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पहली बार रियलिटी शो फॉर्मेट पर ‘ड्राइविंग विद द लीजेंड्स’ में दिखेंगे कपिल देव

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मुम्बई। क्रिकेट लीजेंड कपिल देव पहली बार रियलिटी शो फॉर्मेट पर आधारित एक दिलचस्प शो ‘ड्राइविंग विद द लीजेंड्स’ जल्द लेकर आ रहे हैं। इस अनोखे शो की शूटिंग स्विट्जरलैंड में होगी। यह अपने आप में एक अलग सा शो है जो दर्शकों को रोमांचित करने वाला है। लीजेंड्स और उनके जीवन के बारे में यह शो ‘ड्राइविंग विद द लेजेंड्स’ लॉन्च कर दिया गया है और अभी से इसकी चर्चा शुरू हो गई है। रणजीत, पूनम पाण्डे, बिग बॉस 16 के शिव ठाकरे, बृंदा पारेख, निर्देशक आनंद कुमार, मनीष वर्मा, ब्राईट आउटडोर मीडिया लिमिटेड के योगेश लखानी और कई मेहमानों ने इस इवेंट में शिरकत की।
उद्योगपति पवन कुमार पटोदिया, कौशिक घोष, अभिनेता ज़ैद शेख़, उमा विशाल अग्रवाल और वरुण गोयनका के साथ क्रिकेट के दिग्गज कपिल देव दर्शकों के लिए ‘ड्राइविंग विद द लीजेंड्स’ शो ला रहे हैं।
पहले सीजन की शूटिंग स्विट्जरलैंड में बड़े पैमाने पर की जाएगी। शो का निर्माण द लीजेंड स्टूडियोज एलएलसी के बैनर तले किया जाएगा।
कौशिक घोष ने कहा, “इस शो का आईडिया यह है कि एक दिग्गज और कुछ अन्य हस्तियों के साथ विश्व स्तर पर लगभग 10 प्रशंसक स्विट्जरलैंड में 7-दिवसीय ड्राइविंग ट्रिप के लिए शामिल होंगे। हम दुनिया भर में ऑनलाइन ऑडिशन अभियान के माध्यम से इन प्रशंसकों का चयन करेंगे। पहला चैप्टर कपिल देव के बारे में होगा, जो 1983 में विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान थे।
यह शो लोकप्रिय निर्देशक हैदर खान द्वारा निर्देशित किया जाएगा, जिन्होंने लॉन्च इवेंट के दौरान अपने अनूठे विज़न और कपिल देव के चित्रण के साथ दिखाए गए टीज़र से सभी को चकित कर दिया। हैदर खान को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फ़ोटोग्राफ़रों में से एक माना जाता है, जिन्होंने कई अवार्ड जीता है।
नेस्ले के पूर्व सीएक्सओ पॉल नुबेर भी कंपनी के पहले विदेशी निवेशक के रूप में जुड़ गए हैं, जो भारतीय खेल-मनोरंजन उद्योग में विदेशी निवेशकों के विश्वास को जाहिर करते हैं।
शो की पूरी यात्रा अर्चना विजय द्वारा होस्ट की जाएगी, जिसमें कई सरप्राइज पैकेज भी है और कृष्णा अभिषेक, जान कुमार सानू और ईशा गुप्ता को भी साइन किया गया है।
शो के बारे में बात करते हुए, कपिल देव ने कहा कि जब से मैंने इस प्रोजेक्ट के बारे में सुना, मैं बहुत उत्साहित हूँ! मैं इस शो के माध्यम से एक मजबूत संदेश देना चाहता हूं, और मैं उन प्रशंसकों के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं, जिन्हें स्विट्जरलैंड की यात्रा पर हमारे साथ जाने के लिए चुना गया है। मैंने प्रबंधन की विशेषज्ञता के बारे में सबसे अधिक आत्मविश्वास महसूस किया, जब मैंने पहले सीज़न में अपनी ऑन स्क्रीन भूमिका के अलावा कंपनी में एक भागीदार के रूप में ऑन-बोर्ड आने का फैसला किया।
बता दें कि सीए पवन कुमार पटोदिया एक उद्योगपति, एंजेल निवेशक, परोपकारी और एक सीरियल उद्यमी हैं। सीए पटोदिया कोलकाता थंडरबोल्ट्स के मालिक और अध्यक्ष भी हैं।
कौशिक घोष ने जिनेवा और मस्कट में कारोबार किया है, इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल को दिल से प्यार करते हैं।
एक अभिनेता के रूप में ज़ैद शेख के सफल करियर ने उन्हें प्रोडक्शन में विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। दो दशकों में कई बॉलीवुड फिल्मों में दिखाई देने के बाद, वह पिछले तीन वर्षों से सक्रिय रूप से शो का निर्माण कर रहे हैं।
कोलकाता के व्यवसायी और एजी ग्रुप के निदेशक वरुण गोयनका ने रियल एस्टेट उद्योग में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और मुंबई सहित देश के विभिन्न हिस्सों में अपने वेंचर का विस्तार किया है।
विशाल अग्रवाल के कारोबारी अनुभव में ऑनलाइन शिक्षा, बॉलीवुड फिल्म निर्माण और स्टार्टअप निवेश के साथ-साथ रियल एस्टेट में उपलब्धियां शामिल हैं।

