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ट्रक में से गौ मांस मिलने का मामला, व्यापारी को पकड़ने के लिए पुलिस दिल्ली रवाना

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जालंधर (वरुण): पठानकोट चौक तस्करी करके ले जाते हुए मिले गऊ के अंगों का पुलिस की देखरेख में बुलंदपुर में अंतिम संस्कार कर दिया गया। दूसरी तरफ दिल्ली की मछली मार्कीट में गौ मांस का धंधा करने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए जालंधर कमिश्नरेट पुलिस दिल्ली के लिए रवाना हो गई है।

पुलिस की मानें तो दिल्ली के व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद ही कश्मीर में गौ मांस मंगवाने वाले आरोपी की पहचान हो पाएगी। इन तीनों को कश्मीर से व्यक्ति बारे नहीं पता क्योंकि उसने जम्मू पहुंच कर फोन पर संपर्क करके लोकेशन बतानी थी जहां तीनों ने गौ मांस डिलीवर करना था। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से गौ मांस लेकर कश्मीर पहुंचाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों को 49 हजार रुपए किराए के रूप में मिलने थे।

बता दें कि बजरंग दल की टीम ने पठानकोट चौक पर ट्रैप लगा कर जे.एंड के. के ट्रक को घेर कर उसमें से गौ मांस बरामद किया था। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद ट्रक सवार 3 आरोपियों को गुस्साई भीड़ के चुंगल से छुड़वाया और थाना आठ ले गई। थाना आठ की पुलिस ने ट्रक ड्राइवर अमीर मकबूल मीर उसके साथी मासिफ फारुक और फोजान महुद्दीन मीर तीनों निवासी बारामुल कश्मीर के खिलाफ बजरंग दल के उप प्रधान अभिमन्यु घई के बयानों पर केस दर्ज करके उन्हें दो दिन के रिमांड पर लिया था।

गौ माता’ का देश है भारत, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा

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तीन राज्यों में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद डीएमके सांसद सेंथिल कुमार ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए हिंदी पट्टी राज्यों के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया था. संसद में उनके इस बयान पर जमकर हंगामा हुआ था. बीजेपी के साथ-साथ डीएमके की सहयोगी कांग्रेस ने भी उनके इस बयान की कड़ी निंदा की थी. विवाद बढ़ता देख डीएमके सांसद ने बाद में माफी मांगी

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने डीएमके सांसद डीएनवी सेंथिल कुमार को आड़े हाथ लिया है. हिंदी पट्टी राज्यों के खिलाफ विवादित बयान देने को लेकर सीएम सरमा ने डीएमके सांसद पर निशाना साधा है. सरमा ने कहा कि भारत ‘गौ माता’ देश है और यह कहना गर्व की बात है. पत्रकारों से बातचीत में असम के सीएम ने कहा कि डीएमके सासंद को भी भारत को ‘गौ माता’ देश कहना चाहिए था.
सीएम सरमा ने कहा कि हम अपने देश को ‘गौ माता’ देश कहे, इससे बेहतर और क्या हो सकता है. यह अपने आप में गर्व की बात है. भारत एक ‘गौ माता’ देश हैं. इसको लेकर विवाद करने की कोई जरूरत ही नहीं है. डीएमके सासंद को अपने प्रदेश को ‘गौ माता’ प्रदेश कहना चाहिए था. बता दें कि सेंथिल कुमार के बयान पर संसद में काफी बवाल मचा था. हालांकि, बाद में उन्होंने माफी मांग ली थी.
हिंदी बेल्ट के राज्यों का किया अपमान, बाद में मांगी माफी
डीएमके सांसद सेंथिल कुमार ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए हिंदी बेल्ट के राज्यों के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया था. संसद में उनके इस बयान पर जमकर हंगामा हुआ था. बीजेपी के साथ-साथ डीएमके की सहयोगी कांग्रेस ने भी उनके इस बयान की कड़ी निंदा की थी. विवाद बढ़ता देख डीएमके सांसद ने बाद में माफी मांगी.
उन्होंने कहा कि अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं. उन्होंने कहा कि मेरे जुबान से यह अनजाने में निकल गया. अगर इससे भावनाएं आहत होती हैं, तो मैं इसे वापस लेता हूं. बता दें कि सेंथिल कुमार ने कहा था कि बीजेपी की ताकत सिर्फ हिंदी बेल्ट के उन राज्यों में हैं, जिसे गौ…. राज्य कहते हैं.
हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में BJP को मिली प्रचंड जीत
बता दें कि तीन राज्यों में बीजेपी को मिली बंपर जीत के बाद डीएमके सांसद ने हिंदी पट्टी राज्यों के लिए यह बयान दिया था. तीन दिसंबर को आए नतीजों में बीजेपी ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पूर्ण बहुमत के साथ प्रचंड जीत हासिल की है. वहीं, तेलंगाना में कांग्रेस ने बाजी मारी. रिजल्ट आने के बाद कई नेताओं ने उत्तर और दक्षिण भारत को लेकर कई तरह टिप्पणी की है.

