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लवयापा’ का प्रमोशन करने ‘बिग बॉस 18’ के मंच पर पहुंचे आमिर खान, जुनैद खान और खुशी कपूर

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मुंबई (अनिल बेदाग) : रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘लवयापा’ का प्रमोशन ज़ोरों-शोरों से शुरू हो चुका है और फिल्म की टीम इसे परफेक्ट बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। हाल ही में रिलीज़ हुए इसके दिलचस्प ट्रेलर ने दर्शकों को पूरी तरह से बांध लिया है और फिल्म के लिए उत्सुकता और भी बढ़ा दी है। इस फिल्म के ज़रिए जुनैद खान और खुशी कपूर बड़े पर्दे पर अपना डेब्यू कर रहे हैं, जिससे दर्शकों में उनके परफॉर्मेंस को देखने का उत्साह चरम पर है।
अब फिल्म ‘लवयापा’ की टीम ने अपने प्रमोशनल सफर की ऑफिशियल तौर से शुरुआत कर दी है। जुनैद खान, खुशी कपूर और आमिर खान ने हाल ही में ‘बिग बॉस सीजन 18’ के सेट पर पहुंचकर माहौल में जोश भर दिया। शानदार लुक्स और बेहतरीन अंदाज़ में नज़र आ रहे इस तिकड़ी ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है। इनकी मौजूदगी ने न सिर्फ शो में ग्लैमर का तड़का लगाया बल्कि हमें आगे होने वाले इंटरटेनमेंट की झलक देखने के लिए और भी उत्सुक कर दिया है।
लवयापा, जो मॉडर्न रोमांस की दुनिया में सेट है, एक दिल छू लेने वाली कहानी पेश करती है। इसमें दमदार परफॉर्मेंस, जोश से भरा म्यूजिक और खूबसूरत विजुअल्स ने इसे खास बना दिया है। फिल्म न केवल रोमांस को एक नई तरह से दिखाती है, बल्कि इसमें ऐसी बातें भी हैं जो दर्शकों को लंबे समय तक याद रहेंगी। प्यार के हर रंग को सेलिब्रेट करती लवयापा हर उम्र के दर्शकों के दिलों को छूने के लिए तैयार है। यह फिल्म 2025 की सबसे एक्साइटिंग सिनेमेटिक एक्सपीरियंस में से एक बनने वाली है।
इस वैलेंटाइन सीज़न को खास बनाने के लिए अपना कैलेंडर मार्क कर लें, क्योंकि लवयापा 7 फरवरी, 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। प्यार की इस जादुई सफर का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो जाइए!

