सर्व गौ सेवक नहीं सौंप पाए ज्ञापन तो आक्रोशित होकर किया चक्का जाम
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)। मनकी चौक में अज्ञात वाहन द्वारा कई गौवंशों के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में रविवार की दोपहर सर्व गौसेवक दल पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपने गए। हालांकि बिना ज्ञापन सौंपे उन्होंने चक्का जाम कर दिया।
गौरतलब है कि बीते गुरुवार को हाइवे में मनकी चौक के समीप सड़क दुर्घटना में 7 गौवंशों की मौत हो गई थी। ज्ञापन के माध्यम से सर्व गौ सेवक जल्द से जल्द राजनांदगांव के हाइवे के सभी चौक-चौराहों में स्थाई रूप से बेरिकेडिंग की व्यवस्था की मांग करने पहुंचे थे। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे गौसेवकों से पहले नगर पुलिस अधीक्षक ज्ञापन लेने पहुंचे थे।
हालांकि एन वक्त पर जिला पुलिस अधीक्षक के आ जाने से उन्होंने ज्ञापन उन्हें ही सौपना चाहा। लेकिन जिला पुलिस अधीक्षक ने सभी गौ सेवकों से मिलने से इनकार कर दिया। केवल पांच व्यक्तियों को भीतर बुलाने की बात कही। लगातार कहने के बाद भी जब वे बाहर नहीं आये, तब सर्व गौ सेवकों ने सड़क पर आवाजाही रोक दी। इसकी वजह से बहुत देर तक यातायात बाधित रही।
सर्व गौ सेवक दल के लोग लगातार मांग करते रहे कि उनका ज्ञापन लिया जाए। इस तरह से व्यवस्था की जाए कि गाड़ियों की रफ्तार कम हो, ताकि आम जनता एवं जानवरों को दुर्घटना का शिकार नहीं होना पड़े। इस दौरान सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतक गायों को श्रद्धांजलि भी दी।
‘गऊ ग्राम महोत्सव’ the Festival of Cow का आयोजन मुम्बई में


अमीषा पटेल, चंकी पांडेय, डॉ साहिल कादरी, रिमी सेन और अदिती गोवित्रिकर ने लॉन्च किया बिटिका ब्लॉक चैन टेक्नोलॉजी
मुंबई। बिटिका ब्लॉक चैन टेक्नोलॉजी अब दुनिया मे अपना परचम लहराने के लिए बिल्कुल तैयार है और लोग पूरे जी जान से बिटिका ब्लॉक चैन का हिस्सा बनते चले जा रहे हैं। क्या आम और क्या सितारे हर कोई डॉ साहिल कादरी के इस बिटिका ब्लॉक चैन टेक्नोलॉजी का फैन हो गया है और इससे जुड़ना चाह रहा है।
बिटिका ब्लॉक चैन के लांच के मौके पर मुंबई के सहारा स्टार होटल में हज़ारों लोगों ने इसमें हिस्सा लिया और कई अचीवर्स को डॉ साहिल कादरी ने सम्मानित भी किया और साथ ही अमीषा पटेल, चंकी पांडेय रिमी सेन और अदिति गोवित्रिकर ने अपने हाथों से अचीवर्स को कार की चाबी भी दी।
इस मौके पर समीर मुल्ला जो कि ब्लॉक चैन काउंसिलर और मोटिवेशनल स्पीकर हैं उन्होंने लोगों को इस टेक्नोलॉजी के बारे में गहराई से बताया।
डॉ साहिल कादरी के बारे में बस यही कहा जा सकता है कि मंज़िलें उन्ही को मिलती है जिनके सपनो में जान हो और पैरों से कुछ नही होता इरादों में उड़ान हो।
गाय का गोबर होता है कमाल – गाय के गोबर का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में गाय को देवी देवता के तुल्य माना जाता है। धार्मिक शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि गाय के अलग-अलग अंग में अलग-अलग देवी देवता निवास करते हैं। मगर सबसे ज्यादा हिंदू धर्म को मानने वाले गाय के गोबर का इस्तेमाल करते हैं।
