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गणतंत्र दिवस – ग्रामीण विकास से ही राष्ट्र का विकास सम्भव

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गणतंत्र दिवस
ग्रामीण विकास से ही राष्ट्र का विकास सम्भव
रवीन्द्रनाथ शुक्ल – विभूति फीचर्स

भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहां की लगभग 80 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर आधारित होने के कारण गांवों में
निवास करती है। इस कारण भारतीय सभ्यता और संस्कृति के सच्चे दर्शन हमें गांवों में ही प्राप्त होते हैं। स्वतंत्र
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने एक बार कहा था कि 'भारत की आत्मा गांवों में निवास करती है।‘
इस प्रकार ग्राम हमारे राष्ट्रीय जीवन के आधारभूत स्तम्भ हैं। भोजन के लिए अन्न तथा कारखानों के लिए कच्चा
माल हमें ग्रामों से ही प्राप्त होता है। भारतीय कृषकों के खेतों पर ही हमारी सम्पूर्ण अर्थ-व्यवस्था का निर्माण हुआ है
और भारत की अविरल धन-सम्पदा का सबसे बड़ा साधन कृषि’ ही है। इसलिए देश की सुख और समृद्धि गांवों की
उन्नति पर निर्भर करती है। गांव यदि सुखी होंगे तथा उन्नत अवस्था को प्राप्त होंगे तो राष्ट्र भी प्रगति कर सकेगा
अन्यथा ग्रामों की उपेक्षा करते हुए राष्ट्र का आर्थिक विकास सम्भव नहीं। यह बड़े खेद का विषय है कि जिन ग्रामों पर
हमारे राष्ट्र की आर्थिक व सामाजिक उन्नति निर्भर करती है, उनकी दशा अत्यंत दयनीय है। गांवों को हमने सर्वथा
भुला दिया है। शिक्षा की दृष्टि से, सभ्यता की दृष्टिï से तथा औद्योगिक विकास की दृष्टि से वे बहुत पिछड़े हुए हैं।

सामाजिक कुरीतियों ने ग्रामों को अपना केंद्र बना लिया है। इस देश में गांवों की संख्या लगभग 7 लाख है। अत:
भारतवर्ष की उन्नति के लिए ;ग्रामीण विकास की समस्या सबसे बड़ी समस्या है। इस समस्या के समाधान पर ही
भारतवर्ष जैसे विकासशील विकास सम्भव है।

प्राचीनकाल में ग्राम्य जीवन सुन्दरता से परिपूर्ण था। प्राकृतिक दृश्यों की सुषमा, स्वास्थ्यप्रद वातावरण, सात्विक
प्रेम, त्यागमय जीवन और निष्कपट व्यवहार की दृष्टि से ग्राम्य जीवन एक आदर्श था। जैसा कि एक कवि ने इस
भाव को अपनी इन पंक्तियों में व्यक्त किया है:
अहा! ग्राम्य जीवन भी क्या है।
क्यों न इसे सबका मन चाहे।
भारतीय ग्राम आधुनिक जीवन की नींव है। भारतीय किसान स्वयं आधा पेट भोजन कर करोड़ों मनुष्यों के लिए अन्न
उत्पन्न करता है। इस प्रकार भारतीय कृषक की महत्ता को राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ने इन पंक्तियों में व्यक्त
किया है:-
बरस रहा है रवि अनल,
भू-तल तवा-सा जल रहा।
है चल रहा सन-सन पवन,
तन से पसीना ढल रहा॥
देखो कृषक शोणित सुखाकर,
हल तथापि चला रहे।
किस लोभ में इस आंच में,
वे निज शरीर जला रहे॥
परंतु इतना सब कुछ होते हुए भी भारतीय कृषक का जीवन दरिद्रता तथा दैन्यता का जीवन है। आपत्तियों तथा संकटों
में उसका जीवन पलता है। उसकी सारी कमाई ऋण चुकाने में व्यय हो जाती है। सच तो यह है कि उसका जन्म ऋण
में होता है, ऋण में ही उसका पालन होता है और ऋण में ही उसकी जीवन लीला समाप्त हो जाती है। उसके जीवन में
आमोद-प्रमोद और अमन-चैन के सुख साधनों का सर्वथा अभाव रहा है। यही कारण है कि 'पंतजी’ को आधुनिक ग्राम
मानव लोक’ से भी नहीं लगते हैं:

यह तो मानव लोक नहीं रे,
यह है नरक अपरिचित।
यह भारत की ग्राम सभ्यता,
संस्कृति से निर्वासित॥
अकथनीय क्षुद्रता विवशता,
भरी यहां के जग में।
गृह-गृह में कलह, खेत में
कलह, कलह है मग में॥

