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आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों पर किसानों की हत्या का केस

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तिकुनिया हिंसा: आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों पर आरोप तय, चलेगा किसानों की हत्या का केस

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के विरोध में किसानों के प्रदर्शन के दौरान अक्टूबर, 2021 को हुई इस हिंसा में आठ लोगों की मौत हुई थी। पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, घटना में चार किसानों की एक एसयूवी से कुचल कर मौत हो गई थी, जिसमें आशीष मिश्रा बैठे हुए थे।

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया इलाके में हुई हिंसा के मामले में मुख्य आरोपी और केन्द्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ के बेटे आशीष मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों पर किसानों की हत्या का केस चलेगा। मामले में 16 दिसंबर से मामले का ट्रायल शुरू होगा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के विरोध में किसानों के प्रदर्शन के दौरान अक्टूबर, 2021 को हुई इस हिंसा में आठ लोगों की मौत हुई थी। पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, घटना में चार किसानों की एक एसयूवी से कुचल कर मौत हो गई थी, जिसमें आशीष मिश्रा बैठे हुए थे।

दुर्घटना के बाद गुस्से से भरे किसानों ने वाहन चालक और भाजपा के दो कार्यकर्ताओं की कथित रूप से पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों और विपक्षी दलों के प्रदर्शनों के बाद हुई हिंसा में एक पत्रकार की भी मौत हुई थी। हिंसा में मारे गए प्रदर्शनकारी केंद्र के उन तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्हें बाद में सरकार ने वापस ले लिया था।

यूपी चुनाव के बाद आशीष मिश्रा जमानत पर बाहर आ गया था ।  जमानत पर आशीष मिश्रा की रिहाई का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और सर्वोच्च न्यायालय ने जमानत रद्द करते हुए ये केस इलाहाबाद हाईकोर्ट में नए सिरे से विचार के लिए भेज दिया था।  इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत याचिका रद्द कर दी थी।

तकनीशियनों के साथ साथ कलाकारों को मिलेगा सस्ते में घर

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भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के आवासीय योजना की शेलु में दिखी पहली झलक, प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत बन रहे हैं दस हजार अस्सी घर

मुम्बई। भारतीय सिनेमा की पहली फ़िल्म राजा हरिश्चन्द्र के जरिये आउटडोर शूटिंग की शुरुआत जिस महाराष्ट्र के वांगनी शहर से हुई अब उसी शहर वांगनी के शेलू में दादा साहेब फाल्के आवासीय योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) और  पाध्ये ग्रुप के अंकुर पाध्ये की मदद से यहां सिनेमा कामगारों के लिए प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत  दस हजार अस्सी घर बन रहे हैं जिसमे पहले फेज में 522 घर बनाये जा रहे है। यह टावर 16 मंजिला होगा जिसमे लिफ्ट, मल्टी पर्पज हॉल और अन्य कई सारी सुविधाएं होंगी। इस आवासीय योजना की खास बात यह होगी कि इसमें मुख्य द्वार दादा साहेब फाल्के की पत्नी सरस्वती बाई फाल्के के नाम पर होगा। रेरा रजिस्टर्ड इन घरों की पहली झलक देखने सिनेमा से जुड़े हजारों सिनेमा कामगार मुम्बई से शेलु पंहुंचे। इस अवसर पर उपस्थित स्थानीय विधायक महेंद्र जी थोर्वे ने कहा कि सिनेमा से जुड़े लोगों ने हमारे यहां रुचि दिखाई है। आज भी कर्जत के एनडी स्टूडियो में बड़ी संख्या में शूटिंग होती है। सरकार सहित मेरा अब ये दायित्व है कि यहां बिजली पानी की उचित व्यस्वस्था करूं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का शेलु में झुकाव बढ़े। इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने कहा कि पर्दे के पीछे के कलाकारों का इस आवासीय योजना में सपना पूरा हो रहा है। इस अवसर पर  भवन निर्माता अंकुर पाध्ये ने कहा कि सिनेमा कामगारों को उनके लिए घर देना मेरे पिताजी का सपना था जिसमें एफडब्लूआइसीई, अमरजीत सिंह, पूर्व श्रम आयुक्त सावंत का प्रयास भी बहुत ज़रूरी था। इसमे एफडब्लूआइसीके प्रेसिडेंट बीएन तिवारी का उल्लेखनीय योगदान है। अंकुर पाध्ये ने कहा कि उनके पिताजी ने इसके पहले बीड़ी कामगारों के लिए सोलापुर में सिर्फ 60 हजार रुपये में घर उपलब्ध कराया था।
इस अक्सर पर अभिनेता गजेंद्र चौहान, दादासाहेब फाल्के के पोते चन्द्रकांत पुसालकर, संगीतकार अमर हल्दीपुरकर, एफडब्लूआइसीई के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे, राजा खान,
शेलू ग्रामपंचायत के सरपंच शिवाजी खादिक, दामाद ग्रामपंचायत के सरपंच जलील अनीस मॉझे, एफडब्लूआइसीई के मुख्य सलाहकार आशीष शेलार, जानी मानी महिला साउंड रिकॉर्डिस्ट चंपा तिवारी, श्रीमतीघोसालकर, वसंत, खालिद, सौरभ मंगलेकर, शोएब डोंगरे आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस आवासीय योजना में सिर्फ साढ़े बारह लाख रुपये में सिनेमा जे जुड़े लोगों को प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत घर दिए जा रहे हैं  वह भी लोन कराकर।
इस आवासीय योजना का प्रथम फेज डेढ़ साल में पूरा होगा। 320.65 स्क्वायर फिट कार्पेट एरिया वाले ये घर भूकंपरोधी होंगे।