ऐसी मान्यता है कि गाय का गोबर बहुत ज्यादा शुभ होता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है। इतना ही नहीं, गाय के गोबर का महत्व क्या होता है, इस पर हमने ज्योतिषाचार्य एवं पंडित विनोद सोनी जी से बात की तो उन्होंने बताया, ‘गाय के गोबर में धन लक्ष्मी का वास होता है। यदि आप गोबर का इस्तेमाल किसी भी कार्य में करते हैं, तो आपको उसके शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।’
गाय के गोबर का धार्मिक महत्व
- हिंदू धर्म में गाय के गोबर को पवित्र माना गया है। आयुर्वेद में चिकित्सा के लिए भी गाय के गोबर का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं धार्मिक लिहाज से देखा जाए तो गाय के गोबर में सकारात्मक ऊर्जा ( नकारात्मक ऊर्जा हटाने के आसान उपाय) होती है। इसलिए इसका प्रयोग पूजा पाठ के दौरान भी किया जाता है।
- दिवाली के दूसरे दिन पड़ने वाली परेवा पर गोवर्धन पूजा होती है। इस पूजा में गोबर से ही गोवर्धन बनाए जाते हैं और उनकी पूजा की जाती है।
- इतना ही नहीं, जिस स्थान को गोबर से लीप दिया जाता है, वह शुद्ध हो जाता है और वहां कोई भी शुभ काम किया जा सकता है।
घर को गोबर से लीपने का महत्व
- प्राचीन समय में गोबर से घर लीपने को बहुत ही शुभ माना जाता था। आज भी इसे शुभ माना जाता है। दरअसल, गाय के गोबर में देवी लक्ष्मी का वास होता है। इस लिए महिलाएं घर के मुख्य द्वार पर गोबर से आर्ट बनाती हैं या फिर पूरी दीवार को ही गोबर से लीप देती हैं।
- कई घरों में आज भी दीवार पर गोबर से चौक बना कर उसकी पूजा की जाती है। वहीं गांव-देहातों में गोबर से दीवार, छत और जमीन भी लीपी जाती है।
- शहरों में कई लोग अपने मुख्य द्वार के दोनों ओर थोड़ा सा गोबर लगा कर उस पर कलावा चिपका देते हैं, यह भी एक शुभ चिन्ह माना गया है।
गोबर के कंडे से हवन के लाभ
- घर में धन की कमी हो या फिर आर्थिक संकट से परिवार जूझ रहा हो। गोबर के कंडे जलाने मात्र से आपको समस्या का समाधान नजर आने लग जाएगा।
- गोबर के कंडे से हवन करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इतना ही नहीं, ऐसा करने से आपको श्री हरी विष्णु भगवान का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
- गोबर के कंडे से हवन करने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मकता नष्ट होती है।
गाय के गोबर का वास्तु
- वास्तु के हिसाब से शुक्रवार के दिन गाय के गोबर को घर लाने से आर्थिक समस्याएं हल होती हैं।
- यदि घर में कोई बीमार है, तो रोज सुबह पूजा करने के बाद गाय के गोबर के कंडों से अग्यारी करें। इससे रोगी की सेहत को लाभ पहुंचता है।
- वास्तु के हिसाब से घर के मुख्य द्वार की दीवार या फिर फर्श को गोबर से लीपने पर देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
