Home Blog Page 323

पीएम मोदी को दिए विवादित बयान पर राजा पटेरिया गिरफ्तार

0

पीएम मोदी को दिए विवादित बयान को लेकर राजा पटेरिया गिरफ्तार

कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री राजा पटेरिया को पन्ना पुलिस ने उनके कथित ‘पीएम की हत्या’  वाले बयान को लेकर उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। नरोत्तम मिश्रा के निर्देश पर राजा पटेरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की बात कहने वाले कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री राजा पटेरिया का वीडियो वायरल होने के बाद पन्ना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इस मामले में मंगलवार सुबह सात बजे पन्ना पुलिस ने हटा पहुंचकर उन्हें उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान पुलिस के कई बड़े आला अधिकारी मौजूद रहे। इनमें पन्ना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी पवई, टीआई पवई, अमानगंज, सिमरिया, सहित हटा एसडीओपी वीरेंद्र बहादुर सिंह एवं हटा का पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। पुलिस उन्हें लेकर सीधे पन्ना पहुंची है। पुलिस वाहन में बैठने के बाद पूर्व मंत्री हाथ हिलाकर अभिवादन भी करते दिखाई दिए।

राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जानकारी ने दी कि पूर्व मंत्री राजा पटेरिया को गिरफ्तार किया गया। आज उन्हें पवई कोर्ट में पेश किया जाएगा। जो पूर्व में उनपर धारा लगी थी, उसमें दो और धाराएं 115 व 117 बढ़ाई गई हैं। किसी अपराध को उकसाने के आरोप में धारा 115 लगाई जाती है।

पन्ना जिले के पवई में आदिवासियों के बीच पूर्व मंत्री राजा पटेरिया का ‘प्रधानमंत्री की हत्या करने के लिए तत्पर रहो’ की बात कहने का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पन्ना एसपी को इस संबंध में मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पवई में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दमोह में भी जगह-जगह राजा पटेरिया का पुतला जलाया गया।

कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ने पीएम मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।  भाजपा नेताओं ने उनके इस बयान की कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा तक ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की। इसके बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के निर्देश पर पन्ना पुलिस ने पटेरिया के खिलाफ शांतिभंग और वैमनस्य फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। राजा पटेरिया का कहना है कि मैंने हत्या करने की बात नहीं कही, बल्कि अगले चुनाव में मोदी को हराने की बात कही है।

राजा पटेरिया रविवार को पन्ना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे थे। इसी कार्यक्रम का एक वीडियो वायरल हुआ। वायरल वीडियो में राजा पटेरिया कहते दिख रहे हैं कि ‘मोदी इलेक्शन खत्म कर देगा। मोदी धर्म, जाति, भाषा के आधार पर बांट देगा। दलितों का, आदिवासियों का, अल्पसंख्यकों का भारी जीवन खतरे में है। संविधान यदि बचाना है तो मोदी की हत्या करने के लिए तत्पर रहो, हत्या इन द सेंस हराने का काम करो।

कांग्रेस नेता राजा पटेरिया की गिरफ्तारी पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि सोमवार को एफआईआर दर्ज हुई। मंगलवार सुबह पन्ना के हटा से पुलिस ने पटेरिया को गिरफ्तार किया है। पटेरिया ने अपराध किया है, जो कानून की परिधि में आता है। यह केवल किसी राजनीतिक कार्यकर्ता का भाजपा के खिलाफ बयान नहीं बल्कि पीएम की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। राजा पटेरिया ने जिस तरह कार्यकर्ताओं की मीटिंग में पीएम की हत्या के लिये तत्पर रहने को कहा, यह शक पैदा करता है कि क्या कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी जा रही है? 10 जनपथ से पीएम मोदी के खिलाफ मुहिम चलाईं जा रही है। पीएम मोदी की लोकप्रियता से राजनीति में कांग्रेस को कहीं कोई स्थान नहीं मिल रहा है। क्या कांग्रेस पीएम मोदी की हत्या की साजिश रच रही है, यह एक जांच का विषय है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में भी लगातार पाकिस्तानपरस्ती की बातें हो रही हैं। देश के खिलाफ बयान देने वाले राहुल की यात्रा में साथ चल रहे हैं। राजा पटेरिया के पूरे कृत्य की जांच होनी चाहिए जिससे पीएम की सुरक्षा में कोई आंच ना आए।

 

 

चीन से झड़प में हमारे सैनिकों ने बहादुरी दिखाई : राजनाथ सिंह

0

चीन से झड़प के मुद्दे पर राजनाथ ने लोकसभा में दिया जवाब, बोले- हमारे सैनिकों ने बहादुरी दिखाई

भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज संसद में सरकार की तरफ से बयान जारी किया। उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा में जवाब देते हुए कहा कि नौ दिसंबर को PLA गुट (चीनी सेना) ने तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में, LAC पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास किया। चीन के इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढ़ता के साथ सामना किया। इस झड़प में दोनों तरफ की सेना को हल्की चोटें आईं। भारतीय सेना ने बहादुरी दिखाते हुए चीन के सैनिकों को अतिक्रमण करने से रोका और वापस लौटने पर मजबूर किया। कुछ ही देर में हमारे सैनिकों ने चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया।

चीन से झड़प के मुद्दे पर राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में भी दिया जवाब

