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ज्येष्ठ अष्टमी के अवसर पर माता खीर भवानी मंदिर में उमड़ी कश्मीरी पंडितों की भीड़

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 ज्येष्ठ अष्टमी के शुभ अवसर पर लगभग 18,000 कश्मीरी पंडितों और श्रद्धालुओं ने प्रसिद्ध माता खीर भवानी मंदिर में दर्शन किए। हर साल, इस शुभ दिन पर तुलमुल्ला, गांदरबल में माता खीर भवानी मंदिर में खीर भवानी मेला आयोजित किया जाता है और जम्मू और कश्मीर के विभिन्न भागों से श्रद्धालु यहाँ पवित्र मंदिर में दर्शन करने आते हैं।  

खीर भवानी कश्मीरी पंडितों की कुल देवी मानी जाती हैं जिनकी वहां बहुत मान्यता है। ज्येष्ठ अष्टमी कश्मीरी पंडित भाइयों और बहनों के लिए अत्यधिक धार्मिक महत्व रखती है। वर्षों से खीर भवानी मेला कश्मीर में सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक बना हुआ है। इस आयोजन में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किये गए थे और स्वयं उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने इसकी मॉनीटरिंग की।

शाम की आरती में लगभग 2,500 कश्मीरी पंडित भक्तों ने भाग लिया। एक पवित्र झरने के ऊपर बने माता खीर भवानी मंदिर की धार्मिक पवित्रता का दुनिया भर के कश्मीर पंडित भक्तों के बीच एक विशेष आध्यात्मिक महत्व है।

वर्ष 2020 और 2021 में कोविड के कारण यहाँ आयोजन नहीं हो पाया था।

श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त बस सेवा: श्रीनगर एयरपोर्ट, टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर, डल लेक साइड नेहरू पार्क, शंकराचार्य मंदिर, शिवपोरा, बीबी कैन्ट, इंदिरा नगर आदि क्षेत्रों में जहां हिंदू समुदाय बड़ी संख्या में रहते हैं, वहां से मुफ्त बस सेवा चलाई गई।

श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी ना हो इसका रखा गया पूरा ध्यान: मंदिर परिसर के समीप यात्रियों के वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा प्रदान करवाई गई। सभी उपयुक्त स्थानों पर मोबाइल यूरिनल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

कई गैरसरकारी संगठनों और नागरिक समाज ने भी मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्हील चेयर और अन्य सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की थी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष स्वास्थ्य जांच स्टॉल भी लगाए गए, जहां कई श्रद्धालुओं ने परामर्श लिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी ज्येष्ठ अष्टमी के अवसर पर कश्मीरी पंडितों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि “सभी को, विशेष रूप से कश्मीरी पंडित बहनों और भाइयों को, ज्येष्ठ अष्टमी की बधाई। हम माता खीर भवानी से सभी की भलाई और समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं।”

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने भी कश्मीरी पंडितों को ज्येष्ठ अष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि ज्येष्ठ अष्टमी मां खीर भवानी की आराधना का विशेष पर्व है। इस पावन पर्व पर सभी कश्मीरी पंडित भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और मां खीर भवानी के चरणों में नमन कर देश की उन्नति व समृद्धि की प्रार्थना करता हूं।

उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने कश्मीरी पंडित समुदाय को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि “यह शुभ अवसर धार्मिक जीवन, प्रेम, करुणा और सद्भाव का उत्सव है। आइए हम माता खीर भवानी से प्रार्थना करें कि वह हमें धर्म के मार्ग पर ले जाएं और हमारी भूमि को शांति, सुख और समृद्धि प्रदान करें।

 

 

Crime News : चार गौ तस्करों के साथ पुलिस की मुठभेड़ दो बदमाशों को लगी गोली

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Saharanpur News: सहारनपुर पुलिस (Saharanpur) का ऑपरेशन लंगड़ा अभियान जारी है. मंगलवार देर रात थाना बिहारीगढ़ (Biharigarh) और सर्विलांस टीम की संयुक्त टीम ने गोतस्करों को पकड़ा. पुलिस टीम जब गांव तल्हापुर के पास एक बाग में पंहुची तो चार लोगों ने एक गाय को रस्सी से बांध कर नीचे लिटा रखा था.