अमित शाह ने माणसा में नगरपालिका द्वारा नवनिर्मित सरदार पटेल सांस्कृतिक भवन का उद्घाटन किया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गुजरात में माणसा नगरपालिका द्वारा नवनिर्मित सरदार पटेल सांस्कृतिक भवन का उद्घाटन व अन्य विकास कार्यों का शिलान्यास किया। श्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री पोषण अभियान के अंतर्गत अक्षय पात्र द्वारा नवनिर्मित मध्याह्न भोजन रसोईघर का उद्घाटन और महात्मा गाँधी पुस्तकालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भी किया। साथ ही उन्होने माणसा के सिविल अस्पताल और चंद्रासर तालाब का दौरा किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

अपने सम्बोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि आज बहुत ही पवित्र दिन है और बाल गंगाधर तिलक का जन्मदिन है। लोकमान्य तिलक के जन्मदिन के दिन ही माणसा में सरदार पटेल सांस्कृतिक भवन का निर्माण गुजरात सरकार द्वारा किया गया है। जिस लाइब्रेरी में मैंने भारत का इतिहास, पंचतंत्र, कौटिल्य का अर्थशास्त्र, विदुर नीति, पढ़ने का मौका मुझे मिला, वह लाइब्रेरी टूटी-फूटी हालत में होने के कारण इसकी पुस्तकें गुजरात सरकार को लौटाने की स्थिति आ गई। लेकिन आज उसी लाइब्रेरी का तीन मंजिला भवन किताबों के साथ पुनर्जीवित हुआ है, इस बात की मुझे बहुत खुशी है। इस पुस्तकालय को विश्व के लगभग तीस पुस्तकालयों के साथ सीधा इलेक्ट्रॉनिकली जोड़ा गया है। माणसा के किसी भी विद्यार्थी को किसी भी लाइब्रेरी की कोई किताब पढ़नी हो, तो इस वर्ष 31 अगस्त से ये सभी लाइब्रेरी ऑनलाइन होने वाली हैं और ये सारी पुस्तकें अगर जोड़ लें, तो माणसा पुस्तकालय लाखों पुस्तकों वाला हो जाएगा। मेरी माणसा के युवाओं से अपील है कि किसी भी देश का भविष्य इंडस्ट्री, सेना, टैक्स आदि से तय नहीं होता है, बल्कि उस देश की लाइब्रेरी में कितने युवा जा रहे हैं, उससे तय होता है। यहां विद्यार्थियों के लिए 40 कम्प्यूटर्स की जगह रखी गई है। जिस समय गुजरात सरकार यहां की किताबें वापस की गईं थीं, तब मैं 23 साल का था और मेरी आंख में आंसू आ गए थे। तब गुजरात सरकार से ये विनती की थी कि हमारे यहां इन पुस्तकों को रखने की व्यवस्था नहीं है। गुजरात सरकार ने बहुत मेहनत करके, ताकि किताबें सड़ ना जाएं, इन्हें कैमिकल प्रोसेस करके संभालकर रखी हैं और अब यह सारी किताबों की जगह हमारी लाइब्रेरी में हो गई है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि माणसा में 12 क्षेत्र हैं और यहां वर्तमान में चल रहे सिविल अस्पताल के अलावा बड़ा अस्पताल भी जल्द शुरू किया जाएगा। माणसा में पानी की सप्लाई की योजना मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल जी के नेतृत्व में बनाने का काम चल रहा है और यह भी कुछ समय में पूरी हो जाएगी। इस योजना से लगभग 10 लाख लीटर पानी की दैनिक जरूरत को पूरा किया जाएगा। इसके अलावा माणसा-बावला 4-लेन रोड के लिए मुख्यमंत्री जी ने 40 करोड़ रुपए दिए हैं और विकास योजनाओं के लिए भी 50 करोड़ रुपए का आवंटन आज हुआ है। क्षेत्र के 13 तालाबों को आंतरिक रूप से