भारत-चीन सेना के बीच हुई झड़प के मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज राज्यसभा में भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नौ दिसंबर 2022 को PLA गुट (चीनी सेना) ने तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में, LAC पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास किया। चीन के इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढ़ता के साथ सामना किया। इस झड़प में दोनों तरफ से हाथापाई भी हुई। भारतीय सेना ने बहादुरी दिखाते हुए चीन के सैनिकों को अतिक्रमण करने से रोका और वापस लौटने पर मजबूर किया। कुछ ही देर में हमारे सैनिकों ने चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया। इस दौरान हमारे किसी भी सैनिक की न तो मृत्यु हुई है, न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है।

हमारे सैनिकों ने चीनी सैनिकों को कुछ ही देर में खदेड़ा: लोकसभा में राजनाथ सिंह

भारत-चीन सेना के बीच हुई झड़प के मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज लोकसभा में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नौ दिसंबर 2022 को PLA गुट (चीनी सेना) ने तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में, LAC पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास किया। चीन के इस प्रयास का हमारी सेना ने दृढ़ता के साथ सामना किया। इस झड़प में दोनों तरफ से हाथापाई भी हुई। भारतीय सेना ने बहादुरी दिखाते हुए चीन के सैनिकों को अतिक्रमण करने से रोका और वापस लौटने पर मजबूर किया। कुछ ही देर में हमारे सैनिकों ने चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया। इस दौरान हमारे किसी भी सैनिक की न तो मृत्यु हुई है, न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है। अधिकारियों के दखल के बाद पीएलए सैनिक वापस लौट गए। 11 दिसंबर को भारत के स्थानीय सैन्य अधिकारी ने पीएलए के अधिकारी के साथ बैठक की और इस घटना पर चर्चा की। उन्हें सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए कहा गया है। मैं इस सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सेनाएं भारत की अखंडता के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके खिलाफ कोई भी प्रयास को रोकने के लिए तत्पर हैं। मुझे विश्वास है कि यह सदन भारत की सेना को समर्थन देगा और उसकी क्षमता और पराक्रम का अभिनंदन करेगा

राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से पैसे मिले: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोकसभा में आज विपक्ष ने प्रश्नकाल नहीं चलने दिया। मैं इस कृत्य की निंदा करता हूं। संसदीय कार्य मंत्री ने साफ कहा कि रक्षा मंत्री संसद में भारत-चीन की सेना के बीच हुई झड़प पर बयान देंगे फिर भी संसद को बाधित किया गया। अमित शाह ने कहा कि चीन पर कांग्रेस का दोहरा रवैया है। भारतीय सैनिकों ने कुछ ही देर में चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया था। भारत की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं हुआ है। शाह ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि नेहरू जी के चीन प्रेम के चलते भारत की सुरक्षा परिषद में सदस्यता बलि चढ़ी थी।  1962 में चीन ने हजारों हेक्टेयर भूमि हड़पी। उन्होंने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को चीन से मोटी रकम मिलती है। राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से पैसे मिले।

संसद हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई

संसद पर हुए हमले के 21 साल पूरे होने पर उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं ने संसद में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।

भारत-चीन मुद्दे पर कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नोटिस दिया

कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी 9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत-चीन के आमने-सामने पर चर्चा के लिए राज्यसभा में नियम 267 के तहत सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से बयान देने और सदन में चर्चा करने की मांग की है।

भारत-चीन मुद्दे पर कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया

कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने 9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के मुद्दे को लेकर  राज्यसभा में नियम 267 के तहत सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया।

चीन से झड़प के मुद्दे पर राजनाथ ने लोकसभा में दिया जवाब, बोले- हमारे सैनिकों ने बहादुरी दिखाई

भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मुद्दे पर आज संसद में विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेस पार्टी जहां पीएम मोदी से जवाब की मांग कर रही है वहीं  एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। इसके अलावा कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने इसी मुद्दे पर शॉर्ट नोटिस दिया है।

प्रोग्रेसिव फाउंडेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर किया राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

0

मुंबई। विश्व मानवाधिकार दिवस को विश्व भर में मनाने के एक भाग के रूप में 10 दिसंबर, 2022 को प्रोग्रेसिव फाउंडेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स (पीएफएचआर) ने एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय जांच एजेंसी के सलाहकार और पूर्व सीबीआई निदेशक(प्रोसिक्यूशन) एस के शर्मा ने संबोधित किया। वहीं राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता-राष्ट्रीय लोक जन शक्ति पार्टी, किसान प्रकोष्ठ) मुकेश पाण्डेय, पूर्व सदस्य, आयुष मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार और प्रधानमंत्री संसदीय क्षेत्र (वाराणसी) के पूर्व अध्यक्ष डॉ आजाद सिंह गौतम, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी रोहित पाण्डेय, फिल्म निर्देशक केसी बोकाडिया, संगीतकार दिलीप सेन, ब्राइट आउटडोर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीएमडी डॉ. योगेश लखानी, डॉ धर्मेंद्र कुमार, सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऋचा पांडे, सेवानिवृत्त जज जितेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया।
इस वर्ष के मानवाधिकार दिवस की थीम ‘गरिमा, स्वतंत्रता और सभी के लिए न्याय’ को रखा गया।
अपने भाषण में पीएफएचआर के अध्यक्ष राकेश पांडे ने बताया कि पीएफएचआर भारत की और सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में सरकारी एजेंसियों के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पीएफएचआर मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए पिछले सोलह साल से काम कर रही है।
पिछड़े, गरीब, महिलाओं तथा उपेक्षित वर्गों को अपने बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित और जनता के बीच जागरूकता पैदा करने की दिशा में काम कर रही है।
श्री पांडे ने कहा कि इन वर्गों में अपने अपरिहार्य मानव अधिकारों के बारे में ज्ञान की कमी है, जिसके लिए हर कोई स्वाभाविक रूप से हकदार है। सामाजिक न्याय एक ऐसे समाज की अवधारणा को संदर्भित करता है जहां हर पहलू में न्याय प्राप्त होता है।
पीएफएचआर पिछले सोलह वर्ष से इनके अधिकारों के लिए इस तरह के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करता आ रहा है।
समाज में अमूल्य योगदान के लिए अमर शहीद मंगल पांडे स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। सम्मानित होने वालों में पीएफएचआर के महाराष्ट्र समन्वयक पंकज जयरथ, पीएफएचआर के आयोजन सचिव उमर खान, निर्माता और निदेशक गोपाल राघव, पीएफएचआर प्रतिनिधि मुरली लालवानी, पीएफएचआर मलाड के अध्यक्ष दर्शन सिंह, पीएफएचआर मुंबई के सहयोगी समन्वयक अश्विन ठक्कर, पीएफएचआर मुंबई प्रभारी लालजी यादव, फिल्म निर्देशक मनोज नाथवानी, फिल्म निर्माता राजेश मित्तल शामिल रहे।

