कठुआ। संभाग के पहाड़ी जिलों से पशुपालकों का पशु व्यापार मेले में रूझान देखने को मिला। हॉलस्टन फ्रीजन (एचएफ) नस्ल की गाय जहां 90 हजार में बिकी तो वहीं जर्सी गाय की बिक्री 65 हजार तक हुई। खास बात यह रही कि इस बार के पशु मेले में अच्छे स्वास्थ्य के पशुओं को ही अनुमति दी गई। जिसके लिए विभाग की ओर से बाकायदा अलग अलग कमेटियों का गठन किया गया था।
पूर्व नगरसेवक विक्रम प्रताप सिंह की शिवसेना उत्तर प्रदेश प्रभारी पद पर नियुक्ति
– अंकित मिश्रा
मुंबई: उत्तर भारतीयों में लोकप्रिय एवं युवाओं में अच्छी पकड़ रखने वाले प्रताप फाउंडेशन के अध्यक्ष विक्रम प्रताप सिंह को शिवसेना उत्तर प्रदेश प्रभारी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
ज्ञात हो कि पूर्व नगरसेवक विक्रम प्रताप सिंह काफी वर्षों से शिवसेना में सक्रिय रहकर कार्य कर रहे हैं, शिवसेना के मुख्य नेता एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधायक प्रताप सरनाईक के सिफारिश पर शिवसेना उत्तर प्रदेश प्रभारी पद की जिम्मेदारी सौंपी।
विक्रम प्रताप सिंह को बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई एवं इनके जनसंपर्क कार्यालय पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। विक्रम प्रताप सिंह ने कहा कि मैं काफी वर्षों से मीरा भाईंदर में शिवसेना पार्टी के लिए मजबूती से काम कर रहा हूं। पार्टी ने जो मुझे नई जिम्मेदारी दी है, उसपर मैं खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा एवं शिवसेना संगठन को उत्तर प्रदेश की धरती व अन्य जगहों पर मजबूत करने की पूर्ण कोशिश करूंगा। मैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं शिवसेना के वरिष्ठ नेता विधायक प्रताप सरनाईक का आभार प्रकट करता हूं ।
गौ टेक (GAU TECH)- 2023 – गौ आधारित उद्यमिता पर अंतर्राष्ट्रीय निवेश सम्मलेन एवं एक्सपो का राजकोट में भव्य आयोजन की घोषणा
24 मई से 28 मई 2023 तक रेसकोर्स ग्राउन्ड, राजकोट में आयोजित सम्मलेन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” के स्वप्न को साकार करने में सहायक होगा । – डॉ. वल्लभभाई कथीरिया
गौ टेक – 2023 संयुक्त राष्ट्र संघ के 17 सातत्य पूर्ण विकास लक्ष्यों को पूर्ण करने में मदद करेगा। – मितल खेताणी
गौमाता अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। – श्री हंसराजभाई गजेरा“गौ टेक 2023″ गौ उद्यमिता के क्षेत्र में सकारात्मक क्रांतिकारी परिवर्तन ले कर आएगा – श्री पुरीश कुमार
Rajkot – आदरणीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप, “गो धन” और “गोबर टू गोल्ड” जैसी गौ आधारित अर्थव्यवस्था के माध्यम से “आत्मनिर्भर भारत” और “मेक इन इंडिया” के दृष्टिकोण को अंजाम देने के लिए, ग्लोबल कन्फेडरेशन ऑफ़ काउ बेज़्ड इंडस्ट्रीज़ (GCCI) द्वारा, 24 से 28 मई, 2023 के दौरान राजकोट, गुजरात, भारत में “GAU TECH – 2023”, वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन और प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। डॉ वल्लभभाई कथीरिया ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया।
