केएस यादव
गौ माता के नाम पर पाप करने वाली इस सरकार की रवानगी तय – पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन
रायपुर। गोठानों को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी तकरार जोरों पर है। चलबो गोठान, खोलबो पोल के अभियान के तहत प्रदेश के तमाम दिग्गज भाजपा नेता गोठनों का निरीक्षण करते हुए नजर आ रहे हैं। इस बीच पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल गोकुल नगर और फुंडहर स्थित गौठान में पहुंचे, इस दौरान उन्होंने देखा कि, गोबर की खरीदी बंद कर दी गई है। संचालन समूहों को पैसे न मिलने, चारा, खाद का बंदोबस्त न होने जैसी स्थितियां भी सामने आई है।
बता दें, पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन ने जब फुंडहर स्थित गौठान गए तो पता चला कि, 3 महीने से गोबर की खरीदी बंद है और 12,64,500 किलो का गोबर गायब नजर आया। जब अफसरों से इस बात की जानकारी ली, तो निगम के कर्मचारियों ने मुस्कुराकर बात को टाल दिया।
विधायक ने सवाल किया रि इतनी बड़ी मात्रा में गोबर न गौठान में कहीं दिखा न ही इसे बेचा गया तो ये गया कहां, वहीं गोठान में रहने वाले भोला नाम के एक व्यक्ति से सवाल किए गए तो उसने कहा कि, आप कृषि मंत्री रहे हैं, आप ही बताइए। इस पर बृजमोहने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, एक गाय अगर 5 किलो गोबर भी दिन भर में देती है तो 281 जानवरों का दिन का 1405 किलो होता है। महीने का 42,150 किलो और तीन महीने से गोबर खरीदी नहीं हो रही तो तीन महीने का 12,64,500 किलो गोबर कहां रखा है। लेकिन उस वक्त वहां मौजूद सभी लोग मौन दिखाई दिए।
बता दें, बृजमोहन अग्रवाल अपने कार्यकर्ताओं के साथ जब गोकुल नगर इलाके में पहुंचे तो उन्होंने पाया कि, गोबर खरीदी के लिए जो केंद्र बनाया गया है। उसका संचालन करने वाली समितियां अपना काम ही छोड़ चुकी हैं। कार्य छोड़ने की असली वजह यह है कि, गोठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को ठेकेदार पैसा नहीं देते। इसलिए महीनों से इस केंद्र में कामकाज बंद पड़ा है। ठेकेदार खुद ही गोबर लाकर रजिस्टर में एंट्री कर देते है, इसके अलावा यहां पर पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। यानी गोधन खरीदी केंद्र पूरी तरह से खाली मिला, इस दौरान पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन ने देखा कि, गाय तो यहां नहीं मिली, लेकिन कुत्ते घूम रहे थे और हर जगह कचरा नजर आ रहा था। बीमार पशुओं के इलाज की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
इस संबंध में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भूपेश बघेल की सरकार राजधानी रायपुर के गौठानों के निरीक्षण में हमने भारी अनियमितता पाई है। साफ तौर पर यह दिखाई पड़ रहा है कि यह पूरी योजना भ्रष्टाचार के मकसद से बनाई गई है। जिसमें केंद्रीय योजनाओं के पैसों का दुरुपयोग किया गया है। इस पूरी योजना में 13 सौ करोड़ रुपए का घोटाला स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ रहा है।
बृजमोहन ने कहा कि भूपेश बघेल की सरकार पूर्ण रूप से भ्रष्टाचारी सरकार है। अभी तो भाजपा न गौठान का घोटाला उजागर किया है, आने वाले समय में शराब घोटाला, रेत घोटाला,जमीन घोटाला जंगल,नौकरी घोटाला उजागर कर छत्तीसगढ़ की लुटेरी सरकार को बेनकाब करेगी। उन्होंने कहा कि गौ माता के नाम पर भ्रष्टाचार करने वाली इस कांग्रेस सरकार की रवानगी अब तय है।