जिस पत्नी की हत्या के लिए काटी जेल, वह राजस्थान में मिली जिंदा

0

‘मुझे पसंद नहीं था पति’: जिस पत्नी की हत्या के लिए काटी जेल, वह राजस्थान में मिली जिंदा, कर चुकी दूसरी शादी

जिस पत्नी की हत्या के आरोप में पति सोनू डेढ़ साल और उसका दोस्त गोपाल नौ माह जेल में रहा वह महिला आरती दौसा (राजस्थान) के विशाला गांव में मिली। मथुरा जिले की स्वाट टीम ने आरती को पकड़ लिया। अब आरती के पिता पिता सूरज प्रसाद गुप्ता निवासी जिला-जालौन को खोजा जा रहा है। 2015 में वह श्रीकृष्ण धर्मशाला गोशाला नगर अटल्ला चुंगी वृंदावन में किराए के मकान पर रह रहे थे। सूरज प्रसाद की बेटी आरती (25) 5 सितंबर 2019 को लापता हो गई थी।

इस मामले में आरती के पिता ने सोनू सैनी, भगवान सिंह और अरविंद पाठक के खिलाफ वृंदावन कोतवाली में हत्या कर शव छिपाने की नीयत से फेंकने की धाराओं में केस दर्ज कराया। पुलिस ने सोनू और गोपाल को जेल भी भेज दिया। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद पहला पति सोनू अपने दोस्त गोपाल के साथ आरती को ढूंढने का प्रयास करता रहा। अचानक एक दिन उसे सफलता मिल ही गई। उसने मेहंदीपुर बालाजी के विशाला गांव में उसे तलाश ही लिया।

आरती यहां पिछले 7 साल से अपने दूसरे पति के साथ रह रही थी। मृत महिला के जिंदा होने की खबर पाकर स्वाट टीम प्रभारी अजय कौशल और वृंदावन कोतवाल विजय कुमार सिंह विशाला गांव पहुंच गए। पूछताछ के बाद पुष्टि होने पर महिला को हिरासत में ले लिया। पुलिस महिला को वृंदावन ले आई। 2015 की फाइलों को खंगाला जा रहा है। पुलिस सोमवार को आरती को कोर्ट में पेश करेगी। इसकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट भी कराएगी।

स्वच्छ भारत मिशन का कर्मचारी बनकर लिए आरती के दस्तावेज
सोनू ने बताया कि बालाजी में एक दुकान पर काम करने वाले विशाला गांव के युवक से उसके दोस्त गोपाल की मुलाकात हुई। बातों- बातों में युवक ने गोपाल से बताया कि हमारे गांव में रेबारी समाज के एक घर में यूपी के जालौन की युवती कुछ साल पहले शादी करके आई थी और तब से वहीं रह रही है। यह सब बातें गोपाल ने जब सोनू को बताईं तो दोनों ने मिलकर इस महिला का पता लगाने का प्लान बनाया। दोनों ने एक युवक को स्वच्छ भारत मिशन का कर्मचारी बताकर बिसाला गांव के उस घर में भेजा जहां आरती रह रही थी।

यहां इस युवक ने सरकारी योजना के तहत शौचालय बनाने और पैसा देने की बात कही तो घर के लोग लालच में आ गए। उन्होंने इस योजना के लिए घर की महिला मुखिया के दस्तावेज मांगे तो महिला ने अपने सारे कागजात उसे दे दिए। जब सोनू और गोपाल ने इन कागजातों को देखा तो सारा माजरा सामने आ गया। मामले का खुलासा करने के लिए दोनों ने बालाजी थाना इंचार्ज अजीत से मदद मांगी तो उन्होंने इसके लिए मथुरा पुलिस से संपर्क किया।

यह है मामला
आरती के पहले पति सोनू सैनी के अनुसार, वह दौसा के बालाजी कस्बे में समाधि गली के पास एक दुकान पर काम करता था। वर्ष 2015 में जन्माष्टमी के दूसरे दिन वृंदावन की रहने वाली आरती अपने पिता के साथ बालाजी दर्शन करने के लिए आई थी। यहां उसकी और आरती की मुलाकात हुई। दोनों ने अपने-अपने नंबर एक-दूसरे को दे दिए। वाकए के करीब बीस दिन बाद आरती फिर उसकी दुकान पर पहुंच गई। यहां आरती ने प्रेम का इजहार कर उससे शादी की इच्छा जताई। दोनों ने बांदीकुई कोर्ट में 8 सितंबर 2015 को शादी की। इसके बाद आरती को अपने गांव रसीदपुर ले गया। सोनू का आरोप है कि यहां पहुंचते ही आरती ने उससे जायदाद अपने नाम करने, चौपहिया वाहन और पचास हजार रुपये की मांग की।

