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केंद्रीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधि हरिनारायण सोनी राजस्थान गोचरण संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष बने

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डॉ आर बी चौधरी

ओसिया (राजस्थान) : केंद्र सरकार के अधीनस्थ हाई प्रोफाइल प्रतिष्ठान, भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के राजस्थान के प्रतिनिधि को पूर्व कैबिनेट मंत्री – राजस्थान सरकार एवं गोचर ओरण संरक्षण संघ के प्रदेश अध्यक्ष, देवीसिंह भाटी ने ओसियां के निवासी हरि नारायण सोनी को राजस्थान को चरण संघ का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया है। सोनी गौ-संरक्षण, संवर्धन तथा विकास के क्षेत्र में पिछले 40 सालों से देश भर की तमाम गौशालाओं से जुड़कर कार्य कर रहे । वर्तमान में वह दर्जनों गौशाला संस्थाओं से जुड़कर राजस्थान,मध्य प्रदेश , गुजरात , महाराष्ट्र तथा अन्य राज्यों में गौ संरक्षण की विभिन्न विशेष परियोजना के संचालन में लगे हुए हैं। इन संस्थानों में समस्त महाजन जैसी सम्मानीय संस्था भी शामिल है , जहां सोनी समस्त महाजन के साथ बतौर राजस्थान राज्य समन्वयक का कार्यभार देख रहे हैं।

हरनारायण सोनी की उल्लेखनीय सेवाओं को देखते हुए कई अन्य राष्ट्रीय संस्थाओं ने उन्हें अपनी संस्था का मार्गदर्शक सम्मान प्रदान किया है। सोनी समस्त महाजन के बैनर तले राजस्थान में विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से गोचर-ओरण से अंग्रेजी बबुल हटाकर देसी घास,स्थानीय वृक्ष लगाने, वर्षा जल संरक्षित करने और गौ आधारित खेती की प्रेरणा देने जैसे विभिन्न जीव रक्षा के कार्य करते हुए उन्होंने उल्लेखनीय सफलताएं अर्जित की हैं।सोनी के जीवन का मूल मंत्र है कि यदि सरकार गोचर – ओरण के संरक्षण करने ततः उसे समृद्ध बनाने के लिए उचित बजट का प्रावधान करे और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं एवं गौशालाओं को इस कार्य में कार्य करने का अवसर प्रदान करे , तो निश्चित ही जीव रक्षा एवं पर्यावरण का देश में बहुत बड़ी सफलता अर्जित की जा सकती है।

केंद्र सरकार के अधीनस्थ संचालित भारतीय जीवन कल्याण बोर्ड के राजस्थान जीव जंतु कल्याण प्रतिनिधि हरनारायण सोनी ने देश भर के समस्त पशु प्रेमियों तथा गौ सेवा में लगे गो सेवकों से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें गौशाला स्थापित करने और उसे सफलता पूर्वक संचालित करने के लिए किसी भी सहयोग और मार्गदर्शन की आवश्यकता हो तो बेहिचक उनसे संपर्क करें,उनका संपर्क सूत्र है : +91 94144 13075

ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन ने राहुरी के वकील दम्पति हत्याकांड की कड़ी निंदा की

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एआईएलयू ने अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम पारित करने के लिए राज्य भर के सभी कोर्ट बार एसोसिएशनों से आंदोलन का आह्वान किया है

एक दुखद और चौंकाने वाली घटना मे महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के राहुरी कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील पति-पत्नी राजाराम आढ़ाव और उनकी पत्नी मनीषा आढ़ाव की हत्या उनके ही मुवक्किल ने कर दी। जबरन चोरी, चोरी, जबरन वसूली, आर्म्स एक्ट जैसे 12 गंभीर अपराधों वाले उनके मुवक्किल किरण दुशिंग ने अपने 4 अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर दोनों को उन्हे उनके ही घर में बंद कर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी. पैसे देने से इनकार करने पर आढ़ाव दंपति को पांच-छह घंटे तक प्रताड़ित किया गया, सिर पर प्लास्टिक की थैलियां बांधकर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आढ़ाव दंपत्ति के शवों को पत्थरों से बांधकर उम्बेरे गांव में स्मशान के पास एक कुएं में फेंक दिया गया था. इस घटना के सामने आने के बाद से प्रदेश भर के वकील वर्ग में आक्रोश का माहौल है।