इस आयोजन के माध्यम से गौ उद्यमियों, टेक्नोक्रेट्स, प्रशिक्षकों, विपणकों, व्यवसायियों, गैर सरकारी संगठनों, समस्त हितधारकों, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों, कॉर्पोरेट्स और एजेंसियों को एक साथ इस आयोजन के माध्यम से एकत्रित होंगे और गौ उद्यमिता पे आधारित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। G2B और B2B व्यापार के अवसरों के लिए यह कार्यक्रम एक अनूठा मंच प्रदान करेगा ।
साथ ही, देश के सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ाने के लिए पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के अवसरों को प्रोत्साहित करेगा। देश-विदेश के उद्योग जगत से जुड़े उद्यमी अपने स्टॉल के माध्यम से जानकारी देंगे। इसके साथ ही लघु उद्योग भारती के श्री हंसराजभाई गजेरा ने कहा कि ये आयोजन एम.एस. एम. ई. उद्योग और विपणन के लिए एक मंच प्रदान करेगा। साथ ही पशुपालन मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, उद्योग मंत्रालय, कौशल विकास मंत्रालय, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, महिला कल्याण मंत्रालय आदि की अपनी योजनाएं हैं, जिनका लाभ युवा और महिला उद्यमियों को लेना चाहिए। इन सबकी विस्तृत जानकारी सक्षम अधिकारीयों द्वारा इस आयोजन में प्रदान की जाएगी। गौ पालन और गौ उद्यमिता से जुड़कर उद्यमियों को लाभ लेना चाहिएl
जी.सी.सी.आई. सेक्रेटरी श्री पुरीश कुमार ने बताया “GAU TECH – 2023” में केन्द्र एवं समस्त राज्य सरकारों द्वारा क्रियान्वित विभिन्न अनुदान, ऋण, एवं प्रोत्साहन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जायेगी। गायों से जुड़े सभी आयामों पर काम कर के करोड़ों की आमदनी कैसे की जा सकती है इसके बारे में बताया जाएगा। साथ ही हमारी देशी गाय, गौ सेवा, गौ संरक्षण, गौ पालन, गौ प्रजनन, गौ उत्पादन, गौ ऊर्जा, गौ पर्यटन, जैविक खेती जैसे विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा और जानकारी प्रदान की जाएगी। गौ आधारित उद्योगों के प्रभावी उपयोग से लखपती करोड़पति बनने की अपार क्षमता है चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स से श्री वी. पी वैष्णव ने कहा गोमूत्र, गाय का गोबर गौशालाओं में कच्चे माल के रूप में आसानी से उपलब्ध है, जिसका उपयोग बड़े पैमाने पर गौ आधारित उत्पादों के लिए किया जा सकता है। यह गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनने, युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार पैदा करने में मददगार हो सकता है। डिजिटल मार्केटिंग और आउटलेट के माध्यम से उत्पाद उपलब्ध कराकर निर्यात–आयात व्यवसाय में भी कमाई की जा सकती है, हालांकि, गौ आधारित अर्थव्यवस्था में ऐसे कई नए उद्योगों के बड़े अवसर हैं। सरकार और समाज के साथ हाथ मिलाकर, “गौ रक्षा” को उसके व्यापक अर्थों में साकार करते हुए, भारत समृद्ध बन सकता है और देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था तक ले जाने और हरित अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने का एक शक्तिशाली साधन साबित हो सकता है।
सामाजिक कार्यकर्ता श्री मित्तलभाई खेतानी ने कहा कि गाय का पालन सिर्फ सिर्फ दूध के लिए ही नहीं, बल्कि गोबर और गौमूत्र जो गायें जीवन पर्यंत देती हैं, वो भी आर्थिक लाभ का साधन हैl गाय का मतलब गाय के साथ बछड़े – बछिया, बैल, सांड, बूढ़ी गाय का गोबर और गौमूत्र भी विभिन्न गौ आधारित उद्योगों के लिए संगोष्ठी और रोज शाम को गाय से संबंधित अनूठे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे ।
