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झांसी: शातिर इनामी गौ तस्कर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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झांसी। उत्तर प्रदेश में झांसी के रक्सा थानाक्षेत्र में पुलिस ने 25 हजार के एक शातिर ईनामी गौ तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि रक्सा थानाक्षेत्र में डेली पुल पर मंगलवार देर रात की जा रही चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल पर दो संदिग्धों को आते देखा गया। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वह भागने लगे।
बदमाशों को भागता देख पुलिस टीम ने उनका पीछा किया लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया जबकि दूसरा अंधेरे का फायदा उठाकर पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब रहा।
पकड़े गये बदमाश की पहचान फारूक पुत्र मो़ कादिर निवासी व्यापारी मोहल्ला कस्बा व थाना फरह जनपद मथुरा के रूप में की गयी है जो 27 साल का है और शातिर बदमाश है जिसका लंबा आपराधिक इतिहास है। फारूक गौ तस्करी के मामले में झांसी के थाना रक्सा और सीपरी बाजार से वांछित है।
इस पर 25 हजार का ईनाम भी था। बदमाश के पास से एक तमंचा ,दो जिंदा कारतूस, एक खोखा, तमंचे में फंसा एक मिस कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल बरामद की गयी है। क्षेत्राधिकारी सदर (सीओ सदर) अवनीश कुमार गौतम ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गये बदमाश पर जनपद स्तर से 25 हजार का ईनाम घोषित किया गया था। यह अंतरराज्यीय गौ तस्कर गैंग का एक सक्रिय सदस्य है।
यह पहले भी गौ तस्करी के कई मामलों में संलिप्त रहा है इसी कारण इस पर ईनाम भी घोषित किया गया था। यह अपने वकील के साथ ऐसे ही किसी काम को अंजाम देने के लिए झांसी आया था और पुलिस को इसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। इसका दूसरा साथी भागने में कामयाब रहा है जिसकी तलाश में टीमें लगा दी गयी हैं।

उ.प्र. पूर्वांचल की प्रख्यात गायिका सपना शर्मा का मुंबई आगमन! जानें कब

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मुम्बई। भोजपुरी गीत, संगीत की अपनी महान परंपरा रही है जो विशुद्ध रूप से संस्कृति और संस्कार को समर्पित है।
ऐसी ही एक कलाकार पूर्वांचल की फर्श (जमीं) से निकलकर अर्श पर अपना प्रकाश बिखेर रही हैं। जौनपुर के छोटे से गाँव सरोखानपुर निवासी सपना शर्मा इन दिनों उ.प्र. बिहार में भक्ति गीतों का प्रख्यात ब्रांड बन गयी हैं। उनके गाये हुए गीतों पर हर वर्गों के लोग झूमते देखे गये हैं।
उनके यूट्यूब चैनल ‘वीडियो हाउस प्रोडक्शन’ पर देवी गीत, पचरा व भक्ति गीतों पर लाइक और कमेंट्स के बढ़ती संख्या ने उन्हें स्टार बना दिया है। उनकी सुमधुर आवाज व बेहतरीन प्रस्तुति के कारण उन्हें यूट्यूब पर भी काफी पसंद किया जा रहा है।
भोजपुरी के बड़े सितारों के बीच अपनी प्रस्तुति दे चुकी सपना शर्मा अब मुंबई में अपना जलवा बिखेरने जा रही हैं। आगामी गणेशोत्सव व दशहरा, दीपावली पर उनके कार्यक्रम की लंबी फेहरिस्त बन चुकी है। तथा यू.पी. के बाद 26 अगस्त को महाराष्ट्र दौरे मे अपने गीत, संगीत के हुनर को पेश करेगी सपना शर्मा, जिसका मुंबईकरों को लंबे समय से इंतजार था।

आज बाॅलीवुड में अच्छी कहानियों की बहुत कमी है, मैं अच्छी कहानियों पर काम करना चाहता हूं : सूरज सूर्य मिश्रा