आज भी कौतूहल का विषय है इमरजेंसी*  

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(राकेश अचल-विनायक फीचर्स)
कंगना रनौत की बहुचर्चित फिल्म ‘ इमरजेंसी ‘ बॉक्स आफिस पर हिट होती है या फ्लाप यह कहना  फिलहाल तो कठिन है लेकिन इस फिल्म ने दर्शकों को दो दिन तो अपनी और आकर्षित कर यह संकेत तो दे ही दिए हैं कि ‘ इमरजेंसी ‘ आज भी कौतूहल का विषय है और किंचित लोकप्रिय भी।
      सिनेप्लेक्स में फिल्म देखने वाली आज की पीढ़ी ने सचमुच की ‘ इमरजेंसी ‘ नहीं देखी,इसलिए उसे कंगना रनौत ‘ की इमरजेंसी ‘ में स्वाभाविक दिलचस्पी है। देश में आजादी के बाद पहली और फिलहाल अंतिम बार इमरजेंसी यानि आपातकाल 50  साल पहले लगा था। उस समय कांग्रेस का शासन था और प्रधानमंत्री के पद पर श्रीमती इंदिरा गाँधी थीं। इमरजेंसी  लागू होने के बाद विपक्षी नेताओं को चुन-चुन कर गिरफ्तार किया गया और उन्हें जेल में डाल दिया गया था।
           आज की ‘ इमरजेंसी ‘ रजतपट की ‘ इमरजेंसी ‘ है।
 असली ‘इमरजेंसी 25 जून, 1975 को घोषित की गयी थी ,  इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार की सिफारिश पर तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने आपातकाल लगाए जाने पर अपनी मुहर लगाई थी। ये इमरजेंसी 21 मार्च, 1977 तक देशभर में लागू रही। स्वतंत्र भारत के इतिहास में ये 21 महीने काफी विवादास्पद रहे। इन 21 महीनों में जो कुछ भी हुआ उसके लिए अनेक राजनीतिक दल अभी भी कांग्रेस को समय-समय पर कोसते रहते हैं। संयोग से आपातकाल के समय इन पंक्तियों का लेखक यानि मैं समझदार हो चुका था,लेकिन क़ानून की दृष्टि में नाबालिग था इसलिए औरों की तरह जेल नहीं गया।उन  दिनों दूरदर्शन नहीं था केवल रेडियो था इसलिए  देश में इमरजेंसी लगाए जाने की घोषणा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रेडियो के माध्यम से की थी। 26 जून, 1975 की सुबह इंदिरा गांधी ने ऑल इंडिया रेडियो पर कहा, ‘राष्ट्रपति ने देश में इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है।’
                मुझे अच्छी तरह से याद है कि  आपातकाल की घोषणा किए जाने के कुछ  समय पहले ही  सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले पर सशर्त रोक लगा दी थी, जिसमें लोकसभा के लिए  श्रीमती इंदिरा गांधी के चुनाव को अमान्य घोषित किया गया था। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को संसदीय कार्यवाही से दूर रहने को भी कहा था । वैसे इमरजेंसी से पहले इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने 1971 के लोकसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की थी। तत्कालीन 521 सदस्यीय संसद में कांग्रेस ने 352 सीटें जीती थीं। दिसंबर 1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान के युद्ध से आजाद कराकर इंदिरा गांधी आयरन लेडी के नाम से जानी जा रही थीं। इसके कुछ सालों बाद ही देश में इमरजेंसी की घोषणा ने आयरन लेडी के कामों पर ही सवाल खड़े कर दिए थे।
        जिस समय देश में पहली बार ‘ इमरजेंसी ‘ लगाईं गयी थी  उन दिनों  गुजरात में सरकार के खिलाफ छात्रों का नवनिर्माण आंदोलन चल रहा था। बिहार में जयप्रकाश नारायण का आंदोलन चल रहा था। 1974 में जॉर्ज फर्नांडीस के नेतृत्व में रेलवे हड़ताल चल रही थी। 12 जून, 1975 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसमें रायबरेली से इंदिरा गांधी के लोकसभा के लिए चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया गया था। गुजरात चुनावों में पांच दलों के गठबंधन से कांग्रेस की हार और 26 जून 1975 को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली ने इंदिरा गांधी की सरकार को मुश्किल में डाल दिया था।
देश में यदि इमरजेंसी न लगती तो देश को भाजपा न मिलती।  इंदिरा गाँधी की इमरजेंसी में तमाम ज्यादतियां भी हुईं , लोगों की जबरन नसबंदी कराई  गयी, अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाये गए । लेकिन इमरजेंसी में नागरिक बोध भी बढ़ा ।  सरकारी दफ्तरों में अधिकारी कर्मचारी ही नहीं बल्कि रेलें ,बसें भी समय से चलने लगीं। लेकिन इमरजेंसी एक काला अध्याय बनी सो बनी। इस इमरजेंसी के लिए बाद में कांग्रेस और इंदिरा गाँधी परिवार के अनेक सदस्य सदन के भीतर और सदन के बाहर देश से माफ़ी भी मांग चुके हैं ,लेकिन भाजपा ने कांग्रेस को कभी माफ़ नहीं किया ,और अब तो इमरजेंसी पर फिल्म ही बना दी। वैसे
देश में इमरजेंसी पर पहले भी अनेक फ़िल्में बनी।”किस्सा कुर्सी का”और “आंधी” जैसी फ़िल्में भी बनी जो काफी चर्चित और विवादास्पद भी रही।
        “इमरजेंसी” फिल्म की नायिका भाजपा की  सांसद कंगना रनौत हैं। कंगना ने श्रीमती इंदिरा गाँधी की भूमिका में जान डालने की बहुत कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हुईं। कंगना से पहले सुचित्रा सेन ने फिल्म “आंधी”में इंदिरा गाँधी बनने की कोशिश की थी। इमरजेंसी देखकर लौटे हमारे मित्र बता रहे हैं कि”कंगना की इमरजेंसी” इंदिरा गाँधी को खलनायक भी ढंग से नहीं बना पायी ,कोशिश जरूर की। बेहतर होता की फिल्म के लिए कंगना की जगह प्रियंका वाड्रा को चुना जाता। एक तो कंगना के मेकअप का खर्च बचता ,दूसरे अभिनय में जान भी आती। दरअसल इंदिरा गाँधी की नकल करना आसान नहीं है।
आज की “इमरजेंसी” देखने वालों को ये जानना जरूरी है कि  जिस इंदिरा गाँधी को फिल्म के जरिये खलनायिका दिखाया गया है,उसी इंदिरा गाँधी को बाद में देश ने प्रधानमंत्री भी चुन लिया था।
    फिलहाल तो खबर है कि  पहले दिन जहां ‘ इमरजेंसी ‘  ने 2.5 करोड़ का बिजनेस किया था वहीं दूसरे दिन  ये आंकड़ा 2.74 करोड़ पहुंच गया है। इस हिसाब से फिल्म का कुल कलेक्शन 5.24 करोड़ रुपये पहुंच गया है। संभावना है कि ये आंकड़ा अभी और बढ़ेगा और फिल्म को सप्ताहांत का भरपूर फायदा मिलता नजर आ रहा है लेकिन प्रयागराज में महाकुम्भ के कारण  इमरजेंसी उतना आर्थिक लाभ नहीं दे पा रही है जितना की अनुमान  लगाया गया था। लेकिन दिल्ली विधानसभा के चुनावों में इसका राजनैतिक लाभ लेने की भरपूर कोशिश की जाएगी।
               ‘कंगना की ‘ इमरजेंसी ‘ कामयाब हो ,ऐसी मेरी शुभकामनायें हैं ,लेकिन मेरी शुभकामनायें कंगना के कितने काम आएंगीं ,मैं खुद नहीं जानता।(विनायक फीचर्स)