महाराष्ट्र गौसेवा आयोग का विधेयक महूमत से मंजूर

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मुंबई – राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने कल विधानसभा में महाराष्ट्र गो सेवा आयोग विधेयक पेश किया। इसके तहत राज्य में गौ सेवा आयोग स्थापित करने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया।
यह आयोग देशी गायों, सांडों, बैलों और बछड़ों की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी होगा। आयोग मुख्य रूप से स्वदेशी पशुओं के प्रजनन और संरक्षण को बढ़ावा देगा। यह आयोग पशुपालन के क्षेत्र में कार्यरत गोसदन, गोशाला, पंजरपोल और गोरक्षा जैसे संस्थानों का पंजीकरण और पर्यवेक्षण करेगा। विधेयक लोक सेवा अधिनियम या आयोग के आदेश का पालन नहीं करने वाले व्यक्ति पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान करता है। आयोग में एक अध्यक्ष, विभिन्न सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों, गैर-सरकारी संगठनों के 23 सदस्य और पशुपालन के संयुक्त आयुक्त से 25 सदस्य होंगे

चार साल से ईरान में फंसे 5 भारतीय नाविक लौटे स्वदेश

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मुंबई, आइएएनएस। जून 2019 से ईरान में फंसे पांच भारतीय नाविक करीब चार साल बाद आखिरकार शुक्रवार दोपहर घर लौट आए। ये पांचों हैं, मुंबई निवासी अनिकेत एस.येनपुरे और मंदार एम.वर्लीकर, पटना के प्रणव ए. तिवारी, दिल्ली के नवीन एम. सिंह और चेन्नई के थमिजह आर. सेलवन। वह दोपहर ईरान एयर से मुंबई पहुंचे। उनके रिश्तेदारों ने गले लगा कर उनका स्वागत किया, चूमा और हवा में उठा लिया।
हम करीब 45 महीनों तक अपने परिवार से दूर रहे: येनपुरे
इस दौरान सब की आंखें नम थीं। येनपुरे ने कहा, हमारी खुशी असीमित है। हम करीब 45 महीनों तक अपने परिवार से दूर रहे और बिछड़े रहे, लेकिन बुरा सपना अब खत्म हो गया है। अगले एक महीने हम आराम करेंगे और अपने परिवार के सभी सदस्यों से बातचीत करेंगे।
उन्होंने तेहरान में भारतीय दूतावास के प्रति आभार व्यक्त किया जिसने मुंबई तक उनके आपातकालीन यात्रा कागजात और टिकट की व्यवस्था की और साथ ही कुछ ईरानी वकीलों को सही सलामत घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद दिया।
अनजाने में नशीले पदार्थों की तस्करी रैकेट में फंस गए थे सभी
वर्लीकर ने कहा- हालांकि, उनके पासपोर्ट और सीडीसी नहीं सौंपे गए, और अब पांचों युवकों ने नए पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की योजना बनाई है। फिलहाल तिवारी, सिंह और सेलवन अपने दोस्त येनपुरे और वर्लीकर के यहां ही रहेंगे, जब तक कि वो अपने-अपने गृह नगरों में लौटने के लिए अपने परिवारों से धन की व्यवस्था नहीं कर लेते। ये लोग फरवरी 2020 में ओमान के पास गहरे समुद्र में नौकायन कर रहे थे, लेकिन अनजाने में नशीले पदार्थों की तस्करी रैकेट में फंस गए, जिसे कथित तौर पर उनके जहाज के कप्तान ने अंजाम दिया था।
येनपुरे के पिता शाम येनपुरे ने कहा, ‘इसके लिए, उन्हें गिरफ्तार किया गया, जेल में डाला गया और ईरान के अलग-अलग शहरों में घुनाया गया। वे कानूनी लड़ाई लड़ते रहे, छिपते भी रहे और छोटे-मोटे काम भी करते रहे।’
पीएम से लेकर ईरान के राजनयिकों सें मांगी मदद: येनपुरे के पिता
उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान दूरदराज के इलाकों में सहानुभूतिपूर्ण ग्रामीणों द्वारा दिए गए भोजन और कपड़ों पर निर्भर रहे। शिरडी में श्री साईंबाबा मंदिर के लिए पैदल मार्च निकालते हुए, दूधवाले येनपुरे ने भावुक शब्दों में कहा- हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, भारत में ईरान के राजनयिकों और ईरान में भारतीय राजनयिकों, ईरान के शीर्ष नेताओं और अन्य लोगों से मदद के लिए संपर्क किया था।

Mumbai: चाकू मारकर की तीन पड़ोसियों की हत्या, दो घायलों में से एक की हालत गंभीर

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मुंबई, पीटीआइ। मुंबई की एक रिहायशी इमारत में शुक्रवार को एक व्यक्ति ने तीन पड़ोसियों की चाकू मारकर हत्या कर दी। हमले में दो अन्य घायल हो गए। उनमें से एक की हालत गंभीर है। हमलावर की पहचान 54 वर्षीय चेतन गाला के रूप में हुई है। दोपहर 3.30 बजे हुई इस वारदात के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारी ने कहा कि आरोपित की पत्नी और बच्चों ने दो महीने पहले उसे छोड़ दिया था।
इलाज के दौरान हुई तीनों की मौत
आरोपित इसके लिए पड़ोसियों को जिम्मेदार मानता था। वह तभी से मानसिक रूप से परेशान था।एक अधिकारी ने कहा कि ग्रांट रोड के रिहायशी इलाके में पार्वती मेंशन बिल्डिंग में हमलावर ने लोगों पर चाकू से वार करना शुरू कर दिया। घायलों को सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल और बीएमसी के नायर अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान जयेंद्र मिस्त्री, उनकी पत्नी इलाबेन मिस्त्री और जेनिल ब्रह्मभट्ट की इलाज के दौरान मौत हो गई।
प्रकाश वाघमारे, स्नेहल ब्रह्मभट्ट का इलाज चल रहा था। स्नेहल ब्रह्मभट्ट की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को फोन किया और एक टीम नियंत्रण लेने के लिए वहां पहुंची, और जल्द ही उस पर काबू किया। पुलिस ने हमले में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया।
धारा 302 और 307 के तहत मामला दर्ज
आरोपित ने अपराध स्वीकार करते हुए कहा है कि परिवार के सदस्यों द्वारा छोड़े जाने के बाद वह परेशान था। अधिकारी ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच की जा रही है।