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मुम्बई। लोग बाॅलीवुड में एक्टर, राइटर या डायरेक्टर बनने आते हैं मगर मैं एक बेहतर प्रोड्यूसर बनने आया हूं और मेरे लिए एक्टर से ज्यादा स्टोरी महत्वपूर्ण है इसलिए मैं कृष्णा शान्ति प्रोडक्शन हाउस के अंतर्गत अच्छी और विशुद्ध कहानियों पर फिल्म निर्माण का कार्य शुरू किया है। फिल्म ‘इश्क़ पश्मीना‘ कृष्णा शान्ति प्रोडक्शन इसी विचार का एक साकार रूप है।
मूलतः उत्तरप्रदेश के लखनऊ शहर के रहने वाले सूरज सूर्य मिश्रा बचपन में एक्टर बनना चाहते थे। गोविन्दा उनके पसन्दीदा हीरो हुआ करते थे। मगर जिन्दगी के जद्दोजहद में सूरज सूर्य का एक्टर बनने का सपना कहीं दब गया और वो उत्तरप्रदेश के एक जाने माने व्यवसायी और समाज सेवक बन गये। रियल स्टेट और ट्रान्सपोर्ट के बिजनेस में इन्होंने खूब कामयाबी पाई। व्यापार में एक मकाम बनाने के बाद सूरज सूर्य मिश्रा ने अपने बचपन के सपने को सकार करने की सोची मगर इस बार वह एक्टर नहीं बल्कि प्रोड्यूसर बनना चाहते थे। अपने इसी विचार को आधार बनाते हुए सूरज सूर्य ने अपनी पत्नी शालू मिश्रा के साथ मिलकर साल 2021 में अपने माता-पिता की स्मृति में कृष्णा शान्ति प्रोडक्शन की नींव रखी।


फिल्म ‘इश्क़ पश्मीना‘ कृष्णा शान्ति प्रोडक्शन का पहला प्रयास है। इस फिल्म को बनाने में सूरज सूर्य और उनकी टीम ने दिन रात एक करके काम किया है। सूरज सूर्य ने अपनी समझ से एक बेहतरीन कहानी पर काम किया है। जो प्रेम की गहरी संवेदनाओं से भरी हुई है। सूरज सूर्य और शालू को नये टैलेन्ट पर ज्यादा भरोसा है उनका मानना है कि नये लोग पूरी शिद्दत से काम को करते हैं। उनमें बेस्ट करने का जुनून होता है। फिल्म ‘इश्क़ पश्मीना’ में फेमस इन्फ्लूवेन्सर भाविन भानुशाली और मालती चाहर मुख्य भूमिकाओं में है। इसमें ज़रीना वहाब और बृजेन्द्र काला बेहद अहम रोल में हैं जबकि कायनात अरोड़ा ने आइटम सॉन्ग किया है। इतना ही नहीं सूरज सूर्य ने अपनी इस पहली फिल्म में उत्तर प्रदेश खासकर लखनऊ के कई कलाकारों को अच्छा मौका दिया है। इस फिल्म के लेखक और निर्देशक अरविन्द पाण्डेय हैं जो लखनऊ के रहने वाले हैं। फिल्म की पूरी टीम माइनस 5 डीग्री तापमान पर भी पूरी ऊर्जा से काम करते रहे और तय समय में फिल्म की शूटिंग को पूरा कर पाये।
सूरज सूर्य का कहना है कि अगर हमारे साथ स्त्री शक्ति हो तो हम बड़े से बड़े काम को आसानी से कर सकते हैं, इस काम में शक्ति स्वरूपा मेरी पत्नी शालू मिश्रा मुझे और मेरी टीम को प्रेरणा देती रहती हैं। इस फिल्म के डीओपी नवीन मिश्रा, कास्टिंग डायरेक्टर मितुल पटेल और एडीटर राजेश पाण्डेय हैं।
शालू मिश्रा ने बताया कि इस फिल्म में कुल पांच गाने हैं जिसे शाम-बलकार और शाश्वत प्रखर भारद्धाज ने कंपोज किया है जबकि गीतों को शाम-बलकार और अरविन्द पाण्डेय ने लिखा है। गीतों को जावेद अली, पलक मुच्छल, यासिर देसाई, राज बर्मन, साक्षी होलकर और प्रतीक्षा श्रीवास्तव ने अपनी आवाज दी है।
सूरज सूर्य को अपनी इस फिल्म से बहुत उम्मीदें हैं, उनका मानना है कि आज ज़्यादातर बॉलीवुड की बड़ी फिल्में दर्शकों को पसन्द नहीं आ रही है इसके पीछे वजह है अच्छी कहानी का न होना और फिल्म में इमोशन्स का न होना। आज यहाँ के मेकर कहानियों पर काम नहीं करके हाॅलीवुड और टाॅलीवुड की फिल्मों की काॅपी करने में लगे हैं जो कि हिन्दी सिनेमा और हिन्दी सिने प्रेमियों के लिए कतई ठीक नहीं है।
सूरज सूर्य मिश्रा एवं शालू मिश्रा की राय में देश में अच्छे टैलेन्ट्स की कमी नहीं मगर उन्हें सही ब्रेक नही मिल रहा है। हम अपनी हर फिल्म में कम से कम 10 नये कलाकारों को उनके टैलेन्ट के अनुसार अवश्य मौका देंगे।
फिलहाल हमारी पहली प्राथमिकता ‘इश्क़ पश्मीना’ को एक कामयाब फिल्म बनाना है। क्योंकि फिल्म बनाना तो यहां आसान है मगर फिल्म को अच्छे ढंग से रिलीज करना बड़ा कठिन काम है।
‘इश्क पश्मीना’ आगामी 23 सितम्बर को पूरे देश में रिलीज हो रही है।

