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बेबस गौवंश भटक रहे पानी की तलाश में

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घरघोड़ा। भीषण गर्मी में भूजल स्तर नीचे गिरने से नगर के अधिकांश कुएं और तलाब सूख रहे हैं। इससे पानी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के साथ साथ नगर क्षेत्र में भी पानी के लिए हाय तौबा मच रही है। पानी की किल्लत से आमजनों से ज्यादा नगर में घुम रहे मुक पशु पीड़ित हैं। नगर में इन पशुओं के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं होने से चिलचिलाती धूप में इनका बुरा हाल है। मालूम हो कि नगर में सैकड़ों पशु लावारिस हालत में है। जो इस भीषण गर्मी में अपनी प्यास बुझाने पानी के लिए तरसते भटक रहे हैं। इन लावारिस मवेशियों की सुध लेने के लिए ना तो नगर पंचायत तैयार है। ना तो गौ सेवक, वर्षों पूर्व नगर के कई संवेदनशील प्रबुद्ध जन अपने घरों के सामने में सीमेंट से बनी छोटी सी टंकिओं में पशुओं के लिए पानी रखा करते थे पर अब वह परंपरा भी समाप्त हो चुकी है। पशुओं को उनके मालिकों के द्वारा पूरी तरह से दोहन करने के बाद भटकने के लिए उन्हें लावारिस हालत में छोड़ दिया जाता है। ऐसे सैकड़ों मवेशियों को भटकते हुए नगर में देखा जा सकता है।

सीमेंट के जंगल में तब्दील होते क्षेत्र में गांव पेड़ पौधे पत्तियों के अभाव में मवेशियों को अपने पेट की आग बुझाने के लिए पॉलिथीन और दुकानों से फेंके गए कागज -पुट्टों को खाकर एवं नालियों का गंदा पानी को पीने के कारण इन्हें कई प्रकार की बीमारियों हो जाती है और आखिरकार इनका करुणान्त हो जाता है। नगर में भूख और प्यास से बेहाल हो कर भटक रहे मवेशियों के बारे में सुध लेने के लिए प्रशासन के पास वक्त नहीं है गर्मी के प्रकोप को देखते हुए नगर पंचायत कुछ अन्य संस्थाओं ने आमजनों को प्यास बुझाने के लिए कई जगह पियाऊ खोल दिया जाता है लेकिन नगर में मवेशियों की प्यास बुझाने का ख्याल किसी को अभी तक नहीं आया है, इसे नगर का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा।

आपसी लड़ाई में एक गोवंश 15 फुट गहरे गड्ढे में गिरा

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जयपुर जिले के रेनवाल की बस स्टैंड चौराहे के पास देर रात को आपस में झगड़ दो गौ वंश में एक गौ वंश गहरे गड्ढे में गिर गया. जिससे गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया. सूचना पर गो मित्र मंडल टीम मौके पर पहुंची और गोवंश को निकालने में जुट गई. गोवंश गंभीर रूप से घायल होने से गोवंश को निकालने में असुविधा का सामना करना पड़ा. वहीं लोगों का कहना कि निराश्रित गोवंशो के लिए स्थाई व्यवस्था करने के लिए बार-बार जिला कलेक्टर और स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया गया. बावजूद इसके प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है.

श्री गोपाल गौशाला में गिर गाय का होगा पालन

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झुंझुनूं : श्री गोपाल गौशाला झुंझुनूं जिले की सर्वश्रेष्ठ गौशाला जहां गौ माता की सेवा वर्षों से होती आ रही है तथा गौ सेवा में नवाचार करने में हमेशा अग्रणी रही है। गौशाला में साफ सफाई, गौ माता के लिए रहने खाने की समुचित व्यवस्था, हॉस्पिटल तथा अन्य गतिविधियां गौ भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र है जहां प्रतिदिन सुबह से शाम तक गौ भक्त न केवल आते हैं बल्कि वहां अपनी सेवाएं देते हैं तथा अपने हाथों से गोवंश को गुड़, हरा चारा, हरी सब्जी, मीठा दलिया एवं गेहूं के आटे से बनी रोटियां इत्यादि सामग्री से गौ सेवा करते हैं।