महाराष्ट्र पासिंग माजदा वाहन में एक बार फिर गौ तस्करी का मामला सामने आया

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CG News: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही में महाराष्ट्र पासिंग माजदा वाहन में एक बार फिर गौ तस्करी का मामला सामने आया है। समाज सेवक मोती ठाकुर ने एक बार फिर रात्रि में गौ तस्करों को रंगे हाथ पकड़ा। मवेशियों की संख्या लगभग 30 बताई गई। फिलहाल मवेशियों को पुलिस कार्रवाई के बाद डॉक्टरी मुलाहिजा कर बालोद जिला मुख्यालय के महावीर गौशाला में रखा गया है।

CG News: आरोपी गिरफ्तार

CG News: नगर के चैनगंज निवासी समाज सेवक मोती ठाकुर ने बताया कि वे रात्रि 3.30 बजे अपने दोस्तों के साथ चैनगंज रेलवे फाटक के पास टहल रहे थे। इस बीच एक मेहरून कलर की 709 माजदा वाहन में कुछ लोग गाड़ी का तिरपाल और रस्सी कस रहे थे। गाड़ी से कुछ आवाज आई तो उन्होंने नजदीक में जाकर देखा तो रस्सी बांधते हुए आरोपी गाड़ी छोड़कर भाग गए। तब मोती ठाकुर व उनके सहयोगी ने गाड़ी कीतलाशी ली।

