एलपीजी सिलेंडर का सुरक्षा मानक
एलपीजी सिलेंडरों का निर्माण भारतीय मानकों (आईएस) 3196 (भाग-I) 2006 के अनुसार किया जाता है। नए सिलेंडरों के प्रत्येक बैच को भेजने से पहले आईएस 3196 भाग-I के खंड 3.7 में दी गई नमूना योजना के अनुसार भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा परीक्षण किया जाता है। बीआईएस प्रमाणपत्र के आधार पर, गैस सिलेंडर नियम (जीसीआर), 2016 के अनुसार एलपीजी भरने के लिए सिलेंडर के उपयोग को मुख्य विस्फोटक नियंत्रक (सीसीओई), नागपुर या उनके अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा मंजूरी प्रदान की जाती है।
गैस सिलेंडर नियम 2016 के अंतर्गत, प्रत्येक सिलेंडर को आगे की सेवा के लिए उसके फिटनेस की जांच के लिए फिर से परीक्षण करने की आवश्यकता होती है। सिलेंडर के निर्माण की तारीख से पुन: परीक्षण की आवधि 10 वर्ष है और बाद में हर पांच वर्ष बाद किया जाता है। इसलिए पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार एलपीजी सिलेंडरों की सुरक्षा के लिए आवधिक रूप से जांच की जाती है। सिलेंडरों का वैधानिक परीक्षण आईएस 16054 के अनुसार किया जाता है।
वैधानिक परीक्षण के लिए आए सिलेंडरों को एलपीजी फिलिंग प्लांट में अलग किया जाता है और उपयोग में लाने से पहले इसका परीक्षण किया जाता है। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की दुर्घटनाएं विभिन्न कारणों से होती हैं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ सिलिंडरों से गैस की चोरी, घरेलू से गैर-घरेलू सिलेंडर में एलपीजी का स्थानांतरण, गैर-अनुमोदित/अमानक उपकरणों का उपयोग, उपभोक्ता के परिसर में अनुचित हैंडलिंग, समय-समय पर नली पाइप को नहीं बदलना, जिससे इसमें टूट-फूट हो जाते हैं, ओ-रिंग्स की विफलता, एलपीजी नली से रिसाव, स्टोव से रिसाव, अन्य कारकों से आग लगने के कारण उत्पन्न अत्यधिक गर्मी के कारण एलपीजी सिलेंडर का फटना आदि।
तेल विपणन कंपनियां (ओएमसीज) तेल उद्योगों के लिए सार्वजनिक देयता नीति के अंतर्गत व्यापक बीमा पॉलिसी लेती हैं, जिसमें ओएमसीज के साथ पंजीकृत सभी एलपीजी उपभोक्तों को कवर प्राप्त होता हैं। ओएमसीज द्वारा ली गई सार्वजनिक देयता बीमा पॉलिसी में उन दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को शामिल किया जाता है जहां एलपीजी आग लगने का प्राथमिक कारण होता है।
वर्तमान में, पॉलिसी निम्नलिखित प्रदान करती है:
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मृत्यु के मामले में प्रति व्यक्ति को 6,00,000/- रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना कवर।
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प्रति व्यक्ति अधिकतम 2,00,000/- रुपये के साथ प्रति घटना के लिए 30 लाख रुपये के चिकित्सा व्यय को कवर किया जाता है।
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संपत्ति की क्षति के मामले में, यह अधिकृत ग्राहक के पंजीकृत परिसर में प्रति घटना अधिकतम 2,00,000/- रुपये का कवर प्रदान करता है।
उपभोक्ता के परिसर से जुड़ी किसी भी दुर्घटना के मामले में, ग्राहक को संबंधित ओएमसी वितरक को सूचित करना होगा। वितरक से सूचना प्राप्त होने के बादद ओएमसी का कार्यालय बीमा कंपनी को सूचित करता है। संबंधित बीमा कंपनी बीमा पॉलिसियों के प्रावधानों के अनुसार दावे के निपटान के संबंध में आगे निर्णय लेती है।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप को एकीकृत चयन दिशा-निर्देश, 2016 के अनुसार नियुक्ति किया जाता है और यह ओएमसी और वितरक के बीच हस्ताक्षरित डिस्ट्रीब्यूटरशिप समझौते द्वारा शासित होता है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप का संचालन विपणन अनुशासनिक दिशा-निर्देशों के अंतर्गत निर्धारित विनियमों के अनुसार किया जाता है और अनियमितताओं की प्रकृति के आधार पर दंड लगाया जाता है।
यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
जेंडर आधारित हिंसा रोकने के लिए ‘अब कोई बहाना नहीं’ की शपथ दिलाई
एमएसडीई ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए अपने अधिकारियों के लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया
‘New Delhi – जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ सक्रियता के 16 दिन’ के वार्षिक अभियान के अनुसार कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय का कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013 के अंतर्गत अपने अधिकारियों के लिए कौशल भवन, नई दिल्ली में दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का समापन हुआ।
उद्घाटन सत्र कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के सचिव श्री अतुल कुमार तिवारी के साथ-साथ मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र महिला के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया था।
श्री तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि इस तरह के क्षमता निर्माण कार्यक्रम प्रत्येक अधिकारी के लिए कार्यस्थल पर उचित आचरण करने के लिए जागरूकता पैदा करने में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि सभी कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण कार्यस्थल संस्कृति का हिस्सा बने। उन्होंने इस संबंध में गठित समिति के सदस्यों को नियमित रूप से समीक्षा बैठक करने तथा अधिनियम के सीखने के सार को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भी निर्देश दिया।
संयुक्त राष्ट्र महिला भारत कार्यालय की उप कंट्री प्रतिनिधि सुश्री कांता सिंह ने मंत्रालय में महिलाओं के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के प्रयासों और कार्यस्थल में यौन उत्पीड़न रोकने की उसकी समर्पित प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने पूरे कर्मचारियों के लिए व्यापक क्षमता निर्माण प्रशिक्षण आयोजित करने वाले पहले मंत्रालयों में से एक होने के लिए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की सराहना की। सुश्री सिंह ने महिलाओं पर यौन उत्पीड़न के गहरे प्रभाव को रेखांकित किया, मानसिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभावों तथा भविष्य के कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को रोकने की क्षमता पर बल दिया।
मंत्रालय के अधिकारियों ने जेंडर आधारित हिंसा रोकने के लिए चार शक्तिशाली शब्द ‘अब कोई बहाना नहीं’ का भी संकल्प लिया।
दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण न केवल यौन उत्पीड़न की स्पष्ट परिभाषा प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया, बल्कि शिकायत प्रक्रिया कैसे काम करती है, इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी आयोजित किया गया था। यह पहल महिलाओं के लिए एक सुरक्षित कार्यस्थल बनाने के लिए सक्रिय उपाय करने के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के प्रयास का एक हिस्सा है और देश के समावेशी विकास के लिए आर्थिक एजेंटों तथा समान भागीदारों के रूप में महिलाओं को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दिखाता है।