गौशाला नवाचार के क्रम में गिर गाय का पालन करने हेतु प्रथम बार ग्यारह गिर गाय लेकर आ रही है जिसके लिए उदारमना गौ भक्त दानदाताओं से स्वीकृति मिल चुकी है।

ग्यारह गौ भक्त दानदाता केशर देव देवकीनंदन तुलस्यान परिवार, चौथमल सुनील कुमार पाटोदीया परिवार, नरोत्तम लाल जालान परिवार, सत्यनारायण परमेश्वर लाल हलवाई परिवार, काशी नाथ जालान परिवार, अशोक कुमार संत कुमार केडिया परिवार, सपना अनिल राणासरिया परिवार, बनवारी लाल टेकड़ीवाल परिवार, रघुनाथ प्रसाद पोद्दार परिवार, सीए दीनबंधु जालान मुंबई, राम किशोर टीबड़ा हैदराबाद है।

जानकारी देते हुए गौशाला अध्यक्ष प्रमोद खंडेलिया एवं मंत्री नेमी अग्रवाल ने बताया कि इन ग्यारह गिर गायों के लिए अलग से सैड बनवाकर सुंदर तरीके से व्यवस्था की जाएगी।

जानकारी देते हुए गौशाला पीआरओ डॉक्टर डीएन तुलस्यान ने बताया कि गिर गायों के लिए एवं छानी डालने वाले सैड के एक्सटेंशन के लिए दो सैड गौ भक्त दानदाता स्वर्गीय मणी देवी ढंढारिया एवं स्वर्गीय बिहारी लाल ढंढारिया की पुण्य स्मृति में उनके सुपुत्र राधेश्याम ढंढारिया, सुपौत्र राहुल एवं राज ढंढारिया (राहुल फुटकेयर लिमिटेड जयपुर) के सौजन्य से बनाए जा रहे है। जिसका निर्माण कार्य प्रगति पर है जयपुर से राधेश्याम ढंढारिया परिवार की ओर से सैड मैं काम आने वाली लोहे की गाटर, चैनल, टीण इत्यादि सामग्री गौशाला में भिजवाई जा चुकी है। जल्द ही इसी माह सैड बनने के पश्चात गुजरात से गिर गाय लाई जाकर उनका पालन शुरू हो जाएगा।

विदित है कि गिर गाय अन्य देसी गाय से आर्थिक रूप से महंगी हैं, लेकिन गिर गायों से मिलने वाले लाभ अतुलनीय और अनूठे हैं। अत्यधिक पौष्टिक A2 गाय का दूध हमें मिलने वाले प्रमुख लाभों में से एक है, गिर गायें अपने अद्वितीय दूध गुणों और पोषक तत्वों के कारण अन्य देसी और जर्सी गायों से भिन्न होती हैं। यह नस्ल लगभग किसी भी जलवायु परिस्थिति में जीवित रह सकती है। उष्णकटिबंधीय क्षेत्र के मूल निवासी होने के कारण, वे कई उष्णकटिबंधीय बीमारियों का विरोध करने और जीवित रहने के लिए अधिक शक्तिशाली हैं। यह असाधारण नस्ल अपनी A2 दूध देने की क्षमता के लिए जानी जाती है, जो अत्यधिक अनुशंसित है और साथ ही यह उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है जो लैक्टोज असहिष्णु हैं।