“GAU TECH – 2023” संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा प्रस्तावित 17 सातत्यपूर्ण विकास लक्ष्यों को गौ के विभिन्न आयामों के माध्यम से पूरा करने के बारे में भी जानकारी प्रदान करेगा। आधुनिक गौ–पालन में तकनीक के प्रयोग से श्रेष्ठ सांडों को तैयार करना, सेक्स्ड सीमैन तकनीक विकसित करने, भ्रूण प्रत्यारोपण करने, सीमन प्रयोगशाला स्थापित करने जैसे विभिन्न उद्योगों में सरकार की मदद से पीपीपी मॉडल पर कारोबार शुरू हो गया है।
भारतीय देसी गायों के A2 दूध, मक्खन, घी और छाछ के साथ–साथ औषधीय घी के मूल्यवर्धन के रूप में एक बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार उभरा है। गोमूत्र और गोबर से जैविक खेती के लिए जैव–कीटनाशक और जैव–उर्वरकों के साथ–साथ पर्यावरण की सफाई के लिए विभिन्न दवाएं, गोनाइल, सैनिटाइज़र और विभिन्न घरेलू कॉस्मेटिक गोबर उत्पादों ने महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के साथ उद्यमिता के अवसर पैदा किए हैं।
कुटीर उद्योग, मध्यम और बड़े पैमाने पर उत्पादन क्षमता वाले कॉर्पोरेट संयंत्रों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाएँ हैं। गाय के गोबर से प्लाइवुड प्लास्टर, पेंट, ईंट, टाइल, कागज और श्मशान लकड़ी के विकल्प के रूप में गौ काष्ठ के रूप में एक बड़ा बाजार बन रहा है। गोबर, गोमूत्र से जैव–ईंधन, बायो–गैस, सीएनजी, कार्बन दी ऑक्साइड, हाइड्रोजन का उत्पादन कर कारखानों में आपूर्ति की जा रही है। सरकार की बाय बैक योजना भी प्रभावी है। इसी तरह, एनजीओ या सहकारी समितियों द्वारा बड़े पैमाने पर “गौ छात्रावास” शुरू किए गए हैं, जो घर घर गायों की अवधारणा का विस्तार करते हैं और पेशेवर सेवाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्रदान करते हैं। गौ आधारित उद्योगों के लिए बड़े पैमाने पर मशीनरी निर्माण की अपार संभावनाएं हैं।
गौ नवाचारी श्री रमेशभाई रूपरेलिया ने बताया कि पंचगव्य सर्वोत्तम आयुर्वेदिक औषधि है। गाय चलता फिरता औषधालय है। बहुत से मंत्रालयों को आयुर्वेद क्षेत्र के विकास से जोड़कर हम आयुर्वेद में नई ऊंचाईयां हासिल कर सकते हैं। विभिन्न आयुर्वेदिक फार्मा कंपनियों से पशु चिकित्सा के लिए आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के लिए आगे आने का अनुरोध किया जाता है। यह एक्सपो मौजूदा “प्राकृतिक खेती” के अभियान को गति देगा और किसानों को उनकी उपज से अधिक कमाई करने में मदद करेगा। समाज स्वस्थ बनेगा।
जीवन पर्यन्त उपलब्ध रहता है। गोमूत्र गोबर का उद्योगों में उपयोग आवारा पशुओं की समस्या के समाधान में सहायक हो सकता हैं सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता हैl पंजरापोल, गौशाला समृद्ध होगी। भारतीय संस्कृति की “गौ सेवा” की अवधारणा की वास्तविक भव्यता की प्राप्ति होगी।
श्री रमेशभाई घेटीया ने बताया कि राष्ट्रीय कंपनियों, विभिन्न उद्योगों, गैर सरकारी संगठनों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों का अपने उत्पादों और सेवाओं के बारे में जनता को जानकारी प्रदान करने के लिए, इस एक्सपो में 400 से अधिक स्टॉल और विभिन्न मंडप रखे गए हैं। सरकार का एमएसएमई विभाग इस प्रदर्शनी में स्टॉल धारकों को सब्सिडी देगा। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए वातानुकूलित डॉम की व्यवस्था की गई है।
