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उत्तराखंड विशेष – आस्था ही नहीं आर्थिकी का भी केंद्र है उत्तराखंड.-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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– राज्य ब्यूरो – उत्तराखंड से संजय बलोदी प्रखर की रिपोर्ट 
पिथौरागढ (उत्तराखंड )12 अक्टूबर 2023,गुरूवार    पिथौरागढ़, गुरुवार,12 अक्टूबर, आज भारत की आध्यात्मिक भूमि उत्तराखंड के आदि कैलाश पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.. !..यहां तय समयानुसार शिव मंदिर में पूजा करते हुए प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश के विराट दर्शन किए और देश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
शिव धाम आदि कैलाश आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का स्थानीय लोगों व श्रद्धालुओं द्वारा अभूतपूर्व स्वागत हुआ। लोग अपने प्रिय प्रधानमंत्री की एक झलक पाने को लालयित थे. !इस दौरान उत्तराखंड के यस्वश्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। विदित हो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एक दिवसीय उत्तराखंड की यात्रा पर आये थे..!

प्रधानमंत्री मोदी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 अक्टूबर, 2023 को सुबह 8.45 बजे हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ जनपद में ज्योलिंगकांग हेलीपैड पर उतरे। यहां से दाहिनी ओर करीब डेढ़ किमी की दूरी कार से तय करते हुए हिमालय की चोटी पर स्थित पार्वती सरोवर और शिव मंदिर पहुॅचे। करीब 25 मिनट तक शिव की पूजा और ध्यान किया।
आदि कैलाश मंदिर में रं-समुदाय के लामा पुजारियों ने पौराणिक काल से प्रसिद्ध शिव-पार्वती की “माटी पूजा’ पूरे विधि विधान के साथ संपन्न की।
तत्पश्चात प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश पर्वत और पार्वती सरोवर के दर्शन भी किए। आदि कैलाश और पार्वती सरोवर के दर्शन कर अभीभूत हो कर उन्होंने कहा कि आदि कैलाश के दर्शन कर उनका मन प्रसन्न और जीवन धन्य हो गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। यहां कण-कण में देवी देवताओं का वास है। भगवान आदि कैलाश के दर्शन कर उन्हें परम आनंद की अनुभूति हुई है। देवभूमि के मंदिर आस्था ही नही आर्थिकी का भी केंद्र हैं। इन मंदिरों से हजारों लोगों की आर्थिकी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़ी है। धार्मिक पर्यटन अर्थात तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए सभी मंदिरों को एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के सम्बन्ध में जानकारी दी।

प्रधानमंत्री के भ्रमण से चीन सीमा पर तैनात सेना के जवानों के साथ ही सीमा पर बसे गांव कुटी, नाबि, रोंगकांग, गुंजी, नपल्चयू, गर्व्यांग, बूंदी के ग्रामीणों में अपार उत्साह देखने को मिला। आदि कैलाश के दर्शन करने के बाद पीएम मोदी ज्योलिंगकांग हैलीपेड से गुंजी के लिए रवाना हुए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुंजी गांव में स्थानीय लोगों से मिलकर उनसे बातचीत की। गुंजी गांव में दूर-दराज से पहुंचे लोग प्रधानमंत्री को अपने बीच पाकर उत्साहित दिखे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने च्यूबाला पहनी रंगस्या (महिलाओं) से आशीर्वाद भी लिया।
गुंजी में सेना के जवानों के साथ बातचीत कर प्रधानमंत्री ने उनका हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने रं समाज कल्याण समिति के लोगों से भी भेंटवार्ता की। रं समाज कल्याण समिति के लोग पारम्परिक वेशभूषा में थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर स्वयं नगाड़ा भी बजाया।
प्रधानमंत्री ने भारत-तिब्बत व्यापार के प्रमुख केन्द्र गुंजी गांव में स्थानीय कला और उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आदि कैलाश, पार्वती सरोवर, कुटी गांव, रांगकॉग गांव, नाबी, गुंजी, ओम पर्वत की फोटो गैलरी का भी अवलोकन किया।
गुंजी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह के रूप में ओम पर्वत की फोटो भेंट की। वही रं समाज द्वारा मानसरोवर का पवित्र जल भरा कलश भेंट किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी आदि कैलाश की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए है। तीन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगी इस भूमि से प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व को अध्यात्म और वैश्विक क्षेत्र में उभरती भारत की शक्ति का संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं बढ गई है।
पिथौरागढ़ जनपद में आदि कैलाश 14 हजार फुट से अधिक ऊॅचाई पर चीन और नेपाल की सीमा से सटा है और भारत की आध्यात्मिक भूमि है। आदि कैलाश के बारे में मान्यता है कि यह स्थान भगवान शिव के परिवार का निवास स्थान है। आदि कैलाश मार्ग पर मुख्य आकर्षण ओम पर्वत है। इस पर्वत पर ओम की आकृति उभरी हुई है। ओम पर्वत कैलाश यात्रा मार्ग में नावीढांगा में स्थित है। ओम पर्वत को आदि कैलाश का छोटा कैलाश भी कहा जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणाएं भी की.. !

