मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मन की बात एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से देश के दूर -दराज व ग्रामीण आंचलों के लोगों द्वारा सामान्य परिस्थितियों में विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे सराहनीय कार्यों को आगे लाया जाता है। इससे न सिर्फ उन क्षेत्रों को नई पहिचान मिलती है बल्कि अन्य लोगों को भी कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
हाल ही में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण विधेयक पारित होना ऐतिहासिक निर्णय रहा है। उत्तराखड में भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं।
जनता सिनेमा से निर्माताओं, सिनेमा मालिकों और सिनेमा प्रेमियों के बीच खुशी और उत्साह की लहर
जनता सिनेमा नाम से भारतीय सिने जगत में नई क्रांतिकारी तकनीक हुई लॉन्च
इंदौर। पठान, जवान, ड्रीमगर्ल 2, गदर 2, ओएमजी 2 और जेलर जैसी फिल्में सिनेमाघरों में ब्लॉकबस्टर रही हैं। जिससे निर्माताओं एक्ज़िबिटर्स को अब ज़्यादा वीपीएफ लागत से आज़ादी मिल गई। लेकिन अब इस क्षेत्र में एक और क्रांति के लिये तैयार हो जाएं। भारतीय फिल्म जगत में सबसे बड़ी क्रांति के रूप में आ गया है जनता सिनेमा जो आपकी फिल्मो की स्क्रीनिंग के लिए सबसे स्मार्ट समाधान है। जिसमें पहली बार हिंदुस्तानी सिनेमा जगत में नई क्रांतिकारी तकनीक पेश की गई है।
जिससे निर्माताओं, सिनेमा मालिकों और सिनेमा प्रेमियों के बीच खुशी और उत्साह की लहर फैल गई है।
जनता सिनेमा भारत में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ डिजिटल सिनेमा समाधान है जो कान्स फिल्म फेस्टिवल और दुनिया भर के 74 देशों में उपयोग किया गया है।
मशहूर फिल्म निर्माता और वितरक यूसुफ शेख (हेड परसेप्ट पिक्चर्स) और उनके बैनर, येन मूवीज़ (भारत की 30 साल पुरानी फिल्म वितरण, एक्जीबिशन और प्रोडक्शन कंपनी) ने जनता सिनेमा – आर्टिनी प्रो डिजिटल सिनेमा प्लेयर टेक्नोलॉजी लॉन्च की है।
चाहे वह सिंगल स्क्रीन, मल्टीप्लेक्स या स्टैंड-अलोन सिनेमा हो, निजी सिनेमा, सामुदायिक सिनेमा, हाइवे ढाबे, बड़े आकार की दुकानें, ग्राम पंचायत घर, भवन परिसर, क्लब, सैन्य छावनी, कॉर्पोरेट कंपनी, आवासीय सोसायटी हो, किसी भी फिल्म को सिर्फ एक बटन क्लिक करके प्रदर्शित की जा सकती है।
फर्स्ट डे फर्स्ट शो फिल्में रिलीज करके किसी भी जगह कोई भी फिल्म रिलीज करके पैसे कमाया जा सकता है।
सिनेमा मालिक को फिल्म फर्स्ट डे फर्स्ट शो रिलीज करने के लिए कोई वीपीएफ शुल्क देने की जरूरत नहीं है।
सिर्फ एक प्रोजेक्टर या कम्प्यूटर के माध्यम से अपने जनता सिनेमा प्लेयर के द्वारा 2K रिज़ॉल्यूशन और 5.1 साउंड के साथ प्ले करें।
जनता सिनेमा की अद्भुत टेक्नोलॉजी से अब पायरेसी का कोई डर नहीं है। अब निर्माता अन्य तकनीकी प्रोवाइडर्स की वीपीएफ लागत के 10% से भी कम पर फिल्में रिलीज कर सकते हैं अर्थात केवल 1600 रुपये प्रति सिनेमा।
आप 8-10 लाख रुपये के अंदर किसी भी जगह पर सिनेमा शुरू कर सकते हैं, जहां आपके पास 1000 से 2000 वर्ग फीट का हॉल हो।
सरकार आपको लोन के साथ-साथ ऐसी जगहों पर सिनेमा शुरू करने की अनुमति भी देती है। विज्ञापन से पैसे कमाए जा सकते हैं।

कोई भी सिनेमा मालिक या अगर आपके पास एक सिंगल स्क्रीन सिनेमा, एक सामुदायिक स्थान, एक बड़ी दुकान, एक छत, एक हाइवे रेस्तरां, एक एम्फीथिएटर, स्कूल, कॉलेज, भवन परिसर या कोई बड़े आकार का खुला क्षेत्र है, तो आप कर सकते हैं।