 

वकीलों के राष्ट्रीय संगठन ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, मामले में विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति और फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से त्वरित सजा की मांग की है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद एआईएलयू फिर से महाराष्ट्र में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट (अधिवक्ता संरक्षण कानून) लागू करने की मांग कर रहा है। एआईएलयू आढ़ाव परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और राज्य की विभिन्न अदालतों के बार एसोसिएशनों से इस घटना का हर संभव तरीकों से कड़ा विरोध करने की अपील की है।

पिछले वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश में एड. उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. अप्रैल में दिल्ली के द्वारका इलाके में दो हमलावरों ने वकील वीरेंद्र कुमार नरवाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी. वकील के पास आरोपी के परिवार के विवादित कृषि भूखंड के दस्तावेज मौजूद थे. हत्या के विरोध में दिल्ली के वकीलों ने सभी जिला अदालतें बंद कर दीं और सभी जिला बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने जमानत और सुनवाई का बहिष्कार करने और अदालतों में फोटोकॉपी मशीनें बंद करने का फैसला किया था।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, 2020 में भारत में वकीलों पर हमले के 143 मामले सामने आए हैं। वकीलों को अक्सर अपने ग्राहकों, विरोधियों और यहां तक कि न्यायाधीशों तक से उत्पीड़न और धमकी का सामना करना पड़ता है। हमलों में मौखिक दुर्व्यवहार, धमकी, शारीरिक हमला, पिटाई, चोट, हत्या शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, 2010 और 2020 के बीच दुनिया भर में 2,500 से अधिक वकील मारे गए, हिरासत में लिए गए या अपहरण कर लिए गए। यही कारण है कि वकीलों की सुरक्षा के खतरे के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 2010 से हर साल दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय संकट वकील दिवस मनाया जाता है।

हमारे देश में 21 मार्च 2023 को राजस्थान राज्य विधानसभा ने वकीलों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए संशोधित रूप में राजस्थान अधिवक्ता संरक्षण विधेयक, 2023 पारित किया। वहां के वकीलों के कल्याण के लिए राज्य सरकार की ओर से बार काउंसिल को सालाना 5 करोड़ रुपये दिये जाते हैं. साथ ही, यदि कोई अपराधी किसी वकील की संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो अदालत द्वारा निर्धारित मुआवजे की राशि वसूल कर पीड़ित वकील को देने का प्रावधान उस कानून में किया गया है। महाराष्ट्र समेत देशभर के सभी राज्यों में वकील संरक्षण अधिनियम को जल्द से जल्द लागू करना जरूरी है।

पंजाब और हरियाणा राज्य बार काउंसिल ने पंजाब अधिवक्ता (संरक्षण) बिल 2023 और हरियाणा अधिवक्ता (संरक्षण) बिल 2023 के दो ड्राफ्ट पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों को भेजे हैं और इन्हें जल्द लागू करने की मांग की है। दोनों राज्यों की बार काउंसिल ने चेतावनी दी है कि यदि उचित कदम नहीं उठाए गए तो वे राज्यव्यापी आंदोलन में भाग लेंगे और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे.

अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि वकील इस तरह के उत्पीड़न और धमकी के डर के बिना अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें। यदि अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू होता है, तो वकीलों को हमले, गंभीर चोट, आपराधिक बल और धमकी से कुछ सुरक्षा मिलेगी। उनकी संपत्ति के नुकसान की भरपाई की जा सकती है. महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल के सदस्य, जो राज्य भर के वकीलों द्वारा से चुने गए हैं, इस संबंध में बेहद निष्क्रिय और उदासीन हैं। एआईएलयू ने मांग की है कि वे इस संबंध में तत्काल कदम उठाए जाएँ.

अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच का गणतंत्र दिवस पर कवि सम्मेलन संपन्न

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नवी मुंबई। अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच एक साहित्यिक, सांस्कृतिक सामाजिक संस्था है। यह मंच समय-समय पर कवि सम्मेलन, सामाजिक कार्य और अन्य गतिविधियों का आयोजन करती रहती है। 26 जनवरी के उपलक्ष्य में मंच द्वारा ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें करीब 30 कवियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के समारोह अध्यक्ष अभिलाष शुक्ला, मुख्य अतिथि राम राय, विशेष अतिथि संतोष साहू, शिवपूजन पांडे, पन्नालाल शर्मा, जनार्दन सिंह रहे। कार्यक्रम का संचालन अग्निशिखा मंच की अध्यक्ष अलका पांडे ने किया वहीं आभार प्रदर्शन अश्विन पांडे ने किया।
सम्मेलन में सरस्वती वंदना रामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने कर कार्यक्रम की शुरुआत की और राम राय ने अपने उद्बोधन में वीरों को याद किया और श्रीराम के अयोध्या आने की खुशी जाहिर की साथ ही अपनी एक रचना प्रस्तुत कर मंच को गौरवान्वित किया।
अभिलाष शुक्ल ने अपने अध्यक्षीय भाषण में मंच को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सामाजिक और साहित्यिक कार्यक्रम होते रहने चाहिए। समाज को ऐसे कार्यक्रमों की बहुत जरूरत है और उन्होंने आगे भी सहयोग करने का आश्वासन दिया। इनके अलावा बाकी अतिथियों ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किये।
साहित्य सम्मेलन में प्रतिभागी के रूप में रामेश्वर प्रसाद गुप्ता, सीमा त्रिवेदी, ओम प्रकाश पांडे, मीना त्रिपाठी, ब्रज किशोरी त्रिपाठी, रवि शंकर कोलते, डॉक्टर देवी दी अविनाशी, हीरालाल सिंह कौशल, अनीता झा, रानी नारंग, अलका पांडे, राम राय, सुरेंद्र हरड़े, डॉ महताब आज़ाद ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करायी।
अंत में मंच की अध्यक्ष अलका पांडे ने सभी प्रतिभागियों को सम्मान पत्र देकर शुभकनाए दीं।
यहाँ प्रस्तुत है कुछ कविता की चंद पंक्तियां
वंदे मातरम
26 जनवरी को जब तिरंगा लहराता है, तब कोयल गीत सुनाती है
और भंवरा नगमे गाता है
बच्चे ताली बजाते हैं
और हम सब झूम के वंदे मातरम वंदे मातरम कहते हैं।
तिरंगे को देखकर पवन शोर मचाती है
गगन झूम झूम के इढालता हैं।
तब हमे बलिदानों की याद आती है।
शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है जब बात निकलती है आजादी की
याद आते हैं तब वीर जवान
याद आते हैं भारत देश का नक्शा आंखों में छाती है तोपों की सलामी
बंदूक गरजने लगती है, धरती माता जवानों को तिलक करती है
आकाश इंद्रधनुष सा बन जाता है
आजाद भारत का सपना साकार होता है।
गणतंत्र दिवस हम मनाते हैं
सविधान हमारा हमें याद दिलाता है
लोकतंत्र की बात निराली है संविधान ने हमें अधिकार दिए हैं।
सबको समानता का अधिकार दिया है
अमीरी गरीबी का भेद मिटाया है
ऊंच-नीच का भेद मिटाया है
सब धर्मों को नेक बताया है
मानव सेवा को धर्म बताया है
जनवरी को जब तिरंगा लहराता है
आकाश झुमके नाच दिखाता है पुरवइया झूम झूम महक फैलाती हैं
शहीदों की याद आती है उनकी वीरता की कहानी हम सुनाते हैं।
– अलका पाण्डेय

बसंती चोला ही जिनकी
दुल्हन बनकर आई थी
इंकलाब के नारे ने
जन जन में अलख जगाई थी
– मीना गोपाल त्रिपाठी

मेरे दिल का पूरा यह अरमान हो।
प्यारा तिरंगा मेरे कफ़न की शान हो।।
– डॉ महताब आज़ाद

राष्ट्रीय रत्न सम्मान समारोह में कृष्णा चौहान ने किया कुमार शानू, इस्माइल दरबार, धीरज कुमार का सम्मान

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सिंगर ऋतु पाठक, सुनील पाल, निर्देशक मेहुल कुमार, संगीतकार दिलीप सेन, अली खान, दीपानारायण झा, एसीपी संजय पाटिल, बी एन तिवारी, अभिजीत राणे, ब्राइट आउटडोर मीडिया लिमिटेड को भी मिला राष्ट्रीय रत्न सम्मान