उत्तराखण्ड – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण

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देहरादून ,7 दिसम्बर ,आगामी 08 और 09 दिसम्बर को एफआरआई, देहरादून में आयोजित होने वाले डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों को लेकर बुधवार को कार्यक्रम स्थल का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निरीक्षण किया ।
इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर की जा रही विभिन्न व्यवस्थाओं का सम्पूर्ण जायजा लिया। साथ ही इस अवसर पर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए बनाये गये मीडिया सेंटर का उद्घघाटन भी किया।
अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य के लिए महत्वपूर्ण व बृहद समिट है। कार्यक्रम आयोजन हेतु सड़कों के मेंटेनेंस , सौन्दर्यीकरण के सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक ढ़ाई लाख करोड़ से अधिक के करार हो चुके हैं।निवेश आने से स्थानीय लोगों के रोजगार में तेजी से वृद्धि होगी। राज्य में ऐसे करारों को शीर्ष प्राथमिकता दी जा रही है, जिनसे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, कार्यवाहक डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगोली, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, एडीजी ए.पी अंशुमन, जिलाधिकारी देहरादून श्रीमती सोनिका,महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे

10 साल में एक करोड़ गाय किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य

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धनबाद। शहर में घुमंतू गायों को उनके वास्तविक घर किसान के घर पहुंचने के उद्देश्य से एकल अभियान की ओर से गोग्राम कुंभ का आयोजन धनबाद में किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश से दो हजार से अधिक लोग जुटेंगे।
तीन दिवसीय इस कुंभ का आयोजन 23, 24 और 25 दिसंबर को गोल्फ ग्राउंड और न्यू टाउन हॉल में किया जाएगा। 30 हजार किसान धनबाद पहुंचकर गोवंश संरक्षण और इनसे बनने वाले उत्पादों के बारे में विस्तार से जानेंगे। मंगलवार को धनबाद क्लब में आयोजित पत्रकारवार्ता में एकल अभियान गोग्राम कुंभ आयोजन समिति के सदस्यों ने यह जानकारी दी।
योजना में देसी नस्‍ल के गायों को बचाने का प्रयास
गोग्राम योजना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदारनाथ मित्तल ने बताया कि एकल गोग्राम योजना का अखिल भारतीय प्रथम कुंभ धनबाद नगर में होगा। एकल अभियान के ही पंचमुखी शिक्षा का एक आयाम श्रीहरि सत्संग समिति की ओर से गोग्राम योजना की शुरुआत की गई है।
इस योजना के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है कि भारतीय देसी गायों के नस्ल को कैसे बचाया जाए। किसी न किसी कारणवश गांव से देसी नस्ल के गाय-बछड़े का पलायन हो रहा है। इसके कारण एक ओर जहां हल-बैलों की खेती समाप्त हो रही है।
खेतों के लिए आवश्यक उर्वरक गोबर-गोमूत्र की कमी हो रही है। बिना दूध देने वाली बूढ़ी गायों या महानगर की गोशालाओं में अस्वाभाविक जीवन जीने को मजबूर हैं या फिर कत्लखानों में जा रही हैं।
10 साल में एक करोड़ गाय किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य
केंद्रीय अभियान प्रमुख एकल अभियान लल्लन शर्मा ने बताया कि देसी नस्ल की गाय कैसे गांव में बच सके तथा पुनः जैविक खेती पर निर्भर हो और बिना दूध देने वाली बूढ़ी गायों को भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी जीवन जीने लायक बनाया जाय, यही इस कुंभ का उद्देश्य है।
ललन शर्मा ने बताया कि अगले 10 साल में एक करोड़ गाय पूरे देशभर में किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी धनबाद, बोकारो, जामताड़ा, गिरिडीह और बंगाल में दो हजार गाय पहुंचा चुके हैं। एकल अभियान महिला समिति की सदस्य अनुराधा अग्रवाल ने बताया कि तीनों दिन गो-उत्पाद एवं अन्य चीजों की प्रदर्शनी भी लगेगी।
कार्यक्रम के प्रति जागरूकता को लेकर 17 दिसंबर को शोभायात्रा निकाली जाएगी। मौके पर महेंद्र अग्रवाला अध्यक्ष श्रीहरि गौग्राम योजना (झारखंड), केशव हडोडिया अध्यक्ष वनबंधु परिषद धनबाद चैप्टर, रविन्द्र ओझा, आयुष तिवारी उपाध्यक्ष एकल फ्यूचर, रोहित प्रसाद, सोमनाथ पूर्ति, नितिन हाड़ोदिया उपस्थित थे।