जी.सी.सी.आई. की टीम पूरे भारत से कई उद्यमियों, निवेशकों, वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और आम जनता को इस शिखर सम्मेलन और एक्सपो में आकर्षित करने के लिए काम कर रही है। एडेक्स इवेंट्स एंड एक्जीबिशन और सहयोगी एडेक्स ग्राफिक्स, एडेक्स मीडिया लिंक्स को इस कार्यक्रम में सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है। सभी उद्यमियों, युवाओं, महिलाओं, वैज्ञानिकों, उद्योगपतियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और धार्मिक लोगों से अनुरोध है कि गौ आधारित निवेश शिखर सम्मेलन और एक्सपो “GAU TECH – 2023” की इस अनूठी अवधारणा में सहभागी हो l
इस प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री डॉ. वल्लभभाई कथीरिया, श्री भानुभाई महेता, श्री अरुण निर्मल, चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स से श्री वी. पी वैष्णव, जी.सी.सी.आई. के सेक्रेटरी श्री पुरीश कुमार, लघु उद्योग भारती के श्री हंसराजभाई गजेरा, उद्योगपती श्री गणेशभाई ठुमर, , पूर्व लायन्स गवर्नर श्री रमेश भाई घेटीया, श्री मित्तलभाई खेताणी, धीरुभाई कानाबार, रमेशभाई रूपारेलिया, चंद्रेशभाई पटेलर एवं एडेक्स इवेंन्टस के श्री धर्मेशभाई राठोड, मुकेशभाई राठोड, जयेशभाई, चिंतनभट्ट उपस्थित रहे ।
युवा राजनीति के क्षेत्र में दिया जायेगा भरत लिंबाचिया को ” गऊ भारत भारती ” द्वारा सर्वोत्तम सम्मान
मुंबई – ” गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान ” दिनाँक १८ अप्रैल को गोरेगाँव में आयोजित समाचारपत्र के ९वें वार्षिक वर्षगांठ के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों को प्रदान किया जायेगा।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक समाचारपत्र के संपादक और प्रकाशक संजय अमान ने यह जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है। यह कार्यक्रम ट्रेंटो बैंक्वेट ओजोन स्विमिंग पूल के बगल में,सिद्धार्थ नगर, विवेक कॉलेज के पास,गोरेगांव पश्चिम, मुंबई – 400 104 में शाम ६ बजे से शुरू हो कर रात १० बजे तक चलेगा। इस कार्यक्रम में काऊ बेस इकोनॉमी अर्थवयवस्था पर सेमिनार भी रखा गया है जिसमे गौविज्ञान से जुड़े वैज्ञानिक भी भाग ले रहे है।
इस सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पर्यटन और रक्षा केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट जी ,उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक जी भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार , सांसद गजानंद कीर्तिकर , विधायक विद्या ठाकुर , नगरसेविका सुनीता राजेश मेहता , तथा भाजपा के अन्य वरिष्ठ राजनेताओ को आमंत्रित किया गया है।
इस वर्ष के युवा राजनीति के क्षेत्र में भाजपा युवा मोर्चा के युवा नेता श्री भरत लिंबाचिया को यह सम्मान दिया जा रहा है। लिंबाचिया भाजपा के युवा नेता है और राजनैतिक तथा सामाजिक कार्यों में अच्छा काम कर रहे है। चयन समिति द्वारा इनके नाम का प्रस्ताव दिया गया था।
समाचारपत्र के संरक्षक रामकुमार पाल , श्याम जी केडिया के अनुसार हर वर्ष समाज सेवा , गौसेवा , राजनीति , कला , पत्रकारिता , शिक्षा , से जुड़े लोगो को यह सम्मान दिया जाता है। यह ९वां वर्ष है।