महाभारत में गौमाता का माहात्म्य

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महाभारत में गौमाता का माहात्म्य ( गवोपनिषद्), तथा गौमाता के दैनिक जाप, प्रार्थना तथा प्रणाम के मन्त्र

महाभारत में गौमाता का माहात्म्यतथा गौमाता के दैनिक  जापप्रार्थना  तथा प्रणाम के मन्त्र –

भगवान् श्री राम के गुरुदेव महर्षि वसिष्ठ जी इक्ष्वाकुवंशी महाराजा सौदास से गवोपनिषद् (गौओं की महिमा के गूढ रहस्य को प्रकट करने वाली विद्या) का निरूपण करते हुए महाभारत में कहते हैं –

हे राजन्! मनुष्य को चाहिये कि सदा सबेरे और सायंकाल आचमन करके इस प्रकार जप करे – “घी और दूध देने वाली, घी की उत्पत्ति का स्थान, घी को प्रकट करने वाली, घी की नदी तथा घी की भंवर रूप गौएं मेरे घर में सदा निवास करें। गौ का घी मेरे हृदय में सदा स्थित रहे। घी मेरी नाभि में प्रतिष्ठित हो। घी मेरे सम्पूर्ण अंगों में व्याप्त रहे और घी मेरे मन में स्थित हो। गौएं मेरे आगे रहें। गौएं मेरे पीछे भी रहें। गौएं मेरे चारों ओर रहें और मैं गौओं के बीच में निवास करूं”। इस प्रकार प्रतिदिन जप करने वाला मनुष्य दिन भर में जो पाप करता है, उससे छुटकारा पा जाता है।

गौ सबसे अधिक पवित्र, जगत् का आधार और देवताओं की माता है। उसकी महिमा अप्रमेय है। उसका सादर स्पर्श करे और उसे दाहिने रख कर ही चले। प्रतिदिन यह प्रार्थना करनी चाहिये कि सुन्दर एवं अनेक प्रकार के रूप-रंग वाली विश्वरूपिणी गोमाताएं सदा मेरे निकट आयें। संसार में गौ से बढ़ कर दूसरा कोई उत्कृष्ट प्राणी नहीं है। त्वचा, रोम, सींग, पूंछ के बाल, दूध और मेदा आदि के साथ मिल कर गौ दूध दही घी आदि के द्वारा सभी यज्ञों व पूजाओं का निर्वाह करती है, अतः उससे श्रेष्ठ दूसरी कौन-सी वस्तु है।

अन्त में वे गौमाता को परमात्मा का स्वरूप मान कर प्रणाम करते हैं – जिसने समस्त चराचर जगत् को व्याप्त कर रखा है, उस भूत और भविष्य की जननी गौ माता को मैं मस्तक झुका कर प्रणाम करता हूं॥

महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय ८० श्लोक ,,,,१०,१३,१४,१५

१. उपर्युक्त “गवोपनिषद्” में से दैनिक जप के संस्कृत मन्त्र (महर्षि वसिष्ठ द्वारा उपदिष्ट) –

घृतक्षीरप्रदा गावो घृतयोन्यो घृतोद्भवाः।
घृतनद्यो घृतावर्तास्ता मे सन्तु सदा गृहे॥
घृतं मे हृदये नित्यं घृतं नाभ्यां  प्रतिष्ठितम्।
घृतं सर्वेषु गात्रेषु घृतं मे मनसि स्थितम्॥
गावो ममाग्रतो नित्यं गावः पृष्ठत एव च।
गावो मे सर्वतश्चैव गवां मध्ये वसाम्यहम्॥

