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गौ आधारित खेती को बढ़ाने पर हस्तिनापुर में मंथन कर बिगुल फूंकेगा RSS, 3 दिनों तक होगा महासम्मेलन

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देश के भीतर गौ आधारित खेती को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) महाभारतकालीन धरती मेरठ के हस्तिनापुर से बिगुल फुंकेगा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सहायक संगठन भारतीय किसान संघ 17 से 19 मार्च तक इसके लिए तीन दिन हस्तिनापुर में गौ आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए अखिल भारतीय महासम्मेलन करेगा।

संघ प्रमुख मोहन भागवत 19 मार्च को देश के अलग अलग हिस्सों से आने वाले करीब 500 किसान प्रतिनिधियों और कृषि वैज्ञानिकों को संबोधित करेंगे। आरएसएस और भारतीय किसान संघ हस्तिनापुर के इस महासम्मेलन से कीटनाशकों और रासायनिक खादों के प्रयोग से होने वाले कैंसर और अन्य असाध्य रोगों के विस्फोट पर व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करने की रणनीति तैयार की है। इसी बीच भारतीय किसान संघ मेरठ प्रांत ने बुधवार 15 मार्च को ‘विष मुक्त खेती नशा मुक्त मानव’ एक जन जागरण अभियान भी शुरू किया हैं।

भारतीय किसान संघ के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड संगठन मंत्री शिव कांत दीक्षित के मुताबिक 17 मार्च को सम्मेलन का उद्घाटन भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष बद्रीनारायण चौधरी और अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्रा करेंगे। बताया कि महासम्मेलन में देश भर के वैज्ञानिक और किसान गौ आधारित खेती को वैज्ञानिकता के आधार पर परखेंगे।

इसके लिए एक्सपर्ट प्रजेंटेशन देंगे और किसानों को बताएंगे कि गाय आधारित खेती क्यों वैज्ञानिक हैं, विस्तार से बताएंगे। महासम्मेलन में देश में पूरी तरह गौ आधारित खेती करने वाले किसान लाएं जाएंगे। वह अन्य किसानों को अपने अनुभव और फायदे के बारे में बताकर इस खेती को अपनाने की सलाह देंगे। इस महासम्मेलन में मोटे अनाज, भंडारण, कृषि अनुसंधान, दलहन और तिलहन बिंदुओं पर भी गहन चर्चा होगी।

गाय आधारित कृषि के महासम्मेलन में भारतीय नस्लों और गाय की पहचान को शामिल किया जाएगा। गाय की नस्ल साहीवाल, गीर, लाल सिंधी, राठी, थारपारकर, देवनी, नागौरी, निमाड़ी, सिरी, मेवाती, हल्लीकर, भगनारी, कंगायम, मालवी, गाँवलव, वेचुर, बारगुर, कृष्णा बेली, दांगी, पवार, अंगोल, हसी, बचौर, आलमबाड़ी किसानों को खेरीगढ़, खिलारी, अमृतमहल, दज्जल, धन्नी आदि शुद्ध भारतीय नस्लों की जानकारी दी जाएगी।

गौ आधारित कृषि महासम्मेलन में इन गायों के दूध और घी की विशेषता के बारे में बताकर इनके प्रजनन चक्र की जानकारी भी दी जाएगी। समापन समारोह 19 मार्च को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉक्टर मोहन राव भागवत किसानों को संबोधित करेंगे।