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में 4200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी

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New Delhi – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में ग्रामीण विकास, सड़क, बिजली, सिंचाई, पेयजल, बागवानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन सहित अन्य क्षेत्रों में लगभग 4200 करोड़ रुपये की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और राष्ट्र को समर्पित की।

एकत्र जनसमूह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा पर उत्तराखंड के लोगों के अभूतपूर्व प्यार, स्नेह और आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त किया और कहा, “यह स्नेह की गंगा बहने की तरह था।” श्री मोदी ने अध्यात्म और वीरता की भूमि विशेषकर साहसी माताओं को नमन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बैद्यनाथ धाम में जय बद्री विशाल के उद्घोष से गढ़वाल राइफल्स के जवानों का जोश और उत्साह बढ़ता है और गंगोलीहाट के काली मंदिर में घंटियों की ध्वनि कुमाऊं रेजिमेंट के जवानों में नए साहस का संचार करती है। मानसखंड में प्रधानमंत्री ने बैद्यनाथ, नंदादेवी, पूर्णागिरि, कसारदेवी, कैंचीधाम, कटारमल, नानकमत्ता, रीठा साहिब और अनेक अन्य मंदिरों का उल्लेख किया जो इस भूमि की भव्यता और विरासत को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “जब भी मैं आपके बीच उत्तराखंड में होता हूं, हमेशा खुद को धन्य समझता हूं।”
इससे पहले प्रधानमंत्री ने पार्वती कुंड में पूजा और दर्शन किए। “मैंने प्रत्येक भारतीय के अच्छे स्वास्थ्य और विकसित भारत की मजबूती का संकल्प लेते हुए प्रार्थना की। मैंने आशीर्वाद मांगा कि उत्तराखंड के लोगों की सभी आकांक्षाएं पूरी हों।
प्रधानमंत्री ने सैनिकों, कलाकारों और स्वयं सहायता समूहों के साथ अपनी बैठकों का भी उल्लेख किया और सुरक्षा, समृद्धि और संस्कृति के स्तंभों के मिलने पर खुशी व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार उत्तराखंड के लोगों की प्रगति और जीवन को आसान बनाने के लिए पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ काम कर रही है।” प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के साथ अपने लंबे जुड़ाव और निकटता को याद किया। नारीशक्ति वंदन अधिनियम के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने राज्य से मिले समर्थन और प्रतिक्रिया का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने भारत की विकास की प्रगति के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “दुनिया भारत और भारतीयों के योगदान को पहचान रही है।” अतीत की हताशा को याद करते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने चुनौतियों से घिरे वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत आवाज का उल्लेख किया। उन्होंने जी20 की अध्यक्षता और शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत की वैश्विक सराहना का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने देश की सफलता का श्रेय लोगों को दिया क्योंकि उन्होंने लंबे अंतराल के बाद केंद्र में एक स्थिर और मजबूत सरकार चुनी। उन्होंने कहा कि उन्हें 140 करोड़ भारतीयों का भरोसा और विश्वास प्राप्त है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में 13.5 करोड़ से अधिक भारतीय गरीबी के दुष्‍चक्र से बाहर आए हैं। इसके लिए उन्होंने सरकार के सर्व-समावेशी दृष्टिकोण को श्रेय दिया, जिसके तहत दूरदराज के स्थानों में रहने वाले लोगों को भी सरकारी लाभ मिलता है। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, “दुनिया आश्चर्यचकित है” क्‍यों‍कि 13.5 करोड़ लोगों में ऐसे लोग भी शामिल हैं जो दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में रहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये 13.5 करोड़ लोग इस बात के उदाहरण हैं कि भारत अपनी क्षमता से ही देश की गरीबी को खत्म कर सकता है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भले ही पिछली सरकारों ने ‘गरीबी हटाओ’ का नारा दिया था, लेकिन यह ‘मोदी’ है, जो कहता है कि स्वामित्व और जिम्मेदारी लेकर गरीबी को जड़ से समाप्‍त किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा, ” हम एक साथ मिलकर गरीबी मिटा सकते हैं।” उन्होंने भारत के चंद्रयान का उल्लेख किया, जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरने में कामयाब रहा और इसने वह उपलब्धि हासिल की, जिसे अब तक कोई देश प्राप्‍त नहीं कर सका है। प्रधानमंत्री ने कहा, “जिस स्थान पर चंद्रयान उतरा, उसका नाम शिव शक्ति रखा गया है और इस प्रकार उत्तराखंड की पहचान अब चंद्रमा पर भी मौजूद है।” उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कदम-कदम पर शिव शक्ति योग देखने को मिलता है।