भारतीय कृषक की कुछ समस्याएं ऐसी हैं, जिनका निराकरण किए बिना उनका जीवन उन्नतिशील नहीं हो सकता।
भारतीय किसानों की दयनीय अवस्था का मूल कारण अशिक्षा है। शिक्षा के अभाव में भारतीय कृषक कृषि के
आधुनिक तथा वैज्ञानिक तरीकों से अपरिचित रहते हैं। पुरानी परिपाटी की अवैज्ञानिक ढंग की खेती आज के भारत के
लिए उपयुक्त नहीं है। अशिक्षा के कारण ही ग्रामीणों में सामाजिक कुरीतियां बहुत देखी जाती हैं। अंधविश्वास उनमें
कूट-कूटकर भरे होते है। अधिकांश ग्रामीण तिथि-नक्षत्र आदि देखकर ही बीज बोते तथा फसल काटते हैं। विवाह, मृत्यु
भोज आदि में वे अपना धन पानी की तरह बहाते है और कर्ज को निमंत्रण देते हैं। वे मुकदमेबाजी में अपना धन तथा
समय का अपव्यय करते है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण कृषक देश-विदेश की परिस्थिति से अनभिज्ञ रहते हैं। उनके
लिए गांव ही सम्पूर्ण विश्व है। इस प्रकार मुख्य रूप से अशिक्षा के कारण ही हमारे ग्राम पिछड़े हुए हैं। अत: यदि शिक्षा
का प्रचार और प्रसार किया जाए तो निश्चित ही भारतीय ग्राम उन्नत अवस्था को प्राप्त होंगे।

अशिक्षा को दूर करने तथा शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए गांवों में दो प्रकार के स्कूल खोले जाने चाहिए। एक प्रकार के
स्कूलों में बालकों व बालिकाओं को शिक्षा दी जानी चाहिए तथा दूसरे प्रकार के स्कूलों में रात्रि में युवाओं तथा वृद्धों
को शिक्षा दी जानी चाहिए, क्योंकि वे दिनभर कृषि कार्यों में लगे रहते है। बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए भी नारी-
शिक्षा का उचित प्रबंध किया जाना चाहिए। यद्यपि यह हर्ष का विषय है कि हमारी सरकार इस ओर खूब ध्यान दे रही
है, तथापि हमारे पिछड़े हुए ग्रामों के लिए शिक्षा प्रसार की दर अत्यंत मंद है। इसे और तेजी से लागू किया जाना
चाहिए।

भारतीय कृषकों की दूसरी प्रमुख समस्या स्वच्छता एवं स्वास्थ्य की है। अधिकांश कृषकों के परिवार गंदे घरों में
निवास करते हैं। कृषकों के बालक अनेक रोगों से पीडि़त रहते हैं और चिकित्सा के अभाव में अकाल मृत्यु को प्राप्त

होते हैं। वर्षा ऋतु में तो गांव की गंदगी बहुत बढ़ जाती है। जगह-जगह कीचड़ हो जाता है और गंदे जल से छोटे-छोटे
गड्ïढे भर जाते है।

गोबर और कूड़े के ढेरों से भी वातावरण प्रदूषित होता है। सचमुच वर्षाकाल में गांव गंदगी की मूर्ति हो जाते हैं। इस
समय असंख्य मक्खियां और मच्छर पैदा होकर गंदगी को चारों ओर फैलाते है। प्रतिवर्ष गांवों में वर्षा ऋतु के बाद
मलेरिया जोर पकड़ लेता है। ग्रीष्म ऋतु में हैजा का प्रकोप रहता है। इस प्रकार पर्यावरणीय प्रदूषण के कारण गांवों में
अनेक प्रकार की बीमारियां फैलती रहती हैं। अतएव प्रदूषण के निदान के लिए यह आवश्यक है कि गांवों में कूड़ादानों
की व्यवस्था की जानी चाहिए, वृक्षों के कटाव पर प्रतिबंध लगाने, गोबर गैस प्लान्ट को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
औषधालयों एवं पशु चिकित्सालयों आदि की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए।
शिक्षा एवं पर्यावरणीय प्रदूषण की समस्या के समाधान पर ही गांवों का विकास नहीं हो सकता। ग्रामीण विकास के
लिए कुटीर एवं लघु धंधों का पुनरुत्थान आवश्यक है। भारतीय कृषक वर्ष में लगभग चार माह तक खाली रहते हैं। इस
लम्बे समय को वे व्यर्थ नष्टï कर डालते हैं। यदि वे इस समय में किसी लघु या कुटीर धंधे को अपना लें तो उनकी
आय में काफी वृद्धि हो सकती है और वे अपने ऋण भार को काफी हल्का कर सकते हैं। मत्स्य पालन, मुर्गी पालन,
मधुमक्खी पालन, रेशम के कीड़े पालना, रस्सियां बांटना, चटाईयां बनाना आदि अनेक ऐसे व्यवसाय हैं, जिनको
अपनाकर किसान अच्छी खासी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार कुटीर एवं लघु उद्योग धंधों के माध्यम से
उनका जीवन सुखमय एवं शांतिमय बन जाता है।