चंद्रोदय मंदिर : गौ माता को अर्पित किया 251 प्रकार का भोग

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मथुरा, । वृंदावन स्थित चंद्रोदय मंदिर में भगवान श्री कृष्ण की आराध्या गौ माता को चंद्रोदय मंदिर की सुरभि गौशाला में रविवार गौ माताओं को 251 प्रकार का भोग अर्पित किया गया। इस अवसर पर भक्तों द्वारा गौ माता से सब कुशल रहे देश आगे बढ़े सब स्वास्थ्य रहे, प्रार्थना की गई।
इस अवसर लोक परमार्थ सेवा समिति के प्रमुख लालू जी ने गौ भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में आज गौ प्रेमियों की सरकार है। उत्तर प्रदेश भारत का जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़े राज्य है अतः उत्तर
प्रदेश में गौ माता को राज्य माता का दर्जा मिले यही हमारी प्रार्थना है।
गौशाला प्रबंधक विवेक कुमार ने गौ माता के लिए 251 प्रकार का भोग निर्माण कराने के उपरांत कार्यक्रम का शुभारंभ गौ पूजन से किया। इस पूजन को स्वामी अनंत वीर्य प्रभु की उपस्थित में चंद्र भान प्रभु ने गौ पूजन नंदी पूजन और हरिनाम कीर्तन के साथ संपन्न करवाया। इसके बाद गौ माताओं को 251 प्रकार का भोग अर्पण किया गया। भगवान राधा कृष्ण के चरणों में गौ माता को राज्य माता का दर्जा मिले की प्रार्थना की गई।
विवेक कुमार ने बताया कि 251 प्रकार के भोग में 56 प्रकार के लड्डू, 56 प्रकार के फल और सब्जियां, 56 प्रकार की मिठाइयां, 56 प्रकार बिस्कुट और नमकीन, 6 प्रकार के मेवे, 21 प्रकार के गौ माता के नियमित प्रसाद में शामिल किए गए थे।
इस अवसर पर लोक परमार्थ सेवा समिति के लालू भाई सुमित शर्मा, स्वामी अनंत वीर्य दास जी, अवधेश पंकज, टिंक, पुरान सिंह, श्याम सुंदर, दशरथ, विष्णु, राम वीर, उपेंद्र आदि गौभक्त शामिल हुए।

