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कुमाऊं मण्डल के पिथौरागढ़ जनपद में गंगोलीहाट कस्बे में है ,रहस्यमय है पाताल लोक की दुनिया  भुवनेश्वर गाँव

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(दीपक नौगाई’अकेला’-विनायक फीचर्स)     प्रकृति के जितने करीब जाओ , उतना ही वह नए रुप में हमारे सामने आती है । बात उतराखण्ड की हो तो इस देवभूमि मे अनेक ऐसे रहस्यमय स्थान है,  जिनके दर्शन आपको चकित एवं मंत्रमुग्ध कर देंगे । ऐसा ही एक स्थान कुमाऊं मण्डल के पिथौरागढ़ जनपद में गंगोलीहाट कस्बे  के समीप भुवनेश्वर गाँव में है । यह है पाताल भुवनेश्वर गुफा ।  प्रकृति का एक अनबूझ रहस्य जिसके लोक में पहुँच कर युगों युगों का इतिहास एक साथ प्रकट हो जाता है ।  

 गुफा के भीतर  ऊबड़-खाबड़,  टेढे मेढ़े पत्थरों पर पैर टिका कर 84 सीढ़ियों से होकर गुजरते हुए आप पाताल लोक  मे पहुँच जाते हैं । अंदर की अद्भुत दुनिया रोमांचित कर देती है । छोटी बड़ी विभिन्न देवी देवताओं व पशु पक्षियों के आकार की शिलाएँ । एक ऐसा रचना संसार जिसकी बाहर रहते आपने कभी कल्पना भी नहीं की होगी । धरती के भीतर बड़ी गुफा जो कई भागों में बंट जाती है । बीच में मैदानी हिस्से भी फैले हुए हैं ।

    पहले लोग मशाल जला कर गुफा में जाते थे । लंबे समय तक मशाल के धुएं से गुफा के भीतर कालिख की परत जम गई । 1989 में  सेना के सहयोग से जेनरेटर की व्यवस्था कर गुफा के अंतिम छोर तक रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है । गुफा के रास्ते के दोनों ओर जंजीर लगाई गई है,  जिसे पकड़ कर यात्री प्रवेश करते और बाहर आते हैं । गुफा में जाने के लिए फीस भी रखी गई है ।  

  स्कंद पुराण में भी उल्लेख 

 स्कंद पुराण के 103 वें अध्याय में पाताल भुवनेश्वर गुफा का वर्णन है,  जिसमें व्यास जी ने कहा है कि मैं एक ऐसी जगह का वर्णन करता हूँ , जिसके पूजन करने के संबंध में तो कहना ही क्या,  जिसका स्मरण और  स्पर्श मात्र करने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं । वह सरयू रामगंगा के मध्य पाताल भुवनेश्वर है ।

   वर्ष 2007  से यह गुफा भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन है । हालांकि गुफा में प्रवेश व जनरेटर की व्यवस्था का कार्य मंदिर कमेटी द्वारा किया जाता है ।मुख्य व्यवस्थापक दान सिंह भंडारी ने विशेष रुचि व प्रयासों से गुफा स्थल को विकसित किया है ।

   भुवनेश्वर गाँव निवासी स्वर्गीय मेजर समीर कोतवाल की स्मृति में गाँव से गुफा की ओर जाने वाले मार्ग में बने प्रवेश द्वार को ‘ समीर द्वार ‘ नाम दिया गया है । मेजर समीर 28 अगस्त 1999 को आसाम में  उग्रवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे । द्वार के बगल में मेजर की प्रस्तर प्रतिमा भी  स्थापित है ।

कहते हैं कि इस अद्भुत गुफा के दर्शन त्रेता युग में अयोध्या के राजा ऋतुपूर्ण ने पहली बार किये थे। राजा चौपड़ खेलने के बहुत शौकीन थे । उनके मित्र राजा नल भी इस खेल के महारथी थे । पर एक बार वे इस खेल में अपनी पत्नी दमयंती को हार गए । राजा नल इस हार से बहुत शर्मिंदा हुए और वे राजा ऋतुपूर्ण को साथ लेकर हिमालय की यात्रा पर निकल पड़े ।