हर्रई के किले से कमलनाथ का गढ़ ढहाने की कोशिश* 

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(पवन वर्मा-विनायक फीचर्स)
हर्रई के किले से कांग्रेस के कद्दावर नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा को ढहाने के प्रयास में  भाजपा दिखाई दे रही है। इस महल के जरिए भाजपा ने छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र के आदिवासी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। इसके चलते ही भाजपा ने योजनाबद्ध तरीके से अमरवाड़ा के विधायक कमलेश शाह को कांग्रेस से तोड़कर भाजपा की सदस्यता दिलाई है। कमलेश शाह हर्रई जागीर के राजा हैं। यह जागीर गोंडवाना साम्राज्य का वैभव मानी जाती है। इस जागीर  के राजा उदय भान शाह, उग्र प्रताप भानु शाह से लेकर  कमलेश शाह का गौंड आदिवासियों में खासा प्रभाव रहा है।
उन्हें आज भी इस क्षेत्र में रहने वाले गौड़ लोग अपना राजा ही मानते हैं। गौंड राजा कमलेश शाह  कुछ दिन पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने से पहले विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है।अब उनकी छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा सीट खाली हो गई है।  छिंदवाड़ा से कांग्रेस ने कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा से विवेक साहू बंटी उम्मीदवार हैं। नकुलनाथ इस सीट से सांसद भी हैं।
छिंदवाड़ा में गौंड आदिवासियों की संख्या खासी है। आदिवासियों का वोट यहां पर कांग्रेस का मजबूत आधार रहा है। इनके बल पर ही कमलनाथ का यह गढ़ मजबूत बना रहा है। भाजपा ने इस सीट को जब स्केन किया तो यही सामने आया कि आदिवासी पूरी तरह से कमलनाथ के साथ हैं। ऐसे में भाजपा को आदिवासी वोट बैंक में सेंध लगाना थी। तब भाजपा के नेताओं ने कमलेश शाह को चुना ।दरअसल कमलेश शाह हर्रई जागीर के राजा है। कई पीढ़ी से उनका यहां पर सम्राज्य हैं। यहां के गोंड आदिवासी कमलेश शाह को अब भी राजा के समान सम्मान देते हैं। उनके महल में आज भी राजाओं की तरह ही परम्पराएं और रीति रिवाज अपनाए जाते हैं।
 *नाथ के लिए अमरवाड़ा खास* 
कांग्रेस और कमलनाथ के लिए अमरवाड़ा की खास अहमियत रही हैं।  गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की इस पूरे क्षेत्र में  दमदार उपस्थिति के बाद भी अमरवाड़ा विधानसभा के आदिवासियों ने कमलनाथ का ही साथ दिया।  पिछले लोकसभा चुनाव में नकुलनाथ को सबसे ज्यादा वोट और लीड अमरवाड़ा विधानसभा से ही मिली थी। इधर कमलेश शाह, छिंदवाड़ा लोकसभा से कांग्रेस के उम्मीदवार नकुल नाथ से नाराज भी चल रहे थे। जिसे भाजपा ने पहले से भांप रखा था। बस वह मौके के तलाश में थी और उसे लोकसभा चुनाव के समय यह मौका मिल गया।
 *पहले परिवार  फिर महल भाजपा में*
जिले की राजनीति में हर्रई महल का अलग स्थान है। विधायक कमलेश शाह की छोटी बहन कामिनी शाह पहले ही भाजपा में हैं। वे महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उनकी बड़ी बहन जिला पंचायत सदस्य केशर नेताम भी भाजपा में शामिल हो गई है।
 *खुद तीन बार और दादा तथा मां भी  विधायक*
अमरवाड़ा विधानसभा के अस्तित्व के साथ ही यहां हर्रई राजघराने का दबदबा बना रहा है। कमलेश शाह के दादा राजा उदयभान शाह और मां रानी शैलकुमारी भी कांग्रेस से विधायक रही हैं। उनके पिता उग्र प्रताप शाह और भाई भूपेंद्र शाह जनपद अध्यक्ष रहे हैं जबकि कमलेश शाह तीन बार विधायक बने।
 *आदिवासी बने मुद्दा* 
कमलेश शाह के भाजपा में जाने के बाद छिंदवाड़ा सीट पर आदिवासियों के मान-सम्मान का मुद्दा उठ गया है। दरअसल नकुलनाथ ने कमलेश शाह के क्षेत्र में सभा की और संकेतों में कमलेश शाह पर जमकर निशाना साधा। भाजपा को  इस बात का आभास था। जैसे ही नकुलनाथ ने कमलेश शाह पर निशाना साधा, वैसे ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मुद्दे पर कमलनाथ और नकुलनाथ को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह पूरा मामला दोनों पार्टियों में आदिवासियों के मान सम्मान से जुड़ गया। भाजपा कमलेश शाह पर नकुलनाथ द्वारा  संकेतों में की गई टिप्पणी को आदिवासियों का अपमान बता रही है। यदि इस मुद्दे ने जोर पकड़ा तो कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ के लिए मुश्किल बढ़ सकती है। हालांकि अब यह चार जून को जब मतगणना पूरी होगी तक ही पता चलेगा कि भाजपा के इस मुद्दे ने कितना असर दिखाया।(विनायक फीचर्स)