आज के कृषक जरा-जरा सी बातों पर एक-दूसरे से झगड़ा कर न्यायालयों की शरण लेते हैं, जिसके परिणामस्वरूप
उनकी पसीने की कमाई व्यर्थ में जाती है। उनके बीच वैमनस्यता फैलती है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चला करती है। अत:
ग्राम पंचायतों एवं ब्लॉक प्रमुखों आदि को न्याय करने का विशेषाधिकार दिया जाना चाहिए ताकि ग्रामों की छोटी-
छोटी समस्याओं तथा आपसी मनमुटाव का अन्त करके ग्रामीणों में मानवता का संचार किया जा सके। इन सब
व्यवस्थाओं के अतिरिक्त ग्रामीण विकासार्थ हरितक्रांति, गहन कृषि, लघु एवं कुटीर उद्योग धंधों का पुनरुत्थान,
अच्छे बीज की व्यवस्था, पशु चिकित्सालयों की स्थापना, उर्वरक विक्रय केंद्रों की स्थापना, सहकारी संगठनों का
निर्माण, पशुओं की नस्ल सुधार, प्रौढ़ शिक्षा एवं नारी शिक्षा को और भी प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए तथा अन्य
सुविधाएं ग्रामीण निवासियों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वे न्यूनतम लागत पर अधिकतम उत्पादन प्राप्त
कर सकें। ग्राम हमारे राष्टï्रीय जीवन की आत्मा हैं। अत: बिना ग्रामीण विकास के राष्टï्र का विकास संभव नहीं है।
इस प्रकार हमें भारतीय गांवों के विकास में तन,मन,धन से यथाशक्ति आगे आना चाहिए। गांवों की उन्नति ही
राष्टï्र के भविष्य को उज्ज्वल और मंगलमय बना सकती है। (विभूति फीचर्स)

26 जनवरी और भारत

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26 जनवरी और भारत
कृष्ण कुमार मिश्र अचूक’ – विभूति फीचर्स

* 26 जनवरी 1530 को बाबर की मृत्यु हुई।
* 26 जनवरी 1539 को शेरशाह ने हुमायूं को परास्त किया।
* 26 जनवरी 1554 को जहांगीर का जन्म हुआ।
* 26 जनवरी 1730 को नादिरशाह की सेना ने दिल्ली में प्रवेश किया।
* 26 जनवरी 1778 को टीपू सुल्तान की अंग्रेजों से जंग हुई।
* 26 जनवरी 1802 को भारत की जापान से संधि हुई।
* 26 जनवरी 1867 को स्वेज नहर बनकर तैयार हुई।
* 26 जनवरी 1869 को बम्बई के हाई कोर्ट की इमारत तैयार हुई।

* 26 जनवरी 1876 को कोलकाता से प्रथम ट्रेन बम्बई गई।
* 26 जनवरी 1881 को कोलकाता, बम्बई, मद्रास के टेलीफोन चालू
हुए तथा इसी दिन भारत में कोलकाता से बम्बई तक सुचारू रूप
से ट्रेन चालू की गई।
* 26 जनवरी 1884 को बी.बी.सी. रेडियो स्टेशन तैयार हुआ
था। (विभूति फीचर्स)

जब हमने स्वीकार किया अपना संविधान

छत्तीस जनवरी 'पचास’ का था शुभ विहान
जब हमने था स्वीकार किया अपना संविधान।
गणतंत्र दिवस अति पुनीत पर्व हमारा
जिसने दी मोड़ देश के इतिहास की धारा

यह एक है दुनिया का सही श्रेष्ठ संविधान
जिसने दी है दिशा हमें और लक्ष्य एक महान॥
गंतव्य बहुत दूर है टेढ़ा है रास्ता
उलझन भरी दुनियां से भी रखना है वास्ता॥
चलना है सदा आगे हमें खुद को बचा के
दुनिया को भाई-चारे की शुभ राह दिखा के॥

आपस के भेदभाव भुला सबका साथ दें
हर धर्म, क्षेत्र, भाषा और संस्कृति को साथ ले॥

आओ करें संकल्प कि हम जो जहां जिये
मेहनत करें, सद्भाव रखे, देश के लिये
मेहनत औ प्रेम सहित जहां ज्ञान रहेगा
सब कुछ वहां , विकास औ सम्मान रहेगा॥
कहता ये तिरंगा है जो कौमी निशान है
भारत की आन-बान शान संविधान है॥
(विभूति फीचर्स)