गो- आश्रय स्थल में अव्यवस्था मिलने पर सचिव निलंबित

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गो- आश्रय स्थल में अव्यवस्था मिलने पर सचिव निलंबित

देवरिया। विकास खंड सदर के पिपरा चंद्रभान स्थित बृहद गौ-आश्रय स्थल का बुधवार को डीएम व सीडीओ ने निरीक्षण किया। इसमें गंभीर अव्यवस्था मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने पंचायत सचिव को निलंबित करने का निर्देश दिया। साथ ही गोवंशों की चिकित्सा में प्रथमदृष्टया लापरवाही मिलने पर पशु चिकित्साधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और सीडीओ रवींद्र कुमार दोपहर में पिपरा चंद्रभान स्थित बृहद गौ-आश्रय स्थल पहुंचे। यहां चौतरफा गंदगी का अंबार मिला। बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं थी। गो-वंशों के आस-पास भी गंदगी मिली। कुछ गोवंश बीमार मिले। डीएम ने तत्काल उनका इलाज करने का निर्देश दिया। डीएम ने अब तक इलाज न करने पर पशु चिकित्साधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति के साथ शासन को पत्र लिखने का निर्देश दिया। उन्होंने संचालन में लगे भगवान चैरिटेबल ट्रस्ट के कार्य पर भी असंतोष व्यक्त किया। करीब दस एकड़ में फैले बृहद गो-आश्रय स्थल के निरीक्षण में 295 गो-वंश संरक्षित मिले। इसमें 27 गाय थी। डीएम ने भूसे के भंडार आदि के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान एसडीएम सौरभ सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अरविंद कुमार वैश्य आदि मौजूद रहे।