दूध का कर्ज उतारने के लिए गौ सेवा से जुड़े

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कोडरमा: झुमरी तिलैया में इन दिनों एक फर्नीचर व्यवसायी और गाय के बीच अनोखे प्रेम की चर्चा लोगों की जुबान पर है. गाय व्यवसायी के साथ रोज करीब 4 किलोमीटर मॉर्निंग वॉक करती है. फिर चाय की दुकान पर बिस्कुट, ब्रेड का आनंद लेती है. इस दृश्य को देखकर लोग भी बच्चों को गौ सेवा के महत्व के प्रति प्रेरित करते नजर आते हैं.

बेडरूम और दुकान में बैठती थी गाय
फर्नीचर व्यवसायी वीरेंद्र यादव ने बताया कि करीब 3 वर्ष पहले गाय की बछिया को घर लाए थे. शुरू से ही बछिया उनके साथ घुल मिल गई. बछिया उनके बेडरूम में पलंग पर घंटों बैठकर सुकून से आराम करती थी. ब्लॉक रोड स्थित उनकी फर्नीचर की दुकान में भी आकर काफी देर काउंटर के समीप बैठी रहती थी. जब उसकी इच्छा होती थी, तब घर चली जाती थी.

चाय की दुकान पर ब्रेड-बिस्कुट से दिन की शुरुआत
वीरेंद्र यादव ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 5 से 7 बजे के बीच वह अपनी गाय को लेकर मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते हैं. इस दौरान ब्लॉक रोड होते हुए वह झंडा चौक पहुंचते हैं. जहां गाय को ब्रेड और बिस्कुट खिलाया जाता है. इसके बाद वापस ब्लॉक रोड होते हुए मॉर्निंग वॉक करते हुए ब्लॉक मैदान पहुंचते हैं. बताया कि इस दौरान रास्ते एवं ब्लॉक मैदान में शहर के कई महिला-पुरुष और बच्चे मॉर्निंग वॉक करने निकलते हैं. लेकिन, गाय किसी को परेशान नहीं करती, बल्कि कई लोग सुबह-सुबह गौ माता के दर्शन कर उसे दुलार करते नजर आते हैं. गाय उनके इशारे पर चलती और रुकती है.

दूध का कर्ज उतारने के लिए गौ सेवा से जुड़े
वीरेंद्र ने बताया कि गौ पालन करने से मन को सुकून मिलता है. गौ माता के आशीर्वाद से परेशानियां दूर होती हैं. उनके सभी काम सफल होते हैं. कहा कि कई बार जगह की कमी होने पर लोग गौ पालन नहीं कर पाते हैं और बाजार से दूध खरीद कर सेवन करते हैं. गाय के दूध को अमृत माना गया है, जिसकी कीमत एक लीटर दूध का दाम देकर नहीं चुकाई जा सकता है. दूध के कर्ज को चुकाने के लिए लोग गौशाला में अपने सामर्थ्य अनुसार महीने में सहयोग राशि का दान करें. इससे उन्हें गौ सेवा करने का पुण्य मिलेगा.

