मल्लिकार्जुन खड़गे बने कांग्रेस के नए अध्यक्ष , अपने प्रतिद्वंद्वी शशि थरूर को आठ गुना अधिक मतों से पराजित किया
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर । वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी शशि थरूर को आठ गुना अधिक मतों से पराजित किया। पिछले 24 वर्ष में पहली बार कोई गांधी परिवार से बाहर का व्यक्ति अध्यक्ष बना है।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को दिल्ली सहित देशभर में पार्टी कार्यालयों पर मतदान हुआ था। आज हुई मतगणना में मल्लिकार्जुन खड़गे को 7897 और शशि थरूर को 1072 मत मिले हैं। 416 मत अमान्य घोषित किए गए हैं।
कांग्रेस के केन्द्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्री ने मतगणना के बाद नतीजों की जानकारी देते खड़गे के अध्यक्ष बनने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कुल 9385 मतों की गणना की गई। खड़गे की जीत से पार्टी मुख्यालय में जश्न का माहौल है। शशि थरूर ने भी मल्लिकार्जुन को जीत की बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि ऐसा लगता है कि आज से पार्टी का पुनरुत्थान शुरू हो गया है।
मल्लिकार्जुन खड़गे का राजनीतिक करियर
मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के सबसे सीनियर नेताओं में से एक हैं. उनकी उम्र 80 साल है और कई दशकों से वो सक्रिय राजनीति में हैं. खड़गे को गांधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता है. खड़गे कर्नाटक के बीदर से आते हैं. उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है और पेशे से वकील भी रह चुके हैं. खड़गे सबसे पहले 1969 में कर्नाटक के गुलबर्ग सिटी कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे. इसके बाद 1972 में पहली बार चुनकर विधानसभा गए. तब से लेकर 2009 तक वो कुल 9 बार विधायक रहे. 1976 में वो पहली बार कर्नाटक में कैबिनेट मंत्री बने. खड़गे को 1988 में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया. 2005 में वो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने. इसके बाद वो तमाम बड़े पदों पर रहे.
पीएम मोदी के गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन
PM Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के (Narendra Modi) के गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन है. इस दौरान पीएम मोदी केवड़िया में मिशन लाइफ का शुभारंभ करेंगे. इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनिया गुटेरेस भी मौजूद रहेंगे. आज का दिन गुजरात के लिए खास रहने वाला है क्योंकि पीएम मोदी यहां जलवायु परिवर्तन रोकने की दिशा में मजबूत कदम उठाने जा रहे हैं.
चुनावी साल में पीएम मोदी सौगातों का पिटारा लेकर गुजरात पहुंचे हैं. इससे पहले उन्होंने यहां डिफेंस एक्सपो का उद्घघाटन किया. साथ ही कई परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई. स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का भी शुभारंभ किया. पीएम मोदी का कहना है कि विकसित भारत के लिए विकसित गुजरात के निर्माण की तरफ ये एक मील का पत्थर साबित होने वाला है.
पीएम मोदी का शेड्यूल
पीएम मोदी सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर केवड़िया में मिशन लाइफ का शुभारंभ करेंगे. 12 बजे केवड़िया में मिशन प्रमुखों के 10वें सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसमें 120 देशों के राजदूत मौजूद रहेंगे. इसके बाद 3 बजकर 45 मिनट पर तापी जिले के व्यारा जाएंगे, जहां वह 1970 करोड़ के विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे.
क्या है मिशन लाइफ
मिशन लाइफ के शुभारंभ के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनिया गुटेरेस मौजूद रहेंगे. जलवायु परिवर्तन को लेकर नवंबर 2021 में ग्लासगो में COP26 शिखर सम्मलेन हुआ था. COP26 शिखर सम्मलेन के दौरान पीएम मोदी ने मिशन लाइफ को लॉन्च किया था. इसमें लाइफ का मतलब है लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट. इस मिशन का मकसद है व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर मैक्रो उपायों और कार्यों को लागू करके जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का मुकाबला करना.
एक्ट्रेस वैशाली ठक्कर आत्महत्या मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
इंदौर: टीवी अभिनेत्री (TV Acress) वैशाली ठक्कर (Vaishali Thakkar) ने शनिवार रात आत्महत्या कर ली थी. वैशाली ने एक सुसाइड नोट लिखा था. इसमें उसने पास में ही रहने वाले राहुल नवलानी और उसकी पत्नी दिशा नवलानी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. वैशाली की आत्महत्या के बाद दोनों फरार हो गए थे. उनकी गिरफ्तारी पर इंदौर पुलिस ने पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. पुलिस का कहना है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था.