Leech : मानसिक रोग से ग्रसित एक इंसान के पिशाच बनने की कहानी

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फिल्म समीक्षा – 3 स्टार

आज कल ओटीटी पर नए कॉन्सेप्ट पर कई सस्पेंस और थ्रिलर फिल्म या शॉर्ट्स मूवी आ रही है। ऐसे ही एक सायको थ्रिलर मर्डर मिस्ट्री फिल्म ‘लीच’ 24 मार्च को मास्क ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो रही है। यह फिल्म टैग प्रोडक्शन, कोलोसल फिल्म्स और बेनजीर प्रोडक्शन के बैनर तली बनी है। फिल्म के निर्देशक अनिल रामचंद्र शर्मा और पबित्रा दास हैं।
यह कहानी एक ऐसे लेखक फ्रेड्रिक (अभिक बेनज़ीर) की है जो एलिकथेसिया नामक मनोरोग से जूझ रहा है।इस रोग में इंसान के अंदर की भावनाओं को खत्म कर देता है और वह इंसान भावनाओं को वापस लाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। फेड्रिक सादिया (सनम ज़िया) नाम की अभिनेत्री से समझौते वाला रिश्ता रखता है। सादिया भी रेन्फिल सिंड्रोम नामक मनिसिक रोग की शिकार है। जिसमें उसे खून पीने की लत लग जाती है चाहे खून जानवर का हो या इंसान का। इस दोनों की मुलाकात सादिया की सहेली जो मनोरोग विशेषज्ञ है, वही कराती है। दोनों एक दूसरे के राज को जानते हैं और उसे सदा राज रखने की शर्त पर शादी करते हैं। फिर दोनों एरिक नाम के बच्चे को गोद लेते हैं। फेड्रिक, सादिया और एरिक शहर से दूर अपने बंगले में कुछ दिन रहने के लिए जाते हैं। वहाँ जाते ही उनके साथ हादसे होना चालू हो जाता है उनके केयर टेकर कल्पेश की फांसी में टंगी लाश उन्हें बंगले में मिलती है। उनकी नौकरानी भी लापता है और तभी नया केअर टेकर जावेद को वे नौकरी पर रखते हैं। एक दिन फेड्रिक और सादिया घूमने के लिए बाहर जाते हैं। वे अपना बच्चा जावेद की निगरानी में रखकर जाते हैं वापस आने पर पता चलता है कि उनका बच्चा भी गायब है। वे जावेद पर शक करते हैं और जावेद उल्टे उन्ही पर इल्जाम लगाता है। कुछ दिन बाद जावेद भी गायब हो जाता है। इन सब घटना से परेशान होकर सादिया अपनी मनोरोग डॉक्टर सहेली के पास जाकर मदद मांगती है। वह उसे जासूस हैमिल्टन के पास जाने की सलाह देती है। वहाँ जाने पर सादिया को उसका दोस्त न्यूटन भी मिलता है जो हेमिल्टन का सहायक है। हेमिल्टन जब सच्चाई का पता करता है तो उसे मालूम होता है कि फेड्रिक जो कहानी लिखता है बिल्कुल वैसा ही उसके आसपास की घटनाएं मोड़ ले रही है। उसकी पहले लिखी किताबों की कहानियां भी वैसे ही सच में घटी थी और अब जो कहानी लिख रहा है वह भी सच हो रहा है। इधर सादिया के बारे में भी पता चलता ही कि लोग उसे खून पीने वाली चुड़ैल समझते हैं। क्या हेमिल्टन सच तक पहुंच पायेगा? आखिर मुजरिम कौन है? असली दोषी कौन है क्या यह साजिश है? यह फिल्म देखकर ज्ञात होगा।