     एक दिन घने जंगल में उन्हे असाधारण हिरण दिखा । राजा नल ने कहा इस हिरण को जिंदा पकड़ना है । दोनों उसे पकड़ने के लिए उसके पीछे लग गए । हिरण का पीछा करते हुए वे भुवनेश्वर गाँव जा पहुंचे । शाम हो गई और हिरण भी कहीं दिखलाई नहीं दिया । राजा रास्ता भटक गए । रात में उन्हे स्वप्न हुआ और आवाज़ सुनाई दी- ‘ तुम  क्षेत्रपाल देवता की तपस्या करो, वही तुम्हें रास्ता बताएंगे । ‘ राजा तपस्या करने लगे। कुछ दिनों बाद क्षेत्रपाल ने दर्शन  दिए और कहा कि इस स्थान पर एक बड़ी सुरंग है,  जहाँ कई गुफाएं है और जहां कण कण में भगवान शिव निवास करते हैं । क्षेत्रपाल ने राजा को इस दिव्य लोक में पहुँचा दिया ।

      यह भी माना जाता है कि अपने अज्ञात वास में पाण्डव भी यहाँ आए थे । उन्होंने कुछ समय इस गुफा में वास किया था । गुफा के भीतर चौपड़ की आकृति भी बनी हुई है ।  822 ई मे अपनी दिग्विजय यात्रा के दौरान आदि गुरु शंकराचार्य भी यहाँ आए। उन्होंने गुफा के अंदर एक जगह पर तांबे का शिवलिंग स्थापित किया । गुफा में जाने वाले श्रृद्धालु इस शिवलिंग की पूजा अर्चना करते हैं ।

तीन किमी तक पीछा कर गौ रक्षकों ने पकड़े तस्कर

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 तस्करों के साथ मिलकर गौकशी के लिए दिल्ली से मेवात ले जाई जा रही गाय को गौरक्षकों ने बचाया है। गौ रक्षकों की टीम ने तस्करों का करीब तीन किलोमीटर तक पीछा किया और आरोपियों को काबू करने में मदद की है। टीम ने बरामद की गई दोनों गायों को खांडसा गौशाला में भेजा है। सेक्टर-50 थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, गौरक्षकों को सूचना मिली थी कि महिंद्र पिकअप गाड़ी में कुछ गौ तस्कर गाय को मेवात में गौकशी करने के लिए ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर गौरक्षकों की टीम ने राजीव चौक पर पुलिस के साथ नाकाबंदी शुरू कर दी। कुछ देर में एक पिकअप टीम को दिखाई दी जिसने गाड़ी को भगा दिया। गौ रक्षकों ने करीब तीन किलोमीटर तक पीछा करते हुए पिकअप को सेक्टर-50 थाना एरिया के रेडिसन होटल सोहना रोड के पास रोक लिया जिसमें एक युवक को काबू कर लिया गया।
आरोपी की पहचान दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले बाबू के रूप में हुई। पूछताछ में सामने आया कि वह यह दोनों गाय को मेवात में गौकशी के लिए ले जा रहा था। यह गाय उसने तस्करों के हवाले करनी थी। इस पर टीम ने उसे काबू कर लिया। सेक्टर-50 थाना पुलिस ने गौ रक्षक चमन खटाना की शिकायत पर केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर दोनों गाय को खांडसा गौशाला में भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति सह उत्थान के लिए अग्रिम पंक्ति में संघर्ष करेंगीं अभिनेत्री पाखी हेगड़े .!