 

फेडेक्स ने हैदराबाद के टेक हब में 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का किया निवेश, नौकरी वृद्धि और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए

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हैदराबादभारत5 दिसंबर2023 – हैदराबाद के आर्थिक परिदृश्य में 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के महत्वपूर्ण निवेश को चिह्नित करते हुए, FedEx Corp. (NYSE: FDX) की सहायक कंपनी और दुनिया की सबसे बड़ी एक्सप्रेस परिवहन कंपनियों में से एक, FedEx Express (FedEx) ने अपने पहले एडवांस्ड कैपेबिलिटी कम्युनिटी (ACC)का उद्घाटन किया गया। इस माइलस्टोन में सबसे आगे डिजिटल परिवर्तन और इनोवेशन का समर्थन करने के लिए भारत में असाधारण प्रतिभा का लाभ उठाने की FedEx की प्रतिबद्धता है। लॉन्च समारोह में FedEx कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष और सीईओ राज सुब्रमण्यम और FedEx Express के अध्यक्ष और एयरलाइन और इंटरनेशनल के सीईओ रिचर्ड स्मिथ उपस्थित थे।

 FedEx ACC की कल्पना तकनीकी और डिजिटल इनोवेशन के केंद्र के रूप में की गई हैजो तकनीकी प्रतिभा के संपन्न पूल के पोषण पर तेलंगाना सरकार के रणनीतिक जोर के साथ जुड़ा हुआ है। रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के अलावायह नई क्षमताओं के विकास और दुनिया भर में FedEx संचालन की तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी योगदान देगा।

 FedEx कॉरपोरेशन के अध्यक्ष और सीईओ राज सुब्रमण्यम ने कहा, “प्रतिभा और इनोवेशन में यह निवेश उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और दुनिया भर में अद्वितीय स्मार्ट लॉजिस्टिक्स सोल्यूशन प्रदान करने की हमारी व्यापक योजना का हिस्सा है। असाधारण प्रतिभा पूल का लाभ उठाकरहम डिजिटल परिवर्तन में तेजी ला रहे हैं और अपने ग्राहकों को प्रगतिशील समाधान प्रदान कर रहे हैं।‘’

 पहला FedEx ACC कंपनी की वैश्विक रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम बन गया हैजो दुनिया भर में ऐसे समुदायों का एक नेटवर्क शुरू करता है। इसके अलावा, यह कंपनी की वृद्धि और विस्तार को बढ़ावा देगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पारिस्थितिकी तंत्र में अतिरिक्त मूल्य लाएगा।

 

गोदरेज एयर ओ किफायती लेकिन असाधारण कार फ्रेगरेंस समाधान के साथ उपभोक्ताओं के अनुभव को करता है पुनर्परिभाषित