राष्ट्रपति ने लक्ष्मीपत सिंघानिया-आईआईएम लखनऊ राष्ट्रीय लीडरशीप पुरस्कार प्रदान किए
New Delhi – राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (7 दिसम्बर, 2023) नई दिल्ली में लक्ष्मीपत सिंघानिया-आईआईएम लखनऊ राष्ट्रीय लीडरशीप पुरस्कार प्रदान किए।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने की आपाधापी ने मानवता को नुकसान पहुंचाया है। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय गड़बड़ी उसी का परिणाम है। आज पूरा विश्व इस चुनौती से जूझ रहा है। लाभ अधिक से अधिक बढ़ाने की अवधारणा पश्चिमी संस्कृति का एक हिस्सा हो सकती है लेकिन भारतीय संस्कृति में इसे प्राथमिकता नहीं दी गई है। लेकिन भारतीय संस्कृति में उद्यमिता का स्थान प्रमुख है।
राष्ट्रपति ने प्रसन्नता व्यक्त की कि हमारे युवा स्वरोजगार की संस्कृति को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। भारत विश्व के सर्वश्रेष्ठ यूनिकॉर्न हब में शामिल है। यह हमारे देश के युवाओं के तकनीकी ज्ञान के अतिरिक्त उनके प्रबंधन कौशल और व्यावसायिक नेतृत्व का एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा विश्व की अग्रणी तकनीकी कंपनियों का नेतृत्व भी कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमें प्रबंधन शिक्षण संस्थानों की शिक्षा प्रणाली में कुछ परिवर्तन लाने होंगे ताकि देश का अधिक प्रभावी और समावेशी विकास हो सके। उन्होंने प्रबंधकों, शिक्षाविदों और संगठनात्मक प्रमुखों से भारतीय प्रबंधन अध्ययन को भारतीय कंपनियों, उपभोक्ताओं और समाज से जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विदेश स्थित व्यवसायों पर केस स्टडी और लेखों के बजाय भारत स्थित भारतीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर केस स्टडी लिखी और सिखाई जानी चाहिए। हमारे प्रबंधन संस्थानों को अपने शोध का फोकस भी भारत की पत्रिकाओं पर करना चाहिए। उन भारतीय पत्रिकाओं पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए जो ओपन एक्सेस डोमेन में हैं और जो देश के विभिन्न हिस्सों में पढ़ने वाले सभी श्रेणी के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए सुलभ हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि हाल में उत्तराखंड में सिल्कयारा सुरंग से जिस तरह 41 श्रमिकों को निकाला गया है, उसकी न केवल सराहना हो रही है, बल्कि इस पर नेतृत्व अध्ययन की भी बात की जा रही है। यह एक बहुत अच्छा और जीवंत विषय है, विशेषकर संकट में नेतृत्व और टीमवर्क के लिए।
राष्ट्रपति ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में कहा कि अनेक लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण नौकरी खोने के बारे में भी चिंतित हैं। उन्होंने आग्रह किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सभी पक्षों को प्रबंधन शिक्षा से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जानता है और इसका सही इस्तेमाल करता है उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण नौकरी खोने का भय नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईआईएम लखनऊ जैसे संस्थानों को भी अमृत काल में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम बनाना चाहिए।
मध्यप्रदेश की सोलहवीं विधानसभा के पांच टाइगर
कौशल किशोर चतुर्वेदी –