जोड़ने का कार्यक्रम भी गुजरात सरकार ने बनाया है, जो कि बहुत ही महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। आज हम सब जहां बैठे हैं उस तालाब को नर्मदा के पानी से भरने के लिए 2007 में पाइपलाइन डाली गई थी। गांववालों ने ही 3.5 करोड़ रुपए इकट्ठे करके यहां नर्मदा के पानी के लिए पाइपलाइन डाली है। इसी तालाब से मालन और चंद्रासर मैं पानी जाए, इस तरह की व्यवस्था पुराने समय से की गई है और अब अगर चंद्रासर के साथ बाकी के दस तालाबों को जोड़ दिया जाएं, तो सभी 13 तालाब में 12 महीने नर्मदा का पानी रह सकता है। इसके अलावा लगभग 5,000 टन सॉलि़ड वेस्ट के निकास के लिए भी नगर पालिका ने व्यवस्था की है।

श्री अमित शाह ने कहा कि माणसा का विकास और शिक्षा आजादी से पहले के समय से ही अग्रणी है। पूरे जिले में पहला साइंस कॉलेज तिलवाई के माणसा में बना, इसके अलावा आर्ट्स और कॉमर्स कॉलेज तो यहां उससे भी पहले से थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में माणसा के विकास के लिए गुजरात सरकार शिक्षा और विकास दोनों दृष्टिकोण से हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने को-ऑपरेटिव सेक्टर में कई नए क्षेत्र यहां खोल दिए हैं। हमें यहां इस प्रकार की व्यवस्था करनी है कि सभी 13 प्रकार की सहकारी नीतियां माणसा में शुरू हो सकें और माणसा को-ऑपरेटिव की दृष्टि से एक मॉडल बने। कांजी हाउस, गोबर गैस, गोबर बैंक, सामुदायिक सिंचाई मंडली, पानी बचाने की व्यवस्था जैसी अनेक चीजें एक साथ जुड़ जाएं और मानसा के सर्वांगीण विकास के लिए स्थानीय युवा आगे आएं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यहां आने से पहले मैं 25 हजार बालकों के लिए स्वच्छ भोजन, पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन बनाने की अक्षयपात्र द्वारा की गई व्यवस्था देखकर आया हूं। मेरा आप सभी से आग्रह है कि गांव के प्रत्येक निवासी को यह व्यवस्था एक बार देखनी चाहिए। भोजन बनने की पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी मनुष्य को हाथ लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है, इस प्रकार की व्यवस्था की गई है।
माणसा तहसील के 25 हजार बच्चों के लिए नाश्ता, भोजन और सुकड़ी जैसे पौष्टिक आहार बनाने और इन्हें ताज़ा सभी बालकों तक पहुंचाने की व्यवस्था अक्षयपात्र से हुई है।
श्री शाह ने कहा कि हमें 2024 से पहले माणसा में हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करानी है और ये हम सब मिलकर करेंगे जिसमें गुजरात सरकार हमारे साथ है।
डॉ गुलाब चंद पटेल के जीवन की प्रेरक कहानी
गौ तस्करी में सैगल को नहीं मिली जमानत
आसनसोल : गौ तस्करी मामले में आसनसोल जेल में बंद सैगल हुसैन को शुक्रवार को आसनसोल की सीबीआइ अदालत में पेश किया गया। सैगल बीरभूम के टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल का अंगरक्षक था। सुनवाई में सीबीआइ के वकील राकेश कुमार अनुपस्थित रहे। इस वजह से सीबीआइ की ओर से पक्ष नहीं रखा गया। इस मामले में केस डायरी भी अदालत को नहीं सौंपा गया।