Govatsa Dwadashi 2022: 24 अगस्त को गोवत्स द्वादशी, जानिए पूजाविधि, महत्व और कथा

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हिंदू पंचाग के अनुसार जन्माष्टमी के ठीक 4 दिन बाद भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को गोवत्स द्वादशी का पर्व मनाया जाता है। गाय-बछड़े की पूजा के लिए समर्पित इस पर्व को लोक भाषा में बछ बारस या ओक द्वादशी भी कहते हैं। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु एवं हर विपत्ति से उनकी रक्षा एवं प्रसन्नता के लिए यह व्रत रखती हैं।
पूजा का महत्व-
भविष्य पुराण के अनुसार इस दिन गाय-बछड़े की पूजा और व्रत करने वाला सभी सुखों को भोगते हुए अंत में गौ के शरीर पर जितने भी रौएं हैं, उतने वर्षों तक गौलोक में वास करता है।
बछ बारस की पूजन विधि-इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं सवेरे स्नान करके साफ वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लेती हैं।इसके बाद गाय और उसके बछड़े को स्नान करवाकर दोनों को नए वस्त्र ओढ़ाए जाते हैं। गाय और बछड़े को फूलों की माला पहनकर उनके माथे पर तिलक लगाएं। गऊ माता को हरा चारा,अंकुरित मूंग,मौठ,चने व मीठी रोटी एवं गुड़ आदि श्रद्धा से खिलाया जाता है। गाय की पूजा कर,गाय को स्पर्श करते हुए क्षमा याचना कर परिक्रमा की जाती है। यदि घर के आस-पास गाय व बछड़े नहीं मिलें तो शुद्ध गीली मिट्टी के गाय-बछड़े बनाकर उनकी पूजा करने का भी विधान है ।ऐसी भी प्रथा है कि इस दिन महिलाऐं चाकू से कटा हुआ न तो बनाती है न खाती है।  इसलिए पूजनीय है गौमाता-गाय ,भगवान श्री कृष्ण को अतिप्रिय है,गौ पृथ्वी का प्रतीक है,गौ माता में सभी देवी-देवता विद्धमान रहते है ,सभी वेद भी गौओं में प्रतिष्ठित है। गाय से प्राप्त सभी घटकों में जैसे दूध,घी,गोबर अथवा गौमूत्र में सभी देवताओं के तत्व संग्रहित रहते हैं । ऐसी मान्यता है कि सभी देवी-देवताओं एवं पितरों को एक साथ खुश करना है तो गौभक्ति-गौसेवा से बढ़कर कोई अनुष्ठान नहीं है। गौ माता को बस एक ग्रास खिला दो, तो वह सभी देवी-देवताओं तक अपने आप ही पहुंच जाता है । भविष्य पुराण के अनुसार गौमाता के पृष्ठदेश में ब्रह्म का वास है, गले में विष्णु का, मुख में रुद्र का, मध्य में समस्त देवताओं और रोमकूपों में महर्षिगण, पूंछ में अनंत नाग, खूरों में समस्त पर्वत, गौमूत्र में गंगादि नदियां, गौमय में लक्ष्मी और नेत्रों में सूर्य-चन्द्र विराजित हैं।कथा-प्राचीन काल की बात है एक बार राजा ने जनहित के लिए एक तालाब बनवाया। चारों ओर से उसकी दीवार पक्की करा दी गई परन्तु तालाब में पानी नही भरा। तब राजा ने ज्योतिषी से इसका कारण पूछा, तो उसने बताया कि अगर आप अपने नाती की बलि देकर और यज्ञ करे तो तालाब पानी से भर जायेगा। यज्ञ मे बच्चे की बलि दी गई और तालाब वर्षा होने पर पानी से भर गया। राजा ने तालाब का पूजन किया। पीछे उनकी नौकरानी ने गाय के बछडे को काटकर साग बना दिया। लौटने पर जब राजा रानी ने नौकरानी से पूछा,”बछडा कहा गया?“ नौकरानी ने कहा उसकी मैने सब्जी बना दी है राजा कहने लगा-पापिन तूने यह क्या कर दिया । राजा ने उस बछड़े के मांस की हांडी को जमीन में गाड दिया। शाम को जब गाय वापस आयी तो उस जगह को अपने सींगो से खोदने लगी। जहाँ पर बछडे के मांस की हांडी गाढी गई थी। जब सीग हांडी में लगा तो गाय ने उसे बाहर निकाला उस हांडी में से गाय का बछडा एवं राजा का नाती जीवित निकले उस दिन से अपने बच्चों की सलामती के लिए इस पर्व को मनाने की परंपरा शुरू हुई।

पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया 25 हजार रुपये का इनामी गौ तस्कर

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UP News: बागपत (Baghpat) के बड़ौत क्षेत्र में आज तड़के गौ-तस्करों (Cow Smuggler) और पुलिस का आमना-सामना हो गया. गौ-तस्करों ने अपनी कार से पुलिस की प्राइवेट कार इनोवा में टक्कर मारते हुए फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस ने गौ-तस्करों को चारों ओर से घेर लिया. दोनों ओर से हुई फायरिंग में 25 हजार रुपए का इनामी गौ-तस्कर पैर में गोली लगने से घायल हो गया जबकि तीन तस्कर पुलिस पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए. पुलिस ने घटनास्थल से कार, तमंचा और गाय बरामद की है.