एक अप्रैल से शुरू होगी पशु एम्बुलेंस सेवा, गौ सेवा क्षेत्र में सीएम शिवराज का बड़ा फैसला

Animal ambulance service: मध्य प्रदेश में इलाज में देरी या अन्य वजहों से पशुओं के जोखिम कम होंगे। इंसानों की तरह अब पशुओं के लिए भी एम्बुलेंस सेवा शुरू करने का सरकार ने निर्णय लिया है। इस दिशा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और सरकार के प्रयास एक अप्रैल से नजर आना शुरू हो जाएंगे। इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस सिलसिले में पशुपालन और डेयरी मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने एक बैठक भी की। जिसमें पशुपालन विभाग की परामर्शदात्री समिति को बताया गया कि डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के साथ पशुओं की बेहतर ढंग से देखभाल के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जारी हैं।
प्रदेश में एक अप्रैल 2023 से पशु एम्बुलेंस सेवा शुरू हो जायेगी। पशुपालन विभाग ने एम्बुलेंस में एक डॉक्टर, एक कम्पाउण्डर, एक ड्रायवर सहित कॉल-सेंटर के लिये 1238 लोगों को रोजगार से जोड़ा है। एम्बुलेंस में सभी जरुरी सुविधाएं रहेंगी। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री प्रेमसिंह पटेल विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक में कहा कि धार्मिक व्यक्ति और संस्थान गो-शालाओं का संचालन बेहतर ढंग से करते हैं। जिन ग्राम सभाओं में गो-शालाओं का व्यवस्थित संचालन नहीं हो रहा है, वहां की जिम्मेदारी एनजीओ को दें। हाल ही में लम्पी बीमारी से बचाव के लिये गायों को 37 लाख 13 हजार से अधिक टीकों में संस्थाओं का बड़ा योगदान रहा।
मंत्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा अनुसार ब्लॉक में अलग-अलग और छोटी-छोटी गो-शालाओं की जगह एक बड़ी गो-शाला में बेसहारा गायों को रखें। इससे गायों की देखभाल अच्छी होने के साथ गोबर और गो-मूत्र अधिक होने से उनकी आत्म-निर्भरता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि 10 गौ-शालाओं को जोड़ कर एक गौ-वंश वन विहार बनाया जाएगा।
पशुपालन की विभिन्न केन्द्रीय और राज्य की गो-भैंस, बकरी, कुक्कुट-पालन योजनाओं की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा की गई। बकरी-पालन में हितग्राही को शासन द्वारा 60 प्रतिशत की सबसिडी दी जाती है। केन्द्र शासन की 4 करोड़ रूपये की गो-पालन योजना में 2 करोड़ रूपये की सबसिडी देने का प्रावधान है। साथ ही प्रदेश की आचार्य विद्यासागर योजना में 10 लाख रूपये तक का ऋण 5 गायों के लिये दिया जाता है। पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में डेयरी प्लस योजना विदिशा, रायसेन और सीहोर में लागू की गई है। इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति को 75 प्रतिशत और सामान्य को 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है। विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा, भारिया, सहरिया को 90 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।
प्रदेश में उच्च नस्ल की बछियों की संख्या बढ़ाने के लिये ब्लॉक स्तर पर नि:शुल्क टीके उपलब्ध कराये जायेंगे। इससे 90 प्रतिशत बछियों का जन्म होगा और अनावश्यक रूप से नर बछड़ों की संख्या नहीं बढ़ेगी। इसके अलावा उच्च नस्ल की अधिक दूध देने वाली गायों के भ्रूण प्रत्यारोपण से भी अच्छी गायों की संख्या बढ़ाई जा रही है। पंजीकृत गो-शालाओं में चारा-भूसा के लिये 202 करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध करा दी गई है।