++अनुवाद = घी और दूध देने वाली, घी की उत्पत्ति का स्थान, घी को प्रकट करने वाली, घी की नदी तथा घी की भंवर रूप गौएं मेरे घर में सदा निवास करें। गौ का घी मेरे हृदय में सदा स्थित रहे। घी मेरी नाभि में प्रतिष्ठित हो। घी मेरे सम्पूर्ण अंगों में व्याप्त रहे और घी मेरे मन में स्थित हो। गौएं मेरे आगे रहें। गौएं मेरे पीछे भी रहें। गौएं मेरे चारों ओर रहें और मैं गौओं के बीच में निवास करूं

–२. गौमाता की दैनिक प्रार्थना का मन्त्र  (महर्षि वसिष्ठ द्वारा उपदिष्ट) –

सुरूपा बहुरूपाश्च विश्वरूपाश्च मातरः।
गावो मामुपतिष्ठन्तामिति नित्यं  प्रकीर्तयेत्॥

++अनुवाद = प्रतिदिन यह प्रार्थना करनी  चाहिये कि सुन्दर एवं अनेक प्रकार के रूप-रंग वाली विश्वरूपिणी गोमाताएं सदा मेरे निकट आयें

—३. गोमाता को परमात्मा का साक्षात् विग्रह  जान कर उनको प्रणाम करने का मन्त्र (महर्षि वसिष्ठ द्वारा उपदिष्ट) –

यया सर्वमिदं व्याप्तं जगत् स्थावरजङ्गमम्।
तां धेनुं शिरसा वन्दे भूतभव्यस्य मातरम्॥

++अनुवाद = जिसने समस्त चराचर जगत् को व्याप्त कर रखा है, उस भूत और भविष्य की जननी गौ माता को मैं मस्तक झुका कर प्रणाम करता हूं॥

क्रिपा जरुर पढें और गौ माता की सेवा करें ऐवं अपने बच्चों या छोटों से करवायें…

ॐ जय गौ राम ॐ

वसिष् का सौदास को गोदान की विधि एवं महिमा बताना

भीष्मजी कहते हैं- राजन। एक समय की बात है, वक्ताओं में श्रेष्ठ इक्ष्वाकुवंशी राजा सौदान ने सम्पूर्ण लोकों में विचरने वाले, वैदिक ज्ञान के भण्डार, सिद्व सनातन ऋषि श्रेष्ठ वषिष्ठजी से, जो उन्हीं के पुरोहित थे, प्रणाम करके इस प्रकार पूछना आरंभ किया। सौदास बोले- भगवन। निष्पाप महर्षे। तीनों लोकों में ऐसी पवित्र वस्तु कौन कही जाती है जिसका नाम लेने मात्र से मनुष्य को सदा उत्तम पुण्य की प्राप्ति हो सके? भीष्मजी कहते हैं- राजन। अपने चरणों में पड़े हुए राजा सौदास से गवोपनिषद् (गौओं की महिमा के गूढ रहस्य को प्रकट करने वाली विद्या) के विद्वान पवित्र महर्षि वषिष्ठ ने गौओं को नमस्कार करके इस प्रकार कहना आरंभ किया- ‘राजन। गौओं के शरीर से अनेक प्रकार की मनोरम सुगंध निकलती हरती है तथा बहुतेरी गौऐं गुग्गल के समान गंध वाली होती हैं। गौऐं समस्त प्राणियों की प्रतिष्ठा (आधार) हैं और गौऐं ही उनके लिये महान मंगल की निधि हैं। गौऐं ही भूत और भविष्य हैं। गौऐं ही सदा रहने वाली पुष्टि का कारण तथा लक्ष्मी की जड़ हैं। गौओं को जो कुछ दिया जाता है, उसका पुण्य कभी नष्ट नहीं होता। ‘गौऐं ही सर्वोत्तम अन्न की प्राप्ति में कारण हैं। वे ही देवताओं को उत्तम हविष्य प्रदान करती हैं। स्वाहाकार (देवयज्ञ) और वश ट्कार (इन्द्रयाग)- ये दोनो कर्म सदा गौओं पर अबलम्बित हैं। ‘गौऐं ही यज्ञ का फल देने वाली हैं। उन्हीं में यज्ञों की प्रतिष्ठा है। गौऐं ही भूत और भविष्य हैं। उन्हीं में यज्ञ प्रतिष्ठित हैं, अर्थात यज्ञ गौओं पर ही निर्भर हैं । ‘महातेजस्वी पुरूष प्रवर। प्रातःकाल और सायंकाल सदा होम के समय ऋषियों का गौऐं ही हवनीय पदार्थ (घृत आदि) देती हैं। ‘प्रभो। जो लोग (नव प्रसूति का दूध देने वाली) गौ का दान करते हैं वे जो कोई भी दुर्गम संकट आने वाले हैं, उन सबसे अपने किये हुए दुष्कर्मों से तथा समस्त पाप समूह से भी तर जाते हैं। ‘जिसके पास दा गौऐं हों, वह एक गौ का दान करे। जो सौ गाय रखता हो, वह दस गौओं का दान करे और जिसके पास एक हजार गौऐं मौजूद हों वह सौ गौऐं दान में दे तो इन सबको बरावर ही फल मिलता है । ‘जो सौ गौओं का स्वामी होकर भी अग्निहोत्र नहीं करता, जो हजार गौऐं रखकर भी यज्ञ नहीं करता तथा जो धनी होकर भी कृपणता नहीं छोड़ता- ये तीनों मनुष्य अर्ध्‍य (सम्मान) पाने के अधिकारी नहीं हैं । ‘जो उत्तम लक्षणों से युक्त कपिला गौ को वस्त्र ओढ़ाकर बछड़े सहित उसका दान करते हैं और उसके साथ दूध दोहने के लिये कांस्य का एक पात्र भी देते हैं वे इहलोक और परलोक दोनों पर विजय पाते हैं । ‘शत्रुओं को संताप देने वाले नरेश। जो लोग जवान, सभी इन्द्रियों से सम्पन्न, सौ गायों यूथपति, बड़ी-बड़ी सींगों वाले गवेन्द्र वृषभ (सांड़) को सुसज्जित करके सौ गायों सहित उसे श्रोत्रिय ब्राह्माण को दान करते हैं, वे जब-जब इस संसार में जन्म लेते हैं तब-तब महान ऐश्‍वर्य के भागी होते हैं। ‘गौओं का नाम- कीर्तन किये बिना न सोयें, उनका स्मरण करके ही उठें और सबेरे-शाम उन्हें नमस्कार करें। इससे मनुष्य को बल एवं पुष्टि प्राप्त होती है ।