प्रधानमंत्री ने भारत की खेल शक्ति को रेखांकित किया और देश में अब तक की सबसे अधिक पदक तालिका की खुशी के बारे में बात की। भारतीय दल में उत्तराखंड के 8 एथलीट शामिल थे और लक्ष्य सेन तथा वंदना कटारिया की टीमों ने पदक जीते। प्रधानमंत्री के आह्वान पर दर्शकों ने अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार एथलीटों को उनके प्रशिक्षण और अवसंरचना के लिए पूरी सहायता प्रदान कर रही है। आज हल्द्वानी में हॉकी ग्राउंड और रुद्रपुर में वेलोड्रोम का शिलान्यास किया गया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय खेलों की पूरी लगन से तैयारी करने के लिए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “उत्तराखंड के हर गांव ने भारत की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैन्‍य कर्मियों को जन्म दिया है।” उन्होंने उल्लेख किया कि वर्तमान सरकार ने ‘वन रैंक वन पेंशन’ की उनकी दशकों पुरानी मांग को पूरा किया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘वन रैंक वन पेंशन’ योजना के तहत पूर्व सैनिकों को अब तक 70,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है, जिससे पूर्व सैनिकों के 75,000 से अधिक परिवारों को अत्‍यधिक लाभ हुआ है। उन्होंने कहा, “सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास, सरकार की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक है।” उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नई सेवाओं का तेजी से विकास हो रहा है। पिछली सरकारों के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की कमी की ओर इशारा करते हुए, प्रधानमंत्री ने अवसंरचना विकास को लेकर पड़ोसी देशों द्वारा भूमि हड़पने के उनके डर के बारे में बात की। प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रहे अवसंरचना विकास के बारे में बात करते हुए कहा, “न तो न्‍यू इंडिया किसी चीज से डरता है, न ही यह दूसरों में डर पैदा करता है।” उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में सीमावर्ती क्षेत्रों में 4,200 किमी से अधिक सड़कें, 250 पुल और 22 सुरंगें निर्मित की गई हैं। प्रधानमंत्री ने आज की परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि रेलवे को सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचाने की योजना पर काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवंत ग्राम योजना ने देश के आखिरी गांवों को पहले गांवों में बदल दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा प्रयास उन लोगों को वापस लाना है, जो इन गांवों को छोड़ चुके हैं। हम इन गांवों में पर्यटन बढ़ाना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि पानी, दवा, सड़क, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के संदर्भ में अतीत की गलत नीतियों के कारण लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में इन क्षेत्रों में नई सुविधाओं और अवसंरचनाओं का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों, सिंचाई सुविधाओं और आज शुरू की गई पॉलीहाउस योजना से सेब की खेती को फायदा होगा। इन परियोजनाओं पर 1100 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड के हमारे छोटे किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए इतना पैसा खर्च किया जा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत, उत्तराखंड के किसानों को अब तक 2200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्‍त हुई है।”
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में कई पीढ़ियों से उगाए जा रहे श्री अन्न का उल्लेख किया और इसके महत्व को दुनिया भर में फैलाने के सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देशभर में एक अभियान शुरू किया गया है, जिससे उत्तराखंड के छोटे किसानों को बहुत लाभ होगा।
महिलाओं के नेतृत्व में होने वाले विकास को सुनिश्चित करने के कदमों के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार माताओं और बहनों की हर कठिनाई एवं हर असुविधा को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए हमारी सरकार ने गरीब बहनों को पक्के मकान दिये। हमने अपनी बहनों-बेटियों के लिए शौचालय बनवाए, उन्हें गैस कनेक्शन दिए, बैंक खाते खोले, मुफ्त इलाज एवं मुफ्त राशन की व्यवस्था की। ‘हर घर जल योजना’ के तहत उत्तराखंड के 11 लाख परिवारों की बहनों को पाइप से पानी की सुविधा मिली है। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराने की उस योजना का भी उल्लेख किया, जिसकी घोषणा उन्होंने लाल किले की प्राचीर से की थी। ये ड्रोन खेती से लेकर उपजों के परिवहन में भी मददगार साबित होंगे। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रदान किए गए ड्रोन उत्तराखंड को आधुनिकता की नई ऊंचाइयों पर ले जायेंगे।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “उत्तराखंड में, हर गांव में गंगा और गंगोत्री हैं। भगवान शिव और नंदा यहां की बर्फ की चोटियों पर निवास करते हैं।” उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मेले, कौथिग, थौल, गीत, संगीत और खान-पान की अपनी अनूठी पहचान है और यह भूमि पांडव नृत्य, छोलिया नृत्य, मांगल गीत, फूलदेई, हरेला, बग्वाल और रम्माण जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समृद्ध है। उन्होंने इस भूमि के विभिन्न व्यंजनों के बारे में भी बात की और अरसे, झंगोरे की खीर, काफुली, पकौड़े, रायता, अल्मोडा की बाल मिठाई और सिंगोरी का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने काली गंगा की भूमि और चंपावत स्थित अद्वैत आश्रम के साथ अपने आजीवन संबंधों को भी याद किया। उन्होंने जल्द ही चंपावत के अद्वैत आश्रम में समय बिताने की इच्छा भी जताई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थाटन के विकास से जुड़े डबल इंजन की