इस दौरान पता चला कि वाहन मवेशियों से भरा हुआ था, जिसके बाद उन्होंने तत्काल गुंडरदेही पुलिस को सूचना दी और कार्रवाई की मांग की। फिलहाल मवेशी को पुलिस कार्रवाई के बाद डॉक्टरी मुलाहिजा कर बालोद जिला मुख्यालय के महावीर गौशाला में रखा गया है।

परिवहन की अनुमति देने वाले के खिलाफ भी लें एक्शन

ठाकुर ने कहा कि मवेशी के परिवहन के लिए अगर कोई परमिशन दे रहा है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि वाहन से मवेशी के परिवहन के लिए परमिशन नहीं दी जाती। मवेशी को हमेशा खरीदी-बिक्री के बाद यदि उनके पास रसीद हो तो उसे पैदल ही लाने ले जाने का नियम है।

बता दें कि गौ तस्करों के कई मामले अभी तक पेंडिंग हैं। आज से दो माह पहले भी साप्ताहिक बाजार के पास ऐसे वाहन से ही खचाखच मवेशियों को भरकर कत्ल खाना ले जा रहे थे, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

गौ मांस खाने के शक में पीटकर हत्या के दो और आरोपी काबू

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चरखी दादरी, 19 जनवरी (हप्र)

गौ मांस खाने के शक में प्रवासी युवक की पीटकर हत्या के दो और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें से एक की पहचान हंसावास निवासी संजय के रूप में हुई है, जबकि दूसरा नाबालिग है। मामले में अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और तीन से चार लोगों की गिरफ्तारी बाकी है।

बता दें कि बीते अगस्त माह में चरखी दादरी जिले के बाढड़ा कस्बे में प्रवासी श्रमिक की पीटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस को दिए बयान में पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले के निवासी सुजाउद्दीन सरदर ने बताया था कि वह और उसका रिश्तेदार साबिर मलिक बाढड़ा में जुई रोड पर झोपड़ी बनाकर रहते हैं व कूड़ा बीनने का काम करते हैं। उसकी बहन शकीना सरदर भी अपने पति साबिर मलिक के साथ बच्चों सहित बाढ़ड़ा में रहती है। शिकायतकर्ता ने बताया कि 27 अगस्त को कुछ लड़कों ने साबिर मलिक को कबाड़ देने के बहाने बस स्टैंड की तरफ बुलाया था।

मारपीट में चोट लगने से हुई मौत

उक्त लड़कों ने उनके जानकार असम निवासी असरूद्दीन को भी बुला लिया और वहां पर उनके साथ डंडों से मारपीट की व उन्हें बाइक पर उठाकर ले गए। उसके बाद गांव भांड़वा के समीप उसके जीजा का शव मिला। साबिर मलिक व असरद्दीन को मारपीट करके चोटें मारी हैं, जो चोट लगने से साबिर मलिक की मृत्यु हुई है। इस शिकायत पर चार नामजद सहित अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित करके जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे।

ग्राम खुर्द में गाय के अवशेष मिलने बजरंग दल कार्यकर्ताओं का हंगामा

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पुवांरका (सहारनपुर)। ग्राम खुर्द स्थित ढमोला नदी के पास गाय के अवशेष मिलने से हंगामा हो गया। मौके पर पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अवशेष मिलने पर विरोध जताया और पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की।

मामला रविवार देर रात का है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं का आरोप था कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। पता लगने पर थाना जनकपुरी पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई, लेकिन उनका कहना था कि ढमोला नदी थाना देहात कोतवाली क्षेत्र में आता है। इसके बाद देहात कोतवाली पुलिस भी आ गई। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि दो महीने पहले भी गोवंश के अवशेष मिले थे, लेकिन उस समय भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और मामले की जांच में कोई भी साक्ष्य जुटाने की कोशिश की जा रही है। अभी बजरंग दल कार्यकर्ता मौके पर डटे हुए हैं। उन्हें पुलिस समझाने का प्रयास कर रही है।