फिल्म के मुख्य कलाकार अभिक बेनजीर, सनम जिया, विशाल सिंह, वेद प्रकाश, संजू धिरहे, अलका अमीन, मीर सरवर, अतुल श्रीवास्तव हैं।
इस फिल्म के निर्माता चिरंजीवी भट्ट, अंजू भट्ट हैं। फिल्म की कहानी अभिक बेनजीर ने लिखी है। सिनेमाटोग्राफी अशोक पांडा ने किया है और बापी भट्टाचार्य ने संगीत दिया है।

– गायत्री साहू

मां शैलपुत्री व्रत में लगाएं गाय के घी का भोग

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मां शैलपुत्री व्रत से नवरात्रि शुरू, लगाएं गाय के घी का भोग

मुंबई। मां शैलपुत्री के व्रत से नवरात्रि शुरू हो रहे हैं। मां शैलपुत्री को सफेद रंग का पुष्प, श्वेत वस्त्र अर्पित करें। इसके बाद गाय के घी से मां को भोग लगाएं। भोग लगाने से मां की भक्तों पर विशेष कृपा बरसेगी। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर कलश स्थापना करें। इसके बाद मां दुर्गा की स्वरूप मां शैलपुत्री का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त करें।
पंडित विजय भारद्वाज ने बताया कि मां दुर्गा के नौ रूपों का नौ दिन विशेष महत्व है। पहले व्रत के दिन ही कलश स्थापना की जाती है। स्नान करने के बाद कलश में कलावा बांधकर कलश में सुपारी, फूल, अक्षत, सिक्का डालकर जल से भरें। इसके बाद स्वास्तिक बनाकर, आम की डाली, नारियल पर लाल कपड़ा लपेटकर चावल का अष्टदल बनाकर उस पर कलश स्थापना करें। लाल रंग के आसन पर माता की प्रतिमा को विराजमान कर देसी घी का दीपक जलाएं। इसके बाद मां की कथा और मंत्रों के साथ पूजा शुरू करें। प्रथम दिवस में मां शैलपुत्री को सफेद रंग का पुष्प व श्वेत वस्त्र अर्पित कर गाय के घी का भोग लगाएं। द्वितीय दिवस में मां ब्रह्मचारिणी को पीले रंग का वस्त्र, गुड़हल का पुष्प व पंचामृत का भोग लगाएं। तृतीय दिवस में मां चंद्रघंटा को सुनहरे या पीले वस्त्र, सफेद कमल का पुष्प व दूध या खीर का भोग लगाएं। चतुर्थ दिवस में मां कुष्मांडा को नीले रंग के वस्त्र, पीले रंग का कमल का पुष्प व दही का भोग लगाएं। पंचम दिवस में मां स्कंदमाता को हरे रंग का वस्त्र, लाल गुलाब का पुष्प व केले के फल का भोग लगाएं। षष्टम दिवस में मां कात्यायनी को पीले वस्त्र, लाल गुलाब का पुष्प व शहद का भोग लगाएं। सप्तम दिवस में मां कालरात्रि को लाल वस्त्र, सोलह सिंगार, गुड़हल का पुष्प, गुड़ से बने नैवेद्य का भोग लगाएं। अष्टम दिवस में मां महागौरी को सफेद वस्त्र, मोगरा का पुष्प व नारियल का भोग लगाएं। नवम दिवस में मां सिद्धिदात्री को लाल वस्त्र, चंपा का पुष्प, अनार और तिल का भोग लगाएं।