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मुंबई, 06 दिसंबर,  2023: होम और कार फ्रेगरेंस में भारत के अग्रणी ब्रांड, गोदरेज एयर ने अपने नवीनतम नवोन्मेष, गोदरेज एयर ओ – जेल आधारित हैंगिंग कार फ्रेशनर के लॉन्च की घोषणा की।  एयर ओ एक अद्वितीय उत्पाद डिज़ाइन के साथ कार फ्रेगरेंस रेंज कार मालिकों के चलते-फिरते ताज़गी का आनंद लेने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए तैयार है। यह कारों में एक स्फूर्तिदायक और परिष्कृत सुगंध लाता है, जिससे आपकी कार में नई जैसी खुशबू आती है। यह भारत में 99 रुपये की आकर्षक कीमत पर पहला ब्रांडेड हैंगिंग कार फ्रेगरेंस है।
 भारत में कार के स्वामित्व का रुझान 9% सीएजीआर से बढ़ रहा है और किफायती कार खंड (हैचबैक, मिनी-एसयूवी, सेडान)की बाज़ार में 55-60% हिस्सेदारी है।  भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले एयर फ्रेशनर ब्रांड गोदरेज एयर ने कार फ्रेगरेंस श्रेणी में अपार संभावनाओं की पहचान की है। लगभग 30% बाज़ार में प्रवेश के साथ, यह श्रेणी विकास के लिए महत्वपूर्ण गुंजाइश प्रस्तुत करती है क्योंकि 70% अभी भी किसी भी कार फ्रेशनर का उपयोग नहीं करते हैं।
लोग बड़े पैमाने पर ब्रांडेड कार फ्रेशनर का उपयोग नहीं करते हैं क्योंकि उनकी कीमत काफी अधिक होती है। इस वजह  से, कुछ लोग बिना ब्रांड वाले कार फ्रेशनर का उपयोग करते हैं, जो शायद ही गुणवत्ता और अनुभव के वांछित मानकों को पूरा करते हैं और जबकि कुछ लोग कार में बाथरूम फ्रेशनर लटका लेते हैं।
गोदरेज एयर ने एक किफायती लेकिन बेहतर गुणवत्ता वाले कार खुशबू फ्रेगरेंस की आवश्यकता को पहचाना है। गोदरेज एयर ओ, कार फ्रेगरेंस श्रेणी में 10 साल से अग्रणी, एक नवोन्मेषी जेल मेम्ब्रेन  टेक्नोलॉजी का दावा करता है, जो सुगंध का रैखिक और निरंतर प्रसार सुनिश्चित करता है। यह अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, हैंगिंग फॉर्मेट के साथ मिलकर एक सुसंगत और सुखद सुगंध प्रदान करती है, जो 30 दिनों तक बनी रहती है। इसका बिल्ट-इन एंड ऑफ लाइफ (खत्म होने की अवधि का) संकेतक आपको बताता है कि यह कब खत्म होगा। गोदरेज एयर ओ तीन वेरिएंट – मस्क आफ्टर स्मोक, रोज़ ब्लॉसम और कूल एक्वा – में आता है और हरेक अलग-अलग प्राथमिकताओं और मूड के अनुरूप है, जिससे ड्राइविंग का अनुभव बढ़ता है और कार के भीतर ताज़गी का माहौल बन जाता है।
इस उत्पाद के लॉन्च के बारे में, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल)के कैटेगरी लीड – एयरकेयर एंड हाइजीनशिवम सिंगल ने कहा, “गोदरेज एयर ओ उपभोक्ताओं  के  अनुभव को पुनर्परिभाषित करने की हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जैसे-जैसे कार के स्वामित्व का परिदृश्य विकसित होता है , हम एक किफायती लेकिन असाधारण कार फ्रेगरेंस समाधान की ज़रूरत को पहचान रहे हैं। गोदरेज एयर ओ के साथ, हम न केवल यात्रा का अनुभव बेहतर बना रहे हैं, बल्कि कार सुगंध खंड में सामर्थ्य का एक नया मानक भी स्थापित कर रहे हैं। गोदरेज एयर ओ एक ऐसा नवोन्मेष है जिससे उपभोक्ताओं के कार चलाने के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ इस श्रेणी को अपनाए जाने को बढ़ावा देगा।”
 इस नवोन्मेष और श्रेणी पर  अपनी टिप्पणी     गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल)के केटेगरी डायरेक्शन एंड डेवलपमेंट के ग्लोबल हेड – एयर केयरकर्ण बवारी ने कहा, “वैश्विक स्तर पर, कार एयर फ्रेशनर के लिए वॉल्यूम बढ़ाने वाला हैंगिंग फॉर्मेट है। यह ऐसा रुझान है, जिसने लगता है भारत में भी अपनी पकड़ बना ली है। हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गैर-ब्रांडेड विकल्पों का वर्चस्व है जो या तो सुगंध का सही