प्रथम विश्वयुद्ध के नायक राइफलमैन गब्बर सिंह नेगी की वीरता और बलिदान पर आधारित

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मुंबई  : निर्देशक-अभिनेता अविनाश ध्यानी की फ़िल्म  ‘वीसी 571’ का पहला लुक जारी किया है। प्रथम विश्व युद्ध में अपने कौशल का पराक्रम दिखाने वाले गब्बर सिंह नेगी की जीवन पर आधारित ‘वीसी 571’ में  प्रथम विश्व युद्ध के राइफलमैन गब्बर सिंह नेगी की वीरता और बलिदान को दिखाया है ।
    यह फिल्म एक एक्शन-वॉर ड्रामा है। इस फिल्म में प्रथम विश्व युद्ध में वीरगति प्राप्त , बलिदान देने वाले शूरवीर वीरों को दर्शाया गया है | दर्शकों को फ़िल्म में रोमांच से भरा कथानक देखने  को मिलेगा । यूरोप की धरती पर लड़े गए 1914 के प्रथम विश्व युद्ध  की वीरता पूर्ण प्रदर्शन के बाद से गढ़वाल राइफल को रॉयल गढ़वाल राइफल की उपाधि से सम्मानित किया । इस युद्ध के बाद
    अंग्रेजो द्वारा गोरखा और पहाड़ी (गढ़वाल ) सैनिकों को मार्शल स्तर के सैनिक का सम्मान दिया जाना शुरू हो गया ।  अविनाश ध्यानी पहले भी भारत चीन के 1962 के युद्ध पर आधारित 72 Hours: Martyr Who Never Died का निर्देशन और मुख्य नायक की भूमिका निभा चुके हैं और फ़िल्म को दर्शकों द्वारा बहुत पसंद किया गया था ।
      अविनाश फिल्म में निर्देशक और मुख्य अभिनेता दोनों की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म और अपने किरदार के बारे  में अविनाश  ने कहा कि , “वीसी 571′ में, हम गढ़वाल राइफल्स के एक प्रतिष्ठित सैनिक  वीसी राइफलमैन गब्बर सिंह नेगी के जीवन के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। यह फिल्म प्रथम विश्व युद्ध के गुमनाम नायकों को श्रद्धांजलि स्वरूप है और यह उनकी कहानियों को सामने लाने का मेरा प्रयास है।”
फ़िल्म में गब्बर सिंह नेगी की पत्नी सतूरी देवी का किरदार आरती शाह निभा रही हैं । अंग्रेजों द्वारा राइफलमैंन गब्बर सिंह नेगी को  दिए गए विक्टोरिया सम्मान को सतूरी देवी ने जिंदगी भर संभाल कर रखा । गब्बर सिंह नेगी और सतूरी देवी के सम्मान में गढ़वाल में एक मेला भी आयोजित किया जाता है ।
फिल्म में अविनाश ध्यानी, आरती शाह , वीरेंद्र सक्सेना के साथ  में अन्य प्रमुख किरदारों में  रश्मि नौटियाल, राहुल मिश्रा, मनीष कुमार , मनोज कुमार सिंह, रेज़ा खान अभिषेक मेंडोला, अमित ड़िमरी, जीत मैला गुरुंग, दीपक रावत और शुभम सेमवाल भी नज़र आयंगे।
फिल्म का शीर्षक, ‘वीसी 571’, राइफलमैन गबर सिंह नेगी के विक्टोरिया क्रॉस नंबर से लिया गया है। अविनाश ध्यानी ने नेगी की उत्कृष्ट बहादुरी को श्रद्धांजलि देने के लिए  यह टाइटल चुना है।
अविनाश ध्यानी ने कहा कि ‘वीसी 571’ सिर्फ एक फिल्म नहीं है; बल्कि सिनेमाई श्रद्धांजलि है जो स्क्रीन से परे है।
फिल्म ‘वीसी 571’ पद्मा सिद्धि फिल्म्स, ड्रीम स्काई क्रिएशन्स और अलास्का मोशन पिक्चर्स द्वारा निर्मित है । फ़िल्म के निर्माता मनीष कुमार , कैप्टन मनोज कुमार सिंह, मोहित त्यागी और अविनाश ध्यानी हैं।  यह फिल्म मई 2024 में बड़े परदे पर रिलीज की जाएगी।

Mumbai Clash: मुंबई के मीरा रोड पर हुए बवाल के बाद एक्शन की तैयारी में पुलिस

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Mira Road Clash: मीरा भयंदर वसई विरार पुलिस (एमबीवीवी पुलिस) ने एक नोट जारी कर सभी ग्रुप एडमिन को इस बात का ध्यान रखने को कहा है कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए झड़प से संबंधित कोई भी फॉरवर्ड, चुटकुले या वीडियो सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड नहीं किया जाना चाहिए. इस आदेश का उल्लंघन होने पर पुलिस ग्रुप एडमिन के खिलाफ कार्रवाई करेगी.

क्या है पूरा मामला?
PTI के अनुसार, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या (रविवार रात) पर मुंबई से सटे मीरा भायंदर इलाके में एक वाहन रैली निकालने में शामिल लोगों के समूह पर कथित हमले को लेकर 13 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने कहा कि दो समुदायों के सदस्यों के बीच झड़प तब हुई, जब रविवार रात करीब साढ़े 10 बजे तीन कारों और उतनी ही संख्या में मोटरसाइकिल पर सवार 10 से 12 लोगों का एक समूह नया नगर से रैली निकाल रहा था. रैली के दौरान यह समूह सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर भगवान राम की प्रशंसा में नारे लगा रहा था.

उस रात क्या हुआ था?
PTI ने बताया, मीरा भायंदर पुलिस थाना क्षेत्र के तहत आने वाले इलाके में यह घटना हुई. एक अधिकारी ने बताया कि नारे लगाते हुए कुछ लोगों ने कथित तौर पर पटाखे फोड़े, जिसके बाद स्थानीय लोगों का एक समूह लाठी-डंडे लेकर बाहर निकल आया. उनकी रैली में शामिल लोगों से बहस हुई और उन्होंने उनके वाहनों पर हमला कर दिया. उन्होंने बताया कि वाहनों में सवार लोगों से मारपीट भी की गयी. पुलिस ने फौरन बीचबचाव किया और हमलावरों को खदेड़ दिया. अधिकारी ने बताया कि इलाके में कानून एवं व्यवस्था की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस कर्मियों के अलावा दंगा नियंत्रण पुलिस (आरसीपी) की एक टुकड़ी भी तैनात की गयी है.