पुलिस ने क्या जानकारी दी
इंदौर के पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया कि राहुल और उसकी पत्नी दिशा नवलानी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया था. पुलिस इन दोनों आरोपियों की तलाश कर रही थी. पुलिस को बुधवार शाम पुलिस बड़ी सफलता मिली थी. पुलिस ने मुख्य आरोपी राहुल नवलानी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उसकी पत्नी दिशा अभी भी फरार है.
पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र का कहना है कि पुलिस आरोपी राहुल और उसकी पत्नी को तलाशने के लिए विभिन्न जगहों पर दबिश दे रही थी. दोनों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गई थीं. इन टीमों को दोनों की तलाश में मुंबई और राजस्थान समेत कई अन्य जगहों पर भेजा गया था. फरारी के दौरान आरोपी राजस्थान समेत कई अन्य जगह पर भी गया. लेकिन पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही वह फरार हो जाता था. इसके बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे इंदौर शहर से ही गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की.
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में पकड़े गए आरोपी से पूछताछ करने में जुटी हुई है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी वैशाली ठक्कर को किस तरह से और किन एविडेंस के आधार पर लगातार परेशान कर रहा था. वह यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर राहुल के पास वैशाली ठक्कर से जुड़ी हुई कौन सी ऐसी चीज थी, जिसके आधार पर राहुल उसे प्रताड़ित कर रहा था, जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली.
सुरक्षा के साथ मानवता का धर्म निभा रही कांस्टेबल सोनिया
फर्ज आखिर फर्ज ही होता है पुलिस की ड्यूटी हो या समाज में फैले तमाम बुराइयों को दूर करने का फर्ज एक पुलिसकर्मी बेहतर ढंग से निभा सकता है। वो भी महिला पुलिसकर्मी। इसका काबिले गौर उदाहरण बनी है सोनिया जोशी जो अभी उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत हैं। अपनी ड्यूटी के साथ आम जनता की सेवा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होकर अपना कर्तव्य निभा रही है सोनिया जोशी। महिला सिपाही वर्दी के साथ-साथ समाज में फैली बुराइयों को मिटाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने पुलिस में कठिन और प्रतिकूल स्थितियों में न सिर्फ अपने जीवन को संभाला। बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का विषय बनी। आज वह समाज में अलग-अलग कार्य में सक्रिय हैं। बता दें कि इस मुहिम का झंडा हाथ में लेकर काम आसान नहीं था। ऐसे काम आसान भी नहीं होते सोनिया ने मेहनत और काबिलियत के दम पर सफलता के कई ऐसे मुकाम हासिल किए हैं जो हर किसी के लिए मिसाल है।
– डॉ सत्यवान सौरभ
जीवन में सबके अपने सपने होते हैं लेकिन उन सपनों को अगर किसी भी माध्यम से देश की सेवा के साथ-साथ किसी गरीब, असहाय के मदद से जोड़ सके तो सोने पर सुहागा, जी हाँ कुछ ऐसा ही कर रही भारत की बेटी सोनिया जोशी जो अभी उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत हैं। ड्यूटी के साथ- साथ एक सिंगर, कवयित्री, गीतकार एक्ट्रेस भी है। सोनिया “ हिंदी, गढ़वाली, सॉन्ग्स बहुत ही बेहतरीन तरीके से गाती है। बचपन से ही अपने स्कूल कॉलेज के प्रोग्राम में भी भाग लेती रही सोनिया जोशी का जन्म 22 अगस्त 1992 को माता श्रीमती मधु जोशी (ग्रहणी) एवं पिता श्री हरीश चंद्र जोशी (रिटायर्ड आईटीबीपी) के घर, ग्राम घानियाल पोस्ट ऑफिस तलवाडी चमोली में हुआ। सोनिया के परिवार में माता-पिता के अलावा एक छोटी बहन और एक छोटा भाई भी है। उनका परिवार एक निम्न मध्यम वर्ग से है। परिवार में शुरुआत से ही बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा परन्तु माता-पिता ने पालन पोषण व पढाई में कोई कमी नहीं छोड़ी।