सरकार के प्रयास अब रंग ला रहे हैं। इस साल उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगभग 50 लाख होने वाली है। बाबा केदार के आशीर्वाद से केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का पहला चरण पूरा हो चुका है। श्री बद्रीनाथ धाम में भी सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से अनेक कार्य किये जा रहे हैं।” उन्होंने केदारनाथ धाम और हेमकुंट साहिब में रोपवे का काम पूरा होने के बाद होने वाली सुविधा का उल्लेख किया। केदारनाथ और मानसखंड के बीच कनेक्टिविटी पर दिए गए ध्यान को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि आज शुरू हुआ मानसखंड मंदिर माला मिशन कुमाऊं क्षेत्र के कई मंदिरों तक पहुंच को आसान बनाएगा और भक्तों को इन मंदिरों में आने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड की बढ़ती कनेक्टिविटी राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली है। उन्होंने चारधाम मेगा प्रोजेक्ट और हर मौसम में आवागमन के योग्य सड़क के साथ ही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का भी उल्लेख किया। उड़ान योजना के बारे में बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पूरे क्षेत्र में सस्ती हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बागेश्वर से कनालीछीना, गंगोलीहाट से अल्मोडा और टनकपुर घाट से पिथौरागढ तक जाने वाली सड़कों सहित आज की परियोजनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे न केवल आम लोगों को सुविधा मिलेगी बल्कि पर्यटन से होने वाली आय के अवसर भी बढ़ेंगे। पर्यटन क्षेत्र को सर्वाधिक रोजगार प्रदान करने वाला क्षेत्र बताते हुए, श्री मोदी ने सरकार द्वारा होमस्टे को प्रोत्साहित किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आने वाले समय में पर्यटन क्षेत्र का काफी विस्तार होने वाला है। क्योंकि आज पूरी दुनिया भारत आना चाहती है। और जो कोई भी भारत को देखना चाहता है वह निश्चित रूप से उत्तराखंड आना चाहेगा।”
उत्तराखंड की आपदाग्रस्त होने की प्रकृति को स्वीकार करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले 4-5 वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर 4000 करोड़ रुपये खर्च किए जायेंगे। उन्होंने कहा, “’उत्तराखंड में ऐसी सुविधाएं निर्मित की जायेंगी ताकि आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से किया जा सके।”
अपने संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत का अमृत काल है। उन्होंने कहा, “यह समय देश के हर क्षेत्र एवं हर वर्ग को सुविधाओं, सम्मान और समृद्धि से जोड़ने का है।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा केदार और बद्री विशाल के आशीर्वाद से देश अपने संकल्पों को शीघ्रता से पूरा कर सकेगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सहित उत्तराखंड सरकार के अन्य मंत्री उपस्थित थे।
पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री द्वारा जिन परियोजनाओं का उद्घाटन व राष्ट्र को समर्पित किया गया उनमें पीएमजीएसवाई के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित 76 ग्रामीण सड़कें और 25 पुल; 9 जिलों में बीडीओ कार्यालयों के 15 भवन; केंद्रीय सड़क निधि के तहत निर्मित तीन सड़कों यानी कौसानी बागेश्वर रोड, धारी-दौबा-गिरिछीना रोड और नगला-किच्छा रोड का उन्नयन; राष्ट्रीय राजमार्गों पर दो सड़कों यानी अल्मोडा पेटशाल – पनुवानौला – दन्या (एनएच 309बी) और टनकपुर – चल्थी (एनएच 125) का उन्नयन; पेयजल से संबंधित तीन परियोजनाएं यानी 38 पंपिंग पेयजल योजनाएं, 419 गुरुत्वाकर्षण पर आधारित जलापूर्ति योजनाएं और तीन ट्यूबवेल आधारित जल आपूर्ति योजनाएं; पिथोरागढ़ में थरकोट कृत्रिम झील; 132 केवी पिथौरागढ-लोहाघाट (चंपावत) पावर ट्रांसमिशन लाइन; उत्तराखंड में 39 पुल और विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित उत्तराखंड आपदा रिकवरी परियोजना के तहत देहरादून में बनाई गई उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) की इमारत शामिल हैं।
जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें 21,398 पॉली-हाउस के निर्माण की योजना, जिससे फूलों एवं सब्जियों के उत्पादन को बढ़ाने और उनकी गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी; उच्च घनत्व वाले सघन सेब के बगीचों की खेती के लिए एक योजना; राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के उन्नयन के लिए पांच परियोजनाएं; राज्य में आपदा तैयारियों और सुदृढ़ता के लिए कई कदम यानी पुलों का निर्माण, देहरादून में स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र का उन्नयन, बलियानाला व नैनीताल में भूस्खलन की रोकथाम के लिए कदम तथा आग, स्वास्थ्य एवं वन से संबंधित अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार; राज्य भर के 20 मॉडल डिग्री कॉलेजों में छात्रावास एवं कंप्यूटर लैब का विकास; अल्मोडा के सोमेश्वर में 100 बिस्तरों वाला उप जिला अस्पताल; चंपावत में 50 बिस्तरों वाला अस्पताल ब्लॉक; नैनीताल के हल्दवानी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान; रुद्रपुर में वेलोड्रोम स्टेडियम; जागेश्वर धाम (अल्मोड़ा), हाट कालिका (पिथौरागढ़) और नैना देवी (नैनीताल) मंदिरों सहित विभिन्न मंदिरों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना शामिल हैं।