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जैसे ही अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर श्रीराम मंदिर के पुनर्निर्माण का आदेश भारत के सर्वोच्च न्यायायलय ने दिया उसी समय से भारत के अन्य प्राचीन मंदिरों के पुनरुत्थान के प्रति सनातन धर्मावलंबियों में एक आशा की किरण जागृत हो गई ।
इसी कड़ी में श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर मथुरा व ज्ञानवापी मन्दिर बनारस को लेकर दशकों से संघर्ष कर रहे लोगों को अब आशा की किरण नज़र आने लगी है । इसी कड़ी में अभिनेत्री पाखी हेगड़े श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर के पुनरुत्थान के लिए जीजान से जुट गई हैं । ऐसा पहली बार हो रहा है कि कोई अभिनेत्री सनातन धर्म के किसी संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं ।
इस मुहिम में अग्रणी भूमिका निभाने के बारे में पूछे जाने पर पाखी हेगड़े कहती हैं कि अपने हक़ के लिए, अपनी रोजी रोटी के लिए तो हर कोई  हर रोज संघर्ष करता है लेकिन अपने धर्म के लिए संघर्ष करना भी अपनी जिम्मेवारी होती है इसे हम सबको समझना होगा।
पाखी हेगड़े कहती हैं कि आज वे इस मुहिम में पूज्य फहरम रत्न श्री देवकी नंदन ठाकुर जी महाराज के सानिध्य में आकर इस संघर्ष की साथी बनी हैं। और इनकी यह यात्रा तब तक अनवरत जारी रहेगी जब तक श्रीकृष्ण मन्दिर का पुनर्निर्माण नहीं हो जाता । ऐसा करने वाली वो अकेली अभिनेत्री हैं जो अपने मुख्यधारा अभिनय से परे रहकर इस धर्म कार्य मे बढ़चढ़कर हिस्सा ले रही हैं ।
आमतौर पर अभिनेता ऐसे किसी आयोजन से अपनेआप को दूर रखते हैं लेकिन पाखी इस बावत कहती हैं कि बात जब धर्म की हो तो आप कभी पीछे मुड़कर नहीं देखते ।
धर्मयुद्ध में यदि आप अपने धर्म के साथ नहीं खड़ा हो सकते तो समाज आपको  क्यों याद रखना चाहेगा ? पाखी हेगड़े कहती हैं कि आगामी 25 फरवरी को संत संसद का आयोजन होने जा रहा है जहाँ वे इस संघर्ष में अपनी सक्रियता/सहभागिता दिखाएंगी ।
पाखी संत समागम में श्री देवकी नंदन ठाकुर जी को सम्बोधित करते हुए कहती हैं कि मैं इस देश की बेटी होने के नाते ,एक सच्ची सनातनी होने के नाते इस माननीय मंच से सभी बहन बेटियों की तरफ से सभी सनातनियों की तरफ से आपको धन्यवाद करना चाहती हूं , की आपने हमारे धर्म के लिए हमारे भगवान के लिए इस देश की बहन बेटियों की सुरक्षा और मान सम्मान के लिए हमारी श्री कृष्ण जन्मभूमि के लिए हमेशा आवाज उठाई है और हमारे सनातन धर्म का हमारी संस्कृति का हमारे देश का झंडा विदेशों तक लहराया है।

लालकुआं-अमृतसर मध्य ट्रेन संचालन पर मुख्यमंत्री धामी ने किया केंद्र सरकार का आभार

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देहरादून,20 फरवरी, केंद्र आदेशनुसार लालकुआं रेलवे स्टेशन से अमृतसर जंक्शन के लिए ट्रेन संचालन को रेल मंत्रालय ने मंजूरी प्रदान कर दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण मार्ग में रेल संचालित होने से निश्चित ही यात्रियों को यात्रा करने में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विगत 2 दिसंबर 2023 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर काठगोदाम से अमृतसर के मध्य रेल सेवा के संचालन का अनुरोध किया था।
रेल मंत्रालय ने लालकुआं-अमृतसर के मध्य ट्रेन संचालन को मंजूरी प्रदान कर दी है। रेल मंत्रालय द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है कि नयी ट्रेन के संचालन को मंजूरी दे दी गई है।जिस पर मुख्यमंत्री ने केंद्र के इस निर्णय का हार्दिक स्वागत किया है !

भावुक हुए धामी ने कहा, रोम-रोम भक्तिमय और प्रफुल्लित हुआ मन

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देहरादून,20फरवरी, मंगलवार को उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। इस दौरान सभी बेहद उत्साहित और भक्ति भाव में डूबे हुए नजर आए।