हिमाचल प्रदेश -अब शराब बेचने वाले को गौ उपकर नामक कर का भुगतान करना होगा

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस साल का बजट जारी कर दिया है। अन्य सभी महत्वपूर्ण विवरणों के अलावा, बजट में एक नया कर शामिल है जिसे गाय उपकर कहा जाता है। यह टैक्स राज्य में शराब की बिक्री पर लगेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 53,413 करोड़ रुपये के परिव्यय का बजट पेश किया। इसमें महिला पेंशन, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन, शराब पर गौ उपकर समेत कई अन्य पहल शामिल हैं जिनका उद्देश्य 2026 तक हिमाचल को हरित राज्य बनाना है। राज्य की कांग्रेस नीत सरकार के इस पहले बजट में अपनी तरह के पहले गौ उपकर की घोषणा की गई है जो शराब की प्रत्येक बोतल की बिक्री पर 10 रुपये होगा। सुक्खू ने कहा कि इस उपकर से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और प्रदूषण पर रोक लगाने, जलविद्युत और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर सरकार का उद्देश्य हिमाचल को 2026 तक हरित राज्य बनाने का है।
चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसें लाई जाएंगी
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिहाज से प्रदेश को आदर्श स्थान बनाया जाएगा। इसके अलावा हिमाचल सड़क परिवहन निगम की डीजल से चलने वाली 1,500 बसों की जगह चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसें लाई जाएंगी जिसमें 1,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। चार्जिंग पॉइंट लगाने के लिए युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा 200 किलोवॉट से लेकर दो मेगावॉट तक की छोटी जलविद्युत परियोजनाएं लगाने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। सुक्खू ने राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली 20,000 लड़कियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने पर 25,000 रुपये की सब्सिडी देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि हर जिले में कम से कम दो पंचायतों को हरित पंचायत में तब्दील किया जाएगा।
सभी वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लोगों के कल्याण की खातिर काम करने आई है और इसी क्रम में पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया गया है जिसका लाभ 1.36 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार जनता से किए सभी वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी। पहले चरण में 2,31,000 महिलाओं को वादे के मुताबिक प्रतिमाह 1,500 रुपये दिए जाएंगे। दिव्यांगों और विधवा महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अनाथों के लिए सुखाश्रय योजना शुरू की गई है। इसके अलावा एकल महिलाओं के लिए आवासीय योजना भी शुरू की जाएगी जिसमें 40 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान होगा।
हेलिपोर्ट सुविधा से जोड़ने की भी घोषणा की गई
प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के तौर पर विकसित करने और सभी 12 जिलों को अगले एक वर्ष के दौरान हेलिपोर्ट सुविधा से जोड़ने की भी घोषणा की गई। हालांकि, 2022-23 के दौरान राज्य के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि घटकर 6.4 प्रतिशत रह गई जो 2021-22 के दौरान 7.6 प्रतिशत थी। संशोधित वेतनमान के बकाये और 11,000 करोड़ रुपये के महंगाई भत्ते के भुगतान के कारण राज्य पर 75,000 करोड़ रुपये का भारी कर्ज और अन्य देनदारियां हैं। 2022-23 के लिए 13,141 करोड़ रुपये की अनुदान की पूरक मांगों को 15 मार्च को सदन ने पारित किया था।

सामाजिक कार्यो के लिए भेरू लाल मथुरा लाल जैन जी को दिया जायेगा ” गऊ भारत भारती ” द्वारा सर्वोत्तम समाजसेवा सम्मान

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मुंबई – भायंदर के समाजसेवी तथा व्यवसायी भेरू लाल मथुरा लाल जैन जी को इस वर्ष का समजसेवा के लिए ” गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान ” दिनाँक १८ अप्रैल को गोरेगाँव में आयोजित समाचारपत्र के ९वें वार्षिक वर्षगांठ के अवसर पर प्रदान किया जायेगा।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक समाचारपत्र के संपादक और प्रकाशक संजय अमान ने यह जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है। यह कार्यक्रम ट्रेंटो बैंक्वेट ओजोन स्विमिंग पूल के बगल में,सिद्धार्थ नगर, विवेक कॉलेज के पास,गोरेगांव पश्चिम, मुंबई – 400 104 में शाम ६ बजे से शुरू हो कर रात १० बजे तक चलेगा।  
इस कार्यक्रम में काऊ बेस इकोनॉमी अर्थवयवस्था पर सेमिनार भी रखा गया है जिसमे गौविज्ञान से जुड़े वैज्ञानिक भी भाग ले रहे है। इस सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पर्यटन और रक्षा केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट जी , उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक जी भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार , सांसद गजानंद कीर्तिकर , विधायक विद्या ठाकुर , नगरसेविका सुनीता राजेश मेहता , तथा भाजपा के अन्य वरिष्ठ राजनेताओ को आमंत्रित किया गया है।
इस वर्ष के सम्मान मूर्ति भेरू लाल मथुरा लाल जैन गौसेवा , के साथ साथ अन्य सामाजिक कार्यो से जुड़ कर समाजसेवा का कार्य कर रहे है। जैन समुदाय से आने वाले भेरू लाल मथुरा लाल जैन का नाम गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान के लिए चयन समिति के द्वारा प्रस्तावित किया गया है। श्री भेरू लाल मथुरा लाल जैन विश्वहिंदू परिषद , से भी जुड़े है। राष्ट्रीय स्वमं सेवक संघ की स्थानीय शाखा से जुड़ कर सामाजिक समरसता और राष्ट्र सेवा में अपनी शक्रिय भूमिका निभाते है। अपने वॉर्ड में हर छोटी बड़ी समस्या के निवारण के लिए स्थानीय महानगरपालिका से समन्वय स्थापित कर लोगो की समस्याओं को दूर करते है। जैन समाज द्वारा आयोजित चातुर्मास में भी अपनी सेवा देते है। समाचारपत्र के संरक्षक रामकुमार पाल , श्याम जी केडिया के अनुसार हर वर्ष समाज सेवा से जुड़े लोगो को यह सम्मान दिया जाता है। यह ९वां वर्ष है।