Cow Economy – रायपुर के गौठान से बदली गौवंश एवं गौ पालकों की तकदीर
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की गौठान योजना का क्रियान्वयन करते हुए रायपुर नगर निगम द्वारा फुंडहर, गोकुल नगर, जरवाय के गौठानों में गौवंशीय पशुओं के बेहतर रख-रखाव के साथ ही आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में अभिनव पहल की जा रही हैं। गोकुल नगर गौठान में महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं गौमूत्र का अर्क तैयार करने के साथ ही साथ ब्रम्हास्त्र जैविक कीटनाशक, पौधों के पोषण में उपयोगी जीवा अमृत, गौकाष्ठ और गोबर से 32 तरह के उत्पाद तैयार कर अपने आर्थिक स्तर में बड़ा बदलाव ला रही है।
जरवाय गौठान में दीवारों की पुताई के लिए पेंट तैयार किया जा रहा है, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर अब नगर निगम सहित शासकीय भवनों को इस पेंट से ही पुताई की जा रही है। फुन्डहर गौठान, जहाँ परित्यक्त, घायल ,बीमार व सड़कों पर विचरण करते लावारिस गौ वंशियों को रखने की सभी व्यवस्थायें की गई है,इस गौठान में 281 गायें है।गर्मी के मौसम में इन्हें ठंडक देने फ़ॉगर की व्यवस्था के साथ ही सब्ज़ी बाज़ार से चारे , तरकारी आदि भी नगर निगम द्वारा ख़रीदकर दिए जा रहे हैं।
इस गौठान में 24 घंटे पशु चिकित्सक की सेवा उपलब्ध है तथा 10 कर्मचारी गौठान में नियमित साफ-सफाई, चारे, पानी हेतु शिफ्ट में काम करते हैं। गायों की संख्या बढ़ने पर इन पशुओं को ग्रामीण गौठानॉ में स्थानांतरित किया जाता है और सड़कों पर लावारिस हालत में यहाँ लाए गये पशु की पहचान कर पशु मालिक नियत जुर्माना अदा कर वापस भी ले जाते हैं। रायपुर नगर निगम द्वारा इस समय शहर में तीन गौठानों का संचालन किया जा रहा है। इन गौठानों में परित्यक्त व दुर्घटना में घायल गौधन के देखभाल की व्यवस्था की जाती है। इन गौठानों के बेहतर प्रबंधन से न केवल गौवंशीय पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, बल्कि गौ सेवा में जुटे स्व-सहायता समूहों का जीवन स्तर भी बदला है। गोकुल नगर में “एक पहल महिला स्व-सहायता समूह“ की महिलाएं अर्क निकालने 4 रूपये लीटर पर गौमूत्र क्रय कर रही हैं।
समूह द्वारा उत्पादित जैविक कीटनाशक ब्रम्हास्त्र की भी अत्यधिक मांग है और 50 रूपये लीटर में इस कीटनाशक की बिक्री इस गौठान से की जा रही है। पौधों के लिए उपयोगी जीवा अमृत नामक पोषक भी इस गौठान में उत्पादित हो रहा है। महिलाएं बताती है कि 50 रूपये लीटर बिकने वाले इस जीवा अमृत में पौधों को जीवन प्रदान करने की अद्भुत शक्ति है। इन महिलाओं ने बरसों पुराने मोटे ठूंठ को इसी गौठान में ही वृक्ष के रूप में पुनर्जीवित करने का कार्य भी किया है। महिला समूह द्वारा निर्मित गोबर से बने सूटकेश, दीये, मूर्तियां, पूजन सामग्री, सजावटी सामान की मांग भी बहुतायत है। इसके अलावा वैदिक पद्धति से तैयार बिलौना घी, पनीर, दूध, दही से गौठान की अपनी अलग पहचान बनी है। महिला समूह की सचिव श्रीमती नोमिल पाल बताती है कि कई घायल गौवंशीय के स्वास्थ्य में निरंतर सुधार के बाद अब इन पशुओं के लिए गौठान अब स्थायी बसेरा है।