मुम्बई। पिछले दिनों गणतंत्र दिवस के अवसर पर भव्य रूप से “राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2024” के तीसरे सीज़न का आयोजन कृष्णा चौहान ने मुम्बई के अंधेरी पश्चिम स्थित मेयर हॉल में किया। केसीएफ प्रस्तुत इस पुरस्कार समारोह में उन विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया गया जिन्होंने समाज सेवा और मानव सेवा में सराहनीय व उल्लेखनीय योगदान दिया है। कृष्णा चौहान फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस अवार्ड समारोह में कई हस्तियां मेहमान के रूप में मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2024 से निर्माता निर्देशक धीरज कुमार, पार्श्व गायक कुमार शानू, संगीतकार इस्माइल दरबार (हम दिल दे चुके सनम, देवदास फेम), मेहुल कुमार (तिरंगा, क्रांतिवीर फेम), संगीतकार दिलीप सेन (ये दिल्लगी, अफलातून फेम), अभिनेता रमेश गोयल, अभिनेता अली खान, सिंगर ऋतु पाठक (जलेबी बाई फेम), सुनील पाल, दीपा नारायण झा, एसीपी संजय पाटिल, बीएन तिवारी, अभिजीत राणे, ब्राइट आउटडोर मीडिया लिमिटेड, विनायक पाटिल, गणेश पचारने, रमेश गोयल, मधु मंगल दास, निर्देशक रंजन कुमार सिंह, राजू टांक, कार्तिक चेट्टी, डॉ अंजली दमनगांवकर, शीरीं फरीद, डॉक्टर एम डी पुजारी, डॉ सुरेश एन मुर्की, श्याम सुंदर सोनी, डॉ. मुस्तफा युसुफली गोम, अनिल काला, आदित्य राजकुमार गुप्ता, सोनिया सोनू गुप्ता, एक्ट्रेस दीप्ति तिवारी, एक्ट्रेस कियारा रावत, एक्ट्रेस पूजा पाण्डेय को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय रत्न सम्मान उन उत्कृष्ट व्यक्तियों और संगठनों की मान्यता और सम्मान में किया गया, जिन्होंने कर्तव्य की सीमा से ऊपर उठकर जीवन के अलग अलग क्षेत्र में बेमिसाल प्रदर्शन किया है।
मीडिया के क्षेत्र में यह अवार्ड अनिल अरोड़ा (दिल्ली), दिनेश कुमार, डॉ केवल कुमार, कृष्ण शर्मा, शशिकांत सिंह, नासिर तगाले, राजेन्द्र सिंह एस जडेजा, प्रमोद शर्मा, पराग जोशी, दिनेश परेशा, चन्द्र प्रकाश माझी को दिया गया।


आपको बता दें कि कृष्णा चौहान पिछले 20 साल से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। कोविड काल के दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को राशन वितरित किया साथ ही भगवतगीता भी लोगों को भेंट किया। पिछले 4 -5 सालों से डॉ कृष्णा चौहान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर लोगों को भगवतगीता भेंट करते आ रहे हैं तो वहीं प्रति वर्ष लोगों को मिठाई देकर दीवाली का उत्सव मनाते हैं।