मध्यप्रदेश की सोलहवीं विधानसभा में वह भारी भरकम चेहरे शामिल हैं, जिनकी उपस्थिति माहौल को गरिमामय बनाएगी तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच संतुलन भी बनाकर रखेगी। भाव कुछ ऐसा ही रहेगा कि हम मुख्यमंत्री नहीं तो मुख्यमंत्री से कम भी नहीं। इनमें पहला नाम तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का है ही, जो चार बार मुख्यमंत्री रहकर कम से कम भाजपा में तो सीएम बतौर द बिगेस्ट अचीवर साबित हो चुके हैं। और शिवराज ने टाइगर अभी जिंदा है कहकर टाइगर की पदवी भी हासिल कर ली है। और जब वह मार्च 2020 में चौथी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने, तब भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया भी टाइगर की तरह ही स्थापित हुए थे। सोलहवीं विधानसभा में शिवराज सहित ऐसे पांच दिग्गज नेता हैं जो किसी भी भूमिका में रहें, पर टाइगर नहीं तो टाइगर से कम भी नहीं नजर आने वाले हैं। शिवराज सिंह चौहान (5 मार्च 1959) पहले पायदान पर हैं।
नरेंद्र सिंह तोमर (जन्म 12 जून 1957) 17वीं लोकसभा के सदस्य थे। पर अब दिमनी से विधायक हैं। वह पहले और दूसरे मोदी काल में भारत सरकार में कृषि मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज मंत्री, खान मंत्री और संसदीय मामलों के मंत्री रहे हैं। वह भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं। वह 2009 से 2014 तक मुरैना से पंद्रहवीं लोकसभा और 2014 से 2019 तक ग्वालियर से सोलहवीं लोकसभा के सदस्य भी रहे।2019 में, उन्होंने अपना निर्वाचन क्षेत्र बदल दिया और मुरैना से लोकसभा के लिए फिर से चुने गए। 2023 के मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव में, तोमर ने दिमनी से चुनाव लड़ते हुए बहुजन समाज पार्टी के बलवीर सिंह दंडोतिया को करीब 24,000 मतों के अंतर से हराया। उन्हें मुन्ना भैया उपनाम से भी जाना जाता है। राजनीति की शुरुआत में वे युवा मोर्चा में विभिन्न पदों पर रहते हुए 1996 में युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए। तोमर पहली बार 1998 में ग्वालियर से विधायक निर्वाचित हुए और इसी क्षेत्र से वर्ष 2003 में दूसरी बार चुनाव जीता। इस दौरान वे सुश्री उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी रहे। तोमर वर्ष 2008 में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए और उसके बाद वे 15 जनवरी 2009 में निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए। बाद में वे पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री पद पर रहे। तोमर एक बार फिर 16 दिसम्बर 2012 को पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए। बीजेपी पार्टी के लिए संकट मोचन कहे जाने वाले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एक बार फिर पार्टी के भरोसे पर खरे उतरे हैं। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश चुनाव समिति का संयोजक बनाया और उसके बाद प्रदेश के चुनाव की कमान उन्हें सौंपी।
प्रह्लाद सिंह पटेल (जन्म 28 जून 1960) 7 जुलाई 2021 से भारत के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और जल शक्ति राज्य मंत्री रहे। वह मध्य प्रदेश के दमोह लोकसभा क्षेत्र से सांसद थे। वह तीसरे वाजपेयी मंत्रिमंडल में कोयला राज्य मंत्री थे। वह पहली बार 1989 में 9वीं लोकसभा के लिए चुने गए और फिर 1996 में 11वीं लोकसभा (दूसरा कार्यकाल), 1999 में बालाघाट से 13वीं लोकसभा (तीसरा कार्यकाल) , 2014 में 16वीं लोकसभा (चौथा कार्यकाल) और 17वीं लोकसभा के लिए 2019 में दमोह से (पांचवां कार्यकाल) फिर से चुने गए। मई 2019 में,पटेल संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने थे। उन्होंने दो बार पवित्र नदी नर्मदा की परिक्रमा पूरी की, पहली बार 1994-96 में और दूसरी 2004-05 के दौरान। अब वह पहली बार नरसिंहपुर से विधायक चुने गए हैं।