घायल अवस्था में दो साल पहले गौठान पहुंचे मुर्रा नस्ल की भैंस अब बच्चे को जन्म देने वाली है। गौवंशीय के वंश वृद्धि के लिए गौठान में कृत्रिम गर्भाधान पद्धति अपनायी जाती थी, किन्तु अब इनके जोड़े भी गौठान में तैयार हो चुके हैं। इस गौठान में छत्तीसगढ़ की कोसली नस्ल के गाय, बछड़ों के अलावा, साहीवाल, थारपार, गिर नस्ल के गौधन भी हैं, जो घायल अवस्था में पशु पालकों द्वारा सड़कों पर छोड़ दिए गए थे, यही गौधन अब स्वस्थ्य होकर दुग्ध व अन्य उत्पादों से महिला समूहों के लिए नये आर्थिक स्त्रोत सृजित करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। जरवाय के गौठान में दीवारों को रंगने के लिए गोबर से पेंट का उत्पादन किया जा रहा है।
इस उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भी स्वयं पहल की है। उनके निर्देश पर रायपुर नगर निगम मुख्यालय सहित अन्य भवनों की दीवारों को गोबर से बने पेंट से ही रंगने की शुरूआत की जा चुकी है। समूह की महिलाएं बताती है कि यह पेंट किसी भी रसायनिक पेंट से ज्यादा उपयोगी है। गोबर पेंट किफायती होने के साथ ही साथ एंटीबैक्टीरियल, एंटी फंगल, नॉन टॉक्सिक और इको फ्रेंडली पेंट के रूप में जाना जाता है, जो कि कैमिकल पेंट की तुलना में अधिक आकर्षक और प्रभावशाली है। समूह की महिलाएं इसे गौठान योजना का बेहतर उत्पाद मानते हुए इसे कृषि आधारित उद्योगों में एक क्रांतिकारी बदलाव के रूप में देखती है। इन सब प्रयासों से गौठानों की आत्म निर्भरता बढ़ रही है एवं इससे जुड़े स्व-सहायता समूह के जीवन में भी बड़े बदलाव की आहट है।
गाय को राष्ट्र माता घोषित करने को रैली निकाली
गाय को राष्ट्र माता घोषित करने को रैली निकाली
नई टिहरी। गोपाल गो लोक संवर्धन समिति की ओर से आंचल डेयरी स्थित गोशाला में आयोजित धेनु मानस कथा का हवन-यज्ञ, पूर्णाहुति और भंडारे के साथ समापन हुआ। उन्होंने नगर क्षेत्र में रैली निकालकर गो हत्या पर प्रतिबंध लगाने और गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की।
रविवार को धेनु मानस कथा के समापन पर कथा वक्ता गोपालमणि महाराज ने कहा कि गाय हिंदू संस्कृति की प्रतीक है। गाय के बिना सनातन संस्कृति में शुभ कार्य नहीं हो सकते हैं।कहा कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने से गाय संरक्षित होंगी। इसके विषय को धर्म के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। गाय का वैज्ञानिक महत्व भी अलग है। सरकार को चाहिए कि अलग से गो मंत्रालय बनाए। समिति के अध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में गौ भक्तों ने आंचल डेयरी से बौराड़ी तक रैली निकाल कर गाय का संरक्षण करने और राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की। इस मौके पर जीतराम भट्ट, विक्रम सिंह कठैत, अनुसूया नौटियाल, देवेंद्र नौटियाल, आनंद सिंह चौहान, घनानंद डोभाल, पीडी चमोली, उर्मिला महर, सरोजिनी, बीना, बबीता, रीना, देवेश्वरी, उर्मिला, रागिनी, हर्षिला, विनीता आदि मौजूद थे।
रोचक व रोमांचक है महिलाओं पर केंद्रित डार्क कॉमेडी फिल्म “चार लुगाई”
फिल्म समीक्षा : चार लुगाई
कलाकार : निधि उत्तम, मानसी जैन, दीप्ति गौतम, कमल शर्मा, बृजेंद्र काला, सानंद वर्मा, अशोक शर्मा, अभिनव और गरिमा सिंह
लेखक निर्देशक : प्रकाश सैनी
प्रोड्यूसर : गीता शर्मा, अशोक कुमार शर्मा
रेटिंग : 3 स्टार्स
बॉलीवुड में इन दिनों अलग अलग विषयों पर फिल्मों का निर्माण हो रहा है। निर्माता अशोक कुमार शर्मा की फिल्म चार लुगाई का टाइटल जितना यूनिक है इसकी पटकथा और इसका प्रस्तुतिकरण भी उतना ही अनोखा और रोचक है। महिलाओं के जीवन मे कितनी परेशानियां होती है इसका अनूठा चित्रण इस सिनेमा के माध्यम से किया गया है।