एसबीआई लाइफ की ‘थैंक्स ए डॉट’ पहल ने कैंसर का शीघ्र पता लगाने के लिए लॉन्च किया एक और नवोन्मेषी जीवनरक्षक उपकरण

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– अनिल बेदाग
मुंबई : अक्टूबर स्तन-कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है, यह हर महिला के लिए अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और नियमित रूप से स्तन के स्व-परीक्षण की आदत डालने के लिए रिमाइंडर की तरह है। इस महत्वपूर्ण महीने में, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस अपनी ‘थैंक्स ए डॉट’ पहल के माध्यम से महिलाओं को स्व-स्तन परीक्षण सीखने और इसकी आदत बनाने में मदद करने के लिए एक और साल भर लम्बा सफ़र शुरू कर रही है।
     इस पहल के एक अंग के रूप में, एसबीआई लाइफ ने ‘हॉट वॉटर बैग’ का उपयोग कर स्तन के स्व-परीक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक नया नवोन्मेषी उपकरण विकसित किया है, जिसका उपयोग देश भर में महिलाओं द्वारा मासिक धर्म के दर्द से निपटने के लिए सबसे अधिक किया जाता है। गर्म पानी की थैली के डिज़ाइन में एक साधारण बदलाव यानि बैग के सामने की तरफ विशेष गांठों को उकेर देने से महिलाओं को यह अनुभव करने में मदद मिलती है कि स्व-परीक्षण के दौरान स्तन कैंसर की वास्तविक गांठ कैसी महसूस होगी। यह उपकरण भारतीय महिलाओं को स्तन स्व-परीक्षण को एक नियमित आदत बनाने और शीघ्र पता लगाने के महत्व के बारे में प्रशिक्षित करने, शिक्षित करने और याद दिलाने में मदद करता है।
     स्तन के स्व-परीक्षण की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के ब्रांड, कॉर्पोरेट संचार और सीएसआर के प्रमुख, श्री रवींद्र शर्मा ने कहा, “धीरे-धीरे महिलाएं विभिन्न किस्म के कर्तव्यों और ज़िम्मेदारियों से अधिक अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के महत्व को समझना शुरू कर दिया है, लेकिन हमने महसूस किया कि व्यावहारिक रूप से उनमें से कई अभी भी, अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कदम उठाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। स्तन कैंसर आज महिलाओं में सबसे आम बीमारियों में से एक है, इसलिए हर महिला के लिए यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि वह सबसे पहले अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे और स्तन की जांच खुद करने के लिए सरल कदम उठाएं। स्तन के स्व-परीक्षण की आवश्यकता के बारे में जागरूकता पैदा करने की तत्काल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, एसबीआई लाइफ के ‘थैंक्स ए डॉट’ ने अपने पांचवें वर्ष में मौजूदा आदत का लाभ उठाकर, देश के हर घर में प्रवेश करने का एक अनूठा तरीका खोजा है।

MP NEWS – मप्र के प्रत्येक गाँव में शासन गव्यसिद्ध (पंचगव्य चिकित्सक) की नियुक्ति करे