– संतोष साहू

दलबदल का नया कीर्तिमान बनाते नीतीश कुमार

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दलबदल का नया कीर्तिमान बनाते नीतीश कुमार
(राकेश अचल-विनायक फीचर्स)
नीतीश बाबू जयप्रकाश नारायण की ‘ सम्पूर्ण क्रांति ‘ का उत्पाद है।  उनके साथ ही अनेक लोग थे जो इसी आंदोलन के जरिये राजनीति में आकर शीर्ष तक पहुंचे ।  लालू यादव ,रामविलास पासवान ,शरद यादव सब उसी आंदोलन से बाहर निकले ,लेकिन सबने समय के साथ अलग-अलग रास्ते से सत्ता के शीर्ष तक पहुँचने का करिश्मा कर दिखाया। लालू जी भ्रष्टाचार और परिवारवाद की मिसाल बने तो रामविलास पासवान और शरद यादव ने दलबदल के कीर्तिमान बनाये और नीतीश कुमार  ने इन दोनों  को भी पीछे छोड़ दिय।  नीतीश के ऊपर लालू प्रसाद यादव की तरह भ्रष्टाचार और परिवारवाद के आरोप  नहीं लगे ।  उलटे उन्हें बिहार के कायाकल्प के लिए सुशासन बाबू कहा गया ,लेकिन नीतीश ने सुशासन करने के लिए राजनीति की तमाम मर्यादाएं और आचरण संहिताएं  बलाये ताक रख दी। वैसे तो राजनीति के थलचरों में गिरगिट का कोई जबाब नहीं ।  राजनीति में अधिकाँश नेता समय-समय पर गिरगिट की तरह अपना रंग बदलते हैं ,लेकिन कुछ नेताओं को रंग बदलने में महारथ हासिल  है। बिहार  के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार इस युग के सबसे बड़े गिरगिट है।  उन्होंने रंग बदलने में असल गिरगिट को भी पीछे छोड़ दिया है ,इसलिए आप अपनी सुविधा के लिए उन्हें ‘गिरगिटराज ‘ भी कह सकते हैं।  मेरे शब्दकोश में नीतीश के लिए कोई दूसरी उपमा  है ही नहीं।
आगामी 01  मार्च  को 73  साल के होने जा रहे नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में एक-दो मर्तबा नहीं बल्कि पूरे आठ बार शपथ ली और अब उनका मन फिर विचलित है ।  वे नौवीं बार शपथ लेने के लिए अपने पद से इस्तीफा देने का मन बना चुके हैं। बिहार में दल और गठबंधन बदलने में नीतीश कुमार से पहले राम विलास पासवान का नाम हुआ करता था। पासवान राजनीति का मौसम भांपकर रंग बदलते थे किन्तु नीतीश कुमार ने पासवान के कीर्तिमान को भी भंग कर दिया। नीतीश कुमार को अपने फैसलों के बारे में शायद खुद भी पता नहीं होता। मजे की बात ये है कि वे लगातार अविश्वसनीय होने के बाद भी  भाजपा के लिए भी अंत समय में विश्वसनीय हो जाते हैं और धर्म निरपेक्ष कांग्रेस और राजद के लिए भी।
इन दिनों जब पूरा विपक्ष देश में गैर भाजपा वाद की राजनीति  के लिए एकजुट होने में लगा था तब नीतीशकुमार ने गठबंधन के साथ चलते-चलते अचानक अपना रास्ता बदल लिया  है।  वे अचानक भाजपा के गठबंधन एनडीए की ओर झुक गए है। पिछले दो साल से वे जिस राजद के साथ मिलकर’  चाचा-भतीजे ‘ की सरकार चला रहे थे  उसी राजद में उन्हें परिवारवाद सताने लगा है।  उन्हें अचानक पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की याद आ गयी है।  ठाकुर को  जैसे ही भाजपा की केंद्र सरकार ने 24  जनवरी को ‘ भारत रत्न ‘ सम्मान देने की घोषणा की ,नीतीश बाबू का भाजपा से पुराना प्रेम उमड़ने लगा।