एमपीसीडीसी द्वारा प्रदेश में रोज 7 लाख साँची दूध पैकेट का वितरण होता है। लगभग 6 हजार 800 समितियों से संकलित दूध और उसके उत्पाद प्रदेश में 1100 मिल्क पार्लर, 513 मिल्क बूथ और 5400 प्रायवेट एजेंसियों से घर-घर पहुँचते हैं। उपभोक्ताओं की माँग को देखते हुए मोबाइल पार्लर की भी संख्या बढ़ाई जा रही है।
गौ आधारित खेती को बढ़ाने पर हस्तिनापुर में मंथन कर बिगुल फूंकेगा RSS, 3 दिनों तक होगा महासम्मेलन
देश के भीतर गौ आधारित खेती को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) महाभारतकालीन धरती मेरठ के हस्तिनापुर से बिगुल फुंकेगा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सहायक संगठन भारतीय किसान संघ 17 से 19 मार्च तक इसके लिए तीन दिन हस्तिनापुर में गौ आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए अखिल भारतीय महासम्मेलन करेगा।
संघ प्रमुख मोहन भागवत 19 मार्च को देश के अलग अलग हिस्सों से आने वाले करीब 500 किसान प्रतिनिधियों और कृषि वैज्ञानिकों को संबोधित करेंगे। आरएसएस और भारतीय किसान संघ हस्तिनापुर के इस महासम्मेलन से कीटनाशकों और रासायनिक खादों के प्रयोग से होने वाले कैंसर और अन्य असाध्य रोगों के विस्फोट पर व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करने की रणनीति तैयार की है। इसी बीच भारतीय किसान संघ मेरठ प्रांत ने बुधवार 15 मार्च को ‘विष मुक्त खेती नशा मुक्त मानव’ एक जन जागरण अभियान भी शुरू किया हैं।
भारतीय किसान संघ के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड संगठन मंत्री शिव कांत दीक्षित के मुताबिक 17 मार्च को सम्मेलन का उद्घाटन भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष बद्रीनारायण चौधरी और अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्रा करेंगे। बताया कि महासम्मेलन में देश भर के वैज्ञानिक और किसान गौ आधारित खेती को वैज्ञानिकता के आधार पर परखेंगे।
इसके लिए एक्सपर्ट प्रजेंटेशन देंगे और किसानों को बताएंगे कि गाय आधारित खेती क्यों वैज्ञानिक हैं, विस्तार से बताएंगे। महासम्मेलन में देश में पूरी तरह गौ आधारित खेती करने वाले किसान लाएं जाएंगे। वह अन्य किसानों को अपने अनुभव और फायदे के बारे में बताकर इस खेती को अपनाने की सलाह देंगे। इस महासम्मेलन में मोटे अनाज, भंडारण, कृषि अनुसंधान, दलहन और तिलहन बिंदुओं पर भी गहन चर्चा होगी।
गाय आधारित कृषि के महासम्मेलन में भारतीय नस्लों और गाय की पहचान को शामिल किया जाएगा। गाय की नस्ल साहीवाल, गीर, लाल सिंधी, राठी, थारपारकर, देवनी, नागौरी, निमाड़ी, सिरी, मेवाती, हल्लीकर, भगनारी, कंगायम, मालवी, गाँवलव, वेचुर, बारगुर, कृष्णा बेली, दांगी, पवार, अंगोल, हसी, बचौर, आलमबाड़ी किसानों को खेरीगढ़, खिलारी, अमृतमहल, दज्जल, धन्नी आदि शुद्ध भारतीय नस्लों की जानकारी दी जाएगी।
गौ आधारित कृषि महासम्मेलन में इन गायों के दूध और घी की विशेषता के बारे में बताकर इनके प्रजनन चक्र की जानकारी भी दी जाएगी। समापन समारोह 19 मार्च को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉक्टर मोहन राव भागवत किसानों को संबोधित करेंगे।