घायल अपराधियों को अस्पताल भिजवाया गया

पुलिस टीम ने घेराबन्दी की तो गौ तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. गोतस्करों की गोली से सिपाही देवेंद्र जख्मी हो गया. जबकि एक गोली एसओ बिहारीगढ़ मनोज चौधरी की बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी. जवाबी गोलीबारी में दो गोतस्कर सलमान और हसीन को गोली लग गई. पुलिस ने भाग रहे तीसरे अपराधी शोएब को पकड़ लिया. जबकि इनका चौथा साथी अंधेरे का फायदा उठा कर फरार हो गया. मौके से तमंचे, कारतूस और गोवंश काटने के उपकरण, बाइक और कार बरामद किया गया. घायल सिपाही और अपराधियों को अस्पताल भिजवाया गया.

सिपाही को लगी गोली

घटना के बारे में एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग गोकशी की तैयारी कर रहे हैं. सूचना के आधार पर जब पुलिस वहां पर पहुंची तो बदमाशों ने पुलिस पर फायर झोंक दिया जिसमें 1 गोली सिपाही को लगी और एक बिहारीगढ़ थानाध्यक्ष की बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी है. जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली से दो बदमाश घायल हुए हैं. कुल 3 बदमाशों की गिरफ्तारी की गई है, जिनका पहले से ही क्रिमिनल रिकॉर्ड है. इन बदमाशों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के विरुद्ध आईआईटी मुंबई में कैंडल यात्रा निकाली

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मुंबई -आईआईटी बॉम्बे कैंपस में कश्मीर घाटी में हिंदुओं पर हो रहे घातक हमलों के विरोध में कल एक मोमबत्ती – यात्रा का आयोजन आई आई टी बी भारत t द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया, इस कैंडल यात्रा का उद्देश्य कश्मीर घाटी में इस्लामी आतंकवाद का शिकार मृतकों को श्रद्धांजलि देना था।

विद्यार्थियों ने इस बात पर रोष व्यक्त किया कि कश्मीर में फिर से लोगों के नाम उनके घरों के बाहर लिखकर मृत्यु की धमकी दी जा रही है, उन्हें चिन्हित करके मार दिया जा रहा है, प्रेस विज्ञप्ति निकाली जा रही है कि घाटी खाली करो। 36 वर्षीय शिक्षिका श्रीमती रजनीबाला जी को उनके स्कूल में जाकर आतंकियों ने मार दिया ऐसा ही राहुल भट्ट जी एवं विजय कुमार बेनीवाल जी के साथ हुआ, यह सूची लंबी होती जा रही है।

लोगों के मन में भय का वातावरण स्थापित है। लोगों को उनके घरों में बंद कर दिया गया है बाहर सुरक्षाकर्मी भारी मात्रा में उपस्थित हैं। मात्र 3 महीने पहले श्री विजय कुमार का विवाह हुआ था। क्या बीत रही होगी उनकी विधवा पत्नी पर। श्री विजय कुमार जी की चचेरी बहन आई आई टी मुंबई की छात्रा हैं, उनका दुःख असहनीय है .

मोमबत्ती यात्रा में उपस्थित विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि १९४७ और १९९० का इतिहास फिर से वही इतिहास वर्तमान का स्वरूप लेकर आया है।ऐसे ही करोड़ों की संख्या में भारतीय परिवार इस असहनीय दुःख तथा प्रताड़ना को पिछले ११०० वर्षों से सह रहा है।

उन्होने प्रश्न किया आखिर कब तक लगातार किसी एक समाज को कट्टरपंथी विचार के आधार पर प्रताड़ित किया जायेगा? सरकारें विफल हैं इस मसले का संधान देने में या सरकारें इस समस्या का समाधान निकालना ही नहीं चाहती हैं, आखिर एक समाज कब तक एक राक्षसी प्रवृति वाले जिहादियों के अत्याचार को सह कर इन सरकरों को गद्दी पर बैठाता रहेगा ? उन्होने सरकारों से निवेदन किया है कि वे भारत में फैलते जा रहे जहर के मूल कारण को समझें तथा उन कट्टरपंथियों को स्पष्ट सन्देश देते हुए हिन्दुओं तथा उन मुस्लिमों (जो भारत के गौरव, संस्कृति तथा आराध्यों का सम्मान करते हैं ) का प्रण लेकर सुरक्षा के लिए कार्य करें, यह केवल मानवता ही नहीं बल्कि पुरे राष्ट्र की सुरक्षा तथा संभ्रुता पर भी खतरा है।