4.5 अरब वर्ष की पृथ्वी, 2.5 अरब साल पुरानी ‘कृष्ण शिला’ से बने हैं रामलला

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अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर में रामलला विराजमान होने के बाद श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। पहले ही दिन 5 लाख लोगों ने प्रभु के बाल स्वरूप के दर्शन किए और आज भी भीड़ लगी ही हुई है। इस उत्साह के बीच राम मंदिर में विराजमान हुए रामलला के नवनिर्मित विग्रह को लेकर कुछ जानकारी सामने आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स में विशेषज्ञों के हवाले से बताया गया है कि 51 इंच ऊँची और 200 किलो के वजन वाली रामलला की मूर्ति कोई सामान्य पत्थर से नहीं बनी, बल्कि इसे बनाने के लिए इस्तेमाल हुआ पत्थर 2.5 अरब साल पुराना ग्रेनाइट है। इसपर न पानी का असर पड़ता है और न ही कार्बन का। मौसम के तमाम बदलावों के बाद भी ये पत्थर वैसे का वैसा ही रहता है। इस चट्टान को ‘कृष्ण शिला’ भी कहा जाता है क्योंकि इसका रंग प्रभु कृष्ण के रंग जैसा है।
इस बारे में जानकारी नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ रॉक मेकेनिक्स के डायरेक्टर एच एच वेंकटेश ने दी है। भारत में न्यूक्लियर पावर प्लांट्स और बाँधों के निर्माण के लिए पत्थरों एवं चट्टानों को चेक करने का कार्य यही संस्था करती है।
उन्होंने इस चट्टान के बारे में बात करते हुए कहा कि ये एक ग्रेनाइट पत्थर है। इस पर मौसम का कोई असर नहीं होता है। उन्होंने बताया कि पृथ्वी निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर विस्फोट हुए थे तो उसी लावा के पिघलने से ग्रेनाइट पत्थर बने थे। ये पत्थर बेहद ठोस होते हैं। बदलते मौसम से इसपर कोई असर नहीं पड़ता।
वहीं विशेषज्ञों ने बताया कि ये पत्थर प्री क्रैम्ब्रियन काल का है, जिसकी शुरुआत 4 अरब साल पहले हुई थी यानी वैज्ञानिकों के अनुसार, ये पत्थर तब का है जब जीवन की शुरुआत हुई थी।
केंद्रीय विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी पिछले दिनों राम मंदिर को लेकर कहा था कि प्रभु का मंदिर ऐसे तकनीक से बन रहा है कि 1 हजार साल तक इस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसके निर्माण में श्रेष्ठ तकनीक और उच्चतम क्वॉलिटी के पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मूर्ति के लिए पत्थर कर्नाटक के मैसुरु के जयपुरा होबली गाँव से लिया गया। ये जगह शानदार क्वालिटी के काले ग्रेनाइट पत्थरों के लिए जानी जाती है।
रामलला के दर्शन को पहले दिन आए 5 लाख लोग
इसी पत्थर से निर्मित रामलला की मूर्ति को देखने के लिए पहले दिन 5 लाख श्रद्धालु आए। इस दौरान भीड़ भाड़ रोकने के लिए करीबन 8000 पुलिस वाले वहाँ तैनात रहे। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हेलीकॉप्टर पर बैठकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अपील की, “दर्शन के लिए न हड़बड़ाएँ। भीड़ नॉर्मल होने के बाद अयोध्या आएँ।”
सीएम ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से भी मुलाकात करके भीड़ को परिसर में संभालने की कोशिशों के बारे में जाना। स्थिति संभालने के लिए कई जगह श्रद्धालुओं को रोका गया। इससे पहले अयोध्या की सीमा सील करने की खबरें भी मीडिया में आई हैं।

प्रभु श्रीराम के विचारों की शक्ति ही 2047 तक विकसित भारत बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद एक और अयोध्या अपने मन में लेकर लौटे हैं और वह ऐसी अयोध्या है, जो कभी उनसे दूर नहीं हो सकती। पीएम ने अपने मन की यह बात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कही है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि प्रभु श्रीराम के विचारों की शक्ति ही 2047 तक विकसित भारत बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। उनका भव्य मंदिर हमें सफलता और विकास के नव प्रतिमान गढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

राष्ट्रपति मुर्मू ने लिखा था पीएम को पत्र

राष्ट्रपति ने श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या पर पीएम को एक पत्र लिखकर भारत की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना के लिए इस महान अवसर की महत्ता रेखांकित करते हुए मुख्य यजमान के रूप में मोदी की 11 दिवसीय कठिन तपस्या की प्रशंसा की थी।