 

Zwigato Twitter Review: कपिल शर्मा की ‘ज्विगाटो’ को ऑडियंस का मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स

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Zwigato Twitter Review: नंदिता दास के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘ज्विगाटो’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. कॉमेडियन कपिल शर्मा ने फिल्म में लीड रोल प्ले किया है. ‘ज्विगाटो’ में कपिल मानस के रोल में फूड डिलीवरी बॉय बने हैं. वहीं शाहाना ने उनकी ऑन-स्क्रीन पत्नी की भूमिका निभाई है. फिल्म एक डिलीवरी एजेंट की लाइफ में आने वाली तमाम प्रॉबल्म्स पर बेस्ड है जो महामारी के बाद के दौर में रेटिंग और डिलीवरी नंबरों के साथ बने रहने के लिए संघर्ष करता है.
‘ज्विगाटो’ को टोरंटो और बुसान फिल्म फेस्टिवल्स में प्रीमियर होने के बाद से ही चर्चा मे है. वहीं लगता है कि ज़्विगाटो ने अपनी दमदार कहानी और परफॉर्मेंस से रिलीज के पहले ही दिन इंडियन ऑडियंस के दिल को छू लिया है. फिल्म ट्विटर पर ट्रेंड कर रही है. तमाम यूजर्स ने सोशल मीडिया पर अब कपिल शर्मा की फिल्म का रिव्यू शेयर किया है. चलिए जानते हैं दर्शको को ये फिल्म कैसी लगी है.
‘ज्विगाटो’ की दमदार कहानी और परफॉर्मेंस की हो रही तारीफ
बता दे की ज्विगाटो को देखने वाले कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर अपना रिव्यू शेयर किया है. कई यूजर्स को ये फिल्म को इमोशनल राइड लगी है, जबकि कुछ कपिल की दमदार और दिल को छू लेने वाली परफॉर्मेंस से हैरान हैं.
सोशल मीडिया पर यूजर्स कर रहे ‘ज्विगाटो’ की तारीफ
बता दे एक यूजर ने फिल्म की तारीफ करते हुए लिखा है, “#ज्विगाटो वह कहानी है जिसे एक परिवार ने सबसे अच्छे तरीके से बताया है. फिल्म ऐसे मोमेंट्स से भरी हुई है जो आपको गहराई से सरप्राइज करती है. नंदिता दास अपना सिनेमा लाती हैं. कपिल शर्मा एक रिविलेशन हैं और बेस्ट हैं. प्राउड मोमेंट.”
शहनाज गिल ने भी की ‘ज्विगाटो’ की तारीफ
एक्ट्रेस और सिंगर शहनाज गिल ने भी कपिल शर्मा की ‘ज्विगाटो’ की जमकर तारीफ की है. शहनाज ने ट्विटर पर फिल्म को लेकर अपना रिव्यू शेयर करते हुए लिखा, “आज मैंने इंडिया के फनी मैन की एक बिल्कुल नई साइड देखी है जो हमेशा मुस्कुराता रहता है और सभी को हंसाता है. क्या परफॉर्मेंस है, फिल्म का हर मिनट पसंद आया. बेहतरीन कहानी, शानदार निर्देशन और बेहतरीन कलाकार.#ज्विगाटो जरूर देखनी चाहिए!”