कैंडल यात्रा में छात्रों ने ” भारत माता की जय, वन्दे मातरम, आतंकवाद मुर्दाबाद, आतंकवाद बंद करो, आतंकवाद को पालना बंद करो इत्यादि नारे लगाए । छात्रों ने एक स्वर में उन सैकड़ों भारतीय परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की एवं उनकी पीड़ा को स्वर प्रदान किया जो इस स्वतंत्र भारत में जिहादियों द्वारा दी जा रही निरंतर जीवन और मृत्यु की प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं।

साथ ही यह पीड़ा व्यक्त कि की कश्मीर घाटी पुनः भारतराष्ट्र के विरोध का केंद्र बनी हुई है। आज ११०० वर्षों से भारतीय संस्कृति तथा समाज इन जिहादियों का दंश झेल रहा है, 19 जनवरी 1990 की रात्रि को जब असंख्य कश्मीरी हिंदुओं को हत्या, बलात्कार, लूटपाट एवं नृशंसता के वीभत्स दृश्यों के मध्य अपना घर, संपत्ति, अपनी स्मृतियां, अपनों के शव जिसे अग्नि को भी न सौंप सके, सब कुछ छोड़कर निर्जन क्षेत्रों में शरण लेने को विवश हो गए।

यह मोमबत्ती – यात्रा शाम ७:३० बजे आई आई टी मुंबई के छात्रावास संख्या १२-१३-१४ से आरम्भ होकर दीक्षांत सभागृह पर संपन्न हुई जिसमें लगभग लगभग २०० से अधिक छात्रों ने हिस्सेदारी की।

इस अवसर पर २ मिनट का मौन रखकर दहशतवादियों का शिकार हुए लोगों को श्रद्धांजलि देने के बाद राष्ट्रगान द्वारा कार्यकम को समाप्त किया गया। उल्लेखनीय है कि आई आई टी बी भारत महाविद्यालय परिसर में अलग अलग तरह के कार्यकम का आयोजन करनेवाले आई आई टी मुंबई के छात्रों का समूह है और वे सनातन संस्कृति के बारे में फैलाई गयी भ्रांतियों के प्रति जागरूकता फैलाने का काम भी करते हैं।

 

एनएचएआई का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, 105 घंटे में बनाई 75 किमी सड़क

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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सड़क निर्माण के मामले में विश्व कीर्तिमान बना दिया, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्विटर के माध्यम से इस उपलब्धि की घोषणा की।

हिंदुस्तान टाइम्स ऑटो की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की शीर्ष राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण एजेंसी ने महाराष्ट्र में अमरावती और अकोला के मध्य लगभग 105 घंटे या 5 दिनों से भी कम समय में 75 किलोमीटर लंबे राजमार्ग का निर्माण किया।

नितिन गडकरी ने इस उपलब्धि के लिए एनएचएआई की सराहना की।

उन्होंने ट्वीट किया, “यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। एनएचएआई की हमारी असाधारण टीम, सलाहकार और रियायतग्राही राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड और जगदीश कदम को एनएच-53 सेक्शन पर अमरावती और अकोला के मध्य सिंगल लेन में 75 किलोमीटर निरंतर बिटुमिनस कंक्रीट रोड बिछाने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स प्राप्त करने पर बधाई देते हुए खुशी हो रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं विशेष रूप से हमारे इंजीनियरों और कर्मचारियों को धन्यवाद देता हूँ, जिन्होंने इस असाधारण उपलब्धि को हासिल करने के लिए दिन-रात मेहनत की।”

राजपथ इंफ्राकॉन नामक एक निजी ठेकेदार ने 3 जून को सुबह 6 बजे रिकॉर्ड प्रयास शुरू किया। एजेंसी ने काम पूरा करने हेतु परियोजना प्रबंधक, राजमार्ग अभियंता, गुणवत्ता अभियंता, सर्वेक्षक एवं सुरक्षा अभियंता सहित लगभग 800 कर्मचारियों और 700 से अधिक श्रमिकों को तैनात किया था।