फिर से कांग्रेस के निशाने पर ईवीएम

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(राकेश अचल -विभूति फीचर्स)
भारत में विमर्श के लिए राजनीति के अलावा और कोई मुद्दा खड़ा ही नहीं हो पाता । भाजपा की तीन राज्यों में  प्रचंड विजय के बाद अब चुनाव में इस्तेमाल की जाने वाली इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन यानि ‘ ईवीएम ‘ एक बार फिर से कांग्रेस के निशाने पर है ।  आप यह भी कह सकते हैं कि ईवीएम विपक्ष के निशाने पर है। लेकिन सवाल ये है कि ईवीएम क्या सचमुच भारत की निर्वाचन  प्रक्रिया को दूषित कर रही है या उसे यूं ही बदनाम किया जा रहा है ?
ईवीएम की कहानी बड़ी दिलचस्प है ।  ईवीएम का जन्म कांग्रेस के शासनकाल में हुआ और अब यही ईवीएम कांग्रेस के लिए भस्मासुर बन गयी है।   भारत में  इलेक्ट्रोनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (बैंगलोर) और भारत इलेक्ट्रानिक्स (हैदराबाद) द्वारा 1989 में ईवीएम को बनाने की शुरुआत हुई थी। तब इसे एक साहसिक कदम माना जा रहा था।  प्रयोग के तौर पर इस ईवीएम का इस्तेमाल सबसे पहले  केरल के उत्तर पारावुर विधानसभा के 50 मतदान केंद्रों में हुए उपचुनाव में किया गया। कांग्रेस सरकार ने ही साल 2004 से सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए  इस मशीन का इस्तेमाल शुरू किया।
ईवीएम उस जमाने में आयी जब मतदान कागज की पर्चियों पर होता था। उस समय राजनीति में बूथ   कैप्चरिंग  सबसे बड़ी समस्या थी ।  ईवीएम  का विकास शायद इसी बुराई को दूर करने के लिए किया गया था।ईवीएम की खास बात यह है कि इससे बूथ कैप्चरिंग काफी मुश्किल है ,क्योंकि एक ईवीएम एक मिनट में सिर्फ 5 वोट ही दर्ज कर सकती है । एक ईवीएम में अधिकतम 2000 वोटों को रिकार्ड किया जा सकता है,और एक ईवीएम में नोटा सहित अधिकतम 64 उम्मीदवारों के नाम अंकित किए जा सकते है।  ख़ास बात ये  है कि ईवीएम को चलाने के लिए बिजली की जरूरत नहीं होती है,यह बैटरी से चलती है। मजे की बात ये है कि ईवीएम लाने वाली कांग्रेस ने ही सबसे पहले इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाये लेकिन फिर भी ईवीएम को बदला किसी ने नही।  ईवीएम पिछले 20  साल में अनेक चुनाव करा चुकी है ।  ईवीएम प्रायःसभी राजनैतिक दलों के निशाने पर रही है ।  ईवीएम पर सबसे बड़ा आरोप है कि उसे ‘ हैक ‘ किया जा सकता है।
जहाँ तक मुझे याद है कि 19 मई, 1982  को परवूर विधानसभा में ईवीएम से चुनाव कराये गए थे।  मुकाबला  सीपीआई के प्रत्‍याशी सिवन पिल्लई और कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्‍यक्ष एसी जोज़ के बीच था। सीपीआई के सिवन पिल्‍लई ने कांग्रेस के एसी जोज़ को हरा दिया था।  पिल्‍लई को 30,450 वोट मिले थे, जबकि जोज़ को 30,327। अंतर बहुत कम था।  इसके बावजूद कांग्रेस ने ईवीएम पर  सवाल उठाए। जोज़ ने हार नहीं मानीं। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। तब शिकायत ईवीएम हैक करने की नहीं थी तब जॉज की शिकायत थी कि  बिना संसदीय अनुमति के चुनाव आयोग ने इलेक्‍शन में ईवीएम का इस्‍तेमाल किया।  