फिल्म ‘चार लुगाई’ में एक गांव में रहने वाली चार शादीशुदा महिलाओं की कहानी को पेश किया गया है, जिनके पति रोजी रोटी के चक्कर मे गांव से हजारों किलोमीटर दूर शहरों में जाकर कमाते हैं। ऐसी महिलाओं के दर्द, उनकी भावनाओ को फ़िल्म में डार्क कॉमेडी के अंदाज़ में परोसा गया है जो दर्शकों को हंसाते हंसाते उनकी आंखें नम भी कर देती है।
फ़िल्म “चार लुगाई” की कहानी चार महिलाओं, एक युवक और एक पुलिस इंस्पेक्टर के इर्दगिर्द घूमती है। उन चार महिलाओं का किरदार निधि उत्तम, मानसी जैन, दीप्ति गौतम और कमल शर्मा ने निभाया है। सानंद वर्मा ने इसमें पुलिस इंस्पेक्टर संतोष गुप्ता का किरदार निभाया है जिन्हें एक मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने की जिम्मेदारी दी गई है। विख्यात चरित्र अभिनेता बृजेंद्र काला ने फिल्म में एक डॉक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
निधि उत्तम जहां ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ सहित कई धारावाहिकों में अभिनय कर चुकी हैं वहीं मानसी जैन क्राइम पेट्रोल और फ़िल्म ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में नजर आ चुकी हैं। अशोक शर्मा ने फ़िल्म में गांव के प्रधान की भूमिका अदा की है। सभी एक्टर्स ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। गांव के एक बेफिक्रे युवक के रोल में अभिनव ने भी नेचुरल एक्टिंग की है और उनमें काफी संभावनाएं नजर आती हैं।

19 मई, 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही फिल्म चार लुगाई की रोचक, रोमांचक कहानी और प्रतिभाशाली कलाकारों की अदाकारी ने इसे देखने लायक बना दिया है। स्ट्राइप्स एंटरटेनमेंट एलएलपी के बैनर तले बनी फिल्म फिल्म की पटकथा अंजू पटेल और मनीष कौशिक के साथ प्रकाश सैनी ने लिखी है, जबकि संवाद अंजू पटेल द्वारा लिखित है। दीप्ति गौतम ने अभिनय करने के साथ साथ संगीतकार और गीतकार के रूप में भी फिल्म में अपना योगदान दिया है। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर अनूप भट ने दिया है। फिल्म के छायाकार सोनू पासवान हैं।
मुम्बई में फिल्म के स्पेशल शो के अवसर पर निर्माता अशोक कुमार शर्मा के साथ अभिनेत्री निधि उत्तम, मानसी जैन, दीप्ति गौतम, कमल शर्मा, अभिनव और गरिमा सिंह उपस्थित थे।
Cow Lover : लाडली गाय की अंतिम यात्रा, गांव वालों ने दिया मृत्युभोज, सैकड़ों लोग हुए शामिल
– अजय कुमार पटवा
उज्जैन. उज्जैन में पशु प्रेम की अनोखी मिसाल देखने को मिली है. यहां गाय लक्ष्मी मीरा की मौत के बाद गांव के लोगों ने सम्मान के साथ उसकी अंतिम यात्रा निकाली. अब उसकी याद में गांव वासियों ने मिलकर मृत्युभोज दिया. इस दौरान निमंत्रण कार्ड बांटे गए. भोजन में छह प्रकार के पकवान बनवाए गए.
उज्जैन की घट्टिया तहसील के बकानिया गांव में बीते दिनों गाय की अंतिम यात्रा निकाली गई थी. गाय का विधिवत हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया था. अपनी लाडली गाय की याद में गांव वासियों ने भोजन प्रसादी का आयोजन किया. इस दौरान निमंत्रण कार्ड बनवा कर लोगों को भेजे गए. गाय की फोटो रखकर उसे याद किया गया और मृत्यु भोज दिया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए थे.