मुख्यमंत्री धामी मंत्रिमंडल में अपने सहयोगियों सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डॉ धन सिंह रावत, श्रीमती रेखा आर्य एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल के साथ जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे अयोध्या धाम के लिए रवाना हुए। अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा में पहुंचने पर मुख्यमंत्री धामी और उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों का भव्य स्वागत हुआ।
इस अवसर पर वातावरण जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। यहां से वह राम जन्मभूमि के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री एवं उनके सहयोगी श्री अयोध्या धाम में प्रभु राम को साष्टांग नमन कर पूजा अर्चना की। दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भावुक हो कहा कि श्री रामलला के दर्शन से रोम-रोम भक्तिमय और मन प्रफुल्लित है। यह सत्य है कि रामलला को कई वर्षों तक टेंट में रहना पड़ा। आज भव्य मंदिर में रामलाला के दर्शन किए। मैं भाव विह्वल हूं और प्रभु श्रीराम के चरणों में समर्पित हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में उत्तराखंड वासियों के लिए उत्तराखंड सरकार राज्य अतिथि गृह बनाने की तैयारी कर चुकी है। 4700 वर्ग मीटर में बनने वाले इस राज्य अतिथि गृह को बनाने के लिए हमारी सरकार ने
भूमि की खरीद को लेकर 32 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से भगवान श्री राम के दर्शन करने के लिए अयोध्या पहुंचने वाले श्रीराम भक्तों को इस राज्य अतिथि गृह में सुविधा मुहैया करवायी जाएगी।

गाजीपुर उत्तर प्रदेश की रहने वाली दोनो बहन और भाई सोसल मीडिया पे धूम मचा रखे हैं

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गाजीपुर उत्तर प्रदेश की रहने वाली दोनो बहन और भाई सोसल मीडिया पे धूम मचा रखे हैं। इनके YouTube Channel का नाम #Yadavpoonam08 and #yadavkriti880 आप लोग को बता दू की इनकी शॉर्ट फिल्म (प्राथमिक विद्यालय ) बहुत जल्द आप लोग को देखने को मिले गी। जिसके डायरेक्टर उन लोग के बड़े भाई
सुनील यादव सोनुवा जी है।
बहुत हि अच्छी स्टोरी बताई जा रही है।
जिसमे कई कलाकार हैं जैसे की उमेश यादव युवी, विशाल यादव, अमित यादव, संजना सिंह, और कई बाल कलाकार है। इस फिल्म के कैमरा मैन धर्मेंद्र विश्वकर्मा जी है।
बहुत जल्द इसका दूसरा पोस्टर भी लॉन्च होगा.

चर्चाओं के बीच एक बार फिर आ गई ‘खुदाई’

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            भारतीय फिल्म जगत के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना की फिल्म ‘खुदाई’ 1994 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में दीपिका चिखिलिया और माधवी ने भी काम किया था। मानवीय संवेदनाओं को परिभाषित करती इस फिल्म को सिनेदर्शकों ने अपना भरपूर प्यार दिया था। इस फिल्म के बाद अभिनेत्री दीपिका चिखिलिया का नाम तेजी से उभर कर सामने आया और बाद में रामानंद सागर की ‘रामायण’ में सीता बन कर सिनेफलक पर छा गई। अब 21वीं सदी के दौर में ए जे फिल्म्स क्रिएशन बैनर तले निर्मित फिल्म ‘खुदाई’ एक बार फिर सिने दर्शकों तक पहुंच चुकी है और फिलवक्त बॉलीवुड में चर्चा का विषय बनी हुई है। यह फिल्म असत्य पर सत्य की जीत की कहानी है। एक जांबाज पुलिस ऑफीसर महेश पंडित शिव भक्त है। सत्य की राह पर चलते हुए न्याय के लिए समाज के जालिमों लड़ता है। महाकाल की कृपा से वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होता है।
महाकाल अपने भक्त की कैसे मदद करते हैं, यही ‘खुदाई’ है। यह एक्शन प्रधान फिल्म है। एक्शन डायरेक्टर रॉबर्ट जॉन फोंसेका ने जबरदस्त मारधाड़ के दृश्य फिल्माए हैं। एक्शन के साथ इस फिल्म में इमोशंस, ड्रामा और रोमांस भी है। अब्दुल जब्बार अंसारी, स्नेहा, अनिल धवन, रमेश गोयल, अली खान, जावेद हैदर, अखिलेश गौड़, अरुण सिंह, श्री राज, आर के शुक्ला आदि ने फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. अब्दुल जब्बार अंसारी की इस फिल्म में महाकाल की महिमा व शिव की शक्ति का बहुत खूबसूरती से फिल्मांकन किया गया है। यूसुफ अली खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म के संपादक स्वदेश मिश्रा हैं। सह निर्माता उमेरा अंसारी और कार्यकारी निर्माता शोएब अंसारी हैं। गीतकार जमील अहमद के गीतोंं को संगीतकार राजा अली और सलीम सेन ने रितु पाठक, शाहिद माल्या और मनीष शर्मा के मधुर स्वर में संगीतबद्ध किया है। सभी गानों को महेश जैन ने कोरियोग्राफ किया है। फिल्म के लेखक  सलीम अहमद  और छायाकार मनोज राजभर हैं।
प्रस्तुति : काली दास पांडेय