महापरिनिर्वाण दिवस पर दी जाने वाली सुविधाओं का उद्घाटन किया बेस्ट के महाप्रबंधक ने

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महापरिनिर्वाण दिवस पर दी जाने वाली सुविधाओं का उद्घाटन किया बेस्ट के महाप्रबंधक ने
मुंबई। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के ६६वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर ०५ दिसंबर २०२२ को शिवाजी पार्क, चैत्यभूमी में बेस्ट की ओर से मुंबई और बाहर से आने वाले अनुयायियों को प्रदान की जाने वाली विभिन्न प्रकार की सेवाओं-सुविधाओं का निरीक्षण, वितरण का उद्घाटन बेस्ट के महाप्रबंधक और प्रशासक लोकेश चंद्रा ने किया। इस अवसर पर बेस्ट के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। इस अवसर पर महाप्रबंधक ने कहा कि बेस्ट ने समाज के कमजोर वर्गों और देश के कोने-कोने से अनुयायियों को सस्ती और अच्छी सेवा प्रदान करने का निर्णय लिया। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए 400 अतिरिक्त लाइटें और 50 अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा स्मारक को रोशन किया गया है और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर की भी व्यवस्था की गई है।
बेस्ट के महाप्रबंधक लोकेश चंद्रा ने कहा कि हानि की परवाह किए बिना आधुनिक प्रणाली के माध्यम से सामाजिक प्रतिबद्धता के रूप में बेस्ट द्वारा दुनिया की सबसे सस्ती और सर्वोत्तम परिवहन सेवा की पेशकश की जाती है। दैनिक बस पास के साथ श्रद्धालु दर्शनीय स्थलों की यात्रा कर सकते हैं। इसके साथ ही बेस्ट ने प्राथमिक उपचार और जलपान की भी व्यवस्था की है।

खराब फील्डिंग के चलते हारा भारत : दिनेश कार्तिक

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बांग्लादेश के खिलाफ भारत की हार के बाद दिनेश कार्तिक ने भारत की खराब फील्डिंग पर निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि पता नहीं क्यों सुंदर ने कैच पकड़ने की कोशिश भी नहीं की।

भारतीय क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश के दौरे पर निराशाजनक शुरुआत की। पहले वनडे में भारत को एक विकेट के करीबी अंतर से हार का सामना करना पड़ा। 186 रन का छोटा स्कोर बनाने के बावजूद भारतीय टीम जीत की कगार पर पहुंच गई थी, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अहम मौके पर दो कैच टपकाए और बांग्लादेश की टीम ने आखिरी विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी कर अपनी टीम को जीत दिला दी।