सोनिया ने शिक्षा अलग-अलग जगह से प्राप्त की है। पिताजी जब आईटीबीपी मातली उत्तरकाशी में कार्यरत थे तो आठवीं तक की पढ़ाई मातली इंटर कॉलेज में की है और उसके बाद की 10वीं 12वीं की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज तलवाडी से फिर बीएससी राजकीय महाविद्यालय तलवाड़ी से की। उसके बाद देहरादून से बीएड किया। स्कूल टाइम से ही उन्हें गाने का व कविता लिखने का शौक था। स्कूल में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर ही उन्हें संगीत में रुचि बढ़ने लगी। खेलकूद में भी हमेशा आगे ही रही। 100 मीटर रेस व हाई जंप में प्रतिभाग किया है।
स्कूल कॉलेज का मान हमेशा बढ़ाया बस हार कभी नहीं मानी। वर्दी पहनने के बाद वह अपनी कविता और अपने गानों के माध्यम से भी जनता की सेवा कर रही है। समाज में फैली कई बुराइयों, संकीर्ण भावनाओं को दूर करने के लिए भावों, विचारों को अपनी कविता और अपने गीतों के माध्यम से समाज में रखने का समय-समय पर प्रयास करती है। परिवार एवं मित्रों के सहयोग से ड्यूटी के दौरान समय निकाल कर गीत रिकॉर्ड करती है। समाज में फैली बुराइयों जैसे भ्रूण हत्या, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अन्य ऐसी कई गीतों पर स्वयं अभिनय भी कर चुकी है। इनके गीतों को लोगों ने बहुत सहराया है। तेरी मिट्टी गीत गा कर इन्हे एक राष्ट्रीय पहचान मिली। जिसे एक दिन में 40 लाख लोगों ने पसंद किया और एक हफ्ते में 1 करोड़ लोगों ने पसंद किया। फिर तू कितनी अच्छी है गीत भी लोगों बहुत पसंद किया। जिसे अभी तक 40 लाख लोगों ने पसंद किया है। देश के जवानों को समर्पित गीत, मेरा एक सलाम, और महिला सशक्तिकरण पर भी हौसला गीत काफी सराहे गए है।
सोनिया बताती है कि परिवार का साथ और मित्रों का सपोर्ट उन्हें निरंतर अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित करता रहता है। आगे चलकर वो उत्तराखण्ड संगीत जगत को देश और दुनिया के बीच जो-शोर से पहुँचाना चाहती है। और समाज में अपने गीतों के माध्यम से कुरीतियों पर चोट करके जनता को जागरूक करना चाहती है। उनका मानना हैं कि मनुष्य भावनाओं से जुड़ा होता है और अगर आपको समाज को बदलना है तो संगीत में बहुत ताकत होती है। इनके कुछ हिट गाने (तू हौसला रख), (पुकार), (तुमको नमन), सुरकंडा भवानी भजन, इक सलाम देश भक्ति, हौसला है सोनिया को बैडमिंटन खेलना, सिंगिंग और गाना व कविता लिखना पसंद है। साथ ही खाने मे अलग-अलग डिशेज बनाकर खिलाने का शौक रखती है। खाली समय में उन्हें कविताएं लिखना, मूवी देखना और भजन सुनना पसंद है।
फर्ज आखिर फर्ज ही होता है पुलिस की ड्यूटी हो या समाज में फैले तमाम बुराइयों को दूर करने का फर्ज एक पुलिसकर्मी बेहतर ढंग से निभा सकता है। वो भी महिला पुलिसकर्मी। इसका काबिले गौर उदाहरण बनी है सोनिया जोशी जो अभी उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत हैं। अपनी ड्यूटी के साथ आम जनता की सेवा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होकर अपना कर्तव्य निभा रही है सोनिया जोशी। महिला सिपाही वर्दी के साथ-साथ समाज में फैली बुराइयों को मिटाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने पुलिस में कठिन और प्रतिकूल स्थितियों में न सिर्फ अपने जीवन को संभाला। बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का विषय बनी। आज वह समाज में अलग-अलग कार्य में सक्रिय हैं। बता दें कि इस मुहिम का झंडा हाथ में लेकर काम आसान नहीं था। ऐसे काम आसान भी नहीं होते सोनिया ने मेहनत और काबिलियत के दम पर सफलता के कई ऐसे मुकाम हासिल किए हैं जो हर किसी के लिए मिसाल है।