हालांकि कोर्ट ने जोज़ की याचिका को खारिज कर दिया, पर वो रुके नहीं।  मामला सुप्रीम कोर्ट में लेकर गए। सुप्रीम कोर्ट ने परवूर विधानसभा के उन 50 बूथों पर बैलट पेपर के जरिए दोबारा मतदान कराने के आदेश दिए।इतना ही नहीं, दोबारा हुए चुनाव में जोज़ दो हजार मतों के अंतर से चुनाव भी जीत गए। यानि ईवीएम कोर्ट में हार गयी। सुप्रीम कोर्ट के 1984 में आए आदेश के बाद चुनाव आयोग ने ईवीएम के इस्‍तेमाल पर  रोक लगा दी।  हालांकि बाद में संसद ने ईवीएम को वैध बनाने के लिए अपने अध‍िनियम में संशोधन किया और 1998 से विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इसका इस्‍तेमाल किया जाने लगा।
पिछले दो दशकों में देश का ऐसा कोई राजनीतिक दल नहीं है जिसने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े न किये हो ।  आज  सत्तारूढ़ भाजपा हो या सत्ता से बाहर बसपा ,सपा ,जेडीयू हो या कांग्रेस सबको ईवीएम संदिग्ध लगती है।
     अब स्थिति ये है कि ईवीएम  की जन्मदात्री कांग्रेस को ही ईवीएम पर भरोसा नहीं है ।अब नए सिरे से ईवीएम पर रोक की मांग की जाने लगी है। तर्क दिए जाने लगे हैं कि ईवीएम न सिर्फ हैक हो रही है बल्कि इससे मतदान की गोपनीयता भी भंग हो रही है । मतदाता की जान को खतरा बढ़ रहा है ,क्योंकि अब प्रत्याशी को बूथ के हिसाब से मतों की गणना का आंकड़ा मिल रहा है। मतदाता की पहचान आसान हो गयी है।  मतपत्रों से चुनाव के वक्त ऐसा सम्भव नहीं था क्योंकि सब मतपत्र गड्डमड्ड कर दिए जाते थे।
मुझे लगता है कि ईवीएम को लेकर देश में एक बार फिर से बवाल होगा । शायद मामला अदालत तक भी जायेगा। फिर इसे बंद कर पुरानी प्रक्रिया पर लौटने की बात की जाएगी ,सैकड़ों तर्क दिए जायेंगे,प्रमाण दिए जायेंगे     ये बात सही है कि भारत जैसे विशाल देश में चुनाव प्रक्रिया की शुचिता और निष्पक्षता को बनाये रखने के लिए ईवीएम पर उठ रहे सवालों के उत्तर मिलने  चाहिए,क्योंकि इससे लोकतंत्र की पवित्रता का मामला भी बाबस्ता है। बार-बार कहा जाता है कि दुनिया के तमाम  बड़े लोकतांत्रिक देशों में मशीन का इस्तेमाल चुनाव में नहीं किया जाता तो भारत में इसकी क्या जरूरत है ?भारत में भी अमेरिका की तरह कागज के मतपत्रों से ही चुनाव होना चाहिए पर यह भी सभी को मानना पड़ेगा कि ईवीएम के उपयोग से बूथ कैप्चरिंग पर तो रोकथाम लगी है।
चुनाव प्रक्रिया से ईवीएम का विस्थापन  आसान भी नहीं है क्योंकि इसके अनेक फायदे भी गिनाए जा सकते हैं।
यदि देश में एक राष्ट्र ,एक चुनाव हुए तो कहा जाता है कि देश  के चुनाव आयोग को  लगभग 30 लाख कंट्रोल यूनिट, लगभग 43 लाख बैलेट यूनिट और लगभग 32 लाख वीवीपीएट की आवश्यकता होगी।लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए लगभग 35 लाख वोटिंग यूनिट (कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीवीपीएटी यूनिट) की कमी है।एक साथ चुनाव कराने पर विचार-विमर्श तेज होने के बीच निर्वाचन आयोग ने कुछ महीने पहले विधि आयोग को सूचित किया था कि उसे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को रखने के लिए पर्याप्त भंडारण सुविधाओं की भी आवश्यकता होगी।(विभूति फीचर्स)