महाकुंभ को लेकर सनातन सेना ने बुक का विमोचन किया

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महाकुंभ को लेकर सनातन सेना ने बुक का विमोचन किया इस बुक में महाकुंभ में जाने की सारी जानकारी दी गई है
इस मौके पर सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजीत सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रंजीत यादव, महाराष्ट्र उपाध्यक्ष संजीव सिंह बॉबी उपस्थित थे।

केक काटकर बछ़ड़े का जन्मोत्सव मनाता है ये गोसेवा दल

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झुंझुनूं:- हिंदू धर्म में गाय को माता माना जाता है, ऐसे में लोग गाय की देखभाल भी करते हैं, और उनको रोटी भी खिलाते हैं. ऐसे में आज हम आपको झुंझनूं में ऐसे संगठन के बारे में बताते हैं, जिसके सदस्य घायल गायों की सेवा तो करते ही हैं, अपनी कमाई से हर महीने खर्च करके उनका इलाज भी करवाते हैं. दरअसल झुंझुनू के नवगढ़ कस्बे के नवलगढ़ में गौ-रक्षा दल के नाम से बने संगठन के सदस्य गौ सेवा तो करते ही हैं, साथ में उन्होंने एक अनूठी पहल भी की है. जब भी कोई बेसहारा गाय बछिया या बछड़े को जन्म देती है, तो यह लोग गाय को कस्बे के नवलगढ़ रोड स्थित अपने उपचार केंद्र में लेकर आते हैं. जहां उस नवजात बछिया के जन्मोत्सव केक काट के मनाते हैं, साथ ही मिठाइयां भी बांटते हैं.

घायल गायों का कराते हैं उपचार
दल के संस्थापक खुद रणवीर सिंह बताते हैं, कि उपचार केंद्र की शुरुआत 5 साल पहले की गई थी. जब गौ रक्षा दल के सदस्य ने कस्बे में घायल गाय को देखा, जिसके पैर में घाव था, और उसमें कीड़े पड़े हुए थे, तो उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पीड़ित गाय के लिए दवाई पट्टी की व्यवस्था की, और इलाज शुरू किया. इसी के कुछ दिनों बाद ही, वह ठीक होने लगी तभी इन लोगों का हौसला बढ़ा, और बीमार व बेसरा गोवंश की पीड़ा को देखते हुए 2019 में इन युवाओं ने गौ रक्षा दल बनाया व गायों की सेवा का काम शुरू किया. गायों के अलावा भी अन्य कोई पशु, पक्षी बीमार हो जाता है, तो उसका भी उपचार यह स्वयं करते हैं.

15 से 20 हजार गौ-सेवा पर करते हैं खर्च
रणवीर सिंह ने बताया कि उनके दल के सदस्य कई बार गौ रक्षा करते हुए, सांडों के हमले की वजह से खुद भी घायल हो जाते हैं लेकिन घायल होने के बावजूद भी गौ रक्षा का जुनून उनका कम नहीं होता है. दल के सदस्य बड़ी मेहनत करके गायों की सेवा कर रहे हैं. इसके साथ में ही अपनी मेहनत की कमाई से सहयोग करके 15 से ₹20000 हर महीने गौ-सेवा में खर्च करते हैं. इसमें उनके द्वारा पशु अस्पताल की फ्री सेवा भी ली जा रही है. फ्री दवाइयां भी उन्हें मिल जाती हैं. कई बार बड़े दान दाताओं के द्वारा सहयोग भी किया जाता है. अब तक करीब 4000 से अधिक घायल गोवंश की मदद उनके द्वारा की जा चुकी है.