187 रन का पीछा करते हुए बांग्लादेश ने 136 रन पर नौ विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में भारत की जीत तय नजर आ रही थी, लेकिन विकेटकीपर केएल राहुल ने मेहदी हसन मिराज का महत्वपूर्ण कैच छोड़ दिया। वहीं वाशिंगटन सुंदर ने कैच पकड़ने की कोशिश ही नहीं की, जबकि गेंद उनके काफी करीब थी। भारतीय टीम की फील्डिंग का स्तर देख दिनेश कार्तिक हैरान रह गए।

एक स्पोर्ट्स वेबसाइट से बातचीत में दिनेश कार्तिक ने कहा कि यह उनकी समझ से पर है कि सुंदर ने कैच पकड़ने की कोशिश क्यों नहीं की।

कार्तिक ने कहा “जाहिर है केएल राहुल से कैच छूट गया और सुंदर कैच के लिए नहीं गए, पता नहीं क्यों वह अंदर नहीं आए। मुझे नहीं पता कि यह रोशनी के कारण था या कोई और वजह थी, लेकिन अगर उन्होंने गेंद को देखा था तो उन्हें कैच के लिए जाना चाहिए था। वह केवल एक प्रश्न का उत्तर दे सकते हैं। फील्डिंग की कोशिश 50-50 थी। यह सबसे अच्छा दिन नहीं था, लेकिन सबसे बुरा दिन भी नहीं था। मुझे लगता है कि अंत में, दबाव के चलते हमने कुछ चौके भी छोड़े।”

बांग्लादेश के मेंहदी हसन मिराज को अंतिम ओवरों में दो जीवनदान मिलने पर रोहित शर्मा गुस्सा हो गए थे। अंत में मेंहदी हसन ने ही बांग्लादेश को जीत दिलाई। केएल राहुल ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि भारत ने अंत में कैच पकड़ने के दो मौके गंवाए। उन्होंने कहा “यह क्रिकेट है। आपको अप्रत्याशित की उम्मीद करनी होगी। जब तक क्रिकेट खेला जाता है, इस तरह की चीजें होती रहती हैं। वे अंत तक बहुत अच्छी तरह से लड़े और कुछ कैच छूटे और मेहदी की पारी हमारी हार की वजह बनी।”

बुधवार को दूसरे वनडे में बांग्लादेश से भिड़ने से पहले भारतीय टीम चीजों को ठीक करना चाह रही है। वनडे सीरीज में बने रहने के लिए भारत को दूसरा मैच हर हाल में जीतना होगा।

जल्दी ही आ सकती है किसानों के लिए दूसरी किस्त

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जल्दी ही आ सकती है किसानों के पी एम किसान योजना की दूसरी किस्त

शहरों से लेकर दूर-दराज गांवों में रहने वाले गरीब वर्ग और जरूरतमंद लोगों के लिए सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं। स्वास्थ्य, पेंशन, राशन, आवास, रोजगार, शिक्षा जैसी कई तरह की लाभकारी और कल्याणकारी योजनाएं राज्य और केंद्र सरकार दोनों की तरफ से चलाई जाती है। किसानों के लिए भी केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को चलाती है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को हर चार महीने में 2-2 हजार रुपये की किस्त दी जाती है यानी सालाना कुल 6 हजार रुपये। अब तक 12 किस्त जारी हो चुकी हैं, और सभी को 13वीं किस्त का इंतजार है। लेकिन अगर आप इस किस्त का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपके लिए दो काम करवाने जरूरी है अगर आपने ये अब तक नहीं करवाएं हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये दो काम नहीं करवाएं, तो आपके किस्त के पैसे अटक सकते हैं।

पीएम किसान योजना के अंतर्गत अब तक किसानों के बैंक खाते में 12 किस्त पहुंच चुकी है, और अब सभी को 13वीं किस्त का इंतजार है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दिसंबर यानी इसी महीने के आखिर में किस्त आ सकती है।

आप अगर चाहते हैं कि आपको मिलने वाली 13वीं किस्त न अटके, तो इसके लिए आपको तुरंत ई-केवाईसी करवानी होगी। सरकार की तरफ से प्रत्येक लाभार्थी को ये करवानी अनिवार्य है।

पीएम किसान पोर्टल के मुताबिक, आप अधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाकर ओटीपी बेस्ड ई-केवाईसी करवा सकते हैं। इसके अलावा आप अपने नजदीकी सीएससी सेंटर से भी ई-केवाईसी करवा सकते हैं।