सिनेमा और फैशन जगत की फैशन डिजाइनर रोजलिन मिडलटन की ईस्टर सेलिब्रेशन की पार्टी में बॉलीवुड स्टार हुए शामिल 

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मुंबई। सिनेमा और फैशन जगत की जानी मानी फैशन डिजाइनर रोजलिन मिडलटन की ईस्टर सेलिब्रेशन की पार्टी ने धमाल मचा दिया, जहाँ कई बॉलीवुड स्टार शामिल होकर इस कार्यक्रम का लुप्त उठाया। रोजलिन मिडलटन बॉलीवुड जगत में उन हस्तियों में शामिल हैं जिनकी पहचान पर्दे और स्टेज के पीछे की है। रोजलिन इन दिनों अपनी आने वाली कई शो को लेकर बेहद व्यस्त हैं। ईस्टर को लेकर वह बताती हैं कि इसका महत्व यीशु मसीह की मृत्यु पर विजय है। उनके पुनरुत्थान का अर्थ है अनंत जीवन जो उन सभी को दिया जाता है जो उन पर विश्वास करते हैं। ईस्टर का उद्देश्य यीशु द्वारा अपने तीन साल के मंत्रालय के दौरान सिखाई गई और प्रचारित की गई सभी बातों की पूर्ण पुष्टि भी है। अगर वह मृतकों में से नहीं जी उठे होते या बस मर गए होते और पुनर्जीवित नहीं हुए होते, तो उन्हें सिर्फ एक और शिक्षक या पैगंबर माना जाता। हालाँकि, उनके पुनरुत्थान ने उन सभी को फटकार लगाई और अंतिम और निर्विवाद प्रमाण प्रदान किया कि वह ईश्वर के पुत्र थे और उन्होंने एक बार और हमेशा के लिए मृत्यु पर विजय प्राप्त की थी। मृतकों में से यीशु मसीह का पुनरुत्थान ईसाई सुसमाचार का मूल है। मैं यही प्रार्थना करती हूं कि आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो।

इस कार्यक्रम में सिने जगत से हिना, राजकुमार कनोजिया, नाशीर, सुशीलाजीत साहनी पेज वन और 70एम.एम एंटरटेनमेंट (सी.ई.ओ.), गुरु सहित कई अन्य लोग उपस्थित हुए और उन्हें बधाई दी।

बिजनेसमैन डॉ निकेश जैन माधानी को प्रीति झंगियानी ने किया नेशनल इंपैक्ट अवॉर्ड्स 2024 से सम्मानित

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मुंबई। कांदिवली पश्चिम स्थित रघुलिला माल के सेठिया बैंक्वेट में 31 मार्च को बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को प्रसिद्ध अभिनेत्री प्रीति झंगियानी के हाथों नेशनल इंपैक्ट अवॉर्ड्स 2024 प्राप्त हुआ। उसी दिन ग्लैमर एंड लाइफ स्टाइल अवॉर्ड्स 2024 देकर फिल्म अभिनेत्री महिमा चौधरी ने बिजनेसमैन निकेश जैन माधानी को सम्मानित किया। साक्षात इंटरटेनमेंट प्रस्तुत इन दोनों अवॉर्ड शो का आयोजन रामकुमार पाल और मुंबई रफ्तार चैनल के सीइओ शैलेश पटेल ने किया। अवार्ड समारोह में नाशिक सेंट्रल जेल के सीनियर जेलर सुधाकर कांबले मुख्य अतिथि रहे। निकेश जैन भी इस शो के वीआईपी गेस्ट थे और उनकी कंपनी माधानी ग्रुप और पुष्पा गृह उद्योग तथा पुष्पम पापड़ सहयोगी पार्टनर था।