गाय की सेवा से खुश होते हैं देवी-देवता, प्रत्येक व्यक्ति को गोसेवा के लिए रहना चाहिए तत्पर : मोहित

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गाय की सेवा से खुश होते हैं देवी-देवता, प्रत्येक व्यक्ति को गोसेवा के लिए रहना चाहिए तत्पर : मोहित

 

लोहारू। भिवानी-महेंद्रगढ़ क्षेत्र के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह के बेटे मोहित चौधरी ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में गाय की सेवा को सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। गाय की सेवा मात्र से हम 33 कोटि देवी देवताओं को प्रसन्न कर सकते हैं। इसलिए गौ सेवा जैसे पुनीत कार्य के लिए प्रत्येक व्यक्ति को तैयार रहना चाहिए।

वे उपमंडल के गांव सोहांसरा की श्रीराधा कृष्ण गोशाला वार्षिकोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में चौधरी धर्मबीर सिंह की जगह उनके बेटे मोहित ने शिरकत की थी। इस दौरान गोशाला कमेटी के प्रधान अशोक वर्मा और कमेटी के सदस्यों के अलावा जिला उपप्रमुख प्रतिनिधि संजय जांगड़ा ने मोहित चौधरी का स्वागत किया।

कार्यक्रम में हीरालाल शास्त्री, ठेकेदार दलबीर बींवाल, योगेश शर्मा, राजबीर यादव, राजबीर शास्त्री, सरपंच राजकुमार नागर, रविंद्र कुमार, मनजीत कुमार, उमेद कुमार सहित अनेक गणमान्य लोगों ने शिरकत की। इस मौके पर यज्ञ में आहुति डालकर विश्व मंगल की कामना की गई तथा गायों को गुड़ खिलाकर पुण्य कमाया।

संजय जांगड़ा ने गोशाला कमेटी को 51,000 रुपये की अनुदान राशि भी भेंट की। इससे पहले भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें संतोष भारद्वाज सहित अनेक गायक कलाकारों ने भजनों से माध्यम से गोमाता और देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान किया गया। कार्यक्रम में अनेक ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।

अवार्ड वितरण के साथ करूणा इन्टरनेशनल का करूणोदय का हुआ समापन

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डा आर बी चौधरी एवं गजेश श्रीनिवासन

जालोर (राजस्थान): करूणा इंटरनेशनल द्वारा 28 व 29 दिसम्बर 2024 को तखतगढ़ के जालोर रोड स्थित प्रकाश फार्म हाउस में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन एवं अवार्ड वितरण समारोह का समापन जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सिंह मालावत के मुख्य आतिथ्य के कर कमलो द्वारा भारत-वर्षीय आउटसडेन्डीग करूणा अवार्ड, भारत-वर्षीय एक्सलेंट अवार्ड केटेगरी अवार्ड दयावान अवार्ड आदि विभिन्न श्रेणियों में 140 अवार्ड वितरण कीये जिसमे एक ट्रोफी ,साइटेसन नकद चैक देते हुए समापन हुआ।

इस अवसर पर करूणा इन्टरनेशनल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस.शांतिलाल जैन स्वागत भाषण द्वारा सभी का अभिनंदन कीया व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवम अधिवेशन के चैयरमैन एस पदमचन्द छाजेड़ ने इस अधिवेशन की आवश्यकता के बारे जानकरी दी । उपाध्यक्ष सुरेश कांकरिया , मनोज जी डागा , महासचिव सज्जनराज सुराणा करूणा इन्टरनेशनल की गतिविधी की जानकरी दी, सचिव प्रबोध जैन ने पी पी टी प्रस्तुत की। कोषाध्यक्ष रमेश चोरड़िया सहित पुरी कार्यकारिणी उपस्थित रही।

मुख्य अतिथि पद से न्यायाधीश नरेंद्र सिंह जी मालावत के कर कमलों से विभिन्न श्रेणियों के अवार्ड वितरित किए गये। मेजबान विघालय के प्रधानाचार्य गजेन्द्र सिंह तंवर, केन्द्र प्रमुख मीठालाल जोशी सचिव मनोज जीनगर, करूणा मार्गदर्शक जितेन्द्र पुरी, करूणा रत्न केशवराज, प्रचारक भुपेश चारण, सौरभ वर्मा का बहुमान कुशल आयोजन के लिए अतिथियों ने किया। इस अधिवेशन के प्रथम दिन महावीर इंटरनेशनल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अनील जी जैन द्वारा प्रदर्शनी का उद्घाटन, राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक श्री जोगेश्वर जी गर्ग द्वारा अधिवेशन का उद्घाटन किया। एवम श्री पर्बत सिंह जी ने विषेश करूणोदय उद्वबोधन दिया।