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इंटर्नशिप कर रहे बीएएमएस डॉक्टर्स की पंचगव्य थैरेपी की ट्रेनिंग हो
– नगरनिगम उद्यान में गव्यामृत का उपयोग करें जिससे पौधों को प्राकृतिक खाद एवं कीट सुरक्षा प्राप्त हो

इंदौर, 12 अक्टूबर । म पृ सरकार प्रत्येक गाँव में एक गव्यसिद्ध की नियुक्ति करे ताकि वो गाँव वालों को आवश्यकता होने पर पंचगव्य थैरेपी के उपयोग की जानकारी दे सके।वेलनेस सेंटर पर भी ये सेवाएँ दे सकेंगे ।लालबाग में गोऋषि दत्तसागर जी महाराज के सानिध्य में चल रहे वेदलक्षणा गो शृध्दा महोत्सव कार्यक्रम में व्याख्यान देते हुए गव्याचार्य वीरेन्द्र कुमार जैन ने उपरोक्त माँग के साथ राज्य शासन से यह माँग भी की है कि सभी आयुर्वेद डॉक्टर, वैद्य, नेचरोपैथी डॉक्टर एवं हेल्थ से जुड़े सभी प्रोफेशनल को भी ऑनलाइन पंचगव्य थैरेपी की ट्रेनिंग दे ताकि अधिक से अधिक जनता इससे लाभान्वित हो सके।

पंचगव्य थैरेपी खोजकर्ता जैन ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार से यह अपेक्षा की है कि आयुर्वेद कॉलेज के फायनल ईयर एवं इंटर्नशिप कर रहे बीएएमएस डॉक्टर्स को 30 घंटे की ऑनलाइन ट्रेनिंग, भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग,कंपलसरी करे।
उन्होंने संगोष्ठी में बतलाया कि आयुर्वेदीय पंचगव्य थैरेपी से अनेकों बीमारियों कैंसर,अस्थमा,चर्मरोग,लंग्स फायबृोसिस से लेकर क़ब्ज़ ,गैसेस से पीड़ित मरीज़ लाभान्वित हो रहे हैं ।
जैन ने कहा प्रदूषण रहित इस पंचगव्य थैरेपी का प्राकृतिक खेती में अधिक से अधिक उपयोग के लिए कृषि मित्र को भी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए ।कृषि विभाग एवं उद्यान विभाग फ़ील्ड अधिकारियों के माध्यम से भी खेती में पंचगव्य के उपयोग की जानकारी दे सकते हैं । इसके उपयोग पर शासन कृषकों को अनुदान देकर प्रोत्साहित कर सकता है ताकि ज़हर रहित अनाज, फल,सब्ज़ी प्राप्त हो सकें।
शहर के नगर निगम एवं नगर पालिकाएँ अपने उद्दानों में पंचगव्य का उपयोग कर शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है और सभी होटल्स एवं बंगलों में पंचगव्य के उपयोग के लिए मालियों को ट्रेनिंग दे सकता है ।क्योंकि पंचगव्य प्रॉडक्ट में यूरिया, नाइट्रोजन फास्फेट पोटाश सहित कई माइक्रो न्यूट्रिएंट्स सहित लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु भी होते हैं ।

उत्तर प्रदेश में वांछित गौ तस्करों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल

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फिरोजाबाद: ( UNI) उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले की थाना सिरसागंज पुलिस ने बुधवार को गौ तस्करी के मामले में वांछित चल रहे दो गौ तस्करो को गिरफ्तार कर जेल भेजा । इन गौतस्करों के पास से दो अवैध तमंचे और कारतूस भी बरामद किए गए है।

थाना सिरसागंज के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश दीक्षित ने जानकारी दी है कि गौ तस्करी के मामले में वांछित चल रहा गिरोह का सरगना चंदा कुरैशी और उसके साथी छुट्टा कुरैशी को पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर मैनपुरी रोड करहल चौराहे के समीप गिरफ्तार किया है। यह शातिर किस्म के अपराधी हैं और पूर्व में गौ तस्करी के मामले में इनके गिरोह के कई साथी गिरफ्तार किये जा चुके हैं। सभी के खिलाफ गोबध निवारण और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हैं।

पुलिस गिरोह के सरगना की तलाश मे जुटी हुई थी यह हैदराबाद मे डेयरी की आड में गौ तस्करी का काम करते है। इस क्षेत्र से लावारिस गौवंश को ट्रैको में लादकर हैदराबाद ले जाते हैं। गिरफ्तार गौ तस्करों के पास से दो अवैध तमंचे और कारतूस भी बरामद किए गए हैं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद जेल भेजा गया है।

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार देशी गौवंश पर करेगी 31 करोड़ का खर्च 17 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते है।