कैलाश विजयवर्गीय (जन्म 13 मई 1956) भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन इंदौर भारतीय जनता पार्टी से शुरू किया और इंदौर के मेयर रहे, छह बार विधायक रहे, जो कभी विधानसभा चुनाव नहीं हारे, और पद पर पदोन्नत होने से पहले 12 साल से अधिक समय तक राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों के कैबिनेट मंत्री रहे। वह 2014 में भाजपा के हरियाणा राज्य विधानसभा चुनाव अभियान के प्रभारी थे, जब पार्टी ने हरियाणा राज्य विधानसभा चुनाव में अपनी पहली जीत दर्ज की, जिसमें भाजपा की सीटें 4 से 47 हो गईं। उन्हें 2015 में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी नेता नामित किया गया था । उन्हें वर्ष 2021 के लिए भारत के शीर्ष 100 प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया था। उन्हें पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए गेम चेंजर माना जाता है। अब एक बार फिर वह इंदौर क्रमांक-1 से विधायक चुने गए हैं।
और गोपाल भार्गव (जन्म 1 जुलाई 1952) मध्य प्रदेश सरकार में सबसे वरिष्ठ विधायक हैं। उन्होंने अपने छठे कार्यकाल के लिए 2 जुलाई 2020 को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। यह सरकार में किसी भी मंत्री द्वारा पूरा किए जाने वाले कार्यकाल की सबसे अधिक संख्या है। वह 15वीं मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे हैं। वह एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में लगातार 15 वर्षों तक कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया है। वह 1985 से रहली विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हुए लगातार नौ बार विधानसभा के सदस्य रहे हैं। वह मध्य प्रदेश के इतिहास में एक ही निर्वाचन क्षेत्र से लगातार 9 चुनाव जीतने वाले एकमात्र विधायक हैं। अपने चार दशकों के राजनीतिक करियर में अपराजित भार्गव ने 2023 में 72000 से अधिक वोटों के भारी अंतर से लगातार 9वीं बार जीत हासिल की है।
तो यह सभी चेहरे मध्यप्रदेश विधानसभा में पहली पंक्ति में नजर आने वाले हैं। और यह तय है कि कोई किसी से कम नहीं है। एक से बढ़कर एक की कहावत इन पर चरितार्थ होती है। इनके अनुभवों का अनंत संसार है। इनमें से शिवराज के अलावा अभी तक किसी ने मुख्यमंत्री पद को सुशोभित नहीं किया है। प्रहलाद पटेल पहली बार विधायक बने हैं, पर उनके अलावा सभी ने शिवराज के मंत्रिमंडल में काम किया है। (विभूति फीचर्स)
डॉक्टर 365 बॉलीवुड महा आरोग्य शिविर के तीसरे सीज़न की घोषणा
स्कैनिया इंडिया ने पीपीएस मोटर्स के साथ साझेदारी के द्वारा खनन क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को बनाया सशक्त
हैदराबाद, 7 दिसम्बर, 2023: स्कैनिया कमर्शियल व्हीकल्स प्रा. लिमिटेड ने पीपीएस मोटर्स के साथ एक्सक्लुज़िव साझेदारी की घोषणा की है, जिसके तहत वे भारत में स्कैनिया के माइनिंग टिप्पर्स के लिए एकमात्र प्रतिनिधि बन गए हैं। यह साझेदारी सेल्स एवं सर्विस संचालन के लिए देश भर में कवरेज को सुनिश्चित करेगी। स्कैनिया इंडिया हमेशा से टेक्नोलौजी से पावर्ड परिवहन के आधुनिक एवं स्थायी समाधानों को बढ़ावा देने में अग्रणी रहे हैं। कंपनी खान के मुख्य बिन्दुआें को पहचान कर, उनके विश्लेषण एवं सतत अनुकूल के आधार पर विशिष्ट समाधान उपलब्ध कराती है, ताकि उपलब्धता, उत्पादकता एवं उपभोक्ता के मुनाफ़े को बढ़ाया जा सके। यह नई साझेदारी भारत में नेटवर्क के विस्तार तथा आधुनिक कस्टमर सपोर्ट के लिए स्कैनिया के आश्वासन की पुष्टि करती हैं .