दिल्ली, उत्तर भारत में फिर से भूकंप के झटके

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दिल्ली में एक बार फिर महसूस किए गए भूकंप के झटके

रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 2.7 मापी गई। इसका केंद्र नई दिल्ली में जमीन से पांच किलोमीटर गहराई में था। आसपास के कुछ इलाकों में भी झटके महसूस किए गए।

दिल्ली में बुधवार को एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 2.7 मापी गई। इसका केंद्र नई दिल्ली में जमीन से पांच किलोमीटर गहराई में था। आसपास के कुछ इलाकों में भी झटके महसूस किए गए।इससे पहले कल यानी मंगलवार रात रात 10 बजकर 19 मिनट पर दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.6 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप का केंद्र जमीन से 156 किलोमीटर गहराई में अफगानिस्तान का फायजाबाद था। मंगलवार को आए भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग घबराकर अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप के झटके दिल्ली के अलावा उत्तराखंड, पंजाब में भी महसूस किए गए थे। हर जगह अफरा-तफरी का माहौल रहा था। लोगों ने दो से तीन बार झटके महसूस हुए थे।

कैसे आता है भूकंप?

भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।

भूकंप की तीव्रता 

रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है। लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।

24 मार्च को मास्क ओटीटी पर रिलीज होगी फिल्म ‘लीच’

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ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपने रोमांचक और मनोरंजक कंटेंट को लेकर फेमस मास्क ओटीटी पर बहुचर्चित फिल्म रिलीज को तैयार है। यह फिल्म 24 मार्च को रिलीज होगी जिसका दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है। लीच एक बेहद अलहदा कहानी वाली फिल्म है।

आपको बता दें कि फिल्म ‘लीच’ एक ऐसे लेखक की कहानी है, जो अपने और दूसरों के व्यवहार और प्रतिक्रियाओं को देखकर अपनी कहानियों के लिए प्रेरणा देता है। काफी समय तक इस आदत का पालन करने से यह धीरे-धीरे उसे सिजोफ्रेनिया की ओर ले जाता है। साइकेडेलिक नशीली दवाओं के दुरुपयोग का उनका इतिहास उनके स्किज़ोफ्रेनिक के साथ है। व्यवहार आगे चलकर उसे एलिक्सथेमिया (भावना खोने का डर) की ओर ले जाता है। अपने जीवन में भावनाओं को वापस महसूस करना शुरू करने के प्रयास में वह अपने आसपास के लोगों के साथ सृजन के प्रयोग के रूप में हर तरह की बेतुकी चीजों में लिप्त हो जाता है लेकिन वह भी उसे ठीक होने में मदद नहीं करता है। इस अराजकता के बीच कुछ घटनाएँ घटती हैं: उसकी नौकरानी की मृत्यु और उसके बेटे की हानि जो उसे परेशान करती है जिससे उसकी पत्नी सादिया पर सारा दोष आ जाता है।
वहां वह अपनी मनोचिकित्सक डॉ. अमिता से मिलती है जो एक निजी जासूस वेलिंगटन से जुड़ती है और घटनाओं से सुराग खोजने में उसकी मदद करती है। वेलिंगटन, एक निजी जासूस इस मामले को पकड़ लेता है और इसे बड़े प्रयासों से हल करने की कोशिश करता है लेकिन सफलता के करीब नहीं पहुंच पाता। फिल्म में मानव मनोविज्ञान के एक मार्ग को दर्शाया गया है और मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज किए जाने के कारण इससे कैसे निपटा जाना चाहिए, जिसे पहली बार में ही नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यह उसी तरह है जैसे हम अपने शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहते हैं, हमें अपनी मानसिक समस्याओं से निपटने की आवश्यकता है, अन्यथा यह आपदा में बदल सकती है।