मना करने के करीब आठ दिन बाद आरती लापता हो गई। उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई क्योंकि उसे डर था कि आरती खुद घर से भागकर आई है। ऐसे में वह अगर पुलिस के पास गया तो एक नई आफत सिर लग जाएगी। थककर वह मेंहदीपुर बालाजी में एक दुकान पर मजदूरी करने लग गया। आरती के लापता होने के बाद उसके पिता ने वृंदावन कोतवाली में 25 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सोनू के अलावा उसके दोस्त भगवान उर्फ गोपाल सैनी निवासी उदयपुरा, अरविंद पाठक निवासी अलवर को नामजद किया। इसके चार दिन बाद मथुरा के मगोर्रा क्षेत्र में एक 35 वर्षीय अज्ञात महिला का शव नहर में मिला।

वृंदावन कोतवाली में गुमशुदगी की सूचना दर्ज होने को लेकर पुलिस ने आरती के पिता को बुलाकर शव की शिनाख्त कराई तो पिता सूरज प्रसाद ने उसे अपनी बेटी आरती होना बताया। छह माह बाद 13 मार्च 2016 को पिता सूरज प्रसाद ने सोनू, भगवान सिंह और अरविंद के खिलाफ वृंदावन कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराते हत्या और शव छिपाने का आरोप लगाया। केस दर्ज होने के बाद वृंदावन पुलिस ने सोनू और गोपाल को हिरासत में ले आई। दोनों को हत्या का आरोपी मानते हुए पुलिस ने चार्जशीट पेश कर दी। सोनू और गोपाल जहां काम करते थे वहां के मालिक ने कड़े प्रयासों के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत कराई।

मगोर्रा में मिली लाश आखिर किसकी थी
आरती तो जिंदा मिल गई। पर, जिस शव को आरती का बताया गया वह शव आखिर किसका था। अब यह सवाल भी उठ रहे हैं। वहीं पुलिस ने भी कैसे इस मामले में बिना जांच किए पिता के कहने पर ही शव आरती का मान लिया।

मुझे पसंद नहीं था सोनू: आरती
स्वाट टीम दौसा से आरती को वृंदावन ले आई और यहां उससे जब पूछताछ की। उसने बताया कि उसे सोनू पसंद नहीं था, इसीलिए उसने दूसरी शादी कर ली। अपने पति के साथ विशाला गांव में ही रह रही थी। जब उससे पूछा गया कि इस मामले में उसके पिता ने हत्या की रिपोर्ट किस आधार पर दर्ज कराई तो उसका जवाब था कि यह पिता ही जानें, मेरा इससे क्या मतलब। अब पुलिस पिता की खोज में उरई रवाना हो गई है। स्वाट टीम प्रभारी अजय कौशल ने बताया कि मामले की जांच के लिए आरती के पिता की खोज की गई लेकिन वह वृंदावन स्थित पते पर नहीं मिला। अब पुलिस की टीम उसके गृहक्षेत्र भेजी जा रही है। इसके बाद मामले की वास्तविकता सामने आ पाएगी।

मामले की सीबीआई जांच हो
आरती की हत्या के मामले में डेढ साल तक जेल में सजा काटने वाले सोनू और नौ महीने तक सजा काटने वाले गोपाल का कहना है कि उन्होंने आरती की हत्या नहीं की थी लेकिन इसके बाद भी उन्हें बेवजह फंसाया गया। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। कहा, इस मामले में पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। हमारी पूरी जिंदगी खराब हो गई और बहुत कुछ हमने इस बीच खो दिया। अब हमें न्याय मिलना चाहिये। मामले की सीबीआई जांच हो तब पूरा सच सामने आ पाएगा। उन्हें सभी जगह से यातनाएं मिलीं। हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद घर व समाज से बेदखल कर दिया गया। इस बीच गोपाल के पिता का भी देहांत हो गया। दोनों ने मथुरा पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर के आरोप भी लगाएं। कहा, वृंदावन कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने एनकाउंटर की भी धमकी दी थी। डर के मारे दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया।

 

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल देशमुख को पहले दी जमानत, फिर लगा दी रोक

0

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल देशमुख को पहले दी जमानत, फिर 10 मिनट बाद ही लगा दी रोक

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को भ्रष्टाचार के एक मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को पहले तो जमानत दे दी लेकिन 10 मिनट के भीतर ही इसपर रोक लगा दी।

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की जेल से बाहर निकलने की उम्मीद एक बार फिर से टूट गई। इस बार जमानत भी मिल गई लेकिन CBI की आखिरी दलील ने 10 मिनट के भीतर खेल पलट कर रख दिया। दरअसल, देशमुख को बेल मिलने के बाद सीबीआई ने हाईकोर्ट के सामने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही जिसके बाद अदालत ने उन्हें अनुमति दे दी और इस संदर्भ में खुद के आदेश पर 10 दिनों के लिए रोक लगा दी। बता दें कि देशमुख लगभग 13 महीनों से न्यायिक हिरासत में बंद हैं। देशमुख एक ही आरोप से उत्पन्न दो जांचों में उलझे हुए हैं – एक केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा भ्रष्टाचार के अपराध के लिए और दूसरा प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध के लिए। हालांकि देशमुख को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 4 अक्तूबर को जमानत दे दी थी। लेकिन सीबीआई वाले मामले में, विशेष अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था और उसी को देशमुख ने उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी थी।