ऐसे निर्माता जो अपनी फिल्मों का खुद वितरण करना चाहते हैं। ऐसे वितरक जो अपनी फिल्में रिलीज करने के लिए सिनेमाघरों की तलाश कर रहे हैं, वे भी इस तकनीक से फायदा उठा सकते हैं।
क्षेत्रीय फिल्म निर्माता जो अपनी फिल्म को देश के किसी भी क्षेत्र में रिलीज करना चाहते हैं और वीपीएफ लागत बचाना चाहते हैं और यहां तक कि उन जगहों पर भी अपनी फिल्में रिलीज करना चाहते हैं जहां ग्रामीण क्षेत्रों में सिनेमाघर नहीं हैं।
इस तकनीक के संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट jantacinema.artinii.com पर जाएं और जनता सिनेमा प्लेयर निःशुल्क डाउनलोड करें। जनता सिनेमा से राकेश सभरवाल भी जुड़े हुए हैं।
छुट्टा गौ वंश को लाठी से मारने पर 4 नामजद लोगों पर मुकदमा पंजीकृत
MP – थाना उघैती क्षेत्र के ग्राम खण्डवा में एक छुट्टा गौ वंश को लाठी से मारने पर पशु प्रेमी विकेन्द्र शर्मा द्वारा 4 नामजद लोगों पर मुकदमा पंजीकृत कराया गया, जिसमें एक व्यक्ति उघैती के भारतीय जनता पार्टी के बूथ अध्यक्ष का भाई बताया गया, जिसका नाम मुक़दमे से हटवाने के लिए भाजपा मंडल अध्यक्ष उघैती महेश शर्मा ने पशु प्रेमी विकेन्द्र शर्मा को धमकी दी। पशु प्रेमी विकेन्द्र शर्मा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजा साथ ही थाना कोतवाली बदायूं मे भी तहरीर दी है। विकेन्द्र शर्मा ने बताया कि भविष्य मे इस भाजपा नेता से उन्हें खतरा होने की संभावना है ।
नहीं रहे प्रसिद्ध फिल्म लेखक प्रयाग राज
भारतीय सिने जगत के प्रसिद्ध फिल्म लेखक, निर्देशक व एक्टर प्रयाग राज का शनिवार (23 सितम्बर) को शाम चार बजे निधन हो गया। अपना कैरियर उन्होंने ‘पृथ्वी थियेटर’ से शुरू किया था। पृथ्वी थिएटर के बाद प्रयाग राज को लेखन का पहला काम 1963 में आई फिल्म ‘फूल बने अंगारे’ में मिला। लेखक के रूप में उन्होंने 35 से ज्यादा फिल्में लिखीं। जिनमे अमिताभ बच्चन की अजूबा, गंगा जमुना सरस्वती, मर्द, गिरफ्तार, कुली, नसीब, सुहाग, अमर अकबर एंथोनी जैसी फिल्में शामिल हैं। शम्मी कपूर की सुपरहिट फिल्म जंगली के प्रसिद्ध गाने ‘चाहे कोई मुझे जंगली कहे…’ के शुरुआत में आने वाला नोट ‘याहू’ प्रयाग राज की आवाज में है। सुपर स्टार राजेश खन्ना की सुपरहिट फिल्म ‘सच्चा झूठा’ में प्रयाग राज ने चाय वाले का किरदार निभाया था। 1970 से 1990 के दशक में हिंदी फिल्मों के सबसे सफल लेखक के रूप में चर्चित प्रयाग राज फिल्म लेखन के साथ एक्टिंग, डायरेक्शन, गायन से लेकर गीत लिखने तक में हाथ आजमाया। वह कुछ अंतरराष्ट्रीय फिल्मों का भी हिस्सा भी थे। लेकिन उनकी सबसे खास पहचान अमिताभ बच्चन की कुछ बेहद कामयाब फिल्मों के कहानीकार और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में बनी।
उनका जन्म इलाहाबाद में हुआ था। उनका नाम अपने शहर पर ही रखा गया था। उनके पिता राम दास आजाद अपने समय के प्रसिद्ध कवि थे। बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म ‘कुंदन’ प्रयाग राज ने शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर बनाई थी। इसके बाद पाप और पुण्य, पोंगा पंडित, चोर सिपाही जैसी फिल्में भी डायरेक्ट की थी।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चार दिवसीय विदेश यात्रा पर
24 सितम्बर 2023, ,देहरादून , 25 से 28 सितंबर तक मुख्यमंत्री सहित राज्य का प्रतिनिधिमंडल ब्रिटेन यात्रा पर रहेगा। विदित हो पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल लंदन एवं बर्मिंघम में नामचीन व्यवसायिक घरानों व अन्य निवेशकों से बैठक कर, उत्तराखंड में आगामी दिसंबर को होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट हेतु उन्हें आमंत्रित करेगा..!