पीएम ने राष्ट्रपति का जताया आभार

इसके उत्तर में पीएम ने राष्ट्रपति को लिखा – ‘आपके पत्र के हर शब्द ने आपके करुणामयी स्वभाव और प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन पर आपकी असीम प्रसन्नता व्यक्त की है। अयोध्या धाम में अपने जीवन के सबसे अविस्मरणीय क्षणों का साक्षी बनकर लौटने के बाद आपको यह पत्र लिख रहा हूं, आपकी शुभकामनाओं और स्नेह का बहुत आभारी हूं।’ उन्होंने इस अवसर को अपना सौभाग्य और दायित्व भी बताया।

1 दिनों के व्रत को लेकर कही ये बात

पीएम ने 11 दिनों के व्रत-अनुष्ठान और यम-नियम की चर्चा का भी उल्लेख किया और कहा कि हमारा देश ऐसे अनगिनत लोगों का साक्षी रहा है जिन्होंने शताब्दियों तक संकल्प व्रत किए ताकि रामलला अपने जन्मस्थान पर विराज सकें।

‘सदैव कृतज्ञ रहूंगा’

पीएम ने लिखा- ‘सदियों तक चले इन व्रतों की पूर्णाहुति का संवाहक बनना बहुत भावुक क्षण था। 140 करोड़ देशवासियों के साथ रामलला के साक्षात दर्शन, साक्षात्कार और स्वागत के वो क्षण अप्रतिम थे। वह क्षण प्रभु श्रीराम और भारत के लोगों के आशीर्वाद से ही संभव हुआ और मैं इसके लिए सदैव कृतज्ञ रहूंगा।’

‘मेरा मन भावनाओं से विह्वल हो गया’

पीएम ने अपनी अयोध्या यात्रा की अलग अनुभूति का उल्लेख करते हुए लिखा है कि जब आपका पत्र मिला था, तब मैं अलग ही भावयात्रा में था। आपके पत्र ने मुझे मेरे मन की इन भावनाओं को संभालने, उनसे सामंजस्य बिठाने में अपार सहयोग और संबल दिया है। ’मैंने एक तीर्थयात्री के रूप में अयोध्या धाम की यात्रा की। जिस पवित्र भूमि पर आस्था और इतिहास का ऐसा संगम हुआ हो, वहां जाकर मेरा मन भावनाओं से विह्वल हो गया।’

अयोध्या में हमने जो देखा वह यादों में अंकित रहेगा

राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि अयोध्या में हमने जो देखा, वह आने वाले कई वर्षों तक हमारी यादों में अंकित रहेगा। मोदी ने इंटरनेट मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में समारोह का एक वीडियो भी साझा किया।

दिव्य भारत की नींव बनाने का आह्वान

प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर पीएम मोदी ने सोमवार को भव्य मंदिर के निर्माण से आगे बढ़कर अगले एक हजार वर्षों के मजबूत, सक्षम और दिव्य भारत की नींव बनाने का आह्वान किया था।

 

 

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद PM Modi को लेकर मुस्लिम धर्मगुरु ने कह दी बड़ी बात

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अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान श्री रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा सोमवार को निर्विघ्न पूर्ण हो गई है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अखिल भारतीय इमाम संगठन के मुख्य इमाम डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी ने कहा कि यह नए भारत का चेहरा है। हमारा सबसे बड़ा धर्म मानवता है। हमारे लिए राष्ट्र पहले है।
हमारी इबादत करने के तरीके अलग लेकिन
इमाम उमेर अहमद इलियासी ने कहा कि यह बदलते भारत की तस्वीर है। आज का भारत नवीन भारत, आज का भारत उत्तम भारत, मैं यहां पैगाम-ए-मोहब्बत लेकर आया हूं। आज मेरे साथ यहां स्वामी जी खड़े हैं… इसी का नाम भारत है। हमारी इबादत करने के तरीके अलग जरूर हो सकते हैं, पूजा पद्धति जरूर अलग हो सकती है, हमारी आस्थाएं जरूर अलग हो सकती है, लेकिन हमारा जो सबसे बड़ा धर्म है वह इंसान और इंसानियत का है।
भारत को मजबूत करें, राष्ट्र सर्वोपरि है
अहमद इलियासी ने कहा कि अब हम सब मिलकर इंसानियत को बरकरार रखें, दूसरा हम सब भारतीय हैं, भारत में रहते हैं तो हम सब को चाहिए कि हम अपने भारत को मजबूत करें, यही हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। दूसरी बात यह है कि आज का जो पैगाम है, आज का जो संदेश है वह नफरतों को खत्म करने के लिए है। बहुत रंजिशे हो गई, बहुत दुश्मनी हुई, बहुत लोग मारे गए, बहुत राजनीति हुई, अब हम सबको मिलकर एक होकर भारत को मजबूत करना है।
अखंड भारत हमारा बनेगा लेकिन
इमाम इलियासी ने कहा कि हम सबको मिलकर भारतीयता को मजबूत करना है, राष्ट्रीय सर्वोपरि है। इसी पैगाम को आगे लेकर जाना है। अखंड भारत हमारा बने उसकी दिशा में हम सबको आगे आकर मिलकर यह करना होगा, यही हमारा पैगाम है। जिस तरह से मोदी जी आज पूरे दुनिया के अंदर भारत का नेतृत्व कर रहे हैं तो हम भी सब मिलकर एक साथ होकर अपने राष्ट्र को मजबूत करें, यही हमारा पैगाम है।