रॉनी रॉड्रिग्स अपने स्टाफ को लंदन दौरा कराके दिया सबसे बड़ा दिवाली उपहार !

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मुम्बई। रौशनी के त्योहार दिवाली के दौरान बहुत सारे बिजनेसमैन अपने कर्मचारियों को अच्छे-अच्छे तोहफे देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी किसी कंपनी के मालिक के बारे में सुना है जो अपने कर्मचारियों को दिवाली के उपहार के रूप में विदेश के दौरे का पूरा खर्चा देता हो? तो आपको बता दें कि पर्ल ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक और सीएमडी रॉनी रोड्रिग्स अपने कर्मचारियों, जिनमें ऑफिस बॉय, चौकीदार, ड्राइवर, सुरक्षा कर्मचारी आदि शामिल हैं, को साल में कम से कम एक बार विदेशी दौरे का उपहार देते रहे हैं।
दिवाली के दौरान रॉनी रॉड्रिग्स धीरज हेरिटेज परिसर (जहां उनकी कंपनियों के समूह का हेड ऑफिस स्थित है) में सफाई कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और छोटे कर्मचारियों को मिठाई, मेवे, उपहार और नकदी वितरित करना सुनिश्चित करते है। इसके अलावा उनके पूरे स्टाफ को विदेश यात्रा के रूप में अच्छा बोनस मिलता है। रॉनी रोड्रिग्स सभी के हवाई टिकट, वीजा, होटल आवास आदि की व्यवस्था करते है। इस दिवाली पर सारा स्टाफ यूनाइटेड किंगडम की राजधानी लंदन चला गया। वह भी सभी के साथ यात्रा करते हैं और उसी होटल में रुकते हैं, अक्सर पांच सितारा होटल में। चूंकि कई लोग यूरोपीय भोजन को पसन्द नहीं करते हैं, इसलिए वह रसोई सुविधाओं के साथ कमरे बुक करना सुनिश्चित करते हैं, जहां लोग अपनी पसंद का भोजन पका सकते हैं। ये कमरे एक ओवन, एक वॉशिंग मशीन, बर्तनों के साथ खाना पकाने की रेंज आदि से सुसज्जित हैं। और ध्यान रखें, इन कमरों की कीमत अन्य कमरों की तुलना में अधिक है।
इस ट्रिप के दौरान वह सभी को लंदन आई सहित दर्शनीय स्थलों की यात्रा पर ले गए। आखरी लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि रॉनी रॉड्रिग्स ने अपने खर्च पर प्रत्येक व्यक्ति के लिए खरीदारी की व्यवस्था की। इस बात पर यकीन करना मुश्किल है लेकिन ये सच है। क्या किसी को पता है, कोई मालिक अपने कर्मचारियों के लिए इतना कुछ कर रहा है? रॉनी रोड्रिग्स निश्चित रूप से खुशियाँ बाँटना पसंद करते हैं और उन्हें आसानी से आधुनिक समय का कर्ण कहा जा सकता है!

गौ माता को राष्ट्रमाता बनाने की मांग के साथ नगर से वृंदावन और फिर दिल्ली तक पदयात्रा कर नगर लौटे विपुल शर्मा का स्वागत हुआ

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सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। बिलासा की माटी का एक बेटा गौमाता की सुरक्षा और गौ वंश उन्नयन के लक्ष्य को लेकर नगर से पैदल चला है। इनका एक ही ध्येय है एक ही जूनून की गौमाता को राष्ट्रमाता का मान मिले। लगभग दो माह से भी कुछ अधिक की इस पैदल यात्रा मे प्रतिदिन पचीस से तीस किलोमीटर चलते हुए गौमाता का यह सेवक सच्चे अर्थो मे गौपुत्र, देश की राजधानी दिल्ली तक जा पहुंचा. रास्ते में मिलने वाले हर छोटे बड़े कस्बे गांव नगर महानगर मे जो भी मिला सभी को गौ रक्षा के लिए प्रेरित किया गौमाता को राष्ट्रमाता का स्थान आधिकारिक रूप से मिल सके इसके लिए जागरूक किया. निश्चित ही राजधानी मे बैठे सत्ताधीशों को भी यह समझ मे आ गया होगा की गौमाता के लिए ऐसे भी बेटे है जो 14 सौ किलोमीटर पैदल यात्रा करके जन मन को प्रेरित कर सकते है तो समय आने पर उनको लेकर एक आंदोलन भी खड़ा कर सकते है.
निश्चित ही भाई विपुल शर्मा साधुवाद के पात्र है जिन्होंने इस तथाकथित आधुनिक युग मे जहाँ इंसान पान खाने जाने के लिए भी दोपहिया का उपयोग करता है उस सुविधाभोगी युग मे गौमाता के लिए बिलासपुर से दिल्ली तक की दुरी को पैदल ही नाप दिया. उनके इस संकल्प शक्ति उनकी दृढ़ता को, गौमाता के प्रति उनकी भक्ति और समर्पण को हम सभी की ओर से प्रणाम और साधुवाद और ढेर सारा स्नेह . प्रभु उनकी इस ऊर्जा शक्ति और गौ प्रेम को बनाये रखे और उसमे विपुल वृद्धि करें यही मंगलकामना हम सभी सामाजिक बंधुओ की ओर से है..
भाई विपुल अपनी पदयात्रा का संकल्प पूर्ण करके वे गत शनिवार 2 दिसम्बर को शहर पहुँचे। जहां उनका स्वागत महामाया चौक पर व्यापारी संघ प्रकाश पुरोहित विष्णु पुरोहित नानू भाई, ओमेश बिसेन द्वारा किया गया एवं राजे सेवा समिति आनंद मानिक नरेंद्र यादव, अजीत माणिक, एवं उनकी पूरी टीम ने किया हुंडई चौक पर अंकित तिवारी शिवांश शुक्ला आकाश मिश्रा आकाश दुबे ने स्वागत किया ।मानवता टीम और आश्रय निष्ठा टीम के प्रिंस वर्मा, अरुनीमा मिश्रा, अभिषेक ठाकुर, मनोज सोनी, सरकंडा पुल पर स्वागत किया। एवं देवकीनंदन चौक पर पार्षद राजेश सिंह बबलू कश्यप , राजीव शर्मा, अमित तिवारी एवं व्यापारी संघ अमर तीर्थनी प्रदीप शर्मा ने किया सिम्स चौक पर प्रप्नन मिश्रा , गोपाल कृष्ण, शत्रुघ्न दास , बाबा शर्मा, करण गोयल, विकास, शैलेंद्र जायसवाल अमित खंडेलवाल, आदर्श शर्मा, ठाकुर, राम सिंह, महेन्द्र जायसवाल, गोलबाजार हिमांशु गुप्ता, बंटी गुप्ता, पवन शर्मा, सुधांशु, हिमांशु शर्मा, राजेंद्र सिंह, आकाश कचवाहा, पुष्पदंत शर्मा, महेंद्र सिंह, संदीप शर्मा, रवि ताम्रकार महेश अग्रवाल ने उनका स्वागत किया। इस पदयात्रा पर नगर लौटे विपुल शर्मा और रवि ताम्रकार का भव्य स्वागत नगर की जनता ने किया एवं विपुल शर्मा ने बताया कि चारों पीठ के शंकराचार्य महाराज ने गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान मिले इसके लिए धर्म संसद पर उन्होंने गौ माता राष्ट्र माता घोषित हो ऐसा धर्म संसद पर उन्होंने पारित किया एवं चार माह का समय सरकार को शंकराचार्य भगवान ने दिया है की गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान सरकार देवे संपूर्ण भारत से गौ हत्या बंद करें चार माह तक सभी साधु संत पूरे भारतवर्ष पर आंदोलन खड़ा करेंगे गौमाता राष्ट्रमाता घोषत हों इसके लिए जन जागरण अभियान चलाया जाएगा ।