पुलिस को गौ-तस्करों के बारे में मिली थी यह जानकारी
आज सुबह बड़ौत कोतवाली पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि गौ-तस्कर औसिक्का और शिकोहपुर के आसपास क्षेत्र में गोकशी करने वाले हैं जिसके बाद इंस्पेक्टर देवेश कुमार शर्मा पुलिस टीम को लेकर औसिक्का नहर के पास पहुंचे. कुछ ही देर में एक कार आती हुई दिखाई दी, जिसे रोकने का प्रयास किया गया. गौ-तस्करों ने अपनी कार से पुलिस की इनोवा कार में टक्कर मारते हुए फायरिंग कर दी. जिससे गौ-तस्करों और पुलिस की कार आगे से क्षतिग्रस्त हो गई. कार में आगे बैठे दरोगा कृपेंद्र सिंह घायल हो गए. पुलिस ने गौ-तस्करों को चारों ओर घेर लिया. दोनों ओर से फायरिंग हो गई. पुलिस की गोली लगने से 25 हजार रुपए का इनामी नफीस घायल हो गया जबकि तीन गौ-तस्कर पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए. पुलिस ने घायल गौ-तस्कर को सीएचसी बड़ौत में भर्ती कराया. पुलिस ने मौके से गौ-तस्करों की कार, तमंचा, कारतूस और कटान करने वाले उपकरण के अलावा एक जिंदा गाय को बरामद किया है. पुलिस गिरफ्त में आए शातिर बदमाश पर छह से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं.

निर्माता-अभिनेता शांतनु भामरे और अभिलाषा सूर्यवंशी अभिनीत ‘बेबी दे एक चांस’ की शूटिंग अलीबाग बीच में पूरी

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मुम्बई। रोमांटिक बॉलीवुड हिंदी वीडियो सॉन्ग एल्बम ‘बेबी दे एक चांस’ का निर्माण शान से एंटरटेनमेंट के बैनर तले हो रहा है और यूएसस्क्वेयर मीडिया और पब्लिसिटी के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। वीडियो की शूटिंग अलीबाग बीच पर, उद्धव खराद के निर्देशन में पूरी हुई। इस म्यूजिक वीडियो की मानसी मोहोल कोरियोग्राफर और सुनील गायकवाड़ सिनेमैटोग्राफर हैं। वहीं राहुल सूर्यवंशी ने गीत के बोल लिखे हैं।
इसे शांतनु भामरे (Shantanu Bhamare) और उद्धव खराड द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित किया जा रहा है और जल्द ही जारी किया जाएगा।
‘बेबी दे एक चांस’ में शांतनु भामरे और अभिलाषा सूर्यवंशी के साथ अश्विनी भागवत, अंजलि दलवी, जीविका मराठे, साक्षी काची, टीना शर्मा, माधुरी पवार, सरोज धोड़ी, लोकेश जाधव, प्रतीक राउत, तेजस जाधव भी दिखाई देंगे।