देशमुख के वकील ने दिए ये तर्क
वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी और देशमुख की ओर से पेश अधिवक्ता अनिकेत निकम ने तर्क दिया कि चूंकि दोनों मामले जुड़े हुए हैं और चूंकि देशमुख को ईडी मामले में जमानत दी गई थी, इसलिए उन्हें सीबीआई मामले में जमानत दी जानी चाहिए। चौधरी ने तर्क दिया कि देशमुख ने कथित रूप से एक अपराध करने के लिए एक वर्ष से अधिक समय व्यतीत किया है इसलिए अब उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। वहीं अधिवक्ता अनिकेत निकम ने कहा कि हमने अदालत में स्वास्थ्य के आधार पर बहस की। उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा था और हमने अदालत के समक्ष उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड पेश किए। लेकिन सीबीआई ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही। जिसके बाद अदालत ने उन्हें अनुमति दे दी और इस संदर्भ में 10 दिनों के लिए आदेश पर रोक लगा दी।

सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने किया जमानत का विरोध
वहीं सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मंत्री उच्चतम स्तर के भ्रष्टाचार में शामिल थे जिसने राज्य में शासन को प्रभावित किया। सिंह ने यह भी तर्क दिया कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दी गई जमानत विधेय अपराध (इस मामले में, भ्रष्टाचार मामले) में जमानत देने का आधार नहीं हो सकती है। सिंह ने बताया कि देशमुख को सीबीआई की प्राथमिकी को रद्द करने और डिफॉल्ट जमानत की मांग करने वाली याचिकाओं में राहत देने से इनकार कर दिया गया था। सिंह ने यह आशंका भी जताई कि एक प्रभावशाली व्यक्ति होने के नाते देशमुख मामले में लंबित जांच में हस्तक्षेप कर सकते हैं।

बोरवेल में मरते मासूम

0

मध्य प्रदेश के बैतूल में बोरवेल के गड्ढे में गिरे 8 साल के तन्मय को 80 घंटे चले रेस्क्यू आपरेशन के बावजूद बचाया नहीं जा सका। बीती 6 दिसबंर की शाम को तन्मय 400 फीट गहरे बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बावजूद भी देशभर बच्चे लगातार बोरवेल में गिर रहे हैं। प्रशासन और लोगों की लापरवाही की वजह से बच्चे मौत में मुंह में समा रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि देश में ट्यूबवेल और बोरवेल के गड्ढे आखिर कब तक खुले छोड़े जाते रहेंगे और कब तब इसमें मासूम फंसते रहेंगे। हादसे आखिर कब तक होते रहेंगे? इसका जवाब कोई देना नहीं चाहता है।

बैतूल के इस हादसे ने 2006 की उस घटना को ताजा कर दिया है जब हरियाणा के कुरूक्षेत्र जिले के एक गांव में चार साल का प्रिंस एक 60 फीट गहरी बोरवेल में जा गिरा था। उस समय भारतीय सेना ने आगे आकर रेस्क्यू का जिम्मा संभाला था और 50 घंटे बाद प्रिंस का सफल रेस्क्यू किया गया। प्रिंस की तो ऐसी किस्मत रही कि वो पचास घंटे फंसे रहने के बाद भी जिंदा बाहर निकाल लिया गया। लेकिन बैतूल के तन्मय के साथ ऐसा नहीं हो पाया। प्रिंस के रेस्क्यू ऑपरेशन के दृश्य टीवी चैनलों पर लाइव दिखाये जाने के बाद देश—दुनिया का ध्यान ऐसी घटनाओं की ओर गया था। और उम्मीद जताई गई थी कि भविष्य में फिर कभी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

बोरवेल में गिरने पर बहुत ही कम बार ऐसा हुआ है कि किसी को जिंदा बचाया गया हो क्योंकि बोरवेल में ऑक्सीजन की कमी के चलते अंदर फंसे बच्चे का दम घुट जाता है वही बचाने की प्रक्रिया बेहद मुश्किल और लंबी चलने वाली होती है। ऐसा कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, जिससे ऐसे हादसों में होने वाली मौतों की संख्या का सही-सही पता चल सके लेकिन जैसी हमारी व्यवस्थाएं हैं और जिस तरह का हमारा तंत्र है, उसके मद्देनजर यह अवश्य कहा जा सकता है कि बार-बार होते ऐसे हादसों पर आंसू बहाना ही हमारी नियति है।

जानकारी के अनुसार देश में तेजी से गिरते भू-जल स्तर के चलते टयूबेल को चालू रखने के लिए कई बार उन्हें एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ता है। और जिस जगह से टयूबेल को हटाया जाता है, वहां लापरवाही के चलते बोरवेल खुला छोड़ दिया जाता है। तमाम हादसों के बावजूद न तो आम आदमी में जागरूकता आई है और न ही प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की फुर्सत है।

बोरवेलों में बच्चों के गिरने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2010 में ऐसी हादसों पर संज्ञान लिया था और कुछ दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। 2013 में सर्वोच्च अदालत ने बोरवेल से जुड़े कई दिशा-निर्देशों में सुधार करते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए थे। लेकिन नियमों की अवहेलना करना हमारी आदतों में शुमार हो गया है।