पीएम किसान योजना से जुड़े प्रत्येक लाभार्थी को भू-सत्यापन करवाना भी अनिवार्य है। अगर आपने ये अब तक नहीं करवाया है, तो तुरंत करवा लें वरना किस्त अटक सकती है। सरकार ने ये फर्जीवाड़े को और गलत तरीके से लाभ लेने वाले लोगों पर लगाम लगाने के लिए किया है।

खान सर का विवादित वीडियो : कांग्रेस नेता ने की गिरफ्तार करने की मांग

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खान सर का विवादित वीडियो : कांग्रेस नेता ने की गिरफ्तार करने की मांग

पटना के मशहूर शिक्षक खान सर के एक पुराने वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत वीडियो पोस्ट कर उन पर कार्रवाई की मांग की है।

पटना के मशहूर शिक्षक खान सर के एक पुराने वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने वीडियो पोस्ट कर उन पर कार्रवाई की मांग की है। दरअसल कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने खान सर का एक पुराना वीडियो ट्विटर पर साझा किया है। जहां खान सर उदाहरण दे रहे थे कि कैसे एक वाक्य का अर्थ बदल जाता है जब ‘सुरेश’ नाम की जगह ‘अब्दुल’ हो जाता है। वीडियो पर पहले भी विवाद हुआ था। खान वीडियो में बच्चों को समझा रहे हैं कि कैसे सुरेश ने जहाज उड़ाया का अर्थ अलग निकलता है। उसी जगह अगर अब्दुल ने जहाज उड़ाया तो उसका अर्थ दूसरा निकल जाता है। उनका यही मजाकिया लहजे में दिया गया उदाहरण विवाद की वजह बन गया।

ट्विटर पर विवाद

ट्विटर पर लेखक अशोक कुमार पाण्डेय ने पहले खान सर का वीडियो पोस्ट किया और लिखा ” इसे नीचता की हद कहते हैं। ऐसे लोग शिक्षा का धंधा करते हुए समाज में नफरत फैलाने वाले घटिया धंधेबाज हैं। इस आदमी को तुरंत गिरफ्तार होना चाहिए”। इसके बाद उनके इस वीडियो को कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने री ट्वीट किया है।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा “घटिया निहायत ही घटिया – इसे गिरफ़्तार करना चाहिए और जो अट्टहास कर रहे हैं इनकी भद्दी बेहूदा बातें सुन कर उनको सोचना चाहिए – कि क्या बन रहे हैं हम?”
दरअसल वीडियो में खान सर द्वंद्व समास पढ़ा रहे थे और उन्होंने कहा, “कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनके दो अर्थ होते हैं। जैसे अगर आप कहें कि सुरेश विमान उड़ा रहा था तो इसका एक मतलब होता है और अगर आप कहें कि अब्दुल विमान उड़ा रहा था तो इसका मतलब एक होता है।

 

प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहन मिले

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आशीष वशिष्ठ
हमारे देश में प्राचीनकाल से ही विभिन्न प्रकार की चिकित्सा पद्धतियां प्रचलित हैं जिनमें होम्योपैथी, आयुर्वेदिक और एलोपैथी शामिल हैं। कोरोना महामारी के वैश्विक संकट में पूरी दुनिया ने भारत की प्राचीन और परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों में से एक आयुर्वेद की महत्ता को स्वीकार किया। करोड़ों देशवासियों ने घरेलु और पारंपरिक तरीकों से अपने प्राणों की रक्षा की। आयुर्वेद के प्रति न केवल देश बल्कि दुनिया में अलग ही रुझान देखने को मिल रहा है।

कुछ समय के लिए तत्काल आराम पहुंचाने वाली चिकित्सा प्रणाली एलोपैथी का अपना महत्व है। परंतु उससे होने वाले दुषप्रभाव भी किसी से छिपे नहीं हैं। वहीं आयुर्वेद व योग के माध्यम से असाध्य बीमारियों को भी बिना किसी दुष्परिणाम के आसानी से ठीक किया जा सकता है, लेकिन जन-साधारण की ऐसी मान्यता हो गई है कि जितना महंगा उपचार होता है, चिकित्सक की फीस जितनी ज्यादा होती है, उतना ही उपचार को प्रभावशाली मानते हैं। वास्तव में एलोपैथी चिकित्सा प्रणाली का आधार वैज्ञानिक तो है ही, साथ ही विज्ञापन पर ज्यादा केंद्रित है।