अमृतांजलि आयुर्वेद कंपनी को उद्योग रत्न पुरस्कार

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Mumbai – मुंबई – अँधेरी के वर्सोवा आर्किड इंटरनेशनल स्कूल में वाग्धारा द्वारा आयोजित उद्योग रत्न सम्मान समारोह में अमृतांजलि आयुर्वेद कंपनी को उद्योग रत्न पुरस्कार से महाराष्ट्र में उद्योग मंत्री श्री नारायण राणे के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया है। इस समारोह में ‘ वेस्ट बंगाल के राज्य मंत्री श्रीकांत महतो , शालिनी ठाकरे , फ़िल्मकार राज बुंदेला ,अभिनेता कारन राजदान आदि मौजूद थे।
इस सम्मान को पा कर अमृतांजलि आयुर्वेद कंपनी के प्रबंधक धीरज यादव कहते है कि -”  हमारे लिए यह बहुत ही गौरव का विषय है कि पूरे भारत में MSME के तहत आयोजित कार्यक्रम में एग्रो फ्रूट इंडस्ट्री में से केवल 30 कंपनियों का ही चयन हुआ है जिसमें से अमृतांजलि आयुर्वेद एक है .
अमृतांजलि आयुर्वेद एक प्रतिष्ठित कंपनी है जो कि आयुर्वेद हब्स जैसे कि अश्वगंधा सर्पगंधा शतावरी मोरिंगा एलोवेरा आदि जड़ी बूटियां को उगाकर उनका उत्पाद बनाती है
अमृतांजलि आयुर्वेद कंपनी विगत कई वर्षों से कृषि जगत में अपनी सेवा प्रदान करती आ रही है विगत कई वर्षों से किसानों को खेती की नई-नई तकनीकी जानकारी देना साथी किसानों से जो उनकी फसल का उत्पादन आता है उसे बाजार में न बचकर स्वयं का उद्योग लगाने के लिए एवं सफल कार्यशालाओं का भी आयोजन करती आ रही है अमृतांजलि आयुर्वेद द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने और उन्हें एक उद्यमी बनने में उनकी मदद करती है .
अमृतांजलि आयुर्वेद युवा पीढ़ी को स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने एवं उन्हें प्रेरित करने के लिए उन्हें कच्चा माल सही रेट में उपलब्ध करवाती है तथा उन्हें मशीनों की सही जानकारी प्रदान करती है .