महाराष्ट्र में अमरावती और अकोला के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरने वाले खंड पर काम किया जा रहा है। यह खंड विशेष रूप से दस वर्षों से अधिक समय से खराब स्थिति में है।

गोवंश भरकर ले जा रहे वाहन को पकड़ने के लिए नाकाबंदी

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नागदा जंक्शन। पुलिस ने सूचना के आधार पर रविवार की देर रात गोवंश भरकर ले जा रहे वाहन को पकड़ने के लिए नाकाबंदी की थी। काफी देर रुकने के बाद भी कोई हाथ नहीं लगा। लौटते समय गश्त के दौरान थाना प्रभारी ने एएसआइ से शंका के आधार पर पूछताछ की। मोबाइल भी चेक किया।

इसमें आरोपितों की मदद करने का मामला सामने आया। आरोपित एएसआइ के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया है। वहीं, बाद में पुलिस ने घेराबंदी की तो तीन चार पहिया वाहनों में सवार तस्करों ने पुलिस जवानों पर वाहन चढ़ाने का प्रयास किया और फरार हो गए। इनमें से एक वाहन को खाचरौद थाना प्रभारी ने पकड़ा है। एक अन्य वाहन महिदपुर के यहां पलट गया। इसमें सवार आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। एएसआइ सहित अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।

रविवार की रात 12 बजे एसपी सत्येंद्र शुक्ल ने शहर के दोनों थानों पर आकर औचक निरीक्षण कर गो तस्करों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुखबीर की सूचना पर रात्रि 12.30 बजे मंडी थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा ने पुलिस बल के साथ बायपास पर नाकाबंदी की। तीन घंटे प्रतीक्षा के बावजूद गोवंश से भरा वाहन नहीं आया तो रात 3 बजे थाना प्रभारी वापस थाने लौट रहे थे।

राजस्थानी ढाबे के समीप एएसआइ रामसिंह भूरिया नजर आए। पूछताछ करने व मोबाइल चेक करने पर गो तस्कर गोकुल व आजम से बात करने की बात सामने आई। एएसआइ के बताए अनुसार पुलिस ने रतन्याखेड़ी रोड सूर्य गार्डन के यहां वाहन की घेराबंदी की तो वाहन चालक ने पुलिस पर ही वाहन चढ़ाने का प्रयास किया।

तीन वाहन में सवार आरोपित वाहन से खाचरौद की तरफ भागे। खाचरौद थाना प्रभारी ने एक वाहन पकड़ा। दो वाहन वापस नागदा की ओर आए। पुलिस के रोकने पर गोवंश से भरे वाहन से पुलिस वाहन को टक्कर मारते हुए बनबना फंटे, हिड़ी, महिदपुर क्षेत्र के गांव बंजारी फंटा से महिदपुर सिटी तक पुलिस को गुमराह करते रहे।

सरस्वती स्कूल के समीप एक वाहन पलटी खा गया, उसमें सवार आरोपित दशरथ पुत्र बनेसिंह निवासी ग्राम शिवगढ़ जिला आगर को गिरफ्तार कर 8 पशु व दो केन कच्ची शराब व वाहन जब्त किया। पुलिस ने भय्या लाला, गोकुल, आजम व एएसआइ रामसिंह भूरिया के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया। एएसआइ भूरिया रात से फरार है।

 

 

 

गौ मांस के साथ कारोबारी गिरफ्तार

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मोतिहारी, 8 जून । रामगढ़वा पुलिस ने थाना क्षेत्र के आमोदेई गांव में छापेमारी कर 15 किलो गौ मांस के साथ इसके कारोबारी जाहिद मंसूरी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस को सूचना मिल रही थी कि आमोदेई गांव के वार्ड पांच में जाहिद मंसूरी अपने दो अन्य भाइयों के साथ गाय का वध कर गौ मांस की बिक्री चोरी छुपे करता है। इसकी इस गतिविधि से गांव में है संप्रदायिक सद्भाव पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। कई लोगों के द्वारा थाना को लगतार सूचना दी जा रही थी।