अनिल धवन, राजेश मित्तल, अरुण बख्शी, राजू श्रेष्ठा की उपस्थिति में “संदेह द डाउट” का ट्रेलर हुआ लॉन्च

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फिल्म “संदेह द डाउट” के ट्रेलर में है रोमांस, सस्पेंस के साथ भावनात्मक कहानी की झलक

मुंबई। निर्माता प्रदीप श्रीवास्तव की हिंदी फिल्म संदेह द डाउट का ट्रेलर मुम्बई के इम्पा में लॉन्च किया गया।
इस अवसर पर अभिनेता अनिल धवन, फिल्म वितरक और निर्माता निर्देशक राजेश मित्तल, अरुण बख्शी सहित फिल्म के सभी कलाकार मौजूद थे। फ़िल्म के निर्देशक अयाज़ खान, राइटर श्वेता श्रीवास्तव, सह निर्माता सोनी राय हैं। इम्पल्स सिने एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के संजय राय ने इस फ़िल्म को प्रस्तुत किया है।
मित्तल एडवरटाइजिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन के राजेश मित्तल द्वारा यह फ़िल्म 1 मार्च 2024 को ऑल इंडिया रिलीज होने जा रही है। राजेश मित्तल अब तक 150 से भी अधिक फिल्मों का वितरण कर चुके हैं। इसके साथ ही वे बतौर निर्माता निर्देशक 40 फिल्में बना चुके हैं।
इस अवसर पर ट्रेलर के साथ फ़िल्म के गाने भी दिखाए गए। दिल बावरा एक रोमांटिक गीत है तो वहीं इसमे एक पार्टी सॉन्ग भी है साथ ही एक सैड सॉन्ग दिल रोया भी है।
निर्माता प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि हम राजेश मित्तल के बेहद आभारी हैं कि उन्होंने मुम्बई में हमें अपनी बात रखने का इतना बड़ा मंच दिया। फ़िल्म 1 मार्च को रिलीज होगी और इसमे समाज के लिए एक सीख है।
इस अवसर पर अनिल धवन, अरुण बक्शी, राजू श्रेष्ठ, कल्याणजी जाना, अरुण बख्शी सहित कई अतिथियों को शॉल देकर सम्मानित किया गया।
राजेश मित्तल ने कहा कि फ़िल्म संदेह “वो कौन थी” की याद दिलाती है। कौन मर्डर करता है पता नही चलता। मैं 50 साल से इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ हूं। मैं सिर्फ कमीशन के आधार पर फिल्में रिलीज करता हूं इसीलिए मेरे पास आज कई फिल्में हैं, यह सब निर्माताओं का प्यार है। अनिल धवन ने मेरी कई फिल्मों में काम किया है।
निर्माता प्रदीप श्रीवास्तव ने फ़िल्म में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई है। अनिल धवन ने कहा कि मेरी ओर से इस फिल्म के सभी एक्टर्स, निर्माता निर्देशक को ढेर सारी शुभकामनाएं। नए प्रतिभाशाली कलाकारों का बॉलीवुड हमेशा स्वागत करता है। वे अपने टेलेंट के दम पर ही टिक पाते हैं।
फिल्म में रिया कपूर, पुलकित रायजादा, पवन विक्रम, नीतीश भलुनी, गौरव कुमार, प्रदीप श्रीवास्तव, रितिका गुप्ता, सोनम सैनी, दुष्यंत सिंह, शिवानी सौम्या, लोकेश मोहन खट्टर और संजय रायजादा ने अभिनय किया है। ट्रेलर देखने से लगता है कि फ़िल्म सस्पेंस थ्रिल मर्डर मिस्ट्री से भरपूर है साथ ही गीत संगीत और खूबसूरत लोकेशन भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगी।

– संतोष साहू

जोशीमठ का मुकुट है औली का जादुई संसार

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(दीपक नौगाई-विभूति फीचर्स)