अपोलो ने किया पाँच साल में 53 पीडियाट्रिक लीवर ट्रांसप्लांट
मुंबई और पश्चिमी भारत में लीवर ट्रांसप्लांट को बढ़ावा देने के लिए अपोलो ने किया बॉम्बे हॉस्पिटल के साथ समझौता करार
मुंबई। अपोलो हॉस्पिटल्स ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में 53 जीवन रक्षक पीडियाट्रिक लीवर ट्रांसप्लांट सर्जरी पूरी करने की घोषणा की। अस्पताल के सामने अब तक कुल 170 लीवर से संबंधित मामले आए हैं, जिनमें से 34 मृत दाता प्रत्यारोपण से संबंधित हैं और 12 अंतरराष्ट्रीय मामले हैं। पाँच वर्षों में यह महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया। ट्रांसप्लांट वाले बच्चों में 4 महीने के शिशु से लेकर बड़े बच्चों तक शामिल थे, जो बाइलरी अट्रेसिया और जन्मजात लीवर रोग से पीड़ित थे, और लीवर की विफलता की कगार पर थे। अपोलो ने अपोलो हॉस्पिटल्स पश्चिमी क्षेत्र के एचपीबी (HPB) और लीवर ट्रांसप्लांट कार्यक्रम के मुख्य सलाहकार के रूप में 35 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हेपाटो-पैनक्रियाटो-बाइलरी ट्रांसप्लांट सर्जन प्रोफेसर डेरियस मिर्जा के नैदानिक नेतृत्व के तहत महाराष्ट्र और गुजरात राज्य के भीतर मौजूदा लीवर कार्यक्रम के विस्तार की भी घोषणा की। दोनों संस्थान एक सफल लीवर ट्रांसप्लांट प्रोग्राम तैयार के लिए काम करेंगे जो पश्चिमी भारत में लीवर ट्रांसप्लांट केयर में सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञता और नवीनतम विश्व स्तरीय तकनीकी प्रगति लाएगा।
सुश्री प्रीथा रेड्डी (कार्यकारी-वाइस चेयरपर्सन, अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप) ने कहा कि अपोलो के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि हम पाँच वर्षों में 53 पीडियाट्रिक लीवर ट्रांसप्लांट का यह मुकाम हासिल किया है। अपोलो हर वर्ष भारत के 15% लीवर ट्रांसप्लांट करता है और सॉलिड ऑर्गन ट्रांसप्लांट में अग्रणी है। ट्रांसप्लांट में 3 दशकों से अधिक के अनुभव जिसमें 4,051 लीवर शामिल हैं, अपोलो ने 50 से अधिक देशों के रोगियों को सेवा दी है। हम सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा प्रतिभा को जोड़ना जारी रखते हैं, जैसा कि प्रो.डेरियस मिर्जा के एक बार फिर एचपीबी (HPB) और लीवर ट्रांसप्लांट यूनिट के प्रमुख के रूप में बोर्ड पर आने से स्पष्ट है। मैं बॉम्बे हॉस्पिटल के साथ सहयोग का भी स्वागत करती हूँ, यह एक ऐसा गठजोड़ हैं जो हमें अपनी सेवाएं आबादी के एक बड़े हिस्से तक पहुँचाने में मदद करेगा।
प्रो. डेरियस मिर्जा (मुख्य सलाहकार- एचपीबी-लीवर ट्रांसप्लांट प्रोग्राम (वेस्टर्न रीजन), अपोलो हॉस्पिटल्स) ने कहा कि जब मुझे अपोलो हॉस्पिटल्स में लीवर ट्रांसप्लांट प्रोग्राम विकसित करने का अवसर दिया गया, तो मैंने इसे सभी आयु समूहों और विभिन्न जोखिम स्तरों के रोगियों को लीवर ट्रांसप्लांट केयर की एक पूरी श्रृंखला प्रदान करने की अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करने के लिए सबसे उपयुक्त केंद्र पाया। अपोलो हॉस्पिटल्स में पीडियाट्रिक लीवर ट्रांसप्लांट कार्यक्रम में वित्तीय सहायता कार्यक्रमों और गैर सरकारी संगठनों के साथ गठजोड़ के माध्यम से महत्वपूर्ण धन जुटाने की पहल देखी गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को उनकी बीमारियों का सबसे अच्छा इलाज मिल सकेगा। सपोर्ट, पोस्ट ट्रांसप्लांटेशन मेडिकेशन सहायता के लिए भी विस्तारित है।