उक्त सूचना पर थानाध्यक्ष ने गांव के वर्तमान व पूर्व मुखिया, पैक्स अध्यक्ष सहित कई कई गणमान्य लोगों से इस मामले की जानकारी ली और सामाजिक स्तर से इस पर रोक लगाने की बात कही थी लेकिन इसका प्रभाव नहीं पड़ा। बाद में पुलिस ने इस को गिरफ्तार करने के लिए सूचना तंत्र को विकसित कर ऐन वक्त पर थाना अध्यक्ष इंद्रजीत पासवान के नेतृत्व में छापेमारी की गई।

थानाध्यक्ष ने बताया कि छापेमारी के दौरान यह एक गाय को काटकर आधे से ज्यादा मांस को बेंच चुका था। लगभग 15 किलो मांस वहां बेचने के लिए रखा गया था। जिसको पुलिस ने बरामद किया है। जिसको कसाई खाना में काटने के लिए दो अन्य गाय को भी रखा गया था। दोनों गायों को पुलिस ने चंपापुर अवस्थित मवेशी फाटक में जमा करा दिया है। गौ मांस कारोबार में लगे जाहिद मंसूरी के साथ उसके भाइयों जावेद मंसूरी और तबरेज मंसूरी पुलिस को देखते ही भागने लगे। इन लोगों का पुलिस ने पीछा कर जाहिद मंसूरी को पकड़ लिया। जबकि दो अन्य भागने में सफल रहे।

थाना अध्यक्ष इंद्रजीत पासवान ने बताया कि तीनों के ऊपर रामगढ़वा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साथ ही बरामद मांस को स्थानीय लोगों की उपस्थिति में जमीन में गाड़ दिया गया। कानूनी प्रक्रिया के लिए इसके सैंपल को थाना में लाया गया है। जिसको जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा।

 

सौतेले पिता ने किया दुष्‍कर्म

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इरोड (तमिलनाडु), एजेंसियां। तमिलनाडु के इरोड जिले में 16 साल की एक लड़की को अपने अंडे (एग) बेचने के लिए मजबूर करने के मामले में दुष्कर्म और प्रताड़ना के आरोप सामने आए हैं। लड़की की मां और सौतेले पिता द्वारा पिछले पांच वर्षों में कम से कम आठ मौकों पर उसके अंडे (अंडाणु) को बेचने के लिए मजबूर किया गया था। विशेष चिकित्सा टीम ने रविवार को एक नाबालिग लड़की से पूछताछ की। तमिलनाडु पुलिस ने यह जानकारी दी।

तमिलनाडु की चिकित्सा और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा निदेशालय की छह सदस्यीय टीम ने 6 जून को लड़की का बयान दर्ज किया। संयुक्त निदेशक ए विश्वनाथन की अध्यक्षता वाली टीम ने पाया कि पिछले पांच वर्षों में लड़की को अपने अंडे (एग) विभिन्न प्रजनन क्षमता केंद्र को बेचने के लिए मजबूर किया गया था। अधिकारी अब लड़की के बयान के आधार पर राज्य के विभिन्न प्रजनन केंद्रों की जांच कर रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि यदि अपराध की जानकारी में सही पाई जाती हैं तो उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे और डॉक्टरों की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी। शनिवार को मामले के जांच अधिकारी इरोड जिला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बांझपन का इलाज करने वाले दो अस्पतालों को समन भेजा। दोनों अस्पतालों के अधिकारी उपस्थित हुए और जांच अधिकारी के सवालों का जवाब दिया।

पुलिस के अनुसार, टीम ने 13 साल की उम्र से लड़की के अंडाणु दान के बारे में आपबीती सुनी। पीड़िता ने बताया कि कैसे उसकी मां इंद्राणी (33) और उसके सौतेले पिता सैयद अली (40) ने उसे पेरुंदुरई (इरोड), सेलम और होसुर इलाकों में निजी अस्पतालों में अंडाणु दान करने के लिए मजबूर किया था।

पुलिस के मुताबिक, लड़की ने यह भी कहा कि सैयद अली ने उसका कई बार दुष्‍कर्म किया। मेडिकल टीम ने सभी विवरण दर्ज किए। पुलिस ने कहा कि उसने जिले में बांझपन का इलाज करने वाले उन अस्पतालों से पूछताछ की, जहां लड़की को अपना अंडाणु दान करने के लिए मजबूर किया गया था।