मेरा संकल्‍प प्रदेश के सभी मदरसों पर ताला लगाने का है – असम के CM ह‍िमंत सरमा

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बेलगावी. असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने एक बार फ‍िर कांग्रेस और कम्युनिस्टों पर हमला बोला है. सीएम ह‍िमंत ब‍िस्‍वा ने मदरसों की बंद करने की अपनी मुह‍िम को एक बार फ‍िर हवा देते हुए ऐलान क‍िया है क‍ि वह अब तक 600 से ज्‍यादा मदरसे (Madrasas) बंद कर चुके हैं. मेरा संकल्‍प प्रदेश के सभी मदरसों पर ताला लगाने का है. लोगों को श‍िक्षा के ल‍िए मदरसे नहीं बल्‍क‍ि स्‍कूल, कॉलेज और यून‍िवर्सिटीज की दरकार है.
बांग्‍लादेश‍ियों (Bangladesh) पर हमला बोलते हुए कहा क‍ि ये लोग असम में आकर हमारी सभ्यता और संस्कृति को खतरा पैदा करते हैं. सीएम ह‍िमंत ब‍िस्‍वा सरमा ने कर्नाटक (Karnataka Assembly Election) के बेलगावी (Belagavi) में गुरुवार को भाजपा (BJP) की विजय संकल्प यात्रा (Vijay Sankalp Yatra) को संबोधित करते हुए यह सब कहा.
इस बीच देखा जाए तो असम सीएम ने 2020 में एक व‍िवादास्‍पद कानून को पेश क‍िया था. इस कानून के अंतर्गत सभी संचाल‍ित मदरसों को न‍ियम‍ित स्‍कूलों में तबदील करना था जो‍क‍ि सामान्‍य श‍िक्षा देने का काम कर रहे हैं. जनवरी 2023 तक राज्‍य में पंजीकृत व अपंजीकृत मदरसों की संख्‍या 3,000 है.
बताते चलें क‍ि इस साल संभवत: मई माह में कर्नाटक व‍िधानसभा (Karnataka Assembly Election) के चुनाव होने जा रहे हैं. इन चुनावों के मद्देनजर कर्नाटक में भाजपा (BJP) के द‍िग्गज नेताओं ने डेरा डालना शुरू कर द‍िया है. लगातार जनसभाएं की जा रही हैं और जनता को लुभाने का प्रयास क‍िया जा रहा है.
इंड‍िया टुडे में प्रकाश‍ित खबर के मुताब‍िक सीएम हिमंत ब‍िस्‍वा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा क‍ि वह आज की नई मुगल (Mughal) पार्टी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस (Congress) दोबारा भारत को दुर्बल करने का काम कर रही है. पहले मुगलों ने देश को दुर्बल किया था. कांग्रेस आज की नई मुगल है. उन्‍होंने यह भी कहा क‍ि जब राम मंदिर बनता है तो उनको आपत्ति होती है. उन्होंने कांग्रेस से सवाल भी पूछा क‍ि क्‍या आप मुगल के बच्चे हैं?
सीएम ने मदरसों पर दो टूक कहा क‍ि आज लोगों को मदरसों की नहीं स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी की जरूरत है. लेक‍िन कांग्रेस और कम्युनिस्ट द‍िखाना चाहते हैं क‍ि भारत का इतिहास बाबर, औरंगजेब और शाहजहां से है. उन्‍होंने कहा क‍ि भारत का इतिहास मुस्‍ल‍िम आक्रांताओं का से नहीं, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोबिंद सिंह से जाना जाता है.
उन्‍होंने इस बात को भी जोर शोर से उठाया क‍ि औरंगजेब के शासन में दक्षिण भारत और पूर्वोत्‍तर कभी भी नहीं थे. लेकिन साम्यवादी इतिहासकार यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि पूरा भारत औरंगजेब के नियंत्रण में था. आज हमें एक नया इतिहास लिखने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि औरंगजेब हमारी ‘सनातन’ संस्कृति को नष्ट नहीं कर पाया. भारत आज ‘सनातन’ है और हिंदू है और रहेगा. यह सच नहीं था कि औरंगजेब ने पूरे भारत पर कब्जा कर लिया था.
असम सीएम ने कहा कि आज इस बात को गर्व के साथ कहा जाता है कि मैं मुस्लिम, ईसाई हूं और मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन हमें एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो गर्व से कह सके कि मैं हिंदू हूं. भारत को आज ऐसे व्यक्ति की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा क‍ि कांग्रेस के विपरीत भाजपा मंदिर बनाने में विश्वास रखती है, उसे तोड़ने में नहीं.