इस यात्रा के दौरान विशेषतय : पर्यटन, आईटी ,शिक्षा, स्वास्थ्य ,फूड प्रोसेसिंग के अतिरिक्त ऑटोमोबाइल उद्योगों के दिग्गजों से राज्य में संभावित निवेश को लेकर वार्ता होगी ..!
26 सितंबर को लंदन में आयोजित रोड शो के पश्चात रोपवे क्षेत्र में प्रसिद्ध पोमा ग्रुप के साथ निवेश हेतु विचार विमर्श होगा,जबकि 27 सितंबर को बर्मिंघम में डबल्यू.एम.जी वार्बिक मैन्युफैक्चरिंग समूह, टीवीएस नॉर्टन तथा पर्यटन क्षेत्र से संबंधित व्यवसायियों से चर्चा की जाएगी।
हाल ही में दिल्ली में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड सरकार की उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट -2023 की विस्तृत तैयारियों व लक्ष्यों को लेकर जन सामान्य को अवगत कराया था। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के द्वारा निर्धारित लक्ष्य के तहत अगले 5 वर्षों में एसजीडीपी को दुगना ,एयरपोर्ट का विस्तार, रेलवे नेटवर्क के विकास, चार धाम यात्रा को सुगम व ऑल वेदर रोड के निर्माण की प्रगति को अपने कार्यों में प्राथमिकता दी है !यही नहीं उद्यमियों को उद्योग स्थापना हेतु 6000 एकड़ की लैंड बैंक की उपलब्धता राज्य की विशेष उपलब्धि एवं दूरदर्शिता का सर्वोत्तम उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उद्यमियों की राज्य में निवेश करने में सर्वाधिक सहभागिता है.! सरकार सरलीकरण, समाधान,निस्तारण व उद्यमियों को संतुष्टि प्रदान करने के बिंदुओं पर कार्य कर रही है और यह उद्यमियों से निरंतर संवाद स्थापित कर संवाद हीनता को समाप्त कर ही संभव है।
काशीपुर में अरोमा पार्क व इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर,सितारगंज में प्लास्टिक पार्क तथा अमृतसर- कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्थापना सहित कई क्षेत्रों में उठाए गए प्रभावी कदम इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं ..
निवेश के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा निर्यात को बढ़ावा देने वाले विभिन्न संभावित नीतियां भी लागू की गई है ..!पर्यटन व तीर्थाटन को विशेष महत्व देते हुए राज्य में पर्यटकों व श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करने हेतु उपयुक्त स्थान पर आवश्यक सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है..!