आपको बता दें कि हाल ही में बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को तेरे नाम की अभिनेत्री भूमिका चावला ने तमस आईकॉनिक अवॉर्ड्स 2024 से सम्मानित किया था। वहीं निकेश को दिग्गज अभिनेता निर्माता निर्देशक धीरज कुमार, गदर 2 के एक्शन डायरेक्टर टीनू वर्मा और डिस्को डांसर गीत के गायक विजय बेनेडिक्ट एवं शो के ओर्गेनाइजर संजीव कुमार के हाथों बेस्ट बिजनेसमैन कैटेगिरी में राष्ट्रीय अचीवर अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया था। तो वहीं डॉ निकेश जैन माधानी रामायण धारावाहिक में सीता की भूमिका निभाने वाली दीपिका चिखलिया के हाथों दादासाहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवार्ड 2024, पार्श्वगायक उदित नारायण के हाथों अखंड भारत गौरव अवार्ड 2024 और अभिनेता सोनू सूद के हाथों एशियन एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए हैं।
इसके साथ ही उन्हें सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, एसीपी संजय पाटिल के हाथों दादासाहेब फाल्के अवार्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवार्ड 2023 प्राप्त हुआ है।
विदित हो कि कुछ माह पूर्व दिल्ली में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री काजल अग्रवाल एवं भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव के हाथों ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री एवं बिजनेस अवार्ड और विंदू दारा सिंह के हाथों आत्मनिर्भर एक्सीलेंस अवार्ड भी मिल चुका है।
इसके साथ ही 2022 में निकेश जैन मधानी को महाराष्ट्र राज्य के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों गऊ भारत भारती अवार्ड तथा कैबिनेट मंत्री परषोत्तम रूपाला (मत्स्य, दुग्ध व उद्योग मंत्री) के हाथों से गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुरस्कार 2023 प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार 2021 भी मिल चुका है। ब्राइट आउटडोर के सीएमडी योगेश लखानी ने अपने जन्मदिन पर निकेश जैन को बिज़नेस आइकॉनिक ब्राइट अवार्ड एवं ब्राइट आउटडोर बी.एस.सी. आईपीओ आने की खुशी में बिज़नेस अवार्ड 2023 से सम्मानित किया। निकेश को परफेक्ट वुमेन अचीवर अवॉर्ड, गोल्डन ह्यूमेनिटी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं आईपीएस कृष्ण प्रकाश नायर 2021 और 2022 में उन्हें अवॉर्ड देकर सम्मानित कर चुके हैं।
विदित हो कि डॉ निकेश जैन मधानी फाइनेंस एडवाइजर हैं और इनके कई बिजनेस हैं जैसे कि माधानी फाइनेंस, माधानी एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शन, माधानी ट्रेडिंग कंपनी, माधानी न्यूज लाइव 24×7 और मधानी इंटरप्राइज इत्यादि। इसके साथ ही निकेश की माँ के नाम पुष्पा गृह उद्योग कंपनी और पुष्पम पापड़ कंपनी है। जल्द ही मधानी कंपनी की लिस्टिंग हो जायेगी।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी ने एक हिंदी कॉमेडी फिल्म प्रोड्यूस की है। इसके पहले उन्होंने 12 म्यूजिक एल्बम ओर शॉर्टफिल्म को माधानी एंटरटेनमेंट और प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है।
निकेश ताराचंद जैन मधानी ने लॉ बुक में इतिहास बनाया है। दरअसल उनके ऊपर 2014 में ईडी पीएमएलए का केस हो गया था। फिर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ते हुए 2017 में सुप्रीम कोर्ट से धारा 45 ए रद्द हुआ जिससे कानून के किताब में डॉ निकेश जैन मधानी का नाम दर्ज हुआ और उनके ऊपर लगे धारा को हटाने में प्रसिद्ध वकील मुकुल रोहतगी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। निकेश जैन की कानून लड़ाई में जाने माने वकील साजल यादव, वकील नेमीचंद शर्मा और वकील मनीष वोरा ने भी सहयोग किया।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी सबसे सफल व्यवसायी रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम आदानी और लक्ष्मी मित्तल से प्रेरित हैं।