शिवसेना संकट: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार को फिर से कैसे बहाल कर सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने जताई हैरानी

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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आश्चर्य जताया कि वह महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार को फिर से कैसे बहाल कर सकता है, जबकि उसे विश्वास मत हासिल करने की राज्यपाल की कार्रवाई अवैध लगती है. शीर्ष न्यायालय ने इस बात पर भी गौर किया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने यह स्वीकार करते हुए कि वे अल्पमत में थे, शक्ति परीक्षण का सामना किए बिना ही इस्तीफा दे दिया था.

शिवसेना राजनीतिक संकट के मद्देनजर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करने के दौरान पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ की अध्यक्षता करने वाले प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ ने कहा, ‘यह (सरकार को बहाल करना) एक तार्किक बात होती, बशर्ते आप विधानसभा के पटल पर विश्वास मत खो देते। फिर आप निश्चित रूप से सत्ता से बेदखल हो जाते क्योंकि विश्वास मत आपके साथ नहीं रहता.’

सीजेआई ने कहा, ‘हमारी समस्या यह है कि बौद्धिक पहेली को देखें. ऐसा नहीं है कि राज्यपाल द्वारा गलत तरीके से तलब किए गए विश्वास मत के कारण आपको सत्ता से बेदखल किया गया है. आपने किसी भी कारण से इसे नहीं चुना, आप विश्वास मत का सामना नहीं करना चाहते थे…’ यह टिप्पणी तब आई जब ठाकरे समूह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी ने पीठ से यथास्थिति बहाल करने का आग्रह किया. पीठ में जस्टिस एम आर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, हेमा कोहली और पी एस नरसिम्हा भी शामिल हैं.

ठाकरे गुट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ से महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के जून 2022 के आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया, जिसमें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहा गया था.

सिब्बल ने कहा, ‘मुझे पूरा यकीन है कि इस अदालत का हस्तक्षेप नहीं होने से हमारा लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा क्योंकि किसी भी चुनी हुई सरकार को नहीं रहने दिया जाएगा. इसी उम्मीद के साथ मैं इस अदालत से इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए (बहुमत परीक्षण) के आदेश को रद्द करने का आग्रह करता हूं.’ शीर्ष अदालत ने नौ दिनों तक दलीलें सुनने के बाद, महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के संबंध में ठाकरे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समूहों की क्रॉस-याचिकाओं के बैच पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

इससे एक दिन पहले उच्चतम न्यायालय ने महज शिवसेना विधायकों के बीच मतभेद होने पर बहुमत परीक्षण का आदेश देने के लिए कोश्यारी के व्यवहार पर सवाल उठाए थे. न्यायालय ने बुधवार को कहा था कि राज्यपाल की ऐसी कार्रवाई से एक निर्वाचित सरकार गिर सकती है और किसी राज्य का राज्यपाल ऐसा नहीं चाहेगा.

दरअसल, 29 जून 2022 को महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट चरम पर पहुंच गया था जब शीर्ष अदालत ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली 31 महीने पुरानी गठबंधन सरकार को बहुमत परीक्षण कराने के राज्यपाल के निर्देश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. ठाकरे ने हार को भांपते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना-भाजपा सरकार बनी थी

यूट्यूबर मनीष कश्यप के खिलाफ वारंट जारी, 4 बैंक अकाउंट के 42 लाख रुपए फ्रीज

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तमिलनाडु में काम कर रहे बिहारी मजदूरों को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो पोस्ट करने के मामले में यूट्यूबर मनीष कश्यप (Youtuber Manish Kashyap) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. बिहार (Bihar) की आर्थिक अपराध इकाई को यूट्यूबर मनीष कश्यप और युवराज सिंह का अरेस्ट वारंट मिल गया है. इसके अलावा आर्थिक अपराध इकाई को मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के भी सबूत मिले हैं.

मनीष कश्यप के 4 बैंक अकाउंट फ्रीज

आर्थिक अपराध इकाई ने मनीष कश्यप के चार बैंक अकाउंट को फ्रीज किया है, जिसमें कुल 42 लाख रुपए हैं. पुलिस का दावा है कि मनीष कश्यप के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के भी सबूत मिले हैं.