नई साझेदारी पर बात करते हुए श्री जोहान पी श्लाइटर, मैनेजिंग डायरेक्टर, स्कैनिया कमर्शियल व्हीकल्स इंडिया लिमिटेड ने कहा, ‘‘हाल ही में पीपीएस मोटर्स के साथ हुए इस समझौते के माध्मय से हमने भारत में हमारी माइनिंग टिप्पर्स सेगमेन्ट पर ध्यान केन्द्रित करते हुए प्रभावीशाली साझेदारी की नींव रखी है। हमें विश्वास है कि अपनी आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग कर हम शुद्ध शून्य उत्सर्जन के लक्ष्यों की दिशा में भारत के प्रयासों में उल्लेखनीय योगदान दे सकेंगे।’’
पीपीएस ने देश भर में छह क्षेत्रीय वेयरहाउस स्थापित किए हैं, जो माइनिंग साइट्स के नज़दीक हैं और नागपुर में स्कैनिया के केन्द्रीय वेयरहाउस के साथ कनेक्टेड हैं, तथा सशक्त हब-एण्ड-स्पोक मॉडल बनाते हैं। यह पार्ट्स की सहज, निर्बाध एवं सुगम आपूर्ति श्रृंखला को सुनिश्चित करता है। इसके अलावा स्कैनिया के विश्वस्तरीय खनन मानकों के अनुरूप, कुशल टेकनिशियनों से युक्त आधुनिक वर्कशॉप्स एवं नौ मोबाइल सर्विस वैन्स मेजर रिपेयर, एग्रीगेट रिपेयर, एक्सीडेन्ट रिपेयर और ओवरहॉलिंग की प्रभावी हैण्डलिंग को सुनिश्चित करते हैं।
इस साझेदारी पर बात बात करते हुए श्री राजीव संघवी, मैनेजिंग डायरेक्टर, पीपीएस मोटर्स ने कहा, ‘‘भारत में स्कैनिया के माइनिंग ट्रक कारोबार के लिए एक्सक्लुज़िव डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में उनके साथ साझेदारी करते हुए हमें बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है। उपभोक्ताओं ने स्कैनिया के प्रोडक्ट्स और सर्विसेज़ में जिस तरह से भरोसा दिखाया है उससे हम बेहद खुश हैं। हम अपने भावी एवं मौजूदा उपभोक्ताओं के साथ निरंतर संपर्क में हैं ताकि उनकी ज़रूरतों को समझ कर वाहन के लाइफसाइकल के दौरान उन्हें कस्टमाइज़्ड प्रोडक्ट्स एवं सर्विसेज़ उपलब्ध करा सकें। इसके अलावा हम उन्हें बेहतर और व्यापक कवरेज प्रदान करने के लिए अतिरिक्त टचपॉइन्ट्स में भी निवेश कर रहे हैं।’’
स्कैनिया आधुनिक वाहनों के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, जो स्थायित्व एवं इनोवेशन के साथ ड्राइविंग का उत्कृष्ट अनुभव प्रदान करें। दुनिया भर में स्कैनिया ने टेक्नोलॉजी जैसे इलेक्ट्रिक परिवहन एवं नवीकरणीय ईंधन, ऑटोनोमस समाधानों, सुरक्षा प्रणाली एवं कनेक्टिविटी में विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया है। कंपनी ने सफलतापूर्वक भारत में अपनी टेक्नोलॉजीज़ को लागू किया और कारोबारों के संचालन एवं दक्षता में सहयोग प्रदान करने के लिए आधुनिक डिज़ाइन के वाहन एवं सर्विसेज डिलीवर किए हैं।
एवरग्रीन म्यूजिक अवॉर्ड समारोह में 90 वर्षीय गायिका संगीतकारा मधु चंद्रा को मिला विशेष सम्मान