इस वीडियो के अलावा इसे ऑडियो के रूप में भी अलग अलग प्लेटफॉर्म में रिलीज़ किया जाएगा। इस ऑडियो गीत को यूट्यूब म्यूजिक, गाना, जीओ सावन, स्पॉटीफाई, हंगामा म्यूजिक, जिओ सावन, आई ट्यून स्टोर, साउंड क्लाउड, विंक आदि पर सुन सकते हैं। यह एल्बम एमएक्सप्लेयर, हंगामा, वन प्लस टीवी, टीसीएल टीवी, एमआई टीवी, अमेज़ॅन फायरस्टीक, आदि जैसे कई ओटीटी पर भी जारी किया जाएगा।
शांतनु भामरे ने हिंदी फीचर फिल्म ‘रेड’ से डेब्यू किया है। जिसमें शांतनु ने कमलेश सावंत (दृश्यम, खाकी फेम अभिनेता) के साथ एक जेलर की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
हाल ही में शांतनु का रोमांटिक वीडियो सॉन्ग एल्बम ‘तेरी आशिकी में’ रिलीज हुई है जिसमें उनके साथ एलेना टुटेजा थीं। यह दर्शकों द्वारा बहुत पसंद किया गया है और इसे 1 मिलियन से अधिक ऑर्गेनिक व्यू मिले हैं जो कि सराहनीय है।
एल्बम यूट्यूब लिंक : https://www.youtube.com/watch?v=9up084TmJMU

शांतनु अलग-अलग भूमिकाएँ करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, चाहे वह गंभीर हो, रोमांटिक हो या कॉमेडी हो।
शांतनु आगामी बॉलीवुड हिंदी फिल्में ‘शक- द डाउट!, न्यूयॉर्क से हरिद्वार, ब्रेकिंग न्यूज, भगवा, सॉरी मदर’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

शिवमुद्रा प्रतिष्ठान द्वारा कोराकेंद्र में भव्य दही हांडी महोत्सव संपन्न

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विधायक सुनील राणे द्वारा आयोजित दही हांडी महोत्सव में देवेंद्र फडणवीस और आशीष शेलार की उपस्थिति

मुंबई। शिव मुद्रा प्रतिष्ठान द्वारा दही हांडी का भव्य आयोजन बोरिवली स्थित कोराकेंद्र ग्राउंड में किया गया। बोरिवली के विधायक सुनील राणे के संकल्पना और निर्देशन में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति के साथ ही लोकनृत्य और बॉलीवुड गीतों पर भी संगीतमय प्रस्तुति को भारी संख्या में उपस्थित दर्शकों ने बहुत पसंद किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम की शुरूआत गणेश और सरस्वती वंदना से शुरू हुई फिर परम्परागत और हिंदी फिल्म के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति स्थानीय कलाकारों ने दिया।

आला रे आला… गोविंदा आला ये एक ऐसा नारा था जिसे हर कोई कोरा केंद्र में आयोजित शिवमुद्रा प्रतिष्ठान के दही हांडी महोत्सव में सुन सकता था। विभिन्न आयु वर्ग के गोपालों को उनके सांस्कृतिक प्रदर्शन के माध्यम से खुश करने के लिए विभिन्न हस्तियां मौजूद थीं। इस अवसर पर शिवमुद्रा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष और भाजपा के बोरिवली के विधायक सुनील राणे के साथ भाजपा के दिग्गज नेता देवेंद्र फडणवीस, आशीष शेलार सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
शिव साई मित्र मंडळ के गोविंदा पथको को शिवमुद्रा प्रतिष्ठान व भारतीय जनता पार्टी बोरीवली की तरफ़ से आयोजित दहीहंडी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किए गए।
इस कार्यक्रम में दही हांडी के प्रतियोगिता के लिए गोविंदा पथकों लिए कुल पाँच लाख, पचपन हज़ार, पाँच सौ पचपन रुपए की पुरस्कार राशि दी गयी जिसमें प्रथम पुरस्कार एक लाख, ग्यारह हज़ार एक सौ ग्यारह विजेता गोविंदा पथक को दिया गया।


शिवमुद्रा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष और बोरिवली के विधायक सुनील राणे ने कहा कि गोकुलाष्टमी का आयोजन बहुत ही भव्य और भक्तिमय वातावरण में किया गया। हमने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा उपायों का पालन किया है कि एक भी गोविंदा को चोट न पहुंचे।

– संतोष साहू

ड्रैगन फ्रूट के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एपीडा, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा क्रेता-विक्रेता बैठक आयोजित की गई