श्रीराम भव्य मंदिर निर्माण उद्घाटन – गऊ माता के लिए 5,111 किलों के केक को काटकर गायों को खिलाया

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भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के उद्घाटन पर शिवनंदी गौशाला में कैबिनेट मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने गऊ माता के लिए 5111 किलो का केक काटा है। ये केक काटकर उन्होंने गायों को खिलाया। साथ ही शिव नंदीशाला में लोगों ने दीप जलाकर पटाखे फोड़कर इस उत्सव का आनंद लिया। कमेटी सदस्यों ने कैबिनेट मंत्री का आभार जताया। वहीं उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया।
अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के उद्घाटन पर शिवनंदी गौशाला में मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित कैबिनेट मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने गऊ माता के लिए 5,111 किलों के केक को काटकर गायों को खिलाया। वहीं, उन्होंने भगवान श्रीराम लला की आरती की।
शिव नंदीशाला में जलाए गए दीप
इससे पूर्व शिव नंदीशाला में सुबह 10 बजे हवन तथा 11 बजे लाइव प्रसारण किया गया। उसके बाद खीर का प्रसाद वितरित किया गया । कमेटी सदस्यों ने कैबिनेट मंत्री का आभार जताया। वहीं उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। लोगों ने नंदी शाला के अंदर भजन कीर्तन किया और रात के समय दीप जलाकर व पटाखे फोड़ कर दिवाली के रूप में मनाया।
इस अवसर पर संयोजक धर्मपाल सैनी, नप चेयरमैन नरेश बंसल, वाइस चेयरपर्सन नीरू सैनी, पार्षद संजय सपड़ा, पार्षद प्रतिनिधि शंकर मित्तल आदि उपस्थित थे।

Mumbai: ’…नहीं तो 25 जनवरी को मीरा भाईंदर बंद’, शिवसेना नेता की धमकी, भारी पुलिस बल तैनात

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Mumbai Mira Road News: मुंबई के पास मीरा रोड शहर में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। इस मामले में 20 से ज्यादा उपद्रवियों को गिरफ्तार करने की जानकारी मिली है। अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस ने नया नगर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और बैरिकेडिंग की है। इस बीच, शिवसेना शिंदे गुट के विधायक प्रताप सरनाईक ने मीरा-भायंदर को बंद करने की धमकी दी है।
अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन से पहले रविवार देर रात मीरा रोड के नया नगर इलाके में समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने भगवान राम की तस्वीर वाले भगवा झंडा लगे वाहनों को निशाना बनाया। वाहनों में तोड़फोड़ की और धार्मिक झंडे फाड़े। इस दौरान कुछ राम भक्तों से मारपीट भी की गई। इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है।

25 जनवरी को मीरा भाईंदर बंद!


शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने इस मामले मे मिरा भायंदर पुलिस कमिश्नर मधुकर पांडे से मुलाकात की है। उन्होंने कहा की अगर दो दिन में पुलिस इस मामले के सभी आरोपियों को गिरफ्तार नही करती है तो 25 जनवरी को मिरा भायंदर शहर बंद का आव्हान करेंगे।प्लानिंग कर माहौल खराब किया

सरनाईक ने नया नगर इलाके में पुलिस द्वारा कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाकर सभी आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि किसी ने योजना बनाकर इस घटना को अंजाम दिया है। इसके मास्टर माइंड को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि रविवार रात में 200 से ज्यादा लोगों ने उपद्रव मचाया था।

मीरा भायंदर शहर में कोई सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहा है। सरनाईक ने मांग की है कि नया नगर में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाकर 48 घंटे के अंदर सभी को गिरफ्तार किया जाए। ऐसा नहीं होने पर 25 जनवरी को मीरा भाईंदर बंद का आह्वान किया है।

पुलिस की चप्पे-चप्पे पर नजर-


रैपिड एक्शन फोर्स तैनात
 

उधर, मुस्लिम बहुल इलाके नया नगर में कड़ा पुलिस बंदोबस्त है। मीरा रोड में स्थानीय पुलिस, मुंबई पुलिस, पालघर पुलिस, ठाणे ग्रामीण पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ), एमएसएफ (महाराष्ट्र सुरक्षा बल) और एसआरपीएफ जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस बैरिकेडिंग के जरिए हर वाहन पर नजर रख रही है।निर्दोष पर नहीं होगी कार्रवाई- सीपी

मीरा भयंदर के एडिशनल सीपी श्रीकांत पाठक ने कहा, ”हम घटना की जांच कर रहे हैं। केवल आरोपियों के खिलाफ ही कार्रवाई की जाएगी… सभी से शांति बनाए रखने की अपील की जारी है… पुलिस ने समय पर कार्रवाई की है। अफवाहों पर विश्वास न करें और पुलिस का सहयोग करें। फेक वीडियो फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी।”