प्राथमिकी में कहा गया है कि लड़की की मां, एस इंद्राणी (33), जो अपने पहले पति से अलग हो गई थी, जो नाबालिग के पिता है, भी अपराध में शामिल था। एक बिचौलिये की मदद से आधार कार्ड पर नाबालिग की उम्र बदली गई। बिचौलिए को 5,000 रुपये का कमीशन दिया गया था, जबकि लड़की की मां ने हर बार एग की बिक्री 20,000 रुपये में की थी।

कश्मीर में एक मौलवी थांग-टा के संरक्षण में आगे आया

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मोहम्मद इकबाल को उस समय असामान्य सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जब उन्होंने जम्मू-कश्मीर में युवाओं को मनोरंजक खेल थांग-टा की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।
इकबाल ने कहा कि “बीस साल पहले मैं एक निजी प्रशिक्षक था और लड़कों एवं लड़कियों को मुफ्त कक्षाएं दे रहा था। इकबाल अब राज्य के एक सम्मानित कोच हैं। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स में भाग लिया था।

इकबाल ने बताया कि स्थानीय लोगों ने मेरी कक्षाओं में लड़कियों के शामिल होने पर आपत्ति जताई थी। उनमें से कई लोगों ने बहुत ही आक्रामक रवैया अपनाया और हमारे प्रशिक्षण सत्रों में बाधा पैदा करते रहे।

इकबाल ने बताया कि जहां पर वह रहते थे, बाद में वहां की एक स्थानीय मस्जिद के प्रमुख ने उनका बचाव किया। उन्होंने बताया कि मौलवी और कई स्कूल के प्रधानाचार्यों ने मेरे चरित्र की पुष्टि की तथा आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि मैं बच्चों की अच्छी देखभाल करूंगा, और आज मैं यहां हूं।

इससे मुझे काफ़ी मदद मिली तथा लड़कियों को यह खेल पसंद आया और प्रत्येक ने विरोध के बावजूद इसमें बने रहने के लिए दृढ़ संकल्प किया।

वर्षों से आतंकवाद की छाया में मोहम्मद इकबाल ने हजारों बच्चों को थांग-टा खेलने की ओर आकर्षित किया है और उन्हें मुख्यधारा में बने रहने की सख्त उम्मीद है।

इकबाल ने गर्व से बताया कि ‘‘आज उनमें से कई युवक और युवतियां स्थानीय कोच हैं। लेकिन उस समय, कुछ लोगों को चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों यहां तक कि कोरिया से लेकर दुबई और ईरान तक की यात्रा करनी पड़ी, जिसने दूसरों को भी प्रेरित किया।’’

यह समझना मुश्किल है कि थांग-टा मणिपुर के पूर्वोत्तर राज्य में अपनी उत्पत्ति के साथ भारत के सबसे उत्तरी छोर जम्मू-कश्मीर तक पहुंचने के लिए मैदानी इलाकों, पहाड़ियों और घाटियों को किस तरह से पार किया है।

इकबाल ने कहा कि ‘‘थांग-टा एक घरेलू खेल है। यह एक भारतीय मार्शल आर्ट है और हमने अभी इस खेल को अपनाया है। मैं तब सिर्फ एक स्कूली छात्र था जब इसकी ओर आकर्षित हो गया था।’’

बहुत से लोग मानते हैं कि उस समय के आसपास एक स्थानीय टूर्नामेंट थांग-टा के प्रसार के लिए मुख्य कार्यक्रम था। ‘‘यह हम में से कुछ को तकनीकी को समझने में मदद करने के लिए आयोजित किया गया था और मैंने जल्द ही 1999 में राष्ट्रीय खेलों के लिए खुद को मणिपुर में पाया।’’

मैं कुछ साल बाद समझदार और बड़ा बना था, जब एक कोच बन गया, फिर मुझे मणिपुरी थांग-टा फेडरेशन से बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण दोनों सीखने का निमंत्रण मिला।
आज श्रीनगर शहर में 20 से अधिक थांग-टा क्लब खुल गए हैं। उनके कई पूर्व शिष्य वहां युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर थांग-टा एसोसिएशन के महासचिव अयाज अहमद भट कहते हैं कि यह अब एक खेल परंपरा बन गई है और परिवार अपने बच्चों को प्रशिक्षण के लिए हमारे पास भेजकर खुश हैं।