निश्चित ही रंग और पाला बदलकर मरे हुए जमीर के स्वामी नीतीश कुमार नौवीं बार भी बिहार के मुख्यमंत्री बन जायेंगे ,लेकिन नौवीं बार पद और गोपनीयता की शपथ लेते वक्त उनके चेहरे से जो काइयाँपन और निर्लज्जता झलकेगी उसे देखने के लिए कम से कम मैं तो आतुर हूँ। क्योंकि ऐसा दुर्लभ क्षण मुमकिन है कि मेरे जीवन में दोबारा न आये। मेरी दृष्टि में नीतीश बाबू भारतीय राजनीति में निर्लज्जता के सर्वोच्च प्रतिमान हो चुके हैं। वे जनादेश के साथ खिलवाड़ करने वाले सबसे बड़े और सिद्धहस्त खिलाड़ी बन चुके हैं। उनका कीर्तिमान अब शायद ही कोई दूसरा नेता तोड़ पाए। कल के बच्चे जब भारतीय राजनीति का इतिहास पढ़ेंगे तो नीतीश  बाबू का नाम एक ‘ गाली ‘ की तरह लिया जाएगा।
लोकसभा चुनाव  से पहले विपक्षी गठबंधन को लंगड़ा करने वालों में आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी के बाद नीतीश बाबू तीसरे नेता है। वे राजनीति में अपने हमउम्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ही तरह अप्रत्याशित फैसले करने में माहिर  है।  कल तक वे धर्मनिरपेक्षता का ध्वज उठाकर चल रहे थे। पिछले साल राम नवमी के जुलूस पर  पत्थरबाजी और कई हिंदुओं के मरने तथा घायल होने की कई घटनाओं को नजर अंदाज करते हुए उसी वक्त इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। इसके लिए हिंदुओं ने उनकी काफी आलोचना भी की , यहां तक कि उनकी तुलना रोम के नीरो से भी की गई। भाजपा ने भी उन पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया था लेकिन आज फिर नीतीश बाबू भाजपा के लिए ‘ मिशन 400  पार ‘ को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण बन गए हैं।
भारतीय लोकतंत्र में इस समय  एक पाले में भाजपा और उसके सहयोगी दल हैं और दूसरी तरफ कांग्रेस और भाजपा की राजनीति से घृणा करने वाले दल। लेकिन अब भाजपा विरोधी दलों में बिखराव हो रहा है। सबसे पहले बसपा  ने कांग्रेस और उसके गठबंधन से दूरी  बनाई। फिर आप ने धोखा दिया ,फिर ममता बनर्जी के सुर बिगड़े और अब नीतीश बाबू गैर-भाजपा वाद के इस अभियान में आखिरी कील ठोंक  रहे हैं। नीतीश  बाबू मौजूदा राजनीति के सबसे बड़े खलनायक बनने जा रहे हैं ,किन्तु उन्हें इसकी  कोई चिंता  नहीं है क्योंकि वे सत्ता प्रतिष्ठान के बगलगीर बनकर खड़े हैं। हमारे गांव  में इस तरह के संयोग को केर -बेर  का संग या  सांप -नेवले   की मित्रता  कहा जाता  है।
गिरगिटराज नीतीश बाबू के निर्णय से विपक्षी एकता को भारी  नुकसान तो होगा ही साथ ही नीतीश बाबू के निर्णय से भारतीय राजनीति में पहले से मौजूद  विश्वास  का संकट  और गहरा  होगा। लोग नेताओं पर भरोसा  करने से पहले सौ  बार सोचेंगे । फिर भी देश भी  चलेगा और राजनीति भी। लेकिन नीतीश कुमार भुला  दिए  जायेंगे ,या फिर याद किये  जायेंगे तो उपहास के साथ(विनायक फीचर्स)