भड़काऊ वीडियो पोस्ट करने वाला गिरफ्तार

डीसीपी जयंत बजबाले ने बताया कि मीरा रोड में दो समुदायों के बीच झड़प के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। अबू शेख (Abu Shaikh) नाम के शख्स का एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें वह लोगों को भड़काते हुए नजर आ रहा है। इस वीडियो को पोस्ट करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है।

डॉ निकेश जैन माधानी को बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा खान के हाथों मिला एसियन फैशन टूर गोवा अवार्ड

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गोवा। बिजनेसमैन डॉ. निकेश ताराचंद जैन माधानी प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री सारा खान के हाथों एसियन फैशन टूर गोवा अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए।

कार्यक्रम में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहे और उन्हें सक्सेसफुल बिजनेसमैन के रूप में यह अवार्ड मिला।

यह पुरस्कार समारोह 20 जनवरी 2024 को होटल अरेला बीच रिसोर्ट स्टोन वुड मोर्जीम गोवा में सम्पन्न हुआ जिसका आयोजन मितेश उपाध्याय, निखिल भटनागर, और गुरप्रीत सिंह ने किया।
कार्यक्रम में फैशन डिज़ाइनर फिलू मार्टिन, फरहान खान, रॉयल ब्रांड, आलोक सिंह, विपिन अग्रवाल, ममता मलिक, अभिषेक वाशीठा, हीना डिज़ाइन पियूष भाई, रवि राजोरिया, ऐपी कलेक्शन, कक्षी, मिताली, सैशा राजपूत सहित कई बड़े डिज़ाइनर का जलवा रहा वहीं शो स्टॉपर सारा खान रही।
विदित हो कि पिछले दिनों डॉ निकेश जैन माधानी गोल्डन जुबली फिल्म फेस्टिवल में सम्मानित हुए। इसके साथ ही उन्हें सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, एसीपी संजय पाटिल, यूनियन लीडर अभिजीत राणे के हाथों दादासाहेब फाल्के अवार्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवार्ड 2023 मिला है।
इसके अलावा डॉ. निकेश अभिनेता विंदू दारा सिंह के हाथों आत्मनिर्भर एक्सीलेंस अवार्ड 2023 से सम्मानित हुए जिसका आयोजन साक्षात इंटरटेनमेंट के संस्थापक राम कुमार पाल और मुम्बई रफ्तार न्यूज चैनल के सीईओ शैलेश पटेल ने किया था।
आपको बता दें कि कुछ माह पूर्व दिल्ली में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री काजल अग्रवाल एवं भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव के हाथों ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री एवं बिजनेस अवार्ड मिल चुका है।
इसके साथ ही 2022 में निकेश जैन मधानी को महाराष्ट्र राज्य के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों गऊ भारत भारती अवार्ड तथा इस वर्ष कैबिनेट मंत्री परषोत्तम रूपाला (मत्स्य, दुग्ध व उद्योग मंत्री) के हाथों से गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुरस्कार 2023 प्राप्त हुए हैं। उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार 2021 भी मिल चुका है। पिछले दिनों ब्राइट आउटडोर के सीएमडी योगेश लखानी ने अपने जन्मदिन पर निकेश जैन को बिज़नेस आइकॉनिक ब्राइट अवार्ड एवं ब्राइट आउटडोर बी.एस.सी आईपीओ आने की खुशी में बिज़नेस अवार्ड 2023 से सम्मानित किया। निकेश को परफेक्ट वुमेन अचीवर अवॉर्ड, गोल्डन ह्यूमेनिटी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं आईपीएस कृष्ण प्रकाश नायर 2021 और 2022 में उन्हें अवॉर्ड देकर सम्मानित कर चुके हैं।
डॉ निकेश जैन मधानी फाइनेंस एडवाइजर हैं इनके कई बिजनेस हैं जैसे कि मधानी फाइनेंस, मधानी एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शन, मधानी ट्रेडिंग कंपनी, मधानी न्यूज लाइव 24×7 और मधानी इंटरप्राइज इत्यादि। इसके साथ ही निकेश की माँ के नाम पुष्पा गृह उद्योग कंपनी और पुष्पम पापड़ कंपनी है।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी ने एक हिंदी कॉमेडी फिल्म प्रोड्यूस की है। इसके पहले उन्होंने 12 म्यूजिक एल्बम ओर शॉर्टफिल्म को माधानी एंटरटेनमेंट और प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है।
निकेश ताराचंद जैन मधानी ने लॉ बुक में इतिहास बनाया है। दरअसल उनके ऊपर 2014 में ईडी पीएमएलए का केस हो गया था। फिर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ते हुए 2017 में सुप्रीम कोर्ट से धारा 45 ए रद्द हुआ जिससे कानून के किताब में डॉ निकेश जैन मधानी का नाम दर्ज हुआ और उनके ऊपर लगे धारा को हटाने में प्रसिद्ध वकील मुकुल रोहतगी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। निकेश जैन की कानून लड़ाई में जाने माने वकील साजल यादव, वकील नेमीचंद शर्मा और वकील मनीष वोरा ने भी सहयोग किया।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी सबसे सफल व्यवसायी रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम आदानी और लक्ष्मी मित्तल से प्रेरित हैं।

– संतोष साहू