डॉ. राजकुमार पाटिल (निर्देशक-चिकित्सा सेवा, बॉम्बे हॉस्पिटल और मेडिकल रिसर्च सेंटर) ने कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल और मेडिकल रिसर्च सेंटर जो पिछले 6 दशकों से आम लोगों को अथक और निस्वार्थ चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कर रहा है। बॉम्बे हॉस्पिटल एक लीवर ट्रांसप्लांट कार्यक्रम की योजना बना रहा था और हमारे पास पंजीकृत कुछ मरीज़ों का इलाज नवी मुंबई के अपोलो हॉस्पिटल्स में हो चुका था। हम लीवर ट्रांसप्लांट कार्यक्रम के लिए अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ सहयोग करके खुश हैं और इससे हमारे चिकित्सकों और टीम की आंतरिक क्षमता का निर्माण होगा।
प्रथम सत्र विशेष – सात दिवसीय. ” गऊ ग्राम महोत्सव ” The Festival Of Cow का आयोजन संपन्न , महाराष्ट्र के राज्य पाल के हाथों उद्घाटन , और उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाईक के हाथों समापन
मुंबई , राष्ट्रीय समाचारपत्र गऊ भारत भारती के तत्वाधान में आयोजित “गऊ ग्राम महोत्सव” The Festival Of Cow के भव्य आयोजन का समापन दिनाँक १८ अक्टूबर को उत्तरप्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाईक,कृपा शंकर सिंह , राधे गुरु माँ , इस्कॉन के प्रमुख देवकीनंदन दास जी , विधायक प्रकाश सुर्वे , विनोद शेलार , मनोभाव त्रिपाठी , चिराग गुप्ता , टल्ली बाबा , संजीव गुप्ता और अन्य महानुभाव की : उपस्थिति में संपन्न हुआ।
ज्ञात हो कि दिनाँक १२ अक्टूबर को “गऊ ग्राम महोत्सव” The Festival Of Cow का उद्घाटन महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी जी ने मंत्रोच्चार व रणभेरी के प्रफ्फुलित वातावरण में किया इसका उद्घघाटन किया था। और समापन उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाईक जी के हाथो संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के आयोजन में विशेष तौर पर ” राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ” ,जीव जंतु कल्याण बोर्ड , ( पशुपालन और डेयरी विभाग भारत सरकार ) महाराष्ट्र सरकार (पशुपालन और डेयरी विभाग ) का विशेष सहयोग रहा। विभाग के मुख्य सचिव श्री जगदीश गुप्ता जी ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
पहले दिन उद्घाटन भाषण में राज्यपाल कोश्यारी जी ने अपने उद्बबोधन में गाय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक या गोवंश की उपयोगिता को लेकर श्रोताओं से सीधे संवाद स्थापित किया। उन्होंने रासायनिक खादों की अपेक्षा जैविक खादों के अधिक प्रयोग पर भी बल दिया! वर्तमान में गौ व गोवंश के प्रति सभी लोगों की जागरूकता व दिलचस्पी बढ़ रही है उन्होंने इस दिशा में कार्यरत निरंतर विभिन्न प्रकल्पों के तहत स्वयंसेवी संस्थाओं व गौशालाओं की भूमिका की सराहना की। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा कार्यक्रम के मुख्य संयोजक एवं संपादक संजय “अमान “के प्रयासों की न सिर्फ सराहना की बल्कि लोगों से भी गौ तथा गोवंश पर आधारित उत्पादों व उत्पादकों को भी प्रेरित करने हेतु उनके प्रयोग की अपील की। इस अवसर पर रुचि कत्थक क्लासेस मुद्रा उड़ीसी एवं अन्य संगठनों के द्वारा प्रस्तुत नृत्य का मंचन करने पर राज्यपाल ने सभी कलाकारों को पुरस्कृत कर पारितोषिक की घोषणा भी की। जबकि केंद्रीय पशुपालन ,दुग्ध व मत्त्स्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला जी ने अपने वीडियो संदेश में राज्यपाल एवं आमंत्रित अतिथियों का स्वागत करते हुए देश की अर्थब्यवस्था में गौ की जरूरत को आवश्यक बताया।


