनुभव जिसमें 4,051 लीवर शामिल हैं, अपोलो ने 50 से अधिक देशों के रोगियों को सेवा दी है। हम सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा प्रतिभा को जोड़ना जारी रखते हैं, जैसा कि प्रो.डेरियस मिर्जा के एक बार फिर एचपीबी (HPB) और लीवर ट्रांसप्लांट यूनिट के प्रमुख के रूप में बोर्ड पर आने से स्पष्ट है। मैं बॉम्बे हॉस्पिटल के साथ सहयोग का भी स्वागत करती हूँ, यह एक ऐसा गठजोड़ हैं जो हमें अपनी सेवाएं आबादी के एक बड़े हिस्से तक पहुँचाने में मदद करेगा।
प्रो. डेरियस मिर्जा (मुख्य सलाहकार- एचपीबी-लीवर ट्रांसप्लांट प्रोग्राम (वेस्टर्न रीजन), अपोलो हॉस्पिटल्स) ने कहा कि जब मुझे अपोलो हॉस्पिटल्स में लीवर ट्रांसप्लांट प्रोग्राम विकसित करने का अवसर दिया गया, तो मैंने इसे सभी आयु समूहों और विभिन्न जोखिम स्तरों के रोगियों को लीवर ट्रांसप्लांट केयर की एक पूरी श्रृंखला प्रदान करने की अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करने के लिए सबसे उपयुक्त केंद्र पाया। अपोलो हॉस्पिटल्स में पीडियाट्रिक लीवर ट्रांसप्लांट कार्यक्रम में वित्तीय सहायता कार्यक्रमों और गैर सरकारी संगठनों के साथ गठजोड़ के माध्यम से महत्वपूर्ण धन जुटाने की पहल देखी गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को उनकी बीमारियों का सबसे अच्छा इलाज मिल सकेगा। सपोर्ट, पोस्ट ट्रांसप्लांटेशन मेडिकेशन सहायता के लिए भी विस्तारित है।
डॉ. राजकुमार पाटिल (निर्देशक-चिकित्सा सेवा, बॉम्बे हॉस्पिटल और मेडिकल रिसर्च सेंटर) ने कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल और मेडिकल रिसर्च सेंटर जो पिछले 6 दशकों से आम लोगों को अथक और निस्वार्थ चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कर रहा है। बॉम्बे हॉस्पिटल एक लीवर ट्रांसप्लांट कार्यक्रम की योजना बना रहा था और हमारे पास पंजीकृत कुछ मरीज़ों का इलाज नवी मुंबई के अपोलो हॉस्पिटल्स में हो चुका था। हम लीवर ट्रांसप्लांट कार्यक्रम के लिए अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ सहयोग करके खुश हैं और इससे हमारे चिकित्सकों और टीम की आंतरिक क्षमता का निर्माण होगा।