सैगल हुसैन के वकील अनिर्बान गुहा ठाकुरता ने सुनवाई के दौरान कहा कि सैगल हुसैन 40 दिन से अधिक समय से जेल में है। वह मामले में निर्दोष है। इसलिए उसे जमानत दे दी जाए। हालांकि सीबीआइ जज राजेश चक्रवर्ती ने इसे नामंजूर कर दिया। इस मामले में अब अगली सुनवाई पांच अगस्त को होगी। इसलिए सैगल को अभी जेल में ही रहना होगा।
सीबीआइ ने इसके पहले आठ जुलाई को सुनवाई के दौरान अदालत को बताया था कि गौ तस्करी के माध्यम से सैगल हुसैन ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बनाई है। अवैध कमाई से उसने जमीन, फ्लैट, पेट्रोल पंप और कई वाहन खरीदे हैं। सीबीआइ ने अनुब्रत मंडल की संपत्ति के दस्तावेज भी अदालत को सौंपे थे। आरोप है कि अनुब्रत मंडल ने अपने अंगरक्षक सैगल हुसैन के साथ मिलकर मवेशी तस्करी में एनामुल हक के साथ मिल कर खूब पैसा कमाया। इन पैसों से इन्होंने आकूत संपत्ति बनाई है। यह भी दावा किया गया है कि बीरभूम और मुर्शिदाबाद में अनुब्रत मंडल के काफी पत्थर खदान हैं। अंगरक्षक सैगल हुसैन के पास तीन एकड़ जमीन के सात लीज डीड मिले हैं। यह तीन एकड़ जमीन मुर्शिदाबाद में है।
सैगल का मोबाइल फोन फारेंसिक जांच के लिए हैदराबाद भेजा
सीबीआइ को गौ तस्करी मामले में सैगल हुसैन के खिलाफ कई सबूत मिले हैं। पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने कोर्ट से सैगल हुसैन के जब्त मोबाइल की फारेंसिक जांच के लिए अनुमति देने का आग्रह किया था। अदालत ने इसपर अपनी सहमति जता दी थी। इसके बाद मोबाइल को जांच के लिए हैदराबाद भेजा गया है। सीबीआइ का कहना है कि सैगल हुसैन के मोबाइल से कई खुलासे होंगे। शुक्रवार को सीबीआइ के वकील राकेश कुमार के अनुपस्थित रहने के कारण सैगल हुसैन के मोबाइल की जांच के बारे में कुछ पता नहीं चल सका। अगली सुनवाई तक जांच रिपोर्ट आने की संभावना है।
VHP के केंद्रीय महामंत्री ने कहा- झारखंड में बढ़ती गौ तस्करी देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा
रांची, जासं। VHP Statement on Cow Smuggling in Jharkhand झारखंड में महिला पुलिस अधिकारी की गौ तस्करों द्वारा नृशंस हत्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए विश्व हिंदू परिषद ने गौ तस्करों को पूरी तरह कुचलने की मांग की है। विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने गुरुवार को प्रेस वक्तव्य के माध्यम से कहा है कि एक जाबांज महिला पुलिस अधिकारी के राजधानी रांची में गौ तस्करों द्वारा नृशंस हत्या ने ना सिर्फ झारखंड की कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगाया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि इस्लामिक जिहादियों व गौ-तस्करों के हौसले कितने बुलंद हैं। झारखंड में बढ़ती गौ तस्करी देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है।