आयुर्वेद न केवल बीमार व्यक्ति का इलाज करता है अपितु यह स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करके उसे बीमार ही न होने दिया जाए, इस बात पर ज्यादा जोर देता है। कोरोनाकाल में आयुर्वेद को संजीवनी मिली है। लोगों ने भी इसे दिल से अपनाया है। आयुष मंत्रालय ने भी संक्रमणकाल में आयुर्वेदिक औषधियों के उपयोग पर मोहर लगाई है। वेदों में भी आयुर्वेद औषधियों का वर्णन है। जब एंटीवायरल दवाएं बेअसर हुई तो लोगों का रुझान आयुर्वेद पर बढ़ा, जिसके बेहतर परिणाम मिले हैं। कई प्रदेशों ने तो आयुर्वेद से कोरोना संक्रमण को मात दी है। इसीलिए अभी लोग आयुर्वेद का भरपूर उपयोग कर रहे हैं।

भारत जैसे विशाल देश में जहां विभिन्न वनस्पति प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, यहां पर आयुर्वेद के फलने-फूलने की असीम संभावनाएं हैं। विविधताओं से भरे हमारे देश में केवल आयुर्वेद व योग के माध्यम से ही लोगों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

जिस प्रकार प्राचीन समय में भारतीय चिकित्सा आयुर्वेद पद्धति का डंका बजता था, वो आज भी संभव है। खास बात है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस पद्धति को विश्वव्यापी आंदोलन बनाने का सुझाव दिया है। पर अफसोस इस बात का है कि परम्परागत भारतीय चिकित्सा पद्धतियां हानिरहित एवं सुरक्षित होने के बावजूद उपेक्षा के कारण दम तोड़ती नजर आ रही हैं।

आज की पीढ़ी को परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों के खजाने के बारे में जानकारी ही नहीं है। इसके बारे में जागरूकता फैलाई जाए और इन चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सालयों पर भी ध्यान दिया जाए। प्रत्येक जिले में परंपरागत चिकित्सा पद्धति की शिक्षा देने वास्ते कॉलेज खोले जाने चाहिए। सरकार परंपरागत चिकित्सा का व्यवस्थित पाठ्यक्रम बनाने की पहल कर, इसे लागू करे। प्रशिक्षण की भी विशेष व्यवस्था की जाए। विद्यार्थियों एवं शिक्षको को समय समय पर प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही मेडिक्लेम पॉलिसी में इसे कवर करते हुए इसका लाभ बीमा धारक को मिलना चाहिए।

दुनिया भर मे परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के लिए गुजरात के जामनगर में पारंपरिक चिकित्सा के वैश्विक केन्द्र की शुरूआत की गई है। यह कदम पुरातन आयुर्वेद चिकित्सा के साथ, अन्य देशों की परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों के लिए सकारात्मक साबित होगा। इन चिकित्सा पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाया जाना आज के समय की मांग है। आयुष अभियान में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी आदि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को शामिल किया जाता है।

आयुष चिकित्सा पद्धति न केवल एलोपैथिक पद्धति से हानिकारक असर आदि के मामले में सुरक्षित है बल्कि सस्ती भी है। कोविड काल में दुनिया ने भारतीय परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को जाना। ऐसे में सरकार को इनके संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए। जगह-जगह शिविरों का आयोजन कर भारतीय प्राचीन चिकित्सा ज्ञान का प्रचार-प्रसार किया जाए। (युवराज)

आशीष वशिष्ठ

पर्दे के पीछे के कलाकारों के सपने भी होंगे साकार

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फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न  इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई ) और  पाध्ये ग्रुप  के  अंकुर पाध्ये की मदद से यहां सिनेमा कामगारों के लिए प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत महाराष्ट्र के कर्जत के निकट वांगनी शहर के शेलू विलेज में भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के आवासीय योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है। अब आवासीय समस्याओं से जूझ रहे पर्दे के पीछे के कलाकारों/ कामगारों के सपने भी साकार होने की संभावना बढ़ गई है। भारतीय सिनेमा की पहली फ़िल्म ‘राजा हरिश्चन्द्र’ के जरिये आउटडोर शूटिंग की शुरुआत महाराष्ट्र के वांगनी शहर से ही हुई थी।

चित्रपट जनक दादा साहेब फाल्के कॉपरेटिव हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड के सौजन्य से प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत  दस हजार अस्सी घर बन रहे हैं जिसमे पहले फेज में 522 घर बनाये जा रहे हैं। यह टावर 16 मंजिला होगा जिसमे लिफ्ट,मल्टी पर्पज  हॉल और अन्य कई सारी सुविधाएं होंगी। इस आवासीय योजना में सिर्फ  साढ़े बारह लाख रुपये में  सिनेमा जे जुड़े लोगों को प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत घर दिए जा रहे हैं  वह भी लोन कराकर। इस आवासीय योजना का प्रथम फेज डेढ़ साल में पूरा होगा।