राज्य सरकार लघु उद्योगों,फलोत्पादन , बागवानी ,कृषि व अन्य स्वरोजगारों जैसे लाभकारी योजनाओं को बढ़ावा व विकसित करने हेतु कृत संकल्प है।
ट्राई ने दूरसंचार, प्रसारण और आईटी क्षेत्रों में अनुसंधान पर परामर्श पत्र जारी किया
New Delhi – भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 22 सितंबर 2023 को ‘दूरसंचार, प्रसारण और आईटी (आईसीटी) क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास (आर एण्ड डी) प्रोत्साहन’ पर एक परामर्श पत्र जारी किया। इस परामर्श पत्र को जारी करने का उद्देश्य देश के सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) क्षेत्र में आर एण्ड डी प्रोत्सान के लिये एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है, जिसमें आत्मनिर्भर भारत बनाने तथा आईसीटी क्षेत्र में निर्यात को बढ़ावा देने के लिये सरकार और निजी भागीदारों के समर्थन से आईसीटी उत्पादों और सेवाओं के विकास और नवोन्मेष के लिये आर एण्ड डी वैज्ञानिकों/इंजीनियरों का समूह तैयार करने की एक सुनियोजित प्रक्रिया स्थापित हो।
आज की दुनिया में आर एण्ड डी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नई प्रौद्योगिकी विकसित करने और उसे व्यवहार में लाने, आर्थिक प्रणाली को नया स्वरूप देने तथा अनेकानेक औद्योगिक क्रांतियों के जरिये लोगों के जीवन में सुधार लाने में पिछले कई सालों के दौरान किये गये आर एण्ड डी के साहसिक और विकास कार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पूरी दुनिया में इस बात को स्वीकार किया गया है कि किसी भी देश की आर्थिक वृद्धि और समूची प्रगति के पीछे उसका आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र जुड़ा होता है। किसी भी देश में उत्पादों और सेवाओं की उपलब्धता, उन तक पहुंच और किफायत बढ़ाने से नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही आर एण्ड डी और नवाचार किसी भी देश की आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के लिये भी महत्वपूर्ण है।
भारत ने अनुसंधान, विकास और नवाचार में उल्लेखनीय प्रगति की है और “मध्य और दक्षिण एशिया” क्षेत्र में शीर्ष रैंक वाली अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2022 में भारत 40वें स्थान पर है। देश के निवासियों द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) प्राप्त करने के मामले में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार की और से की गई अनेक पहलों जैसे कि ‘‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’’, ‘‘राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक्स नीति 2019’’, ‘‘राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति 2018’’, ‘‘मेक इन इंडिया’’, ‘‘डिजिटल इंडिया’’, ‘‘स्टार्टअप इंडिया’’, आदि ने देश में आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। इसके साथ ही हाल ही में शुरू की गई पहलें, ‘‘आत्मनिर्भर भारत’’, ‘‘दूरसंचार उत्पादन- से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना’’, ‘‘डिजिटल संचार नवाचार वर्ग’’, भी इस दिशा में उत्साहवर्धक कदम रहे हैं।
भारत के मौजूदा आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कुछ ऐसे भी क्षेत्र हैं जहां आर एण्ड डी संवर्धन में और सुधार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर एण्ड डी में अपनाये जाने वाले बेहतर व्यवहारों से सीखने और उसे भारत में लागू करने की जरूरत है। इसके साथ ही उन क्षेत्रों की पहचान करने की भी जरूरत है जहां आईसीटी क्षेत्र के आर एण्ड डी में सुधार लाने के लिये नीतियों और प्रोत्साहनों के जरिये हस्तक्षेप की आवश्यकता है ताकि भारत इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्वकर्ता के तौर पर उभर सके। इसे ध्यान में रखते हुये और ट्राई अधिनियम 1997 के मुताबिक घरेलू स्तर पर विकसित उत्पादों और सेवाओं के साथ आईसीटी उद्योग के सुनियोजित विकास उपायों के लिये प्राधिकरण ने इस महत्वपूर्ण विषय से जुड़े मुद्दों पर भारत सरकार को सिफारिशें देने के उद्देश्य से स्वतः संज्ञान के आधार पर हितधारकों के साथ विचार विमर्श के लिये देश में आईसीटी क्षेत्र में आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित करने के मुद्दों