मनीष कश्यप के इन चार बैंक अकाउंट को फ्रीज किया गया है:

SBI के खाते में 3,37,496 रुपए

  1. IDFC BANK के खाते में 51,069 रुपए
  2. HDFC BANK के खाते में 3,37,463 रुपए
  3. SACHTAK Foundation के HDFC BANK के खाते में 34,85,909 रुपए

यूट्यूबर मनीष कश्यप और युवराज सिंह की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है. बिहार पुलिस ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अन्य राज्यों में भी छापेमारी की जा रही है.

गिरफ्तारी का फेक न्यूज

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मनीष कश्यप की गिरफ्तारी की गलत खबर प्रसारित करने के मामले में भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. बता दें कि बीते दिनों मनीष कश्यप के नाम से संचालित ट्विटर हैंडल पर मनीष कश्यप की गिरफ्तारी की पुरानी तस्वीर पोस्ट की गई थी. इस पोस्ट को लेकर भ्रम फैलाने के आरोप में प्रशांत कुमार नाम के शख्स को (EOU) ने गिरफ्तार किया है. प्रशांत बक्सर के कृष्णाब्रह्मा थाने के बड़का ढकाइच का मूल निवासी है.

नैतिक शिक्षा से ही होगा सर्वांगीण विकास : भगवान भाई

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जंडियाला गुरु। शिक्षा का मूल उद्देश्य है चरित्र का निर्माण करना, असत्य से सत्य की ओर ले जाना, बंधन से मुक्ति की ओर जाना, लेकिन आज की शिक्षा भौतिकता की ओर ले जा रही है। भौतिक शिक्षा से भौतिकता की प्राप्ति होती है और नैतिक शिक्षा से चरित्र बनता है। इसलिए वर्तमान के समय प्रमाण भौतिक शिक्षा के साथ साथ बच्चो को नैतिक शिक्षा की भी आवश्यकता है। उक्त वक्तव्य जंडियाला गुरु, पंजाब में माउंट आबू राजस्थान से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने कहे। वे एस. ए. जैन सीनियर सेकंडरी स्कूल में छात्र, छात्राओं और शिक्षकों को जीवन में नैतिक शिक्षा का महत्व के विषय पर बोल रहे थे।
भगवान भाई ने कहा कि विद्यार्थियों को मुल्यांकन, आचरण, अनुकरण, लेखन, व्यवहारिक ज्ञान इत्यादि पर जोर देना होगा। वर्तमान समाज में मूल्यों की कमी हर समस्या का मूल कारण है। परीक्षा के समय अपनी सकारात्मक सोच रखें। परीक्षा का डर मन से निकालिए। समय का सदुपयोग करें। अपना हैंड रायटिंग अच्छा और स्पष्ट लिखें। किसी का कापी राइट ना करें, आत्मविश्वास से लिखें। उन्होंने बताया कि परोपकार, सेवाभाव, त्याग, उदारता, पवित्रता, सहनशीलता, नम्रता, धैर्यता, सत्यता, ईमानदारी आदि सद्गुण नहीं आते तब तक हमारी शिक्षा अधूरी है। शिक्षा एक बीज है और जीवन एक वृक्ष है। जब तक हमारे जीवन रूपी वृक्ष में गुण रूपी फल नहीं आते तब तक हमारी शिक्षा अधूरी है। समाज अमूर्त होता है और प्रेम, सद्भावना, भातृत्व, नैतिकता एवं मानवीय सद्गुणों से सचालित होता है।
उन्होंने कहा कि भौतिक शिक्षा से भौतिकता का विकास होगा और नैतिक शिक्षा से सर्वांगीण विकास होगा। नैतिक शिक्षा से ही हम अपने व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं जो आगे चलकर कठिन परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविवेक व आत्मबल प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि नैतिकता के अंग हैं, सच बोलना, चोरी न करना, अहिंसा, दूसरों के प्रति उदारता, शिष्टता, विनम्रता, सुशीलता आदि। नैतिक शिक्षा के अभाव के कारण ही आज जगत में अनुशासनहीनता, अपराध, नशा-व्यसन, क्रोध, झगड़े आपसी मन मुटाव बढ़ता जा रहा है।
डायरेक्टर सरदार जोगेंद्र सिंह ने कहा कि नैतिक शिक्षा ही मानव को ‘मानव’ बनाती है क्योंकि नैतिक गुणों के बल पर ही मनुष्य वंदनीय बनता है। सारी दुनिया में नैतिकता अर्थात सच्चरित्रता के बल पर ही धन-दौलत, सुख और वैभव की नींव खड़ी है।
प्रिन्सिपल श्रीमती सुनीता उपल ने भी अपना उद्बोधन देते हुए कहा कि नैतिक शिक्षा से ही छात्र-छात्राओं में सशक्तिकरण आ सकता है। उन्होंने आगे बताया कि नैतिकता के बिना जीवन अंधकार में है। नैतिक मूल्यों की कमी के कारण अज्ञानता, सामाजिक, कुरीतियां व्यसन, नशा, व्यभिचार आदि के कारण समाज पतन की ओर जाता है।
मैनेजर अम्रत सागर ने भी नैतिक शिक्षा के अभाव के कारण ही आज जगत में अनुशासनहीनता, अपराध, नशा-व्यसन, क्रोध, झगड़े आपसी मन मुटाव बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय ब्रह्माकुमारी राजयोग सेवा केंद्र की बीके नर्मदा बहन ने कहा कि जब तक जीवन में आध्यात्मिकता नही है तब तक जीवन में नैतिकता नही आती है। आध्यात्मिकता की परिभाषा बताते हुए उन्होंने कहा कि स्वयं को जानना, परमपिता परमात्मा को जानना और उन्हें स्मरण करना ही आध्यात्मिकता है, जिसको राजयोग कहते हैं। राजयोग को अपनी दिनचर्या का अंग बनाने की अपील की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत से की गयी और अंत में बी के भगवान भाई ने मन की एकाग्रता बढाने हेतु राजयोग मेडिटेशन भी कराया।
चेयरमैन चंद्रभूषण जैन ने भी अपना उदबोधन देते हुए ब्रह्माकुमारी संस्था का विस्तार से परिचय दिया।
कार्यक्रम में खजांची संजीव जैन, बी के भूपेन्द्र सिंह, बी के राकेश कुमार, बी के आरती बहन आदि सभी शिक्षक व स्टाफ भी उपस्थित थे।