चमोली जिले मे बदरीनाथ मार्ग पर जोशीमठ नगर आजकल चर्चा में है। कमजोर पहाड़ियां दरक रही है । घरों में दरारें आ गई है और लोग डर के साए मे जी रहे है । भविष्य में क्या होगा कोई नहीं जानता ।

जोशीमठ के ठीक ऊपर है औली, जिसे हम आज स्कीइंग के लिए जानते है । सुना है औली रोप वे का एक टावर भी खतरे में है । भविष्य में औली के ढलानों में भी दरारें पड़ सकती हैं,  इससे इंकार नहीं किया जा सकता । फिलहाल तो सरकार यहाँ विंटर गेम्स की तैयारी कर रही है ।

नब्बे के दशक में युवक मंगल दल की ओर से औली जाने का अवसर मिला था । यदि वाहन से जाए तो जोशीमठ से औली की दूरी 12 किलोमीटर है , पर हम ट्रेकिंग करते हुए 5 किलोमीटर  की सीधी चढाई चढ़ते हुए और बर्फ मे चलते हुए औली पहुँचे । यह दिसंबर माह की बात है । ट्रेकिंग हेतु कपड़े, जूते , छड़ी आदि आपको जोशीमठ में किराए पर मिल जाएंगे ।

औली मे अब बहुत कुछ बदल गया है । अब तो कई होटल बन गए है । एक कृत्रिम झील भी बनाई गई है । कुछ साल पहले एक चर्चित शादी समारोह से औली काफी चर्चा में आया था । मामला कोर्ट तक भी गया था । सारे नेता शादी मे मौजूद थे । इस चर्चित शादी समारोह से औली के प्राकृतिक स्वरुप से कितनी छेड़छाड़ हुई , इसकी चिंता किसी ने नहीं की ।

औली मूलतः निकट के गांवो का गोचर है । यह एक प्राकृतिक मैदान है, जिसे पहाड़ मे बुगयाल  कहा जाता है । बुगयाल यानी मखमली घास की लहलहाती धरती । छह महीने यह बुगयाल बर्फ से ढका रहता है । बुगयाल हिमालय में वृक्ष समाप्ति रेखा है और शाश्वत हिम रेखा के बीच का क्षेत्र है , जो गर्मियों में अतुलनीय हरियाली की ओढनी ओढ़ लेता है । अधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहाँ वृक्ष बहुत कम पाए जाते हैं । यहां की घास में  छोटे छोटे रोए पाए जाते हैं,  जो घास को अत्यधिक सर्दी से बचाते हैं ।

औली सालो से आसपास के गांवों के पशुओं का चरागाह था । 1962 मे भारत पर चीन के आक्रमण के बाद इसे सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र माना गया और इस हेतु जोशीमठ से औली तक हल्के वाहनों को पहुंचाने के लिए सड़क बनाई गई,  जो ‘ वनटन रोड ‘ के नाम से जानी जाती है ।

औली आज अपने खूबसूरत स्कीइंग मैदानों के लिए जाना जाता है । कई स्कीइंग प्रेमियों ने इसकी तुलना स्विट्जरलैंड के मैदानों से की है । 1939 मे औली में क्रिसमस के अवसर पर जो खेलकूद हुए, उसे ही देश की पहली स्कीइंग प्रतियोगिता माना जाता है । लेकिन सही मायने मे औली में स्कीइंग के खेल की शुरुआत करने का श्रेय भारत तिब्बत सीमा पुलिस को जाता है , जिसने सत्तर के दशक के शुरुआती सालों में अपने जवानों को स्कीइंग के खेल का  प्रशिक्षण देने हेतु विंटर क्राफ्ट सेंटर की स्थापना की ।

1978 से यहाँ स्कीइंग का खेल बकायदा शुरु हुआ । तब से लेकर अब तक पुलिस खेलों के अलावा कई राष्ट्रीय शरदकालीन स्कीइंग प्रतियोगिताओ का आयोजन यहाँ हो चुका है  । औली के ढलानों को विश्व के कई प्रसिद्ध ढलानों के समान माना जाता है । ये ढलान समुद्र सतह से लगभग 2519 से 3049 मीटर ऊँचाई तक फैली हुई है ।