– संतोष साहू

5 अप्रैल को रिलीज होगी मेरी मां कर्मा, 25 साल की सिनेमैटोग्राफर ने शूट की फिल्म; सतलज इंदौरी ने लिखे फिल्म के गाने

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हमारे देश में जितना पॉपुलर बॉलीवुड सिनेमा का कल्चर है, उतना ही पॉपुलर रीजनल (क्षेत्रीय) सिनेमा का है। इन दिनों रीजनल सिनेमा एक बार फिर दर्शकों के बीच अपनी पकड़ बना रहा है। ऐसे में इसी को आगे बढ़ाने के लिए पॉपकॉर्न फिल्म्स 5 अप्रैल को सिनेमाघरों में फिल्म मेरी मां कर्मा लेकर आ रहे हैं। यह एक पूर्ण पारिवारिक-एंटरटेनर फिल्म है। इस फिल्म को देखते हुए दर्शकों को जितना मजा आएगा, उतना ही रोना भी आएगा। इसके साथ ही मेरी मां कर्मा की कहानी से मोटिवेशन मिलेगा। मोटिवेशन भी ऐसा कि आप अपने जीवन में कुछ कर गुजरने की हिम्मत करेंगे। यह फिल्म हिंदी भाषा में रिलीज हो रही है। यह पॉपकॉर्न की पहली फिल्म नहीं है। इसके पहले ले चलहुं अपनी दुआरी का भी निर्माण कर चुके हैं। आदि काल से ही महिलाएं पुरुषों का साथ देती आ रही हैं। दोनों एक ही गाड़ी के पहिए हैं, अगर एक हट जाए तो गाड़ी का आगे बढ़ना मुश्किल होगा। ऐसे में अब दौर ऐसा है कि महिलाओं पर केंद्रित फिल्में भी आनी चाहिए। इस फिल्म में ऑन और ऑफ स्क्रीन दोनों ही जगहों पर महिलाओं ने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस फिल्म को 25 साल की सिनेमैटोग्राफर आरुषि ने शूट किया है। मेरी मां कर्मा के बारे में यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि यह एक महिला केंद्रित फिल्म है।

मेरी मां कर्मा में रीजनल से लेकर बॉलीवुड के मंझे हुए कलाकारों के अभिनय को देखने को मिलेगा। फिल्म में कर्मा का किरदार छत्तीसगढ़ में अपनी अच्छी पहचान बना चुकीं अभिनेत्री कुकी स्वाएन ने निभाया है। वहीं, फिल्म में ओंकार दास मानिकपुरी, सानंद वर्मा, अल्का आमिन, इश्तियाक खान, भगवान तिवारी और सुनीता राजवर जैसी एक्टर्स भी अहम किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा फिल्म का संगीत भी बेहद अहम है। इसके हिंदी गानों को जावेद अली, अनुराधा पौडवाल, शाहिद माल्या और साधना सरगम ने गाया है। वहीं, फिल्म के गाने अस्तम में रहूं को इंदौर के सतलज इंदौरी ने लिखा है। 5 अप्रैल को रिलीज होने वाली इस फिल्म को मृत्युंजय सिंह ने डायरेक्ट किया है। वहीं, फिल्म को कौस्टेन साहू ने लिखा है और इसकी सिनेमैटोग्राफी आरुषी बागेश्वर ने की है।

गौ माता को ऐसे करें प्रसन्न, चमक उठेगा आपका सोया हुआ भाग्य

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गौ माता को ऐसे करें प्रसन्न, चमक उठेगा आपका सोया हुआ भाग्य