पुलिस अधिकारी संध्या के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने झारखंड सरकार से उनके परिवार को उचित आर्थिक सहायता शीघ्र दिए जाने के साथ राज्य में गौ तस्करों की कारगुजारियों को कठोरता से कुचलने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बहन संध्या को श्रद्धांजलि देने एवं गौ तस्करों पर लगाम लगाने के लिए विहिप के कार्यकर्ता 22 जुलाई शुक्रवार को पूरे झारखंड में प्रदर्शन करेंगे।
गौ तस्करों के लिए स्वर्ग बन चुका है झारखंड
परांडे ने कहा कि झारखंड गोतस्करों का स्वर्ग बन चुका है। झारखंड से होकर बड़े पैमाने पर गौवंश को कटाई के लिए बंगाल ले जाया जा रहा है। ऐसे सभी मार्गों को गौ तस्करों के लिए अबिलंब सील किए जाने की आवश्यकता है।
गौतस्करी का पैसा जिहाद आतंकवाद में लगाया जा रहा
परांडे ने कहा, अनेक बार ये तथ्य उजागर हुए हैं कि गोतस्करी का पैसा जकात, जिहाद व आतंकवाद में लगाया जा रहा है। इस अवैध तस्करी से ना सिर्फ हिंदू आस्था पर चोट पहुंचाई जा रही है अपितु, गौ-तस्करी से देश की आंतरिक सुरक्षा को भी गंभीर खतरा है। विश्व हिंदू परिषद की मांग है कि राज्य में गौ हत्याओं, गौ तस्करी व जिहादी गतिविधियों के विरुद्ध सरकार कठोर कार्रवाई करें।
महेश भट्ट द्वारा प्रशंसित सतीश पंचारिया और विक्रम भट्ट की दूरदर्शिता ‘स्टूडियो वर्चुअल वर्ल्ड’
के सेरा सेरा व विक्रम भट्ट ने दहिसर में 50,000 स्क्वायर फुट में फैला भारत का पहला वर्चुअल प्रोडक्शन स्टूडियो खोला जहाँ ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर बेस्ड फिल्म ‘खिलौने’ और ‘1920 हॉरर ऑफ द हार्ट’ का होगा निर्माण
मुम्बई। पूरी तरह से वर्चुअल प्रोडक्शन में बनी दुनिया की पहली फिल्म ‘जुदा होके भी’ की सफलता का उत्सव मुम्बई के फाइव स्टार होटल जे डब्ल्यू मैरियट में मनाया गया जहां महेश भट्ट, विक्रम भट्ट और के सेरा सेरा के चेयरमैन सतीश पंचारिया उपस्थित थे।
इस अवसर पर वर्चुअल वर्ल्ड द्वारा बनाई जा रही दो और फिल्मों की भी घोषणा की गई। उनमें से एक फिल्म ‘खिलौने’ होगी जो हिंदी के साथ अंग्रेजी में भी बनाई जा रही है जिसे विक्रम भट्ट निर्देशित करने जा रहे हैं। वहीं 1920 की फ्रेंचाइजी ‘1920 हॉरर ऑफ द हार्ट’ की घोषणा भी की गई जिसे विक्रम भट्ट की पुत्री कृष्णा भट्ट डायरेक्ट करेंगी। 1920 की अगली कड़ी में जहां अविका गौर मुख्य भूमिका में होंगी वहीं फिल्म ‘खिलौने’ में अनुप्रिया गोयंका सेंट्रल किरदार प्ले करेंगी।
इस अवसर पर विक्रम भट्ट ने देश के पहले और सबसे बड़े वर्चुअल प्रोडक्शन स्टूडियो के बारे में भी बात की जिसे उन्होंने सतीश पंचारिया के साथ मिलकर खोला है।
महेश भट्ट ने कहा कि फिल्म ‘खिलौने’ ह्यूमन ट्रैफिकिंग की कहानी है। ‘जब इंसान की औकात एक खिलौने की तरह हो जाती है’ इसी सिचुएशन की स्टोरी है इसलिए इसका टाइटल खिलौने है। एक लड़की की दिल को छू लेने वाली कहानी है। जैसा कि सतीश जी ने कहा कि हम सिर्फ 9000 सिनेमाघरों को टारगेट नहीं कर रहे हैं बल्कि दुनिया भर के डेढ़ लाख सिनेमाघरों तक फिल्म को पहुंचाने का टारगेट रखते हैं। हमें थोड़ी हिम्मत और जुर्रत करके बड़े सपने देखने चाहिए। सपने भी अगर छोटे देखें तो फिर क्या बात हुई। लेकिन सिर्फ सपने देखने से काम नहीं चलेगा आपको विज़नरी भी होना होगा, विक्रम भट्ट और सतीश पंचारिया ने एक ख्वाब देखा और उसे पूरा किया। और वो भी ऐसे समय मे किया जब कोविड का बुरा दौर चल रहा था।