पशु मित्रों के साथ अदा शर्मा की अदाएं

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पशु मित्रों के साथ अदा शर्मा की अदाएं
अनिल बेदाग, मुंबई
1920 से लेकर द केरल स्टोरी जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से देशभर के लोगों के दिलों पर राज करने वाली अदा शर्मा के सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। जानवरों के प्रति उनका प्रेम सभी जानते हैं। अदा ने हाल ही में एक पशु अस्पताल के साथ भी करार किया है। वह उत्पीड़ित हाथियों के हित के लिए भी उनके साथ मिलकर काम करती है।
इस बार गणतंत्र दिवस पर भी वह अपनी पशु मित्रों को नहीं भूली है। ये रही गणतंत्र दिवस की परेड के लिए जाते समय अपने पशु मित्रों के साथ अदा की ये प्यारी तस्वीरें।
अदा शर्मा आगे ‘बस्तर: द नक्सल स्टोरी’ में नजर आने वाली हैं, जो 15 मार्च, 2024 को रिलीज होगी। इसके अलावा वह सनफ्लावर सीजन 2 और एक अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट में भी नजर आएंगी।

श्रीमती इंदिरा गांधी की भूमिका निभाकर इतिहास रचने को तैयार हैं कंगना रनौत

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दिवंगत भारतीय प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो के शिमला समझौते को कंगना रनौत की आगामी राजनीतिक ड्रामा ‘इमरजेंसी’ में फिर से रीक्रिएट किया जाएगा।
     इसे अब तक की अपनी सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना घोषित करते हुए, चार बार की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री कंगना रनौत आगामी राजनीतिक ड्रामा ‘इमरजेंसी’ में पूर्व भारतीय प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की भूमिका निभाकर इतिहास रचने के लिए तैयार हैं।  अतीत में झांकने की अभिनेत्री की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए, यह फिल्म इतिहास में एक वास्तविक और ईमानदार अंतर्दृष्टि प्रदान करने का वादा करती है।  भारतीय लोकतंत्र में एक अत्यधिक विवादास्पद घटना के मेगा-बजट चित्रण के रूप में लेबल किया गया, ‘इमरजेंसी’ इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच कुख्यात जुलाई 1972 शिमला समझौते को उजागर करने के लिए तैयार है।
    भारत की प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति श्री जुल्फिकार अली भुट्टो द्वारा 2 जुलाई 1972 को शिमला, भारत में हस्ताक्षर किए गए थे।  इस समझौते से 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का औपचारिक अंत हो गया।  इसका उद्देश्य शांति स्थापित करना, भारत को सेना वापस बुलाने की आवश्यकता, कश्मीर मुद्दे का समाधान करना और बेहतर संबंधों को बढ़ावा देना था।  समझौते ने जब्त की गई भूमि की वापसी की सुविधा प्रदान की, भारत ने पाकिस्तान को 13,000 किमी से अधिक भूमि वापस दे दी, लेकिन भारत के राजनीतिक इतिहास में विवाद अभी भी बना हुआ है।  दर्शकों के लिए इस विवादास्पद घटना को एक बार फिर सिल्वर स्क्रीन पर देखने का एक अच्छा समय, कंगना रनौत की ‘इमरजेंसी’ इस घटना में अंतर्दृष्टि का वादा करती है, जो समझौते की जटिलताओं पर प्रकाश डालती है।
    कंगना रनौत द्वारा लिखित और निर्देशित, ‘इमरजेंसी’ में अनुपम खेर, महिमा चौधरी, मिलिंद सोमन, श्रेयस तलपड़े, विशाक नायर और दिवंगत सतीश कौशिक भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।  ज़ी स्टूडियोज और मणिकर्णिका फिल्म्स द्वारा निर्मित, फिल्म का संगीत संचित बल्हारा और पटकथा और संवाद रितेश शाह द्वारा दिया गया है।  ‘इमरजेंसी’ 14 जून, 2024 को स्क्रीन पर आने वाली है।

बोले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश में जल्द लागू होगी यूसीसी

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ब्वै, ब्वारी, नौनी कौथिग में मुख्यमंत्री धामी ने किया ₹467 करोड़ 78 लाख की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

बोले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश में जल्द लागू होगी यूसीसी

29 जनवरी 2024,रविवार, देहरादून
संजय बलोदी प्रखर
मीडिया समन्वयक उत्तराखण्ड प्रदेश

 

देहरादून /रुद्रप्रयाग,28 जनवरी आज रविवार को जनपद रुद्रप्रयाग में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन महोत्सव के अंतर्गत आयोजित ब्वै, ब्वारी, नौनी कौथिग में किया प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ₹467 करोड़ 78 लाख की 27140 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉल का अवलोकन कर महिलाओं के साथ संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग पर्यटन विभाग की ओर से तैयार कॉफ़ी टेबल बुक का विमोचन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दुग्ध विभाग एवं सीएसआर के माध्यम से संचालित अत्याधुनिक एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास के लिए विभिन्न घोषणाएं भी की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि
पंचप्रयागों में से एक प्रयाग होने के कारण इस भूमि का स्थान उत्तराखण्ड में ही नहीं बल्कि भारत में भी अति विशिष्ट है। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसी सिद्ध भूमि पर आने और यहां मातृशक्ति को समर्पित ब्वै, ब्वारी, नौनी कौथिग कार्यक्रम के तहत जन कल्याण की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार द्वारा पूरे उत्तराखंड का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि रुद्रप्रयाग जिले का सर्वांगीण विकास हो और यह क्षेत्र उन्नति के नए शिखर छुए।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी मातृशक्ति सही अर्थों में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल’’ के मंत्र को धरातल पर उतारने का कार्य कर रही हैं।