ऐसे हादसे बड़े ही दुखदाई होते हैं लेकिन उससे भी ज्यादा दुखदाई बात यह है कि हम जरा सी कोशिश उसे इन हादसों को टाल सकते हैं लेकिन फिर भी लापरवाही और मूर्खता के चलते थोड़ी भी सावधानी नहीं बरतते। जानकारों के अनुसार, बोरवेल की खुदाई से पहले खुदाई वाली जगह पर चेतावनी बोर्ड लगाया जाना और उसके खतरे के बारे में लोगों को सचेत किया जाना जरूरी है।। इसके अलावा ऐसी जगह को कंटीले तारों से घेरने और उसके आसपास कंक्रीट की दीवार खड़ी करने के अलावा गड्ढ़ों के मुंह को लोहे के ढ़क्कन से ढ़कना भी अनिवार्य है। लेकिन सरकारी अथवा गैर सरकारी संस्थाओं या व्यक्तियों द्वारा बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए गड्ढ़े खोदना और खुदाई के बाद उन्हें खुला छोड़ देने का सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है।

हर घटना से सीखने की बात होती है पर घटना दर घटना होती रहती है और मासूम मौत के कुएं में गिरते रहते हैं। मौत के ऐसे गड्ढे कब भरे जायेंगे जिम्मेदार इसका जवाब नहीं दे पा रहा हैं। आखिर कब तक मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ होता रहेगा? (युवराज)

प्रधानमंत्री ने नागपुर और बिलासपुर के बीच छठी वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई

0
प्रधानमंत्री ने 11.12.2022 को नागपुर और बिलासपुर के बीच छठी वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई
प्रधानमंत्री ने नागपुर और अजनी रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का शिलान्यास किया
 नागपुर-इटारसी तीसरी लाइन परियोजना के कोहली-नरखेड़ खंड (49.74 किमी) एवं 12000 एचपी डब्ल्यूएजी-12 क्लास माल इंजनों के लिए सरकारी रखरखाव डिपो, अजनी को राष्ट्र को समर्पित किया*
 अत्यंत आकर्षक रंगीन ढंग से सजाए गए नागपुर स्टेशन पर जनता के उत्साह के बीच  नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री ने आज दिनाँक 11.12.2022 को नागपुर रेलवे स्टेशन से नागपुर और बिलासपुर के बीच देश की छठी वंदे भारत एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया,उन्होंने नागपुर औऱ अजनी स्टेशन के पुनर्विकास का शिलान्यास , 12000 HP WAG-12 माल इंजनों के लिए समर्पित सरकारी रखरखाव डिपो, अजनी,  नागपुर-इटारसी तीसरी लाइन परियोजना का कोहली-नरखेड़ खंड (49.74 किमी) का  ई-पट्टिका से अनावरण करके राष्ट्र को समर्पित किया।
भगत सिंह कोश्यारी, महाराष्ट्र के राज्यपाल,  एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र के  मुख्यमंत्री, श्री नितिन गडकरी, माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, रावसाहेब दादाराव पाटिल दानवे, माननीय केंद्रीय रेल, कोयला और खान राज्य मंत्री,  देवेंद्र फडणवीस , महाराष्ट्र के माननीय उपमुख्यमंत्री, डॉ. भारती पवार, माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री,  वी.के. त्रिपाठी, अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रेलवे बोर्ड, अनिल कुमार लाहोटी, महाप्रबंधक, मध्य रेल, श्रीमती ऋचा खरे, मंडल रेल प्रबंधक, नागपुर मंडल, मध्य रेल और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे। माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी को मंच पर गणमान्य व्यक्तियों द्वारा एक पेंटिंग भेंट की गई। यह पेंटिंग उसी एंगल से एक सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी  बिजय बिस्वाल द्वारा बनाई गई है, जहां ऑरेंज सिटी नागपुर से छठी वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई गई थी।  50×30 इंच के कैनवास पर ऐक्रेलिक से एक महिला को प्लेटफार्म पर संतरे ले जाते हुए चित्रित किया गया है।
 महाराष्ट्र राज्य की शीतकालीन राजधानी नागपुर इस वंदे भारत एक्सप्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर और छत्तीसगढ़ राज्य के एक महत्वपूर्ण शहर बिलासपुर से जुड़ रहा है।  भारतीय रेल पहले से ही 5 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चला रहा है।  वंदे भारत एक्सप्रेस 2.0 यात्रियों को यात्रा अनुभव और कवच तकनीक सहित उन्नत अत्याधुनिक संरक्षा फीचर्स के साथ यात्रियों को प्रदान करने वाली असंख्य बेहतर सुविधाएं प्रदान करता है।  वंदे भारत ट्रेन में एक्जीक्यूटिव क्लास के डिब्बों में 180 डिग्री घूमने वाली सीटों की अतिरिक्त सुविधा के साथ रिक्लाइनिंग सीटें प्रदान की गई हैं।  प्रत्येक कोच 32” स्क्रीन से सुसज्जित है जो यात्री सूचना और इंफोटेनमेंट प्रदान करता है।  दिव्यांगों के अनुकूल वॉशरूम और ब्रेल अक्षरों में सीट नंबर के साथ सीट हैंडल भी उपलब्ध कराए गए हैं।  वायलेट (यूवी) लैंप के साथ उच्च दक्षता कंप्रेसर के माध्यम से बेहतर गर्मी वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग नियंत्रण टच फ्री सुविधाओं के साथ वैक्यूम शौचालय, सभी विद्युत कक्षों और शौचालयों में एयरोसोल आधारित आग का पता लगाने और दमन प्रणाली के साथ बेहतर अग्नि सुरक्षा उपाय।  वंदे भारत ट्रेन-जिसे इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, पेराम्बूर, चेन्नई में स्वदेशी रूप से निर्मित किया गया है- भारतीय इंजीनियरों की क्षमता का प्रमाण है और मेक इन इंडिया पहल की पराकाष्ठा है।  यह माननीय प्रधानमंत्री के आत्म निर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
 20825 वन्दे भारत एक्सप्रेस दिनांक 12.12.2022 से प्रतिदिन शनिवार को छोड़कर बिलासपुर से  06.45 बजे प्रस्थान कर उसी दिन 12.15 बजे नागपुर पहुंचेगी।
 20826 वन्दे भारत एक्सप्रेस दिनांक 12.12.2022 से शनिवार को छोड़कर नागपुर से प्रतिदिन 14.05 बजे प्रस्थान कर उसी दिन 19.35 बजे बिलासपुर पहुंचेगी।
 ट्रेन में एसी चेयर कार और एक्जीक्यूटिव चेयर कार की सुविधा होगी और यह नागपुर और बिलासपुर के बीच रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, गोंदिया स्टेशनों पर रुकेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागपुर और अजनी रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं (क्रमशः 589.22 करोड़ रुपये और 359.82 करोड़ रुपये की लागत) का शिलान्यास और 12000 एचपी डब्ल्यूएजी-12 श्रेणी के माल इंजनों के लिए समर्पित सरकारी रखरखाव डिपो, अजनी , लागत रु.110 करोड़) और नागपुर-इटारसी तीसरी लाइन परियोजना का कोहली-नरखेड़ खंड का (लागत रु.453 करोड़) नागपुर में ई -पट्टिकाओं का अनावरण करके राष्ट्र को समर्पित किया।