मुंबई। वीएस नेशन मीडिया ग्रुप और ताल म्यूजिक एंड फिल्म्स के संयुक्त तत्वावधान में 6 दिसंबर को अंधेरी पश्चिम स्थित मेयर हॉल में एवरग्रीन म्यूजिक अवॉर्ड समारोह का सफल आयोजन किया गया। जिसमें विविध कार्यक्रमों का भी समावेश रहा। इस अवार्ड समारोह की शुरूआत एवरग्रीन कराओके किंग एंड क्वीन स्पर्धा से की गई। जिसमें 12 महिला और 12 पुरुषों ने अपनी गायिकी के अंदाज बयां किए। इस स्पर्धा को जज करने सेलिब्रिटीज पार्श्व गायिका अनुपमा सी. श्रीवास्तव, गुजराती शकीरा कहलाने वाली देश विदेश में अपनी परफॉरमेंस के जरिए तहलका मचाने वाली अनिता शर्मा, गायक अनिल शर्मा को बुलाया गया। इस स्पर्धा में राजेंद्र कुलकर्णी को एवरग्रीन कराओके किंग और दिव्या पुनीता को एवरग्रीन कराओके क्वीन चुना गया। इसके अलावा इसी कार्यक्रम में कैजाद पटेल के नए एल्बम सॉन्ग ‘मदहोशियों का यार हूं मैं’ को भी लॉन्च किया गया। एमा अवॉर्ड के सीजन 2 में संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लीजेंड, नामचीन और नवोदित प्रतिभाओं को अवार्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। यहां हम बता दे कि वीएस नेशन मिडिया एजेंसी और ताल म्यूजिक एंड फिल्म्स के द्वारा एवरग्रीन म्यूजिक अवॉर्ड समारोह का आयोजन एक सार्थक पहल के रूप में गत वर्ष शुरू हुआ।
आयोजक दविंद्र खन्ना का मानना है कि म्यूजिक हमारा सबसे अच्छा मित्र है, आप कितने भी उदास निराश क्यूं ना हो संगीत सुनते ही आप सब भूल जाते है, और म्यूजिक ही सदा से एवरग्रीन रहा है और रहेगा। देवेंद्र ने बताया कि इस अवॉर्ड का उद्देश्य जहां नवोदित प्रतिभाओं को प्रकाश में लाना है वहीं पुराने लीजेंड्स को भी नई पीढ़ी से रूबरू कराना है।
देवेंद्र खन्ना वसई गौरव अवॉर्ड, नारी शक्ति सम्मान, मिस मिसेज एवरग्रीन इंडिया ब्यूटी कॉन्टेस्ट, सिंगिंग कॉन्टेस्ट, डांसिंग कॉन्टेस्ट, म्यूजिक कॉन्सर्ट का आयोजन वीएस नेशन (वसई, मुम्बई) के बैनर तले करते रहते हैं।
बीते वर्ष इस अवॉर्ड समारोह में लेस्ली लुईस, दिलीप सेन, सुधाकर शर्मा, राम शंकर, तृप्ति शाक्य, शोमा बैनर्जी, कपिल हरीशंकर, राजीव महावीर, रेपर हितेश्वर, विजॉय कश्यप, वास्तविक रॉय, रक्षा श्रीवास्तव, शीरीन फरीद, मनोज टकरिया, अनिता शर्मा, शोना गोंसलवेस, आदि सहित बहुत से संगीत सितारों के साथ म्यूजिक लवर तथा मीडिया के प्रतिनिधियों को भी अवॉर्ड से सम्मानित किया था।
इस वर्ष सीजन 2 में 90 वर्षीय गायिका संगीतकारा मधु चंद्रा को एवरग्रीन संगीत सम्मान से सम्मानित किया गया।

इनके अलावा वरिष्ठ गायक संगीतकार कीर्ति अनुराग, गायिका अनुपमा श्रीवास्तव, सिंगर खुशबू जैन, कैजाद पटेल, नायनाज जमादार मुंसफ, राजू टाक, लखन रावल, गीताबेन यादव, मॉडल एक्ट्रेस स्नेहा सिंह, एक्ट्रेस परफॉर्मर शिरीन फरीद, कोरियोग्राफर चैरा फर्नेड्स, सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट अन्नू जगताप, कल्पना, गीतकार रवि चोपड़ा, गीतकार एम प्रकाश, गीतकार नीतू सैनी, संगीतकार संजय गौरीनंदन, म्यूजिक अरेंजर राजेश राठौड़, मन्नत हाशमी, राजेश खजनिया, राकेश ओगनिया, आकाश देसाई, डॉ रोशन सकपाल, एंड एक्टर एंकर कमल कुमार घिमिरे जो कि शो को होस्ट भी कर रहे थे उन्हें भी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
इनके अलावा म्यूजिक समीक्षक का अवॉर्ड राजीव विजयकर को दिया गया, साथ ही पत्रकारों में कृष्ण शर्मा, दिनेश गंभवा, रुतुल कुमार, रेस्मा सामा, विपुल राठौड़, जैयश कुमार आदि का भी सम्मान किया गया।
इस समारोह को सफल बनाने में ससी, अनंत सिंह, मेघा पिथवा, नीतू सिंह के सहयोग का आभार मानते हुए देवेंद्र खन्ना ने कहा कि इस समारोह की सफलता का सारा श्रेय मैं मेरे सहयोगियों को देता हूं उन्हीं की मेहनत से ये कार्यक्रम सफल हो पाया।
इस समारोह के अतिथि जैनब लहरी, रेवती अय्यर, मधु मंगल दास, पंडित जगदीश आचार्य ने भी समारोह की सराहना की।