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Uttar Pradesh News दुग्ध उत्पादन बढ़ाने एवं स्वदेशी गायों की नस्ल सुधार में जुटी योगी आदित्यनाथ सरकार नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत चालू वित्तीय वर्ष के शेष बचे पांच माह में 31 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना और मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के मद में दस-दस करोड़ रुपये और नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 11 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। राज्य ब्यूरो, लखनऊ। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने एवं स्वदेशी गायों की नस्ल सुधार में जुटी योगी आदित्यनाथ सरकार नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत चालू वित्तीय वर्ष के शेष बचे पांच माह में 31 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना और मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के मद में दस-दस करोड़ रुपये और नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 11 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। आप 17 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते है। दुग्ध आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी 17 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए लाभार्थी को अपने शहर के विकास भवन में संपर्क करना होगा। विभाग की ओर से चयनित लाभार्थियों की सूची 25 अक्टूबर को जारी कर दी जाएगी। पहले चरण में योजना का लाभ प्रदेश के 18 मंडल मुख्यालय के लाभार्थी ही उठा सकेंगे। मुख्यालय के सभी जिलों में कुल 2500 गाय खरीदने का लक्ष्य रखा गया है।
25 अक्टूबर को जारी की जाएगी सूची
वहीं, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों की सूची 25 अक्टूबर को जारी की जाएगी। इस तिथि में विस्तार भी किया जा सकता है। इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि को दो श्रेणियों में बांटा गया है, पहली श्रेणी में दस हजार और दूसरी श्रेणी में पंद्रह हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रगतिशील पशुपालक को दी जाएगी।
इसी तरह नंदिनी कृषक समृद्धि योजना को पहले चरण में प्रदेश के दस शहरों (अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, झांसी, मेरठ, आगरा और बरेली) में लागू किया गया है। पहले चरण में कुल 35 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।

बनारस भाजपा अध्यक्ष व विधायक श्री हंसराज विश्वकर्मा मुंबई मेंअर्जुन गुप्ता ने किया स्वागत

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Mumbai – आज महाराष्ट्र भाजपा प्रदेश कार्यालय में बनारस भाजपा अध्यक्ष व विधायक श्री हंसराज विश्वकर्मा जी का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत करते महाराष्ट्र भाजपा नेता श्री अर्जुन गुप्ता जी

Pitru Paksha 2023: पितृपक्ष में जरूर करें गाय की सेवा ,मिलता है, आशीर्वाद

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Pitru Paksha: पितृ पक्ष में पूरी श्रद्धा के साथ पितरों को याद किया जाता है और उनके प्रति आभार व्यक्त किया जाता है. विधि पूर्वक पितरों का श्राद्ध करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है.

पितृ पक्ष की शुरुआत हो चुकी है. इसमें पूरी श्रद्धा के साथ पितरों को याद किया जाता है और उनके प्रति आभार व्यक्त किया जाता है. विधि पूर्वक पितरों का श्राद्ध करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और वो अपने वशंजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर जाते हैं.

पितरों को प्रसन्न करने पितृ पक्ष में पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध करने की परंपरा है. पितृपक्ष में पशु-पक्षियों की सेवा भी जरूरी मानी जाती है. मान्यता है कि इन पशु-पक्षियों के रूप में ही पितर भोजन का अंश ग्रहण करने पृथ्वी पर आते हैं.

हिन्दू धर्म मे गाय को माता का दर्जा दिया गया है. पितृ पक्ष के दौरान गाय की सेवा का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि इन दिनों गाय का दान करने से जन्म- जन्मांतर के पाप मिट जातें है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता होता है.

अगर आप गाय का दान नही कर सकतें हैं तो गौशाला या अन्य जगह पर जाकर गाय की सेवा करके भी पुण्य कमा सकते हैं. पितृ पक्ष के किसी भी गाय चारा या रोटी जरूर खिलाएं.

पितृ पक्ष के दौरान अगर गाय खुद आपके दरवाजे पर आती है तो इसे एक शुभ संकेत माना जाता है. ऐसे में गाय को अपने दरवाजे से भूलकर भी ना दुत्कारें. ऐसा करने से आपके परिजन आपसे नाराज हो सकते हैं.

पितृ पक्ष के दौरान गाय को हरा चारा खिलाने से कष्टों से मुक्ति मिलती है. मान्यता है कि पितृ पक्षगाय की सेवा करने से सभी प्रकार के दुख दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.