को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर और आईआईटी हैदराबाद आदि सहित विभिन्न शिक्षाविदों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ आनलाइन गहन विचार विमर्श और प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार इस परामर्श पत्र में ट्राई ने उन महत्वपूर्ण मुद्दों का तीन फोकस आधारोंः ‘‘शिक्षा और प्रशिक्षण प्रणाली’’, ‘‘विज्ञान प्रणाली’’, और ‘‘नियामकीय रूपरेखा’’, के तहत विश्लेषण किया है जिनमें भारत के मौजूदा आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र में हस्तक्षेप की आवश्यकता है। तीसरे फोकस आधार ‘‘नियामकीय रूपरेखा’’, को दो हिस्सों ‘‘नीतियां और कार्यक्रम’’, और ‘‘आईपीआर संरचना’’ में बांटा गया। आर एण्ड डी और नवाचार को पूरी सक्रियता के साथ प्राथमिकता देने से देश में नये उद्यमियों और नवोन्मेषकों के लिये अनुकूल वातावरण तैयार होगा। परामर्श पत्र में ट्राई ने एक मजबूत आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुये उन संभावित मुद्दों पर चर्चा की है जिनका इसके लिये समाधान जरूरी हैं।
दूरसंचार, प्रसारण और आईटी क्षेत्रों में नवीन प्रौद्योगिकी उपयोग और सम्मिलन काफी तेजी से हो रहा है। इन क्षेत्रों में तेजी से उभरते नये रूझानों में 5जी, 6जी, ओपन- आरएएन, इंटरनेट आफ थिंग्स (आईओटी), कृत्रिम मेधा और एमएल, डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टैक्नालाजी (डीएलटी), आगुमेंटेड रीयल्टी (एआर), वर्चुअल रीयल्टी (वीआर) और मेटावर्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्लाउड सर्विसेज, एज कंप्यूटिंग, नेटवर्क फंक्शन वर्चुलाईजेशन (एनएफवी), साफ्टवेयर डिफान्ड नेटवर्किंग (एसडीएन), ओवर-दी-टॉप (ओटीटी), और हाइब्रिड सेट टाप बाक्स (एसटीबी) आदि शामिल हैं। परामर्श पत्र में सरकार-उद्योग-शिक्षाविद सहयोग, खोज-अनुसंधान के वाणिज्यिक इस्तेमाल, निजी निवेश को प्रोत्साहन, पेटेंट मंजूरी चक्र, आईपीआर सुरक्षा और आईपी आधारित वित्त आदि से जुड़े मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया और इन उभरते रूझानों पर ध्यान केन्द्रित करने और भारत के आर एण्ड डी और नवाचार प्रयासों की पूरी क्षमता को सामने लाने पर जोर दिया गया है।
ट्राई ने इस परामर्श पत्र में आर एण्ड डी और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी देशों के आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र की भी जानकारी ली है। इनमें इजरायल, कोरिया गणराज्य, संयुक्त राज्य अमेरिका, स्वीडन, जापान, स्विटजरलैंड, जर्मनी, डेनमार्क, फिनलैंड आदि शामिल हैं। भारत के लिये पांच ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनने और उसके आर एण्ड डी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान और विकास के क्षेत्र के उत्कृष्ट व्यवहार की सीख महत्वपूर्ण हो सकती है।
परामर्श पत्र पर हितधारकों से उनके विचार और सुझाव जानने के लिये इसे ट्राई की वेबसाइट (www.trai.gov.in) पर डाला गया है। हितधारकों से परामर्श मुद्दों पर लिखित टिप्पणियां 23 अक्टूबर 2023 तक और प्रत्युत्तर- टिप्पणियां 6 नवंबर 2023 तक आमंत्रित की गईं हैं।
टिप्पणियां और प्रत्युत्तर टिप्पणियां इलेक्ट्रानिक माध्यम के जरिये ईमेल से advisorit@trai.gov.in और उसकी एक प्रति ja-cadiv@trai.gov.in को भेजी जा सकती हैं। किसी भी स्पष्टीकरण/जानकारी के लिये श्री आनंद कुमार सिंह, सलाहकार (सीए, आईटी और टीडी) से टेलीफोन नंबर 91-11-23210990 पर संपर्क किया जा सकता है।
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शिल्प समागम मेले से सजा ग्वालियर का शिल्प ग्राम
ग्वालियर – देश के विभिन्न शहरों में शिल्प समागम के सफल आयोजन के बाद अब ऐतिहासिक नगरी ग्वालियर के शिल्प ग्राम, सूर्य नमस्कार चौक के निकट शुक्रवार को शुरु हुआ। इस शिल्प समागम मेले का औपचारिक उद्घाटन शनिवार को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में करेंगे ।

भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के शीर्ष निगमों के माध्यम से आयोजित यह मेला 22 से 30 सितंबर तक चलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र पर आधिरित इस मेले का उद्देश्य लगभग 20 राज्यों के 120 अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और सफाई कर्मचारियों के लाभार्थी को अपने उत्पादों के प्रदर्शन के साथ साथ बिक्री के लिए बड़ा मंच प्रदान करना है।