हिंदू धर्म में हाथी से लेकर गाय और अन्य कई पशु-पक्षियों को पूजनीय माना गया है। वहीं हिंदू धर्म में पहली रोटी गाय के लिए निकलने का विधान है। माना जाता है कि जो व्यक्ति प्रतिदिन गाय को रोटी या फिर चारा खिलाता है उसे जीवन में दरिद्रता का सामना नहीं करना पड़ता। ऐसे में आइए जानते हैं गौ माता की कृपा प्राप्ति के उपाय।

हिंदू धर्म में ऐसे कई पशु-पक्षी माने गए हैं, जिन्हें शुभता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। वहीं, सनातन धर्म में गाय का विशेष महत्व माना जाता है और इस गौ माता कहकर संबोधित किया जाता है। साथ ही गाय में सभी देवी-देवताओं का भी वास माना जाता है। ऐसे में हम आज आपको बताने जा रहे हैं, कि आप किस प्रकार गाय माता की कृपा प्राप्त कर सकते हैं, जिससे आपको जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

मिलेगा कई दोष से छुटकारा

माना जाता है कि यदि आप रोजाना गाय को गुड़ के साथ रोटी खिलाते हैं, तो इससे आपको कुंडली में मौजूद कई प्रकार के दोष से छुटकारा मिल सकता है। जिससे आपके बिगड़े हुए काम बनने लगते हैं। वहीं यह भी माना जाता है कि गाय के गले और पीठ को सहलाने वह प्रसन्न होती है, जिससे व्यक्ति को भी इसका लाभ मिलता है

स्वयं भोजन करने से पहले गाय को रोटी खिलाएं और गौ माता के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें। ऐसा करने से व्यक्ति को आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। इसके साथ ही गाय के रोजा हरा चारा खिलाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं, बुध ग्रह की अशुभता से बचने के लिए भी गाय को हरा चारा खिलाना अच्छा माना जाता है।

मंदिर में रखें ये तस्वीर

देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए मंदिर में गाय की भी तस्वीर रख सकते हैं। साथ ही रोजाना गौ माता की पूजा करें। ऐसा करने से आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है। इसके साथ ही गौ माता की सेवा करना भी बहुत ही पुण्यकारी माना गया है।

 

अक्षय तृतीया पर रिलीज़ होगी राजकुमार राव की फिल्म “श्रीकांत – आ रहा है सबकी आंखें खोलने”

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टी-सीरीज़ फिल्म्स और चॉक एन चीज़ फिल्म्स की तुषार हीरानंदानी द्वारा निर्देशित फिल्म “श्रीकांत – आ रहा है सबकी आंखें खोलने” इस साल अक्षय तृतीया के शुभ अवसर 10 मई को रिलीज़ होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

आपको बता दें कि पहले इस फिल्म का नाम SRI रखा गया था जो अब बदलकर “श्रीकांत – आ रहा है सबकी आंखें खोलने” कर दिया गया है। श्रीकांत बोला की दिल को छू जाने वाली कहानी दर्शकों के समक्ष लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। तुषार हीरानंदानी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में राजकुमार राव, अलाया एफ, ज्योतिका और शरद केलकर अहम किरदार में नजर आएंगे। आपको बता दें कि यह फिल्म उद्योगपति श्रीकांत बोला की बायोपिक है, जिन्होंने अपनी दृष्टिहीनता को अपने सपनों पर हावी नहीं होने दिया और बोलेंट इंडस्ट्रीज की स्थापना की।

गुलशन कुमार और टी-सीरीज़ प्रस्तुत, टी-सीरीज़ फ़िल्म्स और चाक एन चीज़ फ़िल्म्स प्रोडक्शन एलएलपी की फिल्म ‘श्रीकांत – आ रहा है सबकी आंखें खोलने’ को तुषार हीरानंदानी ने डायरेक्ट किया है, भूषण कुमार, कृष्ण कुमार और निधि परमार हीरानंदानी द्वारा निर्मित यह फिल्म अक्षय तृतीया के अवसर पर यानी कि 10 मई 2024 को देशभर में रिलीज होगी।