राष्ट्रीय अधिवेशन एवं अवार्ड वितरण समारोह में संगीत की स्वरलहरियों के साथ करूणोदय 2024 का संचालन पाली संभाग के राष्ट्रपति से सम्मानित मीठालाल जोशी ने किया । इस अवसर पर मुख्य उद्घोषक के रूप में श्री उम्मेद जोधपुर का सराहनीय सहयोग रहा। करूणा इंटरनेशनल चेन्नई केंद्र के अध्यक्ष सज्जन जैन, सचिव ज्ञानचंद कोठारी, महीला वींग अध्यक्षा नीर्मला छल्लाणी, उपाध्यक्ष पदमा जैन सहित अन्य केन्द्रो के 500 से अधिक पदाधिकारी, कार्यकर्ता, शीक्षक व विद्यार्थी सम्मिलित हुए। यह जानकारी चेयरमैन पदमचंद छाजेड़ ने दी।

यहां 4000 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक गौ अभयारण्य

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सागर जिले के बीना तहसील के ग्राम देवल में 15,000 गोवंशों के लिए अत्याधुनिक गौ अभ्यारण्य का निर्माण प्रस्तावित है। यह अभ्यारण्य 4,000 एकड़ भूमि पर बनेगा और क्षेत्र के जलस्रोतों के संरक्षण में मदद करेगा। इससे गोवंशों की सुरक्षा और किसानों को राहत मिलेगी।

सागर जिले के बीना तहसील के ग्राम देवल में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित अत्याधुनिक गौ अभ्यारण्य का निर्माण शीघ्र ही शुरू होने जा रहा है। यह अभ्यारण्य 15,000 गोवंशों को आश्रय देने की क्षमता वाला होगा, जिससे बीना और आसपास के क्षेत्रों के गोवंशों को सुरक्षित और संरक्षित स्थान मिलेगा।

पशुपालन और डेयरी विभाग के मंत्री लखन पटेल ने रविवार को इस अभ्यारण्य स्थल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर बीना विधायक निर्मला सप्रे, एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह, तहसीलदार सुनील शर्मा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। यह अभ्यारण्य 4,000 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा, जिसमें 443 एकड़ राजस्व भूमि और 3,615 एकड़ वन भूमि शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा बीना क्षेत्र के भ्रमण के दौरान गौ अभ्यारण्य की घोषणा की गई थी, जिसके तहत पशुपालन विभाग को 178.67 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन विस्तार की अनुमति अंतिम चरण में है। इससे पहले, ग्राम देवल में अंग्रेजी शासनकाल में एक बड़ी गौशाला थी, जो समय के साथ नष्ट हो गई। अब एक बार फिर, इस क्षेत्र में गोवंशों के संरक्षण के लिए अभ्यारण्य का निर्माण किया जाएगा, जिससे आसपास के जलस्रोतों का संरक्षण और बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

गौ अभ्यारण्य बनने से न केवल गोवंशों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि यह किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। सड़क पर घूमते गोवंशों से होने वाली समस्याओं का समाधान होगा, और क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। यह गौ अभ्यारण्य स्थानीय ग्रामीणों और किसानों के लिए एक बड़ा लाभ लेकर आएगा, क्योंकि गोवंशों के सुरक्षित रहने से कृषि कार्यों में भी रुकावटें कम होंगी।

इस गौ अभ्यारण्य के निर्माण से न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी, बल्कि गोवंशों के जीवन स्तर को भी सुधारने का अवसर मिलेगा। इसके निर्माण कार्य की शुरुआत जल्द ही की जाएगी और यह क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।