मेले के प्रमुख उत्पादों में असम के बेंत और बांस , हस्तशिल्प और हथकरघा के उत्पाद,बिहार के हथकरघा कार्य, मधुबनी पेंटिंग्स, दिल्ली के कपड़े, गुजरात के ड्रेस मैटेरियल (गुजराती कशीदाकारी) कच्छ शिल्प मनका से बने उत्पाद, हरियाणा के ड्रेस मैटेरियल, सिले-सिलाए कपड़े, हिमाचल प्रदेश के शॉल, स्टोल जैकेट, ऑर्गेनिक हनी, अचार, चाय, जम्मू कश्मीर के आरी वर्क, सोजनी वर्क, कश्मीरी शॉल, कर्नाटक के लकड़ी के खिलौने, अगरबत्ती ,केरल के स्क्रूपिन, जल जलकुंभी उत्पाद, मध्यप्रदेश के पीतल के उत्पाद, माहेश्वरी चंदेरी, बाग प्रिंट, सूट, ड्रेस मैटेरियल, साड़ी और अचार, महाराष्ट्र चमड़े के उत्पाद, हस्तशिल्प की वस्तुएं, ड्रेस मैटेरियल, पंजाब के फुलकारी वर्क, पंजाबी जूती, ड्रेस मटेरियल, पुडुचेरी के चमड़े के उत्पाद, लकड़ी के खिलौने, सिले- सिलाए कपड़े, राजस्थान केराजस्थानी जूती, चादरें, अल्लीक वर्क, अचार, खाखरा, तमिलनाडु के वस्त्र, लकड़ी के खिलौने, त्रिपुरा जूट, बेंत एवं बांस से बने उद, झाड़ू, उत्तराखण्ड के खेस, लोई, दरी, शॉल, ड्रेस मैटेरियल, जैकेट, कुर्ता और शर्ट, उत्तर प्रदेश के लकड़ी पर नक्काशी, कपड़े का काम, सॉफ्ट टॉय, चिकनकारी वर्क, बनारसी साड़ी, पश्चिम बंगाल के कांथा स्टिच और कट वर्क ड्रेस मटेरियल साड़ी आदि। साथ ही मेले में देश भर के स्वादिष्ट व्यंजन का स्वाद लिया जा सकता है और प्रतिदिन शाम ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होगा। मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक ग्वावियर में अधिक से अधिक घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय/विदेशी आगंतुकों के आने की उम्मीद है।

मेले के माधयम से समाज के लक्षित वर्ग को सशक्त और आत्मनिर्भर करना है जिससे इन प्रदर्शनियों में भाग लेने वाले लाभार्थियों की अच्छी बिक्री होने से उन्हें शीर्ष निगमों को अपना ऋण चुकाने में बहुत मदद मिलेगी।
Rail Vikas Nigam – के शेयरों में लगातार तेजी
नई दिल्ली: शेयर बाजार में कई ऐसे स्टॉक्स हैं जिन्होंने निवेशकों को मालामाल कर दिया। है। बाजार में तेजी हो या गिरावट इन शेयरों ने निवेशकों को हमेशा छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। निवेशकों को बंपर रिटर्न देने वाला ऐसा ही एक रेलवे स्टॉक है। इस शेयर में आजकल तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। यह शेयर रेल विकास निगम का है। रेल विकास निगम (Rail Vikas Nigam) के शेयरों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। पिछले एक वर्ष में शेयरों में 300 फीसदी से ज्यादा का उछाल आ चुका है। मोदी सरकार रेलवे पर विशेष ध्यान दे रही है। इसका फायदा रेल विकास निगम जैसी कंपनियों को हुआ है। बीते शुक्रवार को कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शेयरों में 5 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया था। इस दौरान शेयर अपर सर्किट पर बंद हुआ था।
कंपनी को मिला बड़ा आर्डर
शेयर बाजारों को दी जानकारी में रेल विकास निगम ने बताया है कि ज्वाइंट वेंचर की ओर से कंपनी को कोलकाता, रांची और वाराणसी में ग्रीन फील्ड 6 लेन नेशनल हाई-वे में से एक पैकेज बनाने का मौका मिला है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में बंपर उछाल देखने को मिला है। रेल विकास निगम की इस ज्वाइंट वेंचर में कुल हिस्सेदारी 49 फीसदी की है। जबकि टीटीआईपीएल की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की कीमत 1271,98,50, 000 करोड़ रुपये है।
रेल विकास निगम के शेयर बीते शुक्रवार को बीएसई में 166.85 रुपये के लेवल पर बंद हुए थे। कंपनी के शेयरों में पिछले एक साल में करीब 375 फीसदी का उछाल आया है। रेल विकास निगम के शेयर में निवेश करने वाले निवेशकों को अच्छा मुनाफा हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 34,788.56 करोड़ का है।
बिना जानकारी न करें निवेश
शेयर बाजार में बिना जानकारी के निवेश न करें। वहीं निवेश करने से पहले एक बार अपने वित्तीय सलाहाकार से बात जरूर कर लें। ऐसा नहीं करने पर आपको आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ सकता है।