इकबाल ने गर्व व्यक्त करते हुआ कहा कि ‘‘अब जब लड़कियां आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट सीखना चाहती हैं, तो कई हमारी कक्षाओं में शामिल हो जाती हैं।’’

श्रेयस जी होसुर बने ‘आयरनमैन ट्रायथलॉन’ को पूरा करने वाले पहले भारतीय रेलवे अधिकारी

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दक्षिण पश्चिम रेलवे के डिप्टी एफएएंडसीएओ© श्रेयस होसुर ने कठिन ‘आयरनमैन’ ट्रायथलॉन को पूरा करने वाले पहले रेलवे अधिकारी और बिना वर्दी वाली सिविल सेवाओं के पहले अधिकारी बनकर भारतीय रेलवे को गौरवान्वित किया है।

इस स्पर्धा में 3.8 किलो मीटर की तैराकी, 180 किलो मीटर साइक्लिंग और 42.2 किलो मीटर की दौड़ शामिल थी। श्रेयस ने इसे जर्मनी के हैम्बर्ग में 5 जून, 2022 को 13 घंटे 26 मिनट में पूरा किया।

स्पर्धा समाप्ति करने वाले को ‘आयरनमैन’ के नाम से जाना जाता है, जो स्पर्धा के लिए आवश्यक मानसिक और शारीरिक शक्ति के अनुरूप होता है।

यह स्पर्धा हैम्बर्ग झील के ठंडे पानी में सुबह 6:30 बजे 3.8 किलो मीटर की तैराकी के साथ शुरू हुई, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्र में 180 किलो मीटर लंबी साइकिलिंग हुई और 42.2 किलो मीटर की पूर्ण मैराथन के साथ समाप्त हुई।

अन्तर्यात्री महापुरुष – द वॉकिंग गॉड’ का ट्रेलर व म्यूजिक जारी

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शिरोमणि क्रिएशन के बैनर तले निर्मात्री कामना कुलचैनिया द्वारा निर्मित बायोपिक ‘अन्तर्यात्री महापुरुष – द वॉकिंग गॉड’ का म्यूजिक और ट्रेलर पछले दिनों जारी कर दिया गया है।
दिगंबर संत आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन गाथा पर आधारित इस बायोपिक फिल्म का पटकथा, संवाद लेखन और निर्देशन अनिल कुलचैनिया ने किया है। फिल्म में आचार्य विद्यासागर की भूमिका को विवेक आनंद मिश्रा निभा रहे हैं वहीं उनके माता श्रीमन्ती की भूमिका किशोरी शहाणे विज व पिता मल्लप्पा की भूमिका में गजेंद्र चौहान हैं।
इनके अलावा आचार्य ज्ञानसागर के रुप में दिवंगत बलदेव त्रेहान दिखाई देंगे। साथ ही कृष्णा भट्ट, हार्दिक मिश्रा, अर्जुन, सुधाकर शर्मा, मिलिंद गुणाजी और गुफी पेंटल भी इस बायोपिक में नज़र आएंगे। इस फ़िल्म की शूटिंग आचार्य के जन्मस्थान सदलगा (कर्नाटक) के साथ साथ स्तवनिधि, कोल्हापुर, अजमेर, किशनगढ़, जयपुर, कोटा, हैदराबाद और मुम्बई में की गई है।
इस फिल्म के सह निर्माता उमेश मल्हार व आनंद राठी, कार्यकारी निर्माता योगिता शर्मा, संगीतकार सतीश देहरा, गीतकार सुधाकर शर्मा, सिनेमैटोग्राफर महेश जी. शर्मा, कोरियोग्राफर माधव किशन, एडिटर गुल हैं एवं बैकग्राउंड स्कोर धर्मेंद्र जावड़ा ने तैयार किया है।
 इस फिल्म के गीतों को प्रसिद्ध गायक अमित कुमार, अनूप जलोटा, अनुराधा पौडवाल, साधना सरगम, रामशंकर, पामेला जैन, सलोनी जैन, अरविंदर सिंह, सतीश देहरा, देव राठौड़ और शैलेष श्रीवास्तव ने गाया है।