टैग प्रोडक्शंस द्वारा प्रस्तुत Collosal Films और Benazir Productions के सहयोग से बनी फिल्म ‘लीच’ के निर्माता अंजू भट्ट और चिरंजीवी भट्ट, सह निर्मित – योगी आर्यन और रूबी रानी और निर्देशक अनिल रामचंद्र शर्मा और पबित्रा दास हैं। यूनिट निर्देशक विनीत मिश्रा, लेखक अभीक बेनज़ीर, पटकथा और संवाद अभीक बेनज़ीर, विशाल सिंह और अनिल रामचंद्र शर्मा हैं। फिल्म के क्रिएटिव डायरेक्टर – स्प्रीहा सिंह, कार्यकारी निर्माता – विनीत मिश्रा, प्रोडक्शन मैनेजर – प्रवीण शर्मा, क्रिएटिव प्रोड्यूसर – गौतम पासवान छायाकार – अशोक पांडा हैं। फिल्म में सनम जीया, अभीक बेनज़ीर, विशाल सिंह, वेद प्रकाश, संजू धीरहे, ऋतिक लांबा, अलका अमीन, अतुल श्रीवास्तव, मीर सरवर, कुलजीत चावला, श्रृष्टि गौतम, मुकुल मिश्रा, पुष्पराज, कृशा सिंह, अमित श्रीवास्तव, राधिका, सुनिधि, नंदिनी आदि प्रमुख भूमिका में हैं। फिल्म के पीआरओ संजय भूषण पटियाला हैं।

सनातन धर्म और संस्कृति को जन जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है एस के तिवारी का चैनल भार्गव भक्ति

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एस के तिवारी द्वारा संचालित यूट्यूब चैनल भार्गव भक्ति सनातन धर्म और संस्कृति को सरल माध्यम में जन जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। चैनल में वीडियो, गीत, संगीत, भजन और मंत्र उच्चरण के माध्यम से सनातन धर्म से जुड़ी बातों को दिखाया जाएगा। एस के तिवारी ने इससे संबंधित शिक्षा और पारंपरिक ज्ञान प्राप्त किया है। एस के तिवारी का कहना है कि सनातन धर्म अत्यंत प्राचीन और विस्तृत है। एक ही जीवन में इसका सम्पूर्ण अध्ययन या ज्ञान पाना कठिन है। इनका मूल उद्देश्य सनातन धर्म में चार वेद, अट्ठारह पुराण, छह शास्त्र, उप शास्त्र, रामायण, महाभारत, श्रीमद भगवत गीता, षद्दर्शन तुलसीदास रचित रामचरित मानस, अरण्यक, उपनिषद, वेदांग, श्रीमद्‌भागवत आदि धार्मिक ग्रन्थो को सरल भाषा में ऑडियो और वीडियो के माध्यम से धरती के समस्त हिन्दू जनमानस तक पहुँचाना है।
भार्गव भक्ति चैनल नवरात्र में माताओं के नव रूपों का विस्तृत वर्णन, नव भजन और आराधना, गणपति के इक्कीस दिनों में भगवान गणेश को समर्पित इक्कीस गीत, श्रवण मास के तीस दिनों तक भगवान शंकर के भजन, महिमा मंडन और आरती, इसीप्रकार प्रत्येक हिन्दू पर्व और उत्सवों के साथ साथ में उनसे संबंधित गीतों को आडियो और वीडियो के माध्यम से जनता तक पहुंचने का कार्य कर रहा है।
बाईस वर्षों से अधिक समय हो चुका है और आज तक और आगे भी एस के तिवारी निःस्वार्थ भाव से सनातन धर्म के प्रचार प्रसार और उसे सम्पूर्ण विश्व की जनता तक पहुंचाने के कार्य में अपना जीवन समर्पित कर चुके हैं।