आज प्रदेश के दुर्गम गांव-गांव में महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर कुटीर उद्योगों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्वकाल में आज देशभर में करीब 23 करोड़ महिलाओं को जन धन खातों के जरिए बैंकों से जोड़ा जा चुका है।
इसी प्रकार प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना,मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना,लखपति दीदी योजना,मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी योजना, नंदा गौरा मातृवंदना योजना और महिला पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं।
उन्होंने कहा कि बतौर मुख्यसेवक “मेरा ये प्रयास रहा है कि प्रदेश की जनता के हितों के लिए जो भी आवश्यक कदम हों, बिना देरी के उठाएं जाएं।” उन्होंने कहा एक ओर जहां उत्तराखण्ड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई की गई, वहीं भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी पहली बार कार्रवाई करने से हम पीछे नहीं हटे.. !
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार को समान नागरिक संहिता का जल्द ड्राफ्ट मिल जाएगा, जिसके पश्चात समान नागरिक संहिता को लागू करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा ने बीते वर्ष रिकॉर्ड पार किए इस वर्ष सरकार यात्रा को और बेहतर तरीक़े से सुविधाओं को विकसित करने जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल में प्रदेश सरकार उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जिसके तहत 50 देशों के निवेशकों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में वेडिंग डेस्टिनेशन को विकसित करने के लिए भी मिशन मोड में काम कर रही है।
इस अवसर पर विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी ने मुख्यमंत्री का जनपद आगमन पर स्वागत करते हुए जनपद के विकास के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी।
विधायक केदारनाथ शैला रानी रावत ने श्री केदारनाथ धाम यात्रा में नया कीर्तिमान स्थापित होने पर मुख्यमंत्री धामी को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि धामी जी के नेतृत्व में करीब 20 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती अमरदेई शाह, दर्जा धारी राज्यमंत्री अजेन्द्र अजय, चण्डी प्रसाद भट्ट, प्रदेश गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय,अध्यक्ष महिला मोर्चा श्रीमती आशा नौटियाल, भाजपा ज़िलाध्यक्ष महावीर पवार, ज़िलाधिकारी एवं पुलिस कप्तान मौजूद रहे।

मुजफ्फरनगर पुलिस से मुठभेड़ में गौ तस्कर हुए घायल, एक फरार

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मुज़फ्फरनगर। रतनपुरी थाना क्षेत्र में भनवाड़ा गांव के समीप पुलिस की गो तस्करों से मुठभेड़ हो गई, जिसमें पुलिस की गोली लगने से एक गोतस्कर घायल हो गया, जबकि दूसरा मौके से फरार हो गया। घायल गो-तस्कर पर एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
रतनपुरी इंस्पेक्टर अक्षय कुमार शर्मा ने बताया कि बुधवार की रात को पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया हुआ था। अभियान के दौरान मंडावली खादर से भनवाड़ा जाने वाले रास्ते पर स्कूटी सवार दो युवक एक गोवंश को ले जाते हुए नजर आए। पुलिस ने दोनों को रोकने का प्रयास किया तो एक युवक ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं जिसमें एक गो- तस्कर उस्मानपुर छंगा पुत्र सलीम निवासी नगला रियावली रतनपुरी घायल हो गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
घायल गो-तस्कर की निशानदेही पर पुलिस ने बिना नंबर की स्कूटी, जिंदा गोवंश, तमंचा, खोखे, गोवंश कटान के उपकरण भी बरामद किए हैं। गोतस्कर पर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में करीब 14 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। घायल गो-तस्कर का उपचार बुढ़ाना के सरकारी अस्पताल में कराया गया है। पूछताछ के बाद गो-तस्कर का चालान कर दिया गया। बताया गया कि फरार हुए दूसरे गो- तस्कर की तलाश में काफी देर तक पुलिस ने काम्बिग की लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया है।

२६ जनवरी गणतंत्र दिवस पर मिला डॉ. मुस्तफ़ा युसूफ अली गोम को ” राष्ट्रीय रत्न सम्मान ” सुप्रसिद्ध गायक कुमार शानू के हाथों मिला उन्हें यह सम्मान

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२६ जनवरी गणतंत्र दिवस पर मिला डॉ. मुस्तफ़ा युसूफ अली गोम को ” राष्ट्रीय रत्न सम्मान ”
सुप्रसिद्ध गायक कुमार शानू के हाथों मिला उन्हें यह सम्मान

अँधेरी(पश्चिम),मुंबई स्थित मेयर हाल में २६ जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर कृष्णा चौहान फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘ राष्ट्रीय रत्न सम्मान ” कार्यक्रम मे

मुंबई के जाने माने उद्योगपति और समाजसेवी तथा केयर टेकर्स एक्सटीरियर एंड इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. मुस्तफ़ा युसूफ अली गोम को उनके द्वारा किए गए समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए सुप्रसिद्ध गायक कुमार शानू के हाथों ” राष्ट्रीय रत्न सम्मान ” दिया गया।

डॉ गोम को पिछले ही दिनों महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस द्वारा दूसरी बार ‘वाग्धारा सम्मान’ से सम्मानित किया गया था।