जॉनी लीवर की उपस्थिति में रिलीज हुआ ‘अजब तमाशा’ कॉमेडी फिल्म का ट्रेलर

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मुम्बई। हाल ही में बॉलीवुड के प्रसिद्ध हास्य कलाकार जॉनी लीवर की उपस्थिति में कॉमेडी फिल्म ‘अजब तमाशा’ का ट्रेलर लॉन्च गोरेगांव पश्चिम स्थित हार्मोनी मॉल के अनमोल हॉल में किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन आरिफ खान (जु. अनिल कपूर) ने जोशीले अंदाज में करते हुए सभी अतिथियों का जोरदार स्वागत किया।
उसी अवसर पर जॉनी लीवर, सुनील पाल, आरिफ खान (अनिल कपूर के हमशक्ल), गीतकार नितिन रायकवार, अकबर बिन तबर, जावेद हैदर, रितिक शर्मा (रितिक रोशन के हमशक्ल), रमेश गोयल, संजय बेड़िया, मुस्कान, रियाज इंडियन की उपस्थिति रही।
आपको बता दें कि इस फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अकबर बिन तबर हैदराबाद की फिल्मों में काम करते हैं। अब तक अकबर लगभग 100 फिल्मों में काम कर चुके हैं। जिन्में बॉलीवुड की फिल्म यशराज फिल्म के बैनर पर बनी ‘दावते इश्क’ में भी काम कर चुके हैं। इस फिल्म में वह हैदराबादी ऑटोचालक की भूमिका में थे। अब उनकी फिल्म ‘अजब तमाशा’ आने वाली है जो कि एक हिन्दी फिल्म है। इसकी शूटिंग हैदराबाद, रत्नागिरी और मुम्बई में हुई है। इस फिल्म के उनका किरदार एक नवाब का है जिसे उसके ही साथी बेवकुफ बनाते रहते हैं।
फिल्म के मुख्य कलाकार दिल्ली के रहने वाले रितिक शर्मा हैं जो बॉलीवुड अभिनेता रितिक रोशन के हमशक्ल हैं। फिल्म में वह भुलक्कड़ आदमी के किरदार में है और उनकी पत्नि उनकी मदद करती है। फिल्म की मुख्य अभिनेत्री तनुजा है। इस फिल्म में जावेद अली और अल्तमश फरीदी ने गाना गाया है। इस फिल्म में रहस्य, रोमांच, हास्य और मनोरंजन का बेजोड़ संयोग है। फिल्म में किन्नर रानी माँ की भूमिका भी बेहतरीन है।