कृष्णा चौहान फाउंडेशन द्वारा चौथे बॉलीवुड लीजेंड अवॉर्ड 2022 का शानदार आयोजन

0

संगीतकार इस्माइल दरबार, संगीतकार दिलीप सेन, बी एन तिवारी, रमेश गोयल, अनिल नागराथ, योगेश लखानी, दीपा नारायण सहित कई हस्तियों को मिला सम्मान

मुम्बई। कृष्णा चौहान फाउंडेशन द्वारा बॉलीवुड लीजेंड अवॉर्ड – 2022 के चौथा सीजन का आयोजन 10 दिसम्बर 2022 को किया गया। भारतीय फिल्मों और उसकी तरक्की में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को आयोजक कृष्णा चौहान ने इस पुरस्कार से सम्मानित किया।
ब्राइट आउटडोर मीडिया के सीएमडी डॉ योगेश लखानी, संगीतकार दिलीप सेन, देवदास और हम दिल दे चुके सनम फेम संगीतकार इस्माइल दरबार, बी एन तिवारी, रमेश गोयल, बीरबल, विजेंद्र गोयल, नाफ़े खान, देव मेनारिया, पुनीत सहित कई हस्तियां इस अवार्ड समारोह में सम्मिलित हुए।
डॉ योगेश लखानी, संगीतकार दिलीप सेन, बी एन तिवारी, रमेश गोयल, बीरबल, विजेंद्र गोयल, नाफ़े खान, देव मेनारिया, पुनीत ने दीप प्रज्वलित किया। शो में सिया काले ने डांस किया और भारती छाबड़िया ने एंकरिंग की।
समारोह में सिंगर संध्या पवार, विजय कश्यप, तृप्ति शुक्ला, निकेश ताराचंद, ज्योति झिंज्ञानी, बीरबल खोसला, के के गोस्वामी, पुनीत कुमार वोरा, जान्हवी राठौड़, डॉ भारती छाबड़िया को अवार्ड प्रदान किया गया।
ऐश्वर्या सिंह, दीपा नारायण, रंजन कुमार सिंह (टीवी डायरेक्टर), आर राजपाल, सिंगर राजू टांक, चंद्रप्रकाश, आसमा कपाड़िया, राजेन्द्र, उपेंद्र पंडित, महताब आलम, दिनेश कुमार, नसीर तगाले, दिलीप पटेल, देवेंद्र खन्ना, प्रमोद शर्मा, दीपक साहू, मंगेश, रत्न जी, रेहान शेख, गणेश पाण्डेय, पीके गुप्ता, केवल कुमार, तेजेन्द्र सिंह सहित कई लोगों को सम्मानित किया गया।
मंच पर संगीतकार दिलीप सेन ने कृष्णा चौहान की भारी प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि कृष्णा चौहान न केवल एक फ़िल्म निर्देशक एवं समाज सेवक हैं बल्कि अवार्ड्स फंक्शन करने के मामले में सबसे अधिक चर्चा में रहते हैं। वह केसीएफ के अंतर्गत बॉलीवुड लीजेंड अवॉर्ड, बॉलीवुड आइकोनिक एवॉर्ड, लीजेंड दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड और महात्मा गांधी रत्न अवार्ड का आयोजन पिछले कई वर्षों से करते आ रहे हैं।
4 मई 2022 को अपने जन्मदिन के अवसर पर कृष्णा चौहान ने लीजेंड दादा साहेब फाल्के अवार्ड 2022 का भव्य आयोजन किया था।
अब चौथे बॉलीवुड लीजेंड अवार्ड 2022 का आयोजन 10 दिसम्बर को मेयर हॉल अंधेरी मुम्बई में किया।
नए वर्ष में कृष्णा चौहान अपनी अगली हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘आत्मा डॉट कॉम’ की शूटिंग शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।
आपको बता दें कि कृष्णा चौहान का हिंदी अल्बम ‘ज़िक्र तेरा’ हाल ही में रिलीज हुआ है और उनकी हिंदी फिल्म ‘आत्मा डॉट कॉम’ अगले माह फ्लोर पर जाने वाली है, जिसके संगीतकार दिलीप सेन हैं।