मृत्युभोज के लिए ग्रामीणों ने इकट्ठे किए पैसे
उज्जैन में गाय के अंतिम संस्कार के बाद मृत्यु भोज कराया गया है. मृत्यु भोज के लिए निमंत्रण पत्र बनवाकर गांव में बांटे गए. इस मृत्यु भोज का आयोजन कराने के लिए गांव वालों ने मिलकर डेढ़ लाख रुपए इकट्ठे किए थे. 1 दिन पहले गाय को याद किया गया. इसके अगले दिन मृत्यु भोज में तरह-तरह के व्यंजन बनाए गए थे. इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और उन्होंने कहा कि गाय की याद में हर साल आयोजन किए जाएंगे
Cow Economy – 240 गाय, इजरायली तकनीक और मिल्किंग मशीन…सालाना 5 करोड़ की कमाई; जिद से कोटा के युवक ने बदली किस्मत
शक्ति सिंह/कोटा. कुछ समय पहले तक एक मल्टीनेशनल कंपनी के ऑफिस में बैठकर लैपटॉप से काम करने वाले कोटा के अमनप्रीत सिंह को अपना बिजनेस शुरू करने की ऐसी ललक लगी कि उन्होंने लाखों रुपए की नौकरी छोड़ दी. हालांकि नौकरी छोड़ने के बाद उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि कौन सा बिजनेस करें. ऐसे में एक दिन काऊ फार्मिंग या गाय पालन से कमाने की सोची. कई लोगों से विचार विमर्श करने के बाद उन्होंने आधुनिक तरीके से काऊ फार्मिंग करना शुरू किया. जबकि अमनप्रीत कुछ ही सालों में अब इस बिजनेस के बड़े खिलाड़ी बन चुके हैं. वर्तमान में वह प्रतिदिन दो से ढाई हजार लीटर दूध बेचते हैं. इसके अलावा वे दूध से डेयरी प्रोडक्ट भी बनाते हैं.
33 वर्षीय अमनप्रीत सिंह ने शुरुआत में 2015 में 27 देसी गाय खरीदी थीं. इसके बाद दूध बेचना शुरू किया. इसके लिए उन्होंने दो स्थानीय लोगों को अपने यहां काम पर रखा. उन्होंने बताया कि अब उनके पास अलग-अलग प्रजाति की तकरीबन 240 गाय हैं. इन गायों का दूध व अन्य प्रोडक्ट मार्केट में सेल करते हैं. इसके अलावा कई डेयरियों से उनका अनुबंध है.
काऊ फार्मिंग की इजरायली तकनीक को अपनाया
अमनप्रीत सिंह इन दिनों इजरायली तकनीक से गाय पालन कर रहे हैं. साथ ही बताया कि पशुओं के लिए क्लाइमेट कंट्रोल शेड बनाया है, जिसके नीचे तापमान पशुओं की जरूरतों के अनुसार ही रहता है. इसके अलावा गायों का दूध निकालने के लिए वे मिल्किंग मशीन काम में लेते हैं. मिल्किंग मशीन के इस्तेमाल से दूध में किसी भी प्रकार की गंदगी मिलने या फिर हाथों के जरिए कीटाणु पहुंचने की संभावना खत्म हो जाती है. इससे लोगों को शुद्ध और स्वच्छ दूध मिलता है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने ईद उल जुहा के दौरान गौ-सुरक्षा के मामले में केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
दिल्ली हाई कोर्ट ने ईद उल जुहा के दौरान गौ-सुरक्षा के मामले में केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया गया कि बकरीद से पहले गायों की तस्करी और गोहत्या की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं लिहाजा इस पर रोक लगाई जाए। साथ ही दिल्ली पुलिस, राज्य सरकार और केंद्र यह सुनिश्चित करें कि ईद उल जुहा पर गायों और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी न हो।
खुले क्षेत्र और सार्वजनिक स्थान पर कोई बलि नहीं दी जाए। सड़क और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कोई जानवर के खून और शरीर का अंग नहीं फेंका जाए।
दिल्ली हाईकोर्ट पहले से ही लगे ऐसे ही एक अन्य मामले के साथ इस मामले की सुनवाई अगस्त में करेगा। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को इजाजत दी है कि तत्काल जरूरत पड़ने पर मामले को वेकेशन बेंच के सामने सुनवाई के लिए लाया जा सकता है।