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अपनी तरह की प्रथम पहल के तहत ड्रैगन फ्रूट के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जीकेवीके कैम्पस, बेंगलुरू में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), बेंगलुरू क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, बेंगलुरू और केएपीपीईसी के सहयोग से ‘ड्रैगन फ्रूट पर क्रेता-विक्रेता बैठक’ आयोजित की गई थी।
एपीडा के अध्यक्ष डॉ. एम. अंगमुथु ने मुख्य भाषण देते हुए कहा कि ड्रैगन फ्रूट एवं मूल्य वर्धित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में और भी अधिक हितधारकों या संबंधित पक्षों से बातचीत की जाएगी और एक रिवर्स क्रेता-विक्रेता बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि इनका निर्यात बढ़ सके। उन्होंने उद्योग की मदद करने के लिए फलों के मापदंडों और मूल्य वर्धित उत्पादों के मानकीकरण के लिए आई.आई.एच.आर. के साथ सहयोग करने का संकेत दिया। इस बैठक में किसानों/एफपीओ और निर्यातकों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान जेडीजीएफटी, केएपीपीईसी, यूएएस के पदाधिकारी उपस्थित थे। यूएएस(बी) के कुलपति डॉ. एस. राजेंद्र प्रसाद ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीनस्‍थ एक वैधानिक निकाय एपीडा दरअसल भारतीय कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्‍पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नोडल एजेंसी है और इसे बागवानी, फूलों की खेती या पुष्पकृषि, प्रसंस्कृत खाद्य उत्‍पादों, पोल्ट्री उत्पादों, डेयरी एवं अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को सुविधाजनक बनाने और बढ़ावा देने का दायित्‍व सौंपा गया है।
एपीडा ने वर्चुअल ट्रेड फेयर, फार्मर कनेक्ट पोर्टल, ई-ऑफिस, हॉर्टिनेट ट्रेसेबिलिटी सिस्टम, क्रेता-विक्रेता बैठकों, रिवर्स क्रेता-विक्रेता बैठकों, उत्पाद विशिष्ट अभियानों, इत्‍यादि के आयोजन के लिए अनेक वर्चुअल पोर्टल के विकास के जरिए अनगिनत निर्यात प्रोत्साहन गतिविधियां और पहल की हैं। एपीडा बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के निर्माण और राज्य से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करता रहा है।

राजनाथ सिंह ने सैनिक मेजर ईश्वर लाल सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की

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New Delhi – रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह  नई दिल्ली में आयोजित एक मेमोरियल के दौरान आज़ाद हिंद फौज (आईएनए) के पूर्व सैनिक मेजर ईश्वर लाल सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मेजर ईश्वर लाल सिंह की अस्थियों वाले कलश पर माल्यार्पण करने के बाद रक्षा मंत्री ने लगभग तीन साल पहले सिंगापुर में आईएनए के इस पूर्व सैनिक के साथ अपनी मुलाकात को याद किया। उन्होंने कहा कि आज़ाद हिंद फौज (आईएनए) और उसके नेता नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जवानों के बलिदान को भारत नहीं भूलेगा राजनाथ सिंह ने कहा कि नेताजी मूल्यों एवं आदर्शों के प्रतीक थे और उन्होंने मूल्यों के लिए लड़ाई लड़ी तथा स्वतंत्रता के आदर्शों से कभी समझौता नहीं किया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आम धारणा के विपरीत नेताजी के मन में महात्मा गांधी के लिए बहुत सम्मान था और उन्होंने महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता करार दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि नेताजी ने अपनी एक ब्रिगेड को महात्मा गांधी ब्रिगेड के रूप में नामित किया था।
मेजर ईश्वर लाल के सम्मान में इस मेमोरियल का आयोजन संस्कृति मंत्रालय एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया गया था। इस अवसर पर सेना के अनेक पूर्व सैनिक मौजूद थे और उन्होंने आईएनए के इस पूर्व सैनिक के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मेजर ईश्वर लाल सिंह जो आज़ाद हिंद फौज के एक 92 वर्षीय सिंगापुर के पूर्व सैनिक थे, ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में सेवाएं प्रदान की। अपनी शुरुआती किशोरावस्था में, उनके पिता ने उन्हें आज़ाद हिंद फौज (आईएनए) में शामिल होने की व्यवस्था की थी। वह यिशुन में श्री नारायण मिशन नर्सिंग होम के निवासी थे। दिनांक 5 अगस्त, 2022 को उनका निधन हो गया।