उनका कहना है कि सनातन धर्मग्रन्थ में लिखित बातों को किसी सत्यता या प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। जिसे लोगों ने अनदेखा कर दिया उस सनातन धर्म की बातों को आज विज्ञान स्वयं खोज कर उसे प्रमाणित कर रहा है। नासा आज भी इन धार्मिक ग्रन्थों का शोध कर नवीन जानकारियां हासिल कर रहा है। समस्त सनातन धर्मियों के लिए ये सभी पुस्तकें उनके पूर्वजों की सौगात है जिनका अनुसरण कर वे अपना दैहिक, दैविक, भौतिक, आर्थिक जीवन सरलता से सफल बना सकते हैं।
सनातन धर्म की सत्यता के लिए विज्ञान के द्वारा प्रमाणिकता या सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है।
सनातन ही धर्म है सनातन ही शाश्वत है,बाकी सम्प्रदाय और पंथ है। श्रीमद्भागवत, वेद और पुराण सबसे ऊपर है और परम सत्य है।
एस के तिवारी अपना सम्पूर्ण जीवन सनातन धर्म और संस्कृति को समर्पित करते हैं। वे अपने यूट्यूब के माध्यम से जनता तक सरल माध्यम से सनातन से जुड़ी जानकारियां, गीत और भजन, ऋचा, मंत्र, तैतीस कोटि देवी देवताओं की पूजा विधि का ऑडियो विडिओ पहुंचाएंगे। इसमें किसी प्रकार का आधुनिकरण, व्यवसायीकरण या ग्लैमर नहीं होगा। एस के तिवारी कहते हैं कि आज भी लोग सनातन धर्म से अनजान हैं या फिर उन तक जानकारी नहीं पहुंच पाती या सारे ग्रंथों को पढ़ कर उनका भावार्थ ज्ञात कर पाना या फिर सारे ग्रन्थों का संग्रह कर पाना सभी के लिए संभव नहीं। कुछ अज्ञानता वश रूचि नहीं रखते या अत्यधिक व्यस्तता या बच्चों तक उनके परिवार द्वारा सनातन धर्म से जुड़ी जानकारी नहीं दे पाते।
भार्गव भक्ति सभी तक भावार्थ सहित कर्णप्रिय संगीत के माध्यम से सनातन धर्म से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी सरलतापूर्वक पहुंचाने का काम कर रही है।
भार्गव का अर्थ भृगु वंसज और भगवान परशुराम को भार्गव परशुराम कहा जाता है। भार्गव भक्ति चैनल भगवान परशुराम जी को ही समर्पित है। भार्गव परशुराम अमर हैं, आज भी जीवित हैं और धरती में पहाड़ पर विचरते हैं। सतयुग त्रेतायुग के जैसा अभी भी उनकी पूजा पाठ की जाती है।
एस के तिवारी इस नवरात्रि में नौ माताओं के नौ भजन को नौ दिन तक रिलीज करेंगे। इसी प्रकार गणपति उत्सव में भी 21 गणेश जी के गीत रिलीज करेंगे। उसके बाद सावन महीने में एक महीने प्रतिदिन महादेव के गीत भी रिलीज करेंगे।