320.65 स्क्वायर फिट कार्पेट एरिया वाले ये  घर भूकंपरोधी होंगे। इस आवासीय योजना की खास बात यह होगी कि इसमें मुख्य द्वार दादा साहेब फाल्के की पत्नी सरस्वती बाई फाल्के के नाम पर होगा। रेरा रजिस्टर्ड इन घरों की पहली झलक देखने सिनेमा से जुड़े हजारों सिनेमा कामगार  मुम्बई से शेलु पहुँचे। इस अवसर पर  उपस्थित स्थानीय विधायक महेंद्र जी थोर्वे ने कहा कि सिनेमा से जुड़े लोगों ने हमारे यहां रुचि दिखाई है।आज भी कर्जत के एनडी स्टूडियो में बड़ी संख्या में शूटिंग होती है। सरकार और मेरा अब ये दायित्व है कि  यहाँ बिजली पानी की उचित व्यस्वस्था करूं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का शेलु में झुकाव बढ़े। इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने कहा कि पर्दे के पीछे के कलाकारों का इस आवासीय योजना में सपना पूरा हो रहा है। इस अवसर पर  भवन निर्माता अंकुर पाध्ये ने कहा कि सिनेमा कामगारों को उनके लिए घर देना मेरे पिताजी का सपना था जिसमें एफडब्लूआइसीई के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी, अमरजीत सिंह, पूर्व श्रम आयुक्त सावंत साहेब का भी काफी सहयोग रहा।

भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के आवासीय योजना के सम्बंध में स्थल निरीक्षण के पूर्व अंधेरी,मुम्बई स्थित फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) के कार्यालय में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया जिसमें अभिनेता गजेंद्र चौहान, दादा साहेब फाल्के के पोते चन्द्रकांत पुसालकर, संगीतकार अमर हल्दीपुरकर, एफडब्लूआइसीईडब्लू के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे,राजा खान, शेलू ग्रामपंचायत के सरपंच शिवाजी खादिक,दामाद ग्रामपंचायत के सरपंच जलील अनीस मॉझे, एफडब्लूआइसीई के मुख्य सलाहकार आशीष शेलार, जानी मानी महिला साउंड रिकॉर्डिस्ट चंपा तिवारी,घोसालकर मैडम,वसंत जी,खालिद जी, सौरभ मंगलेकर, शोएब डोंगरे आदि ने भी इस आवासीय योजना के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

मतगणना को दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने बनाए 42 केंद्र, सात दिसंबर को जल्द आएंगे परिणाम

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मतगणना के लिए दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने बनाए 42 केंद्र, सात दिसंबर को जल्द आएंगे परिणाम

दिल्ली राज्य चुनाव आयोग 42 जगहों में से एक जगह पांच और दो जगह चार-चार विधानसभा क्षेत्रों के अधीन आने वाले वार्डों की मतगणना करेगा, जबकि दो जगह ऐसी भी है जहां तीन-तीन विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों की मतगणना कराई जाएगी।

एमसीडी के 250 वार्डों की मतगणना 42 केंद्रों पर होगी। दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने रविवार को मतदान संपंन होने के बाद इन 42 जगहों पर ईवीएम भेज दी हैं। इन सभी जगहों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इन स्थानों पर सात दिसंबर को मतगणना होगी।

दिल्ली राज्य चुनाव आयोग 42 जगहों में से एक जगह पांच और दो जगह चार-चार विधानसभा क्षेत्रों के अधीन आने वाले वार्डों की मतगणना करेगा, जबकि दो जगह ऐसी भी है जहां तीन-तीन विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों की मतगणना कराई जाएगी।

आयोग ने 12 जगह दो-दो और 25 जगह एक-एक विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों की मतगणना कराने का निर्णय लिया है। चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए दिल्ली के चारों ओर मतगणना केंद्र बनाए हैं। इस तरह सात दिसंबर को पूरी दिल्ली में विजयी उम्मीदवारों की दमक रहेगी। यह पहला अवसर है जब इतनी बड़ी संख्या में मतगणना केंद्र बनाए गए हैं।

आयोग का कहना है कि गतगणना केंद्रों की संख्या अधिक होने के चलते परिणाम जल्दी आएंगे, क्योंकि केंद्रों पर जगह अधिक होने के चलते मतगणना के राउंड कम होंगे। अब पहली की तुलना में मतगणना राउंडों में दोगुना से अधिक टेबल लग सकेगी। इस तरह सभी वार्डों की मतगणना दोपहर से पहले पूरी हो जाएगी। चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों पर चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ट्रेनिंग दे दी गई है।