कार्यक्रम के पहले शत्र में अन्य मुख्य अतिथियों में आर आर काबेल के महेंद्र भाई काबरा ,संतोष सहाणे ,गौ वैज्ञानिक महेंद्र गर्ग , जी एंड वी के विनय गोपाल सिंह , एकता मंच के प्रशांत काशिद , समस्त महाजन के प्रमुख ट्रस्टी गिरीश भाई शाह , अहिंशाधाम के ट्रस्ट्री महेंद्र भाई संगोई , हरेश भाई वोरा , देवकीनंदन जिंदल जी , आदि समाज के प्रमुख हस्तियां मौजूद रही। इन ७ दिनों में अन्य अतिथियों में शिवसेना के सांसद गजानंद कीर्तिकर , विधायक सुनील प्रभु , आदि प्रमुख लोगो का ताँता लगा रहा।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में अपनी परम्परा के अनुसार ” गऊ भारत भारती ” द्वारा कुछ सामाजिक , गौसेवक , और प्रशासनिक अधिकारीयों को ” गऊ भारत भारती ” का सर्वोत्तम सम्मान माननीय राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी के हाथो प्रदान किया गया। इस वर्ष २०२२ के सर्वोत्तम सम्मान पाने वालो में से प्रमुख आरआर काबेल के श्री महेंद्र भाई काबरा , डॉ.सुजाता सक्सेना निदेशक ICAR CIRCOT मुंबई , डॉ.अशोक कुमार भरिमाला , सीनियर वैज्ञानिक ICAR CIRCOT मुंबई , विनय गोपाल सिंह , हनुमंत पोपट गोसावी , योगेंद्र सिंह कछवे , डॉ. सोमनाथ माने , मुकेश अकरुन पवार , डॉ.धीरज कनखरे (देशी गाय संशोधन केंद्र , कृषि महाविद्यालय पुणे ) संतोष ठिकेकर , अहिंसाधाम के ट्रस्टी हरेश भाई वोरा , सुनील शेठी, आदि को राज्यपाल महोदय के हाथो सम्मान पूर्वक प्रदान किया गया।

प्रथम उद्घाटन सत्र में मंच पर विराजमान कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक श्री महेंद्र भाई काबरा का स्वागत संतोष सहाणे ,नगरसेवक ज्ञानमूर्ति शर्मा ने किया तो प्रधान संपादक और मुख्य आयोजक संजय अमान और समाचारपत्र के संरक्षक रामकुमार पाल ने माननीय राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का स्वागत शाल , सम्मान चिन्ह दे कर किया।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक संजय अमान ने अपने प्रस्तावना उद्धबोधन में जैविक प्रयोग व वर्तमान में गोवंश के प्रति जागरूकता के प्रचार प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया इस।12 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक चलने वाले इस सात दिवसीय महोत्सव में राजनीति, सामाजिक, फिल्म ,क्रीड़ा आदि क्षेत्रों से संबंधित महानुभाव विशेष रूप में उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त , इस्कॉन , गायत्री परिवार , चिन्मया मिशन ,आर्ट ऑफ़ लिविंग ,ब्रह्माकुमारी, जैसी देश की प्रमुख संस्थाओ ने अपनी अपनी प्रमुख भूमिकाएं निभाई।
कार्यक्रम के संचालक एवं उद्घघोषक संजय बलोदी” प्रखर” सहित आयोजन समिति के मुख्य प्रतिनिधियों में श्री रामकुमार कुमार पाल , संतोष शहाणे, महेंद्र भाई काबरा ,,एडवोकेट ज्ञान मूर्ति शर्मा, कपिल कियावत व विनय सिंह जी ने इस “गौ ग्राम महोत्सव” को सफल बनाने हेतु अपनी विशेष भूमिका एवं कर्तव्यों का निर्वहन किया !
आयोजन समिति के सभी सदस्यों ने भविष्य में भी इसी प्रकार के आयोजन भारत के विभिन्न राज्यों में आयोजित करने की इच्छाएं व संभावनाएं व्यक्त की और कहा कि इस और हमारा प्रयास जारी रहेगा। और अंत में स्थानिक पूर्व पार्षद ज्ञान मूर्ति शर्मा द्वारा आयोजन में भाग लेने वाले सभी सदस्यों एवं आमंत्रित अतिथियों का अभिवादन एवं धन्यवाद किया गया।