​​खुद को गाय-भैंस समझकर घास चरते हैं लोग

0

​​खुद को गाय-भैंस समझकर घास चरते हैं लोग, दुनिया की सबसे अजीब बीमारी

सर्दी-खांसी, बुखार, सिर दर्द, कमर दर्द और न जाने ऐसी कितनी ही बीमारियां हैं, जिनके बारे में आप झट से बता देंगे. लेकिन एक ऐसी अनोखी बीमारी है, जिसे दुनिया की सबसे मिस्टीरियस या यू कहें कि अजीब बीमारी कहा जाता है. इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति किसी गाय या भैंस की तरह व्यवहार करने लगता है. जब ये बीमारी किसी इंसान को होती है तो वो गाय या भैंस की तरह घास तक चरने लगता है. बड़ी अनोखी बीमारी है ये और महिला या पुरुष किसी को भी हो सकती है.

बीमारी का नाम क्या है?
इस बीमारी का नाम है ​बोएंथ्रोपी (Boanthropy). इसे साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर कहा जाता है. इस बीमारी को दुर्लभ बीमारियों की लिस्ट में रखा गया है. इससे पीड़ित व्यक्ति हाथ और पैर जमीन पर रखकर गाय या भैंस की तरह चलने लगता है. उसे लगता है कि वह इन्हीं में से कोई जीव है और उनकी तरह घास खाने की कोशिश करता है. कई मामलों में ये भी देखा गया है कि ​बोएंथ्रोपी हो जाने पर व्यक्ति गाय या भैंस की तरह रंभाता भी है.

ये बीमारी होती क्यों है?
इसके बारे में अभी कई तरह की रिसर्च चल रही है. हालांकि, शुरुआती जो रिसर्च हैं उनमें पाया गया है कि जब व्यक्ति Delusional state यानी भ्रम की अवस्था में होता है तो वह ​बोएंथ्रोपी का शिकार हो सकता है. ये सम्मोहन के जरिए भी हो सकता है. हालांकि, यह बीमारी अभी तक बहुत ज्यादा लोगों को नहीं हुई है, लेकिन जिसके हुई उसके खतरनाक परिणाम सामने आए हैं. कई बार सपनों में भ्रम की स्थिति पैदा हो जाने से भी ये बीमारी हो सकती है. अगर कभी आपको अपने आसपास कोई व्यक्ति मिले, तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास जाने की सलाह दें. इस बीमारी से ग्रसित होने पर मनोचिकित्सक काफी हद तक मददगार हो सकते हैं.

इस बीमारी सबसे दुर्भाग्यपूर्ण मामला
​बोएंथ्रोपी का सबसे खतरनाक मामला नेबूकग्नेजर (Nebuchadnezzar) नाम के राजा को हुई थी. वह नव-बेबीलोनियन साम्राज्य के पावरफुल राजा थे. वो राजा गाय की तरह बर्ताव करते थे और घास चरा करते थे. गूगल पर उनकी काफी सारी तस्वीरें मौजूद हैं.

खसरे के प्रभाव को रोकने को नवी मुंबई मनपा का टीकाकरण पर जोर

0
खसरे के प्रभाव को रोकने को नवी मुंबई मनपा का सर्वेक्षण और टीकाकरण पर जोर

नवी मुंबई। विभिन्न शहरों में खसरे के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए नमुम्पा नियमित टीकाकरण कार्यबल की विशेष बैठक में महानगरपािलका आयुक्त राजेश नार्वेकर द्वारा अनुमोदित किया गया है िक यदि खसरे का कोई नया मामला सामने आता है तो उस क्षेत्र में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को खसरा रूबेला टीके की 1 अतिरिक्त डोज और 6 माह से 9 माह तक के बच्चों को एमआर टीके की जीरो डोज देने का निर्णय लिया गया। इसके अनुसार जुहूगांव, सीबीडी बेलापुर, करावे, पावणे इन चार प्राथमिक स्वास्थय केंद्र परिसर में अतिरिक्त डोज व जीरो डोज िदया गया। इसमें पावने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के 19 बूथों पर 1596 अतिरिक्त डोज, जुहूगांव शहर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के 17 बूथों पर 60 शून्य डोज और 1405 अतिरिक्त डोज दी गई। इसी प्रकार करावे नगर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र क्षेत्र के 20 बूथों पर 59 जीरो डोज एवं 1025 अतिरिक्त डोज तथा सीबीडी बेलापुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र क्षेत्र के 27 बूथों पर 59 जीरो डोज एवं 1162 अतिरिक्त डोज दिये गये। टीकाकरण का दूसरा चरण पांच दिसंबर से नगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जुहूगांव, सीबीडी बेलापुर, करावे, पावने खैरने के क्षेत्र में टीकाकरण का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से किया गया है और
इसमें 8755 अतिरिक्त डोज और 224 जीरो डोज दी गई है। इसी तरह नागरिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खैरणे के क्षेत्र में 5 से 9 दिसंबर तक 9 माह से 5 वर्ष तक के 6406 बच्चों के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए 43 बूथों की योजना बनाई गई है।