गोसदन का निर्माण रुकने से भूखी-प्यासी सड़कों पर हैं गाय
गोसदन का निर्माण रुकने से भूखी-प्यासी सड़कों पर हैं गाय
जोगिंद्रनगर (मंडी)। भाजपा सरकार के समय स्वीकृत गोसदनों के निर्माण के लिए बजट न होने से भीषण गर्मी में बेजुवान भूखे-प्यासे सड़कों पर फिर रहे हैं।
समूचे जोगिंद्रनगर उपमंडल में सैकड़ों बेसहारा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था तो दूर पीने के पानी के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं है। घट्टा से मंडी तक राजमार्ग पर गोवंश भूख मिटाने के लिए तपती धूप में यहां वहां भटक रहे हैं। इन्हें शरण दिलाने के लिए संबंधित विभाग, सामाजिक संस्थाएं यहां तक प्रशासन भी गंभीर नहीं है।
जोगिंद्रनगर शहर के अलावा ऐहजू, चौंतड़ा में रोजाना दर्जनों बेजुवान सड़कों पर हादसों का शिकार हो रहे हैं। लडभड़ोल में भी समय पर उपचार न मिलने पर दम तोड़ते गोवंश की सहायता के लिए सामाजिक संस्थाएं भी आग नहीं आ रही हैं। हैरत की बात है कि प्रदेश के विकासात्मक कार्यों के लिए हजारों करोड़ों का कर्ज उठाने के बाद भी बेसहारा गाय और बैल के लिए अस्थायी तौर पर भी व्यवस्था नहीं हो पाई है। जोगिंद्रनगर उपमंडल की भराडू पंचायत में पूर्व भाजपा सरकार के समय अनुमानित 20 लाख से बनने जा रहे दो मंजिला गोसदन का निर्माण बीते पांच माह से बंद है। पांच लाख की पहली किस्त गोसदन के निर्माण के लिए जारी होने के बाद शेष बजट नहीं मिला। इस कारण गोसदन के पहले लैंटर का काम भी लटक गया। भराडू गौसदन के अध्यक्ष विजय जम्वाल ने बताया कि यहां पर पहले बने गोसदन में करीब 45 बेजुवानों को शरण मिली थी। नए गोसदन के भवन में करीब 40 बेसहारा मवेशियों को स्थायी ठिकाने के साथ पीने के पानी और चारे की भी व्यवस्था होनी थी लेकिन बजट न होने से तमाम योजनाएं ठप हैं। बेसहारा गोवंश को लदरूहीं गोसदन में भी शरण दिलाने की योजना थी, लेकिन बजट प्रावधान न होने से गोसदन का विस्तार नहीं हो पाया।
एसडीएम कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि उपमंडल में चल रहे गोसदनों के विस्तार में बजट की बाधा की जानकारी मिली है। जिला प्रशासन, विभाग और सरकार से पत्राचार कर बजट के प्रावधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने गो संचालकों से ठप निर्माण कार्य की फील्ड रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय भेजने का आह्वान किया है।
गोवा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम मनोहर की जगह मनोहर पर्रिकर करने की मांग
- अंकित मिश्रा/गऊ भारत भारती
मुंबई। भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह,रक्षामंत्री राजनाथ सिंह,केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत को पत्र लिखकर मांग किया है कि गोवा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम मनोहर दिया गया है,जो कि अधूरा लगता है। गोवा के मुख्यमंत्री व केंद्रीय रक्षा मंत्री के पद पर मनोहर पर्रिकर के द्वारा किया गया काम सिर्फ गोवा ही नहीं पूरा देश जानता है। इसके बावजूद गोवा में बने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को मनोहर नाम अधूरा लगता है।
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भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता ने कहा कि भारत सरकार एवं गोवा के मुख्यमंत्री द्वारा मेरे इस विषय पर जल्द से जल्द ध्यान देकर गोवा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम मनोहर की जगह पूरा नाम मनोहर पर्रिकर करना चाहिए।