 

कन्फ्यूज्ड और दिशाहीन राजनीतिज्ञ हैं राज ठाकरे- श्री संजय पांडेय

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भाषावाद और प्रांतवाद की राजनीति पर भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा (महाराष्ट्र) के अध्यक्ष श्री संजय पांडे का मनसे पर करारा प्रहार
-नासिक। भारतीय जनता पार्टी (महाराष्ट्र) उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष श्री संजय पांडे ने कहा कि राज ठाकरे कन्फ्यूज्ड और दिशाहीन राजनीतिज्ञ है। “मोदी@9″ और “संपर्क से समर्थन” के अभियान के तहत उत्तर महाराष्ट्र की यात्रा पर निकले श्री संजय पांडेय ने बुधवार को नासिक में रह रहे उत्तर भारतीयों के ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे पर यह करारा हमला बोला।
  भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय पांडे ने कहा कि राज ठाकरे ने जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पार्टी बनाई थी तब वह सेकुलर थे। उसके बाद नासिक महानगरपालिका में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा की। फिर मोदी भक्त हुए और कुछ दिनों के लिए मोदी विरोधी भी बने। उसके बाद उन्होंने हिंदुत्व का दामन थामा। हिंदुत्व के मुद्दे पर भी जब उनकी दाल नहीं गली तो एक बार फिर प्रांत वाद और भाषावाद की राजनीति पर उत्तर पड़े हैं। श्री संजय पांडे ने कहा कि राज ठाकरे दिशाहीन राजनीतिज्ञ है। अब सनातन धर्मी हिंदू न वर्ण व्यवस्था, न प्रांतवाद, न भाषावाद के बहकावे में आने वाला है। महारष्ट्र और देश की जनता यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए सज्ज है और महाराष्ट्र में हमारे नेता उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य में विकास हो रहा है। अब देखना है कि राज ठाकरे भाषावाद और प्रांतवाद की राजनीति में परास्त होने के बाद कौन सी डगर पर जाएंगे।

नासिक से “मोदी @9” और “संपर्क से समर्थन अभियान” का शुभारंभ

भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा का दोबारा प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद श्री संजय पांडेय जी बुधवार को सुबह 8 बजे त्रयम्बकेश्वर महादेव का दर्शन करने के बाद उत्तर महाराष्ट्र में नासिक से “मोदी @9″ और “संपर्क से समर्थन” की शुरुआत की। त्रयम्बकेश्वर महादेव के दर्शन के बाद सबसे पहले सुबह 10.30 बजे नासिक में भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा की जिला कार्यकारिणी की बैठक की। इसके बाद जिले के प्रमुख प्रतिष्ठित व प्रबुद्ध उत्तर भारतीयों से मुलाकात की।

देवेन्द्र फडणवीस को बताएंगे उत्तर भारतीयों की व्यथा

इस दौरान नासिक में रहने वाले उत्तर भारतीयों के एक प्रतिनिधि मंडल ने श्री संजय पांडे से मिलकर अपनी समस्याओं का एक ज्ञापन सौंपा। साथ ही, नाशिक में मनसे के कार्यकर्ताओं द्वारा कवि सम्मेलन रुकवाने की शिकायत की। इस दौरान श्री संजय पांडेय ने मनसे पर हमला बोला। श्री संजय पांडेय ने दो टूक कहा कि प्रदेश में उत्तर भारतीयों के हितों का पूरी तरह संरक्षण होगा। राज्य सरकार आपके साथ है। हम इस मामले को उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस तक लेकर जाएंगे। उत्तर भारतीयों को किसी से डरने की आवश्यकता नही है। 

करमपुर में कसाई ने चुराई गाय को बनाया दावत का खाना, ग्रामीणों ने पुलिस में दी शिकायत

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उत्तर प्रदेश: करमपुर चौधरी में एक गौ माता और एक बछड़ा जो कि हर दरवाजे पर सुबह जाती थी सभी लोग उसके लिये रोटी रात में बढ़ती से कर रखते थे। आज महीना भर से गाय और बछड़ा दोनों नजर नहीं आए, फिर किसी गांव वाले व्यक्ति के द्वारा जानकारी मिली कि, गांव के कसाई ने गौ माता और बछड़े को काट दिया है। किसी की बारात में परोसा गया था।
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उत्तर प्रदेश: करमपुर चौधरी में एक गौ माता और एक बछड़ा जो कि हर दरवाजे पर सुबह जाती थी सभी लोग उसके लिये रोटी रात में बढ़ती से कर रखते थे। आज महीना भर से गाय और बछड़ा दोनों नजर नहीं आए, फिर किसी गांव वाले व्यक्ति के द्वारा जानकारी मिली कि, गांव के कसाई ने गौ माता और बछड़े को काट दिया है। किसी की बारात में परोसा गया था। बैरियर 1 पुलिस चौकी को सूचना दी थी।
उन्होंने एप्लीकेशन मांगी, अगर उस कसाई को पुलिस ने नहीं पकड़ा तो एसपी के यहां जाकर उनसे बात की जाएगी। बैरियर बन चौकी चौकी पुलिसकर्मी सत्य से सख्त कार्रवाई करें उसी में अच्छाई है।