1984 मे गढ़वाल मण्डल विकास निगम ने औली को पर्यटन विकास के मद्देनजर सेंटर के रुप मे विकसित करने की पहल की । आज यहाँ सैलानियों के ठहरने के पर्याप्त इंतजाम है । अब यहाँ जनवरी से मार्च तक प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है । अनुभवी  प्रशिक्षक आन द स्पाट प्रशिक्षण देते हैं । तब यहाँ का नजारा देखने लायक होता है । अगर आप को ठंडी हवाओं और गुनगुनी धूप के बीच बर्फ में

गऊ मांस की होती थी होम डिलीवरी – मेवात में गौ-तस्कर के ठिकानों पर चला बुलडोजर

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राजस्थान की भाजपा सरकार ने गौतस्करों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए खैरथल-तिजारा जिले के मेवात इलाके में तस्करों के ठिकानों पर बुलडोजर चलाया । पुलिस और प्रशासन ने गौतस्करों के अवैध मकानों,गायों व इनके मांस को रखने के लिए किए गए निर्माण कार्य पर बुलडोजर चलाया। इनके बिजली के कनेक्शन काट दिए गए।

सोमवार सुबह पुलिस ने खैरथल-तिजारा व अलवर जिलों के मेावत क्षेत्र में छापेमारी की। पुलिस टीमों ने खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास तहसील के रूंध गिदावड़ा गांव पिछले काफी समय से गायों का मांस बिकने की सूचना प्रशासन को मिल रही थी।

इस गांव में बाकायदा बीफ की मंडी लगती थी। एक दिन पहले मामला सरकार में उच्च स्तर तक पहुंचा तो सोमवार सुबह बड़ी कार्रवाई की गई। हालांकि पुलिस के स्तर पर सूचना लीक होने के कारण तस्कर मौके से फरार हो गए। मौके पर गायों की हड्डियां पड़ी हुई मिली।

गौतस्करों और पुलिस के बीच मिलीभगत की खबर आई सामने

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान जंगल में गौकशी के लिए लाई गई दस गायें मिली,जिन्हे मुक्त करवाकर गौशाला भेजा गया है। इस बीच गौतस्करों से मिलीभगत के आरोप में जिला पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह ने किशनगढ़बास के पुलिस थाना अधिकारी सहित 38 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।

वहीं, चार को निलंबित किया गया है। पुलिस और प्रशासन की छापेमारी के दौरान प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा भी मौके पर पहुंचे । शर्मा ने कहा,अब गौतस्करों के खिलाफ नियमित अभियान चलेगा। आरोपितों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा,मौके से गायों का मिलना पुलिस की लापरवाही है। पुलिस ने दो दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद गोकशी रिपोर्ट दर्ज की है। फरार तस्करों की तलाश के लिए पुलिस की टीम गठित की गई है।

होम डिलीवरी की थी सुविधा

जांच में सामने आया कि गौतस्कर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से मेवात में गायों को लाकर उनका वध करते थे। फिर गौमांश बेचते थे। यही नहीं घर बैठे फोन पर ( होम डिलीवरी ) उपलब्ध करवाया जाता था। रूंध गिदावड़ा और बरसंगपुर में प्रतिदिन दोपहर बाद गोमांस बेचने की मंडी लगती थी। स्थानीय पुलिस की मिलीभगत के कारण तस्करों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।

रविवार को इस बारे में सरकार में उच्च स्तर तक रिपोर्ट पहुंची तो जयपुर से पुलिस महानिरीक्षक उमेश दत्ता को भेजा गया। वन एवं पर्यावरण मंत्री ने पूरी कार्रवाई पर निगरानी रखी। पुलिस उप अधीक्षक सुरेश कुडी ने बताया कि दस किलोमीटर क्षेत्र में दबीश दी गई।

घरों व जंगल में बने ठिकानों से अवैध मांस,मांस काटने का सामान,एक दर्जन से अधिक बाइक,पिकअप और अन्य सामान बरामद किया गया है। छापेमारी की दौरान प्रत्येक घर में जाकर जांच की गई। सोमवार को विश्व हिंदू परिषद एवं विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पुलिस उप अधीक्षक के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी

भाजपा विधायक बाबा बालकनाथ ने एक बयान में कहा,गायों का मांस बेचने वालों को कांग्रेस का संरक्षण हासिल है। कांग्रेस की सरकार में गोकशी शुरू हुई थी। वहीं विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा,भाजपा की सरकार के कार्यकाल में गोकशी की घटना शर्मनाक है। कांग्रेस सरकार में ऐसा नहीं होता था।