– संतोष साहू

कैंसर को लेकर जागरूकता के लिए कैंथन मैराथन में एम एस बिट्टा, समीर वानखेड़े व नीलोत्पल मृणाल रहे उपस्थित

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मुम्बई। कैंसर की रोकथाम के किए और इस भयंकर बीमारी को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए मुंबई यूनिवर्सिटी कालीना में 12 मार्च 2023 को कैंथन मैराथन का आयोजन किया गया। इसका आयोजन समाजसेवी और नन्ही गूंज विकास फाउंडेशन के ट्रस्टी नीलोत्पल मृणाल द्वारा किया गया था जहां पूर्व एनसीबी हेड और आईआरएस समीर वानखेड़े, ऑल इंडिया एन्टी टेररिस्ट फ्रंट के चेयरमैन एम एस बिट्टा अतिथि के रूप मे उपस्थित थे। साथ ही एनएसजी और इंडियन आर्मी के अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस अनोखे मैराथन में सभी मेहमानों और प्रतिभागियों ने आतंकवाद और ड्रग्स के विरुद्ध शपथ ली।
इस मैराथन में 26/11 हमले को नाकाम करने वाले एनएसजी कमांडोज, भारतीय सेना, पुलिस, दिव्यांग और आम आदमी शामिल हुए। खास बात यह है कि इस मैराथन में दिव्यांगों ने भी व्हीलचेयर पर बैठकर दौड़ लगाई जो लोगों को हौसला देने के लिए काफी था।
नीलोत्पल मृणाल ने कहा कि कैंसर से पीड़ित व्यक्ति पूरे जीवन में अपने और अपने परिवार के लिए चिंतित रहता है। इस बीमारी की रोकथाम के किए ज़रूरी है कि हम जागरूक रहें और इस सिलसिले में अवेरनेस फैलाने के लिए कैंथन मैराथन एक ऐसा ही आयोजन है जो समाज और लोगों में जागरूकता लाएगा। इस मैराथन में बड़ी संख्या में सेना के जवान, एनएसजी के कमांडोज, स्टूडेंट्स और दिव्यांगजन शामिल हुए।
बता दें कि नीलोत्पल मृणाल का हमेशा से ये प्रयास रहा है कि एक स्वस्थ समाज की स्थापना हो, इसके लिए वह ऐसे अनेक काम पूरे भारत में करते रहते हैं।
इससे पहले नीलोत्पल मृणाल ने लाखों पेड़ पौधे लगाये हैं, दिव्यांग को रोज़गार दिलवाया है, बाढ़ पीड़ितों की मदद की है। देश मे आपसी सौहार्द बना रहे इस दिशा में उन्होंने कई कार्य किए हैं।
एमएस बिट्टा ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को आतंकवाद के खिलाफ और आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े ने ड्रग्स के खिलाफ शपथ दिलाई।
नीलोत्पल मृणाल का यह प्रयास है कि समाज के तमाम वर्ग के लोगों को एक साथ लाया जाए तो आप सब आगे आइये और मिलकर हम नीलोत्पल मृणाल की इस नेक मुहिम का समर्थन दें।
गौरतलब है कि नीलोत्पल मृणाल एक दिव्यांग हैं मगर दूसरे को दौड़ता देख कर उन्हें लगता है कि वह ख़ुद दौड़ रहे हैं। इसलिए वह हर साल मैराथन का आयोजन करते हैं।
बता दें कि वर्ष 2014 में स्थापित नन्ही गूंज नीलोत्पल मृणाल द्वारा स्थापित एक फाउंडेशन है। यह फाउंडेशन उन वंचित बच्चों, अनाथों और दिव्यांग व्यक्तियों की अनसुनी और छोटी आवाजों के लिए बनाया गया है जो मदद मांग रहे हैं। आजकल के व्यस्त लाइफस्टाइल और व्यस्त दिनचर्या के कारण ये आवाजें अनसुनी हो जाती हैं, नन्ही गूंज इन सभी आवाजों को सुनने और उनके बचाव में उनकी मदद करने के लिए आगे आने का हौसला रखती है।