महेश भट्ट ने आगे कहा कि जैसा कि विक्रम ने बताया कि इसने कभी ऐसा सोचा ही नहीं था कि कभी ऐसा समय भी आएगा जब वह एक कमरे में कम्प्यूटर से घिरा होगा, और सिर्फ एक स्टूडियो में पूरी फिल्म बना देगा। ‘जुदा होके भी’ में हर तरह के सीन हैं, रेलवे स्टेशन है, ट्रेन है, बर्फ के पहाड़ हैं, महल हैं सब कुछ है। लेकिन यह सब वर्चुअल शूट किया गया है और यह सब लेटेस्ट तकनीक का कमाल है जिसे विक्रम भट्ट ने डिस्कवर किया है। विक्रम भट्ट 14-18 घन्टे तक काम करते थे।
‘जुदा होके भी’ फिल्म एक मिसाल बन गई है जिसे हिंदुस्तान की अवाम ने सराहा है। किसी को भी फ़िल्म, टेलीविजन, ओटीटी के लिए कोई कंटेन्ट बनाना है तो इस स्टूडियो में हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध है।
विक्रम भट्ट ने बताया कि मेरी बेटी कृष्णा ने जब फिल्मों में अपनी रुचि दिखाई तो सबसे पहले वह फिल्म 1920 के सेट पर आई थी जिसे मैं डायरेक्ट कर रहा था। उस वक्त वह हॉरर सीन में बहुत डरती थी और आज वह ‘1920 हॉरर ऑफ द हार्ट’ डायरेक्ट कर रही है। इस फिल्म को भी हम वरचुअल वर्ल्ड में शूट कर रहे हैं। मैं फिल्म ‘खिलौने’ खुद डायरेक्ट कर रहा हूँ। यह बहुत बड़ी एक्शन फिल्म होगी और यह दुनिया की सबसे बड़ी एक्शन फिल्मों का मुकाबला करेगी। इसलिए हम इसे अंग्रेजी में भी बना रहे हैं।
आपको बता दें कि के सेरा सेरा और विक्रम भट्ट की वर्चुअल प्रोडक्शन तकनीक फिल्म निर्माण के ढंग को बदलने के लिए तैयार है। के सेरा सेरा और विक्रम भट्ट ने मुंबई में स्थित दहिसर हाईवे पर भारत का पहला वर्चुअल प्रोडक्शन स्टूडियो खोला है जो 50,000 स्क्वायर फुट के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें एक समय में 4 फिल्मों की शूटिंग के लिए 4 फ्लोर हैं।
के सेरा सेरा और विक्रम भट्ट के स्टूडियो वर्चुअल वर्ल्ड के द्वारा खर्च पर काफी कंट्रोल किया जा सकता। यह बहुत ही भव्य और हॉलीवुड सिनेमा के बराबर है। अब बॉलीवुड फिल्म निर्माता हमसे जुड़कर ग्लोबल बन सकते हैं और क्षेत्रीय फिल्म निर्माता इसे राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा बना सकेंगे। सरल शब्दों में कहें तो कम से कम निवेश के साथ हम ज़्यादा विज़ुअलाइज़ेशन प्रदान करते हैं। अगर आप किसी प्रोजेक्ट में 5 करोड़ का निवेश करते हैं, तो हमारा स्टूडियो वर्चुअल वर्ल्ड इसे 30 करोड़ के प्रोजेक्ट जैसा बना देगा।
सतीश पंचारिया ने कहा कि इस तकनीक से हमारी पूरी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री दुनिया को अपनी ताकत दिखा सकती है। हम हमेशा एक खास तरह की फिल्म एक निश्चित बजट में बनाते रहे हैं। हमारे पास ‘द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’, ‘स्टार वार्स’ और एवेंजर्स जैसी बड़ी फिल्में बनाने के लिए बजट नहीं था। लेकिन इस नई तकनीक